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कार में हेलमेट ना पहनने पर ट्रैफिक पुलिस ने शख्स का काटा चालान, पुलिस दे रही है ये सफाई

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 नए मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के लागू होने के बाद यूपी के अलीगढ़ जिले में ट्रैफिक पुलिस की बड़ी चूक सामने आई है। यहां ट्रैफिक पुलिस ने हार्डवेयर कारोबारी का इसलिए चालान काट दिया, क्योंकि उसने गाड़ी चलाते वक्त हेलमेट नहीं पहना था। कार चलाने के दौरान हेलमेट न पहनने पर चालान कटने के बाद व्यापारी परेशान है। वहीं, एसपी ट्रैफिक ने बताया कि चालान करते वक्त गलत बटन दबने की वजह से ऐसा हुआ होगा। इस ऐप में चेक कर रही करा दिया जाएगा।

बिना हेलमेट कार चलाने पर काटा ई-चालान

जानकारी के अनुसार, मामला अलीगढ़ जिले का है। सुरेश चंद्र गुप्ता हार्डवेयर कारोबारी हैं मोहल्ला सराय हकीम में रहता है। सुरेश चंद्र गुप्ता शनिवार को एसपी ट्रैफिक अजीजुल हक के पास पहुंचे। सुरेश ने बताया कि उनके पास मारुति सुजुकी कंपनी की एस क्रॉस कार है, जिसका नंबर यूपी 81CE- 3375 है। 23 अगस्त को बिना हेलमेट कार चलाने का आरोप लगाते हुए 500 रुपए का फोटो ई-चालान कर दिया। उन्होंने बताया कि मोबाइल पर आए मैसेज के माध्यम से 5 सितंबर को चालान होने के बारे में उन्हों जानकारी मिली।

लापरवाही का नमूना

यातायात पुलिस के कार्यालय जाकर संपर्क किया तो पुलिस ने चालान करने की बात स्वीकार की। सुरेश चंद गुप्ता का कहना है कि यह यातायात पुलिस की भारी लापरवाही का नमूना है। बता दें कि ट्रैफिक पुलिस ने ये चालान 27 अगस्त को किया था। चालान में यह दर्शाया गया कि दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट नहीं पहना गया, यह यातायात नियमों का उल्लंघन है। चालान में कार के नंबर का भी उल्लेख था।

क्या कहा एसपी ट्रैफिक ने

अब हार्डवेयर कारोबारी सुरेश चंद गुप्ता अफसरों के चक्कर काट रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या अब कार चलाते वक्त भी हेलमेट पहनना पड़ेगा? वहीं, कार चलाते वक्त हेलमेट न लगाने पर चालान कटने के बाद पीड़ित व्यापारी ने एसपी ट्रैफिक से शिकायत की। इस पर एसपी ट्रैफिक जीजुल हक का कहना है की इस तरह की एक शिकायत सामने आई है। हम वेरिफाई करा रहे हैं। ई- चालान में ऐसा कभी गलती से हो जाता है। अगर ये गलत हुआ है तो कैंसिल कर दिया जाएगा।

मसाज पार्लर के रजिस्टर में सामने आई नई हकीकत, दी जा रही थी ‘गुप्त मसाज’

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 पिछले चार दिनों से दिल्ली में मसाज पार्लर पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल और उनकी टीम की छापेमारी में कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। मसाज पार्लर की आड़ में चल रहे देह व्यापार को लेकर स्वाति मालीवाल ने दिल्ली पुलिस और एमसीडी का कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। छापेमारी में जहां कई मसाज पार्लर में कमरों के भीतर नग्न हालत में लोग मिले तो वहीं आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ। कई जगह मसाज पार्लर के मैनेजर दिल्ली महिला आयोग की टीम को देखकर भाग खड़े हुए। वहीं एक मसाज पार्लर पर छापेमारी के दौरान रिसेप्शन पर एंट्री का जो रजिस्टर मिला, उससे पता चला कि ग्राहकों को गुप्त मसाज दी जा रही थी।’स्पा में ऐसी गुप्त मसाज दी जाती है’

स्वाति मालीवाल ने शुक्रवार को मॉल्स के भीतर चल रहे स्पा सेंटर पर छापा मारा, जहां रिसेप्शन पर मिले एंट्री रजिस्टर में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दरअसर एंट्री के रजिस्टर में ग्राहकों के नाम x,y,z के तौर पर लिखे हुए थे। स्वाति मालीवाल ने इस छापेमारी का वीडियो भी अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। स्वाति मालीवाल ने लिखा, ‘XYZ और ___ ….!!! कई स्पा के रजिस्टर के मुताबिक ये मसाज लेने वाले लोगों के नाम हैं! स्पा में ऐसी “गुप्त मसाज” दी जाती है कि लोग यहां आकर अपना नाम ना तो बताते हैं, ना ही स्पा के मालिक पूछते हैं। यदि कुछ भी गलत नहीं हो रहा तो नाम क्यों छुपाना?’

टीम को देख स्पा बंद कर भागे मैनेजर

आपको बता दें कि दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल देश की राजधानी में चल रहे स्पा सेंटर्स पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। मंगलवार से शुरू हुई स्पा सेटर्स पर छापेमारी अभी भी जारी है। स्वाति मालीवाल शुक्रवार को अपनी टीम के साथ दिल्ली के राजौरी गार्डन में टीडीआई मॉल पहुंची। हालांकि कई स्पा सेंटर्स के मैनेजर दिल्ली महिला आयोग की टीम के पहुंचने से पहले ही स्पा सेंटर बंदकर भाग खड़े हुए। कुछ स्पा सेंटर्स के गेट बाहर से लॉक थे, लेकिन अंदर एसी चल रहा था, जिन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन सेंटर्स को हड़बड़ाहट और जल्दबाजी में बंद किया गया था। कुछ स्पा सेंटर्स खुले जरूर थे, लेकिन अंदर ना मैनेजर था और ना ही स्टाफ।

स्वाति मालीवाल ने छापेमारी का वीडियो शेयर करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, ‘टीडीआई मॉल राजौरी गार्डन के स्पा में निरीक्षण करने पहुंची। हैरान हूं कि इस मॉल में पैंतीस स्पा हैं। पूरा बैंकॉक खुला है। पहुंचते ही स्पा पकड़ा, जिसका लाइसेंस नहीं था। मॉल में हड़कंप मच गया, सभी स्पा मैनेजर, लड़की और लड़के भाग गए। यहां भी लड़कों की मसाज बंद कमरे में लड़की करती हैं। शर्मनाक! स्पा के खिलाफ खूब कॉल 181 पर आए हैं। हम जहां जा रहे हैं, लाइन से स्पा बंद हो रहे हैं। पंजाबी बाग के ‘पर्फ़ेक्ट’ स्पा पहुंचे। लाइसेंस तक नहीं था। बहुत से स्पा डर के दुकान बंद कर भाग गए। पुलिस और एमसीडी अगर अपना काम करें, तो दिल्ली के सब स्पा बंद हो जाएं! कब तक हाथ धरे बैठेंगे?’

‘धमकियों से नही डरते, बंद करवाएंगे स्पा’

दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े करते हुए स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘नोएडा पुलिस ने हाल ही में 14 स्पा पर रेड करके सेक्स रैकट का भांडा फोड़ा था। एफआईआर भी की थी और स्पा बंद भी करवाए थे। जब यूपी पुलिस स्पा और मसाज पार्लर पर कार्यवाही कर सकती है तो दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने में क्या समस्या हो रही है। उन्हें तो तुरंत टीम बनाकर दिल्ली महिला आयोग के साथ जाना चाहिए। पुलिस की बला से स्पा में वैश्यवृति फले-फूले। स्पा पर एफआईआर ना करने के बहाने- लड़की बालिग और स्पा को लाइसेंस। कानून है कि वैश्यावृत्ति कराने वाले पर एफआईआर हो, फिर भी स्पा पर एफआईआर नहीं। उलटी हमपर कंप्लेंड लिख रहे हैं कि मारपीट की। शाबाश पुलिस! धमकियों से नही डरते। स्पा बंद करवाएंगे।’

ऑनलाइन गेम खेलने के लिए बेटे ने पिता के बैंक अकाउंट में लगाई सेंध, निकाले 35 हजार रुपए

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 आज के दौर में बच्चे किताबों के अलावा इंटरनेट और मोबाइल के साथ भी अधिक वक्त बिताते हैं। इंटरनेट पर नई-नई चीजों के बारे वे जानकारी लेते हैं तो साथ ही ऑनलाइन गेम्स को लेकर भी इनमें अलग तरह का क्रेज दिखाई देता है। कई ऑनलाइन गेम्स डाउनलोड करने और खेलने के लिए रुपए की जरूरत होती है। इसी तरह के एक मामले में कक्षा-4 के छात्र ने पिता के पेटीएम अकाउंट खोलकर बैंक खाते से हजारों रु निकाल लिए।

पूरा मामला यूपी की राजधानी लखनऊ का बताया जा रहा है। बेटी की इस हरकत से अनजान पिता ने बैंक के दो खातों से रुपए निकलने की शिकायत साइबर क्राइम सेल से की तो मामला सामने आया। जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता का बैंक अकाउंट पेटीएम से लिंक्ड था, जिसके जरिए मुंबई में किसी थर्ड पार्टी को पैसे ट्रांसफर किए गए। जांच में पाया गया कि उनसे ही मोबाइल नंबर के जरिए ये ट्रांजेक्शन किए गए थे।

बताया जा रहा है कि पहले, बच्चे ने 80 रु में गेम खेलना शुरू किया। बेटे ने गेम खेलते-खेलते पिता के बैंक अकाउंट से पेटीएम वॉलेट में कुछ रुपए ट्रांफसर किए। इसके बाद छात्र ने ऑनलाइन गेम पैसे देकर डाउनलोड कर लिए। लेकिन इस गेम को खेलने के लिए और रुपए की जरूरत थी। लिहाजा उसने और रुपए निकाले। 15 और 16 अगस्त को बेटे ने दो बैंक खातों से रुपए निकाले तो पिता को भनक लग गई।

पिता ने कुछ दिन पहले, साइबर क्राइम सेल से इस संबंध शिकायत की थी। सीओ हजरतगंज व साइबर क्राइम सेल ने पड़ताल शुरू की तो जो कुछ पता चला, उसने पिता को हैरान कर दिया। इस मामले में जब बेटे से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि ऑनलाइन गेम खेलने के लिए उसी ने पेटीएम वॉलेट खोला था, रुपए भी उसी ने ट्रांसफर किए थे। उसने पिता के अकाउंट से करीब 35 हजार रु निकाले थे। पिता को सच्चाई मालूम हुई तो उन्होंने अपनी शिकायत वापस ले ली। साइबर क्राइम सेल ने छात्र को समझा कर पिता के साथ घर भेज दिया।

भारत में बारिश और बाढ़ में डूब गये 3 लाख करोड़ रुपये, एक लाख से ज्यादा लोगों की गयी जान

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पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना देख रहे भारत में तीन ट्रिलियन रुपये सिर्फ बारिश और बाढ़ में बह गये. आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर तैयार एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 3290 लाख हेक्टेयर भूमि में से 400 लाख हेक्टेयर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र हैं. बाढ़ और बारिश की वजह से भारत में 1,07,487 लोगों की जानें जा चुकी हैं, जबकि उसे 3.5 ट्रिलियन रुपये (साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक) का नुकसान हो चुका है. ये आंकड़े वर्ष 1953 से वर्ष 2017 के बीच के हैं.

सरकारी आंकड़ों पर आधारित इस रिपोर्ट की मानें, तो 64 साल में 60 लाख से ज्यादा मवेशियों की मौत हुई. 2.01 लाख करोड़ रुपये मूल्य की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा, तो 1.09 लाख करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद हो गयीं. वहीं, बाढ़ और बारिश के कारण 535 हजार करोड़ रुपये के मकान बर्बाद या क्षतिग्रस्त हो गये. बाढ़ से इतने बड़े पैमाने पर नुकसान झेलने के बावजूद देश में इस आपदा से निबटने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये.

आंकड़ों के अध्ययन के आधार पर कहा गया है कि भारत में वर्ष 2019 में जुलाई और अगस्त में ही बाढ़, बारिश और भू-स्खलन में 1,351 लोगों की जान चली गयी. पिछले साल जुलाई से अक्टूबर के दौरान 1,562 लोगों की मॉनसून के दौरान मौत हुई थी. मॉनसून के दौरान इस साल पहाड़ से लेकर मैदान तक तबाही मची. तटीय राज्यों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश से लेकर मध्यप्रदेश और केरल तक ने भारी बारिश और बाढ़ का प्रकोप झेला.

केरल में वर्ष 2018 में ऐसी बारिश हुई कि इसे सदी में एक बार होने वाली बारिश का दर्जा दिया गया. उसमें 506 लोगों की मृत्यु हो गयी और 10 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए. वर्ष 2019 में भी केरल को बाढ़ से राहत नहीं मिली. हालांकि, इस साल भारी बारिश के बावजूद पिछले साल की तुलना में बहुत कम 174 लोगों की मृत्यु हुई.

वर्ष 2019 में देश भर में बाढ़, बारिश और भू-स्खलन की वजह से 1.26 करोड़ लोगों को रिलीफ कैंप में शरण लेनी पड़ी. 16 लाख छोटे-बड़े मवेशी प्रभावित हुए. सिर्फ अगस्त में 297.8 मिमी बारिश हुई, जो इस महीने की सामान्य बारिश 258.2 मिमी से 15 फीसदी अधिक है. हालांकि, इसी दौरान पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ बिहार, उत्तर प्रदेश के कुछ भागों, चंडीगढ़ और दिल्ली में आशा के विपरीत बारिश हुई. यानी इन राज्यों में सूखे जैसे हालात रहे.

इधर, झारखंड में अब तक भले 28 फीसदी कम बारिश हुई हो, लेकिन अगस्त में यहां भी सामान्य बारिश हुई है. प्रदेश में इस महीने 297.8 मिमी की तुलना में 261.3 मीमी बारिश हुई. आंकड़ों को देखें, तो जितनी बारिश होनी चाहिए थी, उससे 12 फीसदी कम बारिश हुई है, लेकिन बारिश में 20 फीसदी तक की कमी या बेसी को सामान्य माना जाता है. इसलिए अगस्त में झारखंड में हुई बारिश को सामान्य ही माना जायेगा.

अगस्त के महीने में बारिश के पिछले पांच साल के आंकड़ों पर गौर करें, तो वर्ष 2016 को छोड़कर कभी भी सामान्य से ज्यादा बारिश नहीं हुई. वर्ष 2016 में 395 मिमी बारिश हुई थी, जो इस महीने होने वाली सामान्य बारिश 315.8 मिमी से 25 फीसदी अधिक थी. वर्ष 2015, 2017 और 2018 में सामान्य से कम बारिश हुई. 2015 और 2017 में 22 फीसदी कम वर्षा हुई, जबकि 2018 में 26 फीसदी. हालांकि, वर्ष 2014 में सामान्य बारिश हुई, जब 315.8 मिमी की जगह यहां 290.9 मिमी बारिश हुई थी.

यदि देश की बात करें, तो सिर्फ 2018 में अगस्त के महीने में सामान्य से कम बारिश हुई. इस साल देश में 235.1 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 21 फीसदी कम रही. वर्ष 2015 में देश भर में 245.5 मिमी (-18) बारिश हुई, जबकि 2016 में 395.6 मिमी (33), वर्ष 2017 में 245.6 मिमी (-18) और वर्ष 2018 में 235.1 मिमी (-21) वर्षा हुई थी.

बिना जूते-चप्पल के गुजरा बचपन, इस तरह ISRO प्रमुख बने सिवन…

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चंद्रयान 2 का लैंडर चांद पर पहुंचने में चूक गया जिससे भावुक हुए इसरो प्रमुख के सिवन को पीएम मोदी ने गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाई और हौसला बढ़ाया।

इसरो प्रमुख के सिवन कई चुनौतियों को पार कर फर्श से लेकर अर्श तक सफर तय किया है। एक तमिल किसान परिवार में जन्में इसरो प्रमुख ने तमाम चुनौतियों के बावजूद कामयाबी के झंडे गाड़े।

के सिवन का जन्म 14 अप्रैल 1957 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के सराकल्लविलाई गांव में एक किसान परिवार में हुआ। के सिवन की प्रारंभिक शिक्षा तमिल माध्यम से हुई। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के कारण वह अपने अन्य भाई-बहनों के साथ खेतों में पिता की मदद करते थे। सिवन ने नागेरकोयल के एसटी हिंदू कॉलेज से बीएससी (गणित) की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने गणित में 100 प्रतिशत अंक हासिल किए।

1980 में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआइटी) से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की। सिवन का बचपन बिना जूतों व चप्पल के गुजरा है। उन्होंने कॉलेज में धोती पहनकर ही जाते थे। उन्होंने पहली बार अपने जीवन में पैंट एमआइटी में पढ़ाई के दौरान ही पहनी थी।

सिवन ने इसके बाद इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंसेज ( आइआइएससी) से इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर किया। फिर साल 2006 में उन्होंने बांबे से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी की डिग्री हासिल की।

1982 में सिवन इसरो से जुड़े जहां उन्होंने इसरो के विभिन्न अभियानों में योगदान दिया। साल 2011 में वह जीएसएलवी परियोजना के निदेशक बनाए गए। साल 2015 में सिवन को विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर का निदेशक बनाया गया। जिसके बाद 15 जनवरी 2018 को सिवन ने इसरो प्रमुख का पदभार संभाला।

दो सांडों की लड़ाई की चपेट में आया ऑटो पलटा, 7 घायल…

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 हरियाणा के पानीपत में सड़क पर तब अफरातफरी मच गई जब दो सांडों की एक-दूसरे से लड़ाई हो गई और उनकी चपेट में एक ऑटो आ गया। सांडों की लड़ाई के रास्ते में आया ऑटो टक्कर से सड़क पर पलट गया और उसमें सवार 7 लोग घायल हो गए। ऑटो के पलटते ही आसपास के लोग दौड़े और उसको सड़क पर सीधा कर घायलों को बाहर निकाला। ऑटो से टकराने के बाद दोनों सांडों की लड़ाई भी रुक गई। इस घटना का वीडियो सामने आया है।

घटना पानीपत के असंध रोड पर हुई। गुरुवार की रात में करीब नौ बजे असंध रोड पर दो सांड आपस में भिड़ गए। लड़ते-लड़ते वे सौदापुर गांव के कुष्ठ आश्रम के सामने रोड के बीचोबीच पहुंच गए और तेजी से आ रहा ऑटो सांडों से जा टकराया। टक्कर लगते ही ऑटो वहीं पलट गया और ड्राइवर समेत छह यात्री उसके नीचे दब गए। लोगों ने दौड़कर ऑटो को सीधा किया और घायलों को बाहर निकालकर सिविल अस्पताल ले जाया गया।

एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, ऑटो की स्पीड कम थी इसलिए यात्री बच गए वरना हादसा गंभीर हो सकता था। ऑटो की स्पीड कम थी इसलिए यात्रियों को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं। यह ऑटो थर्मल से पानीपत की ओर जा रहा था। थर्मल इलाके में ही दो सांडों की एक और लड़ाई हुई जिसमें एक सांड लड़ते-लड़ते सैलून में जा घुसा। आइने में खुद को देखकर सांड ने उस पर हमला कर और शीशों को तोड़ दिया। सैलून में सांड ने खूब तोड़फोड़ मचाई। कटिंग करवा रहे लोग जान बचाकर बाहर भागे।

तनाव के बीच आर्मी चीफ जनरल बाजवा के साथ LoC पहुंचे इमरान खान…

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पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने शुक्रवार को आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ एलओसी का दौरान किया है। इमरान का यह एलओसी दौरा ऐसे समय हुआ है जब भारत और पाकिस्‍तान के बीच पिछले एक माह से तनाव मौजूद है। पांच अगस्‍त को भारत सरकार ने जम्‍मू कश्‍मीर से आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला किया था और तब से ही पाकिस्‍तान भड़का हुआ है। भारत के फैसले के साथ ही जम्‍मू कश्‍मीर और लद्दाख दो अलग संघ शासित प्रदेश बन गए हैं। साथ ही जम्‍मू कश्‍मीर को मिला विशेष दर्जा भी खत्‍म हो चुका है।

पीओके पर कब्‍जे से डरे हैं इमरान

पीएम इमरान के साथ पाक रक्षा मंत्री परवेज खट्टाक, विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और कश्‍मीर पर बनी विशेष समिति के चेयरमैन सैयद फखर इमाम भी थे। इमरान का यह दौरा पाकिस्‍तान के डिफेंस डे के मौके पर हुआ जो छह सितंबर को मनाया जाता है। इमरान को यहां पर एलओसी के हालातों के बारे में जानकारी दी गई। पाकिस्‍तान मिलिट्री की मीडिया विंग आईएसपीआर की तरफ से बताया गया है कि इमरान ने इस दौरान मृत जवानों और उनके परिवारवालों से भी बातचीत की। खान ने कुछ दिन पहले एलओसी का दौरा करने का फैसला किया था। उन्‍होंने कहा था कि अगर किसी ने भी पीओके पर कब्‍जा करने या हमला करने की कोशिश की तो फिर उनकी सेना किसी भी देश की सेनाओं को जवाब देने में पूरी तरह से सक्षम है।

पाकिस्‍तान ने भारत की ओर से जम्‍मू कश्‍मीर पर लिए गए फैसले को पूरी तरह से गैर-कानूनी करार दिया है। उसकी तरफ से लगातार युद्ध की धमकी वाले भड़काऊ बयान आ रहे हैं। पाक ने इस मसले पर यूनाइटेड नेशंस सिक्‍योरिटी काउंसिल (यूएनएससी) में भी अपील की थी। लेकिन यूएनएससी में उसकी एक नहीं सुनी गई और इस पूरे मसले पर पाक अलग-थलग पड़ गया है। सरकार की तरफ से पिछले दिनों राज्‍य में लगाए गए प्रतिबंधों में कुछ ढील भी दी गई है। कई जगह पर लैंडलाइन नेटवर्क शुरू हो गया है और कई जगह पर मोबाइल कनेक्‍शन भी चालू हो गए हैं।

अजीत डोवाल : आतंकियों की फायरिंग में घायल बच्ची का एम्स में होगा इलाज…

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जम्मू-कश्मीर के सोपर में आतंकियों की ओर से की गई फायरिंग में घायल बच्ची को इलाज के लिए दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया जाएगा। बता दें कि शनिवार को आतंकियों की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में चार लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसमें एक छोटी बच्ची भी शामिल है। न्यूज एजेंसी एएनआई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा है कि मैंने अथॉरिटी से बच्ची को दिल्ली के एम्स लाने के लिए कहा है।

जम्‍मू कश्मीर जोन के पुलिस अफसर ने बताया कि आतंकवादियों ने सोपोर के डंगरपोरा में चार लोगों को गोली मारकर घायल कर दिया है। इनमें उस्मा जान नाम की एक बच्ची भी है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीन जख्मियों की हालत स्थिर बताई जा रही है जबकि बच्ची उस्मा की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद खुद अजित डोभाल ने स्थानीय अधिकारियों से बात की और बच्ची को एम्स में लाने के बारे में पूछा था।

बता दें कि पिछले महीने पांच अगस्‍त को मोदी सरकार ने जम्‍मू कश्‍मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने का ऐलान किया था। खुद गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को खत्म करने का ऐलान किया। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। साथ में जम्मू-कश्मीर के कुछ जिलों में कर्फ्यू भी लगाया गया था। 29 अगस्त को भी संदिग्ध आतंकियों ने श्रीनगर के पारिमपोरा में गोलियां चलाई थीं। जिसमें एक शख्स घायल हो गया था।

आतंकियों की फायरिंग में घायल बच्ची का एम्स में होगा इलाज: अजीत डोवाल…

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 जम्मू-कश्मीर के सोपर में आतंकियों की ओर से की गई फायरिंग में घायल बच्ची को इलाज के लिए दिल्ली एम्स में शिफ्ट किया जाएगा। बता दें कि शनिवार को आतंकियों की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में चार लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसमें एक छोटी बच्ची भी शामिल है। न्यूज एजेंसी एएनआई के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने कहा है कि मैंने अथॉरिटी से बच्ची को दिल्ली के एम्स लाने के लिए कहा है।

जम्‍मू कश्मीर जोन के पुलिस अफसर ने बताया कि आतंकवादियों ने सोपोर के डंगरपोरा में चार लोगों को गोली मारकर घायल कर दिया है। इनमें उस्मा जान नाम की एक बच्ची भी है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तीन जख्मियों की हालत स्थिर बताई जा रही है जबकि बच्ची उस्मा की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद खुद अजित डोभाल ने स्थानीय अधिकारियों से बात की और बच्ची को एम्स में लाने के बारे में पूछा था।

बता दें कि पिछले महीने पांच अगस्‍त को मोदी सरकार ने जम्‍मू कश्‍मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म करने का ऐलान किया था। खुद गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को खत्म करने का ऐलान किया। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। साथ में जम्मू-कश्मीर के कुछ जिलों में कर्फ्यू भी लगाया गया था। 29 अगस्त को भी संदिग्ध आतंकियों ने श्रीनगर के पारिमपोरा में गोलियां चलाई थीं। जिसमें एक शख्स घायल हो गया था।

उड़ते प्लेन के टॉयलेट में चुपचाप घुस गया कपल, मशहूर खिलाड़ी ने वीडियो बना कर दिया शेयर…

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 अमेरिकी वॉलीबॉल प्लेयर स्टेफोर्ड स्लिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। ये वीडियो एक फ्लाइट का है। दरअसल फ्लाइट के टॉयलेट में एक कपल देर तक था। जबकि कई महिलाएं बाहर इंतजार कर रही थीं। जब काफी देर के बाद ये कपल बाहर निकला तो वॉलीबॉल खिलाड़ी ने इनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।टॉयलेट में कपल , बाहर भीड़

फ्लाइट में कई महिलाएं बाथरूम जाने के लिए खड़ी थीं, तभी अचानक एक कपल बाथरूम से बाहर आया। वायरल हुए वीडियो में दिखाई देता है कि महिला और पुरुष, दोनों ने एक ही रंग का स्वीटशर्ट पहन रखा था।

पहली बार देखा प्लाइट के टॉयलेट में कपल

स्टेफोर्ड ने यह नहीं लिखा कि घटना किस दिन की है। वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि पहली बार उन्होंने किसी कपल को फ्लाइट के बाथरूम से बाहर आते देखा। उन्होंने इस बात पर भी हैरत जताई कि बाथरूम जाने का इंतजार कर रही थीं लेकिन कपल को निकलता देखकर किसी ने कोई आपत्ति नहीं की।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर लोग कई तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इस पर हंस रहे हैं तो कई लोगों ने सवाल किया है कि एक साथ दो लोगों के बाथरूम में जाने पर फ्लाइट अटेंडेंट को उनसे सवाल करना चाहिए। ये ठीक नहीं है।