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टीम इंडिया में नंबर 4 कौन? भज्‍जी के सवाल पर युवी ने खूब लिए मजे

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भारत की दो विश्व कप जीत के हीरो रहे युवराज सिंह ने शुक्रवार को हरभजन सिंह द्वारा नंबर-4 बल्लेबाजी क्रम को लेकर किए गए ट्वीट पर मजाकिया लहजे में जवाब दिया. हरभजन ने अपने ट्वीट में लिखा था कि भारतीय टीम में जारी नंबर-4 के बल्लेबाज की खोज का संजू सैमसन सही समाधान हो सकते हैं.

संजू सैमसन ने इंडिया-ए से तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका-ए के खिलाफ 48 गेंदों पर 91 रनों की पारी खेली और अपनी टीम को 36 रनों से जीत दिलाई. इस पर हरभजन ने ट्वीट किया, “वनडे में नंबर-4 के लिए संजू सैमसन क्यों नहीं.. उनके पास अच्छी तकनीक है, खेल की समझ है. आज दक्षिण अफ्रीका-ए के खिलाफ अच्छा खेले.”

अपने दोस्त के ट्वीट पर जवाब देते हुए युवराज ने लिखा, “टीम का शीर्ष क्रम बेहद मजबूत है भाई, उन्हें नंबर-4 के बल्लेबाज की जरूरत नहीं है.” इसके साथ युवराज ने हंसने वाली इमोजी लगाई.

भारतीय टीम के कोच रवि शास्त्री ने लंबे समय से चर्चा में रहे नंबर-4 स्थान के लिए युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर का समर्थन किया है. उन्‍होंने पिछले महीने एक इंटरव्‍यू में कहा था कि वनडे में अय्यर भारत के लिए नंबर-4 पर बल्लेबाजी करना जारी रखेंगे.

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में जीरो से हीरो बना यूपी, हरियाणा सबसे आगे

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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं अभियान में पिछले एक साल में यूपी ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। इसके लिए उसे लिंगानुपात में शानदार प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में स्थान मिला है। शुक्रवार को दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति जुबिन ईरानी ने पुरस्कार दिए। इसमें सम्मानित हुए अन्य पांच राज्यों में हरियाणा ने सबसे ज्यादा लड़कियों की जनसंख्या बढ़ाकर अव्वल स्थान प्राप्त किया है। उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान को इसी श्रेणी में सम्मान मिला। एक साल में केंद्र और राज्य के प्रयास से देश भर में औसतन प्रति एक हजार पुरुषों पर 931 महिलाओं की जनसंख्या में जन्म के समय वृद्धि हुई है। पिछले साल केवल जिला स्तर पर गिनती के पुरस्कार लेने वाले उत्तर प्रदेश ने एक साल में सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में न केवल पुरस्कार प्राप्त किया। यूपी के जिलों का भी जलवा समारोह में सबके सिर चढ़ कर बोला। इस अवसर पर यूपी सरकार की मंत्री ने एलान किया कि सरकार का लक्ष्य बेटी को जन्म से लेकर पढ़ाने तक ही नहीं बल्कि उसके स्वावलंबी बनने तक उसकी मदद करना है। इसके लिए राज्य बेटियों की संपूर्ण निगेहबानी करने की योजना पर काम कर रहा है। इसमें एक बेटी समाज की पक्की तरक्की नारे के साथ प्रदेश सरकार इस अभियान को और तेजी से विस्तार देने पर काम कर रही है।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के राष्ट्रीय पुरस्कार दो श्रेणियों में दिए गए। इसमें जन्मदर सुधारने के लिए छह राज्यों और नौ जिलों में लिंगानुपात सुधारने और 10 जिलों को जागरूकता बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया।

कन्या को जन्म के समय ही बचाने के लिए यूपी के इटावा, हरियाणा के महेंद्रगढ़ और भिवानी, उधम सिंह नगर उत्तराखंड, नामक्कल तमिलनाडु, जलगांव महाराष्ट्र, रायगढ़ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, जोधपुर, अरूणाचल प्रदेश और राजस्थान को सम्मानित किया गया।

इसी क्रम में बेटियों को जन्म से लेकर उनकी परवरिश करने केलिए जागरूकता फैलाने के लिए भी जिलों को सम्मानित किया गया। केंद्र सरकार हर जिले को सालभर जागरूकता के लिए 50 लाख रुपयों का बजट मुहैया कराती है। इस अवसर पर महिला और बालविकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले पांच सालों में कन्या जन्मदर में 13 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्शाती है कि देश में आर्थिक विकास ही नहीं हो रहा, सामाजिक स्तर पर भी हम समग्र समाज की स्थापना की ओर बढ़ रहे हैं।

देश में पहले प्रति एक हजार पुरुषों पर 918 महिलाओं का अनुपात था। जो 2018-19 में बढ़कर प्रति एक हजार पर 931 महिलाओं का हो गया है। 2015 में शुरू हुआ अभियान 640 जिलों में जन अभियान बन गया है। उन्होंने कहा आगामी वर्ष में हम कन्या को जन्म से लेकर उसके सुंदर भविष्य के निर्माण की योजनाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में समाहित करने के लक्ष्य को लेकर काम करेंगे।

यूपी और उत्तराखंड ने जिस तरह से राज्य से लेकर जिला स्तर तक के पुरस्कारों पर अपनी आमद दर्ज कराई उसे प्रदेश के महिला एवं बाल विकास मंत्री ने प्रसन्नता जाहिर की उत्तर प्रदेश की मंत्री स्वाति सिंह ने कहा इस सम्मान ने यूपी सरकार के बेटियों को पालने और पढ़ाने की मुहिम के आगे बढ़ाने की राह प्रशस्त की है। प्रदेश में यह पहले ही जन आंदोलन था जो इस सम्मान से ज्यादा गतिवान हो गया है। सिंह ने कहा इस क्रम में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार जल्द कन्या सुमंगल योजना लाने जा रही है। जिससे बेटियों की 12वीं के बाद की पढ़ाई भी आसान हो जाए। अमर उजाला से बातचीत में स्वाति सिंह ने कहा यूपी में एक साल पहले जब काम शुरू किया तो बहुत सारी चुनौतियां थी। पूर्वांचल में प्रति एक हजार पुरुषों पर लगभग 900 महिलाएं और पश्चिमांचल में यह आंकड़ा और कम यानि केवल 800 के लगभग था।

बेटी के जन्म को अभिशाप से वरदान में बदलने के लिए समाज की मानसिकता को बदलना आसान नहीं था। राज्य सरकार ने इसके लिए मुखबिर योजना का आगाज किया। कन्या जन्म को प्रकृति से जोड़ा। पौधे के नर्सरी से पेड़ तक पनपने के क्रम को समाज में लड़कियों के जन्म से लेकर लालन-पालन तक से जोड़ा। माता-पिता को जागरूक किया गया। ब्लॉक स्तर पर सीधे मुख्यमंत्री की निगरानी में सघन जागरूकता अभियान और मंत्रालय के अथक प्रयासों ने महिलाओं को विश्वास में लिया। इससे समाज की धारणा बदली। इसका नतीजा सामने है, हम लिंगानुपात बढ़ाने में पहले छह राज्यों में आ गए हैं। जिलों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। दो जिलों इटावा और फर्रुखाबाद को भी अच्छे काम के लिए सम्मान मिला। इसके अलावा राज्य सरकार कन्या सुमंगल योजना ला रही है। इसमें स्नातक तक की पढ़ाई की जिम्मेदारी राज्य सरकार लेने जा रही है।

हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा पूरी दुनिया को विज्ञान विकास का रास्ता दिखा रहा है। लेकिन हरियाणा के लिए यह विज्ञान अभिशाप बन गया था। इसके चलते कन्याओं को जन्म से पहले ही रोका जा रहा था। उन्होंने कहा वह इसका श्रेय प्रदेश की ढाई करोड़ जनता को देती हैं। प्रदेश में जब 22 जनवरी, 2015 में काम शुरू किया गया था तो यह आंकड़ा 1000/ लगभग 800 था जो आज बढ़कर कई जिलों में 900 से भी अधिक हो गया है। हरियाणा को लिंगानुपात बढ़ोत्तरी में देश में पहला स्थान मिला है। यह लंबी छलांग है। अब राज्य सरकार को अपने अथक प्रयासों से अगले साल इसमें रिकार्ड बनाना है। जिसकी शुरुआत आज मिले सम्मान से होगी ऐसा उन्हें विश्वास है।

रेड वाइन पीने से महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी परेशानी में आती है कमी

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वाइन पीना सेहत के लिए नुकसानदायी है,बार-बार चिकित्सक भी सलाह देते हैं कि वाइन पीने से सेहत खराब होती है। वैसे तो एल्कोहल सभी को हानी पहुंचाता है खासतौर पर महिलाओं को, क्योंकि इससे महिलाओं की गर्भधारण की क्षमता पर बुरा असर पड़ता है।

लेकिन हाल ही में आई रिपोर्ट कुछ और ही कहती है। रिपोर्ट के अनुसार रेड वाइन पीने से महिलाओं में गर्भधारण की क्षमता बढ़ती है साथ ही पीरियड्स से जुड़ी परेशानी में भी कमी आती है।

पोलैंड और कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं ने अध्ययन के बाद यह दावा किया है कि रेड वाइन में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट रेसवेरेट्रॉल (जो कि लाल अंगूर के छिलकों में भी पाया जाता है) महिलाओं में पीसीओएस (पॉलिसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम) से निजात दिलाने में लाभदायक है। इतना ही नहीं, महिलाओं में वजन बढऩे की समस्या, अनचाहे बालों तथा बांझपन जैसी समस्याओं में भी रेड वाइन लाभदायक होती है।

लेकिन रेड वाइन के साथ एक समस्या यह भी है कि इसमें रेसवेरेट्रॉल की मात्रा बहुत ही कम होती है, इसका मतलब यह है कि आपको थोड़े से रेसवेरेट्रॉल के लिए सैकड़ों बोतल रेड वाइन पीनी होगी। बाजार में एंटीऑक्सीडेंट रेसवेरेट्रॉल की दवाएं (जो कि रेग्युलेटरी अथॉरिटी से अप्रूव नहीं हैं) भी उपलब्ध हैं

लेकिन इसके साथ भी एक परेशानी है। आपको बता दें कि जब भी कोई ऐसी दवाएं खाता है

तो लीवर दवा में रेसवेरेट्रॉल को फिल्टर करके बहुत ही कम मात्रा में शरीर के बाकी हिस्सों तक जाने देता है, यानि रेसवेरेट्रॉल की अधिक मात्रा के लिए आपको ढेर सारी दवाएं खानी होंगी।

लेकिन रेसवेरेट्रॉल के अत्यधिक प्रयोग से आंत की बीमारियां होने का खतरा रहता है।इससे पहले रेड वाइन से जुड़ी कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आईं थी। रिपोर्ट का दावा था कि रेसवेरेट्रॉल शरीर में पाए जाने वाले एसआईआरटी 1 एन्जाइम (जो कि उम्र को बढऩे से रोकता है) को एक्टिवेट कर देता है।

अध्ययन कर्ताओं ने पाया कि रेड वाइन के प्रयोग से चूहों की लाइफ बढ़ गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि इसके प्रयोग से कैंसर और डाइबिटीज जैसी बीमारियों से भी छुटकारा पाया जा सकता है।

कश्मीर में इस साल भी नहीं निकलेगा मुहर्रम का जुलूस, संबंधित इमामबाड़ों में होंगे सभी रीत-रिवाज

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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि पिछले साल की तरह ही इस साल भी मुहर्रम का जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी और सभी रीत-रिवाज संबंधित इमामबाड़ों में होंगे। सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि प्रशासन पुरानी परंपरा को कायम रखते हुए जुलूस निकालने की इजाजत नहीं देगी ताकि कोई असामाजिक तत्व सुरक्षा बलों के साथ झड़प भड़काने के लिए उसका इस्तेमाल ना कर सकें।

उन्होंने बताया कि शिया समुदाय के सभी सम्मानित सदस्यों को सूचित कर दिया गया है कि वे इन 10 दिनों में अपने सभी रीत-रिवाज संबंधित इमामबाड़ों में करें। मुहर्रम में शिया समुदाय 10 दिन का शोक मनाता है। यह एक सितंबर से शुरू हुआ है। बता दें कि साल 2018 में भी जम्मू-कश्मीर में मुहर्रम का जुलूस निकालने की इजाजत नहीं दी गई थी।

ऑटो सेक्टरः अभी दूर है मंजिल, GST बैठक में टैक्स राहत मिलना मुश्किल

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  • अगस्त में भी बिक्री में 21 फीसदी की गिरावट आई
  • 20 सितंबर को गोवा में होगी जीएसटी काउंसिल की बैठक
  • 28 फीसदी जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी करने की मांग

घरेलू ऑटोमोबिल इंडस्ट्री की हालत सुधरती नहीं दिख रही. अगस्त में भी बिक्री में 21 फीसदी की गिरावट आई है. सरकार ने फिर यह संकेत दिया है कि जीएसटी रेट में कटौती हो सकती है, लेकिन इस बात की संभावना बेहद कम दिख रही है कि 20 सितंबर को गोवा में होने वाली इस बार की जीएसटी काउंसिल में यह राहत मिलेगी.

ऑटोमोटिव कम्पोनंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के सालाना सम्मेलन को संबोधित करते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने शुक्रवार को कहा कि सरकार को इंडस्ट्री के तमाम वर्गों से जीएसटी रेट में कटौती के लिए अनुरोध मिला है, इस पर विचार हो रहा है, लेकिन ऑटो इंडस्ट्री के लोगों को राज्यों के वित्त मंत्रियों से भी इसके लिए संपर्क करना चाहिए, क्योंकि वे भी जीएसटी काउंसिल का हिस्सा हैं.

गौरतलब है कि ऑटो इंडस्ट्री के लोग कारों पर लगने वाले 28 फीसदी के जीएसटी को घटाकर 18 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कई राज्य सरकारें ही इस पर सहमत नहीं दिख रहीं.

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘जीएसटी रेट में किसी भी तरह की कटौती को सबसे पहले जीएसटी फिटमेंट कमिटी की मंजूरी लेनी होगी और इसके बाद काउंसिल की अगली मीटिंग में इसे विचार के लिए रखा जाएगा. हम इसे काउंसिल की बैठक में रखने के लिए तैयार हैं, लेकिन ज्यादातर निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाते हैं. मैं इस इंडस्ट्री के लोगों से यह कहना चाहूंगा कि वह अलग-अलग राज्यों के वित्त मंत्रियों से भी बात करें जो जीएसटी काउंसिल के सदस्य हैं.’

विरोध में कई राज्य

सूत्रों का कहना है कि फिटमेंट कमिटी पहले से ही ऑटो सेक्टर के लिए जीएसटी रेट कटौती पर विचार कर रही है, लेकिन काउंसिल के सदस्य कई राज्यों के वित्त मंत्री इसके खिलाफ हैं. रेट घटने से राज्यों को राजस्व का भारी नुकसान होगा. तो इस बार अगर काउंसिल में सर्वसम्मति नहीं बनी तो इस प्रस्ताव को फिर से एक बार विचार के लिए फिटमेंट कमिटी को भेजा जा सकता है.

ऑटो इंडस्ट्री की हालत बेहद खस्ता है. पिछले करीब एक साल से इस सेक्टर की बिक्री में गिरावट देखी जा रही है. इसलिए इस इंडस्ट्री से जुड़े लोग जीएसटी रेट में कटौती के लिए तगड़ी लॉबिइंग कर रहे हैं. टाटा मोटर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ गुएंटर बुतशेक ने कहा, ‘मौजूदा संकट से बाहर निकलने और त्योहारी सीजन का फायदा उठाने के लिए हमें सरकार की साफ राय अभी जाननी है. सरकार यदि किसी भी वजह से जीएसटी में कटौती करने में सक्षम नहीं है, तो हमें अभी साफ-साफ बता दें. अभी ग्राहक इस वजह से भी शोरूम में नहीं आ रहे, क्योंकि उन्हें लगता है कि 20 सितंबर के बाद बेहतर डील मिल सकती है.’

इन टिप्स के यूज़ से आपके दांतों पर नहीं चिपकेगी लिपस्टिक

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अक्सर महिलाएं खूबसूरत दिखने के लिपस्टिक का यूज करती है। लेकिन कई बार लिपस्टिक दांतों पर लग जाती है जो दिखने में काफी बुरी लगती है। अगर आपके साथ भी कुछ ऐसा ही होता है तो आज हम आपके लिए कुछ आसान से टिप्स लेकर आए है जिससे आपके दांतों पर लिपस्टिक नहीं चिपकेगी।

-यूज करें अच्छी लिपस्टिक : सबसे पहले तो अच्छी लिपस्टिक का प्रयोग कीजिए। मैट लिपस्टिक अधिक देर तक टिकी रहती है। ऐसे में मैट लिपस्टिक का यूज कीजिए। इसके अलावा तरल मैटी लिपस्टिक का यूज कीजिए। यह फैलती भी नहीं है और दिनभर लगी रहती है।

-कीजिए टिश्यू पेपर का यूज : लिपस्टिक दांतों पर नहीं लगे इसके लिए टिश्यू पेपर का यूज कीजिए। लिपस्टिक को लगाते वक्त अपने होठों के बीच टिश्यू पेपर रखें। इससे आपके दांतों में लिपस्टिक का दाग नहीं पड़ता।

-उंगली का करें यूज : अपनी उंगली का यूज करके लिपस्टिक को फैलने से रोका जा सकता है। लिपस्टिक को लगाने के बाद अपने मुंह में कोई भी उंगली डालें। इससे कोई भी फैली लिपस्टिक उंगली के सहारे बाहर आ जाती है।

-लिप लाइनर का करें यूज : लिप लाइनर का प्रयोग करके लिपस्टिक को दांतों में लगने से रोका जा सकता है।
– लिप ब्रश की लें मदद : लिप ब्रश की मदद से बिल्कुल सटीक लिपस्टिक लगती है। इसका प्रयोग करने से लिपस्टिक मुंह में भी नहीं जाती।
-होठों को करें साफ : लिपस्टिक लगाने से पहले अपने होठों को अच्छी तरह से रंगड़ लें। खुरदरी सतह पर लिपस्टिक लगाने से वो बह जाती है।

शनिवार को करें इस आरती से करें बजरंगबली की आराधना, मिलेगा लाभ

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हिन्दू धर्म की में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी या देवता को समर्पित माना जाता हैं। उस दिन उसी देवी या देवता की पूजा करना पुण्यफल दायक रहता हैं। आज शनिवार हैं। तथा आज का दिन हनुमान जी को समर्पित माना जाता हैं। आज हनुमान जी की पूजा करने से सनिग्रह के दोषों से मुक्ति मिलती हैं। इस लिए आज हम आपके लिए इस आर्टिकल में हनुमान जी की आरती लेकर आए हैं।

हनुमान जी की आरती

आरती कीजै हनुमान लला की 

आरती कीजै हनुमानलला की, दुष्टदलन रघुनाथ कला की।

जाके बल से गिरिवर कांपे, रोग दोष जाके निकट न झांपै।

अंजनिपुत्र महा बलदायी, संतन के प्रभु सदा सहाई।

दे बीरा रघुनाथ पठाये, लंका जारि सिया सुधि लाये।

लंका-सो कोट समुद्र-सी खाई, जात पवनसुत बार न लाई।

लंका जारि असुर संहारे, सियारामजी के काज संवारे।

लक्ष्मण मूर्छित परे सकारे, आनि संजीवन प्रान उबारे।

पैठि पताल तोरि जम-कारे, अहिरावन की भुजा उखारे।

बाएं भुजा असुरदल मारे, दहिने भुजा सन्तजन तारे।

सुर नर मुनि आरती उतारे, जय जय जय हनुमान उचारे।

कंचन थार कपूर लौ छाई, आरति करत अंजना माई।

जो हनुमानजी की आरति गावै, बसि बैकुण्ठ परम पद पावै।

वर्कआउट के साथ ये डाइट लेने से मसल्स होती हैं मजबूत

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हमारी सेहत के लिए व्यायाम फायदेमंद होती है,लेकिन इसके साथ कुछ आहार लेना भी जरूरी है, जिससे बॉडी मजबूत बनती है, और फेट गायब हो जाता है। आपको बता दें कि गठिला और स्वस्थ शरीर पाने के लिए लडक़े क्या-क्या नहीं करत है।

इसके लिए घंटों जिम में जाकर व्यायाम करते हैं लेकिन व्यायाम के साथ-साथ अच्छी डायट होना भी बहुत जरूरी है। चलिए जानते है वर्कआउट के साथ कैसी डायट लेने से मसल्स मजबूत हो जाती हैं।

– डायरी फूड : दूध, दही, लस्सी, पनीर तथा मक्खन में प्रोटीन,कैल्शियम,विटामिन ए जैसे पोषक तत्व मौजूद होते है। जो मांसपेशियों को मजबूत करने में सहायक है।

-ड्राई फ्रूट : पुरूषों को ड्राई फ्रूट्स का नियमित सेवन करना चाहिए। इसे खाने से मसल्स शानदार और मजबूत होते हैं।

-अंकुरित अनाज : अंकुरित अनाज में जिंक जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। जिम जाते हैं तो अपने आहार में अंकुरित अनाज जरूर शामिल करें।

– मूंगफली : मूंगफली में वसीय अम्ल और जिंक पाए जाते हैं जो पुरूषों में कमजोरी को दूर करने में मददगार है।

-सोया : सोया में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। सोया मिल्क तथा पनीर को अपने खाने में जरूर शामिल कीजिए।

– कद्दू : कद्दू में विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। जो बॉडी को मजबूत बनाने में मददगार है।

जली हुई स्किन की ऐसे कीजिए देखभाल

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अक्सर आपने देखा होगा कि कई महिलाएं खाना बनाते वक्त अपनी स्किन जला लेती है। लेकिन उसका सही इलाज नहीं करती है, जिससे समस्या ओर बढ़ जाती है। इसलिए जली हुई स्किन की सही समय पर देखभाल करेंगे तो फायदे में रहेंगे। कई बार छोटे बच्चे शरारते करते वक्त भी अपने हाथ या पैर जला लेते है।

ऐसे में चिकित्सक के पास जाने से घर पर कुछ उपाय करने से जलन को कम किया जा सकता है। चलिए आपको बताते है कि कैसे जली हुई त्वचा की देखभाल करनी चाहिए।

-कीजिए ठंडा पानी यूज : जली हुई स्किन पर सबसे पहले ठंडा पानी डालें। ठंडे पानी से जलन कम हो जाती है और काफी आराम मिलता है। – 

हल्दी का पानी : हल्दी वाला पानी जले हुई स्किन पर लगाना चाहिए। इससे दर्द कम होगा और आराम मिलेगा।

-लगाएं नारियल का तेल : नारियल का तेल स्किन के लिए बहुत लाभदायक होता है। जले हुए स्थान पर नारियल का तेल लगाएं। इससे जलन कम हो जाती है।
-तुलसी के पत्ते : तुलसी के पत्तों का रस निकाल कर जले हुए हिस्से पर लगाना चाहिए। इसे जले का निशान नहीं रहता।

– आलू और गाजर : कच्चे आलू तथा गाजर को बारीक पीसकर पेस्ट तैयार कर लीजिए। इस पेस्ट को जले हुए स्थान पर लगाना चाहिए। इससे काफी लाभ होगा।

अनानास के सेवन से शरीर की बढ़ती है रोग-प्रतिरोधक क्षमता

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अनानास सेहत के लिए बहुत लाभदायक होता है। अनानास में कैल्शियम, फाइबर तथा विटामिन सी भरपूर मात्रा पाया जाता है तथा फैट बहुत कम होता है। गर्भावस्था में होने वाली मॉर्निंग सिकनेस की परेशानी को कम करने में यह आपकी मदद कर सकता है।

इस परेशानी को कम करने के लिए खाली पेट अनानास को सेवन करना चाहिए। इसमें ब्रोमिलेन नामक तत्व सर्दी, खांसी, सूजन, गले में खराश और गठिया में फायदेमंद होता है। चलिए जानते हैं इसके फायदों के बारे में.

-बढ़ेगी प्रतिरोधक क्षमता : इसके सेवन से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तथा इससे किसी भी तरह की एलर्जी का खतरा कम हो जाता है।

– होगी हड्डियां मजबूत : अनानास में मैग्नीशियम बहुत प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत तथा शरीर में एनर्जी को बनाएं रखने में मदद करता है।

-आंखों के लिए लाभदायक : रोजाना अनानास खाने से बढ़ती उम्र के साथ कम होती आंखों की रोशनी का खतरा कम हो जाता है।

– दिल रहेगा स्वस्थ : ये कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। जिससे दिल की बीमारियों को रोकने में मदद मिलती है।

-कैंसर की रोकथाम : इसका एंटीऑक्सीडेंट आपको हृदय रोग, गठिया, कई तरह के कैंसर जैसी बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।

-नहीं होगी कैविटी : ये मुंह के किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया को बढऩे से रोकता है। जिससे दांतों में कैविटी की समस्या नहीं होती है।

– उच्च रक्तचाप : अगर आप उच्च रक्तचाप से पीडि़त हैं तो अनानास आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता हैं। इसमें पोटेशियम की उच्च मात्रा तथा सोडियम की कम मात्रा रक्तचाप के स्तर को सामान्य बनाए रखने में मदद करती हैं।