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घर आये मेहमानों को खिलाएं ‘मटन कोरमा’ लूटेंगे सभी की वाहवाही

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आवश्यक सामग्री
500 ग्राम कटा हुआ मटन
स्वाद के अनुसार नमक
1/2 छोटा चम्मच हल्दी
3 चम्मच नींबू का रस
3 कली लहसुन
1/2 चम्मच जीरा
3 लौंग
1/2 तेज पत्ता
2 चम्मच तेल
3/4 चम्मच दही
1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1/2 इंच अदरक
1 कटा हुआ प्याज
1/4 इंच दालचीनी
4 हरी इलायची
1/2 चम्मच धनिया पत्ता
बनाने की विधि
ठंडे चल रहे पानी के नीचे मटन के टुकड़ों को धोएं और सूखा लें। अब मटन के टुकड़ों को 1/2 से 1 कप पानी और थोड़े नमक के साथ एक गहरे पैन में डालें। लौ कम करें, और उबाल लें।
जब तक मटन 70% पकाया जाता है, तब तक उबालें और एक बार जब यह हो जाए, तो आंच बंद कर दें। एक पैन लें और कुछ मिनट के लिए सभी मसाला सामग्री को भून लें। भुने हुए मसालों को मिक्सर ग्राइंडर में ट्रांसफर करें और महीन पीस लें। मध्यम आंच पर एक भारी तले की कढ़ाई में तेल गरम करें। पिसा हुआ मसाला पेस्ट डालें और थोड़ा पानी मिलाएं।

पैन में पके हुए मटन के टुकड़े डालें और अच्छी तरह से मिक्स होने तक मिलाएं। नमक डालें और अच्छी तरह मिलाएँ। अब इसमें दही और पानी मिलाएं।
आंच कम करें और पैन को ढक्कन से ढक दें। यदि आप इसे और अधिक मसालेदार बनाना चाहते हैं तो कुछ काली मिर्च पाउडर मिलाएँ इससे स्वाद बढ़ जाएगा और पकवान में एक अच्छा डार्क टिंट जुड़ जाएगा।

पकवान को 30 से 45 मिनट तक या मटन के पकने तक उबालने दें। आंच बंद करें और मटन रेसिपी को एक सर्विंग डिश में ट्रांसफर करें। मटन कोरमा रेसिपी को अदरक, धनिया पत्ती और नीबू के रस के साथ गार्निश करें। नान या चावल के साथ गरम परोसें।

घर पर ही बनाए ‘कराची हलवा’, सभी करेंगे आपकी बढ़ाई.

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अक्सर देखा जाता हैं कि घरों में किसी भी शुभ प्रसंग पर या कई लोग तो खाने के बाद ही मीठा खाना पसंद करते हैं। ऐसे में वर्तमान समय में बाजार से मीठा लाना नुकसानदायक हो सकता हैं क्योंकि रोज मिलावट के कई किस्से सामने आते हैं। ऐसे में आप घर पर ही मीठा बनाकर इसका लुत्फ़ उठाए तो अच्छा रहेगा। इसलिए आज हम आपके लिए ‘कराची हलवा’ बनाने की Recipe लेकर आए हैं।

आवश्यक सामग्री

– कार्न फ्लोर 1 कप (100 ग्राम)
– चीनी 2 कप ( 450 ग्राम)
– घी 1/2 घी (125 ग्राम)
– काजू आधा कप (छोटे छोटे कटे हुये)
– पिस्ते 1 टेबल स्पून (बारीक पतले कटे हुये) 
– टाटरी (टार्टरिक एसिड) 1 /4 छोटी चम्मच पाउडर (2 मटर के दाने के बराबर) 
– छोटी इलाइची 5 (छील कर पाउडर कर लीजिये)

बनाने की विधि

– हलवा बनाने में 2 कप पानी यानी कि 400 ग्राम पानी प्रयोग करना है। सबसे पहले कार्न फ्लोर को थोड़ा पानी डालकर गुठलियां खतम होने तक घोल लीजिये, घोल में पानी की कुल मात्रा 1 1/4 कप डाल कर मिला दीजिये। चीनी को पैन में डालिये और 3/4 कप पानी, चीनी में डाल दीजिये। चीनी अच्छी तरह घुलने तक चाशनी पका लीजिये।
– चाशनी में कार्न फ्लोर का घोल मिलाइये, और धीमी गैस पर हलवे को कलछी से लगातार चलाते हुये पकाइये, 10-12 मिनिट में हलवा गाढ़ा होने लगता है, अभी भी हलवा को लगातार धीमी आग पर चलाते हुये पकाना है, हलवा पारदर्शक होने लगता है, अब हलवा को आधा घी डालकर, घी अच्छी तरह मिक्स होने तक पकाइये। टाटरी भी डाल कर मिला दीजिये। बचा हुआ घी भी चम्मच से थोड़ा थोड़ा करके डालिये और सारा घी हलवा में डालकर, घी के एब्जोर्ब होने तक हलवा को चलाते हुये पकाइये।
– हलवा में काफी चमक आ गई है, हलवे में कलर डालिये और अच्छी तरह मिक्स होने तक पका लीजिये, काजू और इलाइची पाउडर डालकर हलवे को अच्छी तरह पका लीजिये। हलवा को और 5-7 मिनिट या जब तक हलवा जमने वाली कनिसिसटेन्सी तक न आ जाय तब तक पका लीजिये।
– कराची हलवा तैयार है, हलवे को किसी ट्रे या प्लेट में निकाल कर जमने रखिये, हलवा के ऊपर बारीक कटे हुये पिस्ते डालकर चम्मच से चिपका दीजिये। हलवा के जमने पर अपने मन पसन्द आकार के टुकड़ों में हलवा को काट कर तैयार कर लीजिये।

गणपति को लगाएं मावा मोदक का भोग, घर पर ट्राई करें ये टेस्टी रेसिपी

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हिन्दू धर्म में बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्‍य के देवता श्री गणेश की स्‍तुति किसी भी मंगल कार्य को शुरू करने से पहले जरूर की जाती है। माना जाता है कि कोई भी पूजा, हवन या मांगलिक कार्य उनकी स्तुति के बिना पूरा नहीं होता।

बता दें, इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 2 सितंबर से शुरू होकर अगले 10 दिनों तक मनाया जाएगा। ऐसे में विघनहर्ता भगवान गणपति को प्रसन्न करने के लिए अगर आप भी भोग के लिए उनका मनपसंद मावा मोदक बनाना चाहते हैं तो ट्राई करें ये टेस्टी रेसिपी।

मावा मोदक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री- 
-400 ग्राम मावा 
-1/4 कप चीनी 
-1/4 चम्मच हरी इलायची पाउडर 
-एक चुटकी केसर

मावा मोदक बनाने की विधि- 
सबसे पहले मोदक बनाने के लिए एक नॉन स्टिक पैन को धीमी आंच पर गर्म करके उसमें मावा और चीनी डालकर चलाएं। मावा और चीनी पिछलते ही उसमें केसर मिला दें।

अब इस मिश्रण को गाढ़ा होने तक चलाते रहे। इसके बाद इस मिश्रण में इलायची पाउडर मिलाते हुए थोड़ी देर तक लगातार चलाते रहे। अब गैस बंद कर दें और मिश्रण को ठंडा होने के लिए थोड़ी देर खुला छोड़ा दें। अब आप इस मिश्रण को मोदक का आकारा देते हुए इसके मोदक बना सकते हैं। आपके टेस्टी मोदक बनकर तैयार हैं।

रेसिपी : बच्चों को टिफिन में दें कॉर्न चीज पराठा

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बच्चों के स्कूल शुरू होने के साथ ही शुरू हो जाती है मम्मियों की हेल्दी और टेस्टी टिफिन की टेंशन। बच्चों को रोज–रोज नया और यमी नाश्ता देने के लिए दिमाग को पहले से तैयार करना पड़ता है।

आपकी इस उलझन को दूर करने के लिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं कॉर्न चीज पराठा की रेसिपी। यह खाने में यमी है, टेस्टी और हेल्दी भी है। इसे बनाने में ज्यादा माथापच्ची करने की भी जरूर नहीं है। तो आईए जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में

सामग्री

मैदा/आटा (सुविधानुसार)- 500 ग्राम 
रिफाइंड तेल- 04 बड़े चम्मच 
अजवाइन- 05 ग्राम 
घी- तलने के लिए 
नमक- 01 छोटा चम्मच 
भरावन के लिए

उबले और मैश किए कॉर्न- 04 कप 
कद्दूकस किया हुआ चीज- 01 कप 
बारीक कटे हुए बींस और गाजर- 1 1/2 कप 
बारीक कटे हुए प्याज- 04 
बारीक कटी हुई हरी मिर्च- 01 छोटा चम्मच 
चाट मसाला- 01 छोटा चम्मच 
गरम मसाला पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच 
काली मिर्च पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच 
नमक- स्वादानुसार

विधि 
कॉर्न चीज पराठा के लिए सबसे पहले मैदा में रिफाइंड तेल, अजवाइन और नमक मिला कर उसे गूंथ लें। भरावन की सभी चीजें मिलाकर एक बर्तन में रख लें। 
इसके बाद मैदे की मनपसंद साइज की लोई लेकर उसमें उचित मात्रा में भरावन को भर लें और उसे परांठे की तरह बेल लें। तवे पर घी गर्म करें और उसमें सुनहरा होने तक पराठे को दोनों ओर से सेंक लें। तैयार हैं आपके यमी, हेल्दी और टेस्टी चीज पराठा। इसे सॉस या चटनी के साथ गरमा गर्म सर्व करें।

ब्लड प्रेशर की समस्या से छूटकारा पाने के लिए करे कपालभाती

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आज की लाइफस्टाइल में आपको ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो सकती है। इससे बचने के लिए आप कई बार दवाओं का भी सेवन करते होंगे।

लेकिन आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि कुछ एक्सरसाइज़ करने से भी आप इस कठिनाई से बच सकते हैं। Hypertension जिसे आम बोलचाल की भाषा में हाई ब्लड प्रेशर बोला जाता है अब एक आम समस्या बन गई है जिससे न सिर्फ उम्रदराज लोग बल्कि युवा भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके लिए आप ये एक्सरसाइज़ अपना सकते हैं।

कपालभाती
इस तकनीक के कई स्वास्थ्य फायदा हैं। इसके फायदे प्राप्त करने के लिए इसे प्रातः काल खाली पेट करें। यह आपके ब्लड को डीटॉक्स करता है। आपको उच्च रक्तचाप सहित बीमारियों से मुक्त करता है। हालांकि, एक्सरसाइज से पहले चिकित्सक से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

अनुलोम विलोम
यह तकनीक आपकी तंत्रिका तंत्र को साफ करने में मदद करती है व रक्त परिसंचरण में भी सुधार करती है। यह मधुमेह व उच्च रक्तचाप के खतरे को कम करने के लिए भी जाना जाता है।

डीप ब्रीदिंग एक्सर्साइज
सांस लेने की इस तकनीक को मौन में करें। जापान में किए गए एक शोध अध्ययन से पता चलता है कि इस श्वास तकनीक में रक्तचाप के स्तर को कम करने व बनाए रखने की क्षमता है। इन श्वास तकनीकों का पालन करें व आप अपने रक्तचाप के स्तर में आए बदलावों का आकलन करें।

साम वृत्ति
यह एक बहुत ही आसान सांस लेने की तकनीक है व इसे कहीं भी किया जा सकता है। यह आपको आराम करने व शांत करने में मदद करता है, जो रक्तचाप के स्तर को नीचे लाता है। सोने जाने से पहले इस एक्सर्साइज को करें क्योंकि यह तब अधिक लाभकारी होगा।

सीतकारी
यह सबसे अच्छी सांस लेने की तकनीक में से एक है। यह आपके उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में रखने में मदद करता है व रक्तचाप के स्तर को कम करने में मदद करता है, जिससे तनाव का स्तर कम होता है।

खांसी-जुकाम से छूटकारा पाने के लिए पीए काढ़ा

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मौसम हर दिन बदल रहा है, जिसके चलते लोग खांसी-जुकाम के साथ-साथ वायरल इंफेक्शन और बुखार का भी शिकार हो रहे हैं। ये ऐसी बीमारियां हैं जो जल्दी ही घेरे में ले लेती हैं।

लेकिन इसके लिए बार-बार डॉक्टर्स की आवश्यकता नहीं है बल्कि घर में ही इसका उपचार संभव है। एक यह देसी नुस्खा असल में एक काढ़ा है, जिसे आप सरलता से घर पर बना सकती हैं। इस काढ़े से आप अपनी सर्दी को जल्दी ही अच्छा कर सकते हैं। जानिए इसे कैसे बनाया जाये।

इसके लिए आपको कुछ चीजों की आवश्यकता होगी। ये चीजें हैं- आधा टुकड़ा अदरक, पानी, 4 काली मिर्च, 2 लौंग, 4-5 तुलसी के पत्ते, 1 छोटी इलायची व चाय पत्ती।

सबसे पहले टी-पैन लें व उसमें 2 कप पानी उबलने रखें। जब पानी उबल जाए तो तुलसी के पत्तों के टुकड़े करके उसमें डाल दें। इसके बाद लौंग डालें। छोटी इलायची व अदरक का टुकड़ा पीसकर भी डाल दें।

अब काली मिर्च को दरदरा कूट लें व उबलते पानी में डालें। स्वाद के लिए थोड़ी सी चीनी या फिर गुड़ भी डाल सकते हैं। जब यह मिलावट उबलकर आधा रह जाए तो गैस बंद कर दें व फिर इसे छान लें। गरमागरम पिएं।

इस काढ़े को तब तक दिन में 2 बार पिएं जब तक कि आराम न हो जाए। वैसे इस काढ़े से 2 दिन में ही आराम हो जाता है,लेकिन न हो तो 2 दिन व इसे पी सकते हैं। हालांकि इसे पीने से अगर गले या छाती में जलन हो तो फिर इसे पीना बंद कर दें व स्टीम लें। इससे बहुत ज्यादा आराम मिलेगा।

ये हैं दुनिया के सबसे सस्ते खूबसूरत शहर, जो आपके विदेश घूमने के सपने को कर सकते हैं पूरा

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देश विदेश की सैर तो हर कोई करना चाहता है। अपने देश में तो फिर भी लोग घूम लेते हैं। लेकिन बात अगर विदेशों की सैर की आती है तो सभी को लगता है कि ये बहुत महंगा पड़ेगा। लेकिन आज हम आपको विश्व के उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो भले ही कम प्रसिद्द हों लेकिन शानदार इतिहास और खूबसूरत नजारों से भरे हैं। सबसे खास बात तो ये है कि यहां सस्ते में घूम सकते हैं।

कंबोडिया 
कंबोडिया की राजधानी काफी नायाब और आकर्षक है। इसमें जंगलों के साथ चमकदार लंबी ईमारतें भी हैं। आप प्रकृति के बीच होते हैं – दोस्ताना स्थानीय, सनसनाती मोटरसाइकिल और हलचल वाले ठेके। जब आप यहां से जाते हैं तो इस जगह का एक हिस्सा अपने साथ ले जाते हैं। यहां हॉस्टल में रहने का किराया 270 से 400 रुपये प्रति रात है। खाने का खर्च 100 से 600 रुपये आएगा। 

कहां घूमें 
पारंपरिक खमेर वास्तुकला को देखने रॉयल पैलेस जाएं, तोल स्लेंग संग्रहालय में समय बिताएं, रूसी बाजार में बेहद सस्ते दामों पर कपड़े खरीदें, कंबोडिया के क्रूर इतिहास को दर्शाती किलिंग फील्ड का दौरा करें।

कोलंबो श्रीलंका के शानदार दृश्य 1,340 कि.मी. लंबी तटरेखा और सबसे सस्ते रेलवे नेटवर्क के बारे में जान कर आपको हैरानी होगी कि यह जगह अधिकांश यात्रा कार्यक्रमों में शामिल क्यों नहीं है। ऐतिहासिक पुर्तगाली इमारतों, समकालीन रेस्रां, गैलरी और संग्रहालयों में घूम सकते हैं। यहां हॉस्टल में रहने का किराया 500 से 1400 रुपये प्रति रात है। खाने का खर्च 100 से 550 रुपये आ सकता है, जिसमें क्लासिक चावल और करी सस्ता है और हर जगह मिलता है।

अम्मान जॉर्डन अब दुनिया भर के यात्रियों के बीच लोकप्रिय होता जा रहा है। हालांकि अम्मान पेट्रा, वाडी रम या डेड सी जितना लोकप्रिय नहीं है। फिर भी मिडिल ईस्ट का अनुभव करने के लिए शहर में रोमन खंडहर और कॉफी हाउस हैं। यहां ठहरने के लिए हॉस्टल का किराया 500 से 900 रुपये प्रति रात आएगा। खाने का खर्च 200 से 700 रुपये आ सकता है। अगर आप स्थानीय फालाफल और हमस के फैन हैं, तो आप बहुत कम खर्च में अपना काम चला सकते हैं। 
कहां घूमें 
अम्मान की सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थित किले की सैर करें, ग्रांड रोमन थिएटर पर सुबह -सुबह पहुंचकर बहतरीन फोटो खींचें, शानदार जॉर्डन संग्रहालय में सबसे पुराना मानव पुतला देखें, दारत अल-फनु संग्रहालय में जाकर अरब संसकृति को जानें।

पोखरा 
पोखरा में बर्फ से ढके हुए नजारों के साथ नेपाल की एक शांत जगह है, जो एडवेंचर और सस्ते खान-पान के कई विकल्पों से भरा है। हिमालय के नजारों के साथ झील पोखरा में तैरती रंगीन नाव में बैठकर सूर्यास्त देखना बेहद मजेदार है। अन्नपूर्णा रेंज में कुछ विश्व-प्रसिद्ध ट्रेक के अलावा पोखरा दुनिया के सबसे अच्छे पैराग्लिडिंग स्थानों में से एक भी है।

कहां घूमें 
गोरखा मेमोरियल संग्रहालय में इतिहास के पन्ने पलटें, शानदार हिमालय के मनोरम दृश्य के लिए लोकप्रिय सारंगकोट गांव की यात्रा करें, फीवा ताल के मनोरम दृश्य के लिए विश्व शांति पगोडा तक ट्रेक करें, देवी फॉल्स में कुछ समय बिताएं, जहां सुरंग से निकलने वाला एक सुंदर सीढ़ीदार झरना गुफा में गिरता है।

मुंह के छलो को दूर करने के लिए करे ये उपाय

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मुंह के छले कभी हो सकते हैं। ये अक्सर शरीर की गर्मी या पेट की गर्मी के कारण होते हैं जो आपको बेहद तकलीफ देते हैं। ऐसे में मुँह के छाले होना लाजमी है।

छाले होने से खाने में बहुत समस्या आती है। तेज़ तीखा या गर्म खाने से भी मुँह में छाले हो जाते है। बदलते मौसम में अक्सर यह बीमारी होती रहती है। जिससे मुँह में दुर्गंध होने लगती है। इससे बचने के लिए आप घर के सरल ढंग अपना सकते हैं जिससे आपको तकलीफ भी कम होगी व सरलता से इनसे छुटकारा मिल जायेगा।

1. नीबू के रस को गर्म पानी में मिला कर कुल्ला करने से भी मुँह के छाले कम हो जाते है।

2. रात को सोने से पहले मुँह के छालो पर घी लगाएं इससे छाले खत्म हो जायेगे।

3. एक लीटर गुनगुने पानी में हल्दी मिला कर गरारे करने से भी छालो में राहत मिलती है।

4. मशरूम को पीस कर मुँह के छालो पर लगाए।

5. पान के पत्तो का रस निकाल कर घी में मिलाकर लगाने से छाले जल्द ख़त्म हो जाते है।

6. नमक के पानी का गरारा करने से मुँह की दुर्गंध तो कम होगी ही साथ में छाले भी कार्य हो जायेगे।

हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए करे ये आसान सा घरेलू उपाय

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उम्र बढ़ने के साथ आप कमज़ोर होते जाते हैं व आपकी हड्डियां भी आपका साथ नहीं देती। हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए आपको प्रारम्भ से ही ध्यान रखना पड़ता है।

बदलते खानपान की वजह से हमारी बॉडी बीमारियां का शिकार बन जाती है। इनमें जोड़ों का दर्द भी कुछ ऐसा है, जो पहले बढ़ती आयु के साथ बढ़ता लेकिन आजकल यह दर्द कम आयु के लोगों में भी होने लगा है।

इसके अतिरिक्त हड्डी के सर्जन का बोलना है कि कम आयु में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा पहले से अधिक बढ़ रहा है। जानते हैं हड्डियों को मजबूत रखने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

बादाम का सेवन हर रोज करने से जोडों का आउटर मेंबरेन बेकार होने से बचा रहता है। बादाम में विटामिन ई तथा एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो सूजन व दर्द से बचाता है।

पपीते में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है। इसलिए पपीते का सेवन जरूर करना चाहिए। क्योंकि विटामिन सी की कमी से हड्डीयां निर्बल होती है।

रोजाना सेब खाकर आप जोड़ों के दर्द व उसकी क्षतिग्रस्त से बच सकते हैं। इससे घुटने लंबे वक्त तक अच्छा रहते है।

ये शरीर से फ्री रैडिकल्स को बाहर निकालती है, जिसके कारण से हड्डियां जल्दी निर्बल नहीं होती है। ब्रोकली में बहुत ज्यादा सारा कैल्शियम होता है, जो जोड़ों को मजबूत बनाएं रखता है।

ये मैग्नीज तथा अन्य तत्व से भरा हुआ होती है, जो जोडों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। ये शरीर से फ्री रैडिकल्स को बाहर निकालता है व जोडों को बेकार होने से रोकता है।

ये जोड़ों के कार्टिलेज को बेकार होने से रोकता है। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होता है, जिससे फ्री रैडिकल्स हड्डियों को नुकसान नहीं पहुंचा पाते।

क्युबो रोबोट से अब बच्चे खेल-खेल में सीखेंगे मैथ्स व इंग्लिश

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बच्चों को इंग्लिश व मैथ्स सीखाना ज्यादातर पेरेंट्स के लिए बहूुत ही मुश्किल काम होता है क्योंकि जैसे ही इन सबजेक्ट्स के पढ़ने की बात आती है बच्चे आनाकानी करने लगते हैं। पेरेंट्स की इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पेरेंट्स क्युबो रोबोट डेवलप किया गया हैं। जो कि खेल- खेल में ही बच्चों को मैथ्स व इंग्लिश सिखाएगा। ये बच्चों को अल्फाबेट, मैथ्स व डायरेक्शन के साथ म्यूजिक भी सिखाएगा।

पजल बेस्ड डिजाइन

पजल बेस्ड डिजाइन होने के कारण यह बच्चों को आसानी से एक टीचर की तरह कंप्यूटर साइंस व कोडिंग सिखा सकता हैं। इसमें न ही किसी तरह की स्क्रीन है। इसमें किसी भी तरह का सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करने की भी जरुरत नही हैं।

इस तरह करें इस्तेमाल

क्युबो के दो हिस्से होते है उन्हें आपस में जोड़ कर इसे इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एक खास किट होती है जिसमें अल्फाबेट, नंबर्स, डायरेक्श की क्लिप होती है। यह पजल डिजाइन में होते है। इन्हें आपस में जोड़ कर रोबोट को इनके ऊपर छोड़ दें। इसके बाद यह पजल को स्कैन कर बच्चों को वैसा करने दिखाता है व अल्फावेट, नंबर्स, डायरेक्शन के बारे में बोलता भी हैं। इसमें चार्जेबल बैटरी होती है।

इस तरह करता है काम

रोबोट के नीचे कैमरा व स्केनर लगा होता है। रोबोट पजल को स्केन कर मेमोरी में सेव कर लेता है इसके बाद उसे रिपीट करता हैं। इसमें अगर बच्चे गलत शब्दों को आपस में जोड़ देते है तो वह उन्हें सही करते हैं। जिससे बच्चे आसानी से इंग्लिश के वर्ल्ड को याद कर सकते है। वहीं मैथ्स में वह बच्चों को प्लस व माइन्स करना सीखाते है।