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एमपी कांग्रेस में घमासान पर बोले दिग्विजय- पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी

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मध्य प्रदेश में मचे राजनीतिक घमासान के बीच प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज मीडिया के सामने आए। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि अनुशासनहीनता करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार में वन मंत्री उमंग सिंघार ने हाल में ही दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर बताया था। उन्होने दिग्विजय सिंह पर पर्दे के पीछे से सरकार चलाने का आरोप भी लगाया है, जिसके बाद से राज्य की राजनीति में बवाल मचा हुआ है।

 पार्टी में अनुशासन होना चाहिए चाहे नेता कितना भी बड़ा हो 

दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे आरोपों से विचलित नहीं होते। उन्हें राजनीति में 50 साल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार दिनों में जो कुछ भी हुआ उसे वे सीएम कमलनाथ और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष पर छोड़ते हैं। मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री उमंग सिघार के बारे में उन्होंने कहा कि हर पार्टी में अनुशासन होना चाहिए चाहे नेता कितना भी बड़ा नेता क्यों ना हो कार्रवाई होनी चाहिए। दिग्विजय सिंह ने साथ ही कहा कि सिंधिया और दीपक बावरिया से भी चर्चा की है। किसी से उनका विवाद नहीं है।

 मेरी राजनीतिक लड़ाई भाजपा की विचारधारा से है 

भाजपा और आरएसएस द्वारा आईएसएई से पैसा लेने वाले अपने बयान पर दिग्विजय सिंह ने कहा,”मेरी राजनीतिक लड़ाई भाजपा की विचारधारा से है। मैंने कभी इस मामले में समझौता नही किया। ये वो विचारधारा है जिसने देश की एकता को तोड़ने का काम किया है। उन्होंने कहा,” यह पूरी कहानी तब शुरू हुई जब भाजपा आईटी सेल के सदस्य ध्रुव सक्सेना और बजरंग दल के बलराम सिंह को 2017 में एसटीएफ ने आईएसआई से पैसे लेते हुए पकड़ा था, लेकिन तत्कालीन मध्य प्रदेश सरकार ने न तो उन पर एनएसए का आरोप लगाया और न ही उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई की।” उन्होंने कहा कि भविष्य की लड़ाई अब मैं कमलनाथ और सोनिया जी पर छोड़ता हूं।

छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट जारी, कई शहरों में हो सकती है भारी बारिश

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छत्तीसगढ़(Chhattisgarh) के कई इलाकों में भारी बारिश (Heavy Rain) हो सकती है. मौसम विभाग (Weather Department) ने बारिश को लेकर रेड अलर्ट ( Red Alert) भी जारी कर दिया है. प्रदेशभर में मानसून (Moonsoon) की वजह से कहीं भारी तो कुछ इलाकों में अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है. कहा जा रहा है, कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण इन इलाकों में बारिश हो सकती है. शुक्रवार सुबह से ही राज्य में रायपुर समेत राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है. फिलहाल मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए दक्षिण छत्तीसगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है.

दक्षिण के कई इलाकों में कई जगह भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम वैज्ञानिक आरे वैश्य के मुताबिक बालोद, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव,ब स्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले में कुछ जगहों पर भारी बारिश की आशंका है. वहीं कई जगहों पर गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है. बता दें कि, जगदलपुर समेत बस्तर के कई ईलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश जारी है. बारिश के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. सबसे ज्यादा रायपुर में हालात खराब है.

बता दें कि, गुरुवार को रायपुर में मौसम सुबह ही नम रहा. कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबादी हुई. वहीं मस्तूरी से लेकर अकलरा, रायगढ़ जिले में हुई अच्छी बारिश दर्ज की गई. जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ में 167.4 मिमी बारिश हुई है. वहीं प्रदेश में अब तक 982.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है.

जताई जा रही ये संभावना जानकारी के मुताबिक तटीय ओडिशा पर कम दाब का क्षेत्र बना हुआ है जो दक्षिण-पश्चिम इलाके की ओर झुका हुआ है. समुद्र तल से मानसून द्रोणिका जो तटीय ओडिशा के आसपास कम दाब के क्षेत्र के साथ स्थित है. वहीं दक्षिण-पूर्व से पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी तक जो समुद्र तल से 2.1 किमी तक फैली है। दक्षिण की तरफ झुकी है. कम दबाव वाला क्षेत्र बनने के कारण छत्तीसगढ़ के कई इलाके भारी बारिश हो सकती है.

सरकार ने दिया है नील गायों को मारने का आदेश…

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बिहार (Bihar) से इन्सानियत को शर्मसार करने वाली समाचार है। यहां पर वैशाली में नीलगाय (Nilgai) को जिंदा दफन करने का मुद्दा सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो (Video) भी सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल (Viral) हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक नीलगाय को पहले गोली मारी गई लेकिन वह नहीं मरी सिर्फ घायल हो गई। इसके बाद जिंदा ही उसे जेसीबी की मदद से एक गड्ढे में जिंदा दफना दिया गया। बताया जा रहा है कि यह मुद्दा 1 सितंबर का है व इस मुद्दे के सामने आने के बाद 3 सितंबर को जाँच भी प्रारम्भ की गई है।

सरकार ने दिया है नील गायों को मारने का आदेश
बिहार में फसल सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने आदेश दिया है। इस आदेश के तहत नील गायों को मारने की इजाजत दी गई है। इस आदेश के आने के बाद वैशाली में ही सिर्फ चार दिनों के अंतराल में 300 से ज्यादा नील गायों को मारा जा चुका है। वन विभाग (Forest Department) ही इस कार्य को अंजाम दे रहा है। एक ऑफिसर ने बताया कि फसलों की सुरक्षा के लिए नीलगायों को मारना एक महत्वपूर्ण कार्य है। 

क्या है प्रावधान
जानकारी के अनुसार नीलगायों को मारने का प्रावधान है कि पहले उसे गोली मारी जाए व जब उसकी मृत्यु की पुष्टि हो जाए उसके बाद ही उसे दफनाया जाए। वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग के ऑफिसर भी सकते में हैं व पल्ला झाड़ते हुए बयान जारी किया गया है कि मुद्दे की जाँच की जा रही है व आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।

रायपुर में भारी बारिश, दिल्ली से आने वाली फ्लाइट की गई डायवर्ट

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गुरुवार रात से ही मूसलाधार बारिश हो रही है. बारिश की वजह से शहर के बड़े और छोटे नाले उफान पर. कई इलाकों में भारी बारिश (Heavy Rain) की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग (Weather Department) ने बारिश को लेकर रेड अलर्ट ( Red Alert) भी जारी कर दिया है. बता दें कि, दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में कई जगह भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक बालोद, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव,ब स्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले में कुछ जगहों पर भारी बारिश की आशंका है. वहीं कई जगहों पर गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है. बता दें कि, जगदलपुर समेत बस्तरके कई ईलाकों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश जारी है. बारिश के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. सबसे ज्यादा रायपुर में हालात खराब है.

रायपुर में हो रही का असर हवाई (Airport Services) सेवा पर भी पड़ा है. खराब मौसम की वजह से उड़ान (Flight) प्रभावित हुई है. बताया जा रहा है कि इंडिगो की फ्लाइट (Indigo flight) को डायवर्ट (Divert) कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश और गरज की वजह से दिल्ली से रायपुर आने वाली फ्लाइट को डायवर्ट कर दिया गया है. इस फ्लाइट की लैंडिंग अब भुवनेश्वर (Bhuvneshwar) कराई जाएगी.

रायपुर में कई इलाकों में भरा पानी

राजधानी रायपुर (Raipur) में गुरुवार रात से ही भारी बारिश हो रही है. शुक्रवार सुबह भी गरज-चमक के साथ कई इलाके में मूसलाधा बारिश हुई. बारिश की वजह से विश्राम गृह में भी पानी भर गया है. राजधानी के कई वीआईपी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है.

शराब खरीदने अलमारी से पैसे निकालने गया और नोट की गड्डियां देख खराब हो गई नीयत

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दोस्त के घर रखी अलमारी में नोट की गड्डियां देखकर युवक की नीयत खराब हो गई और उसने 1 लाख 96 हजार रुपए नकद के साथ जेवर भी पार कर दिए। घटना 3 सितंबर दोपहर इसाई मोहल्ला पिपरिया की है। प्रकरण दर्ज करते हुए खमरिया पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

घटना के संबंध में सीएसपी धर्मेश दीक्षित ने बताया कि इसाई मोहल्ला निवासी अनिल मोरे 3 सितंबर को दोपहर घर में आराम कर रहा था। उसकी पत्नी व बेटा रिश्तेदार के घर कांच घर गए थे। कुछ देर बाद पड़ोस में रहने वाला वीरेंद्र उर्फ रानू कुशवाहा तथा जितेंद्र उसके घर पहुंचे और शराब पार्टी शुरू हो गई। तीनों ने साथ में शराब पी और कुछ देर बाद जितेंद्र वहां से चला गया।

एक पौवा और ले आओ

सीएसपी दीक्षित ने बताया कि जितेंद्र के चले जाने के बाद अनिल मोरे ने रानू से कहा कि अलमारी में पैसे रखे हैं। पैसे निकालकर एक पौवा शराब और ले आओ। रानू ने पैसे निकालने के लिए अलमारी खोली जिसमें नोट की गड्डियां व जेवर रखे थे। उसकी नीयत खराब हो गई और वह नकदी तथा जेवर लेकर चंपत हो गया। तब तक ज्यादा शराब पीने की वजह से अनिल बिस्तर पर पड़े-पड़े सो चुका था। शाम करीब 6 बजे जब पत्नी व बेटा घर लौटे तो अलमारी खुली देखी। जांच की तो जेवर व नकदी गायब थे। उसने 4 सितंबर को खमरिया थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

खेत बेचकर मिले थे पैसे

अनिल मोरे ने पुलिस को बताया कि हाल ही उसने अपना एक खेत बेचा था। जिससे मिली नकदी अलमारी में रखी थी। चोरी की शिकायत दर्ज कर छानबीन में जुटी पुलिस ने संदेह के आधार पर जितेंद्र और रानू को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर रानू ने चोरी करना स्वीकार किया। उसके कब्जे से चोरी की रकम व जेवर जब्त किए गए। धारा 380 के तहत प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है।

मतदाता सत्यापन में छत्तीसगढ़ देशभर में नंबर वन

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भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देशभर में चलाए जा रहे मतदाता सत्यापन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य मतदाताओं का सत्यापन करने के कार्य में पहले नंबर पर चल रहा है। जबकि दूसरे स्थान पर राजस्थान और तीसरे स्थान पर गुजरात है। एक सितंबर से देशभर में मतदाताओं के लिए मतदाता सत्यापन कार्यक्रम संचालित किया गया है। त्रुटि रहित मतदाता सूची तैयार करने का यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आगामी 15 अक्टूबर तक चलेगा।

राज्य के एक करोड़ 90 लाख 8 हजार 175 मतदाताओं में से अभी तक 31 हजार 959 आवेदन सत्यापन के लिए प्राप्त हुए हैं, जिसमें एनवीएसपी में नौ हजार 846, मोबाइल ऐप के माध्यम से एक हजार 329, सिटीजन सर्विस सेंटर/कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से 20 हजार 386 और मतदाता सुविधा केंद्रों के माध्यम से 398 आवेदन पत्र सत्यापन के लिए प्राप्त हुए थे।

इन आवेदनों में से 27 हजार 594 मतदाताओं का सत्यापन कर लिया गया है। चार हजार 365 मतदाताओं के नामों में त्रुटियां पाई गई हैं। इसके सुधार के लिए फार्म- 8 में 4 हजार 365 आवेदन पंजीकृत किए गए हैं।

जानिए इस कंपनी ने बढ़ाए दूध के दाम, रेट जानकर फटी की फटी रह जाएंगी आँखे…

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राजधानी की प्रमुख दूध आपूर्तिकर्ता मदर डेयरी ने दिल्ली-एनसीआर में गौ माता के दूध का दाम दो रुपये बढ़ाकर 44 रुपये लीटर कर दिया है. यह वृद्धि शुक्रवार से लागू होगी. कंपनी ने बोला है कि वह किसानों से कच्चा दूध खरीदने के लिए अधिक भुगतान कर रही है. इस वजह से उसे गौ माता दूध के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं.

इसलिए की दूध के दाम में बढ़ोतरी

हालांकि, कंपनी ने अन्य किसी दूध के दामों में वृद्धि नहीं की है. मदर डेयरी के प्रवक्ता ने बोला कि पिछले दो तीन महीने में गौ माता के कच्चे दूध की खरीद पर उसे ढाई से तीन रुपये प्रति लीटर का अधिक भुगतान करना पड़ रहा है. प्रवक्ता ने बोला कि इस वजह से दूध के दाम में बढ़ोतरी की गई है.

अन्य कंपनियां भी बढ़ा सकती हैं दूध की कीमत

प्रवक्ता ने बोला कि छह सितंबर से गौ माता के दूध के आधा लीटर के पैक का दाम 23 रुपये व एक लीटर के पैक का दाम 44 रुपये प्रति लीटर होगा. माना जा रहा है कि मदर डेयरी के बाद अमूल व पराग जैसी कंपनियां भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं.

मदर डेयरी द्वारा दिल्ली एनसीआर में 30 लाख लीटर दूध की आपूर्ति की जाती है. इसमें आठ लाख लीटर गौ माता का दूध होता है. इस वर्ष मई में मदर डेयरी ने दूध कीमतों में दो रुपये लीटर की वृद्धि की थी. गौ माता के दूध के मुद्दे में एक लीटर के पैक में कोई वृद्धि नहीं की गई थी. उस समय गौ माता के दूध के आधा लीटर के पैक में एक रुपये की वृद्धि की गई थी.

मिट्टी के बगैर शहर में हो रही स्ट्रॉबेरी की पैदावार, खबर में जानें कैसे, देखें Video

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प्रधानमंत्री मोदी का किसानों की आमदनी बढ़ाने का फार्मूला बरेली में एक कामयाबी हासिल करने जा रहा है। बरेली में संभवत: देश का पहला आठ लेयर हाईड्रोपोनिक फार्मिंग प्रोजेक्ट तैयार हो गया है। यहां बगैर मिट्टी और रसायनिक खाद के स्ट्रॉबेरी की पैदावार होगी।बदायूं रोड पर रामचंद्र पुरम कालोनी में अपने घर में ही रिटायर्ड बैंक अधिकारी श्यामपाल सिंह ने अपनी पुत्रबधू ऋचा सिंह के साथ मिलकर हाईड्रोफार्मिंग की शुरुआत की है। यह हाईड्रोफार्मिंग प्रोजेक्ट एक हजार वर्ग फुट के प्लॉट पर लगाया है। इसमें साधारण खेती के मुकाबले सिर्फ एक से दो फीसदी पानी की खपत होती है। जबकि उत्पादन 10 से 100 गुना तक होता है। श्यामपाल सिंह का कहना है कि अभी तक देश के कुछ राज्यों में सिर्फ सिंगल लेयर के ही प्रोजेक्ट लगाए गए हैं।

ऐसे तैयार किया प्रोजेक्ट

हाईड्रोफार्मिंग प्लांट को प्लास्टिक के पाइप के जरिए तैयार किया गया है। पाइप में पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्व पानी के जरिए भेजे जाते हैं। प्लांट के ऊपर पारदर्शी प्लास्टिक की सीट लगाई गई है, जिससे सूर्य का प्रकाश पौधों को मिलता रहे। ऋचा ने प्लांट में स्ट्रॉबेरी की पैदावार करने का फैसला किया है। हिमाचल से स्ट्रॉबेरी की पौध लाई गई है।

छिलके के बुरादे में लगता है पौधा

इस फार्म में पौधा मिट्टी नहीं बल्कि नारियल के बुरादे में लगाया जाता है। नेटकप में बुरादा भरकर उसमें पौधा लगाया जाता है। महीने में दो बार पानी बदला जाता है। पानी में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश, मैग्नीशियम, कैल्शियम, सल्फर, जिंक और आयरन आदि तत्वों को एक खास अनुपात में मिलाया जाता है। इससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलता रहता है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब दस लाख रुपये खर्च हुए हैं।

एक बार पौध लगाने पर 5 वर्ष तक फसल

हाईड्रोपोनिक्स फार्मिंग में एक बार पौध लगाने के बाद पांच साल तक फसल आती रहती है। प्लांट में तापमान मैनटेन रखने के लिए कूलिंग सिस्टम लगाया गया है। फसल की जरूरत के मुताबिक तापमान मुहैया मिलने की वजह से लगातार पैदावर होती रहती है। हर मौसम में फल और सब्जियां उगाई जा सकती हैं।

बेटे सौरभ के आइडिया पर आगे बढ़ा परिवार

श्यामपाल सिंह के बेटे सौरभ सिंह ने आईआईटी दिल्ली से पीएचडी से की है। कई अविष्कार के लिए राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित हो चुके हैं। सौरभ सिंह ने हाईड्रोपोनिक फार्मिंग का आईिडया अपने पिता और पत्नी को दिया। सौरभ की पत्नी ऋचा सिंह एमसीए हैं। नोएडा की मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर चुकी हैं। ऋचा सिंह ने हाइड्रोपोनिक फार्मिंग के बारे में जानकारी जुटाई। अध्ययन भी किया। इसके बाद श्यामपाल सिंह ने अपने घर के खाली हिस्से में प्लांट लगाने का फैसला किया।

हमारे पास शहर से सटी 60 बीघा जमीन है। हम उसमें हाईड्रोपोनिक फार्मिंग शुरू करेंगे। अभी हमने छोटा प्लांट लगाया है। हाइड्रोपोनिक फार्मिंग में तैयार होने वाली फसल में बीमारी नहीं होती। पैदावार भी साधारण खेती से कई गुना होती है। जबकि लागत कई गुना कम।
श्यामपाल सिंह

हमने नोएडा के अपने घर में दो साल पहले हाईड्रोपोनिक फार्मिंग की थी। छोटा सा प्लांट लगाकर टमाटर पैदा किया था। मेरे पति ने इसको बड़े स्तर पर करने को कहा। हमनें बरेली में आठ लेयर का हाईड्रोमिक्स प्लांट लगाया है।
ऋचा सिंह

हाईड्रोपोनिक फार्मिंग प्रदेश के लिए नया प्रोजेक्ट है। मैं बरेली के प्रोजेक्ट को शासन के पास भेज रहा हूं। ताकि सब्सिडी की गाइड लाइंस में इसको शामिल किया जा सके। फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन पूरी मदद करेगा।

DIGVIJAY SINGH पर 2 नए हमले, इस बार मंत्री राजपूत और सिसोदिया

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ज्योतिरादित्य सिंधिया केंप से दिग्विजय सिंह पर हमलों का दौर जारी है। खुद सिंधिया ने भी मोर्चा संभाल रखा है। सुबह सिंधिया ने कहा कि सरकार के काम में किसी को दखल नहीं देना चाहिए। फिर मंत्री गोविंद राजपूत ने कहा कि चुनाव कमलनाथ और सिंधिया के नेतृत्व में लड़ा गया था। फिर मंत्री ​महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि दखल का अधिकार केवल ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास आरक्षित है।

वन मंत्री उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर मंत्रियों के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया था। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 15 साल बाद कांग्रेस की सरकार बनी है। उसे स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए। किसी को दखल नहीं देना चाहिए।

परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का चुनाव कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में लड़ा गया था। अब किसी और को सरकार में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए श्रम मंत्री सिसोदिया बोले कि अगर किसी को सरकार में हस्तक्षेप करने का अधिकार है तो वह ज्योतिरादित्य सिंधिया को है।

यह फल विटामिन सी की कमी को दूर करने के लिए रोजाना खाए…

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ए ऐपल अ डे किप्स दी चिकित्सक अवे’ के बारे में तो आपने खूब सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही वाली थ्योरी केले पर भी लागू होती है। केला स्वाद में जितना अच्छा लगता है उससे कहीं ज्यादा अच्छे उसके फायदे होते हैं।

केला खाने से दूर होती है विटामिन सी की कमी 

हालांकि केले में कई प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं। इनमें विटामिन बी6 व विटामिन c सबसे अहम हैं। हमारे शरीर को जितनी विटामिन सी की आवश्यकता होती है उसका 15% हमें बड़े आराम से केले से मिल जाता है।

एनीमिया के मरीज ज़रूर खाएं केला

केला में आयरन की प्रचूर मात्रा होती है व शरीर में आयरन की कमी ही एनीमिया का कारण बनती है। एनीमिया में हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल्स व हीमोग्लोबिन का स्तर बहुत ज्यादा कम हो जाता है। केले में पाया जाने वाला विटामिन बी 6 शरीर में ग्लूकोज़ लेवल का नियंत्रण करता है। इससे एनीमिया के मरीजों को बहुत ज्यादा मदद मिलती है।

मूड को बनाता है बेहतर

एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि केला आपके मूड को बेहतर बनाता है। केले में ट्रिप्टोफैन नाम का एक केमिकल होता है। ट्रिप्टोफैन हमारे शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण केमिकल है क्योंकि यह सेरोटोनिन को रिसीव करने का कार्य करता है। सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमिटर होता है जो हमारे दिमाग को खुश रहने का सिगनल भेजता है।