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बड़ी खबर : आम आदमी पार्टी को झटका, चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने दिया इस्तीफा

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दिल्ली के चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने आज आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अलका लांबा ने ट्विटर पर लिखा, ‘AAP को गुड बाय कहने का समय आ गया है। पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।’

AIIMS Raipur : कैंसर जांच कक्ष में समुंदर का नजारा, ताकि मरीजों को मिले सूकुन

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कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहे मरीज के लिए अस्पताल एक ऐसी जगह होती है, जहां उसे नया जीवन मिलता है, लेकिन आमतौर पर अस्पताल का माहौल ऐसा होता है, जहां पहुंचने के बाद मरीज के दिल की घड़कनें और ज्यादा बढ़ जाती हैं। कारण होता है अस्पताल का भयावह वातावरण। दर्द और तकलीफ से जूझ रहे मरीजों को अगर अस्पताल में बेहतर माहौल मिले तो बीमारी से उबरने में यह काफी कारगर साबित हो सकता है।

रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग (कैंसर जांच केंद्र) में कुछ इसी तरह का अनोखा प्रयोग किया गया है, जहां आने पर मरीज को भयावह माहौल की जगह सुकून का अहसास होता है। यह जगह नीले समंदर के तरह नजर आती है, जिसकी अतल गहराइयों में रंग-बिरंगी मछलियां और समुद्री जीव गोते लगाते दिखते हैं। सीटी स्कैन और पैट स्कैन मशीन के लिए बनाए गए केंद्र के कक्ष को प्रबंधन ने पूरी तरह से मछलियों के एक्यूविरियम की तरह सजा दिया है, ताकि जांच के दौरान मरीज उक्त आकृतियों को देख एक खुशनुमा माहौल की ओर अग्रसर हों।

साइको थैरेपी का किया गया प्रयोग

एम्स के अस्पताल अधीक्षक और कैंसर विभाग के प्रमुख डॉ. करन पीपरे ने बताया कि कैंसर जांच केन्द्र में साइको थैरेपी का प्रयोग किया गया है। इसे हिंदी में मन: चिकित्सा कहा जाता है। इसमें कोई भी व्यक्ति समुद्र के नीले अंनत छोर वाले पानी और मछलियों को देख सुकून महसूस करता है। वह अपने सभी तरह के कष्ट को भूल पूरी तरह से सिथिल हो जाता है। इससे मरीज में एक सकारात्मक पहल आती है और उसके अंदर जीवन जीने के विचार में तीव्र शक्ति उत्पन्न् होती है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

लंबे समय के लिए भी कारगर

डॉ. त्रिपुरेश मिश्रा ने बताया कि सीटी स्कैन और पैट स्कैन मशीन में जांच कै दौरान लंबा समय लगता है। ऐसे में कैंसर वाले मरीजों को स्थिर रख पाना एक चुनौती होती है। इन्हीं कारणों से जांच केन्द्र को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि मरीज को वहां मछलियों एक्यूरियम और नीजे समुंद्र की डिजाइन वाले पोस्टर लगा कर तैयार किया गया है ताकि वो उन्हें देख सूकुन महसूस करें। इससे जांच में भी सहयोग हो जाता है।

डॉक्टरों ने स्वयं किया है डिजाइन

कक्ष को पूरी तरह से न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. करन पीपरे के निदेश में डॉक्टरों ने स्वंय डिजाइन किया है। साथ ही मशीन को लगाने और मरीज को मशीन पर लेटाने की स्थिति को भी तय किया गया है। ताकि मरीज जब भी दांए और बांए ओर देख तो उसे तैरती हुई मछलियां दिखाई ले और वहीं सीर के ऊपर देखे तो उसे समुद्र का नीला-नीला पानी दिखाई दे।

ये हो रहा है लाभ

– कैंसर से पीड़ित मरीजों में जीवन जीने की इच्छा-शक्ति में हुआ विकास

– कैंसर के प्रति लड़ने की क्षमता में हुई वृद्धि

– नियमित दवाई का सेवन और डॉक्टर से परामर्श के लिए हुए जागरूक

छत्तीसगढ़ : मंत्री सिंहदेव ने आयुष्मान योजना के सर्वे पर उठाए सवाल

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 केंद्र सरकार आयुष्मान योजना के हितग्राहियों का सर्वे करा रही है। इस पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सवाल उठाया है। उनका कहना है कि 2011-12 के सर्वे के आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा था और इसी योजना को आयुष्मान योजना में बदल दिया गया है। अब किस बात का सर्वे केंद्र सरकार करा रही है।

सिंहदेव ने नए सर्वे के आधार पर हितग्राहियों का नाम काटे जाने की बात का विरोध करते हुए कहा है कि आयुष्मान योजना भी भाजपा का चुनावी फंडा था। इसी कारण तो केंद्र में सरकार बनाने के बाद हितग्राहियों के नाम पर कैंची चलाने की तैयारी की जा रही है।

केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ समेत सभी राज्यों को आयुष्मान योजना के हितग्राहियों की सूची भेजी है। राष्ट्रीय शहरी आजीविक मिशन के स्टेट मैनेजरों को निर्देश दिया गया है कि वे एनयूएलएम के समूह संगठकों के माध्यम से वार्डवार सर्वे कराएं।

हितग्राहियों से यह पूछा जाए कि उनके परिवार की महिलाएं महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं या नहीं ? अगर, स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं तो समूह का नाम और पंजीयन नंबर लेना है। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यदि, आयुष्मान योजना के हितग्राही के परिवार की महिला किसी स्व-सहायता समूह से नहीं जुड़ी है तो उनका मुफ्त इलाज बंद किया जा सकता है।

इस पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव का कहना है कि आयुष्मान योजना में केंद्र से ज्यादा राज्य सरकार की राशि लग रही है। केंद्र से 170 से 180 करोड़ छत्तीसगढ़ को मिल रहा है, जबकि राज्य सरकार को 800 से 900 करोड़ स्र्पये तक खर्च करना पड़ रहा है। इसके बाद भी हितग्राहियों का नाम काटने की बात हो रही है, तो यह गरीब परिवारों के साथ अन्याय होगा।

राज्य सरकार देगी मुफ्त इलाज

स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव का कहना है कि केंद्र सरकार आयुष्मान योजना के जिन हितग्राहियों का नाम काट देती है, उन्हें चिंता करने की जस्र्रत नहीं है। राज्य सरकार ने न केवल गरीब, बल्कि हर परिवार को मुफ्त इलाज देने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

यूनिवर्सल हेल्थ केयर के तहत चरणबद्ध तरीके से काम हो रहा है। अब प्रदेश के सभी हाट बाजार में हर हफ्ते निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और मुफ्त दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था बना दी गई है। आवश्यक दवाओं की और खरीदी जल्द हो जाएगी। इसके बाद निशुल्क मेडिकल जांच की व्यवस्था होगी।

छत्तीसगढ़ : पूर्व CM अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ी, मेदांता अस्पताल में भर्ती

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छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। उन्हें दिल्ली के गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जोगी को सांस लेने में तकलीफ होने की बात बताई जा रही है।

जोगी पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में हैं, जिस वक्त उनकी तबीयत ख़राब हुई, वे छत्तीसगढ़ भवन में थे। अजीत जोगी दिल्ली प्रवास के दौरान ही छत्तीसगढ़ भवन में रुके हुए हैं। उनके साथ में रेणु जोगी भी हैं।

अजीत जोगी की तबियत बिगड़ने की खबर ऐसे वक्त में आई है, जब गुरुवार की रात उनके खिलाफ गौरेला थाना में एफआईआर हुई है। भाजपा नेत्री समीरा पैकरा ने जोगी के खिलाफ जाति प्रमाण-पत्र मामले में एफआईआर दर्ज कराई है।

छत्तीसगढ़ : सरकार नहीं, खुद के दम पर कुपोषण से लड़ रही है ये संस्था

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अवाम-ए-हिंद वेलफेयर कमेटी एक ऐसी संस्था है, जो लगातार सुपोषण के क्षेत्र में काम कर रही है। जरूरतमंदों तक दो निवाला पहुंचाने का काम कर रही है। इसके पदाधिकारी सुपोषण के लिए किसी सरकारी योजनओं या किसी अभियान की तारीख का इंतजार नहीं करते।

न दिन देखते हैं, न रात। जब भी समय मिलता है और पोषित आहार का बंदोबस्त होता है, निकल पड़ते हैं जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए। जी हां, अवाम-ए-हिंद वेलफेयर कमेटी पिछले कई सालों से जरूरतमंद बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं को 365 दिन खाना खिलाने का काम कर रही है।

इसके लिए न सरकार से फंड लेती है और न ही किसी से चंदा। संगठन में जितने लोग हैं, आपस में चंदा करके हर दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए खाना बनाकर उनके पास पहुंचाते हैं। साथ ही गर्मी के मौसम में सड़कों और रेलवे स्टेशन में स्टॉल लगाकर पानी, छाछ, शरबत आदि बांटकर लोगों की प्यास बुझाने का काम करती है।

इतना ही नहीं, यह इस संस्था के द्वारा कुछ बुजुर्गों के यहां टिफिन भी पहुंचाया जाता है। आपको बता दें कि जिन बुजुर्गों का इस दुनिया में कोई नहीं है, जो लावारिश रेलवे स्टेशन और रोड से उठाए गए थे, उन्हें संस्था द्वारा छत मुहैया करवाया गया। साथ ही हर दिन उन्हें गरम भोजन का टिफिन पहुंचाया जा रहा है, जिससे बेसहारों को सहारा मिल गया और बुजुर्ग आराम से जीवन बसर कर रहे हैं।

अलग-अलग जगहों में वितरित किया जाता है भोजन

संस्था द्वारा हर दिन अलग-अलग जगहों में भोजन वितरित किया जाता है। संस्था के लोग रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सरकारी अस्पतालों व सड़क के किनारे हर दिन जाकर गरम खाना परोसने का काम करते हैं। संस्था के सदस्यों का मानना है कि जिस प्रकार एक अमीर बिना खाना खाए नहीं सोता उसी प्रकार कोई गरीब बच्चा या बुजुर्ग बिना खाना खाए रात को नहीं सोए।

नेक काम के लिए शहर के लोग लगातार जुड़ रहे हैं

अवाम-ए-हिंद वेलफेयर कमेटी मात्र 11 लोगों से शुरू हुआ था। आज लगभग 500 से अधिक लोग इस संस्था से जुड़ चुके हैं। आपको बता दूं कि यह एक ऐसी संस्था है, जो हिंदुस्तान के अवाम के लिए है। जिसमें संस्था में समाज के हर कौम के लोग जुड़े हैं और लगातार जुड़ रहे हैं। संस्था के लोग हर दिन जरूरतमंदों के लिए एक मसीहा बनकर आते हैं। और लोगों के पेट की भूख मिटाने का काम करते हैं।

दाऊद कितना ताकतवर है, जानिए

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दाउद इब्राहिम भारत का एक कुख्यात तस्कर है जो की मूलरूप से भारत का है। 2003 में दाउद इब्राहिम को पकडने के लिये इण्टरपोल द्वारा 2.5 करोड अमेरिकी डालर का इनाम घोषित किया गया था।
तो चलिए जानते है दाऊद इब्राहिम के बारे में कुछ रोचक बातें.
जीवन परिचय
पूरा नाम – दाऊद इब्राहिम कासकर
उपनाम – दाऊद भाई, शेख फ़ारूक़ी, बड़ा भाई, इक़बाल भाई, मुच्चड़, हाजी साहब
शारीरिक संरचना
लम्बाई – से० मी०- 168
मी०- 1.68
फीट इन्च- 5′ 6″
वजन/भार (लगभग) – 75 कि० ग्रा०
आँखों का रंग – काला
बालों का रंग – काला
व्यवसाय – गैंगस्टर, आतंकवादी
व्यक्तिगत जीवन
जन्मतिथि – 26 दिसंबर 1955 
आयु (2017 के अनुसार) – 62 वर्ष 
जन्मस्थान – खेद रत्नागिरी, महाराष्ट्र, भारत 
राशि – मकर 
राष्ट्रीयता – भारतीय (पाकिस्तानी पासपोर्ट) 
गृहनगर – खेद रत्नागिरी, महाराष्ट्र, भारत 
स्कूल/विद्यालय – अहमद सैलर हाई स्कूल, डोंगरी, मुंबई, भारत 
महाविद्यालय/विश्वविद्यालय – ज्ञात नहीं 
शैक्षिक योग्यता – स्कूल बीच में ही छोड़ दिया 
धर्म – इस्लाम 
जाति – कोंकणी मुस्लिम 
जातीयता – मराठी (भारतीय) 
उनके कुछ विवाद 
दाऊद इब्राहिम के बारे में ऐसा भी माना जाता है कि वह भारत के ज्यादातर हवाला सिस्टम को नियंत्रित किया करते है. आपको बतादें की साल 1993 में बॉम्बे (अब मुंबई) में हुए बम विस्फोटों का मास्टरमाइंड दाऊद को माना जाता है इस विस्फोट में 257 लोगों की मृत्यु हुई और 700 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.
बतादें की साल 2003 में, उन्हें भारत और संयुक्त राज्य सरकार द्वारा ‘वैश्विक आतंकवादी’ घोषित किया गया था.
दाऊद इब्राहिम के बारे में ऐसा भी माना जाता है कि दाऊद का सिंडिकेट पश्चिमी यूरोप और ब्रिटेन में मा*दक पदार्थों के बड़े पैमाने पर संचालन कर रहा है.
सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वियों – अरुण गवली, छोटा राजन
धन/संपत्ति संबंधित विवरण
वेतन (वर्ष 2015 के अनुसार) – 40,200 करोड़
दाऊद इब्राहिम से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियाँ और बातें
क्या दाऊद इब्राहिम धूम्रपान करते हैं ? हाँ
क्या दाऊद इब्राहिम शराब पीते हैं ? हाँ
आपको बतादें की दाऊद इब्राहिम ने डोंगरी के अहमद सैलर हाई स्कूल में दाखिला लिया और फिर स्कूल बीच में ही छोड़ दिया.
शायद आपको पता ना हो तो बतादें की वह मुंबई के डोंगरी इलाके में पले-बढ़े हुए और वहीं उसकी मुलाकात हाजी मस्तान के दल से हुई थी.
आपको बतादें की उसने करीम लाला गिरोह के लिए भी कार्य किया था.
उनका जन्म भारत के कोंकणी मुस्लिम परिवार में रत्नागिरी जिले में हुआ था.
बतादें की उनके पिता मुंबई पुलिस में एक प्रधान सिपाही (हैड कांस्टेबल) थे.
उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत डोंगरी के टेम्कर मोहल्ला क्षेत्र से की थी.
शायद आपको पता न हो तो बतादें की दाऊद और हाजी मस्तान के बीच एक झगड़ा हुआ और हाजी मस्तान ने दाऊद के दो लोगों पर हमला कर दिया, इसके बाद दाऊद ने अपने भाई शब्बीर इब्राहिम कासकर के साथ डी-कंपनी का गठन किया और डी-कंपनी दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे बड़े संगठित अपराधों में से एक बन गई.

लाफिंग बुद्धा के पीछे की कहानी क्या है ?

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यह एक बौद्ध भिक्षु के शक्ल में बड़े पेट वाले दिखते हैं। मुख्य रूप से स्वर्ण रंग में इनको देखा जाता है परन्तु इसके अलावा भी अन्य रंगों में इनको देखा जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह लाफिंग बुद्धा सौभाग्य या गुड लक का प्रतीक होते हैं। चलिए समझते हैं लाफिंग बुद्धा के बारे में।
गौतम बुद्ध को तो सब जानते ही हैं कैसे इन्होंने समाज में नए धर्म का उद्दभव किया और लोगों को इसका ज्ञान दिया। गौतम बुद्ध सदैव भ्रमण पर रहते थे और अपने शिष्यों यानी बौद्ध भिक्षुओं की सहायता से धर्म प्रचार इत्यादि करते थे। महात्मा बुद्ध के कई शिष्य थे। उनमें से एक थे जापान के होतेई। ऐसा माना जाता है कि जब होतेई ने ज्ञान की प्राप्ति की तब वह जोर-जोर से हंसने लगे। तभी से उन्होंने अपने जीवन का एकमात्र उद्देश्य बनाया लोगों को हंसाना और खुश देखना। होतेई जहाँ भी जाते वहां लोगों को हंसाते. इसी वजह से जापान और चीन में लोग उन्हें हंसता हुआ बुद्धा बुलाने लगे, जिसका अंग्रेजी में अर्थ है लाफिंग बुद्धा। बाकि बौद्ध गुरुओं की ही तरह लाफिंग बुद्धा के भी अनुयायियों ने उनके एकमात्र उद्देश्य को देश-दुनिया में फैलाया।
चीन में उनके अनुयायियों ने इस कदर प्रचार किया कि वहां के लोग लाफिंग बुद्धा को भगवान मानने लगे।

वहां लोग इनकी मूर्ति को गुड लक के तौर पर घरों में रखने लगे। धीरे धीरे इनका प्रचार विश्व के अन्य क्षेत्रों में भी हुआ और लोग इन्हे गुड लक के प्रतीक के रूप में देखने लगे। प्रत्येक फोटो या मूर्ति में ये हंसते हुए ही नजर आते हैं और प्रेरणा देते हैं कि चाहे कितनी समस्याएं आ जाएं हंसते ही रहना चाहिए यही जीवन के आनंद का सरत्व हैं। चीन में इन्हे पुताई भी कहते हैं।

चने के साथ बियर पीने के 3 ऐसे जबरदस्त फायदे, जिसे शायद 90% लोग नहीं जानते

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बियर संसार का सबसे पुराना और सर्वाधिक व्यापक रूप से खुलकर सेवन किया जाने वाला मादक पेय है। सभी पेयों के बाद यह चाय और जल के बाद तीसरा सर्वाधिक लोकप्रिय पेय है। क्योंकि बियर अधिकतर जौ के किण्वन (फ़र्मेन्टेशन​) से बनती है, इसलिए इसे भारतीय उपमहाद्वीप में जौ की शराब या आब-जौ के नाम से बुलाया जाता है।
बीयर पीने के 3 फायदे
1- अगर आप 2 या 3 महीने में सिर्फ एक बार बीयर पीते हैं। तो उससे आपके पेट की गैस दूर होती है। बीयर पीते ही आपको पेशाब आएगा, और साथ में अंदर की गैस गायब हो जाएगी।
2- बीयर पीते पीते अगर आप साथ में चने का सेवन करते हैं। तो उससे आपके शरीर में कैलरीज की मात्रा बढ़ती है। जिससे शरीर में कमजोरी नहीं आती है।
3- अगर बीयर पीते पीते चने का सेवन करेंगे। तो आपके दिमाग में दिनभर की टेंशन होती है। वह दूर हो जाएगी। क्योंकि यह चीज हमारे दिमाग को ठंडा रखती है।
बीयर पीना सेहत के लिए हानिकारक है।परंतु अगर आप 1 महीने में सिर्फ एक बार इसका सेवन करते हैं तो इससे आपको कोई प्रॉब्लम नहीं होगी। इसके अलावा अगर आपको किसी भी तरह की प्रॉब्लम हो, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें बताएं।

मछली नहीं खाते हैं तो खा लीजिए यह चीज, मिलते हैं मछली से 2 गुना ज्यादा फायदे

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मछली शल्कों वाला एक जलचर है जो कि कम से कम एक जोडा़ पंखों से युक्त होती है। मछलियाँ मीठे पानी के स्त्रोतों और समुद्र में बहुतायत में पाई जाती हैं। समुद्र तट के आसपास के इलाकों में मछलियाँ खाने और पोषण का एक प्रमुख स्रोत हैं।
मछली का सेवन बहुत सारे लोग करते हैं मछली खाने में तो स्वादिष्ट होता है यह साथ में सेहत के लिए भी बहुत ही ज्यादा फायदेमंद माना जाता है मछली के सेवन से शरीर में विटामिन की कमी पूरा होता है। मछली आंखों के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है इसके अलावा मछली खाने से और अनेक प्रकार के फायदे मिलते हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो मछली नहीं खाते हैं आज हम आप लोगों को मछली नहीं खाने वालों के लिए एक ऐसी चीज लेकर आए हैं जो मछली की तुलना में ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। दोस्तों आप लोगों को तो मेथी के दाने के बारे में मालूम जरूर होगा। मेथी के दाने में मुख्य रूप से आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। मेथी के दाने को अंकुरित करके खाया जा सकता है इसके अलावा मेथी के दाने को किशमिश के साथ सब्जी बना कर भी खाया जा सकता है।
मेथी में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता हैं। पाचन तंत्र को मजबूत करने में भी मेथी काफी ज्यादा सहायक होता है। अगर आपको भी डायबिटीज जैसी समस्या है तो आप मेथी का सेवन कर सकते हैं। यह पेट और आंतों के अल्सर में आराम दिलाने में भी सहायक होता है।

इस जूस को पीने के बाद शरीर में खून की मात्रा 2 गुना बढ़ जाती है

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चुकंदर एक मूसला जड़ वाला वनस्पति है। यह बीटा वल्गैरिस नामक जाति के पौधे होते हैं जिन्हें मनुष्यों ने शताब्दियों से कृषि में पाला है और कई नस्लों में विकसित करा है। इसकी मूसला जड़ अक्सर हलकी-मीठी होती है और उसका रंग लाल, जामुनी, पीला या श्वेत होता है।
खून की मात्रा बढ़ाने वाला जूस
चुकंदर तो आप सभी ने खाए ही होंगें। लेकिन क्या आप सभी ने कभी भी चुकंदर के जूस का सेवन किया है। हम आपको बता दें यह कैसा जूस है जिसको पीने के बाद हमारे शरीर की खून की मात्रा बढ़ती है।
डॉक्टरों के अनुसार यह जूस सबसे सुरक्षित है। हम आपको बता दें आपको रोजाना सुबह और शाम एक गिलास इसका जूस पीना चाहिए।
चुकंदर जूस के फायदे 
शरीर में खून की मात्रा को दोगुना बढ़ाता है। हमारे शरीर में खराब खून को साफ करता है।
शरीर मे कमजोरी तथा आलस पन दूर करता है।