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वाणिज्य मंत्रालय आज प्रधानमंत्री मोदी को आरसीईपी पर प्रगति की देगा जानकारी

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वाणिज्य मंत्रालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज शुक्रवार को प्रस्तावित वृहत मुक्त व्यापार समझौता आरसीईपी में हुई प्रगति पर विस्तृत जानकारी देगा। बता दें कि क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी आरसीईपी) मुक्त व्यापार करार है, इसके लिए 16 देशों में बातचीत चल रही है। इनमें भारत, चीन, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जापान, दक्षिण कोरिया और दस आसियान देश शामिल हैं। ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनिशया, लाओस, मलेशिया, म्यामां, फिलिपीन, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम दस आसियान के देश हैं।

आज होने वाली यह बैठक इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि सदस्य देश वार्ता को इस साल नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। आरसीईपी समूह के वाणिज्य मंत्रियों की 8-9 सितंबर के बैंकॉक में बैठक हो रही जिसमें स्थिति की समीक्षा की जाएगी। अभी तक सदस्य देशों में 27 दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन उनमें अभी इस बात पर सहमति नहीं बन पाई है कि कितने उत्पादों पर आयात शुल्क समाप्त किया जाए या उनमें उल्लेखनीय कटौती की जाए।

Chandrayaan-2 का वो आखिरी 15 मिनट जब वैज्ञानिकों की सांसे जाएंगी थम और देश में शुरू हो जाएगा दुआओं का दौर

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अंतरिक्ष में आज भारत इतिहास रचने वाला है। करीब डेढ़ महीने पहले चांद को छूने चला चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) आज उसकी सतह पर उतेरगा। आज रात 1.30 से 2.30 बजे के बीच लैंडर ‘विक्रम’ का चांद पर कदम रखते ही भारत एक नया इतिहास रच देगा। ये ऐसा पल होगा जब दुनिया भर की निगाहें उस पर टिकी होंगी। चांद पर उतरने से पहले का 15 मिनट सांसे थमा देने वाला होगा।

दरअसल, ये आखिरी 15 मिनट चंद्रयान-2 के लिए सबसे बड़ा इम्तिहान होगा। लैंडर ‘विक्रम’ की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद ही इस मिशन को कामयाब माना जाएगा। आइए जानते हैं कि आखिर 15 मिनट में ऐसा क्यो होगा जो इसरो के वैज्ञानिकों के माथे पर बल ला देगा। क्यों उस 15 मिनट के दरम्यान डरे होंगे वैज्ञानिक।

  • आज रात डेढ़ बजे के बाद लैंडर ‘विक्रम’ की स्पीड करीब 6 किलोमीट प्रति सकेंड कर दी जाएगी। दूसरे शब्दों में कहे तो ये रफ्तार 21600 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी।
  • लैंडिंग के आखिरी 15 मिनट के दौरान लैंडर ‘विक्रम’ की स्पीड को बेहद कम करना होगा। इसकी मौजूदा स्पीड 6 किलोमीट प्रति सकेंड को घटा कर 2 मीटर प्रति सकेंड पर लाना होगा। यानी 7 किलोमीटर प्रतिघंटा।

    अचानक इतनी रफ्तार को कम करना वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
  • स्पेस में लैंडर ‘विक्रम’ की स्पीड को कम करने के लिए थ्रस्टर (thruster) का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे स्पेसक्राफ्ट की स्पीड बढ़ाई जाती है। लेकिन उल्टी दिशा में इसके इस्तेमाल से स्पेसक्राफ्ट की स्पीड कम होती है। स्पेसक्राफ्ट अपनी आगे बढने की दिशा में ही थ्रस्टर का इस्तेमाल करेगा जिससे इसकी स्पीड कम हो जाएगी।
  • लैंडर ‘विक्रम’ को ये भी ध्यान रखना होगा कि वो कहां लैंड कर रहा है।

    यानी वो जगह समतल है या नहीं।
  • लैंडर के चांद पर उतरने के करीब 3 घंटे बाद इसके भीतर से रोवर ‘प्रज्ञान’ बाहर निकलेगा।
  • इसरो के प्रमुख के. सिवन ने कहा है कि ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ दिलों की धड़कन थाम देने वाली साबित होने जा रही है क्योंकि इसरो ने ऐसा पहले कभी नहीं किया है।
  • इसरो इसलिए भी डर रहा है, क्योंकि इस साल अप्रैल में ही इजरायल का एक मिशन फेल हो गया था। वैज्ञानिक लैंडर का स्पीड कम करने में कामयाब नहीं हो सकते थे। लिहाजा चंद्रमा पर क्रैश लैंडिग हो गई थी।

कपिल सिब्बल ने पूछा, सीबीआई, ईडी, कोर्ट कौन करेगा हमारी मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पी चिदंबरम को अदालत से मिले दो झटकों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। उन्होंने इसे लेकर ट्वीट करते हुए पूछा है कि हमारी मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा कौन करेगा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘हमारी मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा कौन करेगा? सरकार? सीबीआई? ईडी? आयकर विभाग अधिकारी? अदालतें? जिस दिन अदालतें उसे सच मानने लगेंगी जो ईडी और सीबीआई कह रहे हैं तो उस दिन भगवती से वेंकटाचलिया युग में निर्मित स्वतंत्रता के स्तंभ ढह जाएंगे। वह दिन ज्यादा दूर नहीं हैं।’

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को एक अदालत ने आईएनएक्स मीडिया मामले में गुरुवार को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। पिछले महीने सीबीआई ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की थी।

कन्हैया कुमार और उमर खालिद पर नहीं चलेगा देशद्रोह का मुकदमा, दिल्ली सरकार का अनुमति देने से इंकार!

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केजरीवाल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए यह तय किया है कि वह जेएनयू देशविरोधी नारेबाजी मामले में देशद्रोह का केस चलाने की अनुमति दिल्ली पुलिस को नहीं देगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस मामले में अपनी राय दी है। उनका ये कहना है कि पुलिस ने जो सबूत पेश किए हैं उससे कन्हैया कुमार, उमर खालिद समेत अन्य आरोपी छात्रों पर देशद्रोह का मुकदमा नहीं बनता है।

साल 2016 के इस मामले में जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार और नौ लोगों पर देशद्रोह का मुकदमा दायर किया गया है। बता दें कि किसी पर भी देशद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी पड़ती है।

अमर उजाला पर छपी खबर के अनुसार, सिर्फ पुलिस की चार्जशीट पर अदालत संज्ञान नहीं ले सकती। ऐसे में सरकार की मंजूरी न होने पर देशद्रोह की धारा रद्द हो जाती है।अब मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सामने आ रही है कि दिल्ली सरकार कन्हैया कुमार व अन्य पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देगी।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली सरकार के इस विचार से अदालत, दिल्ली पुलिस और उपराज्यपाल सभी को अवगत कराया जाएगा।

अगर आप सच में पानी का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं तो मौसम के हिसाब से ऐसे करे सही बर्तन चयन

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कहा जाता है कि जल ही जीवन है। अर्थात् जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। महज पानी की मदद से व्यक्ति कई तरह की गंभीर बीमारियों से निजात पा सकता है। अमूमन देखने में आता है कि लोग पानी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अलग−अलग तरह के बर्तनों का प्रयोग करते हैं। कभी तांबे के बर्तन तो कभी मिट्टी के घड़े का पानी पीने की सलाह दी जाती है। ऐसे में आपको समझ में नहीं आता होगा कि वास्तव में किस बर्तन का पानी आपके लिए लाभदायक है। अगर आप सच में पानी का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं तो हमेशा मौसम में हिसाब से ही बर्तन का चयन करना चाहिए। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में−

मिट्टी का मटका

मिट्टी का मटका गर्मियों में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। दरअसल, इस मौसम में सामान्य तापमान का पानी भी काफी गर्म लगता है और इसे पीना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में लोग फ्रिज में पानी रखकर पीते हैं, लेकिन फ्रिज के पानी से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं। वहीं दूसरी ओर, मिट्टी के मटके में रखा पानी नेचुरल तरीके से पानी को ठंडा करता है। साथ ही इस पानी से आपको मिट्टी के तत्व भी प्राप्त होते हैं।

तांबे का बर्तन

तांबे के बर्तन में यूं तो हमेशा ही पानी पिया जा सकता है, लेकिन बारिश के मौसम में तांबे के बर्तन से पानी पीना अधिक लाभकारी माना गया है। दरअसल, इस मौसम में कई तरह के बैक्टीरिया पनपने लग जाते हैं। लेकिन तांबे के बर्तन में पानी रखने से सभी अशुद्धियां व बैक्टीरिया खत्म होते हैं। साथ ही इस पानी के कारण आपके शरीर की कॉपर की कमी भी दूर होती है। इसके अतिरिक्त इस पानी के सेवन से पेट संबंधी परेशानियां दूर होती है। अगर आप शरीर की आंतरिक रूप से सफाई करना चाहते हैं तो तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

सोने का बर्तन

आमतौर पर घरों में ऐसा सोने का बर्तन नहीं पाया जाता, जिसमें पानी को रखा जा सके। लेकिन अगर आप सर्दी के मौसम में सोने के बर्तन का पानी पीते हैं तो इससे आपका शरीर गर्म रहता है और आप तनाव व अनिद्रा आदि समस्याओं से निजात पा जाते हैं। अगर आपके घर में सोने का बर्तन नहीं है तो आप किसी मिट्टी के बर्तन में सोने की कोई चीज डाल दें। इससे भी पानी में सोने के गुण आ जाएंगे।

पूजा स्थल को पवत्रि करने के साथ साथ आपकी सेहत को भी सुधार देगा कपूर , जाने कैसे

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कपूर सेहत के लिए लाभकारी होती हैं, यह वैसे तो पूजा-पाठ में यूज ली जाती है। इसका उपयोग आयुर्वेद में भी किया जाता है। कपूर के वैसे तो कई लाभ होते हैं। चलिए आपको बताते हैं कपूर के सेहत लाभ के बारे में..

-जैसे कपूर पूजा स्थल को पवत्रि और शुद्ध करता वैसे ही यह शरीर में ऊर्जा भरकर शरीर को ताजगी प्रदान कराता है।

-कपूर का एक गुण ये भी है कि यह स्किन की पूर्ण देखभाल करता है और पिंपल, कील, मुंहासे, दाग और फोड़े जैसी परेशानी को आसपास भी नही फटकने देता है। इसके लिए आपको प्रतिदिन इसका तेल अपने चेहरे पर लगाना होता है।

-कपूर का तेल बालों के लिए भी बेहद गुणकारी माना जाता है। कपूर के तेल को किसी अन्य सुगन्धित तेल के साथ मिलाकर बालों में लगाना चाहिए। इस तरह यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है और बाल झड़ने की परेशानी को दूर करता है।

-फटी एड़ियां को कर्पूर ठीक करता हैं। इससे निजात के लिए थोडा गर्म पानी कर लीजिए और उसमें कपूर की कुछ गोलियों को डालिए। कुछ देर तक अपने पैरों को इस पानी में रखें और फिर साफ़ कर लीजिए। इस उपाय को आप 15 से 20 दिनों तक अपनाना चाहिए।

-खेलते-कूदते वक्त शरीर पर घाव लगना या थोडा बहुत हाथ जल जाना बेहद ही सामान्य बात होती है। इसके लिए हम अक्सर किसी एंटीबायोटिक क्रीम या दवाई का यूज करते है लेकिन इसकी जगह आप कपूर का यूज कीजिए तो जल्दी आराम मिलेगा।

बवासीर के लिए असरदार है ये 5 घरेलू उपचार

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बवासीर बहुत ही दर्दनाक बीमारी है और यह किसी को भी हो सकती है। वैसे तो हर उम्र के लोग इस रोग से ग्रस्त हैं, लेकिन यह ज्यादातर 30 से 50 साल वाले आयु वर्ग में पाया जाता है।यदि आप भी इससे परेशान हैं, तो बवासीर के लिए 5 सबसे असरदार घरेलू उपचार बता रहे है,

कब्ज होने पर आपको मल करते समय जोर लगाना पड़ता है। लंबे समय तक कब्ज होने पर वहां बवासीर बन सकते हैं इसके इलाज में ज्यादा देर न करें और सबसे पहले घरेलू उपचार करें। बवासीर का पहला उपचार है। कब्ज से बचे इसके लिए फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी सब्जियां, साबुत अनाज और फलों का ज्यादा मात्रा में सेवन करना चाहिए।

छाछ

आयुर्वेद के अनुसार बवासीर से पीड़ित लोग यदि रोज छाछ पीते हैं, तो इससे बवासीर में बहुत राहत मिलती है। इसके लिए आपको 100 मिलीलीटर छाछ में थोड़ा सा काला नमक और 1/4 चम्मच भुना हुआ अजवाइन पाउडर मिलाकर अच्छी तरह से मिक्स करना है। इस घरेलू पेय को भोजन के तुरंत बाद लेना चाहिए। यह तरीका कम से कम समय में बहुत अच्छे परिणाम देता है।

इसबगोल की भूसी

यह आपके शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ाकर मल को मुलायम बनाने और आसानी से निकालने में मदद करती है। नियमित मल-त्याग में सहायक यह तरीका बवासीर के दर्द को भी कम करता है। ध्यान रहे कि आप इसको सही मात्रा में ही लें। फाइबर की बहुत अधिक मात्रा गैस्ट्राइटिस (पेट में सूजन) और ऐंठन पैदा कर सकती है।

ज्यादा पानी पीना

हमारे शरीर के पाचन तंत्र को ठीक रखने में पानी का बहुत महत्व है। बवासीर से पीड़ित लोगों के लिए तो पानी अत्यंत ही आवश्यक है। प्रतिदिन कम से 9-10 गिलास पानी पिएँ। इससे मल त्याग में आसानी रहेगी।

सेंधा नमक

सेंधा नमक बवासीर का एक कम प्रचलित परन्तु उपयोगी उपाय है। इसके लिए आप 2 चम्मच ग्लिसरीन और सेंधा नमक का मिश्रण बना कर रख लीजिये। अब इस मिश्रण को हर 5-6 घंटे के अंतराल पर प्रभावित क्षेत्र में लगाइये। यह उपाय हेमोर्रोइड्स के दर्द में बहुत राहत देगा।

बाथ (पानी में बैठना)

यह बवासीर के इलाज का सबसे प्रभावशाली उपाय है। हमारा मत है कि आप हेमोर्रोइड्स के अत्यधिक दर्द से राहत पाने के लिए गर्म पानी में सिट्ज़ बाथ लें। 15 मिनट के लिए ऐसा करें और हर मल-त्याग के बाद इसे दोहरायें। आप इसे जितनी बार संभव हो सके, दोहरा सकते हैं।

शादी के 46 साल बाद भी इस बात पर होता है जया-अमिताभ का झगड़ा

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बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन इन दिनों अपने रियलिटी शो कौन बनेगा करोड़पति को लेकर चर्चा में है। अमिताभ के इस रियलिटी शो को लोग काफी पसंद करते हैं। आए दिन शो पर वह अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी कोई न कोई बात शेयर कर ही देते हैं जिसकी वजह से वह लाइमलाइट में आ जाते हैं।

हाल में ही अमिताभ ने इस बात का खुलासा किया कि शादी के 46 साल भी वह पत्नी जया बच्चन से किस बात पर डांट खाते हैं। दरअसल, शो में एक पति-पत्नी की जोड़ी सामने आने पर बिग बी ने पति आसिम से पूछा कि उनकी शादी को कितने साल हो गए. इस पर आसिम ने कहा पांच-साढ़े पांच साल। जवाब सुनने पर अमिताभ ने कहा कि उन्हें अपनी वेडिंग एनिवर्सरी की डेट याद रखनी चाहिए। साथ में ही उन्होंने अपनी लाइफ का किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने कहा कि अगर वह अपनी वेडिंग डेट भूल जाते हैं तो जया काफी गुस्से होती हैं और उनकी खूब खिंचाई करती हैं।

बता दें कि इससे पहले भी शो में अमिताभ अपनी जिंदगी के बारे में कई बातें शेयर कर चुके हैं। उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी के बंटवारे को लेकर भी बात की थी। उन्होंने बताया था कि उनकी पूरी संपत्ती पर सिर्फ बेटे अभिषेक बच्चन का अधिकार नहीं होगा बल्कि उनके बाद उनकी जायदाद को दो बराबर हिस्सों में बांटकर बेटी श्वेता को भी आधा हिस्सा दिया जाएगा।

अमिताभ बच्चन ने साल 1973 में जया बच्चन से शादी की थी। दोनों की पहली मुलाकात ‘गुड्डी’ के सेट पर हुई और अच्छे दोस्त भी बन गए। फिल्म ‘जंजीर’ में दोनों ने एक साथ काम किया। जब फिल्म जंजीर हिट हुई तो इन्होंने फ्रेंड्स के साथ लंदन घूमने की प्लानिंग बनाई लेकिन अमिताभ के पिता हरिवंश राय बच्चन ने कहा कि अमिताभ बिना शादी किए किसी भी लड़की के साथ बाहर घूमने नहीं जाएंगे। फिर क्या था अमिताभ ने जया के सामने शादी का प्रपोजल रख डाला और जया ने भी हां कहने में देरी नहीं की। शादी वाले दिन ही अमिताभ-जया लंदन घूमने निकल पड़े।

सावधान! धीरे-धीरे शरीर में कैंसर बना देती हैं ये 15 चीजें, लड़कियां ज्यादा खाती हैं तीसरी चीज

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एक नई रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देशों में कैंसर से सबसे अधिक लोग कैंसर की वजह से मरते हैं। पहले ह्रदय रोग इसका सबसे बड़ा कारण था यानी अब कैंसर पहले स्थान पर आ गया है। कैंसर के मामले में भारत तीसरे स्थान पर है, दूसरे पर अमेरिका और पहले पर चीन है। देश में कैंसर के हर साल एक लाख से ज्यादा मामले सामने आते हैं।

अलग-अलग कैंसर के लक्षण भी अलग-अलग हैं। इस बीमारी को लेकर दुर्भाग्य यह है कि इसके लक्षण बहुत देरी से सामने आते हैं और तब बहुत देर हो चुकी होती है। यही वजह है कि एक्सपर्ट जीवनशैली और खानपान को बेहतर बनाने की सलाह देते हैं ताकि इससे बचा जा सके। कुछ चीजों के अधिक मात्रा में सेवन से शरीर में धीरे-धीरे कैंसर बनने लगता है। हम आपको उन चीजों के बारे में बता रहे हैं।

कुछ खाद्य पदार्थों के बहुत अधिक सेवन से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि इन्हें खाने से कैंसर हो ही जाएगा। कई अध्ययन इस बात की पुष्टि करते हैं कि खाने-पीने की कुछ चीजें कैंसर होने की संभावना बढ़ सकती है।

1) शुगर और रिफाइंड कार्ब्स 
प्रोसेस्ड फूड्स में शुगर की मात्रा अधिक होती है और इनमें फाइबर और पोषक तत्व कम होते हैं। इनके अधिक सेवन से कैंसर का अधिक जोखिम होता है। इस तरह की चीजें ब्लड शुगर बढ़ाती हैं जिससे कई तरह के कैंसर का खतरा होता है जिसमें मुख्यतः पेट, ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर आदि शामिल हैं।

2) प्रोसेस्ड मीट 
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर के अनुसार, मीट के अधिक सेवन से कैंसर होने का जोखिम होता है। इस तरह के मांस में स्वाद बनाने के लिए नमक और स्मोक कस इस्तेमाल किया जाता है, जिनसे कैंसर का जोखिम है। रिसर्च के अनुसार इससे पेट के कैंसर का खतरा होता है।

3) ज्यादा पकी चीजें 
अधिक तापमान पर बनी चीजें जैसे ग्रिलिंग, फ्राई, सकी गई चीजों के अधिक सेवन से भी कैंसर का खतरा होता है। इनमें हेट्रोसाइक्लिक एमाइंस (एचए) और एडवांस ग्लाइकेशन एंड-प्रोडक्ट्स (एजी) जैसे हानिकारक यौगिकों का उत्पादन बढ़ जाता है।

4) फुल क्रीम दूध 
फुल क्रीम दूध के अधिक सेवन से आपको कैंसर का जोखिम हो सकता है। एक रिसर्च के अनुसार इससे प्रोस्टेट कैंसर का खतरा होता है। इतना ही नहीं इससे पेट की अन्य समस्याओं का भी जोखिम होता है। इसका कारण यह है कि इसमें ज्यादा कैल्शियम, आईजीएफ-1 पाए जाते हैं, जो प्रोस्टेट कैंसर से जुड़े हैं।

5) अचार और नमकीन चीजें 
अधिक नमकीन चीजें जैसे नमकीन मछली, मसालेदार सब्जियाँ, अचार और नमकीन स्नैक्स का अधिक सेवन पेट के कैंसर से जुड़ा हुआ है। बेहतर यह है कि आप इन चीजों का कम सेवन करें या छोड़ दें।

इन चीजों को अधिक खाने से भी होता है कैंसर का जोखिम 
इनके अलावा अधिक मात्रा में शराब का सेवन, अधिक गर्म कॉफ़ी, चाय, सूप, पैकेज फूड्स, ट्रांस फैट वाली चीजें, डिब्बाबंद खाने की चीजें, आर्टिफीसियल फ्लेवर वाली आदि चीजों के सेवन से भी कैंसर का जोखिम बढ़ता है।

अगर आप भी है इस गंभीर रोग के रोगी तो आलू को कहें हमेशा के लिए अलविदा, क्योंकि…

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अगर फलों का राजा आम है तो सब्जियों का राजा भी आलू है। जी हां, यह एक ऐसी सब्जी हैं जिसे सभी खाना पसंद करते है और यह बहुत ही आसानी से हर सब्जी के साथ ऐड भी हो जाता है। पुरे देश में यह एक कॉमन सब्जी है जोकि हर किसी का मन मोह लेने में कामयाब है। इससे कई तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। कई लोग तो स्वाद-स्वाद में आलू यूं ही खा लेते हैं।

आपकी जानकारी के लिए बताते चले कि, आलू में विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट जैसे कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते है लेकिन इसके बाद भी कई लोगों के लिए आलू जहर का काम करता हैं और उनकी परेशानी को बढ़ाता हैं। बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें आलू नुकसान कर देता है। तो आज हम आपको इसी से जुड़ी कुछ जानकारी देने जा रहे हैं…

ब्लड प्रेशर: आलू आपके ब्लड प्रेशर लेवल को बढ़ा सकता है। रिसर्च के मुताबिक हफ्ते में चार या उससे ज्यादा बार आलू खाने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। जरूरी है कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से बचाव के लिए आलू का सेवन न करें या कम करें।

एसिडिटी: आलू खाने से गैस की समस्या होने के चांस बढ़ जाते हैं। अगर आपको गैस होती है तो इस बात ध्यान रखें कि आप खाने में आलू का इस्तेमाल कम करें। रोज आलू खाने से या अधिक फैट वाले आलू खाने से गैस की समस्या होती है।

वजन से पीड़ित: आलू वजन बढ़ाने का काम करता है। यह उन लोगों के लिए बहुत बढ़िया साबित हो सकता है, जो अपना वजन बढ़ाना चाहते हैं, लेकिन इसके विपरीत अगर आप वजन कम करना चाहते हैं और पतला होना चाहते हैं तो आलू से आपको नुकसान हो सकता है।

डायबिटीज: अगर आप शुगर के मरीज हैं तो आलू से तौबा करें। आलू में ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जिससे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा में बढ़ोतरी होती है। शरीर में शुगर का लेवल न बढ़े इसके लिए जरूरी है कि आलू का सेवन न किया जाए।