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चेहरे के अनचाहे बालों से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

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क्या आप भी चेहरे के अनचाहे बालों से परेशान है, तो आपको कुछ टिप्स बताते हैं, जिन्हे अपनाकर आप अनचाहे बालों से छुटकारा पा सकते हैं। अक्सर देखा जाता हैं कई महिलाओं के चेहरे पर काफी बाल होते हैं जिससे वे काफी परेशान रहती है।

इस कारण से उनके चेहरे की खूबसूरती भी खराब हो जाती है। अधिकतर बाल ठुडी या होंठो के ऊपर होते हैं जिसे साफ करने के लिए वे वैक्सिंग या थ्रैडिंग का सहारा लेती हैं लेकिन उनकी ये परेशानी कुछ ही दिनों तक दूर होती है। ऐसे में पैसे भी खराब होते हैं और उन्हें दर्द भी झेलनी पड़ती है। इसके लिए अनचाहे बालों से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे अपना सकती हैं।

आप बेसन में चुटकी भर हल्दी मिलाकर एक लेप बनाना लीजिए और चेहरे पर लगाना चाहिए। सूखने के बाद इसे पानी से धो लीजिए। इससे बाल भी साफ होंगे और चेहरे पर खूबसूरती भी आएंगी। सप्ताह में 2-3 बार इसे लेप का यूज करने से पूरी तरह बाल साफ हो जाएंगे।

-आप नारियल तेल को हल्का गुनगुना कीजिए और इसमें हल्दी पाउडर मिलाकर पेस्ट बनाना लीजिए। इस पेस्ट को चेहरे पर लगाने से अनचाहे बाल धीरे-धीरे हट जाते हैं।

-क्या आप चेहरे के अनचाहे बालों से परेशान हैं तो आप चेहरे के अनचाहे बालों को निकालने के लिए अंडे का यूज कीजिए। इसके लिए अंडे के सफेद भाग को अच्छे से फैंटे और उसे ब्रश की सहायता से चेहरे पर लगाना चाहिए, ध्यान रखें अंडे को भौंहो और आंखों पर नहीं लगाना चाहिए।

अब एक टीशू पेपर को चेहरे पर लगाना चाहिए और उसके ऊपर दोबारा अंडे का लेप लगाकर सूखने दीजिए। 15 मिनट के बाद टीशू पेपर को हल्के हाथों से खींचे जिससे बाल आसानी से निकल जाएंगे।

बच्चो के लिए आउटडोर गेम्स है जरुरी , जानें इसके क्या हो सकते हैं फायदे

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आज के समय में बच्चे सिर्फ घर में बेथ कर मोबाइल में गेम खेलते हैं। तकनीक के विकास व विस्‍तार के साथ ही बच्‍चों की एक्टिविटी भी कम हो गईं हैं। अब वे बाहर खेलने नहीं जाते, बल्कि अपना खाली समय मोबाइल पर गेम खेलने में बिताते हैं। इससे उनका विकास भी ठीक से नहीं हो पाता व बहार के गेम्स के बारे में वो जान भी नहीं पाते। इसके चलते ज्‍यादातर बच्‍चों में मोटापा, अवसाद व तनाव की बढ़ोतरी होती जा रही है। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका स्‍मार्ट व फि‍ट बने, तो उन्‍हें आउटडोर गेम्‍स जरूर खिलाएं। जानते हैं इसके बारे में। जानें इसके क्या हो सकते हैं फायदे।

आउटडोर गेम्स के फायदे
खुले मैदान में दौड़ भागकर खेलने वाले बच्‍चों को फैट की चर्बी कभी नहीं घेरता। जिसकी वजह से आज छोटे-छोटे बच्‍चों को भी डायबिटीज, ब्‍लड प्रेशर व तनाव जैसी समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है। आउटडोर गेम्‍स खेलने से इन बीमारियों की आसार कम होती है।

इन गेम्स, को खेलने से बच्चे हेल्थी, फिट व चुस्त-दुरूस्त रहते हैं। जिससे वे अपने कार्य को ज्‍यादा परफेक्‍शन से कर पाते हैं। इससे उनमें आत्‍मविश्‍वास भी बढ़ता है।

घर के आसपास खेलने से बच्चा आपका सुरक्षित भी रहेगा व पेरेंट्स अपने बच्चे का ध्यान भी रख सकते हैं। महत्वपूर्ण नहीं कि बच्चों को आउटडोर गेम्स के लिए कहीं दूर भेजा जाए बल्कि पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ भी इन गेम्स को खेल सकते हैं व ये गेम्स घर के आसपास भी खेले जा सकते हैं।

आउटडोर गेम्स के जरिए बच्‍चे अपने दोस्तों से रोज मिल सकते हैं व कुछ नयी बातें आपको सीखने को मिलेगी। इससे उनमें शेयरिंग व खेल स्पिरिट बढ़ेगी। यह टीम भावना के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

मानसिक स्वास्थ्य भी होती है बेहतर
इन्‍हें खेलने से बच्चों का आत्मविश्‍वास बढ़ता है। जब वे तेजी से दौड़ते हैं, कुछ लक्ष्‍य हासिल करते हैं, जीतते हैं, तो उनमें आत्‍मसम्‍मान की भावना जागरूक होती है।

आउटडोर गेम्स के जरिए आप घर के सदस्यों के अतिरिक्त बाहर के लोगों, बाहर की संसार से भी रूरू होते हो। यह फिट रखने में तो मददगार है ही साथ ही ये आपको बीमारियों से भी बचाते हैं।

इस तरह आप ये पहचान पाएंगे कि आपकी किस खेल में अधिक रूचि है व आप किसमें कितना एक्सकपर्ट हो, साथ ही आप व बच्चों से अपने आपको कितना अलग महसूस करते हो।

आउटडोर गेम्स जैसे कबड्डी, खो-खो, छुपन-छुपाई व अकड़म-पकड़म हमारे पुराने खेल हैं। इनमें कुछ खर्च नहीं करना पड़ता व खूब मजा भी आता है।

इसके अतिरिक्त क्रिकेट, टैनिस, फुटबॉल, बैडमिंटन तथा हॉकी आदि को खेल कर आप स्वस्थ व मजबूत बन सकते हैं। साथ ही आप इनमें से किसी खेल जिसमें भी आप अच्छे हों, को करियर के तौर पर भी चुन सकते हैं।

चेहरे की झुर्रियों से परेशान हैं तो भिंडी का करें यूज

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हमारी सेहत के लिए भिंडी बेहद चमत्कारिक लाभ दिखाते हैं। इसके यूज करने से हमारे बाल और स्किन को कई लाभ मिलते हैं। भिंडी में फाइबर,विटामिन सी, विटामिन ए, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे पौष्टिक तत्व होते है। भिंडी का मॉइस्चराइजर और ‘मास्‍क’ बनाकर घर में आसानी से यूज किया जा सकता है। चलिए जानते हैं भिंडी के चमत्कारिक लाभ के बारे में.

-भिंडी का यूज करने से बाल चमकदार बनते हैं। कटी हुई भिंडी को पानी में उबाल कर इसे ठंडा होने दीजिए। अब इसे छानकर आधा चम्मच नींबू का रस मिलाना चाहिए और इस पानी से बालों को धोएं। इससे डैंड्रफ कम होगा और बाल लंबे होंगे।

-क्या आप चेहरे की झुर्रियों से परेशान हैं तो आप भिंडी का यूज लेकर झुर्रियां से राहत पा सकते है। ये बेहद अच्छा स्किन मॉइस्चराइजर है। इसका मास्क बनाने के लिए 2- 3 भिंडी को ब्लेंडर में पीसकर उसका पेस्ट बना लीजिए। अब इस पेस्ट को 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगाकर पानी से धो लीजिए।

-अधिक देर धूप में रहने से त्वचा काली हो जाती है। इसे दूर करने के लिए भिंडी का ‘मास्‍क’ लगाना चाहिए। ये स्किन से दाग-धब्बे हटाकर त्वचा को सुंदर बनाती है।

-भिंड़ी की फेस जेली बनाने के लिए इसे काटकर साफ पानी में आधे घंटे तक रख लीजिए। इस पानी को कॉटन की सहायता से चेहरे पर लगाना चाहिए।

जब जैली सूख जाएं तो चेहरे को पानी से धो लीजिए। इसमें मौजूद विटामिन-सी और ई झुर्रियों को हटाकर स्किन को खूबसूरत और स्वस्थ बनाते हैं। इससे स्किन से जुड़ी बहुत सी समस्याएं भी दूर होती हैं।

-भिंडी के साथ नींबू के रस को मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। इसे बालों पर लगाने से रूसी से राहत मिलती है।

‘कॉन्डम एक फायदे अनेक’, नहीं है यकीन तो पढ़ें ये खबर

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अपने देश में कॉन्डम खरीदने से पहले बंदा ऐसे हरकत करता है, जैसे आरडीएक्स खरीद रहा हो, कोई देख लेगा तो सीधे फांसी ही होगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि हम कॉन्डम को सिर्फ सेक्स के साथ जोड़कर अपने दिमाग में बसा चुके हैं। लेकिन आज हम आपको बता रहे हैं कि कॉन्डम का प्रयोग कहां और कैसे होता है।

क्या होता था कॉन्डम के साथ?

  • लंदन में 21 वर्षों तक चले संगीतमय नाटक कैट्स के मंचन के दौरान कलाकार माइक को अपनी टाइट्स के अंदर रखते थे। शो के दौरान पसीने से माइक्रोफोन खराब न हो इसलिए उसपर कॉन्डम चढ़ाकर रखते थे।
  • इस नाटक में सिर्फ यही ही खास नहीं था, बल्कि ये ऐसा नाटक था जिसमें कोई स्टोरी नहीं होती थी। बल्कि बिल्लियों की तरह ड्रेस पहने कलाकार नजर आते थे।
  • 11 मई 1981 को इस नाटक का पहली बार मंचन हुआ था जिसके बाद ये पूरे 21 साल चलता रहा।
  • आपको हैरत होगी कि टीएस इलिएट की कविताओं पर आधारित नाटक में हर बिल्ली का अपना एक चरित्र होता था।

साड़ी बनाते समय भी होता है प्रयोग

  • मध्य पूर्वी देशों बहरीन, इराक, ईरान, इजराइल, यमन, जॉर्डन, कतर, कुवैत, लेबनान, ओमान, फिलिस्तीन, सउदी अरब, सीरिया, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और साइप्रस में सड़क बनाने वाले मजदूर इसकी डामर की टंकी में डाल देते हैं, ताकि रास्ता चिकना बन सके।
  • क्या आप जानते हैं, बनारसी साड़ी बनाते समय भी इसका प्रयोग होता है। एक बनारसी साड़ी बनाने के लिए 14 कॉन्डम की आवश्यकता होती है। इन्हें उल्टा कर बॉबिन पर रगड़ा जाता है, ताकि उसमें चिकनाई आ सके और धागा आसानी से उसके अंदर जा सके।
  • साड़ी बनाने वाले कारीगर कॉन्डम का इस्तेमाल अपनी उंगलियों पर भी करते हैं ताकि साड़ी बनाते समय वो कटने से बच सके।

यहां भी होता है इस्तेमाल

  • कॉन्डम का प्रयोग रायफल बैरल को जंग से बचाने में भी किया जाता है।
  • बारिश के मौसम में इलैक्टॉनिक प्रोडक्ट को पानी से बचाने के लिए भी इसका प्रयोग होता है।
  • स्विमिंग के दौरान भी कॉन्डम का प्रयोग किया जाता है, ताकि छोटे कैटफ़िश से बचा जा सके।
  • वैसे इसका इस्तेमाल रक्त व कैटफिश मूत्र की ओर आसानी से आकर्षित होते हैं।

बारिश के कारण मुंबई बेहाल, अमिताभ बच्चन के घर में घुसा घुटनों तक पानी, देखें Video

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एक बार फिर से मायानगरी मुंबई में बारिश ने आफत पैदा कर दी है, लगातार हो रही बारिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, भारतीय मौसम विभाग ने आज भी यहां रेड अलर्ट जारी किया है,लगातार हो रही बारिश से आम से लेकर खास तक परेशान हैं, सड़कें हों या रेलवे लाइन, कार हो या बस, सब जगह घुटनों तक पानी भरा हुआ है, इस बारिश ने सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के घर को भी नहीं छोड़ा , उनके घर प्रतिक्षा में भी पानी भर गया है।


अमिताभ बच्चन के घर में घुसा घुटनों तक पानी

सोशल मीडिया पर मुंबई बारिश से जुड़े कई वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं, इसी में से एक वीडियो में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन का घर प्रतीक्षा में भी पानी में घुसा हुआ दिखाई दे रहा है, इसके अलावा अमिताभ बच्चन के बंगले के सामने सड़क भी पूरी तरह पानी में डूबी हुई है, जिसमें लोग बड़ी ही मुश्किल से अपनी गाड़ियां ले जाते नजर आ रहे हैं।

इसके अलावा बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल ने भी एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से साझा किया है, जिसमें सड़क पर पानी भरा नजर आ रहा है और लोग इस जलमग्न सड़क पर फंसे हुए हैं

मुंबई में बारिश के चलते सड़कों पर पानी भरा है। कल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही मुंबई में सौ मिलीमीटर बारिश हुई, भारी बारिश के कारण गणपति विसर्जन में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में गुरुवार को भी भारी बारिश होने की आशंका है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) 
‘रेड अलर्ट’ जारी

लोकल ट्रेनों का पूरी तरह से संचालन नहीं हो रहा है। वहीं स्कूल और कॉलेजों की छुट्टी कर दी गई है। बारिश के कारण कई उड़ाने रद्द कर दी गईं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों में मुंबई और इसके आस-पास के इलाकों में तेज बारिश का अनुमान जताया है और ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

प्लास्टिक की बोतल में पानी नहीं बल्कि जहर पी रहे है लोग.

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शोध में कुछ दिन पहले ही पता चला है कि प्लास्टिक प्लास्टिक की बोतल से कैसे गुजरता है। अब एक अन्य शोध में यह बात सामने आई है कि एक व्यक्ति एक साल में 3,000 प्लास्टिक कणों को निगल रहा है। यह शोध मेडिकल यूनिवर्सिटी ऑफ वियना, ऑस्ट्रेलिया द्वारा किया गया था।

वैज्ञानिकों के अनुसार, समुद्री जीव किसी व्यक्ति के शरीर में माइक्रोप्लास्टिक होने का मुख्य साधन हैं। जो खाए जाते हैं। यह प्लास्टिक की आंत को संक्रमित कर रहा है। मुख्य वैज्ञानिक डॉ। फिलिप स्क्रोबल ने कहा कि एक दिन में, माइक्रोप्लास्टिक का एक टुकड़ा एक व्यक्ति के पेट में चला जाता है।

एक साल में यह आंकड़ा 3,000 के आसपास है। बोतल में पानी के अलावा, समुद्री जीवन उनका माध्यम है।

समुद्री जीव समुद्र में डंप किए गए कचरे को खाता है और अपने कंटेनर में लौटता है। वैज्ञानिकों ने पाया कि मानव मल के दस ग्राम प्रति औसतन दस माइक्रोप्लास्टिक टुकड़े। फिलिप के अनुसार, पहली बार मानव अपशिष्ट का अध्ययन शरीर में पहुंचने वाले प्लास्टिक की मात्रा निर्धारित करने के लिए किया गया है।

वैज्ञानिक लंबे समय से यह शोध कर रहे हैं। वे आखिरकार मानव शरीर में प्लास्टिक कैसे प्राप्त करते हैं? जवाब था।

शोध से पता चलता है कि प्लास्टिक के बारीक कण शरीर में पहुंच सकते हैं और जहरीले रसायनों में बदल सकते हैं। यह लीवर सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में रक्तप्रवाह में भी पहुंचता है।

फिलिप ने कहा कि मल में पाए जाने वाले माइक्रोप्लास्टिक के लिए प्लास्टिक की बोतलें अधिक जिम्मेदार होती हैं।

वैज्ञानिकों की टीम ने प्लास्टिक के सात अन्य रूपों की भी खोज की। प्लास्टिक शरीर तक पहुंचने के कई तरीके हैं, उन्होंने सलाह दी। कुछ लोग धूल में भी, प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं। माइक्रोप्लास्टिक का आकार 5 मिमी से कम है।

नीले रंग से रंग दी गई इस शहर की सड़कें, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

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अभी तक आपने किसी भी शहर या जगह पर बनी सड़कों का रंग काला ही देखा होगा, लेकिन इस दुनिया में एक शहर ऐसा भी जहां की सड़कों को नीले रंग से रंग दिया गया है। यह शहर कतर का दोहा है। यहां पर सभी सड़कें अब नीले रंग की दिखाई देती है। हालांकि इससे पहले लॉस ऐंजिलिस, मक्का, टोक्या में सड़कों को नीले रंग से रंगा जा चुका है। बताया गया है कि दोहा शहर की पारंपरिक पुरानी सड़कों को नीले रंग से रंगा गया है जिससें की तापमान नियंत्रित किया जा सके। इस कार्य का प्रयोग लगातार 18 महीने तक चला जिसके बाद हाल ही में शहर के एक प्रमुख रोड को पूरी तरह से नीले रंग में रंग कर पेश किया गया।

हालांकि यहां पर नीली सड़कों को बनाने के पीछे का कारण तापमान को नियंत्रित करना है। पारंपरिक डामर की सड़कों की तुलना में नीली कोटिंग वाली सड़कों के तापमान में कितना फर्क है, यह जानने के लिए सेंसर भी लगाए गए हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक नीले रंग की कोटिंग सूर्य के रेडिएशन में 50% तक की कमी कर देती है। यह काम करने के लिए कतर की प्रमुख सार्वजनिक कंपनी को असहघल को चुना गया है। इस कंपनी के साथ जापान भी अपना सहयोग दे रहा है।

आपको बता दें कि कतर को 2022 फीफा वर्ल्ड कप आयोजन की मेजबानी मिली है। प्राकृतिक तेल संपदा से भरपूर इस छोटे देश में फीफा वर्ल्ड कप मेजबानी को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसी के तहत यह देश तेजी से अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स पूरा करने में लगा हुआ है।

शोध : दुनिया का सबसे बड़ा और 3.3 किलो वजनी अफ्रीकन मेंढक गोलियथ, रहने के लिए खुद करता है तालाब का निर्माण

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दुनिया के सबसे बड़े मेंढक गोलियथ के बारे में की गई शोध में कई चौकाने वाली बातें सामने आई है। नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम, बर्लिन के शोधकर्ता मार्विन शेफर ने इसका व्यवहार जानने के लिए प्रयोग किया। जंगल में टाइमलैप्स कैमरे लगाए और इसे मिट्टी वाली जगह पर छोड़ दिया गया। वीडियो में इसकी पुष्टि भी हुई। इसके मुताबिक, ये तालाब बना सकें इसलिए कभी-कभी 2 किलो से अधिक वजन वाले पत्थरों को भी हटाते हैं। शोध में पाया गया है कि यह अफ्रीकन प्रजाति का मेंढक है और तालाब में निर्माण करना इसके व्यवहार में है।

शोधकर्ता मार्विन शेफ के मुताबिक, विशाल होने के साथ ये अपने बच्चों की देखभाल भी खास तरीके से करते हैं। ये अपने अंडों की सुरक्षा के लिए सुरक्षित जगह खोजने के बाद वहां तालाब का निर्माण करते हैं। जहां इनके बच्चे पानी में रहते हैं वहां ये पानी में झाग पैदा करते हैं ताकि इन्हें कोई जानवर नुकसान न पहुंचा सके।

शोधकर्ताओं के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीकी बुलफ्रॉग इससे कुछ हद तक समान है, जैसे वह एक तालाब को दूसरे तालाब से जोड़ता है ताकि वह सूखने से बच जाए। गोलियथ प्रजाति के मेंढकों का व्यवहार दूसरे मेंढकों से अलग है। यह पूरी तरह वर्षा और तेज बहने वाली धाराओं पर निर्भर रहते हैं। दूसरे मेंढक की तरह वोकल सैक से नहीं बल्कि अपने मुंह को खोलकर सीटी बजाते हैं। इस मेंढक का वजन 3.3 किलो है और लंबाई 34 सेंटीमीटर है। इसमें पैरों को शामिल नहीं किया गया है। इसका आकार पालतू बिल्ली जितना होता है।

मेंढक की यह प्रजाति आमतौर पर कैमरून और इक्वेटोरियल गिनी में पाए जाते हैं। दक्षिण अफ्रीका की एम्पुला नदी के किनारे इनकी संख्या ज्यादा है। शोधकर्ताओं ने इसकी 22 ब्रीडिंग साइट ढूंढी हैं। इनमें से 14 जगहों पर 3 हजार अंडे मिले हैं। शोधकर्ताओं ने पाया उन जगहों पर बेहद सफाई से छोटे पत्थरों को अलग हटाकर तालाब बनाया गया था। हालांकि शोधकर्ता इन्हें देखकर नर और मादा में फर्क बता पाने में असमर्थ रहे हैं।

देखें संयुक्त अरब अमीरात की अद्भुत तस्वीरें

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संयुक्त अरब अमीरात की कुछ अद्भुत तस्वीरों के बारे में एक दिलचस्प लेख लाया हूं। इस लेख को आप सभी के साथ यहाँ साझा करता हूँ।

दुबई की कुछ अद्भुत तस्वीरें एकत्र की हैं जो आपके दिल को छू जाएंगी।

इन फोटोज को देखकर आपके दिल में जल्द से जल्द दुबई जाने की इच्छा जगेगी। इस देश में हुए सुधार और प्रौद्योगिकी विकास को देखें।

आप इस लेख में पोस्ट की गई तस्वीरों को देखने का आनंद लेने वाले हैं।

बस दुबई के लोगों का सुधार देखें। इस देश की गगनचुंबी इमारतें और अपार्टमेंट आपको चौंका देंगे।

यह दुबई पाम द्वीप है। ये द्वीप अपनी विशिष्टता और सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में बहुत प्रसिद्ध हैं। मुझे इस देश की यात्रा करना और वहां रहना पसंद है।

इस देश की गगनचुम्बी इमारतों को देखता है। टूरिस्ट के लिए दुबई ड्रीम डेस्टिनेशन प्लेस है।

सुंदर ताड़ द्वीप मित्र। देखें कि समुद्र में इस आराध्य ताड़ द्वीप के लिए उन्होंने कितना अनूठा तरीका बनाया।

यह दुनिया के सबसे अच्छे पर्यटन खेल देशों में से एक है। किसी के पास दुबई की अच्छी पारिवारिक यात्रा हो सकती है और देश की सुंदरता का आनंद ले सकते हैं।

दुबई दुनिया के आराध्य और सबसे अमीर देशों में से एक है।

जानिए ताजमहल के 6 ऐसे रहस्य, जो आप कभी नही जान पाये

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 ताजमहल को प्यार की निशानी माना जाता है। क्योंकि मुगल बादशाह शाहजाह ने अपनी बेगम मुमताज की याद में इसका निर्माण करवाया था। जिसने आने वाली कई पीढ़ियों को मोहब्बत करना सिखाया है। कहा जाता है कि मुमताज़ महल ने मरते वक्त मकबरा बनाए जाने की ख्वाहिश जताई थी जसके बाद शाहजहां ने ताजमहन बनावाया। ताजमहल को सफेद संगमरमर से बनवाया गया है। इसके चार कोनों में चार मीनारे हैं। 1630 में शुरू हुआ ताजमहल के बनने के काम करीब 22 साल तक चला। इसे बनाने में करीब 20 हजार मजदूरों ने योगदान दिया। आज हम आपको ताजमहल के ऐसे रहस्यों के बारे में बताने जा रहे है जिनके बारे में जानकर आपके हैरानी होगी।

सबसे पहले हम बात कर रहे है कि कहते है कि जिन मजदूरों ने ताजमहल का निर्माण किया था तो शाहजाह ने उनके हाथ कटवा दिए थे। लेकिन ऐसा कभी भी नहीं हुआ सिर्फ ये अफवाह थी।

दूसरा रहस्य है कि ताजमहल के गुंबद मे एक छेद है जिससे पानी की बूंदे टपकती रहती है।

तीसरा रहस्य है कि यदि ताजमहल की मीनारों पर गौर किया जाये, तो आप देंखेंगे की चारों मीनारें सीधी खड़ी न होकर एक दूसरे की ओर झुकी हुई हैं।

इमारतों का ये झुका हुआ निर्माण बिजली और भूकंप के दौरान मुख्य गुंबद पर न गिरने के लिए किया गया था। कुतुब मीनार की इमारत को हम सबसे ऊंची इमारत कहते हैं, ताजमहल उससे भी ऊंचा है। कुतुबमीनार को देश की सबसे ऊंची इमारत के तौर पर नापा जाता है, लेकिन इसकी ऊंचाई ताजमहल के सामने छोटी पड़ जाती है।