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7 दिनों तक केले के साथ करें बस इस चीज का सेवन, फिर कमाल देखकर हैरान रह जाएंगे

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शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसको फल खाना पसंद नहीं होगा और फलों में अगर बात की जाए केले की तो बात ही कुछ और है । केला खाने वालों का एनर्जी लेवल साधारण व्यक्ति से ज्यादा होता है । एनर्जी लेवल बढ़ाने के साथ ही केले में विटामिन, आयरन और फाइबर पाया जाता है ।केले में कैलोरी की पर्याप्त और स्वस्थ मात्रा होती है जो कि आपको स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने में मदद करती है। साथ ही इसमें मौजूद अन्य पोषक तत्व आपके स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद करते हैं। केले के सेवन से आपको अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति भी हो जाती है जो आपके शरीर के लिए जरुरी हैं। आइए जानते हैं केला आपको स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने में कैसे मदद करता है।

1. वजन बढ़ाने के लिए अपने खाने के अलावा अतिरिक्त कैलोरी के लिए, दो समय केला दूध खाएं. इससे आपके वजन में बहुत जल्दी असर समझ आएगा, आप अंदर से उर्जावान भी महसूस करेंगें

2. केला का प्रोबायोटिक बैक्टीरिया पाचन तन्त्र ठीक करता है. केले में पाए जाने वाला पेसटिन तत्व कब्ज को दूर रखता है । केला जठराग्नि बढाता है, मतलब केला खाने से भूख बढ़ती है ।

3. जिम जाने वालों को आपने केला खाते जरुर देखा होगा । केला में पाए जाने वाला मैगनिशियम मसल्स के Contraction और Relaxation में मदद करता है और मांसपेशियाँ बनाने में कारगर होता है ।

4. केले का सेवन वजन बढ़ाने के सबसे प्रभावी व आसान तरीकों में से एक माना जाता है। रोज सुबह नाश्ते के साथ बनाना-मिल्कशेक का सेवन जरूर करें या फिर दिन में तीन बार केला खाएं। दूध या दही के साथ केला और भी अधिक फायदेमंद माना गया है। रोज़ाना इसे खाने से केवल एक महीने में ही आपको इसका असर देखने को मिलेगा।

5. वजन को बढ़ाने के लिए आपको दो गिलास रोजाना आपको दूध का सेवन करना चाहिए और यह आप इसका सेवन सुबह करते हैं तो उसके साथ साथ केला जरूर खाएं, और आपको बाजार से वहीं केला लेना है आप वहीं केला का सेवन करें जिस पर काले धब्बे हैं काले धब्बे का होना स्वास्थ्य केले की निशानी है।

छत्तीसगढ़ में खुला है देश का पहला Garbage Cafe, प्लास्टिक के बदले मिलेगा खाना

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हम सभी को घुमने के लिए उत्सुक होने की तरह, हम एक अच्छे रेस्तरां में जाने और स्वादिष्ट भोजन खाने के लिए भी उत्सुक हैं। हाल के दिनों में न केवल रेस्तरां को अच्छा खाना मिलता है, बल्कि होटल का इंटीरियर डिज़ाइन भी अच्छा है।

लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बदसूरत होटल के बारे में बताने जा रहे हैं जहां लंच के लिए पैसे नहीं लिए जाते। अंबिकापुर छत्तीसगढ़ का एक प्रसिद्ध शहर है। भारत में, शहर सफाई के मामले में दूसरे स्थान पर है। अब इस शहर में कुछ खास शुरू हो गया है। यहां भूखे को खाना परोसा जाता है और पर्यावरण को बचाने के लिए काम किया जा रहा है।

जिसमें 3 किलो प्लास्टिक मुफ्त दिया जाता है। वही 1.5 किलो प्लास्टिक आपको सुबह नाश्ते के लिए दिया जाता है। इस कैफे का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा प्लास्टिक इकट्ठा करना है। फिर इन प्लास्टिक का इस्तेमाल सड़क बनाने के लिए किया जाएगा।

इस कैफे को गारबेज कैफे कहा जाता है। छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक कचरे से सड़कें पहले ही बन चुकी हैं।

भारत में अब तक लगभग 100000 किमी प्लास्टिक सड़कों का निर्माण किया गया है। प्लास्टिक से पर्यावरण को बहुत नुकसान होता है। एक शोध के अनुसार, प्लास्टिक की सड़कें सामान्य सड़कों की तुलना में तीन गुना अधिक समय तक चलती हैं।

बजट में गारबेज कैफे स्कीम के लिए 5 लाख रुपए का आवंटन कर दिया गया है। इस कैंपेन के तहत म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन शहर के गरीब और बेघरों को प्लास्टिक कचरे के बदले खाना तो मिलेगा ही, साथ ही ऐसे लोगों के लिए रहने का इंतजाम भी किया जाएगा।

4 साल की बेटी से मां ने कहा- अब तुम परियों से मिलने जा रही हो, फिर डूबोकर मारा और जलाकर गाड दिया

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इंग्लैंड की एक महिला ने अपनी चार साल की बच्ची की पानी में डुबोकर हत्या कर दी। इतना ही नहीं अपनी बच्ची की हत्या करने के बाद उसकी लाश को अपने ही गार्डन में जलाकर गाड़ दिया। महिला के मुताबिक, देवदूतों और जीसस ने उससे ऐसा करने के लिए कहा था। उसे उम्मीद थी कि, वो दो दिन बाद जिंदा हो जाएगी।

हालांकि ऐसा हुआ नहीं। इस घटना के बाद पुलिस ने उस बच्ची की डेडबॉडी गार्डन में रखी कॉफी-टेबल के नीचे से बरामद की। जब इस बच्ची का अदालत तक पंहुचा तब केस की सुनवाई के दौरान एक जज ने 10 मिनट का ब्रेक ले लिया क्योंकि वो बच्ची के साथ हुई क्रूरता के बारे में नहीं सुन पा रहा था। फिलहाल इस केस की सुनवाई कोर्ट में चल रही है।

मम्मी. मम्मी. पुकार रही थी बच्ची

बता दे दिल दहला देने वाली ये घटना इस साल 8 जून को साउथ वेल्स के टोनीपेंडी गांव में हुई थी। जहां कार्ली एन हैरिस (38) ने अपनी चार साल एमेलिया ब्रूक की बेटी की हत्या करके उसे गार्डन में गाड़ दिया था। पहले अपनी बच्ची को बाथटब में डुबाया। जिससे उसकी मौत हो गयी।

फिर वो उसे एक शीट से कवर करते हुए घर के पिछले हिस्से में मौजूद गार्डन में लेकर गई, जहां उसने उसे जलाकर वहीं गाड़ दिया।जब महिला अपनी बच्ची को मार रही थी तब उसने अपनी बेटी से बोलै कि तुम परियों के पास जा रही हो। जो तुम्हें स्वर्ग में मिलेंगी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पड़ोसियों ने बताया कि उस रात थी।

अदालत की सुनवाई के दौरान बताया गया कि कार्ली मानसिक बीमारी से जूझ रही है और जब उसने इस वारदात को अंजाम दिया, तब भी उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उस महिला के अनुसार उसने ये काम ईश्वर में अपनी आस्था दिखाने के लिए किया था।

महिला को लगा बेटी वापस लौटेगी

बता दे महिला को ये उम्मीद थी कि उसकी बेटी जरूर वापस लौटेगी। वारदात के बाद महिला ने अपने बेटे को इसके बारे में बताया और कहा कि एमेली स्वर्ग में गई है और वो दो दिन बाद रविवार को वापस आ जाएगी। अपनी माँ की इस बात को सुनने के बाद बेटा भागता हुआ गार्डन में गया। जहां उसने एक कंबल को देखा।

जब उसने उस कंबल को हटा कर देखा तो उसे अपनी बहन के जले हुए पैर दिखे। उसके बाद पड़ोसियों के अनुसार उसे अपनी मां पर चिल्लाते हुए सुना था, ‘तुम ऐसा कैसे कर सकती हो? वो मेरी छोटी बहन थी और तुमने उसे मार दिया।’ इसी बीच छोटा बेटा कह रहा था ‘पुलिस को फोन मत करो वर्ना मां जेल चली जाएगी।’

जब पुलिस इस घटना के बाद उस महिला को गिरफ्तार करने पहुंची तो उसने बताया देवदूतों ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा था, आप मुझे गिरफ्तार कर लो।

भारत की 7 बहनों के राज्य की खूबसूरत पारंपरिक पोशाक।

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भारत की सात बहनें अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा राज्यों को संदर्भित करती हैं। इस भाईचारे के राज्यों में एक शानदार परंपरा और विविध संस्कृति है।

1. असम:

2. मिजोरम:

3. Meghalaya

4. नागालैंड:

5. त्रिपुरा:

6. मणिपुर:

7. अरुणाचल प्रदेश:

ये है भारत के 5 सबसे व्यस्त हवाई अड्डे, पहला नाम जाने कौन सा है

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5. कोलकाता

कोलकाता के हवाई अड्डे भारत के पांचवे सबसे व्यस्त हवाई अड्डे जाने जाते हैं। साल 2018 में कोलकाता के सभी हवाई अड्डो से लगभग 21663000 यात्रियों का आवागमन हुआ था।

4. चेन्नई

चेन्नई का हवाई अड्डा भारत का चौथा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा माना जाता है साल 2018 में चेन्नई के सभी हवाई अड्डों से लगभग 2 करोड़ 24 लाख 88 हजार यात्रियों का आना-जाना हुआ था।

3. बेंगलुरू

दोस्तों बेंगलुरु का हवाई अड्डा भारत का तीसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा माना जाता है। साल 2018 में बेंगलुरु की सभी हवाई अड्डों से लगभग तीन करोड़ 23 लाख 31 हजार यात्रियों का आवागमन हुआ था।

2. मुंबई

दोस्तों मुंबई का हवाई अड्डा भारत का दूसरा सबसे व्यस्त हवाई अड्डा माना जाता है साल 2018 में मुंबई के सभी हवाई अड्डों में से लगभग चार करोड़ 98 लाख 77 हजार यात्रियों का आवागमन हुआ था।

1. दिल्ली

दोस्तों दिल्ली का हवाई अड्डा भारत का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा माना जाता है। साल 2018 में दिल्ली के हवाई अड्डों से कुल 6 करोड़ 98 लाख 66 हजार यात्रियों का आवागमन हुआ था।

इस झील का पानी पीते ही पत्थर बन जाते है जीव, यह तस्वीरें है गवाह

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इस दुनिया में कई रहस्यमयी जगह आज भी ऐसी है जिनसे हम अनजान है। दोस्तों प्रकृति ने हमें लाखों नदी, तालाब और झीलें दी है, जिनका इस्तेमाल अपने जीवन यापन में भी करते हैं। लेकिन दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी झील के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका पानी पीते हैं जीव, पत्थर में बदल जाते हैं।

दोस्तो आज हम तंजानिया की नाट्रन झील के बारे में बात कर रहे है , जो पूरी दुनिया में प्रसिद्द है। जांच करने पर पाया गया कि नाट्रन झील का पानी बहुत ही क्षारीय है। इसमें क्षार की मात्र हमेशा 10 या उससे अधिक रहती है। इतने अधिक मात्रा में क्षर होने की वजह से इस झील का पानी बहुत ही कठोर होता है। ये पानी इतना खतरनाक है कि इसके पास जाने भर से ही आँखों और त्वचा में जलन होने लगती है।

बता दे कि इस झील के पानी का क्षारीय होने का कारण है सोडियम लवणों की बहुत ज्यादा मात्रा। दोस्तो विश्व भर के सबसे प्रसिद्द फोटोग्राफर यहाँ आते है और इस झील के आस पास पत्थर बने जीवों की तस्वीरें खींचते है, जो इस झील का पानी पी कर पत्थर बने हैं। बताया जाता है कि यह झील शरीर को ममी बनाने वाले रसायनों का प्राकृतिक स्त्रोत है। मिस्र में मृत शरीरों को ममी बनाने के लिए जिन रसायनों का उपयोग किया जाता था, ठीक उसी प्रकार के रसायन आसपास के पहाड़ों से इस झील के पानी में आकर मिल जाते है। जिस वजह से इन रसायनों वाले पानी के सम्पर्क में आने से पशु पक्षी ममी में परिवर्तित हो जाते है।

बता दे कि प्रसिद्द फोटोग्राफर रिक ब्रांड्ट ने इस झील के तट पर बहुत से पक्षियों और छोटे मोटे जीवों को पत्थर के रूप में देखा है। इन जीवों की शारीरिक सरंचना वैसी की वैसी ही थी जैसी इनके जिन्दा होने के समय थी। रिक को ये पता नहीं चला कि ये जीव कब और कैसे इस तरह पत्थर में परिवर्तित हुए, लेकिन उन्होंने अपनी किताब के माध्यम से इन पशु पक्षियों की तस्वीरें दुनिया को दिखाई तो वो किसी को भी हैरान रह गए।

यह प्राचीन लुप्त आविष्कार जो हम दोबारा नहीं बना सके?

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आज मानव सभ्यता चरम पर हैं और आज के युग में कई आविष्कार हो रहे हैं जो हमारे सभ्यता को आगे ले जा रहे हैं

ऐसे में जब हम पीछे मुडकर अपने इतिहास को देखते हैं जिसमें लोग तकनीकी अभाव में और कठीन जीवन जी रहे हैं ऐसा लगता हैं कि जो उपलब्धिया हासिल हुई हैं वो पीछले दशक में हुई हैं उससे पहले लोग विग्यान जगत में बहुत पिछे थे

लेकिन हकिकत कुछ और हैं उस समय भी लोगो ने कुछ आविष्कार और खोज किये हैं जिसे हम आधुनिक दौर में उन सब को दोहराने में असफल हैं

दोस्तों आज हम ऐसे ही 2 आविष्कार के बारे में बतायेंगे जो समय के साथ लुप्त हो गये हैं जिसे हम इस आधुनिक युग में बनाने में असफल हैं

1) ग्रीक फायर – सातवी से बारहवी शताब्दी के बीच पूर्वी रोमन सम्राट जिसे बेजनथीन बादशाह के नाम से जाना जाता हैं वह एक रहस्यमय हथियार का उपयोग करती थी युद्ध के दौरान बेजनथीन सम्राट के सैनिक अपने दुश्मनों पर एक रहस्यमय तरल पदार्थ फेकती थी जो आग की लपटो से भरी होती थी जिसे ग्रील फायर के नाम से भी जाना जाता हैं इस हथियार की खास बात यह थी कि इसकी आग पानी पर भी जलती थी और इस आग को सिर्फ मिट्टी और सिरका से बुझाया जा सकता था इस पदार्थ को बनाने की विधी केवल खास लोगो को हि पता थी और बेजनथीन सम्राट इस विधि को सँभालकर रखती थी और इसे वजह से इसे बनाने की विधि समय के साथ लुप्त हो गयी

2) विट्रम फ्लेक्साइल – काँच के दो खास गुण होते हैं पहला यह पारदर्शक हो सकता इसे परखने के लिए उसे जमीन पर पतता हैं और दुसरा यह आसानी से टुट जाते हैंक हाल ही में किये गये रिसर्च से आज ऐसे काँच बनाये गये हैं जो आसानी से नहीं टुटते और इनका प्रयोग मोबाइल और अन्य सामान में किया जाता हैं पर अभी भी हम न टुटने वाले काँच बनाने से कोषो दूर हैं लेकिन इतिहासकारो की बात माने तो यह तकनीक हजार साल पहले ही हासिल कर ली गयी थी रोमन इतिहास में तीन बार ऐसे पदार्थ का जिक्र किया गया हैं जिसे विक्ट्रम फ्लेक्साइल के नाम से जाना जाता हैं इसके मुताबिक 14 से 37 वी शताब्दी में सम्राट टीबीलिएस के सम्राज्य के दौरान एक अनजान व्यक्ति एक काँच का घडा लेकर आया उसने कहा कि यह काँच का घडा नहीं टुटेगा यह परखने के लिए कि यह घडा नहीं टुटेगा उसे जमीन पर पटक कर देखा गया फिर भी वह नहीं टुटा लेकिन वह मुड़ गया जिसे उस आदमी ने हथौड़ा से सीधा कर दिया सम्राट इसे देखकर हैरान थे उन्होने उसे पुछा कि इस विधि के बारे में किस किस को पता हैं उस आदमी ने बताया कि यह सिर्फ उसे हि पता हैं यह सुनकर सम्राट ने तुरंत अपने सैनिकों से उसका सिर काटने के लिए कह दिया क्योंकि सम्राट को डर था कि यह सोने और चांदी कि किमतो को कम कर सकता हैं और इसी के साथ यह विधि भी वही पर लुप्त हो गया.

क्या आपको पता है? अघोरी बाबा और नागा साधु में क्या अंतर होता है

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अगर आपने किसी अघोरी बाबा और नागा साधु को गौर से देखा होगा तो इनके बीच के अंतर ज़रूर जानते होंगे। बहरहाल यदि नहीं जानते तो हम बता देते हैं। आइए शुरू करें-

1.तपस्या में अंतर

किसी व्यक्ति को नागा साधु बनने के लिए नागा अखाड़े रहकर में बारह सालों तक कठिन से कठिन परिक्षाओं को देना पड़ता है।जबकि अघोरी बनने के लिए श्मशान घाट में रहकर कई सालों तक शिव की तपस्या की जाती है। इस अवधि की कोई सीमा नही होती है।

2.गुरु की अनिवार्यता

अघोरी बनने के लिए किसी भी गुरु के निर्देशन की कोई विशेष आवश्यकता नहीं होती है। अघोरी भगवान शिव को ही अपना गुरु मानते हैं। जबकि नागा साधु अपने गुरु के देखरेख में ही शिक्षा-दीक्षा ग्रहण करते हैं।

3.भोजन में अंतर

नागा साधु हो या अघोरी बाबा दोनों ही मांस का सेवन करते हैं। आपको कुछ शाकाहारी नागा साधु मिल सकते हैं, लेकिन कोई ऐसा अघोरी नहीं मिलेगा जो मांसाहारी न हों। अघोरी बाबाओं के संबंध में कहा जाता है कि यह जानवरों के अतिरिक्त मानव मांस भी खाते हैं।

4.पहनावे में अंतर

कुंभ मेले और मौनी अमावस्या दौरान स्नान के अवसर पर आपको कई नागा साधु बिना कपड़ों के दिख जाएंगे। जबकि अघोरी बाबा जानवरों की खाल अथवा किसी वस्त्र को लपेटे रहते हैं।

5.दर्शन स्थान में अंतर

नागा साधु को आप उनके अखाड़े मे मिल सकते हैं। यह अक्सर कुंभ मेले के दौरान दिखाई देते हैं औऱ फिर हिमालय में चले जाते हैं। जबकि अघोरी बाबा आपको कहीं भी, कहीं भी मिल जाएंगे। आमतौर पर श्मशान घाट पर अधिक दिखते हैं।

भारत के वो 3 सबसे रहस्यमई मंदिर – जहां रोज हो रहें चौंका देने वाले चमत्कार – क्लिक कर जाने

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1) पद्भमस्वामी मंदिर ( केरल ) – यह मंदिर विष्णु भगवान का सबसे विशेष मंदिर माना जाता है । यह केरल राज्य में स्तिथ है और यहां पर हर साल करोड़ो श्रद्धलु पूजा पाठ करने के लिए आते है पर इस मंदिर के नीचे 3 तहखाने है जिसमें से 2 तहखाने खोला गया तो उसमें से 2 लाख करोड़ से भी ज्यादा का खजाना मिला और तीसरा तहखाना खोलने की कोशिश की गई तो उसे बड़े – बड़े वैज्ञानिक भी नही खोल सके और जिस वैज्ञानिक ने उस तहखाने को खोलने की कोशिश की उस वैज्ञानिक की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई तब से इस तहखाने से खोलने की कोशिश नही की जा रही । मंदिर का तहखाना लोहे के दरवाजे से बंद है और उसमें कोई भी ताला नही है।लोगो का मानना है कि उसे अष्ट नाग मंत्र से बंद किया गया है और नाग देवता उस तहखाने की हिफाजत करते है और जो भी उसे खोलने की कोशिश करता है उसे मृत्युदंड देते है।

2) जगरनाथ मंदिर ( पूरी ) – जगरनाथ मंदिर उड़ीसा के पूरी शहर में मौजूद है यह मंदिर भगवान जगन्नाथ बलराम और देवी सुभद्रा का मंदिर है। जुलाई महीने में यहां पर रथ यात्रा का भव्य आयोजन किया जाता है और इस रथ की रस्सी को खींचने के लिए या फिर छूने के लिए विश्वास से लोग आते है, और उनका मानना है कि ऐसा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

यह मंदिर के ऊपर लगा ध्वज हमेशा वायु के विपरीत दिशा में लहराता है। मंदिर के परिसर के अंदर आपको समुद्र की लहरों की कोई भी आवाज नही आती और आप जैसे ही मंदिर परिसर से बाहर जाते है आपको समुद्र की लहरों की आवाज सुनाई देने लगती है। जगरनाथ मंदिर के मुहाने पर स्वर्ग का द्वार माना जाता है और इसलिए यहां पर शवों को जलाया जाता है और आप जब मंदिर परिसर से बाहर निकलेंगे तो आपको शव जलने की बदबू आएगी पर जैसे ही आप जगरनाथ मंदिर परिसर के अंदर जाएंगे तो यह बदबू गायब हो जाती है।

3) शनिदेव मंदिर ( शिगणापुर ) – शनिदेव मंदिर बहुत चमत्कारी और विचित्र माना जाता है। यह एक छोटे से। शिंगणापुर के गांव में स्तिथ है और इसके पीछे एक पौराणिक कथा है कि कहा जाता है कि भगवान शनिदेव ने एक गडरिया को एक लाल पाषण दिया था, और उसे जमीन पर रखकर उसका अभिषेक तेल से करने को कहा था। ताकि उस गांव का भला हो सके और तब से लोग इस पाषण का अभिषेक तेल से करते है। आपको जानकर हैरानी होगी कि शनिदेव का यह मंदिर कोई मंदिर नही एक खुला स्थान है जहां पर शनिदेव की मूर्ति है। इस गांव में किसी के घर मे कोई दरवाजा नही है।

यहां पर लोग अपनी अलमारी में ताला भी नही लगाते है। भक्त जब आते है तो अपनी गाड़ियों में भी ताला नही लगाते क्योंकि ऐसा लोगो का मानना है कि शनिदेव उनकी रक्षा करते है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस गांव में एक यूको बैंक की शाखा है जहाँ पर किसी भी प्रकार का दरवाजा नही है और ना ही ताला लगाया जाता हैं पर फिर भी इस गांव में आज तक कोई चोरी नही हुई क्योंकि इस गांव की रक्षा शनिदेव स्वयं करते है।

कर्ज ना चुकाना पड़े इसलिए महिला ने करवा डाली प्लास्टिक सर्जरी, फिर पुलिस ने ऐसे किया गिरफ्तार

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आमतौर पर जब लोग कर्ज नहीं चुकाते हैं तो वे खुद को दिवालिया घोषित कर देते हैं या फिर वह जगह छोड़ कर चले जाते हैं, जहां वो रहते हैं। हालांकि एक महिला ने कर्ज वापस ना लौटाने के लिए जो किया वह सुर्खियों में छाया हुआ है। एक महिला ने कर्ज चुकाने से बचने के लिए प्लास्टिक सर्जरी करवा ली, जिससे कि उसे कोई पहचान ना पाए। शंघाई के वुहान शहर की निवासी एक चीनी महिला ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी करवाई।

इस महिला पर हजारों या लाखों का नहीं बल्कि पूरे ढाई करोड़ का कर्ज था। स्थानीय कोर्ट ने महिला को कर्ज चुकाने का आर्डर दिया था। लेकिन वह महिला कर्ज चुकाना नहीं चाहती थी। उसने अपना शहर छोड़ दिया और शेंजेन आ गई। जब वह पुलिस की गिरफ्त में आई तो पुलिस भी उसको देखकर हैरान रह गई।

पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक महिला की उम्र 52 साल होनी चाहिए थी। लेकिन वह प्लास्टिक सर्जरी करवाने के बाद 30 साल की लग रही थी। पुलिस ने बताया कि हमारे पास उस महिला की जो तस्वीरें थी वह काफी अलग थी। यह महिला हमको पहचान में ही नहीं आई। इस महिला ने अपना नाम भी बदल लिया। महिला ने अपना नाम हू नाजुआन रख लिया। उसने इसी नाम का एक पहचान पत्र बना लिया और उसके माध्यम से ट्रेन से पूरे देश में यात्रा करती रही। बता दें कि चीन में कई सारे लोग कर्ज नहीं चुका रहे हैं। इस कारण देश में कर्ज चुकाने वालों के विरुद्ध एक अभियान जारी किया गया है और अब तक 186 लोगों को अरेस्ट कर लिया गया है।