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इस जगह अपने आप ही खिसक कर दूसरी जगह चले जाते हैं पत्थर, आज तक कोई नहीं सुलझा पाया रहस्य

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विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है. लेकिन इसके बावजूद दुनिया में कई अनसुलझे रहस्य हैं, जिनके पीछे का खुलासा अभी तक नहीं हुआ है. ऐसा ही एक रहस्य पूर्वी कैलिफोर्निया में स्थित एक रेगिस्तान में भी है, जिसे डेथ वैली यानी मौत की घाटी के नाम से भी जाना जाता है.

कैलिफोर्निया के डेथ वैली की संरचना और तापमान वैज्ञानिकों के लिए हमेशा चर्चा का विषय रहता है. लेकिन यहां एक और हैरान करने वाली चीज है. यहां पत्थर अपने आप खिसकने लगते हैं, जिन्हें सेलिंग स्टोन्स भी कहा जाता है. यहां के रेस ट्रैक क्षेत्र में मौजूद 320 किलोग्राम तक के पत्थर भी एक जगह से खिसक कर दूसरी जगह पहुंच जाते हैं.

वैज्ञानिकों के लिए इस तरह पत्थरों का खुद-ब-खुद खिसकना किसी पहेली से कम नहीं है. 2.5 मील उत्तर से दक्षिण और 1.25 मील पूरब से पश्चिम तक बिल्कुल सपाट है. लेकिन यहां बिखरे पत्थर अपने आप खिसकते रहते हैं. यहां ऐसे 150 से ज्यादा पत्थर मौजूद हैं. हालांकि अभी तक किसी ने इन पत्थरों को अपनी आंखों से खिसकते हुए नहीं देखा है.

सर्दियों में यह पत्थर करीब 250 मीटर से ज्यादा दूर तक खिसके हुए मिलते हैं. मीडिया की खबरों के मुताबिक, वैज्ञानिकों ने पत्थरों के रहस्य का खुलासा करने के लिए एक टीम बनाई थी. इस टीम ने पत्थरों के ग्रुप का नामकरण कर 7 साल तक उनका अध्ययन किया. केरीन नाम का एक पत्थर लगभग 370 किलोग्राम था. लेकिन अध्ययन के दौरान वह बिल्कुल भी नहीं खिसका. कुछ साल बाद जब वैज्ञानिक वहां से वापस लौटे तो उन्होंने उस पत्थर को 1 किलोमीटर दूर पाया.

कुछ वैज्ञानिकों का यह कहना है कि यहां चलने वाली तेज रफ्तार हवाओं की वजह से पत्थर एक जगह से दूसरी जगह खिसक जाते हैं. शोध के मुताबिक, रेगिस्तान में 90 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं, रात को जमने वाली बर्फ और सतह के ऊपर की गीली मिट्टी की पतली परत, यह सारी चीजें मिलकर पत्थरों को गति प्रदान करती हैं.

स्पेन की कम्प्लूटेंस यूनिवर्सिटी के भू-वैज्ञानिकों ने शोध के लिए टीम बनाई और उन्होंने इसका कारण डेथ वैली की मिट्टी में मौजूद माइक्रोब्स की कॉलोनी को बताया था. यह माइक्रोब्स साइनोबैक्टीरिया व एककोशिकीय शैवाल हैं, जिनके कारण झील के तल में चिकना पदार्थ और गैस पैदा होती है. यह पत्थर तल में अपनी पकड़ नहीं बना पाते और जब सर्द मौसम में तेज हवाएं चलती हैं तो यह अपनी जगह से खिसक जाते हैं. अलग-अलग जगहों के वैज्ञानिकों ने इन पत्थरों को लेकर अलग-अलग शोध किए, लेकिन अभी तक इनके पीछे के रहस्य का खुलासा नहीं हुआ है.

गिरावट के तरह इंसानों का भी चमड़े का रंग बदल जाता हैं वजह हैं यह

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आज जो मैं आप को जानकारी देने वाला हैं वह बहुत ही खाश हैं जी हाँ आप को यह भी बता दें की गिरगिट की तरह इंसानों की भी त्‍वचा का रंग बदल सकता है यही आप को थोड़ा अजीब लगा होगा पर आप को यह भी बता दें की हमारी भी त्‍वचा का रंग लाल या नीला हो सकता है क्‍या

रंग बदल कर इंसान भी आसपास के परिवेश की तरह खुद को ढाल सकता है और तो और आप को यह भी बता दें की वैज्ञानिकों ने एक ऐसे चमड़े का आविष्‍कार किया है और तो और आप को यह भी बता दें की जो रंग बदलेगा कैम्ब्रिज के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्‍होंने ऐसे चमड़े का निर्माण किया जो गिरगिट की तरह रंग बदल सकता है और तो और आप को यह भी बता दें की

यह कृत्रिम चमड़ा रोशनी में गिरगिट की तरह रंग बदल सकता है आप को यह भी जानकारी दें दे की आप के मन मे यह भी लग रहा होगा की चमड़ा कैसे बदलेगा रंग बादल सकता हैं और तो और आप को यह भी बता दें की वैज्ञानिकों ने बताया कि इस कृत्रि‍म चमड़े में सोना के अत्यंत सुक्ष्म

कणों को पॉलिमर की खोल के अंदर भरा गया है और तो और आप को यह भी बता दें की सूक्ष्‍म कणों को दबाव की स्थिति में पानी के छोटे बुलबुलों के बीच रखा गया है आप को यह भी बता दें की इसके काम करने के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि जिन सुक्ष्म जल कणों के भीतर सारा कुछ समाया होता है, उन्हीं जल कणों की रोशनी अथवा गर्मी के प्रभाव की वजह से यह रंग बदलता रहता है जी हाँ और तो और आप को यह भी जानकारी दें ड्ने की कहाँ जाता हैं की समय के साथ इंसान मे भी बहुत परिवर्तन किया जाता हैं

यहां एक ही पेड़ पर लगते हैं 40 तरह के फल, कीमत जान थम जाएंगी सांसें

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आज हम आपको एक ऐसी सच्चाई से रूबरू करवाने जा रहे हैं, जिस पर एकबारगी किसी को भी यकीन नहीं आ सकता, लेकिन यह सौ फीसदी सच है। आमतौर हम जानते हैं कि एक पेड़ पर एक ही तरह का फल लग सकता है, लेकिन दुनिया में एक जगह ऐसी भी है, जहां एक ही पेड़ पर 40 तरह के फल लगते हैं। हैरान कर देने वाला यह पौधा तैयार किया है अमेरिका में एक विजुअल आर्ट्स के प्रोफेसर ने।

इस अद्भुत पौधा ‘ट्री ऑफ 40’ नाम से मशहूर है। इसमें बेर, सतालू, खुबानी, चेरी और नेक्टराइन जैसे कई फल लगते हैं। इस अनोखे पेड़ की कीमत आपके होश उड़ाने के लिए काफी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ‘ट्री ऑफ 40’ की कीमत करीब 19 लाख रुपये है।

अमेरिका की सेराक्यूज यूनिवर्सिटी में विजुअल आर्ट्स के प्रोफेसर सैम वॉन ऐकेन इस अनोखे पेड़ के जनक हैं। इस पेड़ को विकसित करने के लिए उन्होंने विज्ञान का सहारा लिया है। उन्होंने इस काम की शुरुआत साल 2008 में की थी, जब उन्होंने न्यूयॉर्क राज्य कृषि प्रयोग में एक बगीचे को देखा, जिसमें 200 तरह के बेर और खुबानी के पौधे थे।

दरअसल, वो बगीचा फंड की कमी से बंद होने वाला था, जिसमें कई प्राचीन और दुर्गम पौधों की प्रजातियां भी थीं। चूंकि प्रोफेसर वॉन का जन्म खेती से संबंधित परिवार में हुआ था, इसलिए उनकी दिलचस्पी भी खेती-बाड़ी में खूब थी। उन्होंने इस बगीचे को लीज पर ले लिया और ग्राफ्टिंग तकनीक की मदद से उन्होंने ‘ट्री ऑफ 40’ जैसे अद्भुत पेड़ को उगाने में सफलता हासिल की।

ग्राफ्टिंग तकनीक के तहत पौधा तैयार करने के लिए सर्दियों में पेड़ की एक टहनी कली समेत काटकर अलग कर ली जाती है। इसके बाद इस टहनी को मुख्य पेड़ में छेद करके लगा दिया जाता है। इसके बाद जुड़े हुए स्थान पर पोषक तत्वों का लेप लगाकर सर्दी भर के लिए पट्टी बांध दी जाती है। इसके बाद टहनी धीरे-धीरे मुख्य पेड़ से जुड़ जाती है और उसमें फल-फूल आने लगते हैं।

देखे कैसे अपने अंगूठे के दम पर रातों रात Tik Tok स्टार बन गया यह लड़का

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है। यह वीडियो मैसाचुसेट्स के वेस्टपोर्ट के एक लड़के का है। जो तेजी से वायरल हो रहा है। अब आप सोच रहें होंगे कि इस लड़के में ऐसा क्या टैलेंट है जिसका वीडियो छाया हुआ है। यह लड़का अपने 5 इंच के अंगूठे के वजह से सुर्खियां बटोर रहा है। इस स्टूडेंट का नाम जैकब पीना है, जो अपने लंबे अंगूठे के कारण सुर्खियों में आ गया है। उसकी बाकी उंगलियां आम लोगों की तरह हैं, लेकिन अंगूठा काफी बढ़ा है।

टिकटॉक वीडियो के जरिए दनिया को इस लड़के ने अपना 5 इंच का वीडियो दिखाया है। टिकटॉक पर 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जैकब पीना के अंगूठे के कारण बन गए हैं। ए5 पेपर जितनी तो जैकब पीना के अंगूठे की चौड़ाई है। कोक के केन की जितनी उनके अंगूठे की ऊंचाई है। 20 वर्षीय जैकब को भी नहीं पता कि उनका अंगूठा इतना लंबा क्यों है। उनका कहना है कि उनको भी अजीब सा लगता है। उनके अंगूठे को देखने के बाद लोग उन्हें एलियन कह रहे हैं। लेकिन जैकब ने हेटर्स को इग्नोर किया और पॉजीटिव होकर टिकटॉक वीडियो बनाते हैं।

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है। यह वीडियो मैसाचुसेट्स के वेस्टपोर्ट के एक लड़के का है। जो तेजी से वायरल हो रहा है। अब आप सोच रहें होंगे कि इस लड़के में ऐसा क्या टैलेंट है जिसका वीडियो छाया हुआ है। यह लड़का अपने 5 इंच के अंगूठे के वजह से सुर्खियां बटोर रहा है। इस स्टूडेंट का नाम जैकब पीना है, जो अपने लंबे अंगूठे के कारण सुर्खियों में आ गया है। उसकी बाकी उंगलियां आम लोगों की तरह हैं, लेकिन अंगूठा काफी बढ़ा है।

टिकटॉक वीडियो के जरिए दनिया को इस लड़के ने अपना 5 इंच का वीडियो दिखाया है। टिकटॉक पर 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स जैकब पीना के अंगूठे के कारण बन गए हैं। ए5 पेपर जितनी तो जैकब पीना के अंगूठे की चौड़ाई है। कोक के केन की जितनी उनके अंगूठे की ऊंचाई है। 20 वर्षीय जैकब को भी नहीं पता कि उनका अंगूठा इतना लंबा क्यों है। उनका कहना है कि उनको भी अजीब सा लगता है। उनके अंगूठे को देखने के बाद लोग उन्हें एलियन कह रहे हैं। लेकिन जैकब ने हेटर्स को इग्नोर किया और पॉजीटिव होकर टिकटॉक वीडियो बनाते हैं।

अश्लील कमेंट लाइक करने पर भड़कीं स्वरा भास्कर, बीजेपी सांसद ने मांगी माफी

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अभिनेत्री स्वरा भास्कर के ट्विटर पर एक पोस्ट पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लाइक करके फैजाबाद के बीजेपी सांसद लल्लू सिंह बुरे फंस गए। जब स्वरा भास्कर ने उनके इस कृत्य के लिए तीखी आलोचना की तो लल्लू सिंह को माफी तक मांगनी पड़ी।

दरअसल, बीजेपी नेता लल्लू सिंह ने स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) पर आए भद्दे कमेंट को लाइक किया था। इस बात पर एक्ट्रेस ने बीजेपी नेता पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया और उन्हें जमकर फटकार लगाई। हालांकि, इसके बाद बीजेपी नेता लल्लू सिंह ने माफी भी मांगी।

स्वरा ने सोमवार को अपनी एक तस्वीर पोस्ट की थी। इस पोस्ट पर ऋतेश गोस्वामी नाम के एक व्यक्ति ने आपत्तिजनक जवाब दिया था। ऋतेश के इस जवाब को लल्लू सिंह के ट्विटर हैंडल से लाइक किया गया। इसके बाद मंगलवार को स्वरा ने लल्लू सिंह द्वारा इस जवाब को लाइक करने पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा कि लल्लू सिंह आप मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चंद्र की नगरी का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं, साइबर कानून के हिसाब से साइबर यौन उत्पीड़न करती इस घटिया ट्वीट को लाइक करके आप ऐसी ओछी हरकत को प्रोत्साहित कर रहे हैं। आप मेरे पिता की उम्र के हैं और इस देश की संसद का हिस्सा हैं। आपको महिलाओं की इज्जत का उदाहरण बनना चाहिए।

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स्वरा भास्कर की इस तीखी प्रतिक्रिया के बाद लल्लू सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल से माफी मांगी। उन्होंने लिखा कि मैं इस कृत्य के लिए माफी मांगता हूं। स्क्रॉल करते समय अनजाने में ऐसा हो गया होगा। मेरा इस तरह का कोई उद्देश्य नहीं है कि किसी की भावनाओं को आहत करूं। आप मेरे सामाजिक व व्यक्तिगत जीवन के बारे में स्वयं पता कर सकती हैं।

मैं नहीं ऑपरेट करता अपना हैंडल, लेकिन माफी मांगता हूं

लल्लू सिंह ने बातचीत में कहा कि मैं अपना ट्विटर हैंडल खुद ऑपरेट नहीं करता हूं। मेरा बेटा चलाता है और कुछ और भी लोग हैं, जिनकी मदद वह लेता है। हालांकि, वे लोग इस काम के लिए पैसा नहीं लेते हैं। मैं अपनी बातें उनको बता देता हूं, वे पोस्ट कर देते हैं। अब तक कभी ऐसा नहीं हुआ। ऐसा अनजाने में ही हुआ है क्योंकि जैसे ही मुझे इस बारे में पता चला, मैंने उनसे पूछा तो उन्होंने बताया। यह मेरे हैंडल से हुआ है, इसलिए माफी मांग रहा हूं। उसे हटा भी लिया गया है।

यह है दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी, जिसके सेवन से इन तमाम बीमारियों से मिलेगा छुटकारा

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क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी कौन सी है? अगर नहीं जानते तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी सब्जीे के बारें में जिसे खाकर आप फौलाद जैसे दिखने लगेंगे। इस सब्जी का नाम है कंटोला जिसमें तमाम औषधि जैसे गुण भी है।कंटोला ककोड़े और मीठा करेला के नाम से भी जाना जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में….

इस सब्जी के बारे में लोगों का कहना है कि इसमें मीट से 50 गुना ज्यादा ताकत और प्रोटीन होता हैं। कंटोल में मौजूद फाइटोकेमिकल्स स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में मिलता है। आमतौर पर कंटोला मानसून के मौसम में बाजार में आता है। आइये जानते हैं इसके फायदे के बारे में

कंटोला के सेवन से नहीं होगी ये बीमारियां

बीपी: कंटोला में मौजूद मोमोरेडीसिन तत्व एंटीऑक्सीडेंट, एंटीडायबिटीज और एंटीस्टे्रस की तरह काम करता है। इसका सेवन करने से बीपी कंट्रोल हो जाता है।

पाचन क्रिया: अगर आप इसकी सब्जी नहीं खाना चाहते तो अचार बनाकर भी सेवन कर सकते हैं। आयुर्वेद में कई रोगों के इलाज के लिए इसे औषधि के रूप में प्रयोग करते हैं। यह पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कैंसर: कंटोला में मौजूद ल्युटेन जैसे केरोटोनोइडस विभिन्न नेत्र रोग, हृदय रोग और यहां तक कि कैंसर की रोकथाम में सहायक है।

सर्दी-खांसी: कंटोल में एंटी-एलर्जन और एनाल्जेसिक सर्दी खांसी से राहत प्रदान करने और इस रोकन में काफी सहायक है।

वेट लॉस: कंटोला में प्रोटीन और आयरन भरपूर होता है जबकि कैलोरी कम मात्रा में होती है। यदि 100 ग्राम कंटोला की सब्जी का सेवन करते हैं तो 17 कैलोरी प्राप्त होती है। जिससे वजन घटाने वाले लोगों के लिए यह बेहतर विकल्प है।

पुरोहितों ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से देश से आरक्षण खत्म करने की मांगी दक्षिणा…

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राष्ट्रीय समन्वय बैठक में भाग लेने के लिए संघ प्रमुख मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat) मंगलवार को तीर्थ नगरी पुष्कर (Pushkar) पहुंचे. भागवत ने पुष्कर यात्रा का शुभारंभ निम्बार्कपीठ के परशुराम मंदिर में दर्शन और पवित्र पुष्कर सरोवर में पूजा-अर्चना (Prayer) के साथ की. इस दौरान पुरोहितों ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से दक्षिणा के रूप में देश से आरक्षण खत्म कराने की मांग कर दी. इससे पहले संघ प्रमुख का परशुरामद्वारा में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया गया. बाद में संघ प्रमुख ने गिरधर गोपाल मंदिर और परशुराम देवाचार्य मंदिर के दर्शन भी किए. पवित्र सरोवर की पूजा-अर्चना के समय संघ प्रमुख मोहन भागवत के साथ निम्‍बार्काचार्य श्रीजी श्याम शरण देवाचार्य भी थे. बाद में श्रीजी और संघ प्रमुख के बीच बंद कमरे में मुलाकात भी हुई.

11 सितम्बर तक पुष्कर में रहेंगे सर संघचालक

आरएसएस की अखिल भारतीय समन्वय बैठक 7 सितम्बर से पुष्कर में होगी. इसके लिए सर संघचालक 3 से 11 सितम्बर तक पुष्कर में ही रहेंगे.

अखिल भारतीय समन्वय बैठक 7 सितम्बर से शुरू होकर 9 सितम्बर तक चलेगी. बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य और समाज जीवन के विविध क्षेत्रों (सामाजिक, धार्मिक, आर्थिक, शिक्षा, सेवा आदि) में काम करने वाले तीन दर्जन संगठनों के करीब 200 पदाधिकारी शामिल होंगे. बैठक में सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, कृषि, पर्यावरण, जल संरक्षण समेत अन्य समसामायिक विषयों पर मंथन होगा. इस दौरान विविध क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों के कार्यकर्ता भी अनुभव, विचार और उपलब्धि साझा करेंगे. उन्होंने कहा कि बैठक के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.

दिग्विजय Vs उमंग सिंघार: वन मंत्री सीएम हाउस तलब, कमलनाथ ने दी ये सलाह…

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मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्‍यमंत्री दिग्विजय सिंह (Former Chief Minister Digvijay Singh) और वन मंत्री उमंग सिंघार (Forest Minister Umang Singhar) के बीच बढ़ते विवाद को देखकर सीएम कमलनाथ (CM Kamal Nath) एक्टिव हो गए. सीएम कमलनाथ ने मंगलवार को वन मंत्री उमंग सिंघार को तलब किया. मंत्री सिंघार शाम करीब सवा सात बजे सीएम हाउस (CM House) पहुंचे और करीब 1 घंटे तक वहां रहे. हालांकि सीएम कमलनाथ से मुलाकात के बाद उमंग सिंघार ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की और सीधे सीएम हाउस से रवाना हो गए.

सूत्रों की मानें तो सीएम कमलनाथ ने उमंग सिंघार को ऐसी किसी भी बयानबाजी से बचने के लिए कहा है, जिससे सरकार की छवि खराब होती हो. जबकि वन मंत्री उमंग सिंहार के अलावा सीएम कमलनाथ ने मंगलवार शाम पार्टी के कई और बड़े नेताओं से भी मुलाकात की, जिसमें कैबिनेट मंत्री कमलेश्वर पटेल, हर्ष यादव, जीतू पटवारी और कांग्रेस प्रदेश मीडिया प्रभारी शोभा ओझा शामिल थीं.

बता दें, इससे पहले पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को लेकर वन मंत्री सिंघार के बयानों का दौर तीसरे दिन भी जारी रहा. मंगलवार सुबह उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर तक करार दे दिया. उनके बयान से भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस में हड़कंप है, तो बीजेपी सरकार को घेरने में जुटी है.
>>7 बजकर 15 मिनट पर उमंग सिंघार सीएम हाउस पहुंचे.
>>8 बजकर 20 मिनट पर उमंग सिंघार सीएम हाउस से रवाना हुए. >>उमंग सिंघार ने मीडिया से बात नहीं की.

किसने क्या कहा?
दिग्विजय और सिंघार के बीच चल रही ‘तनातनी’ को लेकर कांग्रेस की मीडिया प्रभारी शोभा ओझा ने कहा कि ये घर की बात है, पार्टी में सब कुछ ठीक है. ये जो पूरा विवाद है, उस पर सीएम कमलनाथ चर्चा कर रहे हैं. ये मसला जल्द सुलझ जाएगा.

जबकि कैबिनेट मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि पत्र लिखना और जवाब देना दोनों नेताओं का अधिकार है. दिग्विजय सिंह सीनियर नेता हैं उन पर किसी तरह की टिप्पणी करना ठीक बात नहीं है बल्कि उमंग सिंघार के बयान पर मैं और कुछ ज्यादा नहीं कह सकता.

जम्मू कश्मीर में प्लाट खरीदने से पहले जान ले वहां की जमीन की कीमत,जानकर उड़ जाएंगे होश !

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हम आपको कश्मीर में प्लाट खरीदने वालों के लिए कश्मीर की जमीन की कीमत बताने जा रहे हैं।
धारा 370 हटते ही लोगों के दिल में कश्मीर जैसी खूबसूरत वादियों में जमीन खरीदने की इच्छा जाग उठी है और लोग इसके प्रति बहुत सादा सक्रिय भी हो गए हैं भारतीय जनता द्वारा कश्मीर में बढ़ती हुई जमीन की मांग को देखकर लगता है आने वाले समय में वहां पर जमीन की कीमतें आसमान छूने वाली है ।
कश्मीर में बिकने वाली जमीन कैनाल यूनिट के हिसाब से बिकती हैं जिनकी वर्तमान मार्केट वैल्यू 52.2 लाख रुपए प्रति कैनाल है अगर ग्रामीण क्षेत्रों की बात की जाए तो वहां बिकने वाले प्लॉट की कीमत 15.75 लाख रुपए प्रति केनाल है।
जम्मू कश्मीर में दिखने वाली जमीन की यूनिट के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं इसलिए आपको बता दें जमीन को मापने वाली इकाई कैनाल 5400 वर्ग फीट के बराबर होती है और अगर इसे वर्ग मीटर में देखा जाए तो यह 510 वर्ग मीटर के बराबर है इतना ही नहीं यार्ड में इस इकाई का मान 605 वर्ग यार्ड है। इसलिए जम्मू कश्मीर में प्लाट खरीदने से पहले आप अपने बजट की व्यवस्था करके चले कश्मीर में प्लाट खरीदना इतना आसान नहीं होने वाला।

शिवकुमार की गिरफ्तारी का विरोध, बसें जलाईं-पथराव…

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कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहा है. रामनगर में मंगलवार देर रात दो बसों को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि कई बसों पर पथराव किया गया है.

पुलिस के मुताबिक, रामनगर मंडल में करीब 10 बसों पर पथराव किया गया है. बसों के शीशे टूट गए हैं. रामनगर पुलिस ने बसों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. इसके साथ ही आज रामनगर के सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे.

रामनगर में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है

कांग्रेस के कार्यकर्ता आज भी प्रदर्शन कर सकते हैं. एहतिहात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की एक टीम को भी तैनात किया गया है.

संकटमोचक की गिरफ्तारी, दिल्ली से कर्नाटक तक कोहराम

कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली से कर्नाटक तक कोहराम मच गया. बैंगलुरु में गिरफ्तारी की खबर आते ही डीके शिवकुमार के समर्थक सड़क पर उतर आए. बेकाबू समर्थकों ने सड़क जाम कर सरकारी बसों को आग के हवाले कर दिया.

चार दिन तक पूछताछ, रो पड़े थे डीके शिवकुमार

डीके शिवकुमार को मंगलवार शाम ईडी ने दबोच लिया. दिल्ली में चार दिन से उनकी पूछताछ हो रही थी. गणेश चतुर्थी को ईडी दफ्तर जाते वक्त डीके शिवकुमार रो पड़े थे. गिरफ्तारी के बाद डीके शिवकुमार ने ट्वीट कर गिरफ्तारी को बदले की कार्रवाई बताया.

बदले की कार्रवाई का शिकार हूं: शिवकुमार

डीके शिवकुमार ने कहा था, ‘मैं अपने बीजेपी के मित्रों को बधाई देता हूं कि उन्होंने मुझे गिरफ्तार करने के मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया. मेरे खिलाफ आईटी और ईडी केस राजनीतिक रूप से प्रेरित है. मैं बीजेपी की बदले की कार्रवाई का शिकार हूं.