Home Blog Page 2705

सुषमा और जेटली के बाद एक और दिग्गज भाजपा नेता की मौत, फिर शोक में डूबी पार्टी

0

भारतीय जनता पार्टी में नेताओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी को लगातार एक के बाद एक झटके लगते जा रहे हैं। पहले पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का अचानक दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। इसके बाद अरुण जेटली ने भी मौत से लंबी जंग के बाद दम तोड़ दिया। अब एक और बड़े भाजपा नेता की मौत हो गई है। आइए जानें वो कौन हैं और उनकी मौत कैसे हुई।
भाजपा में नहीं थम रहा मौतों का सिलसिला
भारतीय जनता पार्टी में मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक के बाद एक पार्टी में किसी बड़े नेता का निधन होता जा रहा है। ये सिलसिला सुषमा स्वराज की मौत से शुरू हुआ था। उनकी अचानक ही मौत हो गई थी, जिससे पार्टी सदमे में आ गई थी। इसके बाद पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की भी मौत हो गई। वो कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे।
अब जानें किस भाजपा नेता की हुई मौत
सुषमा और जेटली के बाद अब हरियाणा के बड़े भाजपा नेता देवीदास की मौत हो गई। वो कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उनकी जान बचाने के लिए छह महीने पहले उनको वेंटिलेटर पर लाया गया था। हाालंकि मंगलवार को उनका निधन हो गया। देवीदास हरियाणा की सोनीपत सीट से तीन बार विधायक का चुनाव जीत चुके थे। देवीदास इमरजेंसी के बाद पहली बार 1977 में सोनीपत से विधायक बने थे। इसके बाद 1982 व 1987 में भी सोनीपत से जीत दर्ज की थी।

फ़िल्म मे हीरोइन के मरने से अमर हो गई भारत की ये 5 फिल्मे, नंबर 2 ने रुला दिया सभी को

0

फ़िल्म या चलचित्र में तस्वीरों को इस तरह एक के बाद एक प्रदर्शित किया जाता है जिससे गति का आभास होता है। फ़िल्में अकसर विडियो कैमरे से रिकार्ड करके बनाई जाती हैं, या फ़िर एनिमेशन विधियों या स्पैशल इफैक्ट्स का प्रयोग करके। आज ये मनोरंजन का महत्त्वपूर्ण साधन हैं लेकिन इनका प्रयोग कला-अभिव्यक्ति और शिक्षा के लिए भी होता है। भारत विश्व में सबसे अधिक फ़िल्में बनाता है। फ़िल्म उद्योग का मुख्य केन्द्र मुंबई है,
इन फिल्मो ने लोगो के दिलो को छू लिया और इतना ही नहीं फ़िल्म ने लोगो की आँखे भी नम कर दी थी.
1.सनम तेरी कसम – दोस्तों साल 2016 मे रिलीज़ हुई फ़िल्म सनम तेरी कसम एक रोमांटिक इमोशनल फ़िल्म है. फ़िल्म को राधिका राव और विनय सप्रू ने डायरेक्ट किया था. दोस्तों इस फ़िल्म मे हर्षवर्धन राणे और मावरा होकेन मुख्य भूमिका मे है. दोस्तों इन दोनों ने एक साथ पहली बार काम किया है. दोस्तों फ़िल्म मे आपको याद होगा हीरोइन को बीमारी होने की वजह से अपनी सदी के दिन ही मर जाती है और ये देख सभी की आँखों से आंसू आ जाते है.
2.क़िस्मत – दोस्तों साल 2018 मे रिलीज़ हुई फ़िल्म क़िस्मत एक रोमांटिक इमोशनल कॉमेडी फ़िल्म है. इस फ़िल्म को जगदीप संदु ने डायरेक्ट किया है. दोस्तों फ़िल्म मे अम्मी विर्क और सरगुन मेहता, गुग्ग गिल, मुख्या भूमिका में हैं. दोस्तों ये एक पंजाबी फ़िल्म है. फ़िल्म मे दोस्तों हीरोइन को बीमारी होती है और उसी की वजह से लास्ट तक हीरो से अपने प्यार का इजहार नहीं करती है.
3.तेरे नाम – साल 2003 मे रिलीज़ हुई फ़िल्म तेरे नाम एक रोमांटिक इमोशनल फ़िल्म है. फ़िल्म को सतीश कौशिक ने डायरेक्ट किया है. दोस्तों इस फ़िल्म मे सलमान खान, भूमिका चावला और रवि किशन मुख्या भूमिका मे है. दोस्तों फ़िल्म मे लास्ट सीन मे जब हीरोइन किसी और से शादी करने के बजाये ज़हर कहा के मर जाते है और ये देख हीरो और भी ज्यादा पागल हो जाता है.
4.थेरी – दोस्तों साल 2016 मे रिलीज़ हुई फ़िल्म थेरी एक रोमांटिक एक्शन थ्रिलर फ़िल्म है. दोस्तों इस फ़िल्म को एटली कुमार ने डायरेक्ट किया है. दोस्तों इस फ़िल्म मे विजय और सामंथा रुथ प्रभु, एमी जैक्सन, महेंद्रन, प्रभु और राधिका मुख्य भूमिका मे है. दोस्तों फ़िल्म मे एक सबसे ज्यादा इमोशनल सीन आता है जब हीरोइन को गोली लगी होती है फिर भी वो अपने बच्चे को बचती है और हीरो को दे देती है. ये देख सभी बहुत ज्यादा भावुक हो गए थे.
5.गजनी – साल 2008 मे रिलीज़ हुई फ़िल्म गजनी एक रोमांटिक थ्रिलर फ़िल्म है. दोस्तों इस फ़िल्म को ए.आर. मुरुगादॉस ने डायरेक्ट किया है. दोस्तों इस फ़िल्म मे आमिर खान, असिन, जिया खान और प्रदीप रावत मुख्य भूमिका मे है. दोस्तों इस फ़िल्म मे जब हीरो हीरोइन को अपनी सचाई बताने जाता है और तब ही विलेन हीरोइन को बुरी तरह मारता है ये देख सभी की आंखे भर आती है.

केबीसी में 6.40 लाख रुपए के लिए पूछा गया ये कठिन सवाल, 99 प्रतिशत लोग नहीं जानते इसका जवाब

0

अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किए जाने वाला गेम शो कौन बनेगा करोड़पति दर्शको को खूब पसंद आ रहा है. हर दिन इस शो में प्रतिभागी लाखो की धन राशि जीत रहे है. बुधवार रात को टेलीकास्ट हुए इस शो के एपिसोड में राजरानी भल्ला हॉट सीट पर पहुंची थी.

राजरानी ने केबीसी में 6.40 लाख रुपए की धनराशि जीती थी. इस दौरान केबीसी में 6.40 लाख रुपए के लिए एक बेहद ही कठिन सवाल पूछा गया. हमें यकीन है कि आप में अधिकतर लोग इसका सही जवाब नहीं जानते है. आइए अब जानते है कि वो सवाल क्या था. केबीसी में 6.40 लाख रुपए के लिए पूछा गया कठिन सवाल ये था कि इन में से कौनसा शहर एक बिम्सटेक देश की राजधानी है. जिसके ऑप्शन में नाएप्यीडॉ, कुआलालंपुर, जकार्ता, सेंटियागो थे.

PM दौरा : अब मानकापुर स्टेडियम में सभा

0

विधानसभा चुनावों के पूर्व नागपुर में 7 सितंबर को होने जा रही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जनसभा के लिए भले ही पहले कस्तूरचंद पार्क का स्थल निर्धारित किया गया, लेकिन बारिश के कारण कीचड़ से सने मैदान को देखते हुए यहां जनसभा संभव नहीं होने के चलते ही अब मानकापुर स्टेडियम में सभा होने जा रही है. सूत्रों के अनुसार शनिवार की शाम 5 से 7 बजे तक मानकापुर स्टेडियम में कई योजनाओं का ई-लोकार्पण होने की संभावना है. हालांकि मुख्य रूप से लोकमान्य तिलकनगर से बर्डी तक शुरू होनेवाली मेट्रो रेल का लोकार्पण तो तय है, लेकिन इसी के साथ संभवत: सिंदी में रेल कोच फैक्टरी, गोरेवाड़ा जू को केंद्र से मिली मंजूरी तथा प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी प्रकल्प घरकुल योजना को भी हरी झंडी मिलने की संभावना सूत्रों ने जताई.

प्रशासन की बढ़ी परेशानी 
कस्तूरचंद पार्क पर होनेवाली सभा के लिए एयरपोर्ट से लेकर केपी मैदान तक के मार्ग की सूरत बदलने के लिए प्रशासन की ओर से खासी तैयारियां की जा रही थीं. यहां तक कि सड़कों का भी हुलिया बदलने की कवायद की जा रही थी. लेकिन अब अचानक कार्यक्रम स्थल बदलने से प्रशासन की परेशानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. हाल ही में मिली आतंकी घटनाओं की चेतावनी के चलते प्रधानमंत्री के रूट को काफी गोपनीय रखा जा रहा है. इसके बावजूद संभावित मार्ग के अनुसार एयरपोर्ट से वर्धा मार्ग होते हुए ही उनका जाना लगभग तय है, जिससे कम से कम वर्धा रोड को चाकचौबंद करने में प्रशासन जुटा हुआ है. इसके अलावा यदि वीआईपी रोड से भी उनका काफिला जाता है, तो वनभवन के पास की सड़क की दुर्दशा प्रशासन के लिए खासी परेशानी खड़ी कर सकती है.

अब नए सिरे से जुटा प्रशासन 
उल्लेखनीय है कि कस्तूरचंद पार्क पर सभा निर्धारित किए जाने के बाद से प्रशासन की ओर से बारिश से भी निपटने के लिए कई इंतजाम किए जा रहे थे. यहां तक कि मंच के आसपास वीआईपी लोगों के बैठने की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए बारीक गिट्टी बिछाने के लिए ट्रकों से गिट्टी लाई गई.

लेकिन अब अचानक कार्यक्रम स्थल बदलने से प्रशासन की 3 दिन की मेहनत बेकार गई. अब नए सिरे से कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के साथ ही अन्य व्यवस्था के लिए प्रशासन जुट गया है. एक ओर जहां प्रशासन जुटा है, वहीं इसका राजनीतिक लाभ उठाने के लिए भाजपा की ओर से भी मंगलवार को महत्वपूर्ण बैठक ली गई, जिसमें विधायकों से लेकर तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे.

नागपुर-दिल्ली विमान सेवा रात 2 बजे

0

 दिल्ली जाकर पूरे दिन काम करना है, तो जल्द ही एयर इंडिया दिल्ली के लिए ऐसी विमान सेवा शुरू करने जा रही है कि वहां पर सुबह 3.40 बजे पहुंचा जा सके और कार्य कर पुन: उसी दिन रात के फ्लाइट से वापस आया जा सके. एयर इंडिया 28 सितंबर से नागपुर-दिल्ली और दिल्ली-नागपुर सेवा शुरू करने जा रही है. यह रात में जाने वालों के लिए एक सुनहरा मौका है. इतना ही नहीं, इस विमान सेवा के लिए कंपनी काफी कम किराया ले रही है ताकि अधिक से अधिक पैसेंजर को आकर्षित किया जा सके.

विमान क्षेत्र से जुड़े लोगों ने बताया कि कंपनी 28 सितंबर को नागपुर से दिल्ली के बीच सेवा शुरू करेगी. विमान रात 2 बजकर 05 मिनट पर नागपुर से दिल्ली के लिए रवाना होगा और सुबह 3.40 बजे दिल्ली पहुंचेगा. वर्तमान में इसका किराया 1851 रुपये चल रहा है. सुबह पहुंचकर पूरे दिन कार्य करने वालों के लिए यह अच्छी सेवा साबित हो सकती है. इसी प्रकार यही विमान दिल्ली से रात 11.30 बजे रवाना होगा और रात को 1.35 बजे नागपुर पहुंचेगा. दिल्ली से नागपुर के लिए इस वक्त किराया 1500 रुपये चल रहा है. आम तौर पर दिल्ली रूट पर किराया 3500 रुपये से 5000 रुपये के बीच सामान्य दिनों में रहता है. इस विमान से आना-जाना काफी सस्ता भी पड़ सकता है.

रात को रनवे का उपयोग 
ऐसा पहली बार हो रहा है कि घरेलू रूट पर देर रात विमान सेवा कोई एयरलाइंस शुरू करने जा रही है. इसके पूर्व इंटरनेशनल रूट पर ही रात में रनवे का उपयोग हो रहा था. अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो कई अन्य कंपनियां दूसरे रूट पर भी इस प्रकार देर रात की सेवा शुरू कर सकती हैं. नोवा टूर्स के मनविंदर विज ने बताया कि इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने वालों के लिए दिल्ली सेवा की टाइमिंग काफी अच्छी है, क्योंकि दिल्ली से कई कनेक्टिंग फ्लाइट मिल रही है. एयरलाइंस ने इसी के मद्देनजर यह कदम उठाया है.

कोच्चि विमान रद्द 
इस बीच कोच्चि के लिए विमान सेवा शुरू की गई थी, लेकिन बरसात के दिनों में विमान सेवा काफी प्रभावित हो रही है. मंगलवार को भी सुबह की विमान सेवा रद्द कर दी गई. सूत्रों का कहना है कि बरसात के दिनों में दक्षिण जाने वालों की संख्या काफी कम हो जाती है, क्योंकि व्यापारिक गतिविधियां थम जाती हैं, इसलिए पैसेंजर नहीं मिल पाते. यही कारण है कि एयरलाइंस को बार-बार विमान रद्द करने जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं. बाकी दिनों में पैसेंजर की सं‌ख्या अच्छी रहती है.

28 से एयर इंडिया की दिल्ली विमान सेवा 
रूट प्रस्थान आगमन भाड़ा
नागपुर से दिल्ली 2.05 (रात) 3.40 1851 रु.
दिल्ली से नागपुर 11.30 (रात) 01.35 1500 रु.

चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया कंपनियों से कहा – ‘विधानसभा चुनाव में तय नियमों का पालन करें’

0

 देश में अगले कुछ महीनों में चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इन चुनावों के दौरान सोशल मीडिया अहम रोल निभाएगा। सोशल मीडिया पर आदर्श आचार संहिता के दौरान किसी भी तरह के नियमों का उल्लंघन ना हो इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सभी सोशल मीडिया कंपनियों को कहा है कि वे लोकसभा चुनाव की तर्ज पर ही राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में कोड ऑफ कंडक्ट का पालन करें।

चुनाव आयोग ने फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, गूगल, शेयर चैट और बाइटडांस जैसी सोशल कंपनियों को इसे लेकर निर्देश दिए हैं। इसके पीछे आयोग का मकसद शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है।

EC ने इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया को पत्र भेजा है जो चुनाव आयोग और सोशल मीडिया और इंटरनेट कंपनियों के बीच माध्यम बनेगा। पत्र में लिखा गया है कि ‘ये आवश्यक है कि IAMAI के अंतर्गत आने वाली सभी सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा भविष्य में होने वाले चुनाव में कोड ऑफ इथिक्स का पालन किया जाए।’

बता दें कि हरियाणा और महाराष्ट्र में इसी साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होना है। झारखंड में जनवरी 2020 में जबकि दिल्ली में फरवरी 2020 में विधानसभा चुनाव होना है। EC द्वारा भेजे गए ईमेल पर अब तक फेसबुक, गूगल औऱ बाइटडांस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। वहीं दूसरी ओर ट्विटर, व्हाट्सएप और शेयरचैट ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है।

वहीं, IAMAI की एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट चित्रिता चटर्जी को सोमवार को पत्र मिल गया है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री एसोसिएशन इसे लेकर सोशल मीडिया कंपनी की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रही है।

लोकसभा चुनाव के पहले मार्च में चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए गाइडलाइन बनाई थी, जिससे चुनाव के दौरान ज्यादा पारदर्शिता रखी जा सके। विधानसभा चुनाव के दौरान भी आयोग इसे जारी रखना चाहता है। 

सिंगल यूज प्‍लास्टिक पर 2 अक्टूबर से लग सकती है पाबंदी, मास्टर प्लान तैयार…

0

इस साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने भाषण में भारत को प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्त करने की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था हम सबको मिलकर 2 अक्टूबर से भारत को प्लास्टिक से मुक्त करना है. इस पर प्लान तैयार करने को लेकर मोदी सरकार में युद्ध स्तर पर काम शुरू हो चुका है.

बता दें कि पिछले हफ्ते मिनिस्टर ऑफ काउंसिल की बैठक में ड्रिंकिंग वॉटर और सैनिटेशन के सचिव परमेश्वरन ने एक प्रेजेटेशन दी थी कि कैसे भारत को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त किया जाएगा.

एक बार इस्तेमाल कर फेंके जाने वाले प्लास्टिक यानी सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाम कसने की सरकार ने जी जान से तैयारी शुरू कर दी है. इससे संबंधित हर मंत्रालय को जिम्मेदारी सौंप दी गई है. जैसे रेलवे मंत्रालय ने 2 अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पाबंदी लगाने का फैसला किया है.

उसी तरह से सड़क और परिवहन मंत्रालय द्वारा 11 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देश भर के राजमार्गों के आस-पास जमा प्लास्टिक को इकट्ठा करने का अभियान चलाया जाएगा.

इस अभियान के तहत जो भी प्लास्टिक इकट्ठा होगी उस कचरे का इस्तेमाल सीमेंट के भट्ठों और सड़कों को बनाने में किया जाएगा. इसके साथ ही सभी मंत्रालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगेगी.

2 अक्टूबर को पूरे देश में स्वच्छता और श्रमदान अभियान चलाया जाएगा. इसके साथ ही मंत्रियों, सांसदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को कहा गया है कि वो अपने-अपने क्षेत्रों में श्रमदान करें. साथ ही सफाई अभियान में स्थानीय लोगों का सहयोग लें.

प्रेजेटेशन में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभी तक उठाए गए कदमों की समीक्षा भी की गई है. इसमें नोडल मंत्रालयों के साथ प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और कैबिनेट सचिव ने अभी तक की तैयारियों की समीक्षा की है.

अभी तक उद्योग जगत और विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा किया जा चुका है. स्वच्छता ही सेवा अभियान के छह लाख स्वाच्छाग्रहियों के नेटवर्क को सक्रिय कर दिया गया है.

रानू मंडल के दिन बदलते ही बदले बेटी के तेवर…

0

रानू मंडल 10 साल से स्टेशन पर गाना गाकर वह गुजारा करती थीं। तभी किसी ने रानू का गाना गाते हुए वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और वह रातोंरात स्टार बन गईं। इस तस्वीर के वायरल होते ही ऐसी खबरें आईं कि रानू की बेटी उनसे 10 साल बाद मिलने पहुंची। अब रानू की बेटी सामने आईं और उन्होंने रानू की जिंदगी से जुड़े कई राज खोले।

रानू मंडल की बेटी का नाम एलिजाबेथ है। एलिजाबेथ ने कहा- ‘मुझे नहीं पता था मेरी मां रेलवे स्टेशन पर गाती थी। मैं कुछ दिन पहले कोलकाता से धर्मतला गई थी। वहां मैंने मां को एक बस स्टैंड पर बैठे देखा। मैं तुरंत उनके पास गई और उन्हें 200 रुपये देकर घर जाने को कहा। मां के चारों बच्चों में से मैं ही थी जो उनका ख्याल रखती थी। मेरा तलाक हो गया है और मैं सूरी में किराने की छोटी सी दुकान चलाती हूं। अपने 4 साल के बच्चे का भी ध्यान रख रही हूं।’

‘मैंने कई बार कोशिश की मां मेरे साथ रहें लेकिन उन्होंने आने से इनकार कर दिया। अब जनता मेरे ऊपर आरोप लगा रही है। मां ने दो शादियां की थी। दो शादियों से उनके चार बच्चे हैं। रानू के पहले पति मेरे पिता थे। उनका दूसरा पति अभी जिंदा है।’रानू मंडल ने अपना तीसरा गाना रिकॉर्ड कर लिया है। इस बार रानू ज्यादा आत्मविश्वास के साथ गाती नजर आ रही हैं।

कोलकाता: मेट्रो टनल के कारण गिर रही हैं दुकानें, सोना व्यापरियों की करोड़ों रुपये की ज्‍वैलरी फंसी

0

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बौबाजार इलाके में रविवार से एक के बाद एक कई बिल्डिंग में दरार पड़ रही है. कई मकानों के गिरने की घटना भी सामने आई है. इन हादसों ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है. करोड़ों रुपए का सोना बौबाजार इलाके की तीन गलियों में फंसे हुए हैं. इसी कारण व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है. स्वर्ण शिल्प कमेटी के लोग सोने की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.

बौबाजार के ठीक नीचे मेट्रो टनल का काम चलने की वजह से वहां मौजूद सभी घरों और दुकानों में दरारें पड़ रही हैं. मकानों का धसना जारी है. अब वहां रह रहे लोगों समेत स्वर्ण व्यापारी और कारीगरों की परेशानी बढ़ गई है. इन तीन गलियों में तीन हॉलमार्क सेंटर मौजूद हैं, जिसमें विभिन्न दुकानों के व्यवसायी द्वारा बनाए गए गहनों पर हॉलमार्क निशान के लिए भेजा जाता है. इतना ही नहीं यहां पर कच्चे सोने को होलसेल रेट में भी बेचा जाता है.

इस इलाके की तीन गलियों में करीब 200 मकान ऐसे हैं, जहां पर आभूषण बनाने का काम चलता है. यहां पर स्वर्ण शिल्पकार कारीगर के तौर पर काम करते हैं. इस घटना के बाद करीब 2000 कारीगर बेरोजगार होने की कगार पर हैं.

एक कारीगर अरूप घोष ने बताया कि उसका सारा सामान दुकान में पड़ा है, लेकिन अब वह उसे नहीं निकाल पा रहा है. उसे महज 12 हजार रुपए मासिक मिलते हैं. इसी से उसे अपने परिवार का पेट पालना पड़ता है. अब अरूप को चिंता सता रही है कि वह अपने परिवार का पेट कैसे पालेगा. वहीं, बाबुल दे ने बताया कि वह बहुत बड़ा नुकसान झेलने जा रहा है.

लोगों ने मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी कि कुछ ऐसा भी हो सकता है. अगले ही महीने दुर्गा पूजा है. कस्टमर के लिए दूकान तक पहुंचने का कोई रास्ता ही नहीं है. कस्टमर फोन करते हैं. खोज करते हैं. लेकिन यहां कोई नहीं आ पा रहा है. जिन्होंने ऑर्डर दिया है वो लोग भी नहीं पहुंच पा रहे हैं.

वहीं, दूसरी तरफ बीबी गांगुली स्ट्रीट में भी कई छोटे बड़े सोने की दुकानें हैं, लेकिन अब वहां भी नुकसान हो रहा है. मेट्रो के काम के कारण व्यापारियों का धंधा भी अब बंद होने की कगार पर है.

लखीमपुर की गूगल बच्ची से पूछो कोई भी सवाल, सेकेंडों में मिलता है जवाब

0

उत्तर प्रदेश की लखीमपुर खीरी के एक छोटे से गांव में रहने वाले किसान परिवार की बेटी इस वक्त बड़ी चर्चा में है। उससे कोई भी सवाल पूछने पर पल भर में जवाब मिलता है, इसीलिए गांव वाले उसे अब गूगल गुड़िया के नाम से बुलाते हैं।

जनपद के निघासन गांव में रहने वाला मनोज वर्मा खेती किसानी करके अपना और अपने परिवार की जीवनयापन करता है। उनके परिवार में पत्नी रुची वर्मा गृहणी और इकलौती बेटी आराध्या वर्मा है, जो एबलाॅन पब्लिक स्कूल में कक्षा तीन की छात्रा है। बताया जाता है कि छात्रा पढ़ने में बहुत तेज है और उसे स्कूल के शिक्षक व गांव के लोग गूगल गुड़िया के नाम से पुकारते हैं। शिक्षकों का कहना है कि तीसरी कक्षा की छात्रा ने इतनी कम उम्र में जनरल नाॅलेज में महारथ हासिल कर ली है। उससे जनरल नाॅलेज का कोई भी सवाल पूछो तो वो पल भर में जवाब देती है। इंग्लिश में ऐसे बात करती है, मानों कोई विदेशी हो।

बेटी की इस काबिलियत को लेकर जब किसान पिता से बातचीत की गई तो उन्होंने पूरा श्रेय स्कूल के अध्यापकों को दिया। उनका मानना है कि अगर हीरा को तराशने वाले अच्छे गुरु मिल जाएं तो हीरा बेहतरीन आभूषण बन सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरी बिटिया की कमान बहुत अच्छे स्कूल प्रशासन के हाथ में है। ये स्कूल पढ़ाई के साथ-साथ व्यक्तित्व निखारने पर भी काफी मेहनत करता है। किसान ने कहा कि खेती किसानी को लेकर वह काफी व्यस्त रहते हैं लेकिन उनकी पत्नी एक गृहणी होने के साथ ही साथ शिक्षा को लेकर बेटी का बहुत ख्याल रखती है।

स्कूल के प्रबंधक से बच्ची के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि एक छोटे से गांव के किसान की बेटी ने माता-पिता और स्कूल का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि एक यही बच्ची नहीं हमारे स्कूल का हर बच्चा हमारी शान है। आराध्या का कहना है कि अपना नाम भविष्य में गिनीज बुक में दर्ज कराना चाहती है।