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Chandra Grahan 2026: शुरू हो गया सूतक काल, आज नहीं, कल खेली जाएगी होली, जानिए कहां दिखेगा चांद…

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वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण आज (3 मार्च) पड़ रहा है, जो खग्रास चंद्रग्रहण है. यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा. ग्रहण का सूतक सुबह 06:20 पर प्रारंभ हो गया है और ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा.

Chandra Grahan 2026: वर्ष 2026 का पहला चंद्रग्रहण आज (3 मार्च) पड़ रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह खग्रास चंद्रग्रहण है. इस ग्रहण का सूतक सुबह 06:20 पर प्रारंभ हो गया. भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होगा, लेकिन उस समय भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा. भारत में चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा और उसी समय ग्रहण का अंतिम चरण चल रहा होगा. ग्रहण करीब 6:46 से 6:47 बजे के बीच समाप्त हो जाएगा. यानी भारत में यह चंद्र ग्रहण केवल 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा.

सूतक लगते ही मंदिरों के पट बंद हो गए. शाम को ग्रहण का मोक्ष होने के बाद पहले मंदिरों को धोया जाएगा और उसके बाद शयन आरती के समय लगभग साढ़े सात बजे से मंदिरों के पट खुलने का सिलसिला शुरू होगा.

आज नहीं, कल खेली जाएगी होली

श्री सनातन धर्म मंदिर के पुजारी पंडित राम शंकर जी ने बताया कि आज मंगलवार को दिन भर सूतक रहने के कारण होली नहीं खेली जाएगी. सूतक या ग्रहण काल में उत्सव वर्जित है, यही वजह है कि सोमवार की रात को होलिका दहन होने के बावजूद मंगलवार को धुलेडी नहीं मनाई जा रही है, जो बुधवार को होगी.

जानिए कहां दिखेगा चांद

ज्योतिषाचार्यो के अनुसार, 3 मार्च मंगलवार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को खग्रास ग्रस्तोदित चन्द्र ग्रहण है जो भारत में दिखाई देगा. यह ग्रहण भारत के साथ अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार, असम, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा एवं पश्चिम बंगाल में खग्रास रूप में दिखाई देगा. भारत के अलावा यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, पूर्वी यूरोप, उत्तर और दक्षिण अमेरिका पेसिफिक अटलांटिक महासागर में भी दिखाई देगा.

कब से कब तक रहेगा सूतक काल

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, चंद्रग्रहण का सूतक 3 मार्च को सुबह 06:20 बजे से प्रारंभ हो गया. ग्रहण का स्पर्श भारतीय समयानुसार दोपहर 03:20 बजे पर, ग्रहण का मध्य 05:05 बजे एवं ग्रहण का मोक्ष शाम 06:47 बजे होगा. ग्रहण का पर्व काल 03 घंटे 27 मिनट रहेगा.

उज्जैन: महाकाल मंदिर में होली की धूम, भस्म आरती में बाबा को लगाया गुलाल, इस बार श्रद्धालुओं को नहीं मिली रंग लगाने की परमिशन…

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मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज होली का पर्व पारंपरिक उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया. सुबह भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित कर होली पर्व की शुरुआत की गई. बाबा महाकाल को शक्कर की माला चढ़ाई गई. हालांकि, सुरक्षा कारणों से मंदिर समिति ने इस बार श्रद्धालुओं को गुलाल ले जाने की अनुमति नहीं दी.

लेकिन भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं आई और मंदिर में भक्तों का सैलाब देखने को मिला.

हर साल की तरह इस बार भी महाकाल मंदिर में भक्तों ने भगवान के साथ होली खेलने की इच्छा जताई, लेकिन पिछले साल हुए हादसे के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई. भस्म आरती में भगवान महाकाल को विशेष रूप से हर्बल गुलाल अर्पित किया गया, और श्रद्धालुओं को केवल दर्शन व आरती का लाभ लेने दिया गया.

श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस बार गुलाल की सीमित मात्रा ही भगवान को अर्पित की गई. संध्या आरती से पहले भगवान श्री चंद्रमोलेश्वर, श्री कोटेश्वर-श्री रामेश्वर और श्री वीरभद्र को भी गुलाल अर्पण किया गया. इसके बाद परंपरा अनुसार भगवान महाकाल को शक्कर की माला, मखाने की माला धारण करवाकर गुलाल अर्पित किया गया.

होलिका दहन की परंपरा के तहत, मंदिर के पुजारियों ने विश्व में सबसे पहले प्रज्ज्वलित होने वाली होलिका का पूजन कर विधिवत दहन किया.

महाकाल मंदिर में उमड़ा भक्तों का सैलाब

हालांकि मंदिर मे रंग गुलाल पर प्रतिबंध होने के चलते इस बार पिछले साल जैसी रंगत देखने को नहीं मिली, लेकिन भक्तों की आस्था में कोई कमी नहीं रही. भक्तों ने प्रहलाद की भक्ति और होलिका के अंत की कथा को याद करते हुए सत्य की विजय का संदेश लिया. बाबा महाकाल की आरती के साथ होली का रंग भक्तों के मन में बसा रहा.

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को गुलाल ले जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन मंदिर में भस्म आरती और गुलाल अर्पण की परंपरा निर्विघ्न पूरी की गई.

14 मिनट का ग्रहण जानिए क्या रहेगा पूजन का क्रम

मंगलवार को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा का दिन है. शासकीय पुजारी पंडित घनश्याम शर्मा ने बताया कि सुबह की दद्योदक और भोग आरती में भगवान को केवल शक्कर का भोग अर्पित किया जाएगा. ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर में शुद्धिकरण, भगवान का स्नान पूजन के बाद भगवान को भोग अर्पित कर संध्या आरती संपन्न की जाएगी. ग्रहण 3 मार्च को शाम 6:32 से 6:46 तक यानि 14 मिनट का रहने वाला है. ग्रहण का वेद काल सुबह सूर्योदय से ही प्रारंभ हो जाएगा.

भगवान महाकालेश्वर की ऊर्जा के आगे सब कुछ क्षीण

पंडित महेश पुजारी ने कहा कि ग्रहण के दिन मंदिर की सारी व्यवस्थाएं हर दिन की तरह तो रहेगी, लेकिन ग्रहण के चलते कोई भी यानि पुजारी हो या श्रद्धालु भगवान को स्पर्श नहीं करेगा. इस दौरान गर्भ गृह में पुजारी मंत्रोच्चार करते हैं. जब ग्रहण खत्म हो जाता है, तो पुजारी स्नान करने के बाद भगवान का जलाभिषेक करेंगे, मंदिर परिसर में विराजमान सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का जलाभिषेक होगा.

CG: होली खुशियों और जुड़ाव का अवसर, किसानों की समृद्धि से बढ़ा उत्साह – मुख्यमंत्री श्री साय…

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धरसींवा में होली मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में विधायक श्री अनुज शर्मा द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में शामिल हुए और क्षेत्रवासियों के साथ होली की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर विधायक श्री अनुज शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए सभी उपस्थितजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने का पर्व है। यह हमें मन-मुटाव भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि होलिका बुराई का प्रतीक है, जिसका दहन कर हमें जीवन में अच्छाई, सकारात्मकता और खुशहाली को अपनाना है तथा सबके सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकास के पथ पर आगे बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 4 मार्च को होली का पर्व है और इसका उत्साह अभी से दिखाई देने लगा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत किसानों के खातों में राशि अंतरित की गई है, जिससे किसानों में विशेष उत्साह है और इस बार प्रदेश में होली का पर्व और अधिक उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि होली सामाजिक और पारिवारिक जुड़ाव का अवसर भी है, जो समाज में आत्मीयता और विश्वास को मजबूत करता है।

विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किसानों के खातों में सहायता राशि अंतरित किए जाने से किसानों में खुशी का माहौल है और वे इस वर्ष होली का त्योहार अधिक आनंद और उत्साह के साथ मना रहे हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक फाग गीत प्रस्तुत कर वातावरण को उत्सवमय बना दिया, जिससे पूरा परिसर होली के रंग में सराबोर हो गया।

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी क्षेत्रवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

पहलगाम हमले का GoPro Hero 12 चीन में एक्टिवेट, NIA कोर्ट से LR की मंजूरी…

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नई दिल्ली में NIA की जांच के मुताबिक, पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकी हमले में इस्तेमाल हुए GoPro Hero 12 कैमरे का पता चीन के एक डिस्ट्रीब्यूटर से चला है.

NIA ने डिवाइस के बारे में जानकारी लेने के लिए बीजिंग से संपर्क किया है. जम्मू कोर्ट में फेडरल एंटी-टेरर जांच एजेंसी की तरफ से फाइल की गई. एक एप्लीकेशन के मुताबिक, कैमरे के बारे में मदद के लिए एक लेटर रोगेटरी या LR (किसी दूसरे देश से जानकारी मांगने वाला ज्यूडिशियल रिक्वेस्ट) जारी किया जा रहा है.

जम्मू कोर्ट के सोमवार के आदेश के अनुसार, NIA को चीन को LR जारी करने की इजाज़त देते हुए इस मामले की जांच के दौरान, इस आतंकवादी हमले की साजिश और उसे अंजाम देने से जुड़ी कई चीजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की गई है. ऐसा ही एक जरूरी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस GoPro Hero 12 Black Camera है, जिसका सीरियल नंबर C3501325471706 है. यह पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादी मॉड्यूल की हमले से पहले की टोह लेने, मूवमेंट और ऑपरेशनल तैयारी के लिए बहुत जरूरी है. NIA ने नीदरलैंड में GoPro बनाने वाली कंपनी से सप्लाई चेन और डिवाइस के एक्टिवेशन की जानकारी मांगी थी.

कहां किया गया था एक्टिवेट?

हालांकि, GoPro B.V. ने एजेंसी को बताया कि कैमरा पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना में मौजूद एक डिस्ट्रीब्यूटर AE ग्रुप इंटरनेशनल लिमिटेड को सप्लाई किया गया था और इसे 30 जनवरी, 2024 को डोंगगुआन, पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना में एक्टिवेट किया गया था.

सोमवार को जारी कोर्ट के आदेश के मुताबिक, मैन्युफैक्चरर ने आगे कहा है कि उसके पास उस डिवाइस के डाउनस्ट्रीम ट्रांज़ैक्शन डिटेल्स या एंड-यूजर रिकॉर्ड नहीं हैं. उस डिवाइस का एक्टिवेशन, शुरुआती इस्तेमाल और कमर्शियल ट्रेल पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के इलाके के अधिकार क्षेत्र में आता है. ये खरीदार, एंड-यूजर और उससे जुड़े टेक्निकल रिकॉर्ड का पता लगाने के लिए जरूरी जानकारी सिर्फ चीनी अधिकारियों की न्यायिक मदद से ही मिल सकती है, इसलिए यह एप्लीकेशन है.

22 अप्रैल को खूबसूरत बैसरन घास के मैदान पर हुए आतंकी हमले ने भारत और पाकिस्तान को पूरी तरह से जंग के मुहाने पर ला खड़ा किया था. भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और 10 मई के सीज़फायर से पहले पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हमला किया.

दिल्ली शराब घोटाला मामला: केजरीवाल बरी, सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दायर…

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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल कथित शराब घोटाले में आज बरी हो गए हैं। उनके साथ ही अन्य आरोपी भी निचली अदालत द्वारा बरी कर दिए गए। केजरीवाल ने इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया और साथ ही बीजेपी पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के प्रयास का हिस्सा था।

वहीं, इस बीच सीबीआई ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी भी कानूनी रूप से जांच और तथ्य स्पष्ट नहीं हुए हैं और इसलिए अदालत को फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में निचली अदालत और उच्च न्यायालय दोनों की निर्णायक भूमिका होती है। अब हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान AAP नेताओं की निर्दोषता या आरोपों की वैधता पर बहस होगी।

राजनीतिक गलियारों में इस फैसले और सीबीआई की चुनौती को लेकर हलचल और बयानबाजी तेज हो गई है। जनता और राजनीतिक दल दोनों ही इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह दिल्ली की राजनीतिक स्थिरता और आगामी चुनावी परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी का UAE के प्रति समर्थन: ईरानी हमलों की निंदा…

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प्रधानमंत्री मोदी का UAE के प्रति समर्थन

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को एक मजबूत संदेश भेजा है। ईरान द्वारा UAE पर हाल में किए गए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए, पीएम मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की।

इस बातचीत में, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत इस कठिन समय में UAE के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने हमलों में हुई जान-माल की हानि पर गहरा शोक व्यक्त किया और UAE में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।

पीएम मोदी ने कहा, “हम तनाव कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का पूरा समर्थन करते हैं।” यह बयान उस समय आया है जब मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन रही है और UAE जैसे महत्वपूर्ण साझेदार देश पर हमले हो रहे हैं।

मुख्य बातें

हमलों की निंदा: पीएम मोदी ने UAE पर ईरानी हमलों को स्पष्ट रूप से गलत ठहराया।

एकजुटता का संदेश: “भारत UAE के साथ मजबूती से खड़ा है” – यह भारत की मजबूत दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को दर्शाता है।

शांति पर जोर: क्षेत्र में डी-एस्केलेशन (तनाव कम करने) और स्थिरता की अपील की गई, जो भारत की विदेश नीति का मूल है।

भारतीय समुदाय का ध्यान: UAE में लाखों भारतीय काम करते हैं, उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

भारत-UAE संबंध

यह संदेश न केवल UAE को बल्कि पूरे क्षेत्र को भारत की शांति-प्रिय भूमिका और मजबूत सहयोग की प्रतिबद्धता का संकेत देता है। हाल के घटनाक्रमों में भारत ने संतुलित रुख अपनाते हुए सभी पक्षों से संवाद और शांति की अपील की है।

भारत और UAE के संबंध पहले से ही मजबूत हैं, विशेषकर व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग के क्षेत्रों में। इस बयान से यह रिश्ता और मजबूत होने की उम्मीद है।

भारत सरकार ने इजरायल-ईरान संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए कदम…

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भातीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की पहल

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को जानकारी दी कि केंद्र सरकार इजरायल-ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ऐसी आपात स्थितियों में बचाव कार्य के लिए तत्पर है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व की सरकारों ने इतनी व्यापक सहायता नहीं दी थी, जो अब विदेश मंत्रालय विभिन्न देशों में अपने दूतावासों के माध्यम से प्रदान कर रहा है।

ओडिशा के मंत्री का बयान

इस बीच, ओडिशा के मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया के संघर्ष क्षेत्र से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी व्यक्ति पीछे नहीं छूटेगा। हरिचंदन ने कहा कि सरकार ने निकासी की पूरी योजना बना ली है और यह प्रक्रिया समय पर चल रही है।

छात्रों की निकासी के लिए अपील

जम्मू और कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले के बाद प्रभावित ईरानी क्षेत्रों से लगभग 1200 कश्मीरी छात्रों को निकालने का अनुरोध किया। उन्होंने भारतीय सरकार से अपील की कि वह राजनयिक माध्यमों का उपयोग कर अपने समकक्षों के साथ इस मुद्दे को उठाए।

Amazon की नई फीस नीति: ऑनलाइन खरीदारी को बनाएगी और सस्ती…

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ऑनलाइन खरीदारी अब और आसान और सस्ती! Amazon की नई फीस पॉलिसी 16 मार्च से लागू

अमेज़न इंडिया ने अपने सेलर्स के लिए एक नई फीस नीति की घोषणा की है, जो16 मार्च 2026 से प्रभावी होगी।

इस नीति के तहत ₹1,000 से कम मूल्य वाले उत्पादों पर रेफरल फीस (कमीशन) को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। इससे ग्राहकों के लिए ऑनलाइन शॉपिंग और भी सस्ती हो जाएगी, क्योंकि विक्रेता अपनी कम लागत का लाभ ग्राहकों को कम कीमतों के रूप में दे सकेंगे।

मुख्य बदलावों की जानकारी

मुख्य बदलाव क्या हैं?

₹1,000 से कम कीमत वाले प्रोडक्ट्स पर जीरो रेफरल फीस: यह नीति पिछले साल की ₹300 से कम मूल्य वाले उत्पादों पर जीरो फीस को बढ़ाती है। अब यह 1,800+ श्रेणियों में लागू होगी, जैसे कपड़े, जूते, इयरफोन, घरेलू सामान, किचन उपकरण, फर्नीचर, खिलौने, पालतू सामान और फैशन ज्वेलरी।

कवरेज: इससे 12.5 करोड़ से अधिक उत्पादों (125 मिलियन+) पर असर पड़ेगा, जो पहले केवल 1.2 करोड़ उत्पादों तक सीमित था।

शिपिंग फीस में कमी: ₹300 से कम मूल्य वाले उत्पादों पर Easy Ship फीस में 20% से अधिक की कमी की जाएगी।

सेलर्स को लाभ: कुल मिलाकर विक्रेता 70% तक फीस में बचत कर सकते हैं, विशेषकर छोटे व्यवसायों और टियर-2, टियर-3 शहरों के उद्यमियों के लिए।

ग्राहकों पर प्रभाव

ग्राहकों पर क्या असर?

पिछले बदलावों में देखा गया कि विक्रेताओं ने 50-100% तक कम लागत ग्राहकों को कम कीमतों के रूप में दी। इस बार भी उम्मीद है कि ₹1,000 से कम के उत्पाद (जो आमतौर पर रोजमर्रा की खरीदारी में आते हैं) सस्ते हो जाएंगे। यह कदम क्विक कॉमर्स प्लेटफार्मों और मीशो जैसी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अमेज़न की रणनीति का हिस्सा है, ताकि अधिक विक्रेता जुड़ें और वॉल्यूम बढ़े।

पिछले साल ₹300 से कम उत्पादों पर जीरो फीस लागू होने से नए विक्रेताओं में 50% की वृद्धि हुई थी। अब इस विस्तार से और अधिक वृद्धि की उम्मीद है।

यदि आप ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो 16 मार्च से अमेज़न पर कई श्रेणियों में बेहतर डील्स मिल सकती हैं! अधिक जानकारी के लिए अमेज़न सेलर सेंट्रल या आधिकारिक घोषणा देखें।

प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में संघर्षों पर चिंता व्यक्त की…

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पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्षों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से भारत की संवाद और कूटनीति के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, उन्होंने मौजूदा स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की।

मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रही घटनाएं नई दिल्ली के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत हमेशा से विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता रहा है, और संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति भारत का दीर्घकालिक दृष्टिकोण स्पष्ट है।

आतंकवाद और उग्रवाद पर साझा चिंताएं

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता के खिलाफ वैश्विक चिंताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हम सभी इस बात पर सहमत हैं कि ये समस्याएं न केवल हमारे लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए गंभीर चुनौतियां हैं।” सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हुए, मोदी ने कहा कि इन खतरों से निपटने के लिए देशों के बीच घनिष्ठ सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए ऐसे मुद्दों पर मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।

भारत की विदेश नीति और नागरिकों की सुरक्षा

प्रधानमंत्री ने भारत की व्यापक विदेश नीति की पुष्टि करते हुए कहा कि वैश्विक तनावों के बीच, भारत हमेशा शांति का समर्थन करता रहा है। उन्होंने कहा, “भारत ने निरंतर शांति और स्थिरता की वकालत की है, और जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की अपील और भी मजबूत हो जाती है।” इसके अलावा, मोदी ने आश्वासन दिया कि सरकार स्थिति पर ध्यान दे रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र के देशों के साथ संपर्क में है। उन्होंने कहा कि हम सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर देश के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। यह टिप्पणी ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद आई है, जिसमें अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार की मौत हो गई।

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी, मध्य पूर्व में तनाव का असर…

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सोने और चांदी की कीमतें शुरुआती कारोबार में तेजी से बढ़ीं, क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव ने निवेशकों के बीच चिंता पैदा की। सोमवार, 2 मार्च को COMEX पर सोने की कीमत $5,400 प्रति औंस तक पहुंच गई, जो कि 2.50 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

चांदी ने भी तेजी दिखाई, जो खुलने के कुछ ही मिनटों में $96.930 प्रति औंस तक पहुंच गई, जिससे शुरुआती कारोबार में 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

भारतीय बाजारों ने वैश्विक प्रवृत्ति का अनुसरण किया, जहां मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹1,65,501 पर खुली और ₹1,67,915 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई, जो कि 10 ग्राम में ₹5,500 से अधिक की वृद्धि है। इसी तरह, MCX पर चांदी की कीमत ₹2,78,644 प्रति किलोग्राम से शुरू होकर ₹2,85,978 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई, जो लगभग 3.75 प्रतिशत की वृद्धि है। ये शुरुआती लाभ सुरक्षित निवेश की मांग को दर्शाते हैं, क्योंकि व्यापारी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित संपत्तियों की तलाश कर रहे हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए, जिसमें उसके सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या कर दी गई। इस वृद्धि ने कीमती धातुओं के लिए सुरक्षित निवेश की मांग को तेज कर दिया है।

पोनमुडी आर, एंरिच मनी के सीईओ ने कहा, “MCX सोने के वायदा 1,65,000 से 1,70,000 के दायरे में कारोबार कर रहे हैं, जो कि सभी समय के उच्चतम स्तर से गिरावट के बाद समेकित हो रहे हैं। वर्तमान में कीमतें सकारात्मक प्रवृत्ति के साथ महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्रों के ऊपर स्थिर हैं।” उन्होंने आगे कहा, “₹1,58,000 से ₹1,62,000 के मांग बैंड में मजबूत खरीदारी की रुचि बनी हुई है। यदि यह आधार के ऊपर स्थिर रहता है और ₹1,65,000 के ऊपर ब्रेकआउट होता है, तो यह ₹1,70,000 से ₹1,75,000 की ओर गति को पुनर्जीवित कर सकता है।”

चालू कूटनीतिक वार्ताएँ और बाजार का दृष्टिकोण

वाशिंगटन और तेहरान के बीच वार्ताएँ अगले सप्ताह जारी रहने की उम्मीद है, जिसमें ओमान, मध्यस्थ, ने गुरुवार को “महत्वपूर्ण प्रगति” का उल्लेख किया। हालांकि, एक स्रोत ने बताया कि अमेरिकी अधिकारी घटनाक्रम की गति से निराश हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो सोने और चांदी की कीमतें नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। जियोजिट इन्वेस्टमेंट्स के कमोडिटी रिसर्च प्रमुख हरीश वी ने कहा, “एक चरम परिदृश्य में सोने की कीमतें वैश्विक स्तर पर $6,000 या घरेलू स्तर पर ₹2,00,000 तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, वास्तविक मार्ग मुख्य रूप से संघर्ष के विकास पर निर्भर करेगा।” इसी तरह, बाजार विश्लेषकों के अनुसार चांदी की कीमतें $100 के स्तर को पार कर सकती हैं।

इस वर्ष सोने का प्रदर्शन

इस वर्ष सोने की कीमतों में पहले ही 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो चुकी है, जो जनवरी के अंत में अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से उबरकर $5,000 प्रति औंस के ऊपर पहुंच गई है। यह 1973 के बाद से लगातार सातवें महीने की वृद्धि है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, चल रहे भू-राजनीतिक जोखिम, व्यापार तनाव, डॉलर का अवमूल्यन और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर चिंता इस बहु-वर्षीय रैली का समर्थन कर रही है।

ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले ने एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक झटका दिया है, जिससे वैश्विक तेल जोखिम प्रीमियम बढ़ गया है और सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों की मांग में वृद्धि हुई है। राजीव शरण, ब्रिकवर्क रेटिंग्स के प्रमुख ने रिपोर्ट में कहा, “जब तक तनाव के जोखिम बने रहेंगे, कीमती धातुएं समर्थन में रहेंगी।”