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समुद्र की गहराई में मिला ऐसा बेशकीमती खजाना, कीमत जानकर नहीं करेंगे यकीन

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आज हम आपको एक ऐसी खबर के बारे में बताएंगे जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल, मरीन ऑर्कोलॉजिस्ट के एक दल ने अमेरिका के समुद्र की गहराई में 1565 में लूटे गए फ्रेंच खजाने की खोज की है। इस खजाने की कीमत लाखों डॉलर में बताई जा रही है।

इसके अलावा जहाज से संगमरमर का एक स्मारक मिला है, जिस पर फ्रांस के राजा के राज्य चिन्ह उकेरे गए हैं। इनकी पहचान फ्रांस के नाविक ज्यां रिबॉल्ट के फ्लोरिडा अभियान से जुड़ी है।

ग्‍लोबल मरीन एक्‍सप्‍लोरेशन की टीम के मुताबिक, क्‍योंकि इस खजाने की कीमत लाखों डॉलर में आंकी गयी है इसलिए इसका पता लग जाने के बावजूद सुरक्षा कारणों से इस जानकारी को अब तक छुपा कर रखा गया था।

जहाजों के इस मलबे का पता लगाने वाली कंपनी के मुख्य कार्यकारी रॉबर्ट प्रिचेट ने बताया कि 1565 में, तोपों और स्मारक को एक स्पेनिश छापे के दौरान जब्त कर लिया गया था।

इस जगह लगता है भूतों का मेला, जमकर होती है पिटाई

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कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर हरिहर क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा भूतों का मेला लगता है। इस भूत मेले में एक रात में हजारों-लाखों लोग बुरी आत्माओं और भूतों को अपने ऊपर से भगाने के लिए पहुंचते हैं। कार्तिक पूर्णिमा की रात से शुरू दिनभर चलने वाले इस विशेष मेले में दूर-दराज के लाखों लोग पहुंचते हैं और रातभर भूत भगाने का अनुष्‍ठान चलता रहता है, स्थानीय भाषा में इसे भूत खेली कहते है।

कई किलोमीटर के क्षेत्र में फैले इस मेले में आपको दूर-दूर तक हर जगह एक से बढ़कर एक अनूठे भूत अनुष्ठान देखने को मिल जाएंगे। इस मेले में लाखों लोग बुरी आत्माओं से छुटकारे के लिए पहुंचते हैं। भूतों को पकड़ने और भगाने का दावा करने वाले ओझा भी इस मेले में बड़ी संख्या में आकर अपनी दुकान लगाते हैं।

यहां अजीबोगरीब दृश्य दिखता है। कहीं तो भूत भगाने के लिए महिलाओं को बालों से खींचा जाता है, तो कहीं छड़ी यानि स्थानीय भाषा में जिसे सन्टी कहते हैं, उनसे पिटाई की जाती है। भूतों के इस अजूबे मेले में आए ओझाओं के दावे भी आपको अजूबे लगेंगे। सबसे मजेदार बात ये होती है कि भूतों की भाषा सिर्फ ओझा और भगत समझते हैं।

इस मेले के बारे बारे में मान्यता है कि यहीं गज और ग्राह का युद्ध हुआ था और गज को बचाने के लिए भगवान विष्णु आये थे, पर रात्रि से ही भूतखेली का तमाशा होने लगता है। इस तमाशे को देखने के लिए भीड़ जुटी रहती है।

कथित भूतों को भगाने वाले ओझा जो स्थानीय बोली में भगतजी कहे जाते हैं, अपने मुंह से ऊटपटांग शब्द निकालते रहते हैं। ऐसे शब्द जिनका कोई अर्थ नहीं होता, जिन्हें कोई दूसरा नहीं समझ पाता। ओझाओं का कहना है कि उनके मुंह से निकले यही उटपटांग शब्द मंत्र हैं जो भूतों को भगाने में कारगर होते हैं।

कोनहारा घाट पर वैशाली से पहुंचे भगत राजेश भगत और लक्ष्मी भगत ने बताया कि उन्हेंने अपने गुरु से भूतों को भगाने का गुर सीखा है। महुआ के कन्हौली पाता के मेहरचंद भगत और बेरई के शंकर भगत का भी यही कहना है।

यह भी कम हैरानी की बात नहीं कि कथित रूप से भूतों से परेशान जितनी महिलाएं कार्तिक पूर्णिमा के मौके हाजीपुर के कोनहारा घाट पर पहुंचती हैं, वे निम्न आय या निम्न मध्यम आय की श्रेणी के परिवारों से होती हैं जहाँ आज भी शिक्षा की घोर कमी है।

आमतौर इन घरों की महिलाओं को अगर कोई भी शारीरिक या मानसिक बीमारी होती है तो शिक्षा की कमी और अंधविश्वास के कारण उस बीमारी को भूतों या बुरी आत्माओं का असर मानने लगती हैं। और फ़िर यहीं से भगतों का खेल शुरू हो जाता है।

इस साल भी शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर हाजीपुर-सोनपुर में करीब 10 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और गंडक में डुबकी लगाई और हरिहरनाथ सहित विभिन्न मठ-मंदिरों में पूजा -अर्चना की। यहां गुरुवार की आधी रात से ही पवित्र स्नान शुरू हो गया है।

रिश्वत ने शिक्षक नहीं बनने दिया, किस्मत ने शिक्षामंत्री बना दिया…

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रिश्‍वत न देने कारण भले ही वो शिक्षक नहीं बन पाए, लेकिन आज वही राज्‍य के शिक्षामंत्री बनाए गए हैं। भले ही आपको विश्‍वास न हो, लेकिन यह सच है। कुछ ऐसी ही कहानी है उत्‍तर प्रदेश के शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी की, जो उन्‍होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम में सुनाई।
खबरों के मुताबिक, गोरखपुर में एक कार्यक्रम में शिक्षा विभाग में भ्रष्‍टाचार की कहानी सुनाते हुए उत्‍तर प्रदेश के शिक्षामंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने कहा, बीएसए (जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी) ने मुझसे 20 हजार रुपए की रिश्‍वत मांगी थी।

उन्‍होंने कहा कि मुझे बीटीसी परीक्षा पास करने और साक्षात्कार के बाद प्राथमिक विद्यालय में नियुक्ति मिलनी थी। साक्षात्कार देने गए तो तत्कालीन जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने बीस हजार रुपए की रिश्‍वत मांगी। बीएसए ने कहा कि जितने रुपए दोगे उतने नंबर मिलेंगे। मंत्री ने कहा कि अब वह बीएसए सेवा में नहीं हैं। यदि होते तो मैं अब तक उन्‍हें बर्खास्त कर चुका होता।

डॉ. सतीश ने कहा कि उस समय जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने रिश्‍वत मांगी तो मैं कुछ नहीं कह सका। किसी तरह से पैसे की व्‍यवस्‍था की और एक शिक्षक के माध्यम से रकम भिजवाई गई। शिक्षक ने उन रुपयों को बीएसए को नहीं दिया। इस कारण उन्हें प्राथमिक विद्यालय में नौकरी नहीं मिल पाई। डॉ. द्विवेदी गोरखपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।

एडिटर्स गिल्ड ने बताया क्रूर कदम, योगी सरकार की पोल खोलने वाले पत्रकार पर FIR…

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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के एक सरकारी स्कूल में मिड डे मील में बच्चों को रोटी नमक देने की तस्वीर प्रशासन के सामने लाना एक पत्रकार को भारी पड़ गया है। प्रशासन ने अपनी कारगुजारी छिपाने के लिए स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

हैरत की बात ये है कि प्रशासन ने स्कूल में छोटे बच्चों के साथ मिड डे मील के नाम पर हो रहे क्रूर मजाक की असली तस्वीर लोगों के सामने लाने को पत्रकार की साजिश बताते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है । जिले के जिम्मेदार अफसरों का तर्क है कि पत्रकार और उसके सथियों को इसकी शिकायत करनी चाहिए थी नकि इसका वीडियो वायरल करना चहिए था। दरअसल इन दिनों सोशल मीडिया पर यूपी के मिर्जापुर के एक सरकारी स्कूल का वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें छोटे बच्चों को मिड डे मील में रोटी और नमक खाने को दिया जा रहा है। स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पूरी घटना को बताया है। वीडियो में पत्रकार ने कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए है। पवन जायसवाल ने अपने उपर लगाए केस को वापस लेने की मांग की है।

वीडियो वायरल होने के बाद मिर्जापुर से लेकर राजधानी तक हड़कंप मच गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे जिसके बाद प्रशासन ने जांच के नाम पर उस पत्रकार के खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया जिसने पूरे मामले को सामने लाया। वहीं पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज होने पर जिले के एसपी अवधेश पांडेय अपना पल्ला झाड़ते हुए कहते है कि इस मामले में ज्यादा कुछ कलेक्टर साहब ही बता पाएंगे। पुलिस ने पूरे मामले में स्थानीय पत्रकार पवन जायसवाल, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजकुमार पाल और एक अन्य के खिलाफ धारा 120-B,186,193 और 420 के तहत केस दर्ज किया है।

एडिटर्स गिल्ड ने की निंदा – वहीं योगी सरकार में फिर एक पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज होने पर एडिटर्स गिल्ड अब पत्रकार पवन जायसवाल के समर्थन में खुलकर आ गया है। एडिटर्स गिल्ड ने पत्रकार के खिलाफ एफआईआर की निंदा करते हुए कार्रवाई को पत्रकारों के खिलाफ उठाया गया क्रूर कदम बताया है। गिल्ड ने कहा कि लोकतांत्रिक समाज में भी निर्भीक पत्रकारों को निशाना बनाय जा रहा है। उन्होंने योगी सरकार के इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि यह हैरान करने वाला है कि जो गड़बड़ी थी उसे ठीक करने के बजाए सरकार ने पत्रकार के खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया।

नगरीय निकाय चुनाव में बढ़ सकती है OBC और SC सीट…

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 सरकारी नौकरियों में जातिगत आरक्षण में बदलाव का असर नगरीय निकाय चुनाव पर देखने को मिल सकता है। नगरीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए सीटें बढ़ सकती हैं। अगर, ऐसा हुआ तो जातिगत आरक्षण का असर मैदानी क्षेत्र के नगरीय निकायों पर ही पड़ेगा।

राज्य सरकार ने आबादी के आधार पर जातिगत आरक्षण के नियम में संशोधन किया है। मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग का आरक्षण 14 फीसद से बढ़ाकर 27 फीसद और अनुसूचित जाति वर्ग का आरक्षण 12 से बढ़ाकर 13 फीसद कर दिया है।

ओबीसी और एससी वर्ग के आरक्षण में जो इजाफा हुआ है, वह नगरीय निकाय चुनाव में ओबीसी और एससी वर्ग के लिए फायदेमंद होगा। इसका कारण यह है कि चुनाव में जातिगत आबादी के आधार पर ही सीटों का आरक्षण किया जाता है। वर्ष के अंत में 153 नगरीय निकायों में चुनाव होना है। इसमें 10 नगर निगम, 30 नगर पालिका और 105 नगर पंचायत शामिल हैं। अगर, नगर निगम की बात की जाए, तो अभी तक 10 नगर निगमों में महापौर की तीन सीट ओबीसी, पांच सीट अनारक्षित होती रही है।

रायगढ़ महापौर का सीट अनुसूचित जाति और अंबिकापुर महापौर का सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहता है। 10 में से महापौर की तीन सीट महिलाओं के लिए आरक्षित कर दी जाती हैं। आरक्षण का फॉर्मूला रोटेशन में लागू होता है।

मतलब, पिछली बार जो सीट अनारक्षित थी, अब वह अनारक्षित छोड़ दूसरे वर्ग के लिए आरक्षित होगी। राज्य सरकार ने जब ओबीसी वर्ग की आबादी पहले की तुलना में दोगुनी मान ली है, तो नगर निगमों में ओबीसी आरक्षित सीटों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।ऐसा माना जा रही है कि ओबीसी के लिए चार से पांच महापौर की सीट आरक्षित की जा सकती है। एससी वर्ग की सीट एक बढ़ सकती है।

इस बार रायपुर, दुर्ग, भिलाई और कोरबा महापौर की सीट ओबीसी के लिए आरक्षित हो सकती है। इसका कारण यह है कि 2014 में रायपुर अनारक्षित, दुर्ग अनारक्षित महिला, भिलाई अनारक्षित और कोरबा अनारक्षित महिला सीट घोषित की गई थी।

आबादी के आधार पर लोकसेवा में जातिगत आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाया गया है। इसका अभी राजपत्र में प्रकाशन होगा। नगरीय निकाय चुनाव के लिए आरक्षण उसके बाद होगा, तो निश्चित तौर पर जातिगत आरक्षण में हुए बदलाव का असर पर उस पर पड़ेगा।

ग्रामीणों ने खोला मोर्चा अमित जोगी की गिरफ्तारी को लेकर , SP कार्यालय का किया घेराव…

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उच्च स्तरीय जाति छानबीन समिति ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को आदिवासी मानने से इन्कार करते हुए अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को रद करने का कलेक्टर बिलासपुर को फरमान जारी कर दिया है। पूर्व सीएम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही और इधर सोमवार को एक और बड़ी सियासी घटना हुई।

जिला पंचायत की उपाध्यक्ष समीरा पैकरा ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष और अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसी कार्यालय का घेराव किया।

वर्ष 2013 में भाजपा प्रत्याशी की हैसियत से अमित के खिलाफ मरवाही विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने वाली समीरा ने आरोप लगाया है कि अमित जोगी प्रभावशाली व्यक्ति हैं। वे पूर्व सीएम के पुत्र हैं। इसलिए पुलिस गिरफ्तार करने से कतरा रही है। एफआइआर दर्ज होने के बाद भी आज तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

आज भी होगी बरसात, यलो अलर्ट बरकरार, 3 सिस्टम सक्रिय…

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सोचिए, जब एक साथ एक-दो नहीं बल्कि बारिश करवाने वाले तीन-तीन सिस्टम हों तो क्या होगा? आप सोच रहे होंगे कि अच्छी खासी बारिश होनी चाहिए। मौसम विभाग ने भी बीते तीन दिनों से लगातार यलो अलर्ट जारी कर रहा है और कहा कि अच्छी बारिश का पूर्वानुमान है, मगर स्थिति यह है कि पूर्वानुमान के मुताबिक बारिश नहीं हो रही है। छुट-पुट बारिश या कहीं-कहीं पर कुछ मिनट तक झमाझम बारिश।

निरंतरता तो बन ही नहीं रही, खासकर मध्य छत्तीसगढ़ में। मौसम विभाग ने एक बार फिर 24 घंटे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस बार रायपुर से लेकर बस्तर तक बारिश की बात कही गई है, उत्तर छत्तीसगढ़ में खासी बारिश का पूर्वानुमान है। अब देखना यह है कि मंगलवार को क्या होगा?

मौसम वैज्ञानी एचपी चंद्रा का कहना है कि जब एक साथ तीन-तीन सिस्टम बनते हैं तो स्थिति वही होती है जैसे कि दो पहलवान एक रस्सी को खींच रहे हैं और दोनों ताकत लगा रहे हैं, लेकिन जीत-हार नहीं हो पा रही है। ठीक वैसे ही प्रभावित सिस्टम दूसरे के असर को बढ़ना नहीं देता। प्रदेश में अब तक 932 मिमी बारिश हो चुकी है।

रायपुर में सोमवार की सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई तो शाम 6 बजे तेज बारिश हुई। इसके बाद गर्जना जारी रही। देर रात बारिश हुई। उम्मीद की जानी चाहिए कि 10 सितंबर तक बनने वाले सभी सिस्टम से मध्य छत्तीसगढ़ के 10 जिले जहां औसत से कम बारिश दर्ज है, आंकड़े सुधरेंगे।

जिले- तापमान- बारिश के आंकड़े-

रायपुर- 31.5- 2.7

बिलासपुर- 32.0- 9.0

पेंड्रा- 31.5- 19.4

अंबिकापुर- 29.0- 1.9

जगदलपुर- 27.0- 28.4

दुर्ग- 32.6- 8.0

राजनांदगांव- 33.0- 2.5

(आंकड़े मिमी में)

पूर्वानुमान

उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दाब का क्षेत्र बना है, जिसके साथ चक्रवाती घेरा समुद्र तल से 7.6 किमी तक फैला हुआ है। जो दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका है। समुद्र तल से मानसून द्रोणिका उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। माध्य समुद्र तल से 0.9 किमी तक फैला है। पूर्वी मध्य प्रदेश और लगा छत्तीसगढ़ तथा दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर पर चक्रवाती घेरा 2.5 तक स्थित है।

सिर्फ नहाने में एक करोड़ रुपए खर्च करती है ये हसीना, वजह जान उड़ जाएंगे होश

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हर किसी के शौक अलग अलग होते हैं। आज तक बहुत सारे अरबपति और अमीर लोगों के महान शौकों के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम आपको ऐसी अरबपति लड़की के बारे में बता रहे हैं जिसके बारे में आप जानकर आश्चर्यचकित हो जायेंगे। ये लड़की नहाने पर हर दिन 1 करोड़ रूपये खर्च करती है।

इस अरबपति महिला की एकदिवसीय स्नान की लागत 1 करोड़ रुपये है। इस लड़की की सेवा में, 22 नौकर 24 घंटों तक व्यस्त रहते हैं। यह महिला पाकिस्तानी अरबपति मोहम्मद जहरूर की पत्नी है, जो अपने अद्वितीय शौक के कारण दुनिया भर में जानी जाती है।

कमलिया को पानी बिलकुल पसंद नहीं है तथा वे हाइड्रोफोबिक है इसलिए वह शैम्पेन के साथ स्नान करना पसंद करती है। इसके लिए उन्होंने कई महंगी शैंपेन की बोतलें खरीद रखी है तथा उनका इस्तेमाल करती हैं। कमलिया खुद को सुंदर बनाये रखने के लिए केवल स्नान पर 1 करोड़ खर्च करती है। सूत्रों के अनुसार, वह हर दिन 18-20 बोतलों के साथ नहाती है।

लड़की को जान से मारने वाला था ब्वॉयफ्रेंड, लेकिन पिज्जा ने बचा ली जान

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अमरीका में एक महिला की जान पिज्जा आर्डर करने से बच गई। 28 वर्षीय शैरिल ट्रेडवे के घर पर उसका 26 वर्षीय पुरुष मित्र एथन निकरसन मिलने आया था।

घर पर दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ गया कि एथन शैरिल को मारने पर उतारू हो गया। जब शैरिल अपने बच्चों को लेने स्कूल जा रही थी इसी बीच एथन ने उसे घेर लिया और उसका मोबाइल फोन हाथ से छीन लिया।

फोन को लेने के बाद वह महिला के साथ-साथ स्कूल गया। महिला ने बड़ी चतुराई से एथन से पिज्जा ऑर्डर करने के लिए मोबाइल फोन मांगा। वह महिला की बात मान गया। महिला ने पिज्जा कंपनी की एप खोलकर ऑनलाइन पिज्जा ऑर्डर किया। साथ में कमेंट बॉक्स में 911 को कॉल करने का संदेश भेज दिया। अमरीका में 911 नेशनल हेल्पलाइन नंबर है। ऑर्डर होने के बाद एथन ने मोबाइल फिर से लिया।

28 साल से काम कर रहे रेस्टोरेंट मैनेजर कैंडी हैमिल्टन के मुताबिक, उन्हें जब ये संदेश मिला तो वे चौंक गए। इससे पहले उन्होंने ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा। उनके अनुसार कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने एथन को गिरफ्तार किया।

मरवाही सदन से अमित जोगी गिरफ्तार, ये लगे हैं आरोप…

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शपथ पत्र में नागरिकता की गलत जानकारी देने का आरोप में अजीत जोगी के पुत्र और जकांछ नेता अमित जोगी को गौरेला पुलिस ने मरवाही सदन से गिरफ्तार कर लिया है। मरवाही विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की प्रत्याशी रहीं समीरा पैकरा ने अमित जोगी के खिलाफ धोखाधड़ का मामला दर्ज कराया था।

मंगलवार सुबह से ही बिलासपुर और गौरेला पुलिस पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी के घर पर पहुंची थी। जोगी के समर्थक भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उनको किनारे कर अमित जोगी को मरवाही सदन से गिरफ्तार किया गया। अमित जोगी को गिरफ्तार कर पुलिस गौरेला न्यायालय ले जा सकती है।

गौरतलब है कि समीरा पैकरा ने वर्ष 2013 में मरवाही विधानसभा से भाजपा की टिकट पर अमित जोगी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। चुनाव में हार मिलने के बाद समीरा ने चुनाव में नामांकन के समय छूट और गलत जन्म स्थान बताने को लेकर थाने में धारा 420 का अपराध पंजीबद्ध कराया था।

इधर अमित जोगी की गिरफ्तार के विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने CM भूपेश बघेल का पुतला फूंकने वाले जकांछ पदाधिकारियों की धरपकड शुरू कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के राजनीतिक सलाहकार समीर अहमद को पुलिस पकड़कर सिविल लाइन थाना ले आई। गिरफ्तारी की भनक लगते ही पदाधिकारी व कार्यकर्ता भूमिगत हो गए हैं।