हम सब चाहते हैं की बीमारी हमारे पास भी नहीं आए जिसके कारण हमें डॉक्टर्स और अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ें, मगर क्या हो जब आपका इलाज कोई बहु खूबसूरत डॉक्टर करे। जी हां इनसे इलाज कराने के लिए लोग जानबूझ कर हो जाते हैं बीमार, इतनी हसीन है ये Doctorत ही हॉट और खूबसूरत डॉक्टर करें, तो आप भी बीमार होने की दुआ करोगे।
जी हां आज हम आपको एक ऐसी ही हसीन और खूबसूरत डॉक्टर के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे इलाज करवाने के लिए हर कोई बीमार पड़ना चाहता है। इनसे इलाज कराने के लिए लोग जानबूझ कर हो जाते हैं बीमार, इतनी हसीन है ये Doctor बता दें इस डॉक्टर को दुनिया में सबसे खूबसूरत और हॉट डॉक्टर की ख्याति प्राप्त है, तो आइए जानते हैं कौन है ये डॉक्टर।
इस महिला डॉक्टर का नाम जसेनिया वाइस है जो करीब 32 साल की है, आपको बता दें की यह पहले एक साइकियाट्रिक क्लिनिक में कंसलटेंट थी और यहां पर वह सुसाइडिकल मरीजों की देखरेख एंव उनका इलाज भी करती थी।
मगर कुछ दिनों बाद उसने मॉडल बनने के बारे में सोचा और मॉडलिंग में अपना करियर शुरू कर दिया, फिर उनकी किस्मत और धीरे धीरे वह काफी मशहूर हो गई।
जसेनिया वाइस को अब तक अनेक मशहूर मैगजीन्स के कवर पेज पर भी स्थान मिल चूका है, बता दें की लोग उन्हें संसार में अब तक सबसे हॉट डॉक्टर मानते हैं।
बॉलीवुड दुनिया में कई सुपरहिट जोड़ियां आपने देखी होगी जिनका काम फैन्स को हंसाना और मनोरंजन करना होता था, आज के लेख में हम आपको ऐसी ही तीन सुपरहिट जोडियों के बारे में बताएंगे जिनको देखते ही फैंस को ख़ुशी मिलती थी देखे लिस्ट :-
1 अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की बात करें तो इन दोनों की केमिस्ट्री काफी ज्यादा शानदार थी इन दोनों ने फैंस को बहुत हंसाया है, एक्शन के अलावा इन्होंने जबरदस्त टैलेंट से सुर्खियां बटोरी, ये दोनों रियल लाइफ में भी काफी अच्छी दोस्ती रखते हैं।
2 नब्बे के दशक की बात करे तो गोविंद और कादिर्खाण की जोड़ी ने बॉक्स ऑफिस में भी काफी ज्यादा जबरदस्त धमाल मचाया था कॉमेडी के दीवाने इन दोनों की जोड़ी को काफी ज्यादा याद करते हैं।
3 जॉन अब्रहाम और अक्षय कुमार की बात करे तप इन दोनों की जोड़ी को भी काफी ज्यादा सुपरहिट माना जाता था ये दोनों जोड़ी कॉमेडी करने के लिए मशहूर हैं, फैंस इनको बहुत ज्यादा प्यार देते हैं।
जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से मुख्यधारा के कई नेता और अलगाववादियों को श्रीनगर के आलीशान सेंटूर होटल में हिरासत में रखा गया है। फिलहाल यह होटल करीब 50 ऐसे नेताओं के लिए अस्थाई जेल बना हुआ है। यहां बंद कश्मीरी नेताओं को पिछले 4-5 अगस्त से बाहर निकलने का मौका नहीं मिला है। इस दौरान बकरीद भी मनाई जा चुकी है। लेकिन, क्या वास्तव में यहां रह रहे नेता पूरी तरह से जेल के कैदियों वाला जीवन जीने को मजबूर हैं? ऐसा लगता नहीं है। इतने दिनों बाद अब जब रिश्तेदारों को इनसे मिलने की इजाजत दी जा रही है तो होटल के अंदर से कुछ बेहद ही महत्वपूर्ण खबरें भी छनकर बाहर निकल रही हैं। अगर इन खबरों पर यकीन करें तो होटल के अंदर पूरी तरह से जेल वाला जीवन कतई नहीं है। जो नेता जेब से पैसे ढीले कर रहे हैं, उन्हें लजीज खानों का लुत्फ उठाने का मौका जरूर मिल ही रहा है।
अस्थाई जेल में कैसी हो रही है खातिरदारी?
कश्मीर में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं के बाधित होने से ज्यादातर लोगों को कानों-कान मिलने वाली खबरों पर ही यकीन करना पड़ रहा है। जाहिर है कि कश्मीरियों को उन नेताओं के दिनचर्या के बारे में जानने की सबसे ज्यादा उत्सुकता है, जो पिछले 4-5 अगस्त से हिरासत में रखे गए हैं। भले ही कुछ लोग उनके प्रति बेहद सहानुभूति रखते हों या उनसे नफरत करते हों, लेकिन सरकारी मेहमान के रूप में उनकी खातिरदारी कैसी हो रही है, इसके बारे में जानने की इच्छा रहना स्वाभाविक ही है। हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक उसे होटल के कर्मचारी होने का दावा करने वाले एक शख्स ने अंदर की कुछ दिलचस्प, लेकिन महत्वपूर्ण सूचना दी है। उस होटल कर्मचारी की बातचीत से लगता है कि वह 5 अगस्त से जेल के अलग-अलग कमरों में रखे गए कम से कम 37 नेताओं के बारे में पक्की जानकारी रखता है। हालांकि, एचटी के मुताबिक वह दावों की अलग से पुष्टि नहीं कर पाया है।
पैसे खर्च करो, लजीज खाना खाओ
होटल कर्मचारी की मानें तो वह इतने दिनों में हर नेता के पसंदीदा खाने और छोटी-मोटी आदतों से पूरी तरह वाकिफ हो चुका है। इस दौरान उसने जम्मू और कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन के बारे में जो रोचक जानकारी दी वह बहुत ही खास है। उसने विशेष तौर पर उनके खाने पर फोकस किया है। उसने बताया कि, ‘सज्जाद लोन तंदूरी चिकेन मंगवाना पसंद करते हैं……वे खाने के बड़े शौकीन हैं। वह रोजाना 1,000 रुपये खर्च करते हैं, क्योंकि यहां अलग से खाना ऑर्डर करने के लिए आपको अलग से कैश देने पड़ते हैं।’ यही नहीं उसने ये भी बताया कि ईद का खाना पारंपरिक तौर पर तो विस्तार से आयोजित नहीं किया गया था, लेकिन हिरासत में रखे गए एक शख्स ने सबके लिए मटन डिश दनिया-कोरमा का ऑर्डर दिया था।
कैदियों को विशेष सुविधा भी मिली है
अगर आप सोच रहे होंगे कि जेल में जब अलग से खाना ऑर्डर करने के लिए कैश में पैसे देने पड़ते हैं, तो ये नेता उसका इंतजाम कहां से करते हैं। लेकिन, सेंटूर होटल में एटीएम भी है और इन नेताओं को पैसे निकालने में दिक्कत नहीं होती है। यही नहीं, सज्जाद लोन के साथ-साथ नेशनल कांफ्रेंस के नेता अली मोहम्मद सागर और पूर्व मंत्री इमरान रेजा अंसारी को निजी सेवक के साथ अलग-अलग रूम की सुविधा दी गई है। हालांकि, सूचना के मुताबिक बंदियों को खाने के समय के अलावा कभी भी आपस में मिलने की इजाजत नहीं है। ये लोग सिर्फ सुबह के नाश्ते (सुबह 8.15 ), लंच (दोपहर 1.00 बजे ) और डिनर (रात 9 बजे) पर ही मिल पाते हैं, जिसके समय का कड़ाई से पालन होता है।
झड़प के बाद बढ़ी चौकसी
मुखबिर ने ये भी बताया कि नेताओं को आपसी भिड़ंत से रोकने के लिए सुरक्षा का कड़ा पहरा रखा जा रहा है। उसके मुताबिक, ‘एक दिन तो झड़प हो गया था, खून भी निकला था, इसलिए सुरक्षा को ज्यादा अलर्ट कर दिया गया है।’ गौरतलब है कि पहले दो पूर्व मुख्यमंत्रियों पीडीपी की महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला को भी सरकारी गेस्ट हाउस हरि निवास में ही रखा गया था। लेकिन, एक दिन दोनों नेताओं में हुई जुबानी जंग के बाद महबूबा को हरि निवास से हटाकर शानदार चश्मे शाही में शिफ्ट कर दिया गया। जबकि, उमर शानदार बागों के बीच बने हरि निवास में ही रखे गए हैं।
बंदियों से मिलने रोजाना पहुंच रहे हैं घर वाले
एक बात ये भी सामने आ रही है कि जब से कोर्ट ने जेल मैनुअल के हिसाब से रिश्तेदारों को बंदियों से मिलने देने को कहा है, वहां रोजाना परिवार वाले और नाते-रिश्तेदार भी पहुंच रहे हैं। इसके चलते उनके जरिए भी जेल के अंदर की घटनाएं छन-छन कर बाहर पहुंच रही हैं। फिलहाल इस सब्सिडियरी जेल को घाटी की सुरक्षा के इंचार्ज डीएसपी को इस अस्थाई जेल का सुप्रीटेंडेंट बनाया गया है। जो कि कहने के लिए तो जरूर जेल है, लेकिन वहां कई सुविधाएं तो शानदार होटल वाली पहले से ही मौजूद हैं ही।
रेलवे ने लोगों को सुविधा दी है कि यात्रा से आखिरी मिनट में तत्काल टिकट की बुकिंग कर कंफर्म टिकट पा सकते हैं। तत्काल टिकट की बुकिंग की मदद से जहां आपको आखिरी मिनट तक कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीद होती है तो वहीं इससे रेलवे की भी चांदी है। तत्काल टिकट बुकिंग से रेलवे ने पिछले 4 साल में 25000 करोड़ रुपए की कमाई की है।
सूचना के अधिकार कानून के तहत मिली जानकारी के मुताबिक तत्काल टिकट बुक करने वाले यात्रियों ने रेलवे ने पिछले 4 सालों में 25,392 करोड़ रुपए की कमाई की है। रेलवे ने साल 2016 से 2019 के बीच तत्काल टिकट बेचकर 21,530 करोड़ रुपए और तत्काल प्रीमियम टिकट के जरिए अतिरिक्त 3,862 करोड़ रुपए कमाए हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर ने रेलवे से आरटीआई के जानकारी मांगी, जिसमें पता चला कि रेलवे के राजस्व में इस 4 सालों के दौरान 62 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। रेलवे ने तत्काल श्रेणी के टिकटों का किराया सेकंड क्लास के किराए से 10 फीसदी अधिक और बाकी क्लास के लिए बेसिक फेयर से 30 फीसदी अधिक तय किया गया है। वहीं रेलवे ने कुछ ट्रेनों में डायनामिक फेयर सिस्टम भी शुरू की है। इसके जरिए रेलवे ने 6,672 करोड़ रुपए की कमाई की है। आंकड़ों की बात करें तो साल 2017-18 में तत्काल टिकट के जरिए रेलवे की कमाई 6,952 पहुंच गई थी। गौरतलब है कि तत्काल स्कीम के तहत फिलहाल 2,677 ट्रेन हैं। रेलवे की 11.57 लाख सीटों में 1.71 लाख सीटों की बुकिंग तत्काल कोटे के तहत होती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मुख्य रूप से कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों में कमी के कारण जुलाई में आठ प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर घटकर 2.1 प्रतिशत पर आ गई.
कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली जैसे आठ प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर पिछले साल जुलाई में 7.3 फीसदी थी.
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में इन प्रमुख उद्योगों की 40.27 फीसदी हिस्सेदारी है. कोयला, कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में समीक्षा वाले महीने के दौरान नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई.
इसी प्रकार स्टील, सीमेंट और बिजली के उत्पादन में भी वृद्धि दर घटकर 6.9 फीसदी, 11.2 फीसदी और 6.7 फीसदी के मुकाबले 6.6 फीसदी, 7.9 फीसदी और 4.2 रही.
हालांकि, जुलाई 2018 में 1.3 फीसदी की तुलना में जुलाई 2019 में उर्वरक उत्पादन 1.5 फीसदी बढ़ा है. अप्रैल-जुलाई की अवधि के लिए इन आठ सेक्टरों की विकास दर पिछले साल की समान अवधि के 5.9 फीसदी की तुलना में इस बार लगभग 3 फीसदी ही है.
इस साल के अप्रैल से ही इन आठ क्षेत्रों की विकास दर में गिरावट आ रही है. अप्रैल में यह 5.8 फीसदी से घटकर 5.2 फीसदी हो गया था. फिर यह मई में 4.3 फीसदी और जून में 0.7 पर आ गया.
मालूम हो कि केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2019 के लिए भारत की वृद्धि दर पिछले साल की इसी अवधि के 8 प्रतिशत की तुलना में घटकर 5 प्रतिशत रह गई. पिछले 25 तिमाहियों में सबसे कम वृद्धि दर का कारण विनिर्माण क्षेत्र में तेज गिरावट और कृषि उत्पादन में गिरावट है.
पिछले छह सालों ये सबसे कम जीडीपी वृद्धि दर है. इससे पहले वित्त वर्ष 2012-13 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर इतनी कम थी. उस समय ये दर 4.9 फीसदी पर थी.
मध्यप्रदेश कांग्रेस की कलह अब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुंच गई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले कमलनाथ सरकार के कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार ने अब पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दिग्विजय सिंह की शिकायत की है। उमंग सिंघार ने अपने पत्र में दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाया कि वो मंत्रियों के कामकाज में दखलंदाजी करने के साथ ही ट्रांसफर और पोस्टिंग का हिसाब किताब मांग रहे है। इसके साथ ही उमंग सिंघार ने अपने पत्र में दिग्विजय सिंह पर कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना हैं कि पिछले दिनों दिग्विजय सिंह के मंत्रियों को लिखे पत्र को सिंघार ने सरकार के कामकाज में दखल बताते हुए कहा कि इससे विपक्ष के आरोपों को बल मिलता है जिसमें विपक्ष ये आरोप लगाता है कि प्रदेश में सरकार कमलनाथ नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह चला रहे है।
पॉवर सेंटर बन सरकार को कर रहे हैं अस्थिर- अपने पत्र में उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह खुद को पॉवर सेंटर बनाने में जुटे है और सरकार को अस्थिर कर रहे है। सोनिया गांधी को लिखे पत्र में उमंग सिंघार लिखते है कि बड़े ही दुख के साथ आपको यह अवगत कराना पड़ रहा है कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को पार्टी के ही कद्दावर नेता एंव सांसद दिग्विजय सिंह अस्थिर कर स्वंय को मध्य प्रदेश में पॉवर सेटर बनाने में जुटे है। वे लगातार मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों को पत्र लिखकर और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं, ये पत्र मजबूत विपक्ष दल के लिए एक मुद्दा बन जाता है। दिग्विजय सिंह के पत्र को लेकर विपक्ष आए दिन मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनकी सरकार को घेरने के असफल प्रयास में लगा रहता है।
सिंहस्थ घोटाले की जांच पर उठाए सवाल – कैबिनेट मंत्री उमंग सिंघार ने अपने पत्र में दिग्विजय सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह व्यापम घोटला,ई टेडंरिंग घोटाला, वृक्षारोपण घोटालों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखे लेकिन सिंहस्थ घोटाले को लेकर किंकर्तव्यविमूढ़ हो जाते है, क्योंकि सिहंस्थ घोटाले से संबंधित विभाग दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह के पास है।
जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में सिंहस्थ घोटाले से संबंधित सवाल के उत्तर में कहा कि सिंहस्थ घोटाला नहीं हुआ जबकि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने सिंहस्थ घोटाले को बड़ा मुद्दा बनाया था। उमंग सिंघार ने सोनिया गांधी से शिकायत में कहा कि अगर पार्टी के अन्य सांसद और नेता भी मंत्रियों को लिखे पत्रों का हिसाब-किताब लेना शुरु कर देंगे, यदि यह पंरपरा पड़ गयी तो मंत्री सरकारी काकाज और जनहितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे कर पाएंगे।
अब आयकर विभाग आपको खुद पैन कार्ड देगा। जिन आयकरदाताओं के पास PAN Card नहीं है, उन्हें अब रिटर्न भरने के लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स (CBDT) अब Aadhaar से रिटर्न दाखिल करने वालों को खुद PAN नंबर जारी करेगा।
सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि जिनके पास PAN नंबर नहीं है, वे अपने Aadhaar नंबर से अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जो आयकरदाता सिर्फ Aadhaar से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करेंगे, विभाग यह मान लेगा कि उनके पास पैन नंबर नहीं है।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की 30 अगस्त की अधिसूचना के अनुसार यदि कोई व्यक्ति Aadhaar का उपयोग कर रिटर्न दाखिल करता है और उसके पास पैन संख्या नहीं है तो यह मान लिया जाएगा कि उसने PAN Card जारी करने के लिए आवेदन कर दिया है। इसके बाद उसे कोई और दस्तावेज दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी।
यह नियम 1 सितंबर से प्रभावी हो गया है। अधिसूचना में कहा गया है कि कर विभाग PAN संख्या आवंटित करने के लिए ‘Aadhaar’ से सभी जानकारियां ले लेगा। CBDT के चेयरमैन पीसी मोदी ने जुलाई में कहा था कि विभाग खुद से उस व्यक्ति को एक नई PAN संख्या आवंटित कर देगा जो रिटर्न दाखिल करते समय आधार का उपयोग करेगा। यह दोनों डाटाबेस को आपस में जोड़ने की नई व्यवस्था का हिस्सा है।
गुड शैफर्ड व हरे कृष्णा होम्स कॉलोनी के बाद अब कोलार के महाबली नगर में भी भुकंप के झटके मेहसूस किए गए। शनिवार रात से 11ः30 से रविवार रात 12ः15 के बीच दो बार लोगों को ऐसा लगा कि धरती के अंदर जोरदार कोई धमाका हुआ और धरती हिलने लगी। इससे क्षेत्र के लोग दशहत में हैं।
शनिवार दोपहर डेढ़ बजे गुड शैफर्ड और करीब दो बजे हरे कृष्णा होम्स में भू-गर्भीय हलचल हुई। एक सप्ताह पूर्व कान्हाकुंज फेस-1 व 2 में जमीन कांपने लगी थी। कोलार की कॉलोनियों में एक सप्ताह से किसी न किसी कॉलोनियों में जमीन हिल रही है। इससे लोगों के बीच दहशत है। कान्हाकुंज की रहवासी आशा जैन ने बताया कि ऐसा लगा कि जैसे तेज धमाका हुआ हो और उसके बाद जमीन हिलने से लगी थी।
ऐसा लगा था कि भूकंप आ गया। लोग घरों से बाहर निकल गए थे। जब वैज्ञानिकों की टीम ने आकर जांच कर यह स्पष्ट कर दिया कि भारी बारिश होने से भू-गर्भीय हलचल से जमीन की ऊपरी सतह हिल रही है, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली थी। इसके बाद एसडीएम राजकुमार खत्री ने आपदा प्रबंधन की टीम भेजकर कॉलोनियों के लोगों को प्रशिक्षण दिया। अब लोग दहशत से बाहर आ गए हैं। इधर, गुड शैफर्ड कॉलोनी के रहवासी चार्ल्स डेनियल और महाबली नगर के निवासी रिजू वरगिस ने बताया कि धमाकों की आवाज बहुत तेज थी।
ऐसा लगा कि जमीन पर किसी ने कई क्विंटल लोहा फेंक दिया हो। धमाकों से जमीन में भी हलचल हुई। रविवार व सोमवार को लोगों के बीच धमाकों की चर्चा बनी रही। इतने तेज धमाकों की आवाज सुनकर लोगों में दहशत होना स्वभाविक है। प्रशासन के अधिकारियों को धमाकों की शिकायत की गई है।
बीते आठ वर्षों में 19 लाख लोगों को 108 संजीवनी से लोगों को अस्पताल पहुंचाकर जीवन दान दिया गया। 108 संजीवनी एक्सप्रेस प्रदेश में उत्कृष्ट सेवाओं से लगभग 19 लाख हितग्राहियों को लाभांवित किया है। सेवा संपूर्ण प्रदेश के दुर्गम, दूरस्थ वनांचल और शहरी क्षेत्रों की आबादी के लिए संचालित हो रही है। उन्होंने बताया 108 संजीवनी एक्सप्रेस वाहन द्वारा घर से अस्पताल और घटनास्थल से अस्पताल ले जाने की सेवा निःशुल्क प्रदान की जाती है।
उक्त बातें सोमवार को जीवीके ईएमआरआइ 108 संजीवनी के छत्तीसगढ़ प्रमुख रामकृष्ण वर्मा ने सेवा की वर्षगांठ पर आयोजित हितग्राही सम्मेलन में कही। इस दौरान संजीवनी 108 प्रबंधन की ओर से हितग्राहियों को पुरस्कृत भी किए गए। सम्मेलन की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र गर्ग ने की। इस दौरान कार्यक्रम में जीवीके ईएमआरआई के प्रमुख रामकृष्ण वर्मा ने हितग्राहियों से बात की। इसके साथ ही सेवाओं को और उत्कृष्ट बनाने का भरोसा दिया। इस दौरान उपस्थित हितग्राहियों से 108 संजीवनी सेवा के प्रति जनमानस को जागरूक कर उक्त सेवा का लाभ लेने का आह्वान किया। इस मौके पर रायपुर मुख्यालय से रिजनल मैनेजर प्रशांत मुत्यमवार, 102 प्रोजेक्ट हेड अभिषेक राजपूत, रजनीश शर्मा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
पति की मौत के बाद संपत्ति में दो बेटों के साथ ही बेटी को हिस्सा देने के बाद से परिवार में बिखराव के चलते एक बेटे ने ही अपनी मां की पिटाई कर दी. बहन ने बीच-बचाव की कोशिश की तो आरोपित ने उससे भी मारपीट की. घटना के बाद पीड़ित मां थाने पहुंची और अपने बेटे के खिलाफ ही गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कराया है.
पुलिस ने बताया कि वार्ड-2 सरदार बाड़ी के पास उतई निवासी प्रार्थिया बेलसिया बाई साहू ने अपने छोटे बेटे इंद्र कुमार साहू के खिलाफ उतई थाने में अपराध दर्ज कराया है. प्रार्थिया ने पुलिस को बताया कि उसके पति की मौत के बाद उसने अपने संपत्ति का तीनों बच्चों में बराबर बंटवारा कर दिया है.
दो बेटों व एक बेटी में संपत्ति को बराबर में बांट दिया है. उसके दोनों बेटे भी प्रार्थिया के साथ ही अपने पैतृक घर पर रहते हैं. शनिवार को प्रार्थिया बोर से पानी भर रही थी. इसी बात को लेकर प्रार्थिया के छोटे बेटे इंद्र कुमार साहू ने विवाद शुरू कर दिया.
आरोपित ने गाली-गलौज करते हुए प्रार्थिया से मारपीट की. प्रार्थिया की बेटी त्रिवेणी बाई बीच-बचाव के लिए पहुंची तो आरोपित उससे भी मारपीट किया. इसके बाद यह मामला थाने तक पहुंचा और आरोपितों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया.