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बड़ी खबर : आर्थिक आंकड़ों में सुस्‍ती से बाजार में हाहाकार, 400 अंक से ज्यादा गिरा सेंसेक्‍स

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कोर सेक्‍टर और जीडीपी के ताजा आंकड़ों का असर शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है। मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्‍स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंक गिर गया है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स 300 अंक से अधिक लुढ़क गया तो वहीं निफ्टी में भी 50 अंकों से ज्‍यादा की गिरावट दर्ज की गई।

शादीशुदा एक्टर से संबंध बनाने के आरोप में 3 साल के लिए बैन हो गई थी यह खूबसूरत अभिनेत्री

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दोस्तों फिल्मों में काम करने वाले सितारों की लव अफेयर खबरें अक्सर सुनने को मिलती रहती है लेकिन आज हम आपको उस अभिनेत्री के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे एक शादीशुदा एक्टर से संबंध बनाने के आरोप में 3 साल के लिए बैन कर दिया गया था. तो आइए जानते हैं वह अभिनेत्री कौन है.

उस अभिनेत्री का नाम निकिता ठुकराल है. वह साउथ फिल्मों की एक लोकप्रिय अभिनेत्री है. उन्होंने तमिल, कन्नड़, तेलुगू और मलयालम फिल्मों में काम किया हुआ है. खबर के मुताबिक निकिता का अफेयर साउथ फिल्म इंडस्ट्री के लोकप्रिय अभिनेता दर्शन से था, लेकिन दर्शन पहले ही शादीशुदा थे.

इन दोनों के अफेयर की खबरें जैसे ही दर्शन की बीवी को मिला तो उसने निकिता के विरुद्ध आवाज उठा लिया. दर्शन की बीवी ने निकिता पर और भी कई गंभीर आरोप लगाए थे जिसके बाद कन्नड़ प्रोड्यूसर एसोसिएशन ने अभिनेत्री निकिता पर 3 साल का बैन लगा दिया था. लेकिन निकिता को उस दौरान उनके फैंस का समर्थन मिला जिसके बाद इस बैन को 4 दिनों में ही वापस ले लिया गया था.

फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में फंसे अमित जोगी, बिलासपुर से पुलिस ने लिया हिरासत में

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फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में छत्‍तीसगढ़ के पूर्व मुख्‍यमंत्री अजीत जोगी (Ajit jogi) के बेटे अमित जोगी (Amit Jogi) की मुश्किलें बढ़ती गई है. जोगी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी को बिलासपुर से पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. अमित जोगी पर अपनी नागरिकता को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप है. जानकारी के मुताबिक मरवाही सदन से पुलिस ने उन्हे हिरासत में लिया है. मालूम हो कि सोमवार को समीरा पैकरा सहित मरवाही के आदिवासियों ने अमित जोगी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी ऑफिस का घेराव भी किया था. साथ ही अमित जोगी के खिलाफ गौरेला में 420 का मामला सभी दर्ज है. बताया जा रहा है कि अमित जोगी को गैरेला लाया जा सकता है.

पीसीसी चीफ का बयान

अमित जोगी को हिरासत में लिए जाने के मामले में मोहन मरकाम ने कहा कि गलत काम करेंगे तो गिरफ्तार तो होंगे ही. देश में सबसे के लिए कानून एक बराबर है. अगर गलतियां की हैं तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगे ना की अपने आप को कानून के आड़े लाए. बीजेपी नेत्री समीरा पैकरा की शिकायत पर पुलिस ने किया अमित जोगी को गिरफ्तार.

इन तस्वीरों को समझने के लिए आपका दिमाग आइंस्टीन जैसा होना चाहिए

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आज हम आपके लिए कुछ खास तस्वीरें लेकर आए हैं जिनको एक बार में समझ पाना बेहद मुश्किल है अगर आपको यकीन नहीं है तो आप खुद इन तस्वीरों को देख लीजिए। जब आप इन तस्वीरों को देखोगे तो आपको अलग लगेगी लेकिन जब आप गौर से नजर डालोगे तो थोड़ी बहुत स्थिति स्पष्ट होगी।

इस डब्बे में मोबाइल है।

आदमी का सर आपको नजर नहीं आएगा।

पांव को ध्यान से देखें।

क्या आप बता सकते हैं मोबाइल केबल के अंदर रखा हुआ है या ऊपर।

बाय से तीन नंबर लड़की के पांव कहां है।

नागार्जुन की बहू ने लेटेस्ट तस्वीरों से इंटरनेट पर मचाया तहलका, फोटो में फ्लाॅन्ट किया पीठ का टैटू

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साउथ के सुपरस्टार नागार्जुन की बहू और एक्ट्रेस सामंथा अक्किनेनी अक्सर अपनी तस्वीरों की वजह से चर्चा में रहती हैं। एक बार फिर सामंथा की कुछ तस्वीरों ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। दरअसल, सामंथा इन दिनों पति नागा चैतन्य और अपने ससुराल वालों के साथ इबिसा में हाॅलीडे एंजाॅय कर रही हैं।

इस दौरान की तस्वीरें उन्होंने अपने इंस्टा अकाउंट पर शेयर की हैं। तस्वीरों में सामंथा ओरेंज बिकिनी के साथ मैचिंग प्लाजो पेंट में नजर आ रही हैं। तस्वीर में वह अपने पीठ का टैटू फ्लाॅन्ट करती दिख रही हैं।

उन्होंने अपने लुक को बन और शेड्स से पूरा किया है। वहीं दूसरी तस्वीर में वह समंदर किनारे मस्ती करती दिख रही हैं। तीसरी तस्वीर में वह पति के साथ नजर आ रही हैं।

इस तस्वीर में एक्ट्रेस पिंक आउटफिट में दिख रही है। वहीं नागा चैतन्य ब्लैक शर्ट और जींस में हैंडसम लग रहे हैं। सामने आई एक तस्वीर में सामंथा ससुराल नवालों के साथ पोज दे रही हैं। सामंथा की ये तस्वीरें सोशल साइट पर धड़ले से वायरल हो रही हैं। फैंस उनकी इन तस्वीरों को काफी पसंद कर रहे हैं।

बता दें कि सामंथा ने साल 6 अक्टूबर 2017 को नागा चैतन्य से शादी की थी। पहले हिंदू और फिर क्रिश्चियन रीति-रिवाज से ये शादी हुई थी। शादी की तस्वीरें भी काफी वायरल हुईं थीं। कहा जाता है कि दोनों की पहली मुलाकात फिल्म ‘ये माया चेस्वे’ के सेट पर साल 2009 में हुई थी।

काम की बात करें तो सामंथा को आखिरी बार फिल्म ‘ओह बेबी’ में देखा गया था। यह फिल्म काफी हिट हुई थी। एक्ट्रेस तेलगू फिल्म 96 के रीमेक भी नजर आईं तीं।

MP : पसंद का प्रदेशाध्यक्ष बनाने की मांग पर अड़े सिंधिया, छोड़ सकते हैं कांग्रेस!

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस इन दिनों आपसी द्वंद्व के दौर से गुजर रही है। नए प्रदेशाध्यक्ष के नाम को लेकर तनातनी का दौर जारी है, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी पसंद का प्रदेशाध्यक्ष बनाने की मांग पर अड़े हुए हैं और उनकी पसंद को किनारे किए जाने की स्थिति में वे पार्टी को भी टा-टा कर सकते हैं। 

सिंधिया के नजदीकी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, सिंधिया अपनी पसंद का अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, इसके लिए वे किसी भी हद तक जा सकते है। उन्होंने अपनी बात से पार्टी हाईकमान को भी अवगत करा दिया है, अगर पार्टी हाईकमान ने उनकी बात को नजर अंदाज किया तो वे पार्टी का साथ भी छोड़ सकते हैं। कांग्रेस छोडऩे के बाद उनकी राजनीति की दिशा क्या होगी इसे कहा नहीं जा सकता। सूत्रों का कहना है कि सिंधिया अपनी बात से पार्टी हाईकमान को अवगत करा चुके हैं, सख्त लहजे में भी अपनी बात रख चुके हैं तो दूसरी ओर सिंधिया की दिल्ली में भाजपा नेतृत्व से मुलाकातों की चर्चाएं भी सामने आ रही है। इन चर्चाओं का न तो सिंधिया ने अब तक खंडन किया है और न ही स्वीकारा है। 

सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के 114 विधायकों में 25 विधायक ऐसे हैं जिन्हें विधानसभा में सिंधिया के कोटे से टिकट मिला था। यह विधायक सिंधिया के यहां होने वाली बैठकों में जाते रहते हैं, मगर पार्टी से किनारा करने की बात आएगी तो 15 विधायक सिंधिया के साथ रहेंगे। 10 वे विधायक हैं जो दिग्विजय सिंह और कमलनाथ से भी मिलते रहते हैं। इन विधायकों में सत्ता का मोह भी है। 

सिंधिया राजघराने की भाजपा से नजदीकियां किसी से छुपी नहीं है। सिंधिया राजघराने के प्रतिनिधि कभी भी भाजपा और संघ के लिए अस्वीकार नहीं रहे है। इसी घराने की विजयाराजे सिंधिया हो, माधवराव सिधिया भाजपा के नजदीकी रहे हैं, इस घराने की वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे सिंधिया वर्तमान में भाजपा में है। ज्योतिरादित्य अगर भाजपा में आते हैं तो संगठन और संघ से जुड़े लोगों के लिए असहज नहीं होगा।

ज्येातिरादित्य की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की बातें भी सामने आ रही हैं। राज्य में 15 साल बाद कांग्रेस सत्ता में आई तो सिंधिया को भरोसा था कि राज्य का मुख्यमंत्री उन्हें बनाया जा सकता है, मगर ऐसा हुआ नहीं। उसके बाद से प्रदेशाध्यक्ष की बागडोर सिंधिया को सौंपे जाने की चर्चाएं गाहे-बगाहे हिलोरें मारती रही। 

लोकसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा प्रदेशाध्यक्ष पद से त्याग पत्र दिए जाने की पेशकश के बाद से फिर नए अध्यक्ष के तौर पर सिंधिया के नाम की चर्चा है। मगर सिंधिया की राह में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गुट ने रोड़े अटकाना शुरू कर दिए हैं। यही कारण है कि प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया द्वारा नए प्रदेशाध्यक्ष के नाम का जल्द ऐलान किए जाने के बयान के बाद भी नए अध्यक्ष का नाम सामने नहीं आ पाया है। 

सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की हर तरफ से मांग उठ रही है, कहीं होर्डिग, बैनर लग रहे हैं तो कहीं धरना दिया जा रहा है। पार्टी की प्रदेश इकाई के सचिव विकास यादव ने सिंधिया को प्रदेशाध्यक्ष बनाए जाने की पैरवी करते हुए कहा कि, सिंधिया का उपयोग यूज एंड थ्रो की तरह किया जा रहा है, चुनाव के समय उन्हें आगे किया जाता है और सत्ता मिलने पर उन्हें पीछे कर दिया जाता है। एक तरफ जहां सिंधिया अपनी पसंद के व्यक्ति को अध्यक्ष बनवाने पर अड़े रहकर बगावती तेवर अपनाए हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का विरोधी खेमा उन्हें कमजोर करने में लगा है। 

इसी क्रम में दिग्विजय गुट के नेताओं ने एक के बाद एक दो दिन लगातार पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के यहां बैठकें कर डाली। यह बात अलग है कि सिंह ने इसे सामान्य मेल मुलाकात करार दिया था। राजनीतिक विश्लेषक शिव अनुराग पटेरिया मानते हैं कि सिंधिया भाजपा में जा सकते हैं।

उनका कहना है कि सिंधिया राजघराने का इतिहास और अतीत है, उसके अनुसार उनकी भाजपा और संघ में जड़ें बहुत गहरी है, चाहे उनकी दादी रही हो, पिता का पहला चुनाव या दोनों बुआएं। वहीं संघ और भाजपा संगठन मानता है कि सिंधिया अगर भाजपा में आते हैं तो कांग्रेस की ग्वालियर-चंबल से लेकर मालवा तक में चुनौती समाप्त हो जाएगी। 

राज्य मे सिंधिया राजघराने का ग्वालियर-चंबल से लेकर मालवा और मध्य भारत तक प्रभाव है और लोकसभा की 10 सीटें ऐसी हैं जहां उनके समर्थक हैं। भाजपा इन स्थानों पर कांग्रेस के प्रभाव को पूरी तरह खत्म कर देना चाहती है, वहीं इन दिनों इस राजघराने के प्रमुख नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की कांग्रेस के भीतर अहमियत कम हुई है, जिससे वे नाराज चल रहे है। 

इन स्थितियों का भाजपा लाभ लेना चाहती है। भाजपा का राज्य का कोई भी नेता सीधे तौर पर सिंधिया के भाजपा में आने और उनके आने से पार्टी को होने वाले लाभ पर खुलकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है, हर कोई इशारों में बात करता है क्योंकि फैसला तो दिल्ली और नागपुर से होना है।

पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता डा. दीपक विजयवर्गीय का कहना है कि राज्य में कांग्रेस और उसकी सरकार भारी असंतोष और असंतुलन से गुजर रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थकों की जो स्थिति बीते आठ माह से है वह हर कोई देख रहा है। दिग्विजय, सिंधिया और कमलनाथ की गुटीय राजनीति का नतीजा प्रदेश के लिए क्या होगा यह भविष्य तय करेगा।

Central Excise and Custom : मध्‍यप्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में फंसा है हजारों करोड़ रुपए का टैक्स

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केंद्र सरकार के सेंट्रल एक्साइज एवं कस्टम महकमे ने टैक्स से जुड़े कई वर्षों के उलझे मामलों से पल्ला झाड़ने के लिए नई स्कीम पर दांव लगाया है। अकेले मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में ही सरकार के हजारों करोड़ रुपए अभियोजन, अदालत और अपील के फेर में उलझे पड़े हैं। देश के अन्य राज्यों की कुल लेनदारी ही करीब 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक है। यही वजह है कि सरकार ने पुराने सभी पचड़े सुलझाने की मुहिम छेड़ी है।

सेंट्रल एक्साइज एवं कस्टम महकमे ने 1 जुलाई 2017 से टैक्स संबंधी जीएसटी की नई व्यवस्था लागू की है। इसलिए विभाग पुराने मामलों में उलझे अपने हजारों करोड़ रुपए के बकाया टैक्स वसूलने आधी-अधूरी रकम पर भी संतोष करने के लिए राजी हो गया है।

विभाग का आकलन है कि देश के सभी राज्यों में टैक्स के रूप में बकाया उसके करीब 3 लाख करोड़ रुपए की राशि फंसी हुई है। अकेले मप्र-छग में ही यह राशि हजारों करोड़ में है, इसलिए विभाग को अदालती मामले और अपील के उलझे प्रकरणों को खत्म करने में ही अपनी भलाई दिख रही है। कुल मिलाकर ‘छोड़ो कल की बातें… नए सिरे लिखेंगे नई कहानी…” नीति पर अमल शुरू किया गया है।

बताया जाता है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) ने 1 सितंबर से चार महीने के लिए ‘सबका विश्वास स्कीम” (लीगेसी डिस्प्यूट रिसॉलूसन) लागू कर पुराने झगड़े भुलाकर कुल रकम की 30, 40 अथवा 50 प्रतिशत रकम वसूल कर विवाद खत्म करने की मुहिम शुरू की है। विभाग का मानना है कि इस तरह उसके देश भर में फंसे करीब 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि मिल जाएगी।

साथ ही विभागीय अफसरों को अपील और अभियोजन में फंसे मामलों से भी छुटकारा मिल जाएगा। इसके पीछे वजह यही है कि कस्टम सेंट्रल एक्साइज विभाग अब पूरी तरह से जीएसटी पर ही फोकस करना चाहता है। यही वजह है कि उसने कारोबारियों को हो रही परेशानियों को दूर करने हर तरह मामलों में ‘वन टाइम सैटलमेंट” का लालच देकर एक और प्रयोग पर काम शुरू किया है।

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी युग में पुराने झगड़े खत्म करने विभाग ने पहली बार इतनी उदारता के साथ यह निर्णय लिया है। इसमें कारोबारियों को जुर्माना और ब्याज छोड़ने के साथ टैक्स की मूल रकम में भी राहत देने का लालच दिया है। सेंट्रल एक्साइज एवं कस्टम महकमा पूर्व के वर्षों में समाधान और वालंटरी डिस्क्लोजर स्कीम भी ला चुका है।

जीएसटी पर करेंगे फोकस: माहेश्वरी

टैक्स वसूली संबंधी पुराने विवादों और अपील में चल रहे प्रकरणों को सुलझाने के लिए सीबीआईसी ने पहली बार इतनी आकर्षक योजना लागू की है। इसके पीछे मुख्य कारण यही है कि विभाग पूरी ऊर्जा से जीएसटी पर फोकस कर सके। इस स्कीम से कारोबारियों को फायदा होगा और विभाग को अटकी हुई टैक्स की राशि मिल सकेगी।

– आरएस माहेश्वरी, कमिश्नर अपील सीजीएसटी भोपाल

मिड-डे-मील में नमक-रोटी परोसने का वीडियो बनाने वाले पत्रकार पर FIR दर्ज

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पिछले महीने मिर्जापुर जिले के एक प्राइमरी स्कूल में मिड-डे-मील में छात्रों को नमक रोटी परोसने का मामला सामने आया था। मामला उजागर करने वाले पत्रकार पवन जायसवाल के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब मुकदमा दर्ज कराया है। पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वहीं, पत्रकार ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर डीएम अनुराग पटेल पर गंभीर आरोप लगाये है और यूपी के सीएम से मामले में हस्ताक्षेप करने की अपील की है।

मोहम्मद शमी पर देश लौटने के 15 दिन तक वारंट को लागू नहीं किया जाएगा!

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मोहम्मद शमी के वकील शेख सलीम रहमान ने कहा कि यह देखते हुए कि तेज गेंदबाज राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने के लिए विदेश में हैं, अलीपुर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि देश लौटने के 15 दिन तक उन पर वारंट को लागू नहीं किया जाएगा।

कोलकाता। शहर की एक अदालत ने सोमवार को क्रिकेटर मोहम्मद शमी के खिलाफ उनकी पत्नी हसीन जहां द्वारा दर्ज कराए गए कथित घरेलू हिंसा के एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया। अदालत ने कहा कि देश लौटने के 15 दिनों के भीतर उन्हें आत्मसमर्पण करना होगा।

साक्षी प्रभा पर छपी खबर के अनुसार, मोहम्मद शमी फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम के साथ वेस्टइंडीज के दौरे पर हैं और 4 सितंबर को घर के लिए रवाना होने वाले हैं। शमी के वकील शेख सलीम रहमान ने कहा कि यह देखते हुए कि तेज गेंदबाज राष्ट्रीय कर्तव्य निभाने के लिए विदेश में हैं, अलीपुर के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि देश लौटने के 15 दिन तक उन पर वारंट को लागू नहीं किया जाएगा।

अदालत ने निर्देश दिया कि भारत लौटने के 15 दिनों के भीतर शमी को आत्मसमर्पण करना होगा, जिसमें विफल रहने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट लागू किया जाएगा।

जहां का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील अनिर्बान गुहा ठाकुरता ने कहा कि वह अदालत इसलिए गए क्योंकि शमी कानूनी औपचारिकताओं का जवाब नहीं दे रहे थे।

उनके वकील ने कहा कि शमी के भाई हसीब अहमद के खिलाफ भी एसीजेएम ने वारंट जारी किया है। जहां ने 2018 की शुरुआत में शमी और उनके परिवार के कुछ सदस्यों के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया था।

चंद्रयान-2 ने पार की एक और बड़ी बाधा, सफलतापूर्वक पूरी की पहली डी-ऑर्बिटिंग की प्रक्रिया

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लैंडिंग का वक्‍त करीब आने से पहले चंद्रयान-2 ने एक और बाधा पार कर ली है। मंगलवार सुबह चंद्रयान ने पहली डी-ऑर्बिटिंग की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसरो ने ट्वीट कर बताया कि आज सुबह 8.50 बजे पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार पहली डी-ऑर्बिटिंग की प्रक्रिया सफलता पूर्वक पूरी कर ली गई है। इसरो ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया 4 सेकेंड में पूरी कर ली गई।

बता दें कि विक्रम लैंडर का ऑर्बिट 104 किमी x 128 किमी का है। चंद्रयान का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में लगातार चक्‍कर काटेगा। इसरो ने बताया कि चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर और लैंडर दोनों ही ठीक तरीके से काम कर रहे हैं। चंद्रयान-2 की दूसरी डी-आर्बिटिंग की प्रक्रिया 4 सितंबर को सुबह 3.30 बजे से 4.30 बजे के बीच पूरा होगा।

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बता दें कि सोमवार को चंद्रयान-2 को बड़ी सफलता मिली थी। कल दोपहर करीब 1.15 बजे चंद्रयान के ऑर्बिटर से लैंडर विक्रम को सफलतापूर्वक अलग कर दिया गया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो) ने कहा कि यह प्रक्रिया अपराह्न 12 बजकर 45 मिनट पर शुरू हुई और एक बजकर 15 मिनट पर ऑर्बिटर से ‘विक्रम’ अलग हो गया। ‘लैंडर’ का नाम भारत के अंतरिक्ष मिशन के जनक विक्रम साराभाई के नाम पर ‘विक्रम’ रखा गया है।