चेक रिपब्लिक में करीब 4 महीने से ब्रेन डेड (Brain Dead) महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया. 27 साल की प्रेग्नेंट महिला को इस साल अप्रैल में बर्नो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. उनके कई अंग खराब हो जाने के बाद दिमाग भी काम नहीं कर रहा था, जिसके बाद डॉक्टरों ने महिला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. इसके 117 दिन बाद डॉक्टरों ने उस महिला की सफल डिलीवरी कराई. हालांकि, बच्ची को जन्म देने के तीन दिन बाद महिला की मौत हो गई.
इस ब्रेन डेड महिला ने 15 अगस्त को एक बच्ची को जन्म दिया. डॉक्टरों के मुताबिक, डिलीवरी सीजेरियन सेक्शन के जरिए हुई. बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है. उसका वजन 2.13 किलोग्राम और लंबाई 42 सेंटीमीटर (16.5 इंच) है. ब्रेन डेड महिला की सफल डिलीवरी कराकर बर्नो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ने एक रिकॉर्ड बनाया है.
डॉक्टरों ने बताया कि जब महिला को हॉस्पिटल लाया गया था, वह 27 हफ्ते की प्रेग्नेंट थी. लिहाजा डॉक्टरों ने प्रेग्नेंसी को जारी रखने के लिए महिला को आर्टिफिशियल सपोर्ट सिस्टम पर रखा. यहां तक कि रोजाना महिला के पैरों की मूवमेंट कराई जाती थी, ताकि बच्ची के ग्रोथ का पता लगाया जा सके.
प्रेग्नेंसी के 34वें हफ्ते में डिलीवरी हुई. बच्ची को जन्म देने के बाद परिवार के लोगों की सहमति के बाद महिला से लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटा लिया गया. डिलीवरी के तीन दिन बाद 19 अगस्त को महिला ने इस दुनिया को छोड़ दिया.
पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) की कीमतों में सितंबर महीने के तीसरे दिन भी बदलाव नहीं हुआ है. क्रूड ऑयल के भाव में चल रहे मामूली उतार-चढ़ाव की वजह से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल के रेट में स्थिरता बनी हुई है. इंडियन ऑयल (Indian Oil) की वेबसाइट के अनुसार मंगलवार को दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल के लिए ग्राहकों को क्रमश: 72.01 रुपये, 77.67 रुपये, 74.71 रुपये और 74.80 रुपये प्रति लीटर हो चुका है. वहीं दूसरी ओर चारों महानगरों में ग्राहकों को डीजल के लिए क्रमश: 65.25 रुपये, 68.41 रुपये, 67.63 रुपये और 68.94 रुपये प्रति लीटर रहा.
पेट्रोल-डीजल के दाम हर दिन घटते-बढ़ते रहते हैं. पेट्रोल-डीजल का नया दाम सुबह 6 बजे से लागू हो जाता है. इनकी कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन सब कुछ जोड़ने के बादल इसकी कीमत लगभग दोगुनी हो जाती है. पेट्रोल डीजल की कीमत को अमेरिकी डॉलर का एक्सचेंज रेट, क्रूड ऑयल की कीमत, ईंधन की मांग और अन्य चीजें प्रभावित करती रहती हैं. गुरुवार को डब्ल्यूटीआई (WTI) और ब्रेंट क्रूड में कमजोरी के साथ कारोबार दर्ज किया गया. WTI क्रूड और ब्रेंट क्रूड में करीब आधा फीसदी की कमी आई है इसके साथ क्रमश: 55.50 डॉलर प्रति बैरल और 60 डॉलर प्रति बैरल के करीब करोबार होते हुए देखा गया.
अपने शहर के दाम आप रोजाना ऐसे चेक कर सकते हैं. SMS के जरिए उपभोक्ता किसी विशेष रजिस्टडर्ड नंबर पर एसएमएस भेजकर कीमतों के अपडेट की जांच कर सकते हैं और उन्हें वर्तमान मूल्य के बारे में मैसेज के माध्यम से सूचित किया जाएगा. इंडियन ऑयल ग्राहक RSP<डीलर कोड> 92249 9 2249 को भेज सकते हैं. बीपीसीएल ग्राहकों को RSP<डीलर कोड> 9223112222 पर भेजना होगा. एचपीसीएल ग्राहकों को HPPRICE<डीलर कोड> 9222201122 पर भेजना होगा
अगर आपके पास पैन कार्ड (PAN Card) नहीं है लेकिन आधार (Aadhaar) है तो अब आपको पैन कार्ड बनवाने में नहीं होगी मुश्किल. दरअसल इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने सोमवार को कहा कि अगर कोई आधार कार्ड के जरिए रिटर्न दाखिल करता है तो उन्हें डिपार्टमेंट खुद-ब-खुद पैन कार्ड जारी कर देगा.
इस साल बजट में फाइनेंस मिनिस्टर (Finance Minister) निर्मला सीतारमण ने यह ऐलान किया था कि अब इनकम टैक्स रिटर्न फाइन करने के लिए PAN कार्ड अनिवार्य नहीं रहेगा. उन्होंने कहा था कि अब सिर्फ आधार के जरिए भी इनकम टैक्स रिटर्न भरा जा सकता है. लिहाजा अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने यह फैसला लिया है कि जो लोग आधार से रिटर्न फाइल करेंगे उनका पैन कार्ड ऑटोमैटिक जारी हो जाएगा.
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की 30 अगस्त की अधिसूचना के अनुसार यदि कोई व्यक्ति आधार का उपयोग कर रिटर्न दाखिल करता है और उसके पास पैन संख्या नहीं है तो यह मान लिया जाएगा कि उसने पैन जारी करने के लिए आवेदन कर दिया है. इसके बाद उसे कोई और दस्तावेज दाखिल करने की जरूरत नहीं होगी. यह नियम एक सितंबर से प्रभावी हो गया है. अधिसूचना में कहा गया है कि कर विभाग पैन संख्या आवंटित करने के लिए आधार से व्यक्ति की अन्य जनांकिक जानकारी जुटा लेगा.
भारत में हर आदमी को भरपेट भोजन (Food) नहीं मिल पाता. अभी तक भूख से होने वाली मौतों की खबर आती रहती है. बच्चों में कुपोषण एक बड़ी समस्या है. लेकिन जितनी भोजन की कमी है, उतना ही हम उसे बर्बाद (waste) भी करते हैं. खाने की बर्बादी (wastage of food) सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में होती है. इस बारे में जो ताजा आंकड़े आए हैं, वो हैरान करने वाले हैं. नए आंकड़े के मुताबिक पूरी दुनिया में जितना फूड का उत्पादन होता है, उसका एक तिहाई बर्बाद हो जाता है. यानी एक तिहाई फूड बिना खाए फेंक दिया जाता है या वो बर्बाद चला जाता है. अगर बर्बाद खाने की कीमत के बारे में पता करें तो पूरी दुनिया में हर साल करीब 940 बिलियन डॉलर का खाना बर्बाद होता है. भारतीय करेंसी में इसकी कीमत करीब 67 लाख करोड़ रुपए होती है. अंदाजा लगाया जा सकता है कि खाने की बर्बादी किस हद तक होती है.
खाने की बर्बादी की वजह से गर्म हो रही है दुनिया
इतना ही नहीं खाने की बर्बादी की वजह से दुनिया गर्म भी हो रही है. नए शोध से पता चला है कि खाने की बर्बादी की वजह से ग्रीन हाउस गैसों में 8 फीसदी का इजाफा होता है. इसकी वजह से ग्लोबल वॉर्मिंग की समस्या बढ़ रही है. खाने की बर्बादी को लेकर ये आंकड़े वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) ने रॉकफेलर फाउंडेशन की मदद से जारी किए हैं.
खाने की बर्बादी को लेकर कुछ दिलचस्प तथ्य पता चले हैं. मसलन भारत जैसे विकासशील और लोअर इनकम वाले देशों में खाने की बर्बादी फार्म के स्तर पर होती है. यानी अन्न के उत्पादन के वक्त खेत से मार्केट में पहुंचने तक अन्न बर्बाद होता है. वहीं अमेरिका जैसे विकसित देशों में खाने की बर्बादी खाने की प्लेट में होती है. यानी खाना प्लेट तक तो पहुंच जाता है लेकिन प्लेट में खाना छोड़कर लोग उसे बर्बाद करते हैं.
संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) की फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन के 2007 के एक आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा बर्बादी कंद और जड़ों की होती हैं. करीब 62 फीसदी कंद और जड़ें (roots and tubers) बर्बाद हो जाती हैं. फल और सब्जियों का स्थान दूसरा है. कुल उत्पादन का करीब 41 फीसदी फल और सब्जियां बर्बाद हो जाती हैं. उसी तरह से कुल उत्पादन का करीब 25 फीसदी दालें बर्बाद चली जाती हैं. 22 से 23 फीसदी फिश और सीफूड भी बर्बाद होते हैं.
जितना यूके खाता है, उतना हम बर्बाद कर देते हैं
भारत में खाने की बर्बादी के आंकड़े और भी हैरान करने वाले हैं. 2017 की सीएसआर की एक रिपोर्ट के मुताबिक हर साल जितना यूनाइटेड किंगडम खाता है, उतना हम बर्बाद कर देते हैं. भारत जैसे देश में जहां लाखों लोग भूखे पेट सोने के लिए मजबूर होते हैं, वहां खाने की बर्बादी के ये आंकड़े परेशान करने वाले हैं.
फंक्शन में सबसे ज्यादा होती है खाने की बर्बादी
भारत में खाने की बर्बादी सबसे ज्यादा नॉर्थ और सेंट्रल पार्ट्स के सार्वजनिक समारोहों में होती है. शादी-विवाह, सोशल और फैमिली फंक्शन, कैंटीन और होटलों में खाने की बर्बादी सबसे ज्यादा होती है.
रिपोर्ट के मुताबिक उत्पादन का करीब 40 फीसदी फूड बर्बाद चला जाता है. भारत के कुल गेहूं उत्पादन में करीब 2 करोड़ टन गेहूं बर्बाद हो जाता है. इतने बड़े पैमाने पर अन्न की बर्बादी हैरान करने वाली है.
खुद कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में करीब 50 हजार करोड़ की कीमत का अन्न हर साल बर्बाद होता है. इतना अन्न बिहार जैसे राज्य की कुल आबादी को एक साल तक भोजन उपलब्ध करवा सकता है.
ट्रैफिक रूल को लेकर सरकार सख़्ती बरतने की बात करती है लेकिन क्या क़ानून का सही तरीके से पालन सुनिश्चत करवाना क़ानून के संरक्षकों की ज़िम्मेदारी नहीं है. ट्रैफिक पुलिस द्वारा एक ऐसी ही हस्यास्पद लापरवाही का मामला सामने आया है. दरअसल ट्रैफिक पुलिस ने एक अजीबोगरीब चालान काटा है. मेरे पास एक कार है जिसका नंबर UP16BW3677 है. मैनें परिवहन पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस देखने की कोशिश की कहीं मेरे नाम से कोई चालान तो नहीं है?
पोर्टल पर मैनें जो कुछ देखा वो पहली नज़र में एक मज़ाक लगा लेकिन यह सच था. मेरे ऊपर 100 रुपये का जुर्माना लगाया गया था. आप सोच रहे होंगे मैने सीट बेल्ट नहीं लगाई होगी इसलिए 100 रुपये का चालान काटा गया है लेकिन आप ग़लत हैं.
मेरा क़सूर यह है कि मैनें अपनी कार चलाते हुए हेलमेट नहीं पहना. जी आप ठीक पढ़ रहे हैं मैनें बिना हेलमेट के कार चलाई इसलिए मेरा 100 रूपये का चालान काटा गया है. यह मामला सुनने में ही हास्यास्पद लग रहा है. ट्रैफिक पुलिस के इस तरह के व्यवहार से लोगों के बीच क़ानून को लेकर संज़ीदगी कम होती है. इस तरह के कई मामले पहले भी सामने आए हैं. आम तौर पर कई बार इस तरह के मामले ख़बरों में नहीं आते हैं और इसे तकनीकी भूल समझकर निपटा लिया जाता है.
सवाल यह उठता है कि एक तरफ सरकार लोगों से क़ानून को सख़्ती से पालन करने की हिदायत दे रही है, वहीं ट्रैफिक पुलिस की इस तरह की लापरवाही की वजह से लोगों के नज़र में क़ानून के प्रति सम्मान कम हो रहा है. निश्चित तौर पर RTO (रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफ़िस) को इस तरह के मामले को संज्ञान में लेना चाहिए और जिस किसी ने भी यह लापरवाही की है उनके ख़िलाफ़ थोड़ी सख़्ती दिखानी चाहिए. जिससे कि ट्रैफिक पुलिस भी सड़क पर लापरवाह होकर काम न करे.
बता दें कि एक सितंबर से देश में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के मकसद से कठोर प्रावधानों वाले मोटर व्हीकल (संशोधन) विधेयक 2019 लागू किया गया है. विधेयक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के मकसद से काफी कठोर प्रावधान रखे गए हैं.
किशोर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना, बिना लाइसेंस, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाना और निर्धारित मानकों से अधिक लोगों को बैठाकर अथवा अधिक माल लादकर गाड़ी चलाने जैसे नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का प्रावधान किया गया है. इसमें एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को रास्ता नहीं देने पर भी जुर्माने का प्रस्ताव किया गया है.
इसके अलावा तेज गाड़ी चलाने, बिना बीमा पॉलिसी के वाहन चलाने और बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना एवं निर्धारित अवधि के लिए लाइसेंस निलंबित किया जाने के प्रावधान विधेयक में शामिल हैं.
किशोर द्वारा गाड़ी चलाते हुए सड़क पर कोई अपराध करने की स्थिति में गाड़ी के मालिक अथवा अभिभावक को दोषी माना जाएगा और वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जाएगा.
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर दो हजार की बजाय 10 हजार रुपये का जुर्माना लगेगा. वहीं हिट एंड रन के मामले में मौत होने पर 2 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा, जो पहले 25 हजार रुपये था.
इसके अलावा नाबालिग के वाहन चलाते समय हादसा होने पर अभिभावक पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और 3 साल की सजा का प्रावधान किया गया है. ऐसे मामलों में जुवेनाइल एक्ट के तहत केस चलेगा.
नवी मुंबई के उरण में स्थित ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) के प्लांट में आग लग गई है। सुबह सात बजे गैस प्रोसेसिंग प्लांट में आग लगी। आग लगातार बढ़ती जा रही है। घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई है। वहीं कई अन्य घायल हैं। दमकल की गाड़ियां मौके मौजूद हैं जो आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही हैं। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ओनएजीसी, द्रोणगिरी, जेएनपीटी, पनवेल और नेरुल के दमकलर्मी घटनास्थल पर मौजूद हैं। सभी आग को बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। उरण पुलिस ने दो किलोमीटर के क्षेत्र को घेर लिया है। प्लांट के पास रहने वाले लोगों को प्रशासन ने वहां से बाहर निकाल लिया गया है ताकि जान-माल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
घटना की पुष्टि करते हुए ओएनजीसी ने ट्विटर पर लिखा, ‘उरण तेल और गैस प्रसंस्करण संयंत्र में आज सुबह आग लग गई। ओएनजीसी अग्निशमन सेवा और संकट प्रबंधन टीम ने तुरंत इसपर कार्रवाई की। आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। इसका तेल प्रसंस्करण पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। गैस को हजिरा प्लांट में डाइवर्ट कर दिया गया है। स्थिति का आकलन किया जा रहा है।’
बिहार में वैशाली से बेहद क्रूर और नृशंस तस्वीर सामने आई है, जहां एक नीलगाय को जिंदा ही दफन कर दिया गया है. जीवित नीलगाय कातर आंखों से गड्डे में अपने ऊपर गिरती मिट्टी को बेबस होकर देख रही है. इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल, किसानों की फसल के संरक्षण के लिए सरकार ने एक आदेश निकाला है, जिसमें नीलगाय को मारने का आदेश है.
वैशाली जिले के वन विभाग ने बीते 4 दिनों में 300 से अधिक नीलगाय को मारने का दावा किया है, किन्तु वन विभाग द्वारा वैशाली के गोरौल में नीलगाय को मरने की जो तस्वीर सामने आई है, वह बेहद ही क्रूर है. यहां जेसीबी मशीन से एक जीवित नीलगाय को गड्ढे में धकेल कर गिराने के बाद तड़पती नीलगाय को जिन्दा ही दफन किया जा रहा है. नीलगाय को मारना किसानों की फसल के संरक्षण के लिए जरूरी कदम है, किन्तु नीलगाय को मरने का विभाग का तरीका बहुत नृशंस है.
प्रावधान यह है कि नीलगाय को गोली मारने के बाद उसकी मौत सुनिश्चित होने के पश्चात् उसे दफना दिया जाए, लेकिन वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा जीवित ही कई नीलगाय को दफनाने की बात प्रकाश में आई है. हालांकि वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने इस मामले में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर अभिनेता सलमान खान ने अभी तक शादी नहीं की है | जिसके कारण उनसे शादी करने के लिए लाखों लड़कियां हमेशा तैयार रहती है | हम आपको बता दें सलमान खान ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्मों में काम किया है | पर शादी के मामले में वह काफी पीछे हैं |
आज हम भोजपुरी सिनेमा की एक ऐसी खूबसूरत अभिनेत्री के बारे में बताएंगे जो सलमान खान से शादी करना चाहती थी | वह खूबसूरत अभिनेत्री कोई और नहीं बल्कि भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री अम्रपाली दुबे हैं |
अम्रपाली दुबे ने कई सारी सुपरहिट भोजपुरी फिल्मों में काम किया है | उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह सलमान खान की बहुत बड़ी फैन है | इतना ही नहीं अम्रपाली दुबे के करीबी दोस्त निरहुआ ने भी बताया था कि अम्रपाली दुबे सलमान खान को बहुत ज्यादा पसंद करती हैं और उनसे शादी करना चाहती थी |
अम्रपाली दुबे दिखने में बेहद खूबसूरत हैं और वह भोजपुरी सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्री हैं |
देश की राजधानी दिल्ली का सबसे छोटा घर (the Smallest House of Delhi) लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया है. बुराड़ी इलाके में बने छह गज के इस छोटे से मकान को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं. आसपास के लोगों का भी कहना है कि यह घर काफी लोकप्रिय हो चुका है. यहां आने वाले लोग इसकी तस्वीरें खींचकर ले जाते हैं.खास बात है कि इस मकान में एक बेडरूम, एक किचन, बाथरूम, सीढ़ी और छत है. इसे इस तरह डिजाइन कर बनाया गया है कि ग्राउंड फ्लोर पर सीढ़ी और बाथरूम है. यहां से ऊपर चढ़ते हैं तो पहले मंजिल पर एक बेडरूम है. दूसरे मंजिल पर एक किचन है और फिर खुली छत है.
इस घर में रहने वाली पिंकी बताती हैं कि इसे बेहद खूबसूरत तरीके से बनाया गया है. यह महज छह गज में बना है. पूरे घर में ऊपर से नीचे तक मार्बल बिछाया गया है. वो इस घर में अपने पति और दो बच्चों के साथ रहती हैं. पूरे परिवार को इतने छोटे से घर में रहने में कोई परेशानी नहीं होती.
इस घर का किराया 3500 रुपये प्रति महीना है. पिंकी कहती हैं कि भले ही यह घर छोटा है लेकिन लोगों के बीच चर्चा का विषय है. वहीं लोग इस बात पर भी आश्चर्य करते हैं कि इसमें चार लोग आखिर रहते कैसे हैं. इस घर के बेडरूम में एक सिंगल बैड है. वहीं रसोई में भी सिंगल बर्नर वाली गैस के अलावा बहुत सीमित सामान है. यह घर न केवल लोगों के लिए बल्कि घर बनाने वाले बिल्डर और निवेशकों के बीच भी काफी लोकप्रिय हो चुका है. इस घर के मालिक ने इसे किराए पर चढ़ाया हुआ है.
देश में नेशनल हाईवे और सड़कों का निर्माण करने वाले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी NHAI कर्ज के बोझ से दब गया है. पीएमओ ने उसे चिट्ठी लिख कर फिलहाल सड़क बनाने पर रोक लगाने की नसीहत दी हैमिंट के मुताबिक पीएमओ ने NHAI को चिट्ठी लिख कर कहा है कि वह फिलहाल सड़कें बनाना छोड़ दे और प्राइवेट सेक्टर को पूरे हो चुके प्रोजेक्ट को टेकओवर के लिए प्रेरित करे.
NHAI को ऑपरेशन परफॉरमेंस सुधारने की नसीहत
इस बारे मेंब्लूमबर्गक्विंट के पास जो दस्तावेज हैं, उनके मुताबिक पीएमओ ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सेक्रेट्री को चिट्ठी लिख कर NHAI का ऑपरेशन परफॉरमेंस सुधारने का सुझाव दिया है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि बगैर प्लानिंग और सड़कों के बहुत ज्यादा विस्तार से परियोजनाओं में रुकावट पैदा हो गई हैं. NHAI को सड़क निर्माण और जमीन अधिग्रहण के लिए ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है.इस चिट्ठी में कहा गया है कि रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए पैसे की कमी आड़े आ रही है. निजी निवेशक और कंस्ट्रक्शन कंपनियां नई परियोजनाओं से हाथ खींचने लगी हैं. सड़क निर्माण का हाईब्रिड एन्युटी मॉडल फेल होता जा रहा है. इस मॉडल के तहत सरकार और प्राइवेट डेवलपर नई सड़कें बनाने का खर्च साझा करते हैं.
पीएमओ ने सुझाए ये उपाय
मिंट के मुताबिक पीएमओ ने इस समस्या से निपटने के लिए NHAI से मौजूदा संपत्तियों से पैसा कमाने का सुझाव दिया है. उसने इस दिशा में कुछ उपाय सुझाए हैं. इनमें शामिल हैं टोल-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल, जिसमें सबसे बड़ी बोली लगाने वालों को टोल रेवेन्यू जमा करने के लिए लंबे समय तक छूट दी जाती है. इसके अलावा इन्फ्रास्ट्रक्चर इनवेस्ट ट्रस्ट बनाने का भी सुझाव दिया गया है, जो इनकम पैदा करने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट का प्रबंधन करता है.
पीएमओ ने कहा है कि NHAI चाहे तो रोड एसेट मैनेजमेंट कंपनी बना सकता है और नेशनल हाईवे ग्रिड का ब्लू प्रिंट तैयार कर सकता है. इसके जरिये यह तय किया जा सकता है कि 2030 तक कौन सी सड़कें बनानी हैं. पीएमओ ने कहा है कि एनएचएआई को यह देखना होगा कि कौन ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनको पैसे की कमी की वजह से पूरा करना संभव नहीं हो रहा है. जरूरत पड़ी तो सरकार इसके लिए वाइबेलिटी गैप फंडिंग मुहैया करा सकती है.
पैसे की कमी की वजह से मौजूदा सड़क परियोजनाओं को पूरा करना संभव नहीं हो रहा है.
इस तरह बढ़ रहा है NHAI का कर्ज
वित्त वर्ष 2013-14 में नेशनल हाईवे बनाने की रफ्तार प्रति दिन 12 किलोमीटर थी लेकिन 2018-19 आते-आते यह स्पीड बढ़ कर 27 किलोमीटर प्रति दिन हो गई. इस वजह से NHAI का 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ कर 1.78 लाख करोड़ रुपये हो गया. इस रफ्तार से वित्त वर्ष 2022-23 इसका कर्ज बढ़ कर 3.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है