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पीएम मोदी बचपन में जिस दुकान पर बेचा करते थे चाय, उसे बनाया जाएगा पर्यटन केंद्र

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बचपन में जिस चाय दुकान पर चाय बेचा करते थे, उसे पर्यटन केंद्र का रूप दिया जाएगा. इसको लेकर काम भी शुरू कर दिया गया है. केंद्रीय पर्यटन एवं संस्‍कृत मंत्री प्रह्लाद पटेल ने दुकान के मूल स्‍वरूप को बनाए रखने के लिए उसे शीशे से कवर करने का निर्देश दिया है.

मालूम हो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के वडनगर स्‍टेशन के एक प्‍लैटफॉर्म पर चाय बेचा करते थे. प्‍लैटफॉर्म में हीं पीएम मोदी के पिता ने एक छोटी सी चाय की दुकान खोल रखी थी. उसी दुकान पर मोदी अपने पिता का साथ दिया करते थे और ट्रेनों में चाय बेचते थे.

अब इस चाय की दुकान को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. हालांकि इसकी घोषणा 2017 में ही कर दी गयी थी. नरेंद्र मोदी ने भी 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान रैलियों में कई बार वडनगर चाय दुकान की चर्चा की थी.

एक ही फंदे से लटका था प्रेमी जोड़े का शव, मौत की चौंकाने वाली वजह

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राजस्थान के बूंदी जिले के केशोरायपाटन थाना क्षेत्र के तीरथ गांव में एक प्रेमी युगल फांसी का फंदा लगाकर पेड़ पर झूल गया. जैसे ही लोगों ने पेड़ पर प्रेमी युगल को लटके देखा तो आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया. इनको देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. यहां तक कि लोगों ने प्रेमी युगल का लटके हुए शव का वीडियो बनाकर वायरल भी कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे ले लिया.

बूंदी जिले के तीरथ गांव में तीरथ रहने वाले प्रेमी सुल्तान गुर्जर और प्रेमिका रेखा मेघवाल ने प्रेम प्रसंग के चलते पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मशक्कत कर पेड़ से दोनों शवों को नीचे उतारा. इस दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा रही.

लंबे समय से चल रहा था प्रेम-प्रसंग

इस प्रेमी युगल का लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. प्रेमी सुल्तान गुर्जर नरेगा में था जबक‍ि रेखा मेघवाल नरेगा श्रमिक बताई जा रही है. रेखा मेघवाल विवाहित है. दोनों पिछले दिनों घर से भाग गए थे लेकिन कुछ दिन पहले वापस आ गए.

इस वजह से लगाया मौत को गले

रेखा मेघवाल के पति की रिपोर्ट पर विवाहिता के बयान होने थे. संभवत बताया जा रहा है कि प्रेम प्रसंग के चलते दोनों ने मौत को गले लगाया है. केशोरायपाटन थाना अधिकारी अभिषेक पारीक सहित पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में पहुंचाया. केशोरायपाटन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. आत्महत्या के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है.

जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन ने बदला लुक, अब न ही वैसी मूंछें, न ही हेयरस्टाइल

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बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय सीमाओं पर पाकिस्तान के F-16 विमान को मार गिराने वाले भारतीय वायु सेना के जांबाज विंग कमांडर अभिनंदन ने मिग-21 विमान फिर से उड़ाना शुरू कर दिया है. इस दौरान जब सोशल मीडिया में उनकी तस्वीरें वायरल हुईं तो लोगों ने सबसे पहले उनकी मूछों के बारे में पूछना शुरू कर दिया.

आज विंग कमांडर अभिनंदन ने पठानकोट एयरबेस से वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ के साथ उड़ान भरी. इस दौरान अभिनंदन बिल्कुल नए लुक में दिखे और अपने पहले वाले मूंछ की स्टाइल को भी बदल लिया है. अभिनंदन जब पठानकोट एयरबेस से वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ के साथ मिग 21 में उड़ान भर रहे थे तो वो बिल्कुल अलग और जोश में नजर आ रहे थे. उन्होंने मूंछ की स्टाइल भी बदल लिया है.

अभिनंदन अपनी मूंछ के जरिए लोगों के बीच लोकप्रिय हुए थे. इतना ही नहीं जब वो पाकिस्तान के वापस लौटे तो युवाओं ने उनकी मूछों की स्टाइल कॉपी की. ज्यादातर युवा अभिनंदन के जैसे मूछे रखने लगे थे. उड़ान के बाद एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा, ‘6 महीने बाद अभिनंदन का वायुसेना में स्वागत है. मिग-21 के स्वार्डन में अभिनंदन का फिर स्वागत है. अभिनंदन के साथ मिग-21 में उड़ान भरना सुखद.’

एयर चीफ मार्शल धनोआ ने कहा, ‘अभिनंदन के साथ मेरे तीन संयोग जुड़े हैं. पहला हम दोनों ने युद्ध के दौरान इजेक्ट किया था. सन 88 में मैंने भी विमान से इजेक्ट किया था. बाद में मुझे फ्लाइंग का मौका मिला था और आज अभिनंदन के साथ भी वैसा ही हुआ है.

6 महीने बाद वह फ्लाइंग कर रहे हैं. उन्होंने सभी योग्यताओं को पूरा किया है. दूसरा संयोंग यह है कि हम दोनों ने ही पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. मैं कारगिल में लड़ा और अभिनंदन बालाकोट में लड़े. और तीसरा संयोग यह है कि मैंने अभिनंदन के पिता के साथ भी उड़ान भरी थी और अब इनके साथ भी उड़ान भरी है.’

विंग कमांडर अभिनंदन ने खदेड़ा था पाकिस्तानी विमान 
गौरतलब है कि बालाकोट में भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक के एक दिन बाद पाकिस्तानी विमानों ने भारत में घुसने की कोशिश की थी, इस कोशिश को नाकाम कर पाकिस्तानी विमानों को विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान ने 27 फरवरी को खदेड़ दिया था.

पाकिस्तानी एफ-16 विमान से डॉगफाइट करते हुए विंग कमांडर अभिनंदन का मिग-21 बाइसन विमान दुर्घटना का शिकार हो गया था और वह पाकिस्तानी सीमा में जा गिरे थे. पाकिस्तान ने उन्हें पकड़ लिया, जिसके बाद 1 मार्च को जिनेवा संधि के तहत उन्हें रिहा किया गया था.

स्वतंत्रता दिवस पर वीर चक्र से सम्मानित 
पाकिस्तान से छूटने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन ने फिर से वायुसेना जॉइन कर ली थी. उनके शौर्य को देखते हुए इस स्वतंत्रता दिवस पर उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया.

पेट में दर्द की शिकायत पर नाबालिग बेटी को अस्पताल ले गई मां, डॉक्टर की बातें सुन पैरों तले ​खिसक गई जमीन

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बिहार के समस्तीपुर में एक मकान मालिक की शर्मनाक हरकत सामने आई है। शख्स ने किराए पर रह रहे एक परिवार की नाबालिग बच्ची को अकेला पाकर उससे रेप किया। यही नहीं उसे जान से मारने की धमकी देते हुए कई बार अपना शिकार बनाया। मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्ची तबीयत खराब रहने लगी और मां उसे डॉक्टर के पास ले गई। डॉक्टर ने बताया कि बच्ची पांच महीने की गर्भवती है।

बच्ची ने बयां की दास्तां

डॉक्टर की बातें सुनकर मां के पैरों तले की जमीन खिसक गई। मां ने बच्ची से पूछा तो उसने रो-रोकर दास्तां बयां की।पीड़िता के पिता उसे साथ लेकर थाने पहुंचे। पीड़िता के बयान पर दलसिंहसराय थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है।

जान से मारने की धमकी देकर कई बार किया रेप

पीड़िता ने बताया कि उसके पिता के एक्सीडेंट के बाद मां उन्हें लेकर कोलकाता गई थी। इस बीच वह घर में अकेली थी। एक दिन मकान मालिक घर में घुस आया उससे रेप किया। इसके बाद किसी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। वह डर गई और किसी को कुछ नहीं बताया। इसके बाद उसने कई बार घिनौनी हरकत की।

आरोपी फरार, तलाश में जुटी पुलिस

बता दें, मामले के खुलासे के बाद आरोपी मकान मालिक फरार हो गया है। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक, दलसिंहसराय के एसडीपीओ कुंदन कुमार ने कहा कि नाबालिग बच्ची के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसको गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

MBA पति-CA पत्नी ने लाखों का पैकेज ठुकराकर शुरू की खेती, 50 लाख तक पहुंचा सालाना टर्न ओवर

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इन्होंने दिल की सुनी। ज्यादा दिमाग नहीं लगाया। तभी तो लाखों रुपए का पैकेज छोड़ खेती चुनी। खुद एमबीए और पत्नी सीए डिग्रीधारी। दोनों ने नौकरी की बजाय खेती शुरू की। लोगों ने ताने मारे। बोले-‘ये ही करना था तो इतने पढ़े ही क्यों’, मगर इन्हें लीक से हटकर काम करना था। अपनी मिट्टी से मोहब्बत और इनके हौसलों में जान थी। यही वजह है कि खेती से ही छप्परफाड़ कमाई होने लगी है और जो लोग कभी ताना मारा करते थे वे भी अब इन गर्व करते नजर आते हैं।

जोधपुर के ललित देवड़ा व खुशबू देवड़ा की है कहानी

युवा पीढ़ी को प्रेरित करती यह कहानी है राजस्थान के जोधपुर शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर उजीर सागर मंडोर देवड़ा परिवार के ललित और खुशबू की। वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में ललित देवड़ा ने बताया कि जून 2012 में उन्होंने पुणे से मार्केटिंग और फाइनेन्स में एमबीए किया। तब एक निजी बैंक कम्पनी से सिक्योरिटी रिलेशनशिप मैनेजर की नौकरी के लिाए सालाना 6 लाख रुपए का ऑफर आया।

शादी के बाद पति का साथ दिया

इसके अलावा अन्य निजी कम्पनियों से भी आठ से दस लाख रुपए तक के ऑफर मिले, लेकिन इन्हें कुछ लीक से हटकर करना था। मिट्टी से जुड़ने की ललक इन्हें घर व माटी तक खींच लाई। यहां आने के बाद ललित ने पाली निवासी खुशबू से शादी। सीए खुशबू भी जॉब किया करती थी, मगर पति ललित ने जब उसे अपने ख्वाब के बारे में बताया तो खुशबू लाखों की नौकरी छोड़ प​ति के साथ खेतीबाड़ी में जुट गई।

गुजरात से आया आइडिया

​जोधपुर के ललित देवड़ा ने बताया कि एक बार गुजरात जाना हुआ तो देखा कि वहां लोग एक-दो बीघा जमीन पर ही आधुनिक तरीके से खेती करके अच्छी कमाई कर रहे हैं। इसके बाद मैंने भी फैसला किया कि जोधपुर जाकर खेती की जाए। घर आकर पिता ब्रह्मसिंह से पारिवारिक 12 बीघा में से केवल 400 वर्ग मीटर जमीन खेती के लिए मांगी। फिर उसमें सेडनेट हाउस लगाया। बाद में पोली और नेट हाउस भी बना दिए। सबसे पहले टर्की से बीज मंगवाकर खीरा उगाया। कुल 40.50 टन खीरा ककड़ी का उत्पादन हुआ। इस कामयाबी के बाद तो ताना मारने वाले भी साथ देने लगे।

बागवानी पर है ​ललित व खुशबू का जोर

ललित ने बताया कि खेती में उनका जोर सब्जियों के उत्पादन पर है। अपने खेत पर ग्रीन हाउस बनवाया। बूंद-बूंद सिंचाई सिस्टम लगवाया। फिर ककड़ी, लाल, पीली व शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा आदि उगाने शुरू किए। खेती में बढ़ते रसायनों के उपयोग को कम करने के लिए जैविक खेती को बढ़ावा दिया। वर्मी कंपोस्ट इकाई भी लगाई।

नर्सरी में आजमा रहे हाथ

ललित ने बताया कि खेती के साथ-साथ वे देवड़ा फार्म में नर्सरी में भी हाथ आजमा रहे हैं। यहां पर स्वास्तिक नर्सरी खोली है, जो जोधपुर की सबसे बड़ी नर्सरियों में से एक है। यहां पर इनडोर-आउटडोर, फूल, घास व सजावटी पेड़-पौधे, वर्मी कम्पोस्ट खाद और सभी प्रकार के गमले उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। ललित की मानें तो बागवानी, नर्सरी से सालाना 40 से 50 लाख का टर्न ओवर है। इनमें 15 से 20 लाख की बचत हो जाती है।

कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार की मां ने कहा- BJP को मेरे बेटे की तरक्की से जलन

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कांग्रेस नेता डी के शिवकुमार की मां गौरम्मा ने सोमवार को भाजपा पर आरोप लगाया कि वह उनके बेटे की तरक्की से जल रही है। गौरम्मा ने यह बात कथित धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ED) द्वारा शिवकुमार से पूछताछ के संदर्भ में कही।

शिवकुमार बीते चार दिन में तीसरी बार सोमवार को नई दिल्ली में ईडी के सामने पेश हुए। गौरम्मा ने यहां से 60 किलोमीटर दूर अपने पैतृक गांव कनकपुर में पत्रकारों से कहा, “उनमें भाजपा में) सहानुभूति का अभाव है। शिवकुमार के साथ) कोई और नहीं, भाजपा ऐसा कर रही है। उन्हें जलन है कि वह राजनीतिक रूप से) तरक्की कर रहा है, लेकिन हम इसकी मदद नहीं कर सकते।”

आंसू भरी आंखों के साथ गौरम्मा ने दावा किया कि वे रातोंरात अमीर नहीं बने बल्कि लंबे समय से समृद्ध हैं।

आनंद महिंद्रा ने उदयपुर के प्रिंस को गिफ्ट की Thar 700, ट्विटर पर आया ऐसा रिऐक्शन

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महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने उदयपुर के प्रिंस लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को लिमिटेड एडीशन वाली Thar 700 गिफ्ट की है. cartoq.com की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रैंड न्यू Mahindra Thar 700 लिमिटेड नंबर में उपलब्ध है और यह आधुनिक जेनेरेशन की अंतिम यूनिट होगी. इसकी कीमत 9.99 लाख है. उदयपुर की मेवाड़ फैमिली को कारों का क्रेज़ है. करीब 20 साल पहले उन्होंने उदयपुर में विंटेज कार म्यूज़ियम का उद्घाटन किया था.

इस कार में 5 स्पोक वाला एलॉय व्हील, ब्लैक फिनिश ग्रिल, फ्रंट बंपर पर सिल्वर फिनिश और एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम है. उदयपुर के प्रिंस के घर पर सैकड़ों क्लासिक कारों, विंटेज कारों और रॉल्स रॉयज़ जैसी कारों के साथ अब ये भी दिखेगी. आनंद महिंद्रा और लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने ट्विटर पर अपने विचारों को शेयर किया. लोगों ने भी इस पर अलग-अलग रिऐक्शन दिए.

इनकम टैक्स भरने के मामले में भारतीयों ने बनाया रिकॉर्ड, एक ही दिन में भरे गए करीब 50 लाख आयकर रिटर्न

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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर रिटर्न फाइलिंग (Filing Income Tax Return) को लेकर आंकड़े जारी किए हैं. बोर्ड ने बताया है कि इस बार रिटर्न फाइलिंग में 41% की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख निकल चुकी है. जिसके बाद केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने बताया है कि रिटर्न दाखिल करने के आखिरी दिन इस साल 31 अगस्त को करीब 50 लाख लोगों ने ऑनलाइन आयकर रिटर्न (Online Income Tax Return) दाखिल किया. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने अपने बयान में कहा है, ’31 अगस्त को 49,19,121 लोगों ने ऑनलाइन ITR दाखिल किया. बोर्ड के जारी किए आंकड़ों के मुताबिक अंतिम दिन इतने रिटर्न दाखिल करने के मामले में यह एक रिकॉर्ड है.”

पिछले साल के मुकाबले ITR भरने वाले बढ़े 4%
पिछले साल ITR दाखिल करने के अंतिम दिन 34,95,9300 लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया था. इस तरह पिछले साल के मुकाबले इस साल आखिरी टिन टैक्स भरने वालों की संख्या में 41% की बढ़ोत्तरी हुई है. आयकर आकलन वर्ष 2019-20 के लिए आय का विवरण दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तक विभाग को 5.65 करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न प्राप्त हुए. यह पिछले वर्ष प्राप्त रिटर्न से 4% अधिक है.

आकलन वर्ष 2018-19 में इस अवधि में 5.42 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे. सरकार ने पिछले साल भी आकलन वर्ष 2018-19 के लिए रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2018 तक बढ़ा दी थी. जबकि बाढ़ प्रभावित केरल के करदाताओं को 15 सितंबर 2018 तक के लिए यह सुविधा दी गयी थी.

इस साल 27 से 31 अगस्त के बीच 1,47,82,095 लोगों ने ऑनलाइन आयकर रिटर्न दाखिल किए. यह आकलन वर्ष 2018-19 की इसी अवधि में दाखिल आयकर रिटर्न के मुकाबले 42% की वृद्धि है.

आकलन वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त थी. विभाग ने बताया कि ऑनलाइन रिटर्न भरने की सबसे तेज गति प्रति सेकेंड 196 रिटर्न रही. बयान के मुताबिक आयकर विभाग की साइबर सुरक्षा टीम ने इस अति व्यस्त समय में सेवा में व्यवधान डालने की कोशिश से किए गए 2,205 साइबर हमलों को विफल किया.

कुल दाखिल 5.65 करोड़ आयकर रिटर्न में से 3.16 करोड़ रिटर्न सत्यापित किए जा चुके हैं. 2.86 करोड़ करदाताओं (79 प्रतिशत) ने ई-सत्यापन का विकल्प चुना. इसके लिए ज्यादातर आधार और एक बार के लिए पासवर्ड (OTP) के माध्यम को चुना गया.

बॉलीवुड के इन सितारों के पिता हिंदू और मां मुस्लिम है, जानकर नहीं होगा आपको यकीन

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आज हम आपको अपने इस लेख में बॉलीवुड के उन सितारों के नाम बताने जा रहे हैं जिनके पिता तो हिंदू और मां मुस्लिम है। आप जब इन सेलेब्स का नाम जानेंगे तो हैरान होंगे। क्योंकि अब तक आप उनकी इस बात से वाकिफ नहीं थे। आइए जानते हैं उन सेलेब्स के नाम-

5. सूरज पंचोली 
अभिनेता सूरज पंचोली बॉलीवुड के ऐसे अभिनेता है जिनके पिता आदित्य पंचोली हिंदू और मां जरीन वहाब मुस्लिम हैं। जरीन और आदित्य दोनों ही बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम कर चुके हैं।

4. फातिमा सना शेख 
आमिर खान की फिल्म दंगल में नजर आ चुकी अभिनेत्री फातिमा सना शेख के पिता विपिन शर्मा हिंदू है वहीं उनकी मां राज तबस्सुम मुस्लिम है।

3. संजय दत्त 
बॉलीवुड के मुन्नाभाई यानी अभिनेता संजय दत्त इंडस्ट्री में कई दशक से काम कर रहे हैं। उनके पेरैंट्स अपने जमाने के मशहूर कलाकार हुआ करते थे। उनके पिता सुनील दत्त हिंदू और मां नरगिस मुस्लिम थी।

2. अथिया शेट्टी 
अथिया शेट्टी के पिता सुनील शेट्टी हिंदू है वही उनकी मां माना शेट्टी (मोनिशा कादरी) मुस्लिम है। आज दोनों अपनी शादी शुदा लाइफ में काफी खुश है।

1. ए. आर. रहमान 
ए. आर. रहमान एकमात्र भारतीय सिंगर है जो ऑस्कर विजेता रह चुके है। आपको बता दें कि ए. आर. रहमान के पिता हिंदू और मां मुस्लिम है। रहमान के पिता का नाम आर.के शेखर और मां का नाम करीमा बेगम है।

इस शख्स ने 300 एकड़ की जमीन को दिए अपने 18 साल, सांप जैसे जंगली जानवरों के बीच करता है इसकी रक्षा

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बड़े-बड़े घर, पक्के मकान, कारों से निकलने वाला धुआं आदि हमारे आस-पास के पर्यावरण को खराब कर रहे हैं। हर जिले, शहर, राज्य में ये परेशानी देखने को मिल रही हैं। ऐसे में अगर आपको पता चले एक ऐसे शख्स के बारे में जिसने अपना पूरा जीवन जंगल बनाने में लगा दिया तो कैसा लगेगा? जी हैं जंगल बनाने में… मणिपुर के एक व्यक्ति ने नौकरी छोड़ दी और पर्यावरण के लिए अपने जीवन के 18 साल समर्पित कर दिए। उन्होंने 300 एकड़ के जंगल में काम किया और वनक्षेत्र में पौधों की 250 से अधिक प्रजातियां और बांस की 25 प्रजातियों के साथ अपने जंगल को एक अलग मुकाम तक पहुंचाया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने बताया कि इस जंगल में बड़ी मात्रा में विभिन्न प्रकार के पक्षी, सांप और जंगली जानवर रहते हैं। उनके बीच में इस जंगल की रक्षा करना एक बड़ी बात है।

मोइरंगथेम लोहिया (जिन्होंने यह जंगल तैयार किया है) ने कहा कि उन्हें बचपन से ही विशाल वृक्ष और जंगल उन्हें मोहित करते थे। साथ ही उन्होंने य भी बताया कि जब वो पढ़ाई करके अपने घर पहुंते तो उनके घर के आस-पास एक बड़ा जंगल तबाह हो चुका था जिसके बाद उनका मन बहुत दुखी हुआ और तभी उनके मन में ख्याल आया कि वो पर्यावरण के लिए कुथ करेंगे। 

उन्होंने कहा कि जंगल, जिसे अब पुनीशिलोक वन कहा जाता है, 250 पौधों की प्रजातियों का घर है और बांस की 25 प्रजातियां यहां उगाई जाती हैं। उन्होंने कहा, “लोगों को पेड़ काटने के नुकसान को समझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ लोग अलग-अलग प्रजातियों के शिकार के लिए भी आते हैं। लेकिन शुक्र है कि यह सब समय के साथ हल हो गया।”