Home Blog Page 2740

इस खतरनाक बीमारी में दवाई लेने के बजाय करे बियर का सेवन ,मिलेगा जबरदस्त फायदा ,शोध का खुलासा

0

एक नए अध्ययन के अनुसार दर्द होने पर परसिटोमाल खाने के बजाय दो पॉइंट बियर से 25 परसेंट अधिक राहत मिलती है ग्रीनविच विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 400 से अधिक लोगों पर कुल 18 अध्यन किए हैं जिनमे पता चला है की दो पॉइंट बियर पीने से दर्द में 25 परसेंट तक राहत मिलती है।

एक रिसर्चर के अनुसार निष्कर्ष बताते हैं कि शराब एक प्रभावी एनाल्जेसिक है जो दर्द को तेजी से कम करने में मदद करता है बियर दर्द को नैदानिक रूप से प्रासंगिक कम कर देता है बियर लम्बे समय तक स्वास्थ्य के संभावित परिणामो के बावजूद लगातार दर्द वाले लोगो में शराब के दुरूपयोग की व्यख्या कर सकते है वहीं डॉ थॉम्पसन, जिन्होंने लंदन के ग्रीनविच विश्वविद्यालय में अध्ययन का नेतृत्व किया ने कहा ‘हमें इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि शराब एक प्रभावी दर्द निवारक दवा है।

इसकी तुलना ओपियोइड दवाओं जैसे कीडन से की जा सकती है और यह प्रभाव आमतौर पर दर्द में राहत दिलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा पैरासेटामॉल की तुलना में अधिक शक्तिशाली है ये निष्कर्ष सही ही की बियर पीना ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक लेने से अधिक प्रभावी है।

लेकिन बियर के और कई नुकशान भी है इसके लिए आपको हमेशा डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए इस रिसर्च का मतलब शराब पीने को बढ़ावा देना नहीं है बियर भी एक हद तक ही दवाई का काम करती है।

हलाल और झटका: जानिए क्या है दोनों मीट में अंतर?

0

हलाल (Halal) या बिना हलाल, ये सबसे बड़ा सवाल है. इसे लेकर अक्सर बहस छिड़ी रहती है. मुस्लिम हलाल मीट (Halal Meat) खाते हैं जबकि झटका मीट का विरोध करते है. हाल ही में जोमैटो (Zomato) और मैकडोनाल्ड (McDonald) को झटका की बजाय हलाल मीट (Halal Meat) परोसने को लेकर सोशल मीडिया (Social Media) पर काफी विरोध का सामना करना पड़ा था. इस दौरान कई यूजर्स ने कमेंट कर कहा था कि जिस देश में 80 फीसदी लोग हिंदू है वहां खानें के नियम उनके हिसाब से तय होने चाहिए. जबकि हम धर्म को लेकर बहस नहीं करना चाहते है.लेकिन आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आखिर हलाल (Halal Meat) और झटका मीट (Jhatka Meat) में अंतर क्या है.

हलाल मीट.

हलाल (Halal) का अरबी मतलब है ‘जायज’, जिसमे जानवरों को धारधार हथियार से तीन बार गर्दन के हिस्से काटकर कलमा पढ़ा जाता है और उनका मांस प्राप्त किया जाता है. इस्लाम धर्म के अनुसार वह सिर्फ हलाल मीट ही खाते है.

झटका मीट.

झटका (Jhatka) का हिंदी मतलब है ‘तीव्र’, इसमें जानवरों को एक ही बार में काटने की प्रक्रिया है. हिंदू झटका मीट का सेवन करते है.

वैसे दोनों ही तरीकों में जानवर की गर्दन काटी जाती है, जिसके बाद जानवर की मौत हो जाती है और इंसान को मीट मिलता है. लेकिन दोनों तरीकों में अंतर न रहकर विवाद अक्सर शुरू हो जाता है.

खैर हलाल और झटका मीट में स्वाद के हिसाब से कौन सा बेहतर है इसका फैसला आपको करना है. लेकिन हम इतना कह सकते है कि हलाल मीट लंबे समय तक चलता है और उससे बदबू आने की संभावना कम रहती है. वही उसका स्वाद कैसा होगा यह किस तरह बनाया गया है इसपर निर्भर करता है.

गर्ल्स गैंग ने हनी ट्रैप में फंसाकर 60 रसूखदार लोगों से 10 करोड़ रुपये वसूले, ऐसे फंसाती थीं शिकार…

0

दिल्ली में हनीट्रैप की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें युवतियों ने व्यवसायी से दोस्ती कर उसका आपत्तिजनक वीडियो बनाया और उसे ब्लैकमेल कर 10 लाख रुपये वसूल लिए। पुलिस ने बुधवार को गिरोह में शामिल सात युवतियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह बीते चार साल में 60 रसूखदार लोगों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली कर चुका है। आप भी अनजान युवतियों से दोस्ती करते समय सावधान रहें, अनजाने में कहीं ऐसे गिरोह के शिकार न बन जाएं।

पुलिस के अनुसार, सुमंत कुमार (परिवर्तित नाम) अपने परिवार के साथ खानपुर इलाके में रहते हैं। पीड़ित का ज्वेलरी का पुश्तैनी व्यवसाय है। पीड़ित ने मंगलवार रात पुलिस को शिकायत देकर बताया कि करीब तीन माह पहले उसकी मुलाकात एक पार्टी में डांस कर रही मोनी नाम की युवती से हुई। इसके बाद फोन पर दोनों की बातचीत होने लगी। मंगलवार को मोनी ने फोनकर सुमंत को रोहिणी सेक्टर 2 स्थित अपने घर बुलाया। दोनों मोनी के कमरे में आपत्तिजनक अवस्था में थे।

तभी कुछ युवक और युवती कमरे में आए, जिन्होंने उनकी फोटो खींचनी शुरू की। इनमें से एक युवती ने खुद को मोनी की बहन बताया। उन्होंने सुमंत पर युवती से शादी करने का दबाव बनाया। जब उसने मना किया तो पुलिस को सूचना देने की धमकी दी। इसके बाद मामला रुपये पर आकर टिक गया।

युवक से 30 लाख रुपये मांगे : शुरू में इन्होंने सुमंत से तीस लाख रुपये मांगे। पीड़ित ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई तो सौदा दस लाख रुपये में तय हो गया। इसके बाद सुमंत ने अपने पिता को फोन कर बताया कि उसका अपहरण हो गया है और अपहरणकर्ता 10 लाख की फिरौती मांग रहे हैं।

रुपये देने के बाद ही छोड़ा : देर रात करीब 12 बजे राजौरी गार्डन में पीड़ित के पिता ने गिरोह के सदस्यों को दस लाख रुपये दिए, तब जाकर सुमंत को छोड़ा गया। पीड़ित युवक सुमंत पुलिस के सामने इस मामले को लाने से हिचक रहा था, लेकिन उसके पिता ने इसे अपहरण का मामला समझ पुलिस को जानकारी दे दी।

साजिश में दो पुरुष भी शामिल : एसएचओ जगमिंदर सिंह के नेतृत्व में एसआई विकास और एसआई संजीव की टीम ने जांच की तो पता चला कि कुछ युवतियों ने सुमंत को हनीट्रैप में फंसाकर 10 लाख रुपये वसूल लिए हैं।

इस जानकारी पर पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस के जरिए बुधवार को सात युवतियों को गिरफ्तार कर लिया। अभी गिरोह में शामिल दो पुरुष और तीन युवतियां फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। हालांकि, बहुत से मामलों में तो पीड़ित लोकलाज के भय से पुलिस के सामने भी नहीं आए। इसी का ये लोग फायदा उठाती रहींं।

कई इलाकों में अपने ठिकाने बना रखे हैं

पुलिस की गिरफ्त में आईं ये युवतियां दिल्ली के विभिन्न इलाकों में रहती हैं। इसकी वजह से इन पर किसी को शक नहीं होता था। आसपास के लोगों को ये सामान्य युवतियां लगती थीं।

जाल में फंसाया

19 मई: चाणक्यपुरी स्थित एक फाइव स्टार होटल से मर्चेंट नेवी के पूर्व कैप्टन और कंपीनी के सीईओ को हनीट्रैप कर फंसाकर अगवा किया, चार महिलाएं गिरफ्तार

14 अप्रैल : दक्षिण दिल्ली में डॉक्टर से हनीट्रैप कर लाखों वसूले, स्पेशल सेल ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया

9 जून 2017 : प्रशांत विहार में बिल्डर को फ्लैट दिखाने के बहाने बुलाया और हनीट्रैप में फंसाकर 18 लाख रुपये वसूले, पुलिस ने तीन युवतियों को गिरफ्तार किया

सावधान रहें

  • अनजान युवतियों से मिलते समय सावधान रहें
  • अपरिचित युवतियों से मेल मिलाप न करें और अपनी निजी जानकारी देने से बचें
  • कभी हनीट्रैप में फंसे तो सबसे पहले अपने परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दें
  • ब्लैकमेल करने वालों की धमकियों की परवाह न कर पुलिस को जरूर शिकायत दें

गिरोह ने तीन महीने पहले साजिश रची

नई दिल्ली (व.सं.) | सुमंत को हनीट्रैप में फंसाने की पटकथा तीन माह पहले से लिखी गई थी, जब उसकी दोस्ती मोनी से हुई थी। दोनों के बीच ने पहले फेसबुक व फोन और इसके बाद मिलने जुलने का सिलसिला शुरू हो गया।

मोनी ने तय योजना के तहत सुमंत को मंगलवार शाम 6 बजे रोहिणी सेक्टर दो स्थित अपनी सहेली के किराए के फ्लैट पर बुलाया। सुमंत फ्लैट पर धीरे-धीरे सहज हो रहा था। इसी के बाद गिरोह ने पूरा खेल रचा।

बड़ी संख्या में अश्लील फोटो और वीडियो मिली : पुलिस को जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से सुमंत की आपत्तिजनक फोटो मिलीं। इसके अलावा बड़ी संख्या में कुछ पुरुषों के फोटो और वीडियो भी मिले हैं। पुलिस जल्द ही इन लोगों से संपर्क कर शिकायत देने के लिए कहेगी।

दो आरोपी भगोड़ा घोषित : इस मामले में गिरफ्तार काजोल और मोनी के खिलाफ हनीट्रैप के दो मामले वर्ष 2017 में प्रशांत विहार थाने में दर्ज हुए थे। उन्होंने एक व्यवसायी से 18 लाख और दूसरे व्यवसायी से 60 लाख रुपये वसूले थे। वे भगोड़ा घोषित की जा चुकी हैं। गिरोह की सदस्यों ने रोहिणी और प्रशांत विहार में अपने ठिकाने बना रखे थे। दरअसल, घनी आबादी और बड़ी संख्या में फ्लैट होने के कारण यहां पर आसानी से किराए पर फ्लैट मिल जाते हैं।

डांसर और बार गर्ल हैं

साउथ रोहिणी थाने द्वारा गिरफ्तार छह युवतियां अलग-अलग काम करती हैं। इसमें से तीन युवतियां पार्टी और अन्य उत्सवों में डांस करती हैं, जबकि तीन युवतियां बार गर्ल हैं। ये इन जगहों पर भी अपने शिकार तलाशती हैं। इनमें से दो युवतियां का तलाक हो चुका है, जबकि चार युवतियां दसवीं पास हैं। रोहिणी और प्रशांत विहार में ठिकाने बनाए

पार्टियोंमें शिकार तलाशती थीं

हनीट्रैप में फंसाने के लिए गिरोह में शामिल युवतियां पार्टियों, फेसबुक, सिनेमा हॉल आदि में शिकार तलाश करती थीं। इसके अलावा बिल्डरों से खुद मिलकर उन्हें किसी बहाने अपने फ्लैट पर बुलाती थीं, जहां उनकी आपत्तिजनक फोटो खींचकर ब्लैकमेल किया जाता था। पीड़ित को पता भी नहीं चलता था और वह दोस्ती या इनके प्यार के जाल में फंसता चला जाता था।गिरोह द्वारा जांच में फंसे व्यक्ति से मोटी रकम वसूल की जाती थी।

दो गिरोह मिलकर एक हो गए

मामले की जांच से जुड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पहले काजोल और मोनी नाम की युवतियां हनी ट्रैप में लोगों को फंसाने के लिए दो अलग-अलग गिरोह चलाती थीं। मगर दोनों ने अपना गिरोह कुछ समय पहले एक कर लिया। अब दोनों गिरोह एक साथ शिकार को तलाश करते हैं और फिर जो रकम मिलती थी, उसे आपस में बांट लेते हैं।

राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय की माता जी पंचतत्व में विलीन हुईं , सीएम भूपेश बघेल, रमन सिंह सहित कई गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि…

0

 राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय की माता जी का शुक्रवार को निधन हो गया। उनकी मातागुलाबी देवी दुर्ग स्थित शिवनाथ नदी किनारे अंतिम संस्कार किया गया।सरोज पांडेय के भाई राकेश पांडेय ने मां को मुखाग्नि दी।इससे पहले उनकी अंतिम यात्रा मैत्री नगर भिलाईसेशिवनाथ नदी मुक्तिधाम के लिए निकाली गई जिसमें भारी संख्या में नगरवासी शामिल हुए।

सीएम भूपेश बघेल सहित कई गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि – सीएम भूपेश बघेल,पूर्व सीएम रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, मंत्रीताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल,

इस देश की खूबसूरत कुंवारी लड़कियों से शादी करने पर मिलेंगे इनाम, लेकिन ये है शर्त…

0

भारत की जनसँख्या विश्व में दूसरे स्थान पर है यहां लड़कियों और लड़कों की संख्या लगभग समान है , लड़कियां अनुपान में किसी प्रदेश में ज्यादा तो किसी कम हैं लेकिन औसतन पूरे देश में बराबर हैं . भारत में तो लड़कों को शादी करने में थोड़ी बहुत दिक्कत होने लगी है लेकिन एक ऐसा देश भी है जहां दो लड़कियों से शादी करने पर इनाम दिया जा रहा है .

संयुक्त अरब अमीरात में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा हो गई है इसलिए वहां की सरकार ने दो शादी करने वालों युवकों को इनाम या कुछ पैसे देने का ऐलान किया है .

हालाँकि यह तभी होगा जब पहली पत्नी दूसरी शादी के लिए राजी होगी , अगर पहली पत्नी शादी के लिए राजी नहीं होती तो कोई भी शख्स दूसरी शादी नहीं कर सकता है . सरकार ने तो दो शादी करने वाले को घर तक इनाम में देने की बातें कही है .

मोदी सरकार अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चारों तरफ से घिरती नज़र आयी…

0

केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर चारों तरफ से घिरती नज़र आ रही है। एक ओर जहां सरकार को अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जूझना पड़ रहा है, वहीं सहयोगी व विपक्षी पार्टियों के नेता भी नरेन्द्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के साथ ही बीजेपीनेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बहरहाल, कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने अर्थव्यवस्था को मामला बनाते हुए नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। प्रियंका वाड्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘GDP विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली बीजेपी सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है. न GDP ग्रोथ है न रुपए की मजबूती. रोजगार गायब हैं. अब तो साफ करो कि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?’

आपको बता दें कि आर्थिक मोर्चे पर नरेन्द्र मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। विकास दर सात साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है। वर्तमान वित्तीय साल की पहली तिमाही में जीडीपी 5 फीसदी पर पहुंच चुकी है, जबकि पिछले वित्त साल में यह 5.8 फीसदी थी। गिरते विकास दर को लेकर कांग्रेस पार्टी ने नरेन्द्र मोदी सरकारको घेरा है व 5 फीसदी के आंकड़े पर भी सवाल खड़े किए हैं।

स्टेशनों पर बनेगा अनोखा पॉड होटल, जानें कितना होगा एक रात ठहरने का खर्च…

0

 दुनिया के बड़े महानगरों में सस्ते और आरामदेह एकोमोडेशन मुहैया कराने के मकसद से बने पॉड होटल का कॉन्सेप्ट अब भारत में भी शुरू होने जा रहा है। और इसकी शुरुआत हो रही है भारतीय रेलवे के द्वारा। भारतीय रेल अपने स्टेशनों पर पॉड होटल या कैप्सूल होटल तैयार करने की योजना बना रही है। इसकी शुरुआत देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मुंबई-सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्रॉयल के तौर पर की जाएगी।

दरअसल “पॉड होटल” होटल की तरह ही ठहरने के लिए जगह होती है। जिसमें छोटी सी जगह में कई सारे बेड लगे होते हैं इन्हें कैप्सूल होटल भी कहा जाता है। इस तरह से पॉड या फिर कैप्सूल यात्रियों को रातभर सोने के लिए बनाई जाती है। पॉड होटल की शुरुआत सबसे पहले जापान के ओसाका में 1979 में की गई थी। उसके बाद इसका विस्तार चीन, बेल्जियम, आइसलैंड, हांगकांग, इंडोनेशिया और भारत तक हुआ।

पॉड होटल काफ़ी कम ख़र्च पर बेहतर सुविधाओं के साथ रातभर ठहरने के लिए होते हैं। यह उन लोगों के लिए काफ़ी उपयोगी होता है जो महंगे होटल जाकर पैसे ख़र्च नहीं करना चाहते। इसमें आपको सोने के लिए जो जगह दी जाती है वहां उसमें एसी, टीवी, लैपटॉप चार्च करने की सुविधा भी होती है। पर्दे की मदद से आप यहां प्राइवेसी भी रख सकते हैं। यह 4 से 6 फूट चौड़ी और 7 से 8 फूट लंबी जगह होती है। इसे रेलवे के एसी क्लास के डब्बे की तरह माना जा सकता है।

रेलवे जिस पॉड होटल की तैयारी कर रहा है उसमें फ्री वाई-फाई, बिज़नस सेंटर, क्लॉक रूम, टॉयलेट-बाथरूम, कॉमन एरिया, लॉकर, टीवी, आईना, एयर फ़िल्टर, रिडिंग लाइट्स, मोबाइल चार्जर जैसी कई सुविधाएं होंगी। मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन की पहली मंज़ील पर अपर क्लास वेटिंग रूम के आस पास ऐसी जगह की पहचान की गई है जहां पॉड होटल बनाया जा सकता है। इसके अलावा फ्रंट मेन कॉन्कोर्स में इसके लिए पर्याप्त जगह मौजूद है। इसपर मुंबई सेंट्रल डिविज़न को अंतिम फैसला लेना है। एक बार स्टेशन पर पॉड होटल तैयार हो जाए तो इसकी मांग के मुताबिक बाक़ी रेलवे स्टेशनों पर भी पॉड होटल की शुरुआत हो सकती है। इस पॉड होटल कॉरपोरेट सेक्टर के लोग के साथ ही स्टडी ग्रुप के लोगो के लिए साथ ही स्टूडेंट या फिर छोटे व्यापारियों के लिए जो कि शहर के बीचोबीच एक सस्ता और सुरक्षित स्टे की तलाश में रहते है।। पॉड होटल में ठहरने का एक रात का खर्च क़रीब 900 रुपये रखा जा सकता है। यह रकम सुविधाओं के मुताबिक ज़्यादा भी हो सकती है। पॉड होटल में ठहरने का एक रात का खर्च क़रीब 900 रुपये रखा जा सकता है। यह रकम सुविधाओं के मुताबिक ज़्यादा भी हो सकती है। फ़िलहाल मुंबई में आम पॉड होटल का न्यूनतम किराया इतना ही है।

यह घर लक्जरी कार जितनी जगह में बना है , सबसे छोटा होने का दावा, नाम ‘छोटी हवेली’

0

एक लक्जरी कार के बराबर छह वर्ग गज के मकान में हंसता खेलता परिवार रह रहा है। यह हैरत की बात भले ही लग रही हो, लेकिन बुराड़ी क्षेत्र के झाड़ौदा गांव की गली नंबर 62 में एक कारीगर ने अपने हुनर से ऐसा घर तैयार किया है। इस मकान को दिल्ली का सबसे कम क्षेत्रफल में निर्मित मकान होने का दावा किया जा रहा है। आसपास के लोगों ने इसे छोटी हवेली नाम दिया है।

करीब चार वर्ष पहले पवन नाम के युवक ने इस मकान को अपने दोस्त से खरीदा था। मकान की खूबसूरती इसमें की गई नक्काशी और कारीगरी है। इतनी कम जगह में तमाम जरूरी सुविधाओं की मौजूदगी से यह आकर्षण का केंद्र बन चुका है। इतनी कम जगह में तैयार इस मकान में तीन मंजिल हैं। लोग यहां अक्सर सेल्फी लेने पहुंचते हैं। मकान मालिक पवन कुमार ने बताया कि फिलहाल यह मकान किराये पर दिया गया है।

इसका निर्माण करने वाले मिस्त्री ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कम से कम जगह में भी अच्छी तरह से रहा जा सकता है। मकान के एक फ्लोर पर टॉयलेट, दूसरे पर बेड रूम और तीसरे पर बाथरूम व किचन है। स्थानीय पार्षद रेखा सिन्हा के मुताबिक मकान में एक परिवार भी रहता है जिसे देखने के लिए आसपास के लोग पहुंचते हैं।

कपूर खानदान की 70 साल पुरानी परंपरा टूटी, नहीं मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी

0

कपूर खानदान हर साल गणेश उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया करता है, लेकिन इस बार कपूर खानदान गणेश उत्सव नहीं मनाएगा। दरअसल, कपूर खानदान हर साल आरके स्टूडियो में गणेश उत्सव का आयोजन करता था, जिसे बड़े धूमधाम से सेलिब्रेट किया करता था। लेकिन आरके स्टूडियो के बिक जाने के बाद अब वो धूमधाम नहीं दिखेगी। बता दें कि आरके स्टूडियो में भयंकर आग के बाद हुए नुकसान के बाद इसे बेच दिया गया था। रणधीर कपूर ने हाल ही में इस बारे में टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए कहा, साल 2018 में हमारे लिए आखिरी गणेश चतुर्थी सेलिब्रेशन था। आरके स्टूडियो गही नहीं रहा…तो कहां करेंगे? पापा ने 70 साल पहले यह परंपरा शुरू की थी और वह गणेश को बहुत प्यार भी करते थे, अब हमारे पास जगह ही नहीं है। हम बप्पा को बहुत प्यार करते हैं और उन पर अटूट विश्वास रखते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अब हम इस परंपरा को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बता दें कि गणेश चतुर्थी के दौरान आरके स्टूडियो में पंडाल लगाया जाता था, और यहां सारे दिन लोग बप्पा के दर्शन करने आते थे। गणेश चतुर्थी के आखिरी दिन बप्पा को बहुत धूमधाम के साथ विसर्जित किया जाता था।रणधीर कपूर, राजीव कपूर, ऋषि कपूर और रणधीर कपूर इसे बड़े ही धूमधाम से मनाया करते थे।

बता दें कि साल 1948 में चेंबूर में दिग्गज एक्टर राज कपूर ने आरके स्टूडियो की स्थापना की थी। यहां पहली फिल्म आग को शूट किया गया था, जिसमें राज कपूर और नरगिस नजर आए थे। ये फिल्म आरके फिल्म्स के बैन तले बनी पहली फिल्म भी थी। 2017 में आरके स्टूडिया में भयंकर आग लग गई थी, जिसमें भारी नुकसान हुआ था। कुछ वक्त पहले ही आरके स्टूडियो को गोदरेज प्रोपर्टीज को बेचा गया था।

…तो इसलिए होता है हमारे फोन में फ्लाइट मोड ऑप्शन, वजह बेहद खास

0

हम सभी जानते है कि हमारें फोन में फ्लाइट मोड का ऑप्शन होता है और इसे देख कर हमारे दिमाग में ये सवाल जरूर आता है कि हमारे फोन में ये क्यों होता है? तो आइए जानते हैं फोन में इस ऑप्शन के होने का कारण क्या है…

आप सभी को पता है कि इस पर ने से फोन में किसी तरह के सिग्नल नहीं आते हैं। फोन में फ्लाइट मोड इसलिए होता है क्योकि हमारा छोटा सा मोबाइल फोन डिवाइस फ्लाइट के दौरान फ्लाइट के ऑपरेशन के बीच बाधा बन सकता है।

मोबाइल को फ्लाइट मोड पर रखने से फोन का डेटा, वाईफाई और अन्य सिग्नल अवरुद्ध हो जाते हैं जिस से फ्लाइट के दौरान फोन से मिलने वाले सिग्नल से आने वाली समस्या से बचा जा सकता है। फोन यदि फ्लाइट मोड पर नहीं है तो फोन फ्लाइट की सेंसिटिव इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज के सिग्नल्स को अवरुद्ध कर सकता है।

फ्लाइट का लैंडिंग और टेक ऑफ दोनों काफी सेंसिटिव ऑपरेशन हैं जिसमें काफी सावधानी रखने की जरूरत होती है। इसलिए फोन को फ्लाइट मोड पर रखा जाता है। इन दोनों ही परिस्थितियों में पायलट को फ्लाइट कंट्रोल सेंटर से सम्पर्क में रहना होता है और यदि ऐसे में फोन के सिग्नल बाधा बनते हैं तो समस्या हो सकती है।