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बिहार में और सख्त हुई नीतीश सरकार, शराबबंदी के बाद अब पान मसाला पर भी प्रतिबंध

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बिहार में शराबबंदी के बाद लोगों के स्वास्थ्य के मद्देनजर पान मसाला पर भी शुक्रवार को प्रतिबंध लगा दिया गया. फिलहाल यह प्रतिबंध एक साल के लिए लगाया गया है. बिहार के खाद्य संरक्षा आयुक्त संजय कुमार ने शुक्रवार को कहा, “कुल 12 पान मसाला कंपनियों पर पूरे राज्य में आज (30 अगस्त) से एक वर्ष की अवधि तक पैकेट या खुले रूप में विनिर्माण, भंडारण, परिवहन, प्रदर्शन और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है.”

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि भारतीय संविधान के अनुसार राज्य सरकार अपने लोगों को पोषाहार स्तर और जीवन स्तर को ऊंचा करने और जन स्वास्थ्य के सुधार करने हेतु स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थो के उपभोग को प्रतिबंधित कर सकती है.

इस साल पांच जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आहूत उच्चस्तरीय बैठक में दिए गए निर्देश के आलोक में खाद्य संरक्षा आयुक्त ने राज्य के विभिन्न ब्रांड के पान मसाला पर जांच के बाद प्रतिबंध लगा दिया है. यह प्रतिबंध विभिन्न जिलों से प्राप्त पान मसाला के नमूनों के जांच में मैग्नीशियम काबरेनेट की मात्रा पाए जाने के कारण लगाई गई है.

मैग्नीशियम काबरेनेट से हृदय संबंधित बीमारियों सहित विभिन्न प्रकार की परेशानियां होती हैं. पान मसाला के लिए फूड सेफ्टी एक्ट 2006 में दिए गए मानक के मुताबिक मैग्नीशियम काबरेनेट मिलाया जाना प्रतिबंधित है. इसके अलावा अन्य उत्पादों का नमूना भी जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उन पर भी करवाई की गई. उल्लेखनीय है कि बिहार में पहले से ही शराब पर प्रतिबंध है.

सुंदर चेहरे से डार्क सर्कल हटाने की घरेलू टिप्स

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 अगर आंखों के नीचे डार्क सर्कल पड़ जाएं तो चांद सा चेहरा भी बेजान लगने लगता है। कई बार देखा गया है कि डार्क सर्कल से चेहरे की सुंदरता फीकी पड़ जाती है। हम अक्सर देखते हैं कि कुछ लड़कियों की आंखों के नीचे डार्क सर्कल नजर आते है। जिससे चेहरे की सुंदरता फीकी सी लगती है। इसके बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे खाने में आयरन की कमी होना,गुस्सा आना। कुछ घरेलू उपचार से इससे निजात पाई जा सकती है।

-टमाटर से होंगे डार्क सर्कल दूर : टमाटर खाना वैसे भी हमारी सेहत के लिए लाभकारी है। टमाटर खाने से सेहत ठीक रहती है। टमाटर का खाने में इस्तेमाल करने से डार्क सर्कल कम हो जाते हैं।

-एक चम्मच टमाटर का रस, आधा चम्मच नींबू का रस,एक चुटकी हल्दी,बेसन को मिलाकर पैक तैयार कर लें। इसे आंखों के नीचे 10 मिनट के लिए लगाएं और इसे हल्के हाथों से मसाज करके पानी से धो लीजिए। नियमित प्रयोग से डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे।

-खीरा आंखों के लिए फायदेमंद : हर रोज खीरे का सेवन करना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। खीरा आंखों के लिए बहुत अच्छा होता है। इससे आंखों को ठंडक़ पहुंचती है। खीरे के रस को रूर्ई में भिगो कर आंखों के आसपास लगाएं। इससे डार्क सर्कल (काले घेरे) धीरे-धीरे कम होना शुरू हो जाएगा।

-बादाम का तेल उपयोगी : डार्क सर्कल दूर करने के लिए हम कई प्रकार के जतन करते रहते है, लेकिन जो घरेलू नुस्खे है उन्हीं से डार्क सर्कल दूर हो जाएंगे। आपको बता दें कि बादाम के तेल और शहद को मिक्स करके रात को आंखों की हल्के हाथों से मसाज करें और सुबह पानी के साथ धो लीजिए।

– बादाम का सेवन : हर रोज बादाम खाना सेहत के लिए लाभकारी है। क्योंकि बादाम से सेहत बनती है, साथ में कई प्रकार की बीमारियां भी दूर हो जाती है। बादाम की 5 गिरीया रात को भिगो कर चबा-चबाकर दूध के साथ 21 दिन खाने से बहुत लाभ मिलता है

चंदा मामा के और करीब पहुंचा चंद्रयान-2, PM मोदी के साथ 7 सिंतबर को ये बच्चे देखेंगे ऐतिहासिक पल

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बेंगलुरु में सात सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रत्येक राज्य के दो बच्चे चंद्रयान-2 को चांद की सतह पर उतरते देखेंगे.

नई दिल्ली: चंद्रयान-2 चंद्रमा के और करीब पहुंच गया है. चंद्रयान-2 शुक्रवार (30 अगस्त) को शाम 6 बजकर 18 मिनट पर चंद्रमा की चौथी कक्षा में सफलतापूर्ण प्रवेश कर गया. चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर 7 सितंबर को सॉफ्ट लैंडिंग को लेकर कई जटिल प्रक्रियाओं से गुजरेगा. बेंगलुरु में सात सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रत्येक राज्य के दो बच्चे चंद्रयान-2 को चांद की सतह पर उतरते देखेंगे. इसके बाद 7 सितंबर की देर रात करीब 1 बजकर 55 मिनट पर चांद पर उतरेगा. पीएम मोदी बेंगलुरु में चंद्रयान-2 को चांद की सतह पर उतरते देखेंगे. उनके साथ कई छात्रों को भी इस ऐतिहासिक नजारे को देखेने का मौका मिलेगा.

इन छात्रों का चयन ऑनलाइन क्विज कार्यक्रम को जीतने के बाद किया गया है. प्रत्येक राज्य के दो छात्रों को ऑनलाइन क्विज के आधार पर आयोजन के लिए चुना जा रहा है.

वीडियो देखें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल की 10वीं की छात्रा राशि वर्मा, चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 को प्रधानमंत्री के साथ उतरते देखने के लिए चुनी गई है. वहीं, झारखंड के दो विद्यार्धी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चंद्रयान-2 को लाइव उतरता देखेंगे. इनमे डीपीएस रांची के 10वीं के छात्र प्रणव पराशर और संत थॉमस स्कूल की छात्रा (नौवीं कक्षा) मृदुला कुमारी है.

आपको बता दें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 22 जुलाई को चांद के शोध के लिए चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण किया है. चंद्रयान-2 अंतरिक्ष यान को ‘बाहुबली रॉकेट’ कहे जाने वाले जीएसएलवी मार्क 3/एम1 रॉकेट से लॉन्‍च किया गया है.

पहली महिला सुल्तान जिसे अपने गुलाम से हो गया था प्यार

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आज हम आपको एक ऐसी पहली महिला सुल्तान के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे अपने गुलाम से प्यार हो गया था । इस महिला सुल्तान का नाम है रजिया सुल्तान । ये पहली ऐसी महिला थी जिसने सल्तन की बागडोर संभाली थी । बेहद खूबसूरत रजिया सुल्तान भारत के इतिहास में इतना महत्वपूर्ण किरदार रही है कि उस पर बॉलीवुड में एक बहुचर्चित फिल्म भी बन चुकी है । आपको बता दें कि, रजिया सुल्तान ने अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान भी लिया था । रजिया सुल्तान की जिंदगी इतनी दिलचस्प रही है कि उसके संक्षिप्त शासन के बावजूद इतिहास में उस पर बहुत कुछ लिखा गया है।

भारत की पहली महिला शासिका और दिल्ली सल्तनत की पहली रानी बनकर रजिया ने सभी परंपराओं को तोड़ा था । रजिया के पिता इल्तुतमिश ने खुद अपनी बेटी के बारे में लिखा था कि मेरी बेटी मेरे अनेक पुत्रों से बेहतर है । इल्तुतमिश के दौर में महलों की चहारदीवारी में कैद रहना ही महिलाओं का मुक्कदर माना जाता था, लेकिन इल्तुमिश ने अपनी बेटी को दिल्ली का ताज संभालने के लिए दिया था । रजिया पुरुषों की तरह कपड़े पहनती थीं । एक समय ऐसा भी आया जब लग रहा था कि रजिया दिल्ली सल्तनत की सबसे ताकतवर मलिका बनेंगी, लेकिन रजिया के अफ्रीकन गुलाम जमालुदीन याकूत के कारण ऐसा नहीं हो पाया क्योंकि उसको अपने गुलाम से ही प्यार हो गया था । रजिया के अंत का कारण भी याकूत से उसकी बेइंतहा मोहब्बत थी ।

चेहरे को चमकदार और बेदाग बनाने के लिए काम आएगा नारियल तेल और बेकिंग सोडा

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 क्या आप भी खूबसूरत स्किन पाना चाहते हैं, अक्सर महिलाएं और लड़कियां अपने चेहरे का खास ख्याल रखती हैं।

अपने चेहरे को चमकदार और बेदाग बनाने के लिए घरेलू तरीकों को अपनाएं। चलिए आईये जानते हैं कुछ ऐसी ही चीजों के बारे में, जिन्हे अपनाकर आप खूबसूरत स्किन पा सकते हैं।

लीजिए नारियल तेल यूज: त्वचा के लिए नारियल तेल बेहद ही गुणकारी है। ये स्किन को नमी प्रदान करता है। सबसे बड़ी बात इसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं होता।

कीजिए बेकिंग सोडा यूज: बेकिंग सोडा त्वचा में मौजूद डेड सैल्स को दूर करता है और नए सैल्स बनाने में सहायता करता है।

आवश्यक सामग्री: स्किन के लिए बेहद गुणकारी हैं नारियल तेल, लीजिए बेकिंग सोडा यूज

ऐसे बनाएं पेस्ट और ऐसे लीजिए यूज : नारियल तेल और बेकिंग सोडा को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लीजिए। इसे चेहरे पर पैक की तरह लगाना चाहिए और हल्के हाथों से मसाज कीजिए।

मसाज सर्कुलर मोशन में कीजिए। मसाज करने के तुरंत बाद ही चेहरे को पानी से धो लीजिए। ये एक तरह का प्राकृतिक क्लीनर है। अगर आपकी त्वचा सेंसटिव है तो नारियल तेल में बेकिंग सोडा कम मिलाएं।

जिन महिलाओं को फर्टिलिटी की परेशानी होती है उन्हें नाभि पर लगाना चाहिए ये ऑइल

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 नाभि से महिलाओं की खूबसूरती में चार चांद लग जाते है। गर्मी के मौसम में पसीने के कारण से चेहरे पर कील-मुंहासे हो जाते हैं जिससे बचने के लिए महिलाएं कई तरह के महंगे फेस पैक और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का यूज करती हैं लेकिन इससे कई बार त्वचा को हानि पहुंचती है।

ऐसे में एक सिंपल घरेलू उपचार करके चेहरे को ही नहीं सेहत को भी काफी लाभ मिल सकता है। इसके लिए रात में सोने से पहले नाभि में तेल लगाना चाहिए, जिससे कई परेशानियां ठीक होती हैं। चलिए जानते है नाभि पर ये चीजें लगाने के फायदों के बारे में.

-जिन महिलाओं में फर्टिलिटी की परेशानी होती है उन्हें नाभि पर नारियल तेल या जैतून के तेल का यूज करना चाहिए। इससे उनमें मां बनने के चांस बढ़ जाएंगे।

-नाभि में नीम का तेल लगाने से चेहरे के कील-मुंहासों की परेशानी दूर होती है। हर रोज रात को सोने से पहले नाभि पर यह तेल जरूर लगाना चाहिए।

-चेहरे की रंगत निखारने तथा चमक लाने के लिए नाभि पर बादाम का तेल लगाना चाहिए। हर रोज ऐसा करने से बहुत जल्दी त्वचा पर असर दिखने लगेगा।

-अधिकतर महिलाओं के होंठ फट जाते हैं। ऐसे में लिपस्टिक लगाने से ये और खराब हो जाते हैं। ऐसे में रात को सोने से पहले नाभि पर सरसों का तेल लगाना चाहिए जिससे 1-2 दिन में ही होंठ मुलायम और सुंदर हो जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट श्रीरामजन्मभूमि पुनरोद्धार समिति के वकील ने दी चौकाने वाली दलील !

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अयोध्या विवाद मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज भी जारी रही. सुनवाई के दौरान श्रीरामजन्मभूमि पुनरोद्धार समिति के वकील पीएन मिश्रा ने हदीस के हवाले से इस्लामी कानून के ज़रिए ज़मीन के खरीद और इस्तेमाल के नियमों का जिक्र किया. उन्होंने हज़रत मोहम्मद साहब, उनके अनुयायियों हजरत उमर, सईद बुखारी और यहूदियों के बीच हुए वाकयों का बयान किया. उन्होंने कहा कि मस्जिद के लिए कई कायदे नियम और बुनियादी चीज़े होती हैं. मस्जिद की जमीन और इमारत की शर्तें, वक्फ करने वाला ज़मीन का वाजिब मालिक होना चाहिए, अज़ान की जगह, वजूखाना ज़रूरी है. कम से कम रोजाना दो बार अज़ान और नमाज़ हो. वज़ू के लिए पानी का स्रोत हो. मस्जिद में घंटी, प्राणी, या मूर्तियों का चित्र ना हों. जिस भूखंड पर मस्जिद हो वहां किसी दूसरे धर्म का उपासना स्थल ना हो. मस्जिद में कोई रिहायश, खाना बनाने की जगह यानी चूल्हा वगैरह ना हो. पीएन मिश्रा ने कहा कि विवादित स्थल पर सीता रसोई का होने का भी प्रमाण है. कब्रें ना हों. जिसके पीछे नमाज़ अदा करनी पड़े. मस्जिद का रखरखाव का ज़िम्मा किसी और धर्म के लोग नहीं कर सकते. रामलला देवता हैं. भक्त आते रहे हैं. इस्लाम के मुताबिक ना तो वो मस्जिद है और वहां नमाज़ नहीं हो सकती.

पीएन मिश्रा ने कहा, ‘बाबर के वंशज किसी इमारत के मालिक हो सकते हैं लेकिन वह इमारत मस्जिद नहीं हो सकती. हिंदू सदियों से वहां पूजा करते रहे लेकिन मुसलमानों का अकेले कब्जा कभी नहीं रहा.वह इमारत हमारे कब्जे में थी. मुसलमान शासक होने की वजह से जबरन वहां नमाज़ अदा करते थे. 1856 से पहले वहां कोई नमाज नहीं होती थी. 1934 तक वहां सिर्फ जुमे की नमाज़ होती रही’. इस जस्टिस चन्द्रचूड़ ने पूछा- क्या कोई शासक सरकारी या अपनी निजी मिल्कियत वाली ज़मीन पर मस्जिद बना सकता है? इस पर पीएन मिश्रा ने जवाब दिया कि मुगल काल में भी ऐसे वाकयात हुए थे. लेकिन बादशाह को काज़ी ने जवाब दिया था कि अपनी कमाई से खरीदी ज़मीन पर मस्जिद बनाने के बाद उसके मेंटेनेंस का भी इंतज़ाम करना बनाने वाले की ज़िम्मेदारी है. मसजिद अल हरम, अल अक्सा और मस्जिद नबवी का रुख काबा की ओर नहीं है. इसके अलावा दुनिया भर की सभी मस्जिदों की दीवार काबा की ओर है यानी नमाज़ी का सजदा का रुख काबा की ओर रहता है.

पीएन मिश्रा ने कहा कि अंतिम बार 16 दिसंबर 1949 को वहां नमाज़ अदा की गई. इसके बाद ही दंगे हुए और प्रशासन ने नमाज़ बंद करा दी.1934 से 1949 के दौरान मस्जिद वाली इमारत की चाभी मुसलमानों के पास रहती थी लेकिन पुलिस अपने पहरे में जुमा की नमाज़ के लिए खुलवाती थी और सफाई होती इसके बाद नमाज़ लेकिन इस पर बैरागी और साधु शोर मचाते और नमाज़ में खलल पड़ता जिससे तनाव बढ़ता था. 22-23 दिसंबर की रात जुमा के लिए नमाज़ की तैयारी तो हुई लेकिन नमाज़ नहीं हो पाई.

श्री रामजन्मभूमि पुनरोद्धार समिति के वकील पीएम मिश्रा की दलीलें पूरी हो गईं तो हिन्दू महाभा की ओर से हरिशंकर जैन ने बहस शुरू की. उन्होंने कहा कि यह जगह शुरू से हिदुओं के अधिकार में रही. आज़ादी के बाद भी हमारे अधिकार सीमित क्यों रहें? क्योंकि यह तो 1528 से 1885 तक कहीं भी और कभी भी मुसलमानों का यहां कोई दावा नहीं था. मार्टिन ने बुकानन के रिसर्च को आगे बढ़ाते हुए उसी हवाले से 1838 में इस जगह का ज़िक्र किया है. उस किताब में भी हिन्दू पूजा परिक्रमा की जाती थी. तब किसी मस्जिद का ज़िक्र नहीं था. ट्रैफन थैलर ने भी किसी मस्जिद का ज़िक्र नहीं किया है. हैरत है कि तब के मुस्लिम इतिहासकारों ने भी मस्जिद का ज़िक्र नहीं किया.

हरिशंकर जैन ने दलील दी, ‘हिंदुओं का 1855 से 1950 तक पूजा पाठ होता रहा लेकिन अंग्रेजों ने पूजा के अधिकार को सीमित कर दिया था. आज़ादी मिलने और संविधान लागू होने के बाद भी जब अनुच्छेद 25 लागू हुआ फिर भी हमे पूजा उपासना का पूरा अधिकार नहीं मिला’. अनुच्छेद 13 का हवाला देते हुए जैन ने कहा कि आज़ादी से पहले चूंकि हमारा कब्ज़ा था तो वह बरकरार रहना चाहिए. आक्रांताओं ने हमारे धर्मस्थल नष्ट किए लूटपाट की. इस्लाम के मुताबिक ये लूट उनके लिए माल के गनीमत था. जैन ने कुरान के सूरा : 8 का हवाला देते हुए कहा कि धर्म की आड़ में युद्ध से मिला माल सेनापति को मिलता था और वो सबको बांटते थे.

जैन ने कहा कि मंदिर एक बार बन गया तो वो सर्वदा के लिए मन्दिर ही रहता है. राम और कृष्ण हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं. ये स्थापित दलील है कि बाबर ने मन्दिर तोड़कर मस्जिद का रूप दिया. संविधान की मूल प्रति में तीसरे चैप्टर में भी राम की तस्वीर है. राम संवैधानिक पुरुष भी हैं. जैन ने कहा कि राम अयोध्या में महल में पैदा हुए थे. जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि ये तो विश्वास की बात है. जैन ने कहा कि विश्वास नहीं यही सही है क्योंकि सभी ग्रंथ यही कहते हैं. हिन्दू महासभा के दूसरे वकील वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि जो मांग याचिका में नहीं थी वो फैसला कैसे किया?

इसके बाद शिया बोर्ड की तरफ से दलील शुरू की गई. एमसी धींगरा ने कहा कि 1936 में शिया, सुन्नी वक्फ बोर्ड बनाने की बात तय हुई और दोनों की वक्फ सम्पत्तियों की सूची बनाई जाने लगी. 1944 में बोर्ड के लिए अधिसूचना जारी हुई. वो मस्जिद शिया वक्फ की संपत्ति थी. हमारा मुतवल्ली तो शिया था लेकिन गलती से इमाम सुन्नी रख दिया. हम इसी वजह से मुकदमा हारे. रिकॉर्ड में दर्ज है कि 1949 में मुतवल्ली जकी शिया था.

कोर्ट ने कहा कि आप हिन्दू पक्ष का विरोध नहीं कर रहे हैं ना, बस इतना ही काफी है. सीजेआई ने कहा कि हाईकोर्ट में आपकी अपील 1946 में खारिज हुई और आप 2017 में SLP लेकर सुप्रीम कोर्ट आए. इतनी देरी क्यों? इस पर शिया बोर्ड ने कहा कि मारकाट मची थी. हमारे दस्तावेज़ और रिकॉर्ड भी सुन्नियों के पास थे. धींगरा ने कहा कि हमारे दस्तावेज़ सुन्नी पक्षकारों ने जब्त किए हुए थे. सोमवार से सुन्नी वक्फ बोर्ड दलील शुरू करेगा.

बैंक कर्मचारी संघों ने बैंकों के विलय का किया विरोध, कहा- समझ से परे अर्थव्यवस्था होगी अस्थिर

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 बैंक कर्मचारी संघों ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार बड़े बैंक बनाने के फैसले का शुक्रवार को विरोध करते हुए कहा कि यह फैसला उनकी समझ से परे हैं और इसके पीछे कोई तर्क नहीं दिखाई देता है। विलय की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैंकों के विलय का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के मजबूत बैंकों का निर्माण करना है, ताकि देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जा सके।

सरकार ने पंजाब नेशनल बैंक पीएनबी), केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक में अन्य बैंकों का विलय करते हुये चार बड़े बैंक बनाने की घोषणा की है। इसमें पीएनबी में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का, केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक का एवं इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का विलय किया जाएगा।

पीएनबी विलय के बाद देश का दूसरा और केनरा बैंक चौथा सबसे बड़ा सरकारी बैंक होगा। विलय के बाद कुल सरकारी बैंकों की संख्या 12 रह जाएगी। पीएनबी के बाद बैंक आफ बड़ौदा तीसरा बड़ा बैंक होगा। इससे पहले सरकार भारतीय स्टेट बैंक में उसके सहयोगी और भारतीय महिला बैंक का एवं बैंक ऑफ बड़ौदा में देना बैंक और विजया बैंक का विलय कर चुकी है।

अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ने एक बयान में कहा, ‘सरकार के प्रस्ताव विलय के) बिना सोच-विचार कर लाए गए हैं। इनका कोई तार्किक आधार नहीं है। इसमें ना तो कमजोर बैंक का विलय मजबूत के साथ किया जा रहा है ना ही यह भौतिक तौर पर समन्वय में आसान बैंकों का विलय किया जा रहा है।’ बयान में कहा गया है कि कोलकाता मुख्यालय वाले युनाइटेड बैंक का विलय दिल्ली मुख्यालय वाले पंजाब नेशनल बैंक के साथ किया जा रहा है। वहीं सिंडिकेट बैंक और केनरा बैंक जैसे एक ही क्षेत्र दक्षिण भारत) में काम करने वाले बैंकों का विलय किया जा रहा है।

संघों ने कहा कि सरकार की ओर से विलय की घोषणा ऐसे समय की गयी है जब देश के आर्थिक हालात बुरे दौर से गुजर रहे हैं। यहां तक कि इस घोषणा से घंटाभर पहले जारी हुए आंकड़ों में देश की आर्थिक वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही में पांच प्रतिशत के निम्नस्तर तक पहुंच जाने की जानकारी दी गयी। यह पिछली 25 तिमाहियों में सबसे निचली वृद्धि दर है। बयान में कहा गया है, ‘इस समय जब स्थिरता वक्त की जरूरत है, सरकार खुद वित्त और अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है।’

संघ ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक का विलय करने के बाद 1,000 और बैंक ऑफ बड़ौदा का विलय करने के बाद 500 से अधिक शाखाएं बंद हुईं। बयान में कहा गया है कि एक तरफ सरकार जनधन को लागू करना चाहती है, लेकिन शाखाओं को बंद करने के साथ यह कैसे मुमकिन है। कर्मचारी संघों ने शनिवार को इसके विरोध में काला दिवस मनाने की घोषणा की है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने पूछा, अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?

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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra)ने अर्थव्यवस्था की बिगड़ी सेहत को लेकर केन्द्र सरकार पर हमला बाेलते हुए ट्वीट कर पूछा कि अब तो साफ करो कि अर्थव्यवस्था को नष्ट कर देने की ये किसकी करतूत है?”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जीडीपी विकास दर से साफ है कि अच्छे दिन का भोंपू बजाने वाली बीजेपी सरकार ने अर्थव्यवस्था की हालत पंचर कर दी है। न जीडीपी ग्रोथ है न रुपए की मजबूती। रोजगार गायब हैं। 

आपको बताते जाए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा लगातार ट्वीट करके उत्तर प्रदेश सरकार, मोदी सरकार और भाजपा के कार्यों पर निशाना साधती रहती हैं।

इमरान खान ने कश्मीर पर चर्चा करने के लिए यूएई के शहजादे को किया फोन

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू- कश्मीर में घटनाक्रमों पर चर्चा करने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के शहजादे मोहम्मद बिन जायद से शुक्रवार को फोन पर बातचीत की।

खान ने शहजादे को फोन ऐसे समय में किया जब सोमवार को जायद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अबु धाबी में राष्ट्रपति पैलेस में संयुक्त अरब अमरीत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि खान ने शहजादे को जम्मू- कश्मीर में हफ्तों से चल रहे कर्फ्यू के बारे में बताया जिससे घोर मानवाधिकार हुए और मानवीय संकट पैदा हो गया।

खान ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर भारत के कथित संघर्ष विराम उल्लंघन बढ़ गए हैं। पीएमओ द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, ”प्रधानमंत्री ने कहा कि जम्मू- कश्मीर के लोग इस्लामिक देशों के अधिक सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं।