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गूगल ने अमृता प्रीतम के नाम किया आज का डूडल, जानें कौन हैं वह

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गूगल (Google) ने आज का डूडल (Doodle) अमृता प्रीतम (Amrita Pritam) के नाम समर्पित किया है. गूगल ने ये डूडल अमृता प्रीतम के 100वें जन्मदिन के अवसर पर उनके नाम किया है. गूगल ने इस डूडल को बेहद खास अंदाज में बनाया है.

अमृता प्रीतम अपने समय की मशहूर लेखिकाओं में से एक थी. इस डूडल में एक तस्वीर के माध्यम से अमृता प्रीतम को लिखते हुए दिखाया गया है. इस डूडल पर क्लिक करने पर आपको अमृता प्रीतम के बारे में सबकुछ जानने को मिल जाएगा. साल 1919 में पंजाब के गुजरांवाला जिले में पैदा हुईं अमृता प्रीतम को पंजाबी भाषा की पहली कवयित्री माना जाता है.

उन्होंने कुल मिलाकर लगभग सौ से ज्यादा किताबें लिखी हैं, जिनमें उनकी चर्चित आत्मकथा ‘रसीदी टिकट’ भी शामिल है. अमृता प्रीतम उन साहित्यकारों में थीं जिनकी लिखी किताबों का कई भाषाओं में अनुवाद हुआ. अपने अंतिम दिनों में अमृता प्रीतम को भारत का दूसरा सबसे बड़ा सम्मान पद्मविभूषण भी प्राप्त हुआ. उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से पहले ही मिल चुका था.

 उनका बचपन
उनका बचपन बीता लाहौर में, शिक्षा भी वहीं हुई. कमसिन उम्र से ही उन्होंने लिखना शुरू कर दिया था. उन्हें अपनी पंजाबी कविता ‘अज्ज आखां वारिस शाह नूं’ के लिए बहुत शोहरत हैसिल हुई. इस कविता में भारत विभाजन के समय पंजाब में हुई भयानक घटनाओं के दुखांत का जिक्र है. उनका ये काम भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों में सराहा गया.

गुजरात : सूरत की कपड़ा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड की 18 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं

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गुजरात के सूरत से एक बुरी खबर सामने आ रही है. वहां एक कपड़ा फैक्ट्री में भीषण आग लगी है. दमकल की 18 गाड़ियां मौके पर आग बुझाने के लिए पहुंच गई हैं.

केले का छिलका स्किन के लिए होता है लाभदायक

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 केले का छिलका स्किन के लिए लाभदायक होता है। वैसे केला भी बहुत गुणकारी है, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन केले के छिलकों के गुणों के बारे में बेहद कम लोग जानते हैं। आपको बता दें कि केले के छिलकों का फेस मास्क बनाया जा सकता है जिससे कि आप चेहरे के दाग-धब्बों से निजात पा सकते हैं।

केले के छिलकों में ऐसे कई विटामिन होते हैं जो शरीर में एंजाइम्स तथा प्रोटीन को एक्टिवेट करते हैं, जिससे त्वचा के अंदर कोलाजेन तथा लचीनापन बढऩे लगता है। चलिए आपको बताते है केले के छिलकों से कैसे फेस मास्क बनाया जा सकता हैं।

होगी गोरी स्किन : सर्व प्रथम इसके छिलके का पेस्ट बना लीजिए फिर उसमें बेकिंग सोडा तथा थोड़ा सा पानी मिलाएं। इस पेस्ट को चेहरे पर 10 मिनट स्क्रब की तरह रगड़े फिर चेहरे को पानी से धो लीजिए।

होगी झुर्रियां दूर : इसके छिलके को चेहरे पर कुछ मिनट के लिए रगड़े फिर गुलाब जल लगाएं और 15 मिनट के बाद चेहरा धो लीजिए।

हटाएं टैनिंग : इसके छिलकों के पेस्ट में 1 चम्मच संतरे के छिलके का पाऊडर तथा दही डालकर अच्छे से इसका पेस्ट बना लीजिए। इस मिश्रण को चेहरे पर 30 मिनट के बाद स्क्रब कीजिए, फिर चेहरे को पानी से धो लीजिए।

ऑइली स्किन : आधे केले के छिलके की अंदर की परत को निकाल लीजिए, फिर इसमें 1 चम्मच शहद तथा नींबू का रस मिलाईये। इस मिश्रण को चेहरे पर 10 मिनट स्क्रब की तरह रगड़े फिर चेहरे को पानी से धो लीजिए।

होंगे आंखों के काले घेरे दूर : इसके छिलके में से अंदर लगा सारा रेशा निकाल लीजिए। उसमें 1 चम्मच एलो वेरा जैल मिलाएं फिर इस पेस्ट को आंखों के आस पास लगा लीजिए।10 मिनट के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लीजिए

पहली बार चुनाव लड़ेगा ठाकरे परिवार का सदस्य, वर्ली से उतरेंगे आदित्य

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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे इस बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. इसी के साथ वह ठाकरे परिवार से चुनाव लड़ने वाले पहले सदस्य बन जाएंगे. आदित्य ठाकरे वर्ली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे. इसकी घोषणा शुक्रवार शाम शिवसेना के वरिष्ठ नेता अनिल परब ने की. वर्ली से पार्टी पदाधिकारियों के साथ बंद कमरे में बैठक के दौरान परब ने यह ऐलान किया. इस घोषणा का पार्टी नेताओं ने भी स्वागत किया. पिछले कुछ दिनों से आदित्य के चुनाव लड़ने की खबरें चल रही थीं.

25 साल के आदित्य ठाकरे इस महीने की शुरुआत में जन आशीर्वाद यात्रा पर थे. इस कार्यक्रम का मकसद लोगों को, खासकर युवा वोटरों को अपने साथ जोड़ना था. शिवसेना के कुछ सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि आदित्य ठाकरे उनके मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. अब तक शिवसेना चुनाव में बिना किसी चेहरे के उतरी है. लेकिन अब उसने रणनीति बदलने का फैसला किया है.

अगर आदित्य को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने का ऐलान शिवसेना की ओर से किया जाता है तो उसकी सहयोगी बीजेपी के साथ टकराव तय है. बीजेपी पहले ही साफ कर चुकी है कि वह मुख्यमंत्री पद अपने पास रखेगी. महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना की गठबंधन सरकार है.

बीजेपी और शिवसेना पिछले 30 साल के एक-दूसरे की सहयोगी हैं. लेकिन कुछ वर्षों से गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. गठबंधन टूटने तक की नौबत आ गई थी. लेकिन सभी गिले-शिकवे भुलाकर दोनों पार्टियों ने 2019 लोकसभा चुनाव साथ लड़ा. जहां एक तरफ शिवसेना आदित्य ठाकरे को बड़े रोल के लिए आगे बढ़ाना चाह रही है. वहीं विधानसभा चुनाव में बीजेपी और शिवसेना के बीच सीट शेयरिंग को लेकर भी टकराव हो सकता है.

वेटिंग टिकट पर ट्रेन में सफर करना जुर्म, जानिए क्या है सजा?

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अगर आप रेलवे काउंटर से वेटिंग का टिकट लेकर रिजर्वेशन बोगी में यात्रा करते हैं, तो सावधान हो जाइए. ऐसा करने पर आपको जेल की हवा खानी पड़ सकती है. भारतीय रेलवे के नियम के तहत अनकन्फर्म टिकट के साथ यात्रा करने को बिना टिकट यात्रा करने के समान माना जाता है. इसका मतलब यह हुआ कि अगर आप वेटिंग टिकट लेकर रिजर्वेशन बोगी में यात्रा करते हैं, तो ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर यानी टीटीई आपको बोगी से बाहर निकाल सकता है.

इसके साथ ही रेलवे एक्ट 1989 के तहत आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. रेलवे एक्ट की धारा 55 में बिना टिकट यात्रा करने को क्राइम माना गया है, जिसके लिए धारा 137 के तहत 6 महीने जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है.

अगर आप आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं और कंफर्म नहीं होने की दशा में टिकट अपने आप कैंसल हो जाता है और पैसा ग्राहक के खाते में रिफंड हो जाता है. हालांकि रेलवे काउंटर से टिकट लेने पर अपने आप कैंसल नहीं होता है. इसके लिए रेलवे काउंटर पर जाना होता है.

अगर आप रेलवे काउंटर से वेटिंग का टिकट लेते हैं, तो टिकट के कंफर्म नहीं होने की स्थिति में आप जनरल बोगी में यात्रा कर सकते हैं. इसके अलावा रेलवे या आईआरसीटीसी जिसके नाम से टिकट जारी करता है, सिर्फ वही व्यक्ति उस टिकट पर यात्रा कर सकता है. कोई दूसरा व्यक्ति किसी दूसरे के टिकट पर यात्रा नहीं कर सकता है. अगर कोई दूसरे के टिकट पर यात्रा करते पकड़ जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.

देश का सबसे विशाल और सस्ता परिवहन नेटवर्क रेलवे है. देश में सबसे ज्यादा लोग ट्रेन से सफर करते हैं. ऐसे में सभी को रेलवे के नियम कायदों को जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि जाने-अनजाने में रेलवे के किसी कानून का उल्लंघन करने पर आपको जेल जाना पड़ सकता है. साथ ही जुर्माना भरना पड़ सकता है. आइए आपको बताते हैं रेलवे से जुड़े कुछ अहम कानून.

1. ट्रेन में महिलाओं के लिए रिजर्व बोगी में किसी भी पुरुष यात्री का घुसना अपराध है. अगर कोई महिला बोगी में घुसता है, तो उस पर जुर्माना लग सकता है. साथ ही टीटीई ऐसे पुरुष यात्री को बोगी से निकाल सकता है.

2. रेलवे एक्ट की धारा 156 के तहत ट्रेन की छत, सीढ़ियों, दरवाजों और इंजन में बैठकर यात्रा करने पर तीन महीने की जेल हो सकती है. साथ ही जुर्माना लगाया जा सकता है.

3. रेलवे एक्ट की धारा 167 के मुताबिक ट्रेन में स्मोकिंग करना जुर्म है. ऐसे लोगों पर जुर्माना लगाया जा सकता है.

4. अगर यात्रा के दौरान या यात्रा खत्म होने के बाद टीटीई टिकट दिखाने को कहता है, तो यात्री को टिकट दिखाना होगा. ऐसा नहीं करने पर उस यात्री के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

5. किसी को शराब पीकर या नशा करके ट्रेन में यात्रा करने और गाली-गलौज करने की इजाजत नहीं है. ऐसा करने वाले को ट्रेन से उतारने के साथ ही उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे मामले में 6 महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

6. रेलवे एक्ट की धारा 141 के तहत ट्रेन में फेरी लगाना या भीख मांगना भी जुर्म है. ऐसा करने वाले को एक साल की जेल की सजा हो सकती है. साथ ही जुर्माना भरना पड़ सकता है.

7. रेलवे की इजाजत के बिना किसी को भी ट्रेन का टिकट बेचने का हक नहीं है. अगर कोई टिकट बेचते पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 142 के तहत कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे मामले में तीन महीने की जेल और जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

8. ट्रेन में पत्थरबाजी करना संगीन अपराध है. ऐसा करने पर रेलवे एक्ट की धारा 150 के तहत 10 साल की जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

9. रेलवे एक्ट की धारा 151 के तहत ट्रेन में आगजनी करने या ट्रेन को नुकसान पहुंचाने पर 5 साल की जेल हो सकती है. साथ जुर्माना लगाया जा सकता है.

10. रेलवे एक्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति संक्रमण बीमारी से जूझ रहा है तो उसको ट्रेन में यात्रा करने के लिए रेलवे की विशेष इजाजत लेनी होगी. अगर ऐसा मरीज बिना इजाजत लिए यात्रा करता है, तो उसको ट्रेन से उतारा जा सकता है. इतना ही नहीं, ऐसे मरीज के साथ यात्रा करने वाले सहयात्री को भी ट्रेन से उतारा जा सकता है. साथ ही उसका टिकट भी जब्त किया जा सकता है.

ट्विटर के CEO जैक डोर्सी का अकाउंट हैक, हैकर्स ने किए आपत्तिजनक ट्वीट्स

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माइक्रो ब्‍लॉगिंग साइट ट्विटर के संस्थापक और मौजूदा CEO जैक डोर्सी का ट्विटर अकाउंट शुक्रवार को हैक हो गया। उनके अकाउंट से हैकर्स ने कई आपत्तिजनक और नस्लभेदी ट्वीट्स किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई ट्वीट्स आधे घंटे से ज्यादा समय तक उनकी प्रोफाइल पर ही दिखते रहे। बाद में ट्विटर की टेक टीम ने उनके अकाउंट को रिकवर कर लिया। हाल ही में ट्विटर कम्यूनिकेशन ने ट्विट कर इस बात की जानकारी दी है। डोर्सी के करीब 42 लाख फॉलोअर्स हैं।

खबरों के मुताबिक हैकर्स ग्रुप का नाम चकले गैंग बताया जा रहा है। हैकर्स ने ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी के आधिकारिक अकाउंट से एक और ट्वीट शेयर किया। इस पोस्ट में लिखा था- ट्विटर मुख्यालय में एक बम है। शुक्रवार रात 9 बजे के बाद कुछ आपत्तिजनक ट्वीट डिलीट कर दिए गए। लेकिन इसके साथ ही कई और अन्य पोस्ट भी किए जा रहे थे। टेक वेबसाइट द वर्ज के अनुसार, हैकर्स उसी ग्रुप के बताए जा रहे हैं, जिन्होंने पिछले सप्ताह ट्विटर पर कई YouTube रचनाकारों पर हमला किया था।

ट्विटर के CEO का अकाउंट हैक होने के बाद यूजर्स की तरफ से कई ट्वीट्स किए जा रहे हैं। इनमें कई यूजर्स का कहना है कि जब ट्विटर के CEO का अकाउंट ही सेफ नहीं है, तो उनके अकाउंट की जिम्मेदारी भला कौन लेगा। खैर जो भी हम आपसे यही कहेंगे कि आप अपने अकाउंट को लेकर हमेशा सतर्क रहिए। आपको बता दें कि ट्विटर पर यह ऑनलाइन हमला डोर्सी के यूजर्स से उस वादे के बाद हुआ है जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया से जल्द से जल्द हेट स्पीच खत्म करने की बात कही थी। इससे पहले 2016 में भी डोर्सी का अकाउंट हैक हो चुका है। तब अवरमाइन नाम के एक हैकर ग्रुप ने उनके अकाउंट से कई पोस्ट किए थे।

राजस्थान के शिक्षा दल को छत्तीसगढ़ की विजयी परियोजना पसंद आई…

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छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे नवाचारों से राजस्थान से शिक्षा विभाग के आए चार सदस्यीय अध्ययन दल काफी प्रभावित हुआ है। अध्ययन दल ने तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बेमेतरा, राजनांदगांव और रायपुर जिले की शालाओं और छात्रावासों का अवलोकन किया।

राजस्थान बालिका शिक्षा एवं समग्र शिक्षा विभाग की उपायुक्त स्नेहलता हारित ने बताया कि वे लोग छत्तीसगढ़ में संचालित परियोजना विजय से काफी प्रभावित हैं। यह परियोजना राजस्थान में भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में काफी उपयोगी साबित हो सकती है।

दल ने शालाओं एवं छात्रावासों में पठन कौशल के विकास एवं बालिकाओं में जीवन कौशल विकास के लिए रूम टू रीड के साथ मिलकर चलायी जा रही परियोजाना विजयी की सराहना की। राजस्थान शिक्षा विभाग के उपनिदेशक औपचारिक शिक्षा राजेश कुमार और सहायक निदेशक एवं रूम टू रीड राज्य कार्यालय डॉ सुनीता चौधरी द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बेमेतरा का भ्रमण किया गया।

यहां कक्षा छठवीं से आठवीं में संचालित जीवन कौशल आधारित शिक्षण के माध्यम से आ रहे बदलाव को उन्होंने प्रत्यक्ष महसूस किया। मुस्कान पुस्तकालय के माध्यम से बधाों को पढ़ने में स्र्चि विकसित करने के लिए शासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया। शिक्षा संचालक दयानन्द ने बालिकाओं में बढ़ रहे आत्मविश्वास के संबंध में अनुभव बताए। दल ने रायपुर के पीजी उमाठे कन्या उधातर माध्यमिक विद्यालय का भ्रमण किया, जहां मैं नेतृत्व कर सकती हूं, सत्र का अवलोकन किया।

10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया सब इंजीनियर…

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मुंगेली जिले के पथरिया नगर पंचायत के सब इंजीनियर को 10 हजार स्र्पये रिश्वत लेते एसीबी की टीम ने गिरफ्तार किया है। वह प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि जारी करने के लिए यह रकम ले रहा था। आरोपित सब इंजीनियर के साथ ही वास्तुविद व वाहन चालक को भी पकड़ा गया है।

पथरिया निवासी जितेंद्र यादव के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई थी। जितेंद्र बुजुर्ग है और बीमार रहता है। इसके चलते उन्होंने अपने बेटे सन्नी यादव को अधिकार पत्र देकर आवास योजना के तहत सभी प्रक्रिया पूरी करने कहा था। सन्नी पिछले सात-आठ माह से नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर काट रहा था।

इस बीच यहां पदस्थ सब इंजीनियर सत्यप्रकाश मधुकर उसे लगातार घुमाते रहा। फिर बाद में उसने नक्शा बनाने व वर्क आर्डर देने के लिए 10 हजार स्र्पये की मांग की। लेकिन सन्नी यह रकम देने में असमर्थ था। लिहाजा, उसने सीएमओ समेत अन्य अधिकारियों से मामले की शिकायत की। फिर भी किसी ने ध्यान नहीं दिया।

इससे परेशान होकर उसने इस मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से कर दी। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएसपी आदित्य हीराधर ने आरोपित सब इंजीनियर सत्यप्रकाश को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। इसी के तहत गुस्र्वार को पीड़ित को रकम देने के लिए नगर पंचायत कार्यालय पथरिया भेजा गया।

सब इंजीनियर ने उसे तहसील कार्यालय बुलाया। वहां रकम लेकर पहुंचने पर आरोपित सब इंजीनियर ने अपने ऑफिस के वास्तुविद सुनील रात्रे को रकम देने कहा। सुनील ने रकम लिया और फिर उसे डायरी में दबाकर उनके वाहन चालक अशोक श्यामले को दे दिया।

अशोक श्यामले ने डायरी व रकम को आरोपित सब इंजीनियर को दिया, जिसे उसने अपनी कार के पीछे डिक्की के डायस में रख दिया। इस बीच एसीबी की टीम ने उसे पकड़ लिया। फिर रकम बरामद करने के लिए मशक्कत करते रहे।

तीनों आरोपित से पूछताछ करने के बाद रकम को कार की डिक्की से जब्त किया गया। तीनों आरोपित के खिलाफ एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

ट्रांसपोर्टर ने कोल कारोबारी और सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर की थी खुदकुशी…

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सवा महीने पहले डीडीनगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा स्थित महादेव तालाब के किनारे सुंदरनगर निवासी ट्रांसपोर्टर उत्तम दुबे (53) द्वारा शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगाकर खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने कोल कारोबारी पिता-पुत्र समेत छह सूदखोरों के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्यप्रेरित करने का केस दर्ज किया है।

डीडी नगर थाना प्रभारी अरुण नेताम ने बताया कि 12 जुलाई की दोपहर दो बजे ट्रांसपोर्टर उत्तम दुबे चंगोराभाठा के महादेवा तालाब के किनारे आग लगाकर खुदकुशी कर ली थी। जांच के दौरान मृतक के घर से एक सुसाइड नोट मिला। परिजनों, दोस्तों के बयान लेने पर साफ हुआ कि उत्तम ने वर्ष 2012 में अरुणोदय कोल एजेंसी के मालिक किशोर सांखला, उसके पुत्र विनय सांखला के माध्यम से सेकंड हैंड तीन कैप्सूल ब्लेक चेक देकर वाहन लिया था, जिसकी मासिक किस्त एक लाख 10 हजार रुपये तय कर वह व्यावसाय कर रहा था। उत्तम नियमित रूप से किस्त पटा रहा था, बावजूद इसके पिता-पुत्र ने उसके नाम से वाहन का ट्रांसफर नहीं कराया, बल्कि अधिक रकम की मांग कर लगातार उत्तम को फंसा देने की धमकी देकर मानसिक प्रताड़ना दे रहे थे। परेशान होकर सूदखोर प्रमोद शुक्ला ,सुधीर गौतम एंव भागवत कौशल से उसने ब्याज में पैसा लिया लेकिन तय ब्याज से अधिक ब्याज सूदखोर वसूलने लगे। पांच से बीस फीसद तक ब्याज वसूलने घर जाकर धमकाते थे। बाद में किशोर व विनय ने तीनों कैप्सूल वाहन को जबरन अपने कब्जे में लेकर रिश्तेदार श्रेयांश जैन के यार्ड में खड़ा करा दिया था। इससे परेशान होकर उत्तम दुबे ने खुदकुशी की थी।सुसाइड नोट और परिजनों के बयान के बाद पुलिस ने मामले में किशोर सांखला, विनय सांखला, श्रेयांस जैन, प्रमोद शुक्ला, सुधीर गौतम और भागवत कौशल के खिलाफ धार 306, 34 के तहत अपराध कायम कर लिया।

छत्तीसगढ़ की एक मात्र रजिस्टर्ड कोसली गाय की जानकारी अब चिप में…

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छत्तीसगढ़ की एक मात्र रजिस्टर्ड देसी नस्ल की कोसली गाय और छत्तीसगढ़ी भैंस की खूबियां अब चिप में एकत्रित की जाएंगी। यह चिप इन नस्ल के पशुओं लगाई जाएगी, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति उस पशु के बारे में सारी जानकारी मात्र 10 मिनट में प्राप्त कर सकेगा। उस पशु के बारे में किसी से पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेस करनाल (हरियाणा) सारी जानकारी चिप में अपलोड करेगा और इसे अपडेट भी करता रहेगा।

मिली जानकारी के अनुसार गाय, भैंस की नस्ल, दूध और बच्चा देने की क्षमता, प्रमुख रोग, टीकाकरण सहित कई विषयों की जानकारी चिप में अपलोड रहेगी। इसके लिए नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेस करनाल के पशु वैज्ञानिकों की टीम छत्तीसगढ़ पहुंची है। टीम ने पशुधन सेवाएं विभाग के सहयोग से प्रथम चरण में आरंग विकासखंड के ग्राम दरबा, बकतरा, दूसरे चरण में धरसींवा विकासखंड के ग्राम सेरीखेड़ी, अभनपुर के गातापारा में गायों के सीरम एकत्रित किया।

भारत में पहली बार होगा प्रयोग

करनाल की टीम के तकनीकी अधिकारी डॉ. सुभाषचंद्र ने बताया कि माइक्रो चिप सिस्टम का चलन अब तक विदेशों में हुआ करता है। अब भारत में शुरू किया जा रहा है। वैज्ञानिक नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेस के माध्यम से देश भर के सभी रजिस्टर्ड पशुओं के रक्त व सीरम लेकर जांच की जाती है। पूर्व में तकनीकी जानकारी के अभाव में पशुओं के नस्ल में बहुत सुधार नहीं हो पा रहा था, इसलिए पशुपालकों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए पहली बार चिप का उपयोग पशुओं की जानकारी इकट्ठा करने के लिए किया जा रहा है।

144 नस्लों का हुआ है पंजीकरण

संस्थान में अब तक देश भर की लगभग 144 नस्ल के पशुओं का पंजीकरण किया गया है। इनमें भैंस की 13, गाय की 43, बकरी की 23, सुअर की दो, गधे की एक, भेंड़ की 39, घोड़े की छह, ऊंट की आठ व मुर्गी की 15 नस्ल शामिल हैं। वर्ष 2012 में पंजीकृत नौ नस्लों में ओडिशा की कालाहांडी भैंस, तमिलनाडु की पुल्ली कुल्लम गाय, छत्तीसगढ़ की कोसली गाय व भैंस, कर्नाटक की गाय, महाराष्ट्र की दो बकरी की नस्ल, वेस्ट बंगाल का घुंघरू सुअर, मेघालय का मियांग मेघा सुअर व हिमाचल प्रदेश के गधे की एक नस्ल शामिल है।

छत्तीसगढ़ की कोसली गाय, भैंस का पालन मध्यम वर्ग के किसानों के लिए काफी लाभकारी है। इसके दूध में मिठास अधिक होती है। इनमें बच्चे पैदा करने की क्षमता अधिक होने के साथ रोग इन्हें कम होते हैं। इसके पालन के लिए किसानों को जागरूक होने की जरूरत है।

चिप में नस्ल की पूरी जानकारी होगी। इससे देश-विदेश में बैठे पशुपालकों को इन नस्ल की जानकारी महज दस से मिनट में उपलब्ध हो जाएगी।

प्रदेश की कोसली व छत्तीसगढ़ी भैंस की मांग अन्य राज्यों में बढ़े इसके लिए नस्ल सुधार रिसर्च की टीम आई है। टीम सैंपल के माध्यम से चिप तैयार करेगी। इसके माध्यम से नस्ल की जानकारी तुरंत उपलब्ध होगी।