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जली जीभ को सही करने के लिए चीनी है एक कारगर उपाय

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अगर आप भी जल्दबाजी में गर्म खाना खा लेते हैं, जिससे कई बार गर्म खाने की वजह से जीभ जल जाती हैं,जिससे हमें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं।

जो काफी दिनों तक सही नहीं होती और कुछ भी खाने की चीज स्वाद नहीं लगती। ये एक एेसी परेशानी है जिससे कभी न कभी हर किसी को गुजरना पड़ता है। चलिए आपको एेसे ही उपाय बताते हैं, जिन्हें अजमाकर आप अपने खाने का दोबारा आनंद ले सकते है.

-जली जीभ को सही करने के लिए चीनी एक कारगर उपाय है। इसके लिए जीभ पर चीनी की मोटी परत लगाने से तुरंत आराम मिलता है। आप चाहें तो चीनी की जगह शहद भी लगा सकते हैं।
-जली हुई जीभ को सही करने के लिए उस पर विटामिन ई का तेल भी लगा सकते हैं।

-अक्सर ऐसा हो जाएं तो आप मुंह से सांस लीजिए, ऐसा करने से अंदर ठंडी हवा जाती है जिससे आपको आराम मिलेगा। आप मेंथॉल च्यूइंगम भी चबा सकते हैं।

-बर्फ के टुकड़े को मुंह के अंदर रखने से जली जीभ ठीक हो जाती हैं, साथ ही जलन से आराम मिलता हैं। इसके अलावा आप ठंडे पानी से करीब तीस सेकेंड तक कुल्ला भी कर सकते हैं।
-आप फ्रिज में रखी हुई दही खाकर भी जीभ की जलन से राहत पा सकते है।

ट्रेन में मोबाइल चार्ज करने के दौरान हुआ एेसा हादसा, जानकर स्तब्ध हो जाएंगे आप

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जौनपुर में जफराबाद-वाराणासी रेल प्रखंड पर सिरकोनी स्टेशन के नजदीक सुबह कामाख्या गांधीधाम एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह पर कई यात्री चलती ट्रेन से कूद गए। हादसा मोबाइल चार्जर फटने के बाद निकले धुएं के कारण हुआ। घटना के बाद करीब पौन घंटे तक ट्रेन रुकी रही। कामाख्या गांधीनगर एक्सप्रेस सुबह जौनपुर के जफराबाद से वाराणसी की तरफ जा रही थी।

सिरकोनी स्टेशन से कुछ पहले स्लीपर बोगी में चार्ज में लगे मोबाइल का चर्जर अचानक तेज धमाके के साथ ब्लास्ट कर गया। इससे पूरी बोगी में धुंआं भर गया और अफरातफरी मच गई। किसी यात्री ने आग-आग चिल्लाते हुए चेन खीच दी। जब तक ट्रेन रुकती कई यात्री चलती ट्रेन से कुद पड़े। चालक ने थोड़ा आगे सिरकोनी स्टेशन पर ट्रेन रोक दी और उच्चाधिकारियों को जनकारी दी।

स्टेशन अधीक्षक जफराबाद संजीव कुमार सिंह ने बताया कि आग की अफवाह के कारण यात्री परेशान हो गए। मोबाइल चार्जर फटने से धुआं निकल रहा था। ट्रेन को पूरी तरह से चेकिंग के बाद रवाना कर दिया गया । 

राहुल गांधी ने किया ट्वीट, केरल वासियों को बाढ़ राहत पैकेज का इंतजार

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi ) ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के केरल के गुरुवायुर मंदिर यात्रा को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि प्रिय मोदी जी, गुरुवायुर में आपकी यात्रा के बाद – केरल में एक बड़ी बाढ़ आई, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई और भारी विनाश हुआ। उन्होंने ट्वीट करते हुए आगे कहा कि अगर समय पर दौरा किया गया होता तो आपकी तारीफ होती। 

राहुल गांधी ने आगे लिखा कि केरल में बाढ़ से भारी तबाही हुई है। लेकिन अभी भी राहत पैकेज का इंतजार कर रहा है, जैसे दूसरे बाढ़ प्रभावित राज्यों को दिया गया है। राहुल गांधी ने कहा कि दूसरे राज्यों को राहत पैकेज दिया गया लेकिन केरल को नहीं, ये सही नहीं है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोपलवाणी के बच्चों के साथ मनाया पोरा तिहार…

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कोपलवाणी के बच्चों के साथ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मनाया पोरा तिहार। नांदिया बैला लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुँचे थे कोपलवाणी के बच्चें। कोपलवाणी के बच्चों ने दोनों हाथ उठाकर मुख्यमंत्री का बड़े ही उत्साह से स्वागत किया। मुख्यमंत्री बच्चों से बड़े ही आत्मीयता से मिले और उन्हें पोरा-तीजा की शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को अपने हाथों से चॉकलेट वितरित किया।

बच्ची के साथ उसकी गुड़िया को भी चढ़ा प्लास्टर, डॉक्टर दोनों को देते हैं दवाई-इंजेक्शन

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11 महीने की मासूम बच्ची जिकरा के साथ उसकी गुड़िया भी अस्पताल में भर्ती है. दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में हड्डी रोग ब्लॉक के 16 नंबर बिस्तर पर लेटी इस बच्ची के दोनों पैरों में फ्रेक्चर है. दोनों पैरों को पट्टी से ऊपर लटकाया है ताकि फ्रैक्चर को सही से जोड़ा जा सके. बच्ची के बराबर में उसकी गुड़िया परी भी इसी स्थिति में है.

डॉक्टर पहले गुड़िया को दवा और इंजेक्शन देते हैं फिर बच्ची भी खुशी-खुशी उनकी बात मान लेती है. बच्ची और गुड़िया के इस अनोखे कनेक्शन को देख डॉक्टर भी हैरान हैं.

11 महीने की बच्ची जिकरा घर पर बेड से गिर गई थी जिसकी वजह से पैर में फ्रैक्चर हुआ था. लोकनायक अस्पताल के डॉ. ने बताया कि जब जिकरा ने डॉक्टर को इंजेक्शन लगाते देखा तो वो अपनी मां की गोद में छटपटाने लगी. काफी देर बाद भी जब जिकरा शांत नहीं हुई तो उसकी मां ने डॉक्टरों को बताया कि बच्ची की एक गुड़िया घर पर है. उसे दूध पिलाने के बाद ही खुद पीती है. डॉक्टरों की अनुमति से जब गुड़िया को अस्पताल लाया गया तो उसे देखते ही बच्ची खिल उठी. यह देख डॉक्टर भी हैरान थे.

स्थिति यह हो गई कि बच्ची को दवा या इंजेक्शन देने से पहले गुड़िया को देना पड़ रहा है.

इलाज के लिए बच्ची को भर्ती करना जरूरी था, इसलिए गुड़िया को भी उसके साथ रखा गया. जिकरा की मां फरीन बताती हैं कि ये गुड़िया उसकी नानी ने गिफ्ट में दिया था. जब जिकरा दो महीने की थी. तभी से उसे गुड़िया से बेहद लगाव है. घर पर कुछ भी खाने-पीने के लिए पहले गुड़िया को देना पड़ता है इसके बाद ही जिकरा खाती है.

पीएम मोदी की मुरीद हुईं इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान, दिखाया पाकिस्तान को आईना

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (Pakistan Prime Minister Imran Khan) की पूर्व पत्नी रेहम खान (Reham Khan) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की तारीफ की है. वह पीएम मोदी की मुरीद हो गईं. इतना ही नहीं उन्होंने अपने पूर्व पति और पाक के पीएम इमरान खान से पाकिस्तान की आर्थिक हालत को लेकर सवाल किया है. रेहम खान का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपनी बात कह रही हैं.

वीडियो में रेहम ने कहा है, ‘आज मोदी सरकार को क्यों लोग चाहते हैं और क्यों उनसे रिश्ते खराब नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि उनकी इकॉनमी स्ट्रांग हो गई है. सऊदी ने इन्वेस्ट किया है. यूके उनके साथ है, अमेरिका की उनमें दिलचस्पी है. जहां मोदी जाते हैं तो उनकी इज्जत होती है.’

रेहम ने इमरान खान और पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा, ‘यूएई में मेडल मिला है तो आपको तकलीफ हो रही है. आप भीख मांगते फिर रहे हैं, आप बताएंगे कि वो आप उनके पांव की जूती हैं तो वो आपकी इज्जत कैसे करेंगे.’

यह बात दीगर है कि पाकिस्तान लगातार कर्ज ले रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मुताबिक मार्च 2019 तक पाकिस्तान पर 85 बिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपये में 6 लाख करोड़ से ज़्यादा का कर्ज है. पाकिस्तान ने पश्चिमी यूरोप और मध्य पूर्व के देशों से भारी भरकम कर्ज ले रखा है. पाकिस्तान को सबसे ज्यादा कर्ज चीन ने दिया है. इसके अलावा पाकिस्तान ने कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से लोन ले रखा है. इस साल मई में पाकिस्तान 23वीं बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास 6 बिलियन डॉलर के बेलआउट पैकेज के लिए पहुंचा था. IMF ने जो शर्ते रखी हैं, उसके मुताबिक मौजूदा वित्त वर्ष में पकिस्तान के राजस्व में 40 फीसदी का इज़ाफा होना चाहिए.

जम्मू और कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद पाकिस्तान बौखला गया है. वह लगातार भारत के खिलाफ जहर उगल रहा है और वह कश्मीर में विवाद पैदा करने की कोशिश में लगा हुआ है हालांकि भारतीय सुरक्षाबल और खुफिया एजेंसियां उन्हें लगातार असफल करने में सफलता हासिल कर रही हैं.

श्रीमती गुलाबी देवी पाण्डेय के निधन पर मुख्यमंत्री श्री ‘भूपेश बघेल’ ने शोक व्यक्त किया…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्यसभा सांसद सुश्री सरोज पाण्डेय की माता श्रीमती गुलाबी देवी पाण्डेय के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने ईश्वर से शोक संतप्त परिवार जनों को इस दुःख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

इन 5 परेशानियों से हमेशा रहेंगे दूर, रोज़ाना 1 कप ग्रीन टी पीने के गजब फायदे..

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ग्रीन टी को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. बदलती लाइफस्टाइल को काम के बढ़ते दवाब के बीच पिछले कुछ सालों में ग्रीन टी पीने का चलन तेजी से बढ़ा है. एक नियत मात्रा में प्रतिदिन ग्रीन टी का सेवन आपकी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद रहता है.

कई शोध में भी ग्रीन टी सेहत के लिए फायदेमंद बताई गई है. जरूरत से ज्यादा ग्रीन टी आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकती है, इसलिए जरूरी है कि आप अधिक मात्रा में ग्रीन टी का सेवन नहीं करें.

शायद आप ग्रीन टी पीने से होने वाले असली फायदों के बारों में नहीं जानते हो. आगे जानिए ग्रीन पीने से होने वाले फायदों के बारे में.

त्वचा में चमक

शायद ही आपको पता हो कि ग्रीन टी में एंटी एजिंग तत्व पाया जाता है, इसका सेवन करने से चेहरे की झुर्रियां कम होती है. इसके साथ ही आपके चेहरे पर हमेशा चमक और ताजगी बनी रहती है. इसके अलावा इसे पीने से आप चुस्त-दुरुस्त रहते हैं.

मानसिक शांति

यदि आप कुछ काम करने के बाद मानसिक रूप से थकान महसूस करने लगते हैं तो ग्रीन टी आपके लिए अच्छी रहेगी. ग्रीन टी में थेनाइन तत्व होता है, जिसमें एमिनो एसिड बनता है. एमिनो एसिड शरीर में ताजगी बनाए रखता है और आपको थकावट महसूस नहीं होती. जिससे आपको हमेशा मानसिक शांति मिलती है.

दांतों के लिए वरदान

आजकल युवा और बुजुर्गों में दांतों में पायरिया और केविटी की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ग्रीन टी में पाया जाने वाले कैफीन दांतों में लगे कीटाणुओं को मारने में सक्षम होता है. बैक्टीरिया कम होने से आपके दांत लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं.

नॉर्मल ब्लडप्रेशर

भागदौड़ भरी जिंदगी और ऑफिस की टेंशन के बीच उच्च रक्तचाप की परेशानी तेजी से बढ़ी है. उच्च रक्तचाप शरीर में अन्य कई बीमारियों का कारण हो सकता है. इसलिए यदि आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है तो ग्रीन टी पिए. इसे पीने से आपकी यह परेशानी नॉर्मल रहेगा. रक्तचाप सामान्य रहने से आपको गुस्सा भी नहीं आएगा.

कोलेस्ट्रॉल घटाएं

दिल के रोगियों के लिए ग्रीनटी का सेवन बहुत फायदेमंद साबित होता है. ग्रीन टी शरीर में बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करके गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मददगार होती है. यदि आप ऑयली भोजन करते हैं तो आपको नियमित रूप से ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए.

कौन हैं यूसुफ तारिगामी, जिससे मिलने के लिए बेकरार हो गए सीताराम येचुरी…

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कौन हैं मोहम्मद यूसुफ तारिगामी जिनसे मिलने के लिए माकपा नेता सीताराम येचुरी को सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगानी पड़ी? 72 साल के यूसुफ तारिगामी जम्मू कश्मीर के एकलौते कम्युनिस्ट विधायक रहे हैं। आतंकवाद से जूझते कश्मीर में उन्होंने कुलगाम विधानसभा सीट से लगातार चार बार चुनाव जीत कर अपने दम पर सीपीएम (माकपा) का परचम फहराया है। अब वे पूर्व विधायक हैं। धारा 370 हटने के बाद माकपा के नेता कश्मीर जाना चाहते थे। येचुरी कश्मीर जा कर बीमार तारिगामी से मिलना चाहते थे। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा के महासचिव डी राजा 12 अगस्त को श्रीनगर पहुंच भी गये। लेकिन राज्य प्रशासन सुरक्षा कारणों से उन्हें आगे जाने की इजाजत नहीं दी। एयरपोर्ट से ही दोनों को दिल्ली लौटना पड़ा। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने येचुरी को सशर्त कुलगाम जाने की इजाजत दी है।मोहम्मद यूसुफ तारिगामी

वैसे तो कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कांग्रेस का बोलबाला रहा है। जम्मू कश्मीर में कम्युनिस्ट पार्टी का कोई आधार नहीं है फिर भी यूसुफ तारिगामी ने अकेले दम पर ही यहां साम्यवाद का झंडा बुलंद किये रखा। वे माकपा के टिकट पर दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम विधानसभा क्षेत्र से चार बार लगातार विधायक चुने गये। तारिगामी जब अनंतनाग कॉलेज में पढ़ते थे तभी से वे साम्यवादी विचारों से प्रभावित थे। कुलगाम पहले नेशनल कांफ्रेंस का गढ़ था। एक बार कांग्रेस भी यहां जीती थी। लेकिन 1996 में तारिगामी ने यहां का राजनीतिक समीकरण बदल दिया। वे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे और विजयी रहे। इसके बाद उन्होंने इस सीट से 2002, 2008 और 2014 का विधानसभा चुनाव भी जीता। पिछले दो चुनावों में वे खुशकिस्मत रहे कि जैसे-तैसे जीत मिल गयी। 2008 के चुनाव में वे केवल 236 वोटों से जीत पाये थे। 2014 के चुनाव में एक बार किस्मत ने साथ दिया और वे सिर्फ 334 वोटों से जीते। दोनों की बार उन्होंने पीडीपी के उम्मीदवार को हराया। तारिगामी सीपीएम के राज्य सचिव हैं। साम्यवादी होते हुए भी उनकी सोच उमर अबदुल्ला और महबूबा मुफ्ती से अलग नहीं है। उन्होंने 2016 में बयान दिया था कि कश्मीर विवाद सुलझाने के लिए भारत को पाकिस्तान से वार्ता करनी चाहिए।

कश्मीर में लाल परचम का मतलब

2014 के विधानसभा चुनाव के समय कुलगाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने सीपीएम की स्थिति पर एक अनोखी टिपण्णी की थी। उसने कहा था, अधिकतर अखबार कुलगाम के बारे में लिखते हैं कि यहां लाल (कम्युनिस्ट) हरा (इस्लाम) के अंदर है। दरअसल यह सच है। यह विरोधाभाष यहां इस लिए है क्यों कि पहले धार्मिक रुझान वाले लोग कम्युनिस्ट को जीतने में दिलचस्पी नहीं रखते थे। वे इससे दूर रहते थे। लेकिन अब यहां के लोगों ने अपनी गलतियां सुझार ली हैं। कुलगाम में सीपीएम के प्रभाव वाली कोई बात नहीं है। ये तो यूसुफ तारिगामी का व्यक्तिगत कमाल है कि है कि वे कांटे की लड़ाई में बाजी मार ले जा रहे हैं।

कुलगाम आतंकियों का सबसे बड़ा गढ़

1990 में जब जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियां शुरू हुई थी उस समय उत्तर कश्मीर ही दहशतगर्दों का गढ़ था। सीमापार से आतंकी कश्मीर में घुसपैठ कर बारामूला, बांदीपुरा और कुपवाड़ा के जंगलों में छिप जाते थे। उस समय उत्तर कश्मीर की तुलना में दक्षिण कश्मीर शांत था। उत्तर कश्मीर में जब सुरक्षा बलों से आतंकियों की मुठभेड़ होती थी तब अधिकतर सीमा पार के आतंकी मारे जाते थे। इस लिए नेताओं को राजनीति करने का मौका नहीं मिलता था। लेकिन हिजबुल कमांडर बुरहान वानी ने दक्षिण कश्मीर में स्थानीय युवकों को आतंकवाद से जोड़ कर स्थिति बदल दी। वानी दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के त्राल का रहने वाला था। उसने कुलगाम को आतंकवाद का गढ़ बना दिया। तारिगामी जिस कुलगाम के विधायक रहे हैं अब वह आतंकवाद का सुलगता दरिया बन गया है। 2016 में सुरक्षा बलों ने बुरहान वानी को मार गिराया था। उसके बाद से कुलगाम आतंकवाद की आग में जल रहा है।

आतंकियों की मौत पर सियासत

चूंकि अब आंतकी संगठनों में स्थानीय युवकों की भरमार हो गयी है इस लिए मुठभेड़ में अधिकतर उनकी ही मौत होती है। स्थानीय युवकों के मारे जाने पर नेताओं को सियासत चमकाने का मौका मिल जाता है। अब सीपीएम का कहना है कि केन्द्र सरकार ने कश्मीर में आतंकवाद की लड़ाई को मुसलमानों के खिलाफ तब्दील कर दिया है। जब कि अभी कुलगाम में आतंकियों का इतना खौफ है कि सेना को आये दिन ऑपरेशन लॉन्च करना पड़ता है। पिछले साल अक्टूबर में सुरक्षा बलों ने कुलगाम में पांच आतंकियों का मार गिराया था। इस साल जनवरी में सेना, सीआरपीएफ और पुलिस को ज्वाइंट ऑपरेशन करना पड़ा था जिसमें दो आंतकी ढेर हुए थे। दक्षिण कश्मीर में आतंकी सोशल मीडिया के जरिये न केवल अपनी गतिविधियां चलाते हैं बल्कि पुलिस, सेना के खबरी और मुख्यधारा के नेताओं को धमकी भी देते हैं। गोला-बारूद की तरह इंटरनेट भी आतंकियों बहुत बड़ा हथियार बन गया है। इसके पहले भी सुरक्षा कारणों से कश्मीर में इंटरनेट सेवाएं बंद की गयी हैं।

दक्षिण भारतीय डिश इडली सेहत के लिए होती हैं बहुत लाभकारी…

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 दक्षिण भारतीय डिश इडली सेहत के लिए लाभकारी होती हैं, यह खाने में जितनी स्वादिष्ट है, उतनी पौष्टिक है। इसका खाने से सेहत को कई लाभ मिलते हैं।

ये खाने में सुपाच्य होने के साथ-साथ शरीर के लिए आवश्यक कई प्रकार के विटामिन, प्रोटीन और मिनिरल के मात्रा को संतुलित करता है।

शोधकर्ताओं ने इडली और सांभर को पोषक इस आधार पर माना है कि इसमें कार्बोहाइड्रेट, एनर्जी, प्रोटीन, फैट्स और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों की मात्रा के आधार पर माना है। चलिए आपको बताते है। इडली आपकी सेहत के लिए कैसे गुणकारी होती हैं।

-इडली को उड़द की दाल और उसने चावल से तैयार किया जाता है। -उड़द दाल में भी उच्‍च मात्रा में फाइबर, 26 प्रतिशत प्रोटीन, विटामिन बी 1, बी 2, बी 6 और कुछ मात्रा में मिनरल्‍स होते हैं।

-वहीं इसमें उपयोग होने वाला हरी मिर्च पड़ती है जिसमें विटामिन सी, प्रोटीन और मिनरल होते हैं।
-कड़ी पत्‍ते की गार्निशिंग की जाती है।
-इसमें यूज ली जानी वाली सामग्री से हमारी सेहत ठीक रहती हैं।