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यूपी के रामपुर में सपा के सांसद आजम खान पर लगा अब भैंस चोरी का आरोप, FIR दर्ज

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ सांसद आजम खान की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. अभी कुछ समय पहले ही उनकी रामपुर स्थित यूनिवर्सिटी पर छापामार तथा अवैध निर्माण पर तोडू कार्रवाई हूई थी. उनके खिलाफ चले कई मामले अभी शांत भी नहीं हुए थे कि अब उन पर एक हैरान करने वाला आरोप लग गया है. आजम खान पर अब भैंस चोरी का आरोप लगा है.

हाल ही में उत्तर प्रदेश के रामपुर के आसिफ अली और जाकिर अली नामक दो शख्स ने पुलिस स्टेशन में आजम के खिलाफ भैंस चोरी का संगीन आरोप लगाया है. पूर्व सीओ सिटी आलेहसन सहित 6 लोगों सहित 40 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है.

शिकायतकर्ताओं ने अपनी FIR में कहा है कि, “सभी आरोपी जबरन हमारे घर में घर आए और तोड़फोड़ मचा दी. इन्होंने हमें मारा-पीटा, डराया-धमकाया और भैंस चोरी करके ले गए. यह मामला 15 अक्टूबर 2016 को सुबह करीब सवा 5 बजे का है. तबसे हमारी भैस आजम खान के गौशाला में ही बंधी हुई है.”

आजम खान की स्कूल बनाने के कारण लोगों को किया बेघर

इन्होंने बताया कि नवाब रजा अली खां ने सराय गेट मोहल्ला घोसियान यतीमखाने में हम जैसे गरीबों को छत मुहैया कराई थी. हम यहाँ पर काफी सालों से रह रहे थे. लेकिन 15 अक्टूबर को अचानक तत्कालीन सीओ आले हसन, इस्लाम ठेकेदार, एसओजी सिपाही धर्मेंद्र, फसाहत शानू, वीरेंद्र गोयल और लगभग 30 अज्ञात लोग हमारे घर में जबरन घुस आए. उन्होंने हमें बहुत प्रताड़ित कर, घर से बाहर निकल दिया. उनका कहना था कि उस जगह पर आजम खान स्कूल बनवाने वाले हैं. इसके बाद हमारे घरों पर बुल्डोजर चलवा दिया.

हालाँकि शिकायतकर्ताओं द्वारा घर के किराए की रसीद दिखने के बाद आरोपी नहीं माने और अपने पॉवर के दम पर बेचारों को उनके घर से खदेड़ दिया. उनका इतने से भी मन नहीं भरा तो पीड़ितों के पेट काट कर बचाए गए करीब 25 हजार रुपए और सामानों को भी ले गए.

पुलिस ने उक्त जानकरी की पुष्टि करते हुए कहा है कि, इस सभी आरोपियों पर धारा 504, 506, 427, 395, 448, 452, 323, 304 के अंतर्गत् मामला दर्ज किया गया है.

कश्मीरी बहनों ने 2 बिहारी भाइयों से रचाई शादी, बोलीं- नहीं जाना चाहते अब वापस…

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कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद लोग ये सोचने लगे हैं कि अब कश्मीर लड़कियों से शादी करना आसान हो गया है, और ऐसी खबरें भी आने लगी हैं। दो कश्मीरी लड़कियों को बिहार के सुपौल जिले से पुलिस ने बुधवार को बरामद किया है। दोनों बहने हैं।

जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने के कुछ ही देर बाद इन दोनों बहनों ने बिहार से ताल्लुक रखने वाले दो भाइयों के साथ शादी कर सुपौल में रहने लगे।

आपकी जानकरी के लिए बता दें कि पुलिस चारों को गिरफ्तार कर कश्मीर ले गई है। सुपौल के रहने वाले दो युवक- परवेज और तबरेज जम्मू और कश्मीर के रामबन जिले में राज मिस्त्री का काम करते थे। वहीं उनकी जान-पहचान दो कश्मीरी बहनों से हुई। जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के ऐलान के बाद दोनों जोड़ों ने अज्ञात स्थान पर शादी कर ली। फिर ये चारों सुपौल आकर रहने लगे।

वहां, कश्मीर में लड़कियों के पिता ने दोनों भाइयों के खिलाफ अ’पह’रण का केस दर्ज कराया। कश्मीर पुलिस सुपौल के राम बिशनपुर गांव में बुधवार को स्थानीय पुलिस के साथ पहुंची और दोनों लड़कियों को ब’रामद कर लिया।

दोनों लड़कियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है और वो उन्हीं के साथ बिहार में रहना चाहती हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वो कश्मीर वापस नहीं जाना चाहतीं। हालांकि कश्मीर पुलिस ने परवेज और तबरेज, दोनों को गि’रफ्तार कर लिया और आगे जांच के लिए अपने साथ जम्मू-कश्मीर ले गई। पुलिस ने इससे पहले कोर्ट में सेक्शन 164 के तहत दोनों लड़कियों के बयान भी दर्ज किए।

दोनों भाइयों का कहना है कि उन्होंने कोई अ’पराध नहीं किया है। बालिग होने के कारण उन्हें शादी करने का अधिकार है। परवेज ने कहा, ‘मैं और मेरी पत्नी बालिग हैं और हमने आपसी मर्जी से शादी की है।

पहले बनाया पत्नी का अश्लील वीडियो और फिर वॉट्सएप पर किया वायरल

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 उत्तर प्रदेश के आगरा में एक पति की घिनौनी करतूत सामने आई है। यहा एक महिला ने अपने पति पर 1 मिनट 59 सेकेंड का अश्लील वीडियो बनाने और फिर वॉट्सएप पर वायरल करने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला का कहना है कि उसके पति ने नशीला जूस पिलाकर पहले उसका वीडियो बनाया। फिर उसे परिवार और अपने दोस्तों को वॉट्सएप पर भेज दिया। अब पीड़िता ने अपने पति के खिलाफ थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया है।

जानकारी के अनुसार, मामला आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र का है। पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी शादी को आठ साल हो चुके हैं। उनकी ढाई साल की बेटी भी है। आरोप है कि पति उत्पीड़न करता है। जुआ खेलने और शराब पीने का आदी है। इसका विरोध करने पर उससे मारपीट करता है। दोस्तों को घर लाकर उनसे संबंध बनाने का दबाव बनाता है। 22 अगस्त को महिला के सिर में दर्द हो रहा था। इस पर पति जूस ले आया। जूस पीने के बाद महिला को होश नहीं रहा।

पीड़िता का आरोप है कि बेहोश होने के बाद उसके पति ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया। इसे परिवार के वॉट्सएप ग्रुप और अपने दोस्तों को भेज दिया। पीड़ित के परिजनों को जब इस बारे में पता चला तो वह उसकी ससुराल आ गए। वहीं, आरोपी पति घर से फरार हो गया। अब पीड़िता ने सीओ सदर से शिकायत की। पीड़ित महिला का आरोप है कि पति ने वीडियो अपने दोस्तों को भी भेज दिया है, जिससे यह वायरल हो गया।

सीओ सदर विकास जयसवाल ने बताया कि एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके संबंध में एक तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएंगी। फिलहाल तहरीर के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

अपने ही भाई दारा की गर्दन कटवाकर फूट-फूटकर रोया था औरंगजेब

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इतिहास में आज के दिन एक भाई ने अपने ही भाई को सत्ता के लिए मरवा दिया था. भारतीय मुगलकालीन इतिहास (Indian Mughal History) में 30 अगस्त 1659 को ही मुगल शासक शाहजहां (Shahjahan) के बेटे दारा शिकोह (Dara Shikoh) की उसके ही भाई ने हत्या करवा दी थी. सल्तनत पर कब्जे की खूनी जंग की ये रोमांचक कहानी है.

मुगल शासक शाहजहां के चार बेटे थे. उनमें दारा शिकोह उन्हें सबसे प्रिय था. वो बाकी बेटों से उसे ज्यादा प्यार और तवज्जो देते थे. इसी ने भाई-भाई के बीच नफरत के बीज बोए. बाद में सल्तनत पर कब्जे की जंग ने इसी और बढ़ा दिया. औरंगजेब ने सत्ता के लिए पहले अपने ही भाई से युद्ध लड़ा. दारा शिकोह को परास्त कर उसे बंदी बनाया और एक दिन अपने ही गुलाम से उसकी हत्या करवा दी.

दारा शिकोह विद्वान था. वो भारतीय उपनिषद और भारतीय दर्शन की अच्छी जानकारी रखता था. इतिहासकार बताते हैं कि वो विनम्र और उदार ह्रिदय का था. लेकिन ज्ञान के घमंड में वो अपने अलावा बाकी सबको मूर्ख समझता था. वो लोगों की सलाह पर गौर नहीं करता. उसके अपने सुरक्षाकर्मी ही उसे सही सूचना देने में घबराते थे. उसका अपना ही भाई औरंगजेब उसके खिलाफ साजिश रच रहा था और उसे इसकी भनक तक नहीं लगी.

अपने बेटों के आपसी झगड़े से परेशान थे शाहजहां शाहजहां अपने चारों बेटे दाराशिकोह, शाहशुजा, औरंगजेब और मुराद बख़्श के आपस में टकराव से परेशान थे. बेटों के झगड़ों से परेशान शाहजहां ने चारों को चार सूबे सौंप दिए. दारा शिकोह को काबुल और मुल्तान, शुजा को बंगाल, औरंगजेब को दक्खिन और मुरादबख्श को गुजरात की सत्ता सौंपकर सबको अलग-अलग कर दिया.

बाकी सारे भाई तो चले गए, लेकिन दारा शिकोह अपने पिता शाहजहां के पास ही रह गया. उसे उम्मीद थी कि बड़ा बेटा होने की वजह से अपने पिता के बाद वही दिल्ली का बादशाह बनेगा. शाहजहां और दारा शिकोह के सिंहासन आसपास ही लगते थे. उसने सल्तनत पर अपना दावा ठोक दिया था.

शाहजहां जब बीमार पड़े तो दारा ही दिल्ली का दरबार संभाल रहा था. दारा शिकोह ने अपने किसी भी भाई को अपने पिता से मिलने नहीं दिया. दारा के भाई अपने पिता से मिलने के लिए दिल्ली चढ़ आए. जिसके बाद दारा शिकोह ने अपने ही भाइयों के खिलाफ जंग छेड़ दी. शुजा के खिलाफ दारा ने अपने बेटे सुल्तान शिकोह को लड़ने भेजा और खुद औरंगजेब से लड़ने चल दिया.

दारा शिकोह इतिहास की सबसे बड़ी सेना लेकर औरंगजेब से लड़ने गया था. लेकिन उसकी सेना में सैनिकों से ज्यादा छोटे दुकानदार, मजदूर, दस्तकार और यहां तक की भांडे-बर्तन बेचने वाले भी शामिल थे. उन्हें लड़ने का कोई अनुभव नहीं था, सिर्फ दारा शिकोह के आदेश पर उन्हें सेना में भर्ती कर लिया गया था. दारा शिकोह के पास 4 लाख सैनिक थे और औरंगजेब के पास सिर्फ 40 हजार.

दारा अपनी गलतियों और घमंड की वजह से जंग की जीती हुई बाजी हार गया. दारा को हराने में उसके अपने ही विश्वासपात्र का हाथ था. दारा शिकोह ने कभी उसे बुरी तरह से अपमानित किया था. उसने दारा से जंग के मैदान में बदला चुकाया.

इतिहासकार बताते हैं कि दारा हाथी पर था और वो जंग जीत चुका था. औरंगजेब के पास गिनती के सैनिक रह गए थे. उसी वक्त उसके एक विश्वासपात्र खलीलुल्लाह ने कहा- हजरत सलामत, आपको जीत मुबारक. अब आप हाथी से उतरकर घोड़े पर बैठिए. पता नहीं कब कोई तीर आपको आकर लग जाए. अगर ऐसा हो गया तो हम कहीं के नहीं रहेंगे. दारा शिकोह ने बिना सोच विचार किए हाथी से उतरकर घोड़े पर सवार हो गया.

उधर जैसे ही दारा हाथी से उतरा, उसके सैनिकों के बीच दारा के मरने की अफवाह फैल गई. औरंगजेब ने इसका फायदा उठाया. दारा के सैनिक उसका साथ छोड़कर भाग गए और औरंगजेब और मुराद की मुट्ठीभर सेना ने जंग जीत लिया.

जंग हारने के बाद दारा शिकोह यहां-वहां भटकता रहा. कभी वो मुल्तान तो कभी थट्‌टा और कभी अजमेर भागा. आखिरकार औरंगजेब के एक सैनिक के हाथों वो पकड़ा गया. दिल्ली में उसे बुरी तरह से अपमानित किया गया. उसे बीमार और गंदे हाथी पर घुमाया गया. दारा शिकोह को भिखमंगों जैसे कपड़े पहनाए गए थे.

दारा का कटा सिर देखकर फूट-फूटकर रोने लगा औरंगजेब

दारा शिकोह को औरंगजेब ने कैदखाने में डाल दिया. बाद में एक रात जब दारा और उसका बेटा कैदखाने में ही अपने लिए खाना बना रहे थे तो औरंगजेब के एक गुलाम नजीर ने उसका सिर काट डाला. उसके सिर को लेकर वो औरंगजेब के पास गया. औरंगजेब ने दारा के सिर को थाली में रखवाकर धुलवाया और जब उसे भरोसा हो गया कि ये दारा शिकोह ही है तो वो फूटफूटकर रोने लगा.

औरंगजेब के आदेश पर उसके शव को हुमायूं के मकबरे मे दफना दिया गया. दारा के परिवार का बुरा हाल हुआ. उसके एक बेटे को मार दिया गया. दूसरे को ग्वालियर के किले में कैद कर लिया गया. दारा की बेगम अपनी जान बचाने के लिए लाहौर भाग गई. बाद में उसने जहर खाकर जान दे दी.

औरंगजेब ने दारा शिकोह की हत्या करने वाले गुलाम को भी नहीं छोड़ा. दारा को अपमानित कर हाथी पर घुमाने वाले जीवन खां और उसका सिर काटने वाले गुलाम नजीर को पहले उसने इनाम देकर विदा किया. फिर रास्ते में दोनों के सिर कटवा दिए.

Saaho Movie Release: बड़े पर्दे पर प्रभास-श्रद्धा की ‘साहो’, टिकट 2 हजार रुपये के पार

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जिस फिल्म का दर्शक बेसब्री से इंतजार कर रहे थे वह फिल्म ‘साहो’ आज बड़े पर्दे पर रिलीज हो रही है. फिल्म के ट्रेलर में प्रभास और श्रद्धा के एक्शन सीन देखकर लोगों के अंदर फिल्म को देखने की उत्सुकता बढ़ गई थी.

अब जब फिल्म सिनेमाघर में पहुंच चुकी है तो फिल्म के लिए लोगों का क्रेज कितना है वह इससे पता चलता है कि फिल्म के टिकट के रेट दो हजार रुपये के पार पहुंच गए हैं. दिल्ली में फिल्म ‘साहो’ के शोज हाउसफुल हैं और वहीं देश के कई जगहों पर लोगों को टिकट खरीदने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.

फिल्म को लेकर दीवानगी इतनी है कि लोग टिकट खरीदने के लिए घंटो लाइन में लगे हुए हैं. इस बीच टिकट के दाम आसमान छू रहे हैं. दिल्ली के कुछ प्रीमियम थिएटर में फिल्म ‘साहो’ के रेट करीब 22 रुपए तक पहुंच गए हैं. वहीं हैदराबाद की बात करें तो साउथ में प्रभास को लेकर क्रेज इतना है कि उनके फैन्स सुबह छह बजे से टिकट खरीदने के लिए लाइन में लगे हुए नजर आए.

बॉलीवुड डेब्यू

साउथ के सुपरस्टार प्रभास फिल्म ‘साहो’ से बॉलीवुड डेब्यू कर रहे हैं. यह उनकी पहली हिंदी फिल्म है. इतना ही नहीं इस फिल्म के साथ श्रद्धा पहली बार प्रभास के साथ काम कर रही हैं. दोनों के बीच की कैमिस्ट्री लोगों को काफी पसंद आई है. वहीं फिल्म के गानों ने भी लोगों का दिल छुआ है.

Article 370: कश्मीरी बहू उर्मिला को सताई सास-ससुर की चिंता, मोदी सरकार पर जमकर बरसीं

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 बॉलीवुड की ‘रंगीला गर्ल’ के नाम से विख्यात उर्मिला मातोंडकर, जो कि अब नेता बन चुकी हैं, ने अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने पर केंद्र पर जमकर निशाना साधा है, उर्मिला ने कहा कि उनके पति पिछले 22 दिनों से कश्मीर में रह रहे अपने माता-पिता से बात नहीं कर पाए हैं।

लोकसभा चुनाव 2019 
कश्मीर को लेकर उर्मिला मातोंडकर ने जताई चिंता

लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली उर्मिला ने नांदेड़ में कांग्रेस की एक सभा में बोलते हुए कहा कि यहां बात केवल कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का नहीं है, बल्कि यह बेहद अमानवीय तरीके से किया गया, जिसकी निंदा की जानी चाहिए, मेरे सास-ससुर वहां रहते हैं, दोनों को डायबीटिज है, हाई ब्लड प्रेशर की दिक्कत है, आज 22वां दिन है, न तो मैं और न ही मेरे पति उनसे बात कर पाए हैं, हमें कोई अंदाजा नहीं है कि क्या उनके पास घर में दवाएं उपलब्ध हैं या नहीं।

जम्मू-कश्मीर 
9 साल छोटे मोहसिन अख्तर से उर्मिला ने की है शादी

आपको बता दें कि उर्मिला मातोंडकर ने अपनी उम्र से 9 साल छोटे मोहसिन अख्तर से शादी की थी. मोहसिन एक बिजनेस करने वाले कश्मीरी परिवार से आते हैं. उर्मिला की शादी में कुछ चुनिंदा लोग ही शामिल हुए थे।

प्रशासन ने दावा किया है जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य है 
कुछ इलाकों में मोबाइल सेवा बहाल

हालांकि प्रशासन ने दावा किया है जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य है, वहां कुछ इलाकों में मोबाइल सेवा बहाल कर दी गई है तो वहीं आज जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षाबलों ने खास तैयारी की है, श्रीनगर की जामिया मस्जिद समेत कई बड़ी मस्जिदों में नमाज अदा करने पर रोक लगाई गई है, प्रशासन की तरफ से लोगों से अपने मोहल्ले की मस्जिदों में नमाज अदा करने की अपील की गई है।

श्रीनगर 
हालात सामान्य

श्रीनगर में 1666 में से 1165 दवा की दुकानें खुली हैं, अकेले कश्मीर घाटी में 7630 मेडिकल स्टोर हैं, जिसमे 4331 थोक की दुकानें हैं, जिसमे से 65 फीसदी दुकानें खुली हैं। प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई है कि घाटी में किसी भी तरह की दवा की समस्या नहीं है और यहां सभी 376 नोटीफाइड दवाएं सरकारी दुकानों और प्राइवट दुकानों पर उपलब्ध हैं। 62 जरूरी जीवन रक्षा दवाएं भी उपलब्ध हैं। सेना प्रमुख बिपिन रावत आज सुरक्षा का जायजा लेने श्रीनगर पहुंचें हैं, यहां उनका मकसद लोगों से बात करना और आगे की रणनीति पर काम करना है।

सरकार ने RBI से जबरन पैसे लेकर देश को आर्थिक आपातकाल में धकेला: कांग्रेस

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा केंद्र सरकार को लाभांश और अधिशेष कोष के मद से 1.76 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने के निर्णय को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर ‘घोर मंदी’ छिपाने के लिए आरबीआई से जबरन पैसे लेकर देश को आर्थिक आपातकाल की ओर धकेल ने का आरोप लगाया।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, आरबीआई का ‘इमरजेंसी फ़ंड’ गिर कर 6 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया क्योंकि अपनी नाकामियों व घोर आर्थिक मंदी को छिपाने के लिए भाजपा सरकार ने ज़बरन आरबीआई से 1,76,000 करोड़ रुपये लिए।” उन्होंने दावा किया, ”भाजपा सरकार ने देश को ‘आर्थिक आपातकाल’ में धकेल दिया है।

नए डिजाइन किये गए 500 के नकली नोटों में 121 फीसदी की बढ़ौतरी : RBI

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नोटबंदी के बाद नए डिजाइन वाले नोटों को लेकर दावा किया गया था कि इनके आने से फेक करेंसी पर लगाम लगेगी लेकिन आरबीआई के आंकड़ों की माने तो पिछले वित्त वर्ष में 500 के नोटों की नकली नोटों में 121 फीसदी और 2000 के नोटों 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. आरबीआई ने कहा कि 200 मूल्यवर्ग का नोट, जिसे अगस्त 2017 में पेश किया गया था, पिछले वर्ष के दौरान 79 के मुकाबले 12,728 नकली नोट पाए गए है.

आरबीआई का कहना है कि 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नकली नोटों में 20.2 फीसदी, 87.2 फीसदी और 57.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. आरबीआई ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में 2018-19 में पाए गए कुल नकली भारतीय मुद्रा नोटों (एफआईसीएन) में से 5.6 प्रतिशत आरबीआई को मिले जबकि 94.4 प्रतिशत की पहचान अन्य बैंकों द्वारा की गई है. आरबीआई ने कहा कि 1 जुलाई 2018 से 30 जून, 2019 तक सुरक्षा मुद्रण पर कुल व्यय 48.11 अरब रही जो पिछले वर्ष 49.12 अरब थी.

पाकिस्तान ने लगाई अत्याधुनिक भारतीय रुपये में सेंध, 2000 का नोट असुरक्षित

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पाकिस्तान से भारत में झोंके जा रहे दो हजार रुपये के नए नोट की ताजा खेप की जब्ती ने हिंदुस्तानी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है. इस खेप में सप्लाई किए जा रहे 2000 रुपये के नोट में पाकिस्तानी तंत्र ने उन सभी सुरक्षा इंतजामों की हू-ब-हू नकल कर ली, जो बिना सरकारी मदद के मुमकिन नहीं है. सच तो यह है कि पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में छपकर भारतीय बाजार में लाकर झोंके जा चुके 2000 के इन नकली और भारत के असली नोट में फर्क करते वक्त भारतीय एजेंसियां और दिल्ली पुलिस भी चकराने लगी है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा हाल ही में जब्त नकली नोटों की खेप की जांच के बाद यह साबित हो रहा है कि एक बड़ी साजिश के तहत पाकिस्तान का सरकारी तंत्र भारत की अर्थव्यवस्था को ध्वस्त करने के लिए हाई-क्वालिटी के जाली भारतीय नोट थोक के हिसाब से छाप रहा है. जांच में पता चला है कि कराची के ‘मलीर-हाल्ट’ इलाके में स्थित ‘पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस’ में छापे जा रहे इस जाली नोट में भी पहली बार ‘ऑप्टिकल वेरियबल इंक’ का इस्तेमाल किया गया है.

यह विशेष किस्म की स्याही 2000 के नोट के धागे पर इस्तेमाल होती है. इस इंक की खासियत है कि यह नोट पर हरे रंग की दिखाई देती है. नोट की दिशा ऊपर-नीचे करने पर इस स्याही का रंग बदलकर खुद-ब-खुद नीला हो जाता है. सूत्रों के मुताबिक छह महीने पहले तक पकड़े जा चुके जाली नोटों की खेप में इस इंक का इस्तेमाल नहीं हो रहा था. सूत्रों के मुताबिक, यह खास किस्म की स्याही एक विदेशी कंपनी बनाती है, जिसकी आपूर्ति सिर्फ चुनिंदा देशों की सरकार को ही की जाती है.

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार की मदद के बगैर इस इंक का इस्तेमाल जाली भारतीय नोटों को छापने में नहीं किया जा सकता है. ‘ऑप्टिकल वेरियबल इंक’ के इस्तेमाल से अब यह स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर ही पाकिस्तानी सिक्योरिटी प्रेस में भारत की जाली मुद्रा धड़ल्ले से छप रही है. छपने के बाद भारत में इनके वितरण के लिए कराची में बैठे भारत के मोस्ट वॉन्टेड डॉन दाउद इब्राहिम के कंधों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और भारतीय खुफिया एजेंसियों की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ है किए इस वक्त चलन में अत्याधुनिक भारतीय मुद्रा (नोटबंदी के बाद छापे गए दो हजार और पांच सौ के नए नोट) एक और प्रमुख सिक्योरिटी फीचर की भी पहली बार आईएसआई के गुर्गों ने हू-ब-हू नकल कर ली है. दो हजार के नए भारतीय नोट के एकदम बायीं और दायीं ओर के किनारे में ‘ब्लीड-लाइनें’ खींची गई हैं. ये सात लाइनें असल में विशेष रुप से नेत्रहीनों को नोट की पहचान आसानी से कराने में सहायक होती हैं.

यह भी उच्च भारतीय तकनीक का ही कमाल है कि, नोट को गोल आकार में मोड़ने पर इन लाइनों के आपस में सधे हुए तरीके से मिल पाना अब तक लगभग नामुमकिन समझा जाता था. अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी द्वारा शुरू किए गए जाली नोटों के इस फजीर्वाड़े में इन लाइनों का मिलान कराना करीब-करीब संभव सा ही हो गया है जोकि उच्च क्वालिटी की असली भारतीय मुद्रा के लिए आने वाले समय में बेहद घातक साबित हो सकता है. यहां उल्लेखनीय है कि बीते छह महीने में ऐसा पहली बार हुआ है, जब भारत में जब्त एफआईसीएन (फेक इंडियन करेंसी नोट) 2000 के भारतीय नोट में (24 अगस्त को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के सहायक पुलिस आयुक्त अतर सिंह की टीम द्वारा जब्त) अधिकांश हाई सिक्योरिटी फीचर मौजूद मिले हैं. जोकि आने वाले समय में भारतीय खुफिया जांच एजेंसियों सहित भारतीय अर्थ-व्यवस्था के लिए सबसे ज्यादा घातक सिद्ध हो सकता है.

इतना ही नहीं, पाक खुफिया एजेंसी के आकाओं ने अब कराची की सरकारी प्रेस में छापे जा रहे जाली भारतीय नोट के निचले हिस्से में दायीं तरफ छपे सीरीज नंबर की भी नकल कर ली है. इसकी एक बानगी हाल ही में जब्त किए गए 2000 रुपये के नकली नोट में देखने को मिली. इस नोट पर ‘7एफके’ सीरीज छपा है. अब तक जाली नोटों पर इन अत्याधुनिक तकनीक के फीचर्स का दूर-दूर तक नाम-ओ-निशां नहीं होता था. इस फीचर की खासियत होती है कि कोई भी नंगी आंखों से भी आसानी से भारतीय नोट के असली और जाली होने की पहचान कर सकता था.

वर्ष 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से पाकिस्तान से नकली नोटों का आना काफी समय तक तकरीबन बंद रहा. हालांकि, इसी साल जून के पहले ही सप्ताह में नेपाल की पुलिस ने काठमांडू स्थित त्रिभुवन हवाई अड्डे पर करीब 7.67 करोड़ रुपये के जाली भारतीय मुद्रा की बड़ी खेप पकड़ी थी. काठमांडू में जाली भारतीय नोटों की उस बड़ी खेप की जब्ती से भारतीय खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई थीं. भारतीय जाली नोटों की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के दौरान ही यह बात भी निकल कर सामने आई थी कि अब पाकिस्तानी आकाओं ने नेपाल के रास्ते न भेजकर कतर के रास्ते जाली नोट भारत में झोंकने का नया रुट तलाश लिया है. ताकि भारतीय खुफिया एजेंसियों की आंखों में धूल आराम से झोंकी जा सके.

राजस्व सूचना निदेशालय के एक अधिकारी ने कहा, “स्पेशल सेल द्वारा हाल में जब्त किए गए नोट ज्यादा अपग्रेडेड वर्जन के एफआईसीएन हैं. इससे लगता है कि वह बहुराष्ट्रीय कंपनी जो सिर्फ फेडरल सरकारों को ही ‘ऑप्टिकल वेरिएबल इंक’ की सप्लाई करती है, आर्थिक रुप से भारत की कमर तोड़ने के षडयंत्र में जुटी पाकिस्तान खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उस कंपनी से भी हाथ मिला लिया है. यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक है.”

यहां उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुमार सिंह कुशवाहा की अगुवाई में सहायक पुलिस आयुक्त अतर सिंह की टीम ने 24 अगस्त को दिल्ली के नेहरू प्लेस से डी-कंपनी के एजेंट असलम अंसारी को धर दबोचा था. असलम अंसारी के पास से 2000 के नोट वाली करीब साढ़े पांच लाख जाली भारतीय मुद्रा जब्त की गई थी. असलम मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है.

असलम से बरामद नोट गहराई से देखने पर भी जब असली ही लगे तो भारतीय गुप्तचर एजेंसियां और नोट जब्त करने वाली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम के सदस्यों का माथा चकरा गया था. उन सबको लगा किए कहीं उन्होंने जाली समझकर असली भारतीय नोट ही तो जब्त नहीं कर लिए हैं. खुद की आंखों पर विश्वास न होने पर जाली नोट पकड़ने वाले विशेषज्ञों द्वारा पहचान कर दिए जाने के बाद ही असलम की अधिकारिक गिरफ्तारी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज की गई.

30 सालों से ये शख्स खा रहा था मिर्गी की दवाई, अब सच्चाई सामने आने के बाद डॉक्टर भी हो गया हैरान

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चीन में एक शख्स पिछले तीस सालों से सिरदर्द और चक्कर आने की समस्या से पीड़ित था. डॉक्टर्स ने उसे मिर्गी की समस्या बताई थी, इस वजह से वह पिछले तीस सालों से मिर्गी की दवाईयां खा रहा था, लेकिन तीस साल बाद सच्चाई जानकर वह दंग रह गया है. 

दरअसल, चीन के गुआंगदोंग प्रांत के पहाड़ी गांव में रहने वाले झांग (59) को साल 1989 में अचानक सिर में दर्द और चक्कर आने लगे. इस दौरान वह अपने दोस्तों के साथ खेल रहे थे. तभी उनके बाजू और पैरों में सनसनी होने लगी और मुंह से अचानक झाग निकलने लगा और वे बेहोश हो गए.



उस समय जब गंभीर हालात में अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टर्स ने उन्हें मिर्गी की शिकायत बताई. तब से वे लगातार मिर्गी की दवाई खाने लगे, फिर भी उनकी समस्या खत्म नहीं हुई. उनके सिर में दर्द कभी-कभी होता था, इसलिए वे प्रतिदिन सिर दर्द की दवाई नहीं खाते थे. लेकिन 2015 में अचानक उनकी समस्या बढ़ने लगी. धीरे-धीरे हर महीने उन्हें तेज सिर दर्द और चक्कर आने लगे.

बढ़ती परेशानी को देखकर झांग डॉक्टर के पास गए. लेकिन उस दौरान भी डॉक्टर ने ये कहा कि उनकी परेशानी की वजह मिर्गी है. हालांकि झांग को डॉक्टर की इस बात से संतुष्टि नहीं मिली. इसलिए वे दूसरे अस्पताल गए. जहां उनका सिर का एमआरआई किया गया. इसके बाद सिर दर्द की, जो वजह पता चली वह बहुत ही चौंकाने वाली थी.

दरअसल, उनके सिर में पिछले 30 सालों से एक 10 सेंटीमीटर लंबा परजीवी था. इस बात का खुलासा होने के बाद झांग की सर्जरी हुई. हैरान करने वाली बात ये है कि तीस सालों तक झांग के दिमाग में परजीवी जिंदा था, जिसे डॉक्टर भी देखकर हैरान हो गए.