Home Blog Page 2761

सबसे अमीर गणपति मंडल ने करवाया 267 करोड़ रु. का बीमा, बप्पा 20 करोड़ के आभूषण पहनेंगे…

0

महाराष्ट्र में दस दिनों तक चलने वाला गणेशोत्सव 2 सितंबर से शुरू हो रहा है। देश के सबसे अमीर गणपति मंडल यानी जीएसबी (गौड़ सारस्वत ब्राह्मण) सेवा मंडल ने इस बार 266.65 करोड़ रुपए का बीमा कवर लिया है। यह पिछले साल से 1.65 करोड़ रुपए ज्यादा है।

मंडल ने 2017 में 264.25 करोड़ रुपए और 2018 में  265 करोड़ रुपए का बीमा करवाया था। देश का सबसे अमीर गणपति मंडल के रूप में प्रसिद्ध जीएसबी सेवा मंडल अपने पंडाल, मूर्ति, आभूषण, स्वयंसेवकों और श्रमिकों के लिए भी बीमा लेता है। यहां तक कि फलों, सब्जियों और किराने के 2200 से अधिक सामानों और मंडल के लिए काम करने वाले श्रमिकों/स्वयंसेवकों कवर करता है। स्वयंसेवकों और अन्य लोगों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना कवर 224.90 करोड़ रुपए का है, जो कुल बीमा धन का सबसे बड़ा हिस्सा है।

बप्पा धारण करेंगे 20 करोड़ के आभूषण 

गौड़ सारस्वत ब्राह्मण सेवा मंडल की शुरुआत 1951 में हुई थी। इस बार यहां पांडाल 70 हजार वर्ग फीट से ज्यादा का है। इस बार गणेशजी करीब 20 करोड़ रुपए के सोने, चांदी, हीरे अन्य बेशकीमती नगों के आभूषण धारण करेंगे। इसलिए सुरक्षा और निगरानी के लिए करीब 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, 4500 सुरक्षाकर्मी मंडल के कार्यकर्ता भी व्यवस्था में तैनात रहेंगे।

इस बार प्रतिमा की ऊंचाई 14 फीट

जीएसबी सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति के आरजी भट्‌ट ने बताया कि मंडल के गणेशजी की मूर्ति की ऊंचाई 14 फीट रहने वाली है। चूंकि, गणपति करोड़ों रुपए के आभूषण गहने धारण करते हैं इसलिए इस बार करीब 266.65 करोड़ रुपए का बीमा कराया गया है। 

 
लालबाग के राजा का 51 करोड़ का कवर
जीएसबी वडाला ने भी इस साल अपना बीमा कवर 50 करोड़ बढ़ाकर 55 करोड़ रुपए करा दिया है। लालबाग के राजा ने बीते साल 51 करोड़ रुपए का बीमा कवर लिया था। इस साल भी लालबाग का राजा गणपति मंडल ने उतनी ही रकम का कवर लिया है। मुंबई के राजा गणेश गल्ली के लिए इस साल मंडल ने 7.5 करोड़ रुपए का बीमा कराया है। बीते साल भी 6.5 करोड़ रुपए का कवर लिया था। बॉलीवुड के प्रिय माने जाने वाले अंधेरी का राजा के लिए भी इस साल कवर बढ़ा है।

बीमा कंपनियां इसे कमाई के मौके के तौर पर भी देख रही हैं
दस दिनों तक चलने वाले गणेशोत्सव के लिए बीमा कंपनियां बीमा कवर करने को तैयार रहती हैं। वैसे तो हर गणपति मंडल के अलग अलग साइज और जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट तैयार किया जाता है, लेकिन मोटे तौर पर बीमा कवर में बप्पा को मिलने वाले चढ़ावे, गहने का बीमा होता है। साथ ही वालंटियर्स का बीमा, आग लगने, चोरी होने, आतंकी घटना होने या फिर प्रसाद खाने से बीमार होने की स्थिति में किसी दावे से बचने का भी कवर गणपति मंडल लेते हैं।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने दी पोला तिहार की बधाई…

0

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को पोला तिहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का पोला तिहार मूल रूप से खेती-किसानी से जुड़ा पर्व है। सांस्कृतिक विरासत और परम्परा रही है, कि हम खेती में सहायता के लिए पशुधन का आभार व्यक्त करते हैं। अन्न और भोजन से संबंधित बर्तन को भी सम्मान देते हैं। इस दिन हम घर में ठेठरी,खुरमी जैसे कई पकवान बनाकर बैलों और जाता-पोरा की पूजा करते हैं और अन्न, जन, धन से घर भरा होने की प्रार्थना करते हैं। घरों में प्रतिमान स्वरूप मिट्टी के बैलों और बर्तनों की पूजा की जाती है, जिसे बच्चों को खेलने के लिए दिया जाता है। श्री बघेल ने कहा कि अपनी परम्पराओं और संस्कृति से बच्चों को जोड़कर सहेजने का यह बहुत अच्छा माध्यम है। 

इंदिरा कैंटीन में 5 रुपये में मिलता था नाश्ता, BJP सरकार ने बंद किया फंड!

0

कर्नाटक में इंदिरा कैंटीन योजना के तहत कैंटीन में 5 रुपये में नाश्ता, 10 रुपये में दोपहर का भोजन और रात का खाना परोसा जाता है।
अनुमान लगाया गया है कि लॉन्च होने के बाद से दो वर्षों में इस योजना के तहत लगभग 15 करोड़ थाली भोजन तैयार किया गया है। मंगलवार को, ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिका के निवर्तमान आयुक्त एन मंजुनाथ प्रसाद ने कहा कि इस योजना को चलाने के लिए कोई धन नहीं है क्योंकि न तो राज्य सरकार और न ही नागरिक निकाय ने इसके लिए धन आवंटित किया है।
प्रसाद ने कहा, ‘बीबीएमपी या राज्य सरकार के पैसे से इसे चलाने का निर्णय लिया जाना चाहिए, अन्यथा इस योजना को नहीं चलाया जा सकता है।’ मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा द्वारा योजना में कथित अनियमितताओं की जांच का आदेश दिए जाने के कुछ ही दिनों बाद योजना पर ताजा विवाद छिड़ गया है। इस योजना में सब्सिडी में अनियमतताओं का हवाला देते हुए जांच के आदेश दिए गए हैं।
बुधवार को, सिद्धारमैया ने कहा कि अगर यह ऐसे ही जारी रहा तो कांग्रेस विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होगी। इंदिरा कैंटीन गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए शुरू की गई थी। उन्होंने यह बात बेलागवी में संवाददाताओं से कही, जहां वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं।
सिद्धारमैया ने कहा, ‘कुल मिलाकर, इस योजना के लिए बेंगलुरु में 200 करोड़ रुपये और इसके अलावा राज्य भर में 200 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। राज्य का बजट 2.34 लाख करोड़ रुपये है। अगर उन्हें इस राशि से 400 करोड़ रुपये भी नहीं मिलेंगे तो गरीबों के लिए उनकी क्या चिंता है? सरकार को तुरंत पैसा देना चाहिए। ‘

रांची देशभर में तीसरा सबसे स्मार्ट शहर, देखें लिस्ट

0

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से चल रही स्मार्ट सिटी प्रतियोगिता में रांची ने पटना और भोपाल को पीछे छोड़ कर बुधवार को तीसरे स्थान पर जगह बना ली है। पिछले हफ्ते रांची चौथे स्थान पर थी। पहले स्थान पर अहमदाबाद और दूसरे पर नागपुर है।

स्मार्ट सिटी की रैकिंग संसाधनों के विकास पर कुल निवेश, निविदाओं की लागत, पूरी की गई योजनाएं और उपयोगिता प्रमाण आदि के आधार पर दी जाती है। रांची पिछले हफ्ते भोपाल से पीछे चौथे स्थान पर थी। भोपाल को पीछे छोड़कर रांची तीसरे स्थान पर पहुंची है। इसलिए शहरी और आवास विकास विभाग में खुशी का महौल है।

रांची तीसरे स्थान पर हज हाउस का निर्माण पूरा करके, स्मार्ट सिटी के विकास में तेजी, सिटी बस परियोजनाओं पर काम के कारण मिला है। स्मार्ट सिटी की रैकिंग हर हफ्ते की जाती है। शहरों में बेहतर कार्य संस्कृति, विकास को बढ़ावा देने के लिए देश भर में यह रैकिंग प्रतिस्पर्धा आयोजित की जा रही है। पिछले छह महीने से यह रैकिंग जारी नहीं हो पा रही थी। पिछले हफ्ते से इसे शुरू कर दिया गया है।

स्मार्ट सिटी रैकिंग में टॉप 10 शहर

  1. अहमदाबाद
  2. नागपुर
  3. रांची
  4. भोपाल
  5. त्रिपुरा
  6. सूरत
  7. विशाखापटनम
  8. कानपुर
  9. बडोदरा
  10. वेल्लोर
  1. अहमदाबाद
  2. नागपुर
  3. रांची
  4. भोपाल
  5. त्रिपुरा
  6. सूरत
  7. विशाखापटनम
  8. कानपुर
  9. बडोदरा
  10. वेल्लोर

रात के समय बच्चों को देते हैं दूध, तो हो जाएं सावधान, वरना इस गंभीर समस्या से हो सकते हैं परेशान

0

दूध में प्रचूर मात्रा में कैल्शियम मौजूद होता है. शरीर में कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी को कम करने के लिए दूध पीने की सलाह दी जाती है. बच्चों के लिए दूध अमृत के समान होता है.

रात के समय बच्चों और बुजुर्गों को दूध पीने की आदत डलवाई जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दूध हमारे शरीर के लिए जितना फायदेमंद होता है, उतना ही रात के समय में पीना नुकसानदायी होता है. खासतौर पर बच्चों को रात के समय दूध पिलाना नुकसानदायी होता है, इन्हें दांतों से जुड़ी समस्या हो सकती है. चलिए जानते हैं आखिर रात के समय दूध पीने से क्या नुकसान होता है-

कैसे करता है बच्चों को नुकसान 

ज्यादातर लोग बच्चों को रात के समय दूध पिलाते हैं. इसके बाद न तो वह खुद ब्रश करते हैं और ना ही बच्चों को ब्रश करवाते हैं. इस वजह से बच्चों के दांतों में कीटाणु पनपने लगते हैं. जो दांतों में कीड़े की संभावना को पैदा करते हैं. रात के समय दूध पीने से बच्चों के दांतों में 60 प्रतिशत कीड़े पनपने की आशंका होती है. जो बच्चे रात के समय दूध नहीं पीते हैं, उन्हें कम परेशानी होती है.

क्या कहते हैं डॉक्टर्स

इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप अपने बच्चों को रात के समय दूध देते हैं, जो सोने से पहले जरूर ब्रश करवाएं. विशेषज्ञों के अनुसार, रात के समय में ब्रश करना सुबह के ज्यादा जरूरी होता है. क्योंकि नींद में हमारे मुंह में कम लार बनती है, इसी वजह से ज्यादा कीड़े पनपने की आशंका होती है.

जानिए क्या है पैर की हड्डियों में दर्द होने का असली कारण.

0

क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है। आइये जानते हैं पैरों में इस दर्द का सबसे बड़ा कारण।

पैरों में हड्डियों के दर्द का सबसे बड़ा कारण है बचपन की गलतियां जो कि कुछ लोग बड़े हो कर भी करते हैं। जब हम यह गलती करते हैं तो हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण और ताकतवर चीज यानी सीमेन बाहर निकल जाता है और इसी के चलते हमारे शरीर मे कैल्शियम की काफी कमी हो जाती है जिससे हमारे पैरों की हड्डियां सबसे ज्यादा कमजोर हो जाती है और इसी के चलते हमे अक्सर चलने फिरने में या ऐसे भी कभी कभी दर्द करने लगता है।

तो यदि आप कैल्शियम को बचाना चाहते हैं तो आपको बचपन मे की गई गलती को अब नही दुहराना है। जितना हो सके उतना खुद को इस गंदे सोच से खुद को दूर रखें तभी जाकर आप खुद को बीमार होने से बचा सकते हैं।

आ गया आधार-2 : इसके बिना नहीं मिलेगी नौकरी

0

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश में आधार कार्ड का इस्तेमाल केवल सरकारी स्कीमों और सेवाओं के लिए ही किया जा सकता है। सरकार ने इसके बाद दुनिया का पहला फेशियल बायोमैट्रिक डाटा बेस्ड आइडेंटी कार्ड जारी किया है। इस कार्ड को तैयार करने में ढेर सारे सुरक्षा मानकों को अपनाया गया है और अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। शुरुआत में बुधवार को यह कार्ड 5 भारतीयों को जारी किए गए। ऐसा सुरक्षित पहचान कार्ड जारी करने वाला भारत पहला देश है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत शिपिंग क्षेत्र में काम करने वालों को ऐसा पहचान पत्र कराना जरूरी है। इसीलिए सरकार ने ऐसा सुरक्षित कार्ड तैयार किया है, जो दुनियाभर में कहीं भी स्वीकार्य होगा। देश में शिपिंग सेक्टर में नौकरियों की ग्राेथ 35 फीसदी के आसपास है। ऐसे में शिपिंग सेक्टर में नौकरी के अवसर खोलने के लिए लोगों के लिए यह सुरक्षित पहचान पत्र लेना जरूरी होगा। इसका नाम बायोमेट्रिक सीफर पहचान दस्तावेज (बीएसआईडी) रखा गया है।शिपिंग मंत्रालय ने जारी किया है यह कार्ड

शॉपिंग मंत्रालय की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार इस बीएसआईडी कार्ड में बॉयोमैट्रिक चिप का इस्तेमाल किया गया है। इस कॉर्ड को जारी करते समय लोगों के चेहरे को घुमाकर फोटो और वीडियो लिया गया। बाद में इसका मिलान उनके पासपोर्ट के फोटो से किया गया। जब यह डाटा मैच हो गया, तभी यह कार्ड जारी किए गए। इस बॉयोमैट्रिक कार्ड को तैयार करने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है। इस कार्ड को जारी करने के पहले नाविकों का बायोमैट्रिक डाटा लेने के अलावा उनके विवरण को क्रॉस चेक किया गया। जब डाटा सही पाया गया तभी यह कार्ड जारी किया गया है। इसकी शुरुआत देश में हो गई है और पहले 5 भारतीयों को यह कार्ड जारी कर दिया गया है। शिपिंग सेक्टर में नौकरी के लिए इस कार्ड को अनिवार्य रूप से लेना होगा।

शिपिंग इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ रहे नौकरियों के अवसर

शिपिंग मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2017 में शिपिंग सेक्टर में 154349 लोग काम कर रहे थे, जिनकी संख्या वर्ष 2019 में बढ़कर 20 8799 हो गई है। इस प्रकार इस सेक्टर में नौकरियों की ग्रोथ 35 फीसदी की दर से हुई है।

देश के 9 शहरों में जारी किए जाएंगे यह कार्ड

आधार कार्ड से भी ज्यादा सुरक्षित यह पहचान पत्र देश के 9 शहरों से जारी किए जाएंगे। इन शहरों में मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, नोएडा, गोवा, न्यू बेंगलुरु, कोच्चि, विजाग और कांडला शामिल हैं। देश में शिपिंग सेक्टर में जितने भी लोग काम कर रहे हैं, उनको 2 साल के अंदर यह बीएसआईडी कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। अनुमान है कि इस समय देश में करीब 350000 लोग शिपिंग सेक्टर में काम कर रहे हैं। इनको 2 साल के अंदर यह कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। इसके बाद हर साल करीब 15000 लोगों को यह कार्ड जारी करने का अनुमान है। यह 15000 लोग वे होंगे जो शॉपिंग सेक्टर में नई जॉब पाएंगे।

सीडीएसी के सहयोग से जारी हो रहे कार्ड

भारत में बीएसआईडी परियोजना को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सीडीएसी), मुम्बई के सहयोग से चलाया गया है। सरकार ने 2016 में मर्चेंट शिपिंग (सीफर्स बायो-मेट्रिक आइडेंटिफिकेशन डॉक्यूमेंट) रूल्स को अधिसूचित किया था। एसआईडी के जारी होने में सीफर्स के बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक डिटेल्स का कलेक्शन, उनका वेरिफिकेशन और फिर उन्हें कार्ड जारी करना शामिल है।

आपके किचन में रखी ये छोटी सी चीज कई गंभीर बीमारियों को चुटकियों में करता है दूर

0

हमारे किचन में कई ऐसी चीजें होती हैं, जो औषधीय गुणों से भरपूर होती है. इन्हीं में से अजवाइन किचन में रखी एक ऐसी जड़ी-बूटी है, जो कई बीमारियों के लिए रामबाण है. अजवाइन का इस्तेमाल अगर आप खाने में करते हैं, तो कई बीमारियों से दूर रह सकते हैं. इसके साथ-साथ इसका काढ़ा, चूर्ण, क्वाथ और अर्क भी हामरी सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है. चलिए आज हम बताने जा रहे हैं कि अजवाइन को कैसे इस्तेमाल करें, जिससे आपके कई समस्याएं दूर हो सके-

पाचन क्रिया 

पाचन क्रिया की समस्या अगर आपको रहती है, तो अजवाइन और हरड़ को बराबर मात्रा में लें. इसे पीसकर इसमें सेंधा नमक और हींग अपने स्वादानुसार डाल लें. इस 1 चम्मच पाउडर को गर्म पानी के साथ लें. इससे पाचन क्रिया काफी अच्छी हो जाएगी. 

कब्ज की समस्या

कब्ज की समस्या से अगर आप ग्रसित हैं, तो 10 ग्राम त्रिफला और 10 ग्राम सेंधा नमक को एकसाथ पीस लें. अब इस पाउडर को रोजाना 3 से 5 ग्राम गुनगुने पानी के साथ लें. इससे आपको जल्द ही आराम मिलेगा. 

पेट की समस्या 

पेट में किसी भी तरह की समस्या है, तो 1 चम्मच अजवाइन को पानी में डालकर उबालें. इस पानी को ठंडा कर लें. इसके अलावा एक ग्राम अजवाइन में चुटकी भर नमक मिलाकर इसे चबा-चबा कर खाएं. इससे आपको पेट के गैस की समस्या से राहत मिलेगी.

मध्य प्रदेश में छाए बादल, बौछारें पड़ने की संभावना

0

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित राज्य के कई हिस्सों में गुरुवार को बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। राज्य में मानूसन की सक्रियता बनी हुई है, जिससे गुरुवार की सुबह से आसमान में बादलों का डेरा है और हवाओं के चलने से गर्मी और उमस का असर बहुत कम है। बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और बौछारें पड़ी।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि, बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवाओं की चक्रवात की स्थिति बनी हुई है जिसके आगामी समय में कम दवाब के क्षेत्र में बदलने के आसार हैं। इस कारण आगामी 24 घंटों में हल्की बौछारों के साथ बारिश का दौर पुन: शुरू हो सकता है।

राज्य के तापमान में बदलाव का दौर जारी है। गुरुवार को भोपाल का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 21.8 डिग्री, ग्वालियर का 25.5 डिग्री और जबलपुर का न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

वहीं बुधवार को भोपाल का अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस, इंदौर का 26.8 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर का 33.6 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा।

महिला के साथ सरेआम झपटमारी, वीडियो वायरल

0

पांडव नगर इलाके में महिला के साथ हुई झपटमारी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें बाइक सवार दो युवक महिला का पर्स झपटकर उसे दूर तक खींचते हुए ले जा रहे हैं।

वारदात घटनास्थल के पास दिल्ली सरकार द्वारा लगवाए गए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सीएम अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने वीडियो को ट्वीट किया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो को रिट्वीट कर दिया।

हालांकि, पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झपटमारी की शिकायत अभी नहीं मिली है। पुलिस शिकायतकर्ता का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

वारदात मंगलवार शाम करीब 5.16 बजे हुई। सीसीटीवी फुटेज में एक महिला पैदल जाती हुई दिख रही है। इस दौरान पीछे से एक बाइक पर दो युवक आते हैं और महिला से उसका पर्स छीनते हैं। महिला पर्स नहीं छोड़ती तो आरोपी उसे दूर तक घसीटते हैं। करीब 10-12 कदम घसीटने के बाद आरोपी पर्स लूट ले जाते हैं।

घटना के प्रकाश में आने के बाद डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार पांडव नगर और पटपड़गंज गांव में अब तक 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगवा चुकी है। जल्द ही पुलिस इन फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंच जाएगी।