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क्या तक्षक सांप वास्तव में सैकड़ों साल तक जीते हैं ?

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लखीमपुर में एक प्राचीन सांप पकड़ा गया है. जिसे ऐतिहासिक तक्षक सांप बताया गया है. उसकी उम्र 900 साल के आसपास बताई जा रही है, क्या वास्तव में सांप इतना जीते हैं

लखीमपुर में एक पुराना तक्षक सांप पकड़ा गया है. जिसकी उम्र 900 साल बताई जा रही है. इसके बाद ही सांपों की उम्र को लेकर चर्चाओं ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया. वास्तव में सांपों की अधिकतम उम्र कितनी होती है. क्या कोई सांप सौ साल से ज्यादा जीवित रहता है.

भारतीय मिथकों के अनुसार प्राचीन समय में सांपों की उम्र खासी ज्यादा बताई गई है. यद्यपि कहीं भी इसका ढंग से उल्लेख तो नहीं हुआ है लेकिन कई सांपों के बारे में कहा जाता है कि वो सौ साल से ऊपर जीते थे. कुछ सांपों के बारे में कहा गया कि वो 500 साल से ज्यादा जीते हैं लेकिन वास्तव में ऐसा होता है. क्या मौजूदा समय कोई ऐसा सांप मौजूद है, जिसकी उम्र काफी ज्यादा हो.

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, तक्षक सांपों की उम्र खासी ज्यादा होती थी. ये कई सौ साल जीते थे. लेकिन मौजूदा विज्ञान इसे सही नहीं ठहराता. विज्ञान और सांपों की जानकारी देने वाली किताबें कहते हैं कि दुनिया का कोई भी सांप 40-45 साल से ज्यादा नहीं जीता.

क्या है पुराणों में तक्षक सांपों की चर्चा पहले चर्चा तक्षक सांप की, ये कैसे होते हैं और भारतीय पौराणिक कथाओं में इनका क्या जिक्र होता है. इसके अनुसार पाताल के आठ नागों में एक नाग का नाम तक्षक था, जो कश्यप का पुत्र था. राजा परीक्षित को इसी ने काटा था. इसके चलते राजा परीक्षित के बेटे राजा जनमेजय इस पर बहुत बिगड़े. उन्होंने संसार भर के सांपों का नाश करने के लिये सर्पयज्ञ आरंभ किया.

बताते हैं कि तक्षक इससे डरकर इंद्र की शरण में चला गया. इस पर जनमेजय ने अपने ऋषियों को आज्ञा दी कि इंद्र यदि तक्षक को न छोड़ें, तो उन्हें भी मंत्रों के जरिए तक्षक के साथ खींचकर भस्म कर दिया जाए. ऋत्विकों के मंत्र पढ़ने पर तक्षक साथ इंद्र भी खिंचने लगे. तब इंद्र ने डरकर तक्षक को छोड़ दिया. जब तक्षक खिंचकर अग्निकुंड के समीप पहुँचा, तब जनमेजय से प्रार्थना की गई. तक्षक के प्राण बच गए. इसके बाद इस प्रजाति के जो सांप हुए, उन्हें तक्षक कहा जाने लगा. ये रंग और आकार-प्रकार में खास तरह के होते हैं. प्राचीन काल इन सांपों की पूजा भी की जाती थी. तिब्बत, मंगोलिया और चीन के निवासी अबतक अपने आपको तक्षक या नाग के वंशधर बतलाते हैं. 

सांप दो साल की उम्र में मेच्योर हो जाते हैं. हालांकि उनकी उम्र प्रजाति, वजन और लंबाई पर निर्भर करता है. कुछ सांप एक से लेकर चार साल की उम्र तक बढ़ते हैं. लेकिन उनका विकास उनके खानपान पर निर्भर करता है.

चार साल के बाद सांपों का विकास धीरे धीरे होता है. वो एक साल में कुछ सेंटीमीटर ही बढ़ते हैं. जैसे जैसे वो उम्रदराज होते हैं उनका रंग हल्का पड़ने लगता है. हालांकि जंगली सांपों की उम्र ज्यादा होती है. सामान्य मामलों में सांपों की उम्र 10 से 15 साल तक होती है. लेकिन कुछ सांप 25 साल तक भी जीते हैं. सबसे ज्यादा उम्र किंग कोबरा की मानी गई है, जो करीब 40-45 वर्ष मानी गई है.
छोटे साँप प्राय दस पंद्रह साल जीते हैं जबकि अजगर आसानी से 25 से लेकर 40 साल तक जी सकता है.

इसे लेकर शक है. हालांकि सपेरों का कहना है कि भारत में जंगलों में रहने वाले कुछ सांपों की उम्र ज्यादा होती है. हालांकि उनको लेकर जो दावे वो करते हैं, उसे सर्प विज्ञानी सही नहीं मानते. कुछ सपेरे अक्सर मूंछों वाले सांप का भी प्रदर्शन करते हैं, जिसकी उम्र वो सौ साल के आसपास बताते हैं.

क्या खाते हैं सांप
सांप आमतौर पर चूहे, कीड़े-मकोड़े, मेढ़क खाते हैं. साथ ही ये पक्षी और छिपकली भी खाते हैं. अजगर बड़े जानवरों को निगल लेता है.

दुनिया में सांपों की कितनी प्रजातियां हैं
दुनियाभर में सांपों की 2500-3000 प्रजातियां पाई जाती हैं. जिसमें 150 से 200 के बीच ही जहरीले होते हैं. भारत में करीब 240 के आसपास सांपों की प्रजातियां है, जिसमें 70 के आसपास जहरीली होती हैं.

नगरीय निकाय के अधिकारी राकेश मिश्रा के खिलाफ VIDISHA की महिला नेता ने रेप का मामला दर्ज कराया…

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विदिशा की एक महिला नेता ने नगरीय निकाय के अधिकारी राकेश मिश्रा के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराया है। यह लव स्टोरी का मामला है। महिला नेता का आरोप है कि शमशाबाद नगर परिषद के तत्कालीन सीएमओ राकेश मिश्रा ने उसे प्रपोज किया, संबंध बनाए और फिर शादी करने से मुकर गया। मामला दर्ज। अधिकारी फरार है।

बागसेवनिया थाना प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि विदिशा निवासी एक महिला नेता एक अधिकारी के संपर्क में थी। यह अधिकारी रायसेन नगरपालिका में आरआई रहा है। वहीं शमशाबाद नगर परिषद में सीएमओ के पद पर भी रहा है। महिला का आरोप है कि नगरीय निकाय अधिकारी राकेश मिश्रा ने शादी का झांसा देकर उनका यौन शोषण किया है। महिला का कहना है कि वह जब भी शादी की बात करती तो अधिकारी एक-दो दिन की बात कहकर टाल देता। कई महीनों तक जब वह झांसा देता रहा तो शिकायत करने पर मजबूर हो गई। महिला की शिकायत पर राकेश मिश्रा के खिलाफ ज्यादती सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

अधिकारी का विवादों से नाता रहा है

राकेश मिश्रा जब शमशाबाद नगर परिषद के सीएमओ थे तब उनका नगर परिषद के अध्यक्ष कृष्णकुमार माहेश्वरी से विवाद चलता रहा। फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी के मामले में भी शासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की है। गौरतलब है कि महिला की शिकायत पर साल 2010 में विदिशा में जिला प्रशासन का भी एक अधिकारी सस्पेंड हो चुका है।

29 अगस्त को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया जाएगा आयोजन : मुख्यमंत्री शामिल होंगे राज्य खेल अलंकरण समारोह 2019 में…

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छत्तीसगढ़ शासन खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संध्या 5 बजे राज्य खेल अलंकरण समारोह 2019 का आयोजन किया जा रहा है। इस अलंकरण समारोह के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल होंगे। 

    कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री उमेश पटेल करेंगे। विशिष्ट अतिथियों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री गुरू रूद्रकुमार, खाद्य मंत्री श्री अमरजीत भगत, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, रायपुर लोकसभा सांसद श्री सुनील सोनी, विधायक सर्वश्री सत्यनारायण शर्मा, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्री कुलदीप जुनेजा, श्री विकास उपाध्याय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शारदा देवी वर्मा, नगर पालिक निगम के महापौर श्री प्रमोद दुबे के गरिमामयी उपस्थिति में आयोजन किया जाएगा। इस अलंकरण समारोह में प्रदेश के खेल प्रतिभाओं, प्रशिक्षकों, निर्णायकों का सम्मान किया जाएगा।

ड्राइवर ने युवती को बंधक बनाकर किया रेप, जान बचाने खंडहर में छिपी रही पीड़िता…

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भिलाई-3 (Bhilai-3) थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड निवासी एक 19 वर्षीय युवती का अपहरण बीते 25 अगस्त की शाम को उसी के घर के बाहर से कर लिया गया था.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग (Durg) जिले में भिलाई-3 पुलिस ने रेप (Rape) के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) किया है. मुख्य आरोपी एक स्कूल बस का ड्राइवर (Driver) है. युवती कक्षा 12वीं में उसी बस से स्कूल जाया करती थी. इसी दौरान युवती की जान पहचान आरोपी ड्राइवर से हुई. ड्राइवर ने इसका ही फायदा उठाकर युवती को मिलने के लिए बुलाया और फिर उसका अपहरण (Kidnap) कर बंधक बना लिया. इसी दौरान आरोपी ने युवती के साथ दुष्कर्म (Rape) किया. इसी पूरी वारदात (Crime) में आरोपी के एक दोस्त ने उसकी मदद की.

पुलिस (Police) से मिली जानकारी के मुताबिक भिलाई-3 (Bhilai-3) थाना क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड निवासी एक 19 वर्षीय युवती का अपहरण बीते 25 अगस्त की शाम को उसी के घर के बाहर से कर लिया गया था. मामले में मुख्य आरोपी स्कूल बस ड्राइवर पुरुषोत्तम उर्फ पप्पू मंडावी ने युवती को अपने उमदा के सोमनी स्थित अपने घर ले गया. यहां युवती को बंधक बनाया और उसके साथ दुष्कर्म किया. इसके बाद सोमवार की सुबह आरोपी ने युवती को अपने दोस्त भूपेन्द्र पटेल के घर छोड़ दिया. आशंका जताई जा रही है कि आरोपी युवती की हत्या के फिराक में थे. इसी दौराना युवती आरोपियों चंगुल से भागकर आसपास के खंडहर में छिप गई.

मोहल्ले वालों ने दी सूचना 
खंडहर में छिपी युवती को मोहल्ले वालों ने देखा तो उसके पास गए. साथ ही इसकी सूचना युवती के परिजनों को दी. इसके बाद परिजन युवती को साथ ले गए और भिलाई 3 पुलिस थाने में इसकी शिकायत की. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया है. आज आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा. भिलाई 3 थाना प्रभारी संजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है. आरोपी ड्राइवर युवती के घर पहुंचा था. उसने युवती को बातचीत करने के बहाने बाहर बुलाया. फिर अपहरण कर अपने घर ले गया और वारदात को अंजाम दिया. आरोपियों ने वारदात में एक मोपेड और एक बाइक का इस्तेमाल किया था, उसे भी जब्त कर लिया गया है. 

पुलवामा में 2 लोगों का आतंकियों ने किया अपहरण, एक को गोली मारी…

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जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद 370 हटाए (Article 370) जाने के बाद पहली आतंकी घटना हुई है। पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने दो व्यक्तियों को अगवा कर एक की हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही घाटी में हड़कंप मच गया। इसके बाद सर्च अभियान चलाया गया।

जम्मू पुलिस के एक प्रवक्ता के मुताबिक घटना सोमवार शाम करीब 7.30 बजे की है। पुलवामा जिले के त्राल में वनक्षेत्र से राजौरी जिला निवासी अब्दुल कदीर कोहली और श्रीनगर के खोनमोह निवासी मंजूर अहमद को अज्ञात बंदूकधारियों ने अपहरण कर लिया।

इसके बाद उन्हें ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान वनक्षेत्र में ही कदीर कोहली की लाश बरामद हुई। कदीर कोहली को गोली मारी गई जबकि दूसरे अगवा व्यक्ति मंजूर अहमद की तलाश की जा रही है।

अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग :जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद कश्मीर में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए गृहमंत्री अमित शाह ने आज हाईलेवल मीटिंग बुलाई है।

कांग्रेस ने अध्यक्ष को छोड़कर ओडिशा के सभी पदाधिकारियों को हटाया…

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कांग्रेस अध्यक्ष ने ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष के अलावा सभी पदाधिकारियों को हटा दिया है। इसके साथ ही विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए बनाई गईं सभी कमेटियां बर्खास्त की गई हैं। हालांकि, नेशनल प्रेसिडेंट ने ओडिशा पीसीसी के अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष को अपने पदों से नहीं हटाया है। बता दें कि हाल ही लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद कई राज्यों की प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को बर्खास्त कर दिया गया था।

एआईसीसी के महासचिव के सी वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, कांग्रेस अध्यक्ष ने हाल ही में ओडिशा में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए गठित पीसीसी पदाधिकारियों और अन्य सभी समितियों को भंग कर दिया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष और कार्यकारी अध्यक्ष अपरिवर्तित रहेंगे।

लोकसभा तथा विधानसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ओडिशा के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निरंजन पटनायक ने इस्तीफा दे दिया था। ओडिशा की कुल 21 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस को एक सीट, जबकि 146 विधानसभा सीटों में से 9 पर ही जीत नसीब हुई थी। पटनायक ने कहा था, ‘मैं खुद भी अपनी भूमिका में असफल रहा हूं। मुझे लगता है कि संगठन को नए सिरे से तैयार करने के लिए पार्टी को ठोस ऐक्शन लेने होंगे। युवाओं को मौका देना होगा और मौकापरस्तों को बाहर का रास्ता दिखाना होगा।’ उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नेता नरसिंह मिश्र की अगुवाई में बनी समिति ओडिशा में हार के कारणों की पड़ताल करेगी।

बता दें कि ओडिशा में लोकसभा चुनावों के साथ ही विधानसभा के चुनाव भी संपन्न हुए थे। बात अगर विधानसभा की करें तो कुल 146 सीटों में से सत्तारूढ़ बीजू जनता दल को 112 सीट, भारतीय जनता पार्टी को 23 सीट, कांग्रेस को 9 सीट मिलीं। एक सीट निर्दलीय विधायक ने जीती। वहीं लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 21 सीटों में से बीजेपी को 8, बीजेडी को 12, कांग्रेस को 1 सीट पर जीत मिली।

लाखों कमाने का मौका CNG पंप का मालिक बनकर ! जारी होंगे 8231 लाइसेंस…

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अगले 11 साल में कुल 8231 नए लाइसेंस जारी (CNG Filling Station Licences) होंगे. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार साल 2030 तक देश के 300 जिलों में बड़े पैमाने पर CNG गैस फिलिंग स्टेशन सप्लाई पाइपलाइन का विस्तार करेगी. आइए जानें CNG पंप खोलने का पूरा प्रोसेस…

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने साल 2030 तक CNG फिलिंग स्टेशन (How to open CNG Filling Station) की संख्या 1769 से बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य रखा है. मतलब साफ है कि अगले 11 साल में कुल 8231 नए लाइसेंस (CNG Filling Station Licences) जारी होंगे. केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र (Dharmendra Pradhan) प्रधान ने कहा कि सरकार साल 2030 तक देश के 300 जिलों में बड़े पैमाने पर सीएनजी गैस फिलिंग स्टेशन और कूकिंग गैस की सप्लाई पाइपलाइन (Cooking Gas Pipeline) का विस्तार करेगी. इसके लिए सरकार की आने वाले 10 सालों में 1.2 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है. ऐसे में अगर आप भी अगर आप सीएनजी पंप के मालिक बनना चाहते हैं तो आपके लिए बेस्ट मौका है.

जारी होंगे 8231 लाइसेंस- केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार साल 2030 तक देश के 300 जिलों में बड़े पैमाने पर सीएनजी गैस फिलिंग स्टेशन और कूकिंग गैस की सप्लाई पाइपलाइन का विस्तार करेगी.

इसके लिए सरकार की आने वाले 10 साल में 1.2 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है. उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले एक साल में रिटेल सीएनजी और पाइप गैस के लाइसेंस जारी किए.

इससे सिटी गैस नेटवर्क की पहुंच देश की 70 प्रतिशत आबादी तक हो गई है. उन्होंने कहा कि पांच साल पहले देश में 34 सिटी गैस नेटवर्क था, जो अब बढ़कर 228 हो गई है. सिटी गैस का दायरा 406 जिलों तक फैल चुका है.

CNG पंप के जरिए कमाई करने के दो ऑप्शन- सीएनजी फिलिंग स्टेशन लगाने के लिए सबसे पहले कंपनियां आपसे जमीन के बारे में पूछती है. यानी आपसे कंपनियां जमीन लीज (किराए) पर लेती हैं. मतलब साफ है कि अगर आपके पास जमीन है तो जमीन लीज पर देकर कमाई कर सकते हैं. इसके अलावा दूसरा तरीका आप जमीन पर खुद डीलरशिप ले सकते हैं.

क्या करना होगा- आपके बता दें कि IGL जैसी कंपनियां सीएनजी के लिए लाइसेंस जारी करती है. साथ ही, इसके लिए कंपनियां पार्टनरशिप भी करती हैं, जिसे वे लैंडलिंक सीएनजी स्टेशन पॉलिसी कहती हैं.

सभी कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार स्टेशन के लिए टेंडर निकालती हैं, जिसमें लोकेशन सहित दूसरी रिक्वॉयरमेंट दी जाती है. इसके आधार पर आप आवेदन कर सकते हैं. टेंडर के लिए इन कंपनियों की वेबसाइट पर जानकारी ली जा सकती है.

CNG पंप खोलने के नियमों के बारे में जानिए-

सीएनजी फिलिंग स्टेशन का लाइसेंस देने वाली कंपनियां- देश में छह कंपनियां सीएनजी पंप के लिए डिस्ट्रीब्यूशन करती हैं.

जिनमें इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड, सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड, ग्रीन गैस लिमिटेड, महाराष्ट्र गैस लिमिटेड, गेल गैस लिमिटेड और वड़ोदरा गैस लिमिटेड शामिल हैं.

जमीन के बारे जानिए

आवेदन करना चाहते हैं तो आपके नाम पर जमीन होना जरूरी-सीएनजी पंप का मालिक बनना चाहते हैं तो आपके पास जमीन होना जरूरी है.

हल्के वाहन के लिए 700 वर्गमीटर की जमीन होनी चाहिए, जिसमें आगे की ओर 25 मीटर होना चाहिए. इसी तरह भारी कमर्शियल वाहनों के लिए सीएनजी पंप खोलना चाहते हैं तो आपके पास 1500-1600 वर्गमीटर का प्‍लॉट होना चाहिए, जिसमें आगे की ओर 50-60 मीटर होना जरूरी है.

अगर आपका प्‍लॉट हाईवे और भीड़-भाड़ इलाकों में है तो कंपनियां सीएनजी पंप आवंटित करने में तरजीह देंगी. हालांकि, लीज पर जमीन लेकर भी सीएनजी पंप का मालिक बनने का ऑप्शन है.

अगर आपकी जमीन हाईवे के किनारे या भीड़-भाड़ वाले इलाके में है तो कंपनियां सीएनजी स्टेशन लगाने में आपको प्राथमिकता देगी. अगर आपके पास अपना प्लाट नहीं है तो आप लीज पर जमीन लेकर भी सीएनजी पंप मालिक बन सकते हैं.

बैंक से मिल जाएगे लोन- सीएनजी पंप खोलने में जमीन की लागत हटा दें तो इक्वीपमेंट, इम्प्लाई कॉस्ट, कंस्ट्रक्शन कॉस्ट और लाइसेंस फीस मिलाकर करीब एक करोड़ रुपए खर्च होते हैं.

इसके लिए आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं. सभी कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार स्टेशन पंप के लिए टेंडर निकालती है, जिसमें लोकेशन सहित दूसरी रिक्वॉयरमेंट दी जाती है.

इसके आधार पर आप आवेदन कर सकते है. टेंडर के लिए इन कंपनियों की वेबसाइट पर जानकारी ली जा सकती है.

कब निकलेगा टेंडर- कंपनियां अपनी जरूरत और बाजार की मांग के हिसाब से सीएनजी स्टेशन के लिए टेंडर निकालती है. इसके आधार पर आप आवेदन कर सकते है. टेंडर के लिए इन कंपनियों की वेबसाइट पर जानकारी ली जा सकती है.

RBI के पास कहां से आता है पैसा ? जनिए…

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भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने अपने सरप्लस रिजर्व में से 1.76 लाख करोड़ रुपये केंद्र सरकार को देने का फैसला लिया है। आरबीआई के 84 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है। इस फैसले से सरकार को सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था में तेजी लाने में मदद मिलेगी। गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में आरबीआई बोर्ड ने सोमवार को 1,76,051 करोड़ रुपये केंद्र सरकार को देने की मंजूरी दी। यह सिफारिश पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता वाली समिति ने की थी।

डिविडेंड के 95 हजार करोड़ मिलना तय है

आरबीआई 2013-14 के बाद से अपनी डिस्पोजेबल इनकम (खर्च करने लायक फंड) का 99 फीसदी सरकार को देता आ रहा है।जहां तक डिविडेंड का सवाल है तो 2018-19 के लिए 1,23,414 करोड़ रुपये में से 28,000 करोड़ रुपये मार्च में ही अंतरिम डिविडेंड के तौर पर सरकार को दिए जा चुके हैं। मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान सरकार को 95,414 करोड़ रुपये डिविडेंड मिलना तय है। यह 1.76 लाख करोड़ के सरप्लस फंड के अलावा होगा। लेकिन सवाल ये है कि RBI के पास इतना पैसा आता कहां से है।

RBI के पास गोल्ड भंडार 566 टनआरबीआई के दो तरह के रिजर्व हैं, इनमें से एक है मुद्रा और गोल्ड रीवैल्यूएशन अकाउंट(CGRA)। इनसे बैंक के विदेशी मुद्रा और गोल्ड भंडार का पता चलता है। RBI के पास गोल्ड भंडार 566 टन से थोड़ा ज्यादा है। विदेशी मुद्रा भंडार के साथ गोल्ड भंडार बैंक की कुल संपत्ति का 77 फीसदी है। वित्त वर्ष 2016-17 की बात करें, तो तब आरबीआई की बैलेंस शीट 36.2 लाख करोड़ रुपये की थी। यह भी

क्या होता है कंटिंजेंसी फंड ?

कंटिंजेंसी फंड (CF) एक विशेष प्रावधान होता है जो मॉनिटरी पॉलिसी और एक्सचेंज रेट संचालन के कारण अप्रत्याशित जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।


बीते वर्षों RBI के पास था इतना CGRA और CF

  • साल 2013-14 में आरबीआई के पास 5.7 लाख करोड़ रुपये का सीजीआरए था। उस वर्ष सीएफ 2.2 लाख करोड़ रुपये का था।
  • साल 2014-15 में आरबीआई के पास 5.6 लाख करोड़ रुपये का सीजीआरए था। उस वर्ष सीएफ 2.2 लाख करोड़ रुपये का था।
  • साल 2015-16 में आरबीआई के पास 6.4 लाख करोड़ रुपये का सीजीआरए था। उस वर्ष भी सीएफ 2.2 लाख करोड़ रुपये का था।
  • साल 2016-17 में आरबीआई के पास 5.3 लाख करोड़ रुपये का सीजीआरए था। उस वर्ष सीएफ 2.3 लाख करोड़ रुपये का था।
  • साल 2017-18 में आरबीआई के पास सर्वाधिक यानी 6.9 लाख करोड़ रुपये का सीजीआरए था। वहीं सीएफ 2.3 लाख करोड़ रुपये का था।

(आंकड़े RBI की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार)


ऐसे होती है RBI को कमाई

RBI का सरप्लस वह राशि होती है, जिसे RBI सरकार को ट्रांसफर करता है। RBI को उसकी प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) पर ब्याज से आय होती है। पिछले वर्ष आरबीआई ने गोल्ड और विदेशी मुद्रा भंडार, दोनों में ही हस्तक्षेप किया था, इसलिए इस बार बैंक के पास रिकॉर्ड सरप्लस था। बैंक ने बड़े प्रॉफिट पर डॉलर बेचे और मुद्रा बाजार में रिकॉर्ड बॉन्ड खरीदे, जिनपर अच्छा ब्याज अर्जित किया गया।

तीन से पांच साल में मिलेगा पैसा

यह पैसा सरकार को आरबीआई से तीन से पांच साल के बीच में मिलेगा। कंटिंजेंसी फंड, मुद्रा और गोल्ड रीवैल्यूएशन अकाउंट को मिलाकर आरबीआई के पास 9.2 लाख करोड़ रुपये का रिजर्व है, जो केंद्रीय बैंक के टोटल बैलेंस शीट साइज का 25 फीसदी है।

विद्या बालन ने कहा कि रूम में ले गया था डायरेक्टर और फिर…

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बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री विद्या बालन (VIdya Balan) ने दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री (South Indian Film Industry) में कार्य करने के दौरान के उस वाकये के बारे में बताया है, जिससे आहत होकर उन्होंने छह महीने तक अपनी शक्ल शीशे में नहीं देखी थी। ये मुद्दा उन दिनों का है जब विद्या बालन साउथ भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में आने के लिए स्ट्रगल कर रही थीं। तब उन्होंने हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में कदम नहीं रखा था। वो अपने माता-पिता के साथ चेन्नई में इस प्रोड्यूसर से उस प्रोड्यूसर के आफिस भटक रही थीं। 

तब बहुत ज्यादा प्रयत्न के बाद उन्हें मलयालम व तमिल फिल्में मिलनी प्रारम्भ हो गईं। लेकिन आकस्मित से उन्हें ज्यादातर फिल्मों से निकाल दिया गया। इसके पीछे एक चौका देने वाला कारण था। असल में विद्या एक कास्टिंग काउच के मुद्दे से गुजरी थीं। वहां घटी घटना के बाद उन्हें ना केवल फिल्मों से निकाल दिया गया बल्कि उनके शरीर पर कई तरह की टिप्पणियां की गईं। 

हर फिल्म से निकाल दिया मुझे, बोले- ये कहां से हीरोइन लगती है

ये सारे खुलासे विद्या बालन ने पिंकविला को दिए गए अपने साक्षात्कार में किए हैं। विद्या बताया कि उनके पास कई सारी फिल्में आ गई थीं। उन्होंने कुछ की शूटिंग भी प्रारम्भ कर दी थी। लेकिन एक दिन एक डायरेक्टर ने बोला कि वो फिल्म के बारे में उनसे बात करता है। विद्या ने बोला कि किसी कॉफी शॉप पर चलते हैं। लेकिन डायरेक्टर बार-बार उनसे रूम में जाने को कह रहा था। 

कुछ समय बाद विद्या बालन ने उसका मिजाज भांप लिया। लेकिन उन्होंने डायरेक्टर को सबक सिखाने की ठानी। वो डायरेक्टर के साथ रूम में चली गईं। लेकिन रूम में जाते वक्त विद्या ने दरवाजों को खुला छोड़ दिया। रूम में जाने के बाद कुछ देर तक डायरेक्टर इधर-उधर की बातें करता रहा। लेकिन समय की नजाकत, विद्या का मिजाज, विद्या की वार्ता का लहजा व खुले दरवाजे को देखते हुए वो खुद ही वहां से भाग खड़ा हुआ। 

लेकिन इसका खामियाजा विद्या को उस फिल्म से हाथ धोकर चुकाना पड़ा। इसी तरह की कई व घटनाएं तब आकस्मित होने लगीं। विद्या के हाथ में तब करीब 10 से ज्यादा फिल्में थीं। लेकिन ज्यादातर से उन्हें निकाल दिया गया। चेन्नई में रहने के दौरान जब उनके माता-पिता मलयालम व तमिल फिल्म प्रोड्यूसरों से विद्या को बाहर करने का कारण जानने पहुंचे तो उन्होंने विद्या की तस्वीर दिखाते हुए कहा- ये कहां से हीरोइन लगती है।

छह महीने तक विद्या ने नहीं देखी अपनी शक्ल
विद्या बालन बताती हैं, ‘मैं उन लोगों को बहुत ज्यादा लंबे समय तक माफ नहीं कर पाई थी। लेकिन अब मैं उन्हें धन्यवाद करती हूं कि उन्होंने मुझे अपने आप को स्वीकार करने व प्यार करने के लिए वजह दी। ‘ विद्या के अनुसार, ‘कई तमिल प्रोड्यूसरों ने मुझे बदसूरत बोला था। मैंने करीब छह महीने तक खुद को शीशे में नहीं देखा। ‘

असहज करने वाली फिल्म छोड़ने पर भेज दिया था लीगल नोटिस
विद्या बताती हैं, ‘उस वक्त सबकुछ इतना व्यवस्थित नहीं होता था। मुझे फोन पर सम्पर्क कर के फिल्म के बारे में बताया गया। मैंने हामी भर दी। लेकिन जब शूटिंग प्रारम्भ हुई तो मैं असहज हो गई। फिल्म में बेहद अजीब किस्म के ह्यूमर का प्रयोग किया जा रहा है। मैं इसका बिल्कुल समर्थन नहीं करती थी। इसलिए मैंने फिल्म छोड़ दी।लेकिन बाद में उस निर्माता-निर्देशक ने मुझे कानूनी नोटिस भेज दी। 

Mission Paani: गडकरी बोले- पानी को नदी में छोड़ने से पहले उसे साफ करना जरूरी

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सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा, ‘जल है तो कल है. सोचिए कल अगर पानी खत्म हो गया, तो क्या होगा? ये सोचकर ही हम डर जाते हैं. पानी बचाना किसी सरकार या संगठन की नहीं, बल्कि हर इंसान की जिम्मेदारी है. एक-एक इंसान को इम मुहीम में योगदान देना होगा.’

बच्चन ने कहा कि इस तरह के बड़े कैंपेन से देश भर में अच्छा संदेश जाता है. उन्होंने ये भी कहा कि देश से पोलियो खत्म करने के लिए 8 साल लगे. ये आसान काम नहीं था. अब हमलोग पानी बचाने की मुहीम से जुड़े हैं. इसमें भी कामयाब रहेंगे.

बिग बी ने पानी बचाने के कुछ तरीके भी बताए. उन्होंने गुजारिश की है कि हमें जहां तक हो सके बाथरूम में पानी का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए. शावर के बजाय बाल्टी से पानी लेकर नहाने से हम काफी पानी बर्बाद होने से बचा सकते हैं.

‘मिशन पानी’ के एंबेसडर अमिताभ बच्चन ने लोगों से पानी के इस्तेमाल को कम करने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘तकरीबन प्रत्येक इंसान हर साल 140 बाल्टी पानी खर्च करता है. हमें इसे कम करने की जरूरत है. क्योंकि जल है तो कल है.’

अब तक के सबसे गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है भारत
बता दें कि भारत अब तक के सबसे गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है. देश में करीब 60 करोड़ लोग पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. निति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2 लाख लोग स्वच्छ पानी न मिलने के चलते हर साल जान गंवा देते हैं.

नीति आयोग की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘2030 तक देश में पानी की मांग उपलब्ध जल वितरण की दोगुनी हो जाएगी. जिसका मतलब है कि करोड़ों लोगों के लिए पानी का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा और देश की जीडीपी में 6 प्रतिशत की कमी देखी जाएगी.’

रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि करीब 70 प्रतिशत प्रदूषित पानी के साथ भारत जल गुणवत्ता सूचकांक में 122 देशों में 120वें पायदान पर है.