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CG: 5000 शिक्षकों की भर्ती से युवाओं को मिलेगा अवसर, शिक्षा व्यवस्था होगी और सुदृढ़ – मुख्यमंत्री श्री साय…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में 5000 शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथसाथ शिक्षा व्यवस्था को भी सुदृढ़ बनाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि व्यापम द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की संभावित तिथियां जारी कर दी गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सहायक शिक्षक की परीक्षा 11 अक्टूबर 2026, शिक्षक की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 तथा व्याख्याता की परीक्षा 29 नवंबर 2026 को संभावित है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि परिश्रम, लगन और आत्मविश्वास के साथ किया गया प्रयास निश्चित रूप से सफलता दिलाता है। उन्होंने कहा कि युवा प्रदेश के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और शिक्षा के माध्यम से नई पीढ़ी को सशक्त बनाने में योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी जशपुर जिले को बड़ी सौगात…

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30.59 करोड़ की 9 सड़कों को मिली मंजूरी’
आवागमन के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले को विकास की नई रफ्तार देते हुए 9 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए कुल 30 करोड़ 59 लाख की स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं से ग्रामीण अंचलों में आवागमन सुगम होगा, व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी। दो वर्षों के भीतर मिली इस करोड़ों की सौगात से जिले की सड़क व्यवस्था का व्यापक कायाकल्प हो रहा है।

क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया है। जिले के ढूंड़गजोर (सरसमार) से चिढ़रापारा पत्थलगांव तक 2 किमी 1 करोड़ 96 लाख, ग्राम ढोंगादरहा से अम्बाकछार मार्ग 3 किमी 4 करोड़ 84 लाख, ग्राम पंचायत मुड़ापारा (हड्डी गोदाम मेन रोड) से घिंचापानी होते हुए पंगसुवा मार्ग 4.85 किमी 4 करोड़ 26 लाख, ग्राम कोतबा से सरईकोना होते हुए पिकपारा मार्ग 4.60 किमी 4 करोड़ 59 लाख, कांसाबेल के बटाईकला प्रेमनगर से मारचाईढोढ़ी मार्ग 2.90 किमी, 2 करोड़ 79 लाख, कांसाबेल खूंटीटोली बस्ती से चेतबा हाई स्कूल मार्ग 2 किमी 2 करोड़ 4 लाख, कांसाबेल कोरंगा से नवाटोली से भागलपुर मार्ग 2 किमी 2 करोड़ 14 लाख, कुड़केल खजरी के पटेल पारा से बगई झरिया मार्ग 3.80 किमी 3 करोड़ 28 लाख, कोकिया खार से आमकानी मेन रोड तक 4 किमी 4 करोड़ 69 लाख रुपए की मंजूरी मिली है।

करोड़ों की सौगात से विकास को मिलेगी रफ्तार

इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात की सुविधा बेहतर होगी, किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी तथा विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में राहत मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में लगातार विकास कार्यों की सौगात मिल रही है, जिससे गांव-गांव में खुशहाली का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। यह स्वीकृति जशपुर जिले के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

CG: किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

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होली से पहले किसानों को मिलेगी 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धान के अंतर की राशि’

मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं ने जताया आभार’

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 फरवरी को बिलासपुर जिले में आयोजित होगा राज्य स्तरीय राशि अंतरण कार्यक्रम’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ है और किसानों की समृद्धि और खुशहाली से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा। मुख्यमंत्री से आज उनके निवास कार्यालय में प्रदेश के किसानों ने सौजन्य मुलाकात की और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से धान के अंतर की 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित करने की घोषणा पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर किसानों ने मुख्यमंत्री को धान से तौलकर प्रदेश के अन्नदाताओं की ओर से अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सदैव किसानों की चिंता करते हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की उन्नति ही राष्ट्र की प्रगति का आधार है। उन्होंने कहा कि अटल जी के समय किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध होने लगा। इससे पहले किसानों को महाजनों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे आर्थिक शोषण का शिकार होते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों को ब्याज मुक्त पूंजी की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है और प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीद रही है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि धान के अंतर की लगभग 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि होली से पूर्व किसानों के खातों में अंतरित की जाएगी। 28 फरवरी को बिलासपुर जिले से इस राशि का अंतरण किया जाएगा और पूरे प्रदेश के विकासखंडों में इसे उत्सव की तरह मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख 24 हजार किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार आगे भी किसानों के हित में प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित प्रदेश भर से आए किसान उपस्थित थे।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राज्य के अन्नदाताओं को 28 फरवरी को जारी करेंगे 10 हजार 324 करोड़ रूपए की आदान सहायता राशि…

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छत्तीसगढ़ सरकार की कृषक उन्नति योजना का किसानों को होली का उपहार’
बिलासपुर के बिल्हा में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन
राज्य के सभी विकासखण्डों में किसानों को राशि वितरण समारोह का होगा आयोजन’

छत्तीसगढ़ सरकार अपने संकल्प के अनुरूप होली पर्व से पूर्व 28 फरवरी को राज्य के अन्नदाताओं को 10 हजार 324 करोड़ रूपए की आदान सहायता उनके बैंक खातों में अंतरित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखण्ड स्थित रहंगी खेल मैदान में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के 25 लाख 28 हजार किसानों को यह राशि जारी करेंगे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू करेंगे। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

वृहद किसान सम्मेलन एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत आदान सहायता राशि के वितरण का यह समारोह दोपहर 12 बजे से होगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते दिनों यह निर्णय लिया था कि किसानों को धान के मूल्य के अंतर की राशि होली से पहले एकमुश्त दी जाएगी। 28 फरवरी को राशि जारी होते ही छत्तीसगढ़ सरकार का संकल्प पूरा होने के साथ ही किसानों को होली के त्यौहार का आनंद भी दोगुना हो जाएगा।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को उनके धान का उचित मूल्य देने के लिए कृषक उन्नति योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को धान का 3100 रूपए प्रति क्विंटल मूल्य दे रही है, जो देश में सर्वाधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य में 25 लाख 28 हजार किसानों को समर्थन मूल्य पर 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है। इस योजना का लाभ धान बेचने वाले सभी किसानों को मिलेगा।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसान भाईयों को 35 हजार करोड़ रूपए से अधिक की मदद आदान सहायता के रूप में दी गई है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, कृषक उन्नति योजना एवं अन्य किसान हितैषी योजनाओं को मिलाकर राज्य के अन्नदाताओं को अब तक 1.50 लाख करोड़ रूपए से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित की गई है।

छत्तीसगढ़ की किसान हितैषी सरकार ने इस साल के बजट में किसान मजदूरों को बीमा कव्हरेज प्रदान करने का भी प्रावधान किया है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत सरकार ने 600 करोड़ और किसानों के सिंचाई पंपों को निःशुल्क बिजली देने के लिए 5500 करोड़ रूपए की व्यवस्था बजट में की है। किसानों के फसलों की सुरक्षा के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए 820 करोड़ रूपए का भी प्रावधान वर्ष 2026-27 के बजट में किया है।

छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों के चलते राज्य में खेती-किसानी के प्रति किसानों का रूझान लगातार बढ़ रहा है और सरकार की ओर मिल रहे प्रोत्साहन के चलते खेती में बढ़-चढ़कर निवेश भी कर रहे हैं। राज्य के लिए कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का यह शुभ संकेत है।

CG: खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही सरकार – मुख्यमंत्री श्री साय…

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14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता का भव्य समापन

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित 14वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता 2025-26 का भव्य समापन आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में दुर्ग में संपन्न हुआ।मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न राज्यों एवं केंद्रीय बलों से आए खिलाड़ियों, कोच और अधिकारियों का स्वागत करते हुए उनके प्रदर्शन की सराहना की।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पुलिस जवान कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने के साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं, जो उनके अनुशासन और समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्र की विशिष्ट पहचान रही है और राज्य सरकार खेल अधोसंरचना को मिशन मोड में विकसित कर रही है। जशपुर में आर्चरी एकेडमी तथा नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास बढ़ता है तथा युवाओं के लिए कैरियर के नए अवसर भी बनते हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक पदक विजेताओं को आकर्षक प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने युवाओं से खेलों से जुड़ने और अभिभावकों से बच्चों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं और धनुर्विद्या की समृद्ध विरासत का उल्लेख किया।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छह टीमों सीआईएसएफ, राजस्थान, सीआरपीएफ, उत्तर प्रदेश, बीएसएफ एवं आईटीबीपी को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया तथा प्रतियोगिता के औपचारिक समापन की घोषणा की।

इस अवसर पर अहिवारा विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाडा,  पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम सहित जनप्रतिनिधि एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी का बजट वेबिनार में संबोधन: विकसित भारत की दिशा में कदम…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी, सुधार और वित्त’ विषय पर बजट के बाद आयोजित वेबिनार को संबोधित किया।

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बजट के बाद वेबिनार आयोजित करने की एक मजबूत परंपरा विकसित हुई है, जो बजट को प्रभावी ढंग से लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बजट का दीर्घकालिक दृष्टिकोण

मोदी ने कहा कि बजट का मूल्यांकन विभिन्न मानकों पर किया जाता है, जैसे शेयर बाजार की स्थिति या आयकर प्रस्ताव। लेकिन असल में, राष्ट्रीय बजट एक दीर्घकालिक नीति रोडमैप है। उन्होंने बताया कि जो नीतियां इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करती हैं और शासन में पारदर्शिता लाती हैं, वही अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती प्रदान करती हैं।

राष्ट्र निर्माण की निरंतर प्रक्रिया

प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी बजट को अलग-थलग नहीं देखा जाना चाहिए। राष्ट्र निर्माण एक निरंतर प्रक्रिया है, और हर बजट उस लक्ष्य की ओर बढ़ने का एक चरण है, जो 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण का संकल्प है।

विचारों का आदान-प्रदान

उन्होंने उम्मीद जताई कि वेबिनार केवल विचारों के आदान-प्रदान तक सीमित न रहें, बल्कि एक प्रभावी ब्रेनस्टॉर्मिंग अभ्यास बनें। उद्योग, अकादमिक जगत, और नीति निर्माताओं के सामूहिक विचार-विमर्श से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा।

21वीं सदी में भारत की विकास यात्रा

मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और भारत की विकास यात्रा एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। पिछले एक दशक में भारत ने असाधारण लचीलापन दिखाया है, जो सुधारों का परिणाम है।

सरकारी निवेश का महत्व

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि 11 वर्ष पहले सार्वजनिक पूंजीगत व्यय के लिए बजट में लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान था, जो अब बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।

निवेश के लिए अनुकूल वातावरण

मोदी ने कहा कि सरकार विदेशी निवेश ढांचे को सरल बना रही है और दीर्घकालिक वित्त को मजबूत करने के लिए बॉंड बाजार को सक्रिय बनाने की दिशा में कदम उठा रही है।

साझा संकल्प की आवश्यकता

प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत और विशेषज्ञों से आग्रह किया कि वे वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखकर ठोस सुझाव दें। उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और अकादमिक जगत के बीच एक स्पष्ट ‘रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर’ तैयार किया जाना चाहिए।

सभी की भागीदारी आवश्यक

अपने संबोधन के अंत में, मोदी ने सभी हितधारकों से अपील की कि वे बजट में दिए गए नए अवसरों का पूरा लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि अब बजट पर चर्चा का समय नहीं है, बल्कि इसे तेजी से लागू करने का समय है।

दिल्ली शराब नीति मामले में सीबीआई की अपील: क्या होगी अगली कानूनी लड़ाई?

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सीबीआई ने हाईकोर्ट में दायर की अपील

दिल्ली शराब नीति घोटाले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 21 आरोपियों को बरी करने के फैसले के खिलाफ सीबीआई ने तुरंत दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की है।

जांच एजेंसी का कहना है कि ट्रायल कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया या उन पर उचित ध्यान नहीं दिया। कोर्ट ने पहले यह कहा था कि सबूतों की कमी और कोई व्यापक साजिश न पाए जाने के कारण आरोपियों को क्लीन चिट दी गई थी। सीबीआई का यह कदम मामले को लंबित रखेगा और कानूनी लड़ाई को जारी रखेगा, जबकि आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए राहत जताई है। खबर में और अपडेट आ रहे हैं…

इंडिया-US ट्रेड डील पर आया बड़ा अपडेट, पीयूष गोयल ने कही री-बैलेंस करने की बात…

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परिस्थितियां बदलने पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को फिर से संतुलित किया जा सकता है, ऐसा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है. उन्होंने साफ किया कि बदलते टैरिफ संकेतों के बीच भारत अपने आर्थिक हितों की पूरी तरह रक्षा करेगा.

शुक्रवार को बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को जरूरत पड़ने पर दोबारा संतुलित (रीबैलेंस) किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार की स्थिति लगातार बदल रही है और अमेरिका की तरफ से अलग-अलग बयान और कदम सामने आ रहे हैं. उन्होंने कहा, स्थिति लगातार बदल रही है. ट्रंप प्रशासन कई तरह के कदम उठा सकता है. अगले हफ्ते टैरिफ 15% तक भी बढ़ाया जा सकता है. बातचीत जारी है और अगर हालात बदलते हैं तो समझौते को फिर से संतुलित किया जाएगा. गोयल ने ये बातें कहीं. उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान में भी कहा गया है कि परिस्थितियां बदलने पर समझौते में बदलाव किया जा सकता है.

अमेरिकी टैरिफ पर वेट एंड वॉच रुख

मंत्री ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ लगातार बातचीत में बना हुआ है. उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका के टैरिफ फैसलों पर इंतजार करो और देखो (wait and watch) की रणनीति अपनाई जाएगी, लेकिन भारत के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन के पास कई नीति विकल्प हैं, जिनमें 10% टैरिफ बढ़ाने जैसे कदम भी शामिल हैं.

भारत के निर्यात बढ़ने की उम्मीद

वैश्विक व्यापार में चुनौतियों के बावजूद गोयल ने भरोसा जताया कि इस साल भारत का निर्यात बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ डील में कई सकारात्मक पहलू हैं और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का मकसद प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करना होता है.

किसानों और डेयरी सेक्टर को सुरक्षा

कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर उठ रही चिंताओं पर गोयल ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा गया है. उन्होंने साफ कहा भारत में कोई GM (जेनेटिकली मॉडिफाइड) खाद्य उत्पाद नहीं आएंगे डेयरी, मक्का, सोयाबीन और पोल्ट्री सेक्टर इस डील से बाहर हैं किसानों और डेयरी उद्योग के हित सुरक्षित रखे गए हैं.

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता फिलहाल टली

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते पर बातचीत तब दोबारा शुरू होगी जब अमेरिका के नए टैरिफ बदलावों पर स्थिति साफ हो जाएगी. वॉशिंगटन में होने वाली तीन दिन की बैठक टैरिफ नीति में बदलाव के कारण टाल दी गई. भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन करने वाले थे. भारत सरकार अमेरिकी कोर्ट के फैसले और नए टैरिफ बदलावों के असर पर कानूनी राय भी लेगी.

टैरिफ में पहले क्या तय हुआ था

इस महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते का एक ढांचा तय किया था, जिसके तहत अमेरिका भारत पर लगने वाला पारस्परिक टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने पर सहमत हुआ था. अतिरिक्त 25% पेनल्टी शुल्क हटाने का संकेत दिया गया था.

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का असर

हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लागू व्यापक पारस्परिक टैरिफ व्यवस्था को रद्द कर दिया, जिसके बाद टैरिफ नीति में बड़े बदलाव देखने को मिले. अमेरिका ने अप्रैल 2025 में भारतीय सामान पर 26% टैरिफ लगाया था, जिसे बाद में 25% किया गया. अगस्त में रूस से तेल खरीद जारी रखने पर भारत पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाया गया, जिससे कुल टैरिफ प्रभाव 50% तक पहुंच गया था. हालांकि नए अंतरिम ढांचे के तहत अमेरिका ने टैरिफ घटाकर 18% करने और अतिरिक्त 25% शुल्क हटाने का संकेत दिया है.

शराब घोटाले से केजरीवाल-सिसोदिया बरी, कोर्ट के फैसले पर BJP बोली- यह तकनीकी विषय…

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कथित शराब नीति घोटाले मामले में कोर्ट की ओर से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 लोगों को बरी किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में जश्न है.

फैसले के बाद भावुक हुए केजरीवाल ने इसे आजाद भारत के इतिहास में सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश दिया. वहीं कोर्ट के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा कि यह तकनीकी मामला है, पार्टी फैसले को पढ़ने के बाद ही अपना जवाब देगी.

केजरीवाल को बरी किए जाने को लेकर BJP के नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “कोर्ट ने सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया है. यह तकनीकी विषय है. क्योंकि ये बात भी सही है कि सैकड़ों की संख्या में सिम कार्ड और फोन सबूत के रूप में नष्ट किए गए थे. अब वो सब किसी भाव से नष्ट किए गए थे, इस वजह से सबूत का क्या अभाव हुआ, इस मामले में सीबीआई अगला कदम उठाएगी और अपना पक्ष रखेगी, यह तकनीकी मामला है.”

तो कोर्ट ने केस करने की अनुमति कैसे दीः

उन्होंने यह भी कहा कि CBI इस केस में अगला कदम उठाएगी. पार्टी फैसले पर डिटेल में पढ़ने के बाद स्ट्रक्चर्ड जवाब देगी. साथ ही यह भी सोचना चाहिए अगर सबूत बिल्कुल भी नहीं थे तो कोर्ट ने चार्जेस फ्रेम करने की अनुमति कैसे दे दी?”

इस बीच शराब नीति मामले में कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद भावुक हुए पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने खुशी जताते हुए कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला आजाद भारत के इतिहास में सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश थी. उन्होंने कहा कि आज कोर्ट ने हम पर लगे सभी आरोप खारिज कर दिए और सभी आरोपियों को बरी कर दिया. उन्होंने यह भी कहा, हमें न्यायपालिका पर भरोसा था. सत्य की जीत हुई.

कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी जरूरी नहीं: रूडी

कोर्ट के फैसले और केजरीवाल के बरी होने को लेकर बीजेपी प्रवक्ता आरपी सिंह ने पर कहा, “अभी तो एक कोर्ट से राहत मिली है. जैसे इन लोगों को अधिकार था और ये पहले हाई कोर्ट गए फिर सुप्रीम कोर्ट भी गए वैसे ही CBI को भी अधिकार है. इनके खिलाफ यह कोई एक अकेला भ्रष्टाचार का मामला नहीं था, CAG रिपोर्ट जो आई है उसमें सड़कों में भी घोटाला है, स्कूल बनाने को लेकर घोटाला है, अस्पतालों में भी घोटाला है, उन सबके भी केस चलेंगे. भ्रष्टटाचार के मामले इनके खिलाफ हैं और केस चलेंगे.”

पटना में बीजेपी के सांसद राजीव प्रताप रुडी ने कहा, “यह कोर्ट का फैसला है और अदालत स्वाभाविक तौर से अगर कोई पीड़ित हो और कोर्ट उसे बरी करता है तो उस पर किसी राजनीतिक टिप्पणी की आवश्यकता नहीं है.”

बीजेपी के एक अन्य बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कोर्ट के फैसले पर कहा, “सभी जानते हैं कि ये दोनों (अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया) इस घोटाले के जनक थे. दिल्ली की जनता अच्छे से जानती है कि शराब घोटाले के जनक केजरीवाल थे. जिन लोगों को पकड़ा गया है, उनकी भी गवाही होगी. सभी जानते हैं कि ये लोग इस घोटाले के मास्टरमाइंड थे.”

  • मतलब बीजेपी अब भी ओछी हरकत से बाज़ नहीं आएगी
  • तड़ी पार भी टेकनिकल ग़लती से सज़ा से बच गया है
  • भाजपा का काम केवल बड़ी बड़ी बातें करना तथा a अनर्गल आरोप लगाना है।

केजरीवाल सरकार में दारू की एक बोतल पर एक बोतल फ्री क्यों दी गई । आखिर यह कौन सी जन कल्याणकारी योजना थी । क्यों वकीलों को आम आदमी पार्टी ज्वाइन कराई गई । लगता है सच में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार अंदर तक अपनी पेंठ बना चुका है । केजरीवाल जैसे भ्रष्टाचारी आदमी को बरी करना समाज के लिए सही नहीं है । अन्ना हजारे जैसे सीधे-साधे आदमी को सीढ़ी बनाकर ये भ्रष्टाचारी कहां से कहां पहुंच गया । मीडिया के आगे आकर रो कर ड्रामा करना जनता को सब समझ आता है।

देश का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट बनकर तैयार, PM मोदी करेंगे उद्घाटन, बदलेगी भारत की तस्वीर…

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 फरवरी को गुजरात के साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी के आधुनिक ATMP यानी असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग प्लांट का उद्घाटन करेंगे. 22,516 करोड़ रुपये के निवेश से बने इस प्रोजेक्ट को भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.

इसे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत बनाने की दिशा में अहम पहल बताया जा रहा है. यह प्लांट रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले डिवाइस के लिए मेमोरी और स्टोरेज प्रोडक्ट बनाएगी और देश के साथ-साथ विदेशों की मांग भी पूरी करेगी.

आम लोगों के लिए सबसे बड़ा फायदा रोजगार और कमाई के अवसर के रूप में देखने को मिलेगा. इस समय साणंद प्लांट में करीब 2,000 लोग काम कर रहे हैं. आने वाले समय में यह संख्या बढ़कर लगभग 5,000 सीधे रोजगार तक पहुंच सकती है. इन नौकरियों में इंजीनियर, तकनीशियन और ऑपरेटर शामिल होंगे. खास बात ये है कि इस फ्लांट में ऐसे लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो फिजिकली चैंलेंज्ड हैं. इस फैक्ट्री ने दिव्यांग लोगों को भी ऑपरेटर और तकनीशियन के रूप में काम करने का मौका दिया है.

लोगों को क्या होगा फायदा?

रोजगार के अलावा, लंबे समय में देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम को मजबूती मिलेगी. ATMP फैक्ट्री SSD स्टोरेज डिवाइस, DRAM और NAND मेमोरी प्रोडक्ट बनाएगी. ये सभी स्मार्टफोन, लैपटॉप और डाटा स्टोरेज सिस्टम जैसे उपकरणों के जरूरी हिस्से होते हैं. अगर देश में सेमीकंडक्टर सिस्टम मजबूत होता है, तो आगे चलकर इलेक्ट्रॉनिक्स की सप्लाई चेन बेहतर हो सकती है.

साणंद में माइक्रोन क्या बनाएगी?

यह प्लांट इंटीग्रेटेड सर्किट पैकेज, मॉड्यूल और सॉलिड स्टेट ड्राइव (SSD) बनाएगा. यहां माइक्रोन की विदेशी फैक्ट्रियों से DRAM और NAND वेफर लाए जाएंगे, जिन्हें तैयार मेमोरी प्रोडक्ट में बदला जाएगा. प्रोडक्शन प्रक्रिया में असेंबल करना, उनकी जांच करना और बाजार के लिए पैक करना शामिल होगा. माइक्रोन के चेयरमैन और CEO संजय मेहरोत्रा ने कहा कि मेमोरी और स्टोरेज आधुनिक तकनीक का अहम हिस्सा हैं, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में, जहां तेज प्रोसेसिंग के लिए मजबूत मेमोरी की जरूरत होती है.

क्या होगा असर?

इस प्लांट का सबसे ज्यादा असर साणंद और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में देखने को मिलेगा, जहां सेमीकंडक्टर से जुड़े निवेश और उद्योग बढ़ सकते हैं. इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग चरणों में विकसित किया जाएगा और आने वाले वर्षों में इसके विस्तार की योजना है. जैसे-जैसे साणंद सेमीकंडक्टर हब बढ़ेगा, वैसे-वैसे आसपास की सेवाओं जैसे ट्रांसपोर्ट, मकान, छोटे सप्लायर और मेंटेनेंस सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी. साणंद औद्योगिक क्षेत्र के आसपास और उद्योग व इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की संभावना है.