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2019 में सलमान के बॉडीगार्ड शेरा की बढ़ गयी सैलरी, अब इतने रुपए मिलते हैं प्रति माह

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बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान को दुनिया भर में लोकप्रियता हासिल है। बता दें कि उनके साथ ज्यादातर रहने वाले उनके बॉडीगार्ड शेरा भी काफी मशहूर हो चुके हैं। वर्तमान समय में शेरा भी किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं हैं।

आपको बता दें कि शेरा की फैन फॉलोइंग भी लगातार बढ़ रही है और सलमान को चाहने वाले तो शेरा को पसंद करते ही हैं। आज इस लेख माँ हम आपको शेरा की प्रतिमाह वेतन के बारे में बताएँगे।

बिजनेस ऑफ़ सिनेमा के एक आंकड़ों के अनुसार शेरा को सलमान की सुरक्षा के लिए प्रति माह 15 लाख रुपए मिलते हैं, जो प्रति वर्ष करीब 2 करोड़ रूपए के बराबर है। बता दें कि रिपोर्ट के अनुसार शेरा की सैलरी बढ़ी है और सलमान हर ख़ुशी के मौके पर अपने चहिते बॉडीगार्ड को तोहफा भी देते रहते हैं।

रेणू मंडल ने पहले गाने के लिए ली इतनी फीस, जानकर नहीं होगा यकीन

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जैसा की आप सभी जानते है रेणू मंडल ने बॉलीवुड में डेब्यू कर लिया है वह हिमेश रेशमिया की अपकमिंग फिल्म के लिए गाना भी रिकॉर्ड कर चुकी है। आपको बता दे की कुछ ही दिनों पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जहां कोलकाता स्टेशन पर एक गरीब महिला लता मंगेशकर का गाना ‘प्यार का नगमा’ गाती दिख रही थीं। सभी लोग उनकी आवाज से प्रभावित रह गए। इसे सोशल मीडिया की ताकत ही कहिए अब वह महिला ना सिर्फ मशहूर हो गई हैं, बल्कि म्यूजिक डाइरेक्टर- सिंगर हिमेश रेशमिया ने उनके साथ एक गाना भी रिकॉर्ड कर लिया है।

हिमेश रेशमिया उनकी आवाज से बहुत प्रभावित हुए और उन्हें अपने फिल्म में गाने का चांस दिया आज बॉलीवुड के बड़े- बड़े सुपरस्टार रेणू मंडल को अपने फिल्म के लिए गाना गाने के लिए कह रहे है। हिमेश रेशमिया की अपकमिंग फिल्म का गाना तेरी मेरी कहानी गाने को रेणू मंडल ने गाया है और यह सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाला गाना बन चूका है।

आपको बता दे की हिमेश रेशमिया ने रेणू मंडल को अपने पहले गाने के लिए 6-7 लाख दिया है लेकिन रेणू मंडल यह पैसे नहीं ले रही थी उसके बाद हिमेश रेशमिया ने यह पैसे उन्हें जबरदस्ती दे दिया और उन्होंने उस महिला से कहा की तुम्हें बॉलीवुड का सुपरस्टार बनने से कोई नहीं रोक सकता है। हाल ही में सलमान खान ने भी कहा है की वह अपने फिल्म में रेणू का गाना डालेंगे और अक्षय कुमार की फिल्म के लिए भी वह गाना गा सकती है।

इस दिन डाले जाएंगे वोट, चार राज्यों में 4 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा

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निर्वाचन आयोग ने रविवार को चार राज्यों में चार विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा की। त्रिपुरा, केरल, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में 23 सितंबर को उपचुनाव होगा। जिन सीटों के लिए उपचुनाव होना है, वे हैं त्रिपुरा की बाधारघाट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित), छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित) केरल की पाला और उत्तर प्रदेश की हमीरपुर।

उपचुनाव की वैधानिक अधिसूचना बुधवार को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 सितंबर है। मतदान 23 सितंबर को होगा और मतगणना 27 सितंबर को होगी।

निर्वाचन आयोग के बयान के मुताबिक, चारों राज्यों के उपचुनाव वाले जिले या विधानसभा क्षेत्र के हिस्से में वैधानिक अधिसूचना जारी होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। चारों राज्यों के उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्र में इस साल पहली जनवरी को प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।

त्रिपुरा की बाधारघाट सीट भाजपा विधायक दिलीप सरकार के निधन के कारण रिक्त है। पांच बार कांग्रेस विधायक रहे सरकार साल 2017 में सात अन्य कांग्रेस विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। लंबे समय तक बीमार रहने के बाद दिलीप सरकार का निधन इसी साल पहली अप्रैल को हो गया था।

जानलेवा बना चायनीज मांझा, पापा के साथ जा रही बच्ची का कटा गला, मौके पर ही मौत

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चाइनीज मांझे ने रविवार को एक मासूम की जान ले ली। दरअसल, मोटरसाइकल पर अपने पिता के साथ जा रही बच्ची की गर्दन मांझा फंसने से कट गई। पिता फौरन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

घटना खजूरी खास इलाके की है। चार साल की बच्ची की पहचान इशिका के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बच्ची को तुरंत जग प्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि बच्ची अपने पिता के साथ आगे मोटरसाइकल पर बैठी थी।

आपको बता दें कि स्वतंत्रता दिवस के आसपास ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिसमें लोग चाइनीज मांझे से घायल हो गए थे। कुछ ही दिनों में सैकड़ों की संख्या में पक्षी भी जख्मी हो गए थे। 15 अगस्त को बाइक से जा रहे इंजीनियर मानव शर्मा भी चाइनीज मांझे की चपेट में आए गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया था। हालांकि चाइनीज मांझे बंद नहीं हो रहे हैं। खजूरी खास के इस मामले के बारे में पुलिस ने बताया कि यह परिवार जमुना बाजार स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए जा रहा था।

आईपीसी के सेक्शन 304 के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू की गई है। हैरान करने वाली बात यह है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने शहर में चाइनीज मांझे पर रोक लगाई है फिर भी 15 अगस्त के आसपास इसकी बिक्री धड़ल्ले से हुई।

कई भाषाएँ बोल सकती है ये 4 भारतीय अभिनेत्रियां, नंबर 1 को आती है 9 भाषाएँ…

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1. ऐश्वर्या राय बच्चन

ऐश्वर्या राय बच्चन कई भारतीय फिल्मों में काम कर चुकी है | ऐश्वर्या राय हिंदी, उर्दू, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मराठी, बंगाली और अंग्रेजी भाषाओँ में बात आराम से कर सकती है |

शायद इसी कारण, ऐश्वर्या राय ने साउथ और बॉलीवुड की कई बेहतरीन फिल्मों में अभिनय किया है |

2. तापसी पन्नू

तापसी पन्नू साउथ फिल्मों की प्रसिद्ध अभिनेत्री है, लेकिन पिछले कुछ सालों से तापसी पन्नू बॉलीवुड फिल्मों में काम कर रही है |

तापसी पन्नू तमिल, तेलुगु, मलयालम, पंजाबी, अंग्रेजी और हिंदी जैसी भाषाएँ बहुत आराम से बोल सकती है |

3. विद्या बालन

विद्या बालन ने अपने करियर की शुरुआत साउथ फिल्मों से की थी, लेकिन धीरे-धीरे विद्या बालन ने बॉलीवुड फिल्मों में काम किया |

विद्या बालन लगभग 6 भाषाएँ आसानी से बोल सकती है और पढ़ सकती है जिसमें हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, मराठी, तमिल और मलयालम भाषाएँ शामिल है |

4. असिन

असिन ने भी अपने करियर की शुरुआत साउथ फिल्मों से की थी | बॉलीवुड में असिन ने ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गजनी’ से डेब्यू किया था |

असिन हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु, तमिल, इतालवी और फ्रेंच जैसी भाषाएँ आसानी से बोल सकती है |

ये बॉलीवुड के सितारे अरबपति होते हुए भी नहीं भोग पा रहे हैं अपने पैसो का सुख…

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(1) अमिताभ बच्चन

दोस्तो अमिताभ बच्चन का नाम अरबपति सितारों की टॉप लिस्ट में भी है लेकिन पिछले 37 सालो से वो लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ भी रहे हैं फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान अमिताभ बच्चन गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे जिसके बाद से वो अभी तक पेट की समस्या से परेशान ही रहते हैं।

(2) तनुजा मुखर्जी

दोस्तो बॉलीवुड की पुरानी एक्ट्रेस तनुजा मुखर्जी को कुछ समय पहले पैर दर्द की शिकायत की वजह से हॉस्पिटल में भर्ती भी करवाया गया था। जानकारी के अनुसार तनुजा मुखर्जी की सर्जरी भी की गयी है वो डायवर्टिकुला नाम की बीमारी से जूझ भी रही हैं।

(3) दिलीप कुमार

दोस्तो अपने जमाने के मशहूर अभिनेता दिलीप कुमार 95 साल के हो भी गए हैं और वो इस उम्र में कई परेशानियों से जूझ भी रहे हैं दिलीप कुमार को किडनी की समस्या है इसके आलावा उन्हें फेफड़ो में भी इन्फेक्शन हुआ है।

(4) मिथुन चक्रवर्ती

दोस्तो मिथुन चक्रवर्ती के पास पैसो की कोई कमी नहीं है लेकिन मिथुन क्रॉनिक बैक पेन की समस्या से परेशान ही रहते हैं। पिछले साल इस बीमारी के बढ़ने पर उन्हें अमेरिका ले जाया भी गया था जहां पर उनकी एक सर्जरी भी हुई थी।

कौन है ये शख्स जिसने स्टेशन पर गाने वाली महिला का बनाया था वीडियो, रातों रात बदल दी किस्मत

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सोशल मीडिया रातों रात कैसे किसी आम आदमी की जिंदगी बदल देता है इसका उदाहरण हैं रानू मंडल। अपनी आवाज से रानू ने इंटरनेट पर यूजर्स को अपना फैन बना दिया। जिसका नतीजा रहा कि वो ‘इंटरनेट स्टार’ बनकर उभरीं। रानू का गाना बॉलीवुड के सितारों तक भी पहुंचा। जिसके बाद हिमेश रेशमिया ने उन्हें अपनी फिल्म में गाने का मौका दिया है लेकिन हिमेश रेशमिया से पहले एक शख्स है जो रानू के लिए किसी फरिश्ते की तरह आया। इस शख्स ने रानू का वीडियो बनाया जो वायरल हो गया। ऐसे में चलिए आपको उस शख्स से मिलवाते हैं।

रानू पश्चिम बंगाल के रानाघाट स्टेशन पर गाना गाकर ही गुजारा करती थीं। उन्हें कईयों ने गाना गाते हुए देखा भी लेकिन अक्सर लोग उन्हें अनदेखा कर देते थे। रानू अक्सर पुराने गाने ही गाती थीं। उनके वायरल हुए वीडियो में वो लता मंगेशकर का गाना एक प्यार का नगमा गा रही हैं।

ऐसे ही एक दिन रानू गाना गा रही थीं तभी वहां एतींद्र चक्रवर्ती (Atindra Chakraborty) स्टेशन पर मौजूद थे और वीडियो बना लिया। एतींद्र ने यह वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट से शेयर किया। बस फिर तो जो हुआ वो सब जानते हैं। रानू जब हिमेश रेशमिया के लिए गाना रिकॉर्ड कर रही थीं उस वक्त एतींद्र भी स्टूडियो में ही थे।

एतींद्र को खुद भी यकीन नहीं आ रहा कि उनके एक वीडियो ने कैसे एक महिला की जिंदगी बदल दी। रानू को मौका देने के लिए एतींद्र ने हिमेश रेशमिया को शुक्रिया कहा। वीडियो के बाद एतींद्र लगातार रानू के संपर्क में हैं। एतींद्र पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और रानाघाट में ही रहते हैं।

हिमेश रेशमिया की अगली फिल्म हैप्पी हार्डी एंड हीर है। इसमें रानू मंडल ने तेरी मेरी कहानी नाम का गाना गाया है। हिमेश रेशमिया ने एक वीडियो शेयर किया जिसमें रानू स्टूडियो में रिकॉर्डिंग कर रही हैं। उनके पास हिमेश खुद खड़े हैं और गाइड कर रहे हैं।

अब दूध की थैलियों होंगी रिसाइकिल, RCDF ने तैयार किया अनोखा प्रस्ताव

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पर्यावरण संरक्षण के लिए आरसीडीएफ सरस दूध के सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली पॉलिथीन को वापस लेने की बड़ी पहल करने जा रहा है. इसके लिए आरसीडीएफ स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. एमडी डॉ. वीना प्रधान से अनुमति मिलने के बाद इसे संभवत सितंबर में लागू किया जा सकता है. प्रस्ताव के तहत उपभोक्ताओं से 10 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दूध की खाली थैलियां बूथ एजेंट खरीद करेंगे.

इसके बदले बूथ संचालकों को 2 रुपए कमिशन के साथ 12 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से मिलेंगे. सरस बूथ से खाली थैलियों को इकठ्ठा करने का काम संबंधित क्षेत्र में दूध सप्लाई करने वाला डिस्ट्रीब्यूटर का रहेगा. डिस्ट्रीब्यूटर थैलियों को डेयरी में जमा कराएगा. इसके बदले भी उन्हें कुछ कमिशन दिया जाएगा. थैलियां एकत्रित करने के बदले में सरस बूथ संचालकों को डेयरियों की तरफ से नि:शुल्क कांटा मुहैया कराने का प्रस्ताव है. बूथों पर उपभोक्ता प्रत्येक माह की 1 से 8 तारीख तक थैलियां जमा करा सकते हैं. जमा कराई गई थैलियों के बदले मिलने वाली राशि उपभोक्ता चाहे तो सरस दूध में एडजेस्ट कर सकता हैं या फिर नगद प्राप्त कर सकते हैं.

डेयरी में इकठ्ठा होने वाली थैलियों को टेंडर के जरिए अभी तो रिसाइक्लिंग करने वाली कंपनी को दिय जाएगा. इसके बाद डेयरियों को रिसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करना होगा. वर्तमान में भीलवाड़ा डेयरी, दिल्ली की एक कंपनी को सरस दूध की रिसाइकिल होने वाली थैलियां सप्लाई कर रही है. बाद में डेयरी में प्लांट स्थापित किया जाएगा.

अब दूध की थैलियों होंगी रिसाइकिल, RCDF ने तैयार किया अनोखा प्रस्ताव…

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 पर्यावरण संरक्षण के लिए आरसीडीएफ सरस दूध के सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली पॉलिथीन को वापस लेने की बड़ी पहल करने जा रहा है. इसके लिए आरसीडीएफ स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. एमडी डॉ. वीना प्रधान से अनुमति मिलने के बाद इसे संभवत सितंबर में लागू किया जा सकता है. प्रस्ताव के तहत उपभोक्ताओं से 10 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दूध की खाली थैलियां बूथ एजेंट खरीद करेंगे.

इसके बदले बूथ संचालकों को 2 रुपए कमिशन के साथ 12 रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से मिलेंगे. सरस बूथ से खाली थैलियों को इकठ्ठा करने का काम संबंधित क्षेत्र में दूध सप्लाई करने वाला डिस्ट्रीब्यूटर का रहेगा. डिस्ट्रीब्यूटर थैलियों को डेयरी में जमा कराएगा. इसके बदले भी उन्हें कुछ कमिशन दिया जाएगा. थैलियां एकत्रित करने के बदले में सरस बूथ संचालकों को डेयरियों की तरफ से नि:शुल्क कांटा मुहैया कराने का प्रस्ताव है. बूथों पर उपभोक्ता प्रत्येक माह की 1 से 8 तारीख तक थैलियां जमा करा सकते हैं. जमा कराई गई थैलियों के बदले मिलने वाली राशि उपभोक्ता चाहे तो सरस दूध में एडजेस्ट कर सकता हैं या फिर नगद प्राप्त कर सकते हैं.

डेयरी में इकठ्ठा होने वाली थैलियों को टेंडर के जरिए अभी तो रिसाइक्लिंग करने वाली कंपनी को दिय जाएगा. इसके बाद डेयरियों को रिसाइक्लिंग प्लांट स्थापित करना होगा. वर्तमान में भीलवाड़ा डेयरी, दिल्ली की एक कंपनी को सरस दूध की रिसाइकिल होने वाली थैलियां सप्लाई कर रही है. बाद में डेयरी में प्लांट स्थापित किया जाएगा.

जानलेवा डेंगू छत्तीसगढ़ में फिर पांव पसार रहा, अब तक 7 मरीजों की हुई पुष्टी…

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 छत्तीसगढ़ के भिलाई शहर में एक बार फिर डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है, गत वर्ष डेंगू के महातांडव के बाद अब शहर में फिर डेंगू का खौफ दिखने लगा है इस बार डेगु के तक़रीबन 45 मरीजों के सेम्पल लिए गए हैं, जिसमें से 7 मरीज डेंगू की चपेट में हैं. भिलाई नगर निगम इसके लिए पूरी तरह से सतर्क होने का दावा कर रहा है, किन्तु निगम वही पुरानी टेमीफास दवाई का वितरण कर रहा है. जिसे डॉक्टरों ने ड़ेंगू के थर्ड जनरेशन के मच्छरों पर निष्प्रभावी बताया था.

दरअसल गत वर्ष डेंगू से करीब 50 लोगों की मौत केवल भिलाई शहर में हो गई थी. जिसके बाद इस वर्ष भी बरसात के मौसम में डेंगू अपने पांव पसार रहा है. ड़ेंगू से बचने के लिए निगम लोगों को पंपलेट और दवाई छिड़क कर डेंगू नियंत्रण करने का प्रयास कर रहा है. भिलाई नगर निगम जहां वही पुरानी टेमीफास दवाई का वितरण और छिड़काव कर रहा है. जिसे स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के मच्छरों पर निष्प्रभावी बताया था.

वहीं इनकी खरीदी में भ्रष्टाचार की बात प्रकाश में आई थी. स्वास्थ्य विभाग घर-घर जाकर सर्वे करवा रहा है, किन्तु इसके बाद भी शहर में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं. भिलाई के टाउनशिप क्षेत्र में भी बीएसपी प्रबन्धन ने दवाओं का छिड़काव आरंभ किया है, किन्तु अभी भी सात लोगों का उपचार चल रहा है, जिन्हें लगातार बुखार और चक्कर आने की शिकायत मिल रही थी.