Home Blog Page 2795

आर्थिक मंदी से मचा हाहाकार, सिर्फ झारखण्ड में 5000 से ज्यादा कंपनियां बंद

0

बीते कुछ दिनों से देश की अर्थवयवस्था में गिरावट आती जा रही है आर्थिक मंदी की आहट को देख देश के कई सेक्टरों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इसका सीधा असर झारखंड सहित कई अन्य राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। झारखंड में आयी उद्योगों कि कमी के कारण वहाँ के कई सारे कारोबार ठप हो चुके है, इसी को देखते हुए वहाँ के सभी कारोबारीयों की हालत खस्ता होती जा रही है। व्यापारी समूह इसका जिम्मेदार वहाँ की मौजूदा रघुवर दास सरकार और केंद्र सरकार को बता रहे हैं।

आर्थिक मंदी से जूझ रहे व्यापारी समूह ने राजधानी रांची में मुख्यमंत्री आवास के सामने बैनर लगाकर अपनी समस्याओं की सुध लेने की अपील की है| इसी के साथ व्यापारियों के समूह ने शहर के कई इलाक़ों में पोस्टर भी लगाए हैं जिसमें उन्होंने सरकार के सामने अपनी समस्या रखी हैं और उनको हल करने की अपील की है। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज FJCCI का कहना है कि राज्य भर में 10 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां बंद हो गई हैं।

इसके साथ ही फेडरेशन ने बताया कि 2 साल पहले कारोबार को लेकर जो स्थिति’याँ थी वह अब पूरी तरह से बदल गयी हैं जो कारोबार 2 साल पहले जिन उंचाईओं पर थे वह अब ठप हो चुके हैं या होने वाले है। औद्योगिक विकास पूरी तरह से ठप हो गया है अगर ऐसा ही चलता रहा था तो बहुत ही जल्द भारत की आर्थिक स्थिति ख़राब हो जाएगी और गरीबी दोबारा आ जायेगी।

फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक मारू ने बुधवार को रांची के चैंबर भवन में एक बैठक की जिसमे उन्होंने कहा कि, झारखंड में उद्योगों में तेजी आने की उम्मीद पूरी तरह से खत्म हो गई है। प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। राज्य सरकार की असंवेदनशीलता के कारण पिछले कुछ महीनों में करीब 1000 छोटी व बड़ी औद्योगिक ईकाइयों पर ताला लग चुका है।

इसी के साथ दीपक मरू ने यह भी बताया कि हमने मुख्यमंत्री मंत्री और अफसरों समेत हर जिम्मेदार व्यक्ति तक अपना पक्ष रखने का प्रयास किया है, लेकिन अभी तक हमारी समस्या का कोई हल नहीं निकला है। हमारे पास अपनी बात रखने के लिए होर्डिंग के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है। इसकी शुरुआत हमने मुख्यमंत्री आवास के पास होर्डिंग लगाने से की है।

वही झारखंड के व्यापारियों ने एक नारा भी निकाला है, जिसको हर एक होर्डिंग्स और पोस्टर पर भी लिखा गया है वो नारा है “व्यापारियों की मार्मिक पुकार अब तो सुध लो सरकार” राज्य के व्यापारियों और उनकी हालत देख कर फेडरेशन ने बताया कि राज्य में बिजली की कमी बिजनेस की क्लियरेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के पूरी तरह से फेल हो जाने की वजह से व्यापार की यह हालत हो रही है।

आम आदमी की थाली से सब्जियां गायब, फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं

0

आम आदमी की थाली से एक बार फिर सब्जियां गायब हो गई हैं। आलू, प्याज और टमाटर के भाव औसत से दोगुने हो गए है। मटर की कीमत तो सौ रुपये किलो से ज्यादा है। प्याज और टमाटर खुदरा बाजार में 50 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। आलू भी खुदरा बाजार में 30 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। आलम यह है आम आदमी सब्जी खरीदने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा। मानसून का असर दिल्ली में सब्जियों की कीमत पर भी पड़ने लगा है। घीया, तोरी, भिंडी, परवल सहित तमाम सब्जियों की कीमत में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। टमाटर के दाम अचानक दोगुने से ज्यादा बढ़ गए हैं। कुछ दिन पहले 20 रुपये प्रति किलो बिकने वाले टमाटर का भाव बढ़कर 50 रुपये तक पहुंच गया है। आजादपुर मंडी में सब्जी विक्रेता संदीप खंडेलवाल का कहना है कि हरी सब्जियां हर साल की तरह इस बार भी बरसात के मौसम में महंगी हो गई हैं। जिन राज्यों से दिल्ली में रोज सब्जियों की आवक होती है, वहां मूसलाधार बारिश हो रही है। बारिश के कारण वाहनों के आवागमन में परेशानी होने और हरी सब्जियों के खराब होने का असर कीमत पर पड़ रहा है।

ओनियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र से आने वाला प्याज दिल्ली में नहीं पहुंच पा रहा है। इस वजह से प्याज की कीमत बढ़ गई है। थोक बाजार में शनिवार को प्याज की कीमत 19-28 रुपया तक चढ़ गई। व्यापारियों की मानें तो प्याज का भाव अभी और चढ़ेगा। 

अगले सप्ताह तक प्याज थोक भाव में 30-35 रुपये तक चढ़ सकता है। कुछ हरी सब्जियां अधिक दिन तक टिक नहीं पाती हैं। ऐसे में ताजा सब्जियों के लिए ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। आगे भी बारिश के हालात के मुताबिक कीमत में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बने रहने की उम्मीद है।

सब्जियों के भाव
मटर 100 रुपये 
टमाटर 45-50 रुपये
गोभी 50-60 रुपये
भिंडी 50-60 रुपये
अरबी 45-50 रुपये
बैंगन 50-60 रुपये
घीया-40-50 रुपये
परवल-60-70 रुपये
(कीमत प्रति किलोग्राम)

मंत्री इमरती देवी ने सील सरकारी दुकानों के ताले तुड़वाए, व्यापारियो का अवैध कब्जा करवाया

0

 मंत्री इमरती देवी ने सरेआम उन तमाम सरकारी दुकानों के ताले तुड़वा दिए जिन्हे प्रशासन ने सील कर दिया था। इतना ही नहीं मंत्री ने अपनी मौजूदगी में सरकारी दुकानों पर व्यापारियों के अवैध कब्जे भी करवाए। SDM जयति सिंह का कहना है कि कब्जा करने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

मामला क्या है

मामला ग्वालियर जिले की डबरा कृषि उपज मंडी का है। मंडी प्रशासन ने 26 दुकानें बनाई थी। इन दुकानों पर व्यापारी ने लम्बे समय से कब्जा किया हुआ हैं और दुकानों का किराया भी नहीं चुकाया है, जिसकी वजह से उन्हें नोटिस देने के बाद मंडी प्रशासन ने दुकानों पर ताले जड़ दिए थे। व्यापारियों ने मंत्री इमरती देवी को बुलाया और इस मीटिंग के बाद मंत्री इमरती देवी खुद व्यापारियों के साथ दुकानों तक पहुंची और अपने सामने सील बंद दुकानों के ताले तुड़वाकर दुकानों पर व्यापारियों का कब्जा करवा दिया।

SDM ने कहा कार्रवाई होगी

बताया जा रहा है कि व्यापारियों के साथ चल रही बैठक के दौरान मंत्री इमरती देवी ने SDM को बुलवाया था परंतु SDM जयति सिंह IAS वहां नहीं पहुंची। मंत्री द्वारा दुकानों कों की सील तुड़वाने के बाद SDM ने अपने वाट्स्ऐप ग्रुप में रात को स्टेनो से प्रेस नोट जारी कराकर सील दुकानों को अवैधानिक तरीके से खोले जाने की बात कही और बताया कि व्यापारियों ने बिना किराया दिए दुकानों का ताला तोड़ दिया है, साथ ही उन्होंने ऐसा करने वालों पर कार्रवाई करने की भी बात कही है।

मंत्री इमरती देवी ने स्पष्टीकरण दिया, एडीएम जांच अधिकारी नियुक्त

SDM जयति सिंह के बयान के बाद मंत्री इमरती देवी नाराज बताई जा रहीं हैं, उन्होंने कहा कि ‘मैं व्यपारियों के साथ मंडी गई थी। वहां जिन व्यापारियों ने दुकान का किराया चेक के माध्यम से दिया है सिर्फ उनकी दुकानों के शटर खोले गए थे’। फिलहाल पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और मंत्री और SDM आमने- सामने आ गई है। SDM ने अधिकारियों को मामले से अवगत कराकर जांच की बात कही है और ADM को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया है। मंत्री के मामले से जुड़े होने के कारण फिलहाल किसी भी व्यापारी पर कार्रवाई नहीं की गई है।

बजरंग दल का नेता निकला ISI का एजेंट,आतंकवादियों को पैसा पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार

0

मध्य प्रदेश के सतना से आतंकवादियों को पैसा पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार तीन लोगों को अदालत में पेश किया। अदालत ने आगे पूछताछ के लिये तीनों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। 

पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते भोपाल के पुलिस अधीक्षक प्रणव नागवंशी ने बताया कि सतना से गिरफ्तार किये गये सुनील सिंह, बलराम सिंह, और शुभम मिश्रा को शुक्रवार को पुलिस रिमांड के लिये अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों से आगे पूछताछ के लिये पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया है। 

उन्होंने बताया कि आरोपियों को गुरुवार को सतना पुलिस ने गिरफ्तार किया था और मामले में आगे जांच के लिये एटीएस को सौंप दिया। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एटीएस द्वारा भारतीय दंड विधान की धारा 123 (युद्ध करने की परिकल्पना को सुगम बनाने के आशय से छिपाना) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। 

जानकारी के मुताबिक, इनके कनेक्शन पाकिस्तान बेस्ड टेरर सिंडिकेट से पाए गए हैं। वहीं, उनके कब्जे से बरामद फोन पाकिस्तान के 17 फोन नंबर भी मिले हैं। तीनों लोग इन नंबरों पर लगातार वॉट्सऐप कॉल करते थे और वीडियो मैसेज भेजते थे। वहीं, कुछ संदेश पाकिस्तान की आजादी के दिन यानि 14 अगस्त को भेजे गए थे। 

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों की पहचान बलराम सिंह, सुनील सिंह और शुभम तिवारी के रूप में हुई है। इनके गिरोह में कुल 5 सदस्य शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार तीन आरोपियों में से शामिल बलराम सिंह बजरंग दल का पूर्व नेता रह चुका है। उसे 2 साल पहले चीन में बने जासूसी सिम बॉक्स के साथ पकड़ा गया था। वह पिछले साल ही जमानत पर छूटा था।

70 साल से बंद था फ्लैट, जब खोला दरवाजा तो एक ही झटके में परिवार बन गया करोड़पति

0

एक परिवार की किस्मत ऐसी बदली की वो एक झटके में करोड़पति बन गये। दोस्तो बता दे कि साल 1939 में जब नाजियों ने पेरिस पर हमला किया था। उस वक़्त वहां के सभी स्थानीय नागरिक घर छोड़कर भाग गए थे।
दोस्तो बता दे की पेरिस में रहने वाली मैडम डी फ्लोरियन जब मात्र 23 वर्ष की थी, तभी उनके परिवार ने नाजियों के डर से घर छोड़ दिया था और अपनी जान बचाने के लिए कहीं सुदूर चली गयी, जहां वो सभी महफ़ूज रह सकें। बताया जाता है की साल 2010 में उनकी मौत के बाद जब उनके परिवार को पता चला कि पिछले 70 सालों से फ्लोरियन, पेरिस में मौजूद अपने घर का लगातार किराया भर रही थी, तो उत्सुकता में परिवारवालों ने वहां जाने का फैसला किया, यह सोचते हुए की वहां फ्लोरियन से जुड़ी कुछ पुरानी यादें होंगी। मगर दोस्तों पेरिस पहुंचने के बाद जब परिवार ने कई दशक से बंद पड़े घर के दरवाजे को जैसे ही खोला, अंदर का दृश्य देख सभी की आँखें खुली ही रह गयी। बता दे घर के अंदर बेशकीमती चीजें, दुर्लभ पेंटिंग्स और कीमती सामान भरे थे। जिनकी कीमत शायद लाखों-करोड़ों में थी। घरवालों ने उन सामानों की नीलामी कर दी और देखते-देखते करोड़पति बन गए। फ्लोरियन का मेकअप किट विंटेज बन चुका था, साथ ही उनके घर में लगी एक पेंटिंग बेहद ही दुर्लभ थी, जिसे 21 करोड़ से भी ज्यादा में बेचा गया।

मंदी और बेरोजगारी के लिए ‘नोटबंदी’ जिम्मेदार, विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना का भाजपा पर हमला

0
  • ‘सामना’ ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर किया अप्रत्याशित हमला
  • सामना ने लिखा है कि नए शासन में विदेश से काला धन वापस नहीं आया
  • लिखा- नोटबंदी से कई लोगों का काला पैसा सफेद हुआ है ये स्वीकारना चाहिए

भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने शनिवार को अपने मुखपत्र ‘सामना’ में मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों पर अप्रत्याशित हमला किया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को नोटबंदी के बाद देश में भ्रष्टाचार बढ़ने की स्वीकारोक्ति को आधार बनाते हुए सामना के संपादकीय में अर्थव्यवस्था की मंदी और बेरोजगारी के लिए पीएम मोदी की सरकार के नोटबंदी के निर्णय को जिम्मेदार ठहराया गया है। राज्य में सितंबर-अक्तूबर में होने वाले संभावित विधानसभा चुनावों से पहले शिवसेना-भाजपा के बीच अभी तक बढ़िया तालमेल देखने को मिला है, ऐसे में ‘सामना’ के इस तेवर ने लोगों को चकित किया है। सामना ने संपादकीय में लिखा कि मंदी और बेरोजगारी की जड़ नोटबंदी के निर्णय में है। 

लिखा कि नोटबंदी से कई लोगों का काला पैसा सफेद हुआ है ये स्वीकारना चाहिए। लेकिन करोड़ों लोगों ने अपनी नौकरी भी गवां दी, ये कटु सत्य है। संपादकीय में लिखा गया है कि अगर वित्तमंत्री बता देतीं कि वर्तमान सरकार में हुए भ्रष्टाचार किसने किए और उन पर क्या कार्रवाई हुई तो अच्छा होता। 

सामना ने लिखा है कि नए शासन में विदेश से काला धन वापस नहीं आया और उल्टे बैंकों को डुबोने वाले 100 से ज्यादा उद्योगपति देश से भाग गए। उन्हें सीबीआई ने नहीं रोका और ईडी ने भी नहीं टोका। संपादकीय ने सवाल उठाया है कि अर्थव्यवस्था को जो लकवा लगा है, इससे नए भारत का निर्माण कैसे होगा।

INDORE NEWS : INVESTMENT की आड़ में ठगी करने वाली 21 कंपनी सील, महिला सहित तीन गिरफ्तार

0

इंदौर। निवेश की आड़ में ठगी करने वाली 41 एडवाइजरी कंपनियों (Advisory companies) को चिन्हित कर एसपी ने सात थानों के टीआई को छापे के लिए पत्र लिखा, लेकिन छह टीआई कार्रवाई करना भूल गए। एक टीआई ने छापा तो मारा लेकिन कंपनियों के दफ्तर बंद हो चुके थे। पुलिस ने दावा किया कि एक महिला सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर दफ्तर सील किए हैं। दोनों के खिलाफ दो केस दर्ज किए हैं।

एसपी (पूर्व) मो. यूसुफ कुरैशी ने पत्र में कंपनी का नाम-पता और उन अफसरों का नाम लिखा जिन्हें कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया। छह टीआई त्योहारों में व्यस्तता का हवाला देकर कार्रवाई नहीं कर पाए। विजय नगर थाना टीआई तहजीब काजी ने शुक्रवार सुबह वेल्थ आईटी ग्लोबल और एबी रिसर्च ग्रुप (Wealth IT Global and AB Research Group) पर छापा मारा और संचालक कपिल, मयंक व काजल उर्फ सुमोनी को गिरफ्तार कर लिया।टीआई के मुताबिक दोनों ही कंपनी छह जगहों पर काम कर रही थीं। इनके दफ्तर सील कर दिए हैं। सहयोगी मोहित मगलानी, प्रिया शर्मा, नितिन शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, अजय तिवारी व विजय मित्तल की तलाश है। आरोपितों से पूछताछ की तो बताया कि वे दफ्तर बंद कर चुके हैं।

कंपनियों की सूची

विजय नगर थाना : एनालिस एक्सचेंज, कैपिटल मार्स, कैपिटल मंत्रा, कैपिटल द कैपिटल स्काई, कार्ट रिसर्च, ड्रीम रिसर्च, ईआरएच रिसर्च हाउस, जीवीएम रिसर्च, इन्वेस्टमेंट एकेडमी, इन्वेस्टर इंडिया, काइट्स रिसर्च, मैक्स इंडिया रिसर्च, मनी इन्क्रेस, मनी ट्री रिसर्च, प्रोफिसेंट रिसर्च, प्रोफिस मंत्रा, सिक्योर इन्वेस्टमेंट, श्री रिसर्च, विवान रिसर्च, वेल्थ अगैन, डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू एपल्सूसानालिस्टक।

तुकोगंज : ए-टू फाइनेंशियल, कैपिटल लाइव, एक्जेक्ट की, प्रतीक पटेल, गौरी पांडे, कशिश ग्रेवाल, मौनार्च नेटवर्थ कैपिटल, विशवर्थ फाइनेंशियल सर्विस।

पलासियाः इक्यूटी मनी गुरु, कैप विजन, फाइनेंशियल बाजार, निफकॉन इंस्टिट्यूट, प्रीमियम कैपिटल, ट्रेड गुरु।

लसूड़िया : 777 रिसर्च डॉट कॉम।

हीरानगर : केडी कैपिटल और कैपिटल विस्टा रिसर्च।

खजराना : इन्वेस्टमेंट इंडिया एडवाइजरी।

कनाड़िया : कैश काउ रिसर्च।

एमआईजी : प्रीमियम रिसर्च फाइनेंशियल, ग्लोबेक्स मनी।

काजी के मुताबिक फरियादी चंद्रप्रकाश सिंघई को आरोपित प्रिया ने कॉल किया और कहा कि तीन लाख रुपए निवेश करने पर 25 लाख का मुनाफा होगा। उससे करीब आठ लाख रुपए ले लिए। बाद में कहा उनका काम नितिन करवाएगा। निवेशक का करीब 40 लाख का घाटा करवा दिया गया। इस कंपनी का संचालक कपिल है। नितिन और प्रिया की तलाश है। इसी तरह दयानंद शर्मा की शिकायत पर मयंक और काजल को गिरफ्तार किया है। आरोपित काजल सुमोनी के नाम से कॉल करती थी। उसे भी लालच दिया और 14 लाख ठग लिए।

दानवीर जेटली: अपने असिस्टेंट के बेटे को अरुण जेटली ने गिफ्ट दी थी महंगी कार.. कहा था- खूब पढ़ो

0

 पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली आज हमारे बीच नहीं रहे। वो बड़े दिलवाले महान इंसान थे। उन्होंने दान किया लेकिन किसी को पता नहीं चलने दिया। असली दान गुप्तदान ही है। जेटली अपने निजी स्टाफ के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते थे।

उनके परिवार की देखरेख भी अपने परिवार की तरह ही करते थे, क्योंकि वे इन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानते थे। दूसरी ओर, कर्मचारी भी परिवार के सदस्य की तरह जेटली की देखभाल करते थे। उन्हें समय पर दवा देनी हो या डाइट, सबका बखूबी ख्याल रखते थे।

जेटली ने एक अघोषित नीति बना रखी थी, जिसके तहत उनके कर्मचारियों के बच्चे चाणक्यपुरी स्थित उसी कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ते हैं, जहां जेटली के बच्चे पढ़े हैं। जेटली ने 2005 में अपने सहायक रहे ओपी शर्मा के बेटे चेतन को लॉ की पढ़ाई के दौरान अपनी 6666 नंबर की एसेंट कार गिफ्ट दी थी।

जेटली वित्तीय प्रबंधन में सावधानी बरतते थे। एक समय वे अपने बच्चों (रोहन व सोनाली) को जेब खर्च भी चेक से देते थे। इतना ही नहीं, स्टाफ को वेतन और मदद सबकुछ चेक से ही देते थे। उन्होंने वकालत की प्रैक्टिस के समय ही मदद के लिए वेलफेयर फंड बना लिया था। इस खर्च का प्रबंधन एक ट्रस्ट के जरिए करते थे।

अगर कर्मचारी का कोई प्रतिभावान बच्चा विदेश में पढ़ने का इच्छुक होता था तो उसे विदेश में वहीं पढ़ने भेजा जाता था, जहां जेटली के बच्चे पढ़े हैं। ड्राइवर जगन और सहायक पद्म सहित करीब 10 कर्मचारी जेटली परिवार के साथ पिछले दो-तीन दशकों से जुड़े हुए हैं। इनमें से तीन के बच्चे अभी विदेश में पढ़ रहे हैं।

जेटली परिवार के खान-पान की पूरी व्यवस्था देखने वाले जोगेंद्र की दो बेटियों में से एक लंदन में पढ़ रही हैं। संसद में साए की तरह जेटली के साथ रहने वाले सहयोगी गोपाल भंडारी का एक बेटा डॉक्टर और दूसरा इंजीनियर बन चुका है।

बाथरूम में ही क्यों आता है हार्ट अटैक, एक बार जरुर पढ़ें

0

हार्ट अटैक या दिल के दौरे के रूप में जाना जाता है, जिसके तहत दिल के कुछ भागों में रक्त संचार में बाधा होती है, जिससे दिल की कोशिकाएं मर जाती हैं। यह आमतौर पर कमजोर धमनीकलाकाठिन्य पट्टिका के विदारण के बाद परिहृद्-धमनी के रोध (रूकावट) के कारण होता है, जो कि लिपिड (फैटी एसिड) का एक अस्थिर संग्रह और धमनी पट्टी में श्वेत रक्त कोशिका (विशेष रूप से बृहतभक्षककोशिका) होता है।
तो आईये जानते हैं-
1. ब्लड प्रेशर है बड़ा कारण – दोस्तों, नहाने के वक्त भी रक्तचाप प्रभावित हो सकता है इसके पीछे कई वजह हो सकती है जैसे अचानक गर्म पानी या ठंडा पानी के निचे जाना, बॉडी को साफ़ करने में ज्यादा प्रेशर लगाना, दोनों पैरों के सहारे ज्यादा देर तक बैठे रहना, जल्दी बाजी में नहाना, बाथटब में ज्यादा बैठे रहना इन चीजों से हार्ट रेट पर असर पड़ता है जो ब्लड फ्लो को प्रभावित करते हुए धमनियों पर प्रेशर बढ़ा देता है जिससे हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट की परेशानी बनती है. दोस्तों, हार्ट अटैक आने का कारण ब्लड प्रेशर भी हो सकता है.
2. टॉयलेट का प्रेशर भी है खतरनाक – दोस्तों, टॉयलेट सिट पर बैठने या इंडियन स्टाइल के टॉयलेट का इस्तेमाल करने के दौरान ज्यादा प्रेशर लगाना या फिर ज्यादा देर तक बैठे रहना रक्त परिसंचरण को प्रभावित करना है इससे दिल की धमनियों पर प्रभाव पड़ता है जो हार्ट अटैक या कार्डिएक अरेस्ट का कारण बनता है. दोस्तों, टॉयलेट सिट पर ज्यादा देर तक बैठना खतरनाक साबित हो सकता है.
3. सिर पर पड़ने वाले ठंढ पानी – दोस्तों, सिर पर पड़ने वाला ठण्ड पानी हार्ट अटैक का कारण बन सकता है.डॉक्टर सलाह देते हैं की पहले तलवों को पानी में डाले और फिर धीरे-धीरे सिर को गिला करें जब सीधे सर पर ठंढा पानी पड़ता है तो इससे रक्तचाप पर भी सीधा असर पड़ता है और इसका बुरा असर हार्ट पर पड़ता है जो किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा हो सकता है इसी कारण बाथरूम में ही अधिकतर हार्ट अटै क के मामले होते हैं.दोस्तों, हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए की नहाने समय सबसे पहले अपने पैर के तलवे पर पानी डालना चाहिए.

कश्मीर के जमाई बाबू कहलाते थे अरूण जेटली, देखें उनकी शादी की तस्वीरें

0

 आज देश के पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के कद्दावर नेता अरुण जेटली का निधन हो गया है, उन्होंने दिल्ली के एम्स में दोपहर 12.07 बजे अंतिम सांस ली है, वह 66 वर्ष के थे, बता दें कि जेटली 9 अगस्त से ही एम्स में भर्ती थे, उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के कारण एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां आज उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

निजी जीवन 
जेटली ने 24 मई 1982 को संगीता जेटली से विवाह किया था..

उनके निजी जीवन की बात करे तो आपको बता दें कि जेटली ने 24 मई 1982 को संगीता जेटली से विवाह किया जिससे उनके दो बच्चे, पुत्र रोहन और पुत्री सोनाली हैं, मालूम हो कि संगीता जेटली के पिता गिरधारी लाल डोगरा जम्मू-कश्मीर के राजनीति के दिग्गज नेताओं में थे, वे 80 के दशक में जम्मू-कश्मीर सरकार में वित्तमंत्री भी रहे थे, इसी वजह से जेटली को कश्मीर का दामाद भी कहा जाता था।

भाजपा 
जेटली की पत्नी ने काटा था एक नंबर

अरुण जेटली की बेटी और बेटा दोनों अपने पिता की तरह वकील हैं, ये तीसरी पीढ़ी है जिसने वकालत में अपना करियर बनाया है। साल 2018 में उनकी और उनकी पत्नी का एक बेहद ही रोचक किस्सा सबके सामने आया था, दरअसल वित्त मंत्री अरुण जेटली की पत्नी संगीता जेटली ने बजट की तारीफ करते हुए जेटली को दस में से नौ नंबर दिए थे और कहा था कि वह उन्हें एक नंबर ‘मानवीय चूक’ के कारण नहीं दे रही हैं।

2015 में भी बजट पेश के दौरान जेटली ने संसद में एक शायरी सुनाई जिसने लोगों का ध्यान खींचा था. वो शायरी कुछ इस तरहा है- कुछ तो फूल खिलाये हमने और कुछ फूल खिलाने हैं मुश्किल ये है बाग में अब तक कांटें कई पुराने हैं. 
जेटली को शेरो-शायरी का बहुत शौक था

बहुत ही कम लोग जानते हैं कि बेहद ही गंभीर स्वाभाव के जेटली को शेरो-शायरी का बहुत शौक था, उनका ये अंदाज तब देखने को मिला जब वो बजट पेश करते थे तो उन्होंने कई बार शायरियों के जरिए विपक्ष को अपने निशाने पर लिया था।

2015 में भी बजट पेश के दौरान जेटली ने संसद में ये शायरी सुनाई थी

कुछ तो फूल खिलाये हमने 
और कुछ फूल खिलाने हैं
मुश्किल ये है बाग में अब तक कांटें कई पुराने हैं

कश्ती चलाने वालों ने जब हार कर दी पतवार हमें 
साल 2016 के बजट में ये शायरी सुनाई थी

कश्ती चलाने वालों ने जब हार कर दी पतवार हमें
लहर लहर तूफान मिलें और मौज-मौज मझधार हमें
फिर भी दिखाया है हमने और फिर ये दिखा देंगे सबको
इन हालातों में आता है दरिया करना पार हमें…