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दिल्ली शराब केस में 4 साल बाद कैसे बरी हो गए केजरीवाल-सिसोदिया, 6 पॉइंट्स में समझें…

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दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया है. फैसला सुनाते हुए जज जितेंद्र सिंह ने सीबीआई की ओर से पेश सबूतों को स्वीकार योग्य नहीं माना.

जज ने कहा कि आपने जो भी सबूत पेश किए हैं, वे केवल बयानों पर आधारित हैं. आपके (सीबीआई के) पास इस मामले में कोई ठोस प्रमाण है ही नहीं. हम इंतजार करते रहे, लेकिन सीबीआई इस मामले में ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई.

2022 में दिल्ली कथित शराब घोटाला सामने आने के बाद से अब तक सीबीआई इस मामले में 5 चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी. केस में 300 से ज्यादा गवाह पेश किए गए थे, लेकिन कोर्ट ने उन्हें पर्याप्त नहीं माना. उलटे कोर्ट ने सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सीबीआई के एक-एक आरोप कोर्ट में कैसे ध्वस्त हो गए?

दिल्ली शराब केस में कुल 5 चार्जशीट दाखिल

दिल्ली शराब केस में सीबीआई ने कुल 5 चार्जशीट दाखिल की. इनमें एक मुख्य और 4 पूरक चार्जशीट दाखिल कीग गई. सीबीआई ने सबसे पहला चार्जशीट 25 नवंबर 2022 को दाखिल की गई. इसके बाद सीबीआई ने अप्रैल 2023, और जुलाई 2023 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. 2024 में इस केस में सीबीआई ने 2 चार्जशीट दाखिल की. कुल मिलाकर इस केस में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 1000 से ज्यादा पन्नों का चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की. केस में पहले 17 आरोपी बनाए गए थे, बाद में 23 आरोपी बनाए गए.

इस केस में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के कविता और दुर्गेश पाठक जैसे बड़े राजनेताओं को भी आरोपी बनाया गया था. दिल्ली शराब केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच एजेंसी के पास थी. मनीष सिसोदिया को आरोपी नंबर-8 और अरविंद केजरीवाल को आरोपी नंबर-18 बनाया गया था.

सीबीआई के दावे और कोर्ट का फैसला

सीबीआई ने चार्जशीट में सबसे बड़ा आरोप यह लगाया था कि दिल्ली में जब नई शराब नीति तैयार की जा रही थी, उस वक्त थोक विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए 5 प्रतिशत के लाभ को 12 प्रतिशत कर दिया गया. चार्जशीट में कहा गया कि पॉलिसी बनाते वक्त यह तय किया गया कि इस 12 प्रतिशत में से 6 प्रतिशत का कमीशन सत्ताधारी पार्टी को मिलेगा.

कोर्ट ने सीबीआई की इस आरोप को नहीं माना. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई इसको लेकर ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है. यह आरोप सिर्फ बयानों के आधार पर लगाया गया है.

सीबीआई के चार्जशीट के मुताबिक मई 2021 में विजय नायर के कहने पर दिल्ली के गौरी अपार्टमेंट में एक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में दिनेश अरोड़ा, अरुण पिल्लई और अभिषेक बोनिपल्ली शामिल थे. सीबीआई ने यह आरोप दिनेश अरोड़ा के हवाले से चार्जशीट में फाइल किया.

कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपित को गवाह बनाकर केस फाइल करना सही नहीं है. सीबीआई अलग से इसको लेकर कोई सबूत नहीं ला पाई है.

सीबीआई ने अपने पहले पूरक चार्जशीट में लिखा- मनीष सिसोदिया ने अपने पद का दुरुपयोग किया. आबकारी नीति में इस तरह बदलाव किया, जिससे नीति का फायदा सिर्फ कुछ खास कंपनियों को मिल सके. इसके लिए मनीष सिसोदिया को रिश्वत दी गई. आरोप में कहा गया कि मनीष सिसोदिया ने प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए रवि धवन कमेटी की सिफारिश भी नहीं मानी थी.

CG: दो करोड़ रुपए के गबन के आरोप में एसबीआई की निलंबित अधिकारी गिरफ्तार…

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छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने बिलासपुर जिले में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की निलंबित महिला अधिकारी को दो करोड़ रुपये से अधिक का गबन करने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) बिल्हा शाखा में ‘कैशियर’ के रूप में पदस्थ रही तेजवथ थीरापतम्मा को 2,06,37,600 रूपये गबन करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि एसबीआई के बिल्हा शाखा के प्रबंधक ने शिकायत की थी कि 19 दिसंबर 2024 से दो जनवरी 2025 के बीच बैंक ‘कैशियर’ और अन्य कर्मचारियों ने बैंक के रिकॉर्ड और खातों में छेड़छाड़ कर 2,06,37,600 रूपये का गबन किया।

उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद एसीबी ने बैंक की तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

अधिकारियों ने बताया कि स्टेट बैंक द्वारा विभागीय स्तर पर की गई जांच में भी थीरापतम्मा और अन्य के खिलाफ आर्थिक अनियमितता के सबूत मिले थे। इसके बाद थीरापतम्मा को निलंबित कर दिया गया था।

उन्होंने बताया कि एसीबी बिलासपुर की टीम पिछले कुछ दिनों से थीरापतम्मा की तलाश कर रही थी।

अधिकारियों ने बताया कि थीरापतम्मा के बृहस्पतिवार को बिल्हा स्थित स्टेट बैंक में गोपनीय रूप से आने की सूचना मुखबिर से प्राप्त होने के बाद उसे एसीबी बिलासपुर की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के मोबाइल को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि थीरापतम्मा को हिरासत में लेने के लिए उसे विशेष न्यायालय, बिलासपुर में पेश किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज हंगामे के आसार! सदन में पेश होंगी तीन महत्वपूर्ण रिपोर्टें, दो अलग विषय पर ध्यानाकर्षण भी, जानें मुख्य बातें…

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र जारी है। आज सदन में तीन महत्वपूर्ण रिपोर्टें पेश की जाएंगी, जिनमें बिजली नियामक आयोग, मनरेगा और गौसेवा आयोग की रिपोर्ट शामिल है। इसके अलावा, सदन में दो अलग-अलग विषयों पर ध्यानाकर्षण किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सदस्यों के बीच सामान्य चर्चा भी होगी। सत्र में दो अशासकीय संकल्प भी प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

धान खरीद में कुप्रबंधन का आरोप

बता दें की छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार पर धान खरीद में बड़े पैमाने पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि दो लाख से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं।

इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए, कांग्रेस सदस्य आसन के समीप आ गए। उसके बाद वे विधानसभा के नियमानुसार कुछ समय के लिए स्वतः ही निलंबित हो गए।शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए, विपक्ष के नेता चरण दास महंत और कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने मामले की विस्तृत चर्चा की मांग की एवं इस संबंध में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार धान खरीद योजना के तहत पर्याप्त व्यवस्था करने में विफल रही है।

महंत ने आरोप लगाया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में विसंगतियों को नियंत्रित करने में राज्य सरकार की ‘अनियमितताओं और प्रशासनिक विफलताओं’ ने किसानों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

महंत ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान, सरकार ने 25,24,339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा, जो मौजूदा सरकार के समय में खरीदी गई सबसे कम मात्रा है। उन्होंने दावा किया कि 27,36,171 पंजीकृत किसानों में से 2,11,832 किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए।

उन्होंने इसे जानबूझकर मुश्किल खरीद प्रक्रिया बताया। महंत ने आरोप लगाया कि प्रभावित किसानों में से 1,30,369 अनुसूचित क्षेत्रों के हैं तथा आदिवासी किसान सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में 50,050 किसानों ने खरीद के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन केवल 41,092 ही अपना धान बेच पाए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में शोर-शराबा

महंत ने सरकार पर पंजीकरण सत्यापन, ज़मीन की जांच, टोकन सिस्टम, किसानों के घरों पर जाकर जांच और भुगतान संबंधी रुकावटें पैदा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इससे बहुत ज़्यादा परेशानी हुई।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने पीठासीन अधिकारी से स्थगन प्रस्ताव को निरस्त करने का अनुरोध किया और कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान सदस्यों को मुद्दे उठाने का पूरा मौका मिलेगा।

उमेश पटेल और संगीता सिन्हा समेत कांग्रेस के विधायकों उन किसानों के आत्महत्या की कोशिश करने का ज़िक्र किया, जो कथित तौर पर अपना धान बेचने में असफल रहे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। बघेल ने दावा किया कि उनकी गैरमौजूदगी में (राजस्व) अधिकारी भी उनके खेत पर आए थे, जिससे पता चलता है कि किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने पीठासीन अधिकारी से चर्चा कराने का अनुरोध किया तथा सरकार से इस मुद्दे पर जवाब देने को कहा।

सदन की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव पहले ही अस्वीकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को बजट की चर्चा के दौरान बोलने का मौका मिलेगा।

इसके बाद फैसले से नाखुश कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वे आसन के समीप आ गए, जिसके बाद विधानसभा के नियमों के अनुसार वह स्वतः निलंबित हो गए। सभापति ने 32 कांग्रेसी विधायकों के निलंबन की घोषणा की, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया।

CG: अग्निवीर बनने का सपना होगा पूरा, 8वीं-10वीं पास युवा भी कर सकते हैं आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया और अंतिम तिथि…

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जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, गरियाबंद द्वारा भारतीय अग्निवीर थल सेना भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीयन भारतीय थल सेना के संबंध में अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 01 अप्रैल 2026 तक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू ज्वाईन इंडियन आर्मी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जिला रोजगार एवं स्वरोजगार केंद्र से प्राप्त जानकारी के अुनसार ऐसे अविवाहित पुरुष एवं महिला अभ्यर्थी, जिनका जन्म तिथि 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 के मध्य है, वे अग्निवीर के विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। जैसे अग्निवीर जनरल ड्यूटी पुरुष एवं महिला, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर तथा अग्निवीर ट्रेड्समैन

इसके अतिरिक्त सिपाही के पद के लिए केवल पुरुष अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। जिनकी जन्म तिथि 01 जुलाई 2002 से 01 जनवरी 2008 के मध्य होनी चाहिए। ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम जुलाई अथवा अगस्त 2026 में आयोजित होने की संभावना है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 एवं 0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, गरियाबंद के दूरभाष क्रमांक 07706-241269 पर भी संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

CG: किसानों को मिलेगा जमीन का मुआवजा! मंत्री टंकराम वर्मा ने सदन से किया बड़ा ऐलान…

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नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सदन में उठाया जमीन मुआवजा का मुद्दा

मंत्री टंक राम वर्मा ने राजस्व विभाग और NHAI की संयुक्त जांच टीम बनाने की घोषणा की

जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला, उन्हें प्राथमिकता से राहत दिलाने का भरोसा

छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र जारी है। आज सदन में अलग-अलग विषयों पर ध्यानाकर्षण किया गया। इस दौरान सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान जमीन मुआवजा का मुद्दा उठा। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक ने जमीन मुआवजा से जुड़ा मुद्दा उठाया।जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य मंत्री टंक राम वर्मा ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया।

इस दौरान मंत्री ने घोषणा की कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी। यह टीम राजस्व विभाग और एनएचआई (NHAI) के अधिकारियों की होगी, जो जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े मामलों की जांच करेगी।

मंत्री टंक राम वर्मा ने साफ कहा कि जिस किसान को अब तक जमीन का मुआवजा नहीं मिला है, उसके मामले को प्राथमिकता से देखा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे मामलों में जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों के हितों के साथ है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

CG: कृषक उन्नति योजना : जिले के 92493 किसानों के खाते में आएंगे 372 करोड़ 67 लाख रूपए…

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 28 फरवरी को करेंगे किसानों के खातों में राशि का अंतरण’

प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले जिले के किसानों के खातों में अंतर की राशि को अंतरित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शनिवार 28 फरवरी को बिलासपुर के बिल्हा विकासखण्ड के ग्राम रहंगी के खेल मैदान में आयोजित समारोह में दोपहर 12 बजे प्रदेश भर के किसानों के खातों में योजनांतर्गत राशि अंतरित करेंगे।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान बेचने वाले जिले के 92 हजार 493 किसानों के बैंक खातों में कुल 372 करोड़ 67 लाख 20 हजार रूपए की राशि अंतरित की जाएगी। इन किसानां के द्वारा वर्तमान खरीफ विपणन वर्ष में 50 लाख 98 हजार 696 क्विंटल धान बेचा गया है, जिनकी अंतर राशि 70 बैंक शाखाओं में शनिवार 28 फरवरी को अंतरित की जाएगी।

CG: जल जीवन मिशन: घर-घर नल कनेक्शन से 1135 ग्रामीणों को मिल रहा स्वच्छ पेयजल…

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शासन की महत्वकांक्षी जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार हर घर जल पहुंचाने लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम करही में 254 घरों और लगभग 01 हजार 135 से अधिक ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

इस गांव में जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन ने पेयजल व्यवस्था की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। जो गांव कभी 05 हैंडपंप और 05 पावर पंप पर निर्भर था, आज वहां प्रत्येक घर में नल से नियमित, स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। अब ग्राम करही में पानी के लिए न कतार है, न भागदौड़ और न ही चिंता।

पूर्व में जलस्तर कम होने पर गांव में पानी की भारी किल्लत हो जाती थी। विशेषकर गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी। महिलाओं को दूरस्थ स्थानों तक पानी लाने जाना पड़ता था और लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ता था। इससे घरेलू कार्यों में देरी होती थी और मजदूरी तथा खेती-किसानी का कार्य भी प्रभावित होता था।

गांव की महिलाओं के लिए यह केवल पानी की समस्या नहीं थी, बल्कि समय, श्रम और सम्मान से जुड़ा प्रश्न था, लेकिन जब से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे गांव में पाइपलाइन का विस्तार कर प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया है, तब से सभी परिवारों को घर बैठे स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। पानी के लिए होने वाली रोज़मर्रा की भागदौड़ समाप्त हो गई है और ग्रामीणों की दिनचर्या व्यवस्थित हो गई है।

ग्राम की निवासी अंजीरा राजपूत, जानकी नेताम, गणेशिया यादव और सुखमनी यादव ने कहा कि अब उन्हें पानी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता। वे अपने घरेलू कार्य समय पर पूरा कर पा रही हैं और खेतों व मजदूरी कार्यों के लिए भी समय पर निकल पाती हैं।

ग्राम की सरपंच श्रीमती कमलेश बंजारे के अनुसार योजना के सफल संचालन और संधारण के लिए जल कर संग्रह की व्यवस्था की गई है।

नियमित देखरेख और सामुदायिक सहभागिता से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी ग्रामीणों को समय पर और पर्याप्त पानी मिलता रहे। पथरिया के जनपद सदस्य श्री संजीव नेताम ने कहा कि अब ग्रामीणों के दरवाजे पर ही पानी उपलब्ध है, जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान हो गया है।

उन्होंने इस योजना को ग्राम करही के लिए वरदान बताते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।

CG: चार जिलों में संशोधित गाइडलाइन दरें 27 फरवरी से लागू…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में दिनांक 20 नवम्बर 2025 से नवीन गाइडलाइन दरें लागू की गई हैं। राज्य शासन द्वारा जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश जारी किए गए थे कि स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुसार गाइडलाइन दरों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।

उक्त निर्देशों के अनुरूप दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन प्रस्तावों पर विचार हेतु महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का परीक्षण कर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में समग्र परीक्षण के पश्चात केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा एवं बलरामपुर-रामानुजगंज जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त गाइडलाइन दरों के प्रस्तावों का अनुमोदन प्रदान किया गया।

केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा अनुमोदित नवीन गाइडलाइन दरें उपरोक्त चारों जिलों में दिनांक 27 फरवरी 2026 से प्रभावशील होंगी। आम नागरिक एवं संबंधित हितधारक नवीन दरों की जानकारी संबंधित जिला पंजीयन कार्यालयों तथा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।अन्य जिलों की संशोधित गाइडलाइन दरें भी शीघ्र जारी की जाएंगी।

CG: राष्ट्रीय बागवानी मिशन से किसानों को संबल : उन्नत तकनीक से टमाटर खेती में बढ़ा उत्पादन और मुनाफा…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से जोड़ने और केंद्र व राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। इसी क्रम में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।

जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेम्पू के किसान श्री सुनील भगत ने उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में टमाटर की उन्नत खेती कर सफलता हासिल की है। उन्होंने विभागीय परामर्श के बाद जीके देशी किस्म का टमाटर लगाया, जिससे प्रति एकड़ लगभग 9 टन उत्पादन प्राप्त हुआ।

किसान श्री भगत ने बताया कि वे मौसम के अनुसार सब्जी फसलों की खेती करते हैं। वर्तमान सीजन में उन्होंने लगभग 85 हजार 500 रुपये का टमाटर विक्रय किया। कुल लागत व्यय निकालने के बाद उन्हें 55 हजार 500 रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। वे अन्य विभागीय योजनाओं का भी लाभ ले रहे हैं और अब ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

श्री सुनील भगत की सफलता से ग्राम पंचायत टेम्पू सहित आसपास के गांवों के किसान भी प्रेरित हुए हैं। कई किसान अब उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने और विभागीय योजनाओं से जुड़ने के लिए आगे आ रहे हैं, ताकि कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकें।

राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के किसानों को न केवल आधुनिक खेती की दिशा मिल रही है, बल्कि वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं।

‘इसे मेरा या तुम्हारा कश्मीर मत कहिए…’, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की छात्रों को बड़ी सीख…

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युवाओं में बढ़ते ड्रग्स के इस्तेमाल और सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल के खिलाफ बोलते हुए, भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा है कि मजबूत और एकजुट भारत के लिए सिर्फ शिक्षा ही जरूरी है.

उन्होंने ग्रेजुएट हो रहे स्टूडेंट्स से कहा कि वे कश्मीर को ‘मेरा कश्मीर’, ‘तुम्हारा कश्मीर’ न कहें, बल्कि हमेशा ‘हमारा कश्मीर’ कहें.

वाइस प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन आज (गुरुवार, 26 फरवरी) कश्मीर यूनिवर्सिटी के 21वें कॉन्वोकेशन में शामिल हुए और कहा कि कश्मीर एकजुट भारत के दिल में है. उप राष्ट्रपति ने आगे कहा, “मैं आखिर में सिर्फ तीन लाइन कहना चाहता हूं. मेरा कश्मीर नहीं, तुम्हारा कश्मीर नहीं, हमारा कश्मीर, यही मैं आप सभी से चाहता हूं.”

युवाओं के विकास में पीएम स्कॉलरशिप का योगदान

कश्मीर में युवाओं की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए PM स्कॉलरशिप स्कीम जैसी खास एजुकेशनल स्कीम की तारीफ करते हुए, सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि ऐसी कोशिशें युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करती हैं और देश भर के इंस्टीट्यूशन में युवाओं की पढ़ाई को आसान बनाकर नेशनल इंटीग्रेशन को भी बढ़ावा देती हैं, जिससे सोशल इंटीग्रेशन होता है.

सीपी राधाकृष्णन ने याद किए राज्यपाल कार्यकाल के दिन

इस बात पर जोर देते हुए कि देश की एकता उसकी विविधता और एक-दूसरे की भावनाओं के प्रति सहनशीलता में है, सीपी राधाकृष्णन ने झारखंड में कश्मीरी छात्रों के दौरे से जुड़ी एक घटना का जिक्र किया, जब वे गवर्नर के तौर पर काम कर रहे थे.

सीपी राधाकृष्णन ने कहा, “जब मैं झारखंड का गवर्नर था, तो कश्मीरी छात्रों का एक ग्रुप ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ प्रोग्राम के तहत दौरे पर आया था. यह जानते हुए कि उनमें से ज़्यादातर नॉन-वेजिटेरियन थे, मैंने लोक भवन (तब राज भवन) से कश्मीरी छात्रों को नॉन-वेजिटेरियन खाना या उनकी पसंद का खाना परोसने के लिए कहा, भले ही मैं वेजिटेरियन हूं.”

‘हमें दूसरों की भावनाओ का सम्मान करना होगा’

सीपी राधाकृष्णन ने कहा, “हम डेमोक्रेट हैं. हमें दूसरों की भावनाओं को मानना होगा. हमें अपनी भावनाओं पर गर्व होना चाहिए, लेकिन हम दूसरों की भावनाओं को नीचा नहीं दिखा सकते. यह अच्छा नहीं है. कोई भी डेमोक्रेट ऐसा नहीं करेगा.”

186 महिला स्कॉलर्स को मिले मेडल्स

आज के कॉन्वोकेशन में 59558 डिग्रियां, 44910 अंडरग्रेजुएट, 13545 पोस्टग्रेजुएट, 465 MD, M.S.M.Ch, 638 MPhil, 168 PhD डिग्रियां दी गईं. कुल 239 गोल्ड मेडल दिए गए. इनमें से 186 मेडल महिला स्कॉलर्स को मिले हैं, जिसकी वाइस प्रेसिडेंट ने तारीफ की.

इस दौरान उप राष्ट्रपति ने कहा, ‘मैं आज तीन वजहों से सबसे खुश इंसान हूं. हमारे राज्य की एजुकेशन मिनिस्टर एक महिला हैं. दूसरा, यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर एक महिला हैं और तीसरा, ज़्यादातर गोल्ड मेडल जीतने वाली भी महिलाएं हैं. मेरी और खुशी यह है कि देश के वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर यह मेरा पहला दौरा है. यूनिवर्सिटी की असली विरासत इसके ग्रेजुएट होने वाले स्टूडेंट्स हैं: वे जो कैरेक्टर देते हैं और समाज में जो योगदान देते हैं.’