मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर (Babulal Gaur) का बुधवार (Wednesday)को निधन हो गया. हृदय गति (Heart Beat) रुकने के बाद उनका निधन हुआ. उनकी हालत पिछले कई दिनों से गंभीर थी जिस वजह से वे अस्पताल (Hospital) में भर्ती थे. हालत बेहद नाजुक होने के कारण उन्हें वेंटिलेटर (Ventilator) पर रखा गया था. बुधवार सुबह करीब पौने सात बजे उन्होंने नर्मदा अस्पताल में अंतिम सांस ली. गौर के निधन के बाद एमपी की शोक की लहर है. एमपी के बाबूजी के निधन पर मध्यप्रदेश में तीन दिन का राजकीय शोक (State mourning) घोषित कर दिया गया है. बाबूलाल गौर के निधन पर पीएम नरेंद्र मोदी(PM Narendra Modi) सहित कई नेताओं ने उन्हे श्रद्धांजलि (tribute) दी है.
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने बाबूलाल गौर को दी श्रद्धांजलि:
मुख्यमंत्री (CM Bhupesh Baghel) ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के निधन पर शोक प्रकट किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूलाल गौर एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन जनता की सेवा में समर्पित कर दिया. सीएम ने स्वर्गीय बाबूलाल गौर के परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट की. वहीं दिवंगत की आत्मा की शान्ति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है.
पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh) ने बाबूलाल गौर के निधन पर दुख व्यक्त किया है. डॉ. सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ सदस्य व मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर जी के देहांत से हृदय को गहरा दुःख पहुंचा है. मैं ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति एवं शोकाकुल परिजनों को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर से अपहरण (Kidnapping) किए गए 5 साल के मासूम बच्चे को पुलिस (Police) ने बरामद कर लिया है. बच्चे को दुर्ग (Durg) और राजनांदगांव (Rajnandgaon) जिले की सीमा से लगे सोमनी (Somani) में बरामद किया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपी मासूम बच्चे को सोमनी में छोड़कर ही फरार होग गए. पुलिस (Police) ने बच्चे को बरामद कर मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात करीब 3 बजे मासूम मौलिक साहू (Maulik Sahu) को उसके परिजनों को सौंपा गया. दुर्ग रेंज के आईजी (Police IG) और एसपी (SP) ने खुद बच्चे को लेकर परिवार वालों के पास पहुंचे.
पुलिस (Police) ने किन हालात में अपहरण किए गए मौलिक साहू (Maulik Sahu) को बरामद किया, इसको लेकर अब तक कोई अधिकृत बयान जारी नहीं किया गया है. दुर्ग रेंज के आईजी हिमांशु गुप्ता (IG Himanshu Gupta) और जिले के एसपी प्रखर पांडेय सहित अन्य अफसर मौलिक साहू को लेकर उसके घर गए. हालांकि चर्चा की जा रही है कि पुलिस चेकिंग के बढ़ते दबाव के कारण आरोपी बच्चे को छोड़कर भाग गए. मौलिक साहू को मंगलवार की सुबह स्कूल जाते समय वैन से ही अपहरण कर लिया गया था.
बाइक में लेकर भागे थे आरोपी बता दें कि दुर्ग (Durg) जिले के धनोरा में रहने वाले मौलिक साहू को उसके परिजन मंगलवार की सुबह स्कूल वैन में बिठाए थे. इसी दौरान पद्मनाभपुर के पास बाइक सवार आरोपियों ने वैन को रोका और बच्चे को लेकर भाग गए. आरोपियों ने अपने मुंह पर गमछा बांधा था, जिससे उनकी पहंचान नहीं हो सकी थी. आरोपियों की बच्चे को बाइक में लेकर भागते सीसीटीवी कैमरे में कैद फूटेज को वायरल कर दिया गया था. पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी कर रखी थी. बता दें कि अपहरणकर्ताओं द्वारा बच्चे को लेकर भागने के बाद स्कूल वैन के ड्राइवर ने बच्चे के पिता चंद्रशेखर साहू को घटना की जानकारी दी. इसके बाद चन्द्रशेखर साहू ने पुलिस को इसकी जानकारी दी. पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई.
मिली जानकारी के मुताबिक बच्चे के पिता चन्द्रशेखर साहू ने एक साल पहले ही करीब 4 करोड़ रुपये की जमीन बेची थी. आशंका जताई जा रही थी कि अपहरणकर्ताओं को इसकी जानकारी पहले से थी. पैसे की लेनदेन के लिए ही उन्होंने मौलिक साहू का अपहरण किया था, लेकिन पुलिस के दबाव के चलते वे बच्चे को छोड़कर भाग गए.
आने वाले दिनों में यह संभव हो सकता है कि फेसबुक प्रोफाइल को भी आधार से लिंक करना पड़े. ऐसा फेसबुक अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए किया जाएगा. दरअसल, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक PIL दायर की गई थी जिसपर कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में यह मामला मद्रास, बॉम्बे और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित है. मामले में आगे की सुनवाई वही जारी रहेगी, लेकिन इस मामले में हाईकोर्ट फाइनल ऑर्डर पास नहीं करेंगे.
दरअसल, फेसबुक की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की गई थी कि इन मामलों को हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट ट्रांसफर कर दिया जाए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, गूगल, ट्विटर, यूट्यूब सहित अन्य को नोटिस जारी किया है. इन्हें 13 सितंबर तक इस मामले में जवाब देने के लिए कहा गया है.
बता दें, तमिलनाडु सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि फेक न्यूज, अश्लील कंटेट, राष्ट्रविरोधी कंटेट पर लगाम कसने के लिए जरूरी है कि फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आधार से लिंक किया जाए. ऐसा करने से आरोपियों की पहचान आसानी से हो पाएगी. हालांकि, इसके विरोध में फेसबुक ने कोर्ट से कहा कि ऐसा करने से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा पहुंच सकता है. फेसबुक के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार है. वर्तमान में इसके 40 करोड़ से ज्यादा यूजर्स सिर्फ भारत में हैं.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के इंजीनियरिंग कॉलेजों (Engineering Colleges) में एडमिशन का बुरा दौर जारी है. सत्र 2019-20 में प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (BE) कोर्स में दाखिला पिछले पांच वर्षों में सबसे निचले स्तर पर है. इस बार प्रदेश के तीन निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले का खाता तक नहीं खुला है. यानी कि इन कॉलेजों में एक भी एडमिशन (Admission) नहीं हुआ है. इसके अलावा 3 कॉलेजों में एडमिशन इकाई की संख्या में ही हुआ है. इसके अलावा 7 निजी कॉलेजों में 10 से 20 की संख्या में ही दाखिला हुआ है. बीई कोर्स में कुल करीब 70 फीसदी सीटें खाली हैं. इन आंकड़ों में प्रदेश में इंजीनियरिंग कॉलेज के संचालकों की चिंता बढ़ा दी है.
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) तकनीकी शिक्षा इंजीनियरिंग की कुल 15 हजार 605 सीटों के लिए काउंसलिंग के माध्यम से एडमिशन की प्रक्रिया की गई. करीब डेढ़ महीने तक चली एडमिशन प्रक्रिया के बाद बीई कोर्स में सिर्फ 4 हजार 944 सीटों पर ही एडमिशन हुआ है. यानी कि इस बार प्रदेश के शासकीय और निजी इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों में 10 हजार 661 सीटें खाली रह गई हैं.
इस सत्र में सबसे बुरा हाल सूबे के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पिछले पांच सालों से एडमिशन का एक तरह से आकाल है. सत्र 2016-17 से सत्र 2018-19 तक प्रदेश में बीई कोर्स की 35 से 40 फीसदी सीटों पर ही एडमिशन हुए. लेकिन, इस सत्र में दाखिले के हालात सबसे खराब हैं. सत्र 2019-20 में प्रदेश में सिर्फ 31.67 फीसदी सीटों पर ही एडमिशन हुए हैं. पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा सत्र 2015-16 में 9 हजार 695 सीटों पर एडमिशन हुए थे.
इन कॉलेजों में नहीं खुले खाते तकनीकी शिक्षा संचालनालय, रायपुर से मिले आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में संचालित सीआईटी राजनांदगांव, जीआईएमटी दुर्ग, डीमेट रायपुर में बीई कोर्स में इस साल एक भी एडमिशन नहीं हुआ है. यानी कि इस साल यहां बीई कोर्स में खाता भी नहीं खुला है. इसके अलावा बीसीईटी दुर्ग में सिर्फ 5 और आरआईटी रायपुर सेकेंड शिफ्ट में 2, पाइटेक रायपुर में बीई की सिर्फ 8 सीटों पर ही एडमिशन हुए हैं. छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकांनद टेक्नीकल यूनिवर्सिटी (CSVTU) भिलाई से संबंधित 39 इंजीनियरिंग कॉलेज प्रदेश में संचालित हैं.
शासकीय कॉलेजों को प्राथमिकता प्रदेश में बीई कोर्स का संचालन करने वाले तीन शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले की स्थिति निजी कॉलेजों में से कहीं ज्यादा बेहतर है. न्यू जीईसी रायपुर और जीईसी बिलासपुर में 100 प्रतिशत सीटों पर एडमिशन हुए हैं, जबकि एक अन्य जीईसी जगदलपुर में बीई कोर्स में 97.91 फीसदी सीटों पर एडमिशन हुआ है. निजी शिक्षण संस्थानों में बीआईटी दुर्ग में सबसे अधिक बीई की 99.87 फीसदी सीटों पर एडमिशन हुए हैं.
नियम बदलवाना चाहते थे कॉलेज प्रदेश के निजी कॉलेज संचालक इंजीनियरिंग के बीई कोर्स में दाखिले के लिए प्री इंजीनियरिंग टेस्ट (PET) की बाध्यता तीन चरणों की काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद समाप्त करने की मांग कर रहे थे. कॉलेज संचालकों की मांग थी कि दाखिले के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (डीटीई) द्वारा काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी कर लेने के बाद जो सीटें बचती हैं, उन सीटों पर कक्षा 12वीं पास विद्यार्थियों को सीधे दाखिले की अनुमति दे दी जाए. हालांकि, इसके लिए 12वीं पास विद्यार्थियों की जो न्यूनतम योग्यता है, उसमें कोई बदलाव नहीं करने का प्रस्ताव भी दिया गया था. लेकिन, इस सत्र में सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी.
क्यों खराब हो रहे हालात? दुर्ग यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति और शिक्षाविद डॉ. नरेन्द्र प्रताप दीक्षित ने न्यूज 18 से चर्चा में कहा प्रदेश में इंजीनियरिंग में दाखिले के हालात में सुधार के लिए क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस करने की जरूरत है. यदि योग्य विद्यार्थी पढ़ाई करेंगे तो वे उस क्षेत्र में सफल भी होंगे. साथ ही हालात सुधारने के लिए नौकरियों के मौके बढ़ाने की भी जरूरत है. वर्तमान स्थिति में देखा जा रहा है कि स्टूडेंट की क्वालिटी की जगह क्वांटिटी पर अधिक फोकस किया जा रहा है, जिसका परिणाम हम सभी के सामने हैं.
छत्तीसगढ़ में टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में शुमार भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), दुर्ग के प्राचार्य डॉ. अरुण अरोरा का मानना है कि जब तक कॉलेजों में पढ़ाई के उपर्युक्त संसाधन और अच्छी फैकल्टी नहीं होगी, तब तक बेहतर की उम्मीद नहीं की जा सकती है.
हवन अथवा यज्ञ भारतीय परंपरा अथवा हिंदू धर्म में शुद्धीकरण का एक कर्मकांड है। कुण्ड में अग्नि के माध्यम से ईश्वर की उपासना करने की प्रक्रिया को यज्ञ कहते हैं। हवि, हव्य अथवा हविष्य वह पदार्थ हैं जिनकी अग्नि में आहुति दी जाती है (जो अग्नि में डाले जाते हैं).हवन कुंड में अग्नि प्रज्वलित करने के पश्चात इस पवित्र अग्नि में फल, शहद, घी, काष्ठ इत्यादि पदार्थों की आहुति प्रमुख होती है। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए भारत देश में विद्वान लोग यज्ञ किया करते थे और तब हमारे देश में कई तरह के रोग नहीं होते थे । शुभकामना, स्वास्थ्य एवं समृद्धि इत्यादि के लिए भी हवन किया जाता है।
हर मंत्र के अंत में बोले जाने वाले शब्द स्वाहा का अर्थ क्या है। दरअसल कोई भी यज्ञ तब तक सफल नहीं माना जा सकता है जब तक कि हवन का ग्रहण देवता न कर लें लेकिन, देवता ऐसा ग्रहण तभी कर सकते हैं जबकि अग्नि के द्वारा स्वाहा के माध्यम से अर्पण किया जाए। श्रीमद्भागवत तथा शिव पुराण में स्वाहा से संबंधित वर्णन आए हैं इसके अलावा ऋग्वेद, यजुर्वेद आदि वैदिक ग्रंथों में अग्नि की महत्ता पर अनेक सूक्तों की रचनाएं हुई हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार स्वाहा दक्ष प्रजापति की पुत्री थीं, इनका विवाह अग्निदेव के साथ किया गया था अग्निदेव अपनी पत्नी स्वाहा के माध्यम से ही हविष्य ग्रहण करते हैं। तथा उनके माध्यम से यही हविष्य आह्वान किए गए देवता को प्राप्त होता है, वहीं, दूसरी पौराणिक कथा के मुताबिक अग्निदेव की पत्नी स्वाहा के पावक, पवमान और शुचि नामक तीन पुत्र हुए। स्वाहा की उत्पत्ति से एक अन्य रोचक कहानी भी जुड़ी हुई है इसके अनुसार स्वाहा प्रकृति की ही एक कला थी, जिसका विवाह अग्नि के साथ देवताओं के आग्रह पर संपन्न हुआ था भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं स्वाहा को ये वरदान दिया था। कि केवल उसी के माध्यम से देवता हविष्य को ग्रहण कर पाएंगे, यज्ञीय प्रयोजन तभी पूरा होता है जबकि आह्वान किए गए देवता को उनका पसंदीदा भोग पहुंचा दिया जाए।
इनकी पहली हिंदी फिल्म ‘निगाहें नफरत’ 1935 में प्रकाशित हुई थी. 1950 तक उन्होंने हिंदी फिल्मों में कार्य किया इसके अलावा यह बतौर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर बनके भी काम कर चुकी हैं.
2. नूतन
शोभना समर्थ और कुमार सेन समर्थ की बेटी नूतन ने 1950 से लेकर 1991 तक फिल्मों में कार्य किया. इस दौरान इन्होंने सीमा, सुजाता, में तुलसी तेरे आंगन की जैसी फिल्मों में कार्य किया और इस फिल्म के लिए उनको बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था.
3. तनुजा
नूतन की बहन तनुजा 1952 से 1999 तक फिल्मों में काम करती हुई नजर आई. इस दौरान उन्होंने चांद और सूरज, नई रोशनी, जीने की राह, हाथी मेरे साथी जैसी फिल्मों में कार्य किया और इनको 2 फिल्मफेयर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था.
4. काजोल
तनुजा की बड़ी बेटी काजोल को आज बॉलीवुड में सब जानते हैं. काजोल ने 6 फिल्मफेयर अवार्ड और पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका हैं. काजोल ने अपने करियर में बाजीगर, इश्क,प्यार जैसी सुपरहिट फिल्मों में कार्य किया है और इनकी लाइफ की सबसे बेस्ट फिल्म रही दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे.
5. तनीषा मुखर्जी
तनीषा मुखर्जी काजोल की बहन है और इन्होंने बॉलीवुड में 10 फिल्मों में कार्य किया है. मगर उनको सफलता हाथ नहीं लगी.
6. प्रनूतन बहल
यह शोभना समर्थ की बेटी नूतन की पोती यानी कि मोहनीश बहल की बेटी हैं. उन्होंने हाल ही में ‘नोटबुक’ फिल्म से अपने करियर का आगाज किया है. यह दिखने में काफी सुंदर हैं. अब यह देखना होगा कि है बॉलीवुड में अपना सिक्का जमा पाती है या नहीं.
अपनी लक्ज़री और आलीशान कारों के लिए पहचानी जाने वाली कार निर्माता कंपनी ह्यूंडई मोटर्स एक बार फिर अपनी कार से भारतीय बजार में धूम मचाने के लिए तैयार है. दरअसल कंपनी हाल ही में अपनी i10 यानी Grand i10 Nios कार को बजार में उतारा है. तो चलिए जानते हैं इस कार के फीचर्स और कीमत के बारे में कुछ खास बातें-
Hyundai ने हाल ही में अपनी नई कार i10 यानी Grandi i10 Nios को भारतीय कार बजार में लॉन्च की है. इस कार के फीचर्स और कीमत को लेकर अभी तक कई तरह की ख़बरें मीडिया में चुकी है. जिन्हें देखते हुए यह कहा जा रहा है कि यह कार भारतीय बाजार में लोगों की उम्मीदों पर खरा उतर सकती है. बताया जा रहा है कि यह कार BS6 इंजन के साथ बाजार में पेश की गई है.
जानकारी के अनुसार यह कार डीजल और पेट्रोल इंजन के साथ बाजार में आ रही है. कार 1.2 लीटर Kappa इंजन के साथ लॉन्च की गई है. जबकि 1.2 लीटर का CRDi डीजल इंजन मिल रहा है. सुनने में यह भी आ रहा है कि इस कार के दोनों इंजन 5-स्पीड मैनुअल और ऑटोमैटिक मैनुअल ट्रांसमिशन (AMT) से लैस हैं. 10 वेरिएंट्स के साथ कंपनी इस कार को बाजार में उतार रही है. 10 वेरिएंट्स में से 7 वेरिएंट्स पेट्रोल वर्जन में और 3 वेरिएंट्स डीजल वर्जन में लॉन्च हुए हैं.
Hyundai का मानना है कि कंपनी की ज्यादातर कार की डिमांड डीजल से ज्यादा पेट्रोल की रहेगी. यही वजह है कि कंपनी ने अपने पेट्रोल वेरिएंट के विभिन्न वेरिएंट्स को लॉन्च करने का फैसला लिया था.
वहीं हम बात करें इस कार की कीमत की तो इस कार की कीमत 5 लाख रुपए से शुरू हो रही है. जबकि टॉप-एंड डीजल मॉडल की कीमत 7 लाख रुपए के आसपास है. रिपोर्ट की माने तो कंपनी ने इस कार की बुकिंग शुरू कर दी है. जी हां! अगर आप भी इस कार को खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो इस कार की बुकिंग कर सकते हैं.
टीवी के पॉपलुर कॉमेडियन कपिल शर्मा पापा बनने वाले हैं। पत्नी गिन्नी चतरथ प्रेग्नेंट हैं। दोनों ही कनाडा में हॉलिडे पर हैं। कपिल शर्मा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। हाल ही में खबर आई थी कि कपिल शर्मा हॉलीवुड फिल्म ‘एंग्री बर्ड्स 2’ में अपनी आवाज देने वाले हैं।
साथ ही उनके को-स्टार ‘द कपिल शर्मा शो’ की जज अर्चना पूरन सिंह और एक्टर कीकू शारदा भी इस फिल्म में अपनी आवाज देंगे। फिल्म 23 अगस्त को रिलीज होने वाली है। इसी के सिलसिले में कपिल शर्मा मीडिया से रू-ब-रू हुए। फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त कपिल शर्मा ने पापा बनने को लेकर खुलासा किया है।
कपिल शर्मा से पूछा गया कि क्या वो अपने होने वाले बच्चे को प्रूफ करना चाहते हैं कि वो अच्छे पिता हैं? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो मैं प्रर्थना करता हूं कि बच्चा सेहतमंद हो। बेटा हो या फिर बेटी, मैं बस इतना चाहता हूं कि मैंने जो काम किया है उसपर मेरे बच्चे को गर्व हो।
आपको बता दें कि कपिल शर्मा ने गिन्नी चतरथ से साल 2018 में शादी की थी। दिसंबर के महीने में कपिल पिता बनने वाले हैं। बीते दिनों में कॉमेडी किंग किपल शर्मा ने इस बात की पुष्टि की थी।
एप्पल कंपनी के सीईओ टिम कुक ने विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर आईफोन से ली गई दुनियाभर की पांच शानदार तस्वीरों को अपने ट्विटर पर साझा किया है. इन पांच खूबसूरत तस्वीरों में से एक भारतीय फोटोग्राफर वरुण आदित्य द्वारा ली गई तस्वीर भी शामिल है.
कुक ने आदित्य द्वारा खींची गई एक तस्वीर को साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘केन्या के एंबोसेली में हाथियों के साथ दो इंद्रधनुष की खूबसूरत तस्वीर.’
आपको बता दें वरुण आदित्य भारत के एक प्रमुख वन्यजीव फोटोग्राफर हैं. उन्हें जीवंत और अनूठी कहानी कहने वाली तस्वीरें खींचने के लिए जाना जाता है. उनकी तस्वीरों ने विश्व स्तर पर अग्रणी प्रकाशनों में अपनी जगह बनाई है.
टिम कुक ने एक और ट्वीट में कहा, ‘विश्व फोटोग्राफी दिवस मुबारक हो. आज और हर दिन हम अपने ग्राहकों द्वारा आईफोन से ली गई तस्वीरों को देख खुश होते हैं. विश्वभर से खींची गई बेहतरीन तस्वीरों को एक बार देखिए तो सही.’
दुनिया भर में विश्व फोटोग्राफी दिवस 19 अगस्त को मनाया गया है. इस मौके पर टिम कुक ने भी एप्पल के आईफोन यूजर्स को प्रोत्साहीत करने के लिए आईफोन से ली गई पांच तस्वीरों को अपने ट्विटर हैंडस से ये ट्वीट किया है.
वहीं हाल ही में इसी वर्ष दो भारतीयों ने आईफोन फोटोग्राफी अवार्ड्स 2019 में व्यक्तिगत फोटोग्राफी अवार्ड भी जीता है. कर्नाटक के श्रीकुमार कृष्णन ने ‘सनसेट (सूर्यास्त)’ श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया था. वहीं महाराष्ट्र की डिंपी भालोटिया ने ‘सीरीज’ श्रेणी में दूसरा स्थान हासिल किया.
एक वैश्विक सर्वे में पाया गया है कि दुनियाभर में पैकेज्ड यानी पैकेटबंद खाना या पेय के मामले में भारत की स्थिति बेहद खराब है। 12 देशों में किए गए सर्वे में भारत की रैकिंग सबसे नीचे है। जबकि बोतलबंद पेय या पैकेटबंद खाने के मामले में ब्रिटेन चार्ट में सबसे ऊपर है। उसके बाद अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया का नंबर आता है।
12 देश और 4 लाख नमूने
यह सर्वेक्षण ओबेसिटी जरनल में प्रकाशित हुआ है। इन आंकड़ों को इकट्ठा करने के लिए शोधार्थियों ने 12 देशों और पूरी दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों से 4 लाख से ज्यादा नमूनों का परीक्षण किया था। सर्वे में मुख्य रूप से लोगों के पसंदीदा खाने में चीनी, सेचुरेटेड फैट, नमक और कैलोरी की मात्रा पर ध्यान दिया गया था।
ऑस्ट्रेलिया स्वास्थ्य स्टार रेटिंग
देशों को ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य स्टार रेटिंग प्रणाली का उपयोग कर रैंकिंग की गई जो ऊर्जा, नमक, चीनी, संतृप्त वसा के साथ प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर जैसे पोषक तत्वों के स्तर को मापता है और आधे से एक स्टार रेटिंग प्रदान करता है।
ब्रिटेन सबसे बेहतर
सर्वे में पाया गया कि ब्रिटेन में सबसे अधिक औसत स्वास्थ्य रेटिंग 2.83 थी। इसके बाद अमेरिका में 2.82 और ऑस्ट्रेलिया में 2.81 थी। इन देशों में भारत को सबसे कम रेटिंग 2.27 मिली। जबकि चीन को 2.43 और चिली को भी भारत से ज्यादा 2.44 रेटिंग मिली।
शोध में यह भी पाया गया कि चीन के पेय 2.9 की औसत हेल्थ स्टार रेटिंग के साथ सबसे अच्छे थे लेकिन पैक किए गए खाद्य पदार्थों ने सिर्फ 2.39 से कम स्कोर किया। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका ने अपने पेय पदार्थों की औसत 1.92 रेटिंग के साथ कम स्कोर किया, जबकि उसके खाद्य पदार्थ 2.87 पर आए। ब्रिटेन ने चीनी की मात्रा के लिए प्रति 100 ग्राम में केवल 3.8 ग्राम की मात्रा के साथ सबसे अच्छा स्कोर बनाया। इसके बाद दूसरे स्थान पर कनाडा रहा जिसके पेय पदार्थों में प्रति 100 ग्राम 4.6 ग्राम चीनी की मात्रा थी।
स्वास्थ्य संकट सुनामी की तरह
शोधकर्ताओं का कहना है कि ये परिणाम बहुत चिंताजनक हैं क्योंकि ये खाद्य पदार्थ मध्यम आय वाले देशों में आहार से जुड़ी बीमारियों का बोझ को और बढ़ा रहे हैं।
जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ की अध्ययन लेखक एलिजाबेथ डनफोर्ड ने कहा, “हमारे परिणाम दिखाते हैं कि कुछ देश दूसरों की तुलना में बहुत बेहतर काम कर रहे हैं। दुर्भाग्य से, यह गरीब राष्ट्र हैं जो कम से कम प्रतिकूल स्वास्थ्य परिणामों को संबोधित करने में सक्षम हैं।” उनका आगे कहना है कि ”अरबों लोग लगभग हरदिन बहुत ही अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थ खा रहे हैं। इससे होने वाले मोटापे का संकट हमारे लिए आने वाले दिनों में सुनामी की तरह है।”