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अमिताभ बच्चन ने अपने स्वास्थ्य के लेकर बताई चौंकाने वाली बात, जानकर उड़ जाएंगे होश!

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मेगास्टार अमिताभ बच्चन लोगों को अक्सर अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते रहते हैं और इस बार उन्होंने स्वीकारा कि उनके लीवर का 75 प्रतिशत हिस्सा खराब हो चुका है।

उन्होंने बताया कि ‘मैं हमेशा अपने व्यक्तिगत उदाहरण के बारे में बताता रहता हूं और आपको इन सबके बारे में जागरूक करने की कोशिश करता हूं और सार्वजनिक तौर पर मुझे यह कहने में बुरा महसूस नहीं होता कि मैं टीबी और हेपेटाइटिस बी का मरीज रहा हूं। खराब रक्त का प्रवाह होता रहा और मेरे लीवर का 75 प्रतिशत हिस्सा खराब हो चुका है, लेकिन चूंकि मैं इसका पता लगाने में कामयाब रहा इसलिए आज 20 साल के बाद भी जब मेरे लीवर का 75 प्रतिशत खराब हो गया है। मैं फिर भी 25 प्रतिशत पर जीवित रह रहा हूं।

पोलियो, हेपेटाइटिस बी, टीबी और मधुमेह जैसे कई स्वास्थ्य अभियानों के साथ जुड़ चुके हैं 76 वषीर्य अमिताभ ने लोगों से इनका परीक्षण और इनके निदान कराने का आग्रह किया।

कलेक्टरों से खफा मुख्यमंत्री कमलनाथ, दी चेतावनी

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मध्य प्रदेश में प्रशासनिक कार्यों में हो रही देरी और अनियमितता को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ कलेक्टरोंं से खफा हैं। प्रदेश में लगातार सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन उनका समय पर निकारण नहीं हो रहा है। समस्याओं के निपटारे में हो रही लापरवाही को देखते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय ने प्रदेश भर के कलेक्टरों को पत्र लिख कर अगस्त में ही काम निपटाने के लिए निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जन अधिकार कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिसमें वह जनता से सीधे संवाद करते हैं। बताया जा रहा है अगस्त तक सभी मामले निपटाने के लिए कलेक्टरोंं को कहा है जिसका रिपोर्ट वह खुद जन अधिकार कार्यक्रम में लेंगे। सीएम आफिस से कलेक्टरोंं को सख्ती से चेतावनी दी गई है कि वह अगले महीने पूरी तैयार से रहें। सभी मामलों की रिपोर्ट सीएम सीधे तौर पर कलेक्टरों से लेंगे।
प्रदेश में लगातार बढ़ रही शिकायतों से सरकार विपक्ष के निशाने पर है। लचर गवर्नेंस को लेकर अब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कलेक्टरों को साफ संकेत दिए हैं कि जिन जिलों में ज्यादा शिकायतें लंबित हैं इसका मतलब है वहां शासन में सुधार की अधिक जरूरत है। सूत्रों के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन में भी लंबित समस्याओं के लिए अब सीधे कलेक्टर को ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा। सीएम के पीएस ने लिखा पत्र -सीएम सचिवालय के प्रमुख सचिव अशोक बर्णवाल ने सभी कलेक्टरों को पत्र भेजकर लंबित शिकायतों के त्वरित निपटारे का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इन शिकायतों की समीक्षा मुख्यमंत्री कमलनाथ अगले महीने करेंगे, इसलिए बेहतर है कि जिन विभागों की शिकायतें हैं, उनसे निराकरण करवाएं।

ब्रिटिश पीएम बोले, भारत-पाक सुलझाएं कश्मीर विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन से फोन पर पर बात की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग ले रहे भारतीयों से हिंसा का मुद्दा भी उठाया। पीएम ने उच्चायोग के बाहर जुटी भीड़ द्वारा एजेंडे के तहत की गई हिंसा और तोडफ़ोड़ का जिक्र कर इस पर चिंता जताई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कश्मीर पर भी बात हुई। ब्रिटिश पीएम ने स्पष्ट कहा है कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय मुद्दा है।

दोनों देशों को आपसी बातचीत से इसका समाधान निकालना चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक जॉनसन ने इस मामले को दुखद बताया है। उन्होंने भारतीय समकक्ष को भरोसा दिलाया कि उच्चायोग, उसके कर्मचारी और वहां आने वालों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इस दौरान मोदी ने वैश्विक आतंकवाद का भी मुद्दा उठाया। इससे पहले मोदी ने जॉनसन को पीएम चुने जाने पर बधाई दी। वहीं, जॉनसन ने भी मोदी को दोबारा पीएम बनने की बधाई दी। गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस पर कुछ पाकिस्तानी लोगों और अलगाववाद के समर्थकों ने भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया था।

11 महिलाएं घोड़ों के साथ करेंगी कुछ ऐसा, जानकर रह जाएंगे दंग

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क्या आपने किसी ऐसी रेस के बारे में कभी सुना है, जहां सिर्फ महिलाएं ही हिस्सा लेती हों? शायद नहीं, तो अब जान लीजिए। ब्रिटेन में हर साल एक अगस्त को यानी कि आज के दिन एक ऐसी हॉर्स रेस होती है, जिसमें सिर्फ महिलाएं भाग लेती है और इनमें टीवी एंकर से लेकर मॉडल, फैशन एक्सपर्ट, छात्राएं और गृहिणी तक शामिल रहती हैं।

बता दें कि इस अनोखी रेस को मैग्नोलिया कप हॉर्स रेस के नाम से भी जाना जाता है और इसकी शुरुआत साल 2012 में की गई थी और इस बार इसका सातवां संस्करण शुरू हो रहा है। अनोखी हॉर्स रेस 11 महिलाओं के बीच होती है और इस रेस से जो भी धनराशि इकट्ठा होती है, उसे दुनियाभर की महिलाओं की बेहतरी के लिए दान में दे दिया जाता है। साथ ही माना जा रहा है कि इस बार रेस से 20 करोड़ रुपये की धनराशि इकट्ठा हो सकती है।

माना जा रहा है कि इस बार रेस देखने के लिए करीब 30 हजार लोग आ सकते हैं। साल 2012 में जब पहली बार यह रेस आयोजित की थी, तब इसे देखने के लिए करीब 10 हजार लोग आए थे। इस रेस की एक ख़ास बात यह है कि इसमें जो भी महिलाएं हिस्सा लेती हैं, वो पेशेवर घुड़सवार नहीं होती हैं और सभी शौक से घुड़सवारी इस रेस में करती हैं। अतः इसीलिए उन्हें रेस से दो महीने पहले ही ससेक्स बुला लिया जाता है, ताकि वो इसके लिए थोड़ी-बहुत घुड़सवारी सीख लें।

न्यूड Photo वाले मैसेज के चक्कर में न आना, नहीं तो मुसीबत पड़ जाएगी गले

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आपका स्मार्टफोन कई वजहों से साइबर सिक्यॉरिटी से जुड़े खतरों जैसे-मैलवेयर, रैंसमवेयर और फेक ऐप्स के निशाने पर बाकी प्लैटफॉर्म्स के मुकाबले ज्यादा रहता है। अब स्लोवाकिया की एक साइबरसिक्यॉरिटी रिसर्च फर्म ने एक नए रैंसमवेयर का पता लगाया है, जो सेक्स सिमुलेटर ऐप की मदद से स्पैम टेक्स्ट मेसेजेस तक फैल जाता है। दूसरे शब्दों में टेक्स्ट मेसेज में सेक्सुअल कंटेंट यूजर्स को भेजा जाता है, जो बाद में उन्हें ब्लैकमेल किए जाने की वजह बन सकता है।

साइबरसिक्यॉरिटी रिसर्च फर्म के मुताबिक यह रैंसमवेयर 12 जुलाई को ऐक्टिव हुआ और इसने यूजर्स की कॉन्टैक्ट लिस्ट पर अटैक किया। यह ऐप कई तरह के सेक्स सिमुलेटर गेम हैं, जिससे यूजर्स का ध्यान खींच सकें। 12 जुलाई के बाद से Android/Filecoder.C नाम के रैंसमवेयर ने यूजर्स को अश्लील कंटेंट के साथ मैलिशस लिंक एसएमएस की मदद से भेजने शुरू किए। ये मेसेज हिंदी और इंग्लिश समेत कुल 42 भाषाओं में हो सकते हैं। इस तरह यूजर को पता भी नहीं चलता और उसे निशाना बना लिया जाता है।

ऐसे मेसेज में ‘(आपका नाम), ये रहीं आपकी कुछ फोटो’ ऐसा लिखा होता है और साथ में एक लिंक दिया होता है। कुछ यूजर्स को मेसेज गए कि उनकी कोई न्यूड फोटो लीक हो गई है और नीचे दिए लिंक पर क्लिक करने पर दिख रही है। यूजर्स को ऐसे मेसेजेस में किसी ऐप का लिंक भी दिया जा सकता है, जो उन्हें वॉर्निंग देता है कि उनकी फोटो कहीं इस्तेमाल की गई हैं। डाउनलोड होने वाला यह ऐप दरअसल एक मैलिशस ऐप है, जो डिवाइस को नुकसान पहुंचाता है।

यूजर्स जैसे ही लिंक पर क्लिक करते हैं, अटैकर उनकी लगभग हर तरह के फाइल टाइप (फोटो या टेक्स्ट) को बिना उनकी परमिशन के इनक्रिप्ट कर सकता है। अगर यह इनक्रिप्शन हो जाता है तो विक्टिम यूजर अपने डिवाइस की कुछ फोटो या फाइल्स ओपन नहीं कर सकता। इसके बाद अटैकर ब्लैकमेल कर सकता है और कह सकता है कि बताई गई रकम न चुकाने पर आपका डेटा डिलीट कर दिया जाएगा। फिलहाल, पता नहीं चल सका है कि कितनी डिवाइसेज पर इस रैंसमवेयर का असर पड़ा है। रिसर्चर्स का कहना है कि सबसे ज्यादा क्लिक्स चीन, यूएस और हांगकांग में किए गए हैं।

इस पेड़ को नशे की हालत में 121 साल पहले गिरफ्तार किया गया था, जिसकी वजह जानकर आप भी पेर पकड़ लेंगे

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क्या आपने कभी किसी पेड़ की गिरफ्तारी के बारे में सुना है? अब आपका मन पूछ रहा होगा कि किसी को पेड़ को गिरफ्तार क्यों करना चाहिए। अधिक कठोर होने पर इसे काट देना चाहिए। लेकिन एक अंग्रेज जेलर ने नशा करते हुए एक पेड़ को गिरफ्तार कर लिया और पेड़ अभी भी बड़ी जंजीरों से बंधा है।

घटना का वर्ष 1898 है। जबकि पाकिस्तान भी हमारा था और सोने की चिंगारी अंग्रेजों ने कैद कर ली थी। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लांदी कोटल आर्मी छावनी में सेवा करने वाले एक ब्रिटिश अधिकारी जेम्स स्क्विड एक दिन अधिक शराब पी रहे थे। वह नशा करते हुए बगीचे में टहल रहा था।

अचानक अधिकारी को एहसास हुआ कि पेड़ उसके पास आ रहा है और हमला करेगा और उसे मार देगा। उसने तुरंत मेसेंजर के सार्जेंट को आदेश दिया कि वह इस पेड़ को तुरंत गिरफ्तार करे। सिपाहियों ने फिर पेड़ को जंजीर से बांध दिया। पाकिस्तान आजाद हो गया लेकिन उसके लोगों ने पेड़ की जंजीरों को नहीं हटाया। वहां के लोगों का मानना ​​है कि यह पेड़ अंग्रेजों के अत्याचारों का प्रतीक है।

इसके साथ ही लोगों ने पेड़ पर एक तख्ती भी लटका दी, ‘मैं गिरफ्त में हूं।’ इसके साथ पूरी घटना का वर्णन किया गया है।बस फिर क्या था सैनिकों ने इस पेड़ को जंजीरों से बांध दिया और तब से आज तक ये पेड़ बंदी बना हुआ है इस पेड़ पर लिखा हुआ आई एम अंडर अरेस्ट।

केले से बना सेनेटरी पैड हुआ लॉन्च, 2 साल तक कर सकेंगे इस्तेमाल

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सेनेटरी पैड से अब पर्यावरण को नुकसान नहीं होगा। आईआईटी दिल्ली के दो छात्रों ने केले के फाइबर से सेनेटरी पैड बनाने की तकनीक तैयार की है। इस पैड को 122 बार धोकर दो साल तक प्रयोग किया जा सकता है। बार-बार प्रयोग के बाद भी इससे किसी प्रकार के इंफेक्शन का खतरा नहीं है। एक सेनेटरी पैड सौ रुपये में उपलब्ध होगा। आईआईटी दिल्ली के बीटेक के चौथे वर्ष के छात्र अर्चित अग्रवाल और हैरी सहरावत ने विभिन्न विभागों के प्रोफेसर की अध्यक्षता में यह सेनेटरी पैड बनाने में सफलता हासिल की है। बीटेक छात्रों ने सांफे नाम से स्टार्टअप बनाया है। इसी स्टार्टअप के तहत इस सेनेटरी पैड को तैयार किया गया है।

स्टार्टअप के संस्थापकों में से एक अर्चित अग्रवाल ने कहा कि अधिकांश सैनिटरी नैपकिन सिंथेटिक सामग्री और प्लास्टिक से बने होते हैं, जिन्हें सड़ने में 50-60 साल से ज्यादा वक्त लग सकते हैं। मासिक धर्म के समय इस्तेमाल किए जाने वाले इन नैपकीन को कूड़ेदान,खुले स्थान या और जल में फेंक दिया जाता है, जला दिया जाता है या मिट्टी में दबा दिया है या फिर शौचालयों में बहा दिया जाता है। 

उन्होंने कहा कि इन्हें निपटान के ये तरीके पर्यावरण के लिए खतरा पैदा करती हैं। उदाहरण के लिए, जलने से डाईऑक्सिन के रूप में कार्सिनोजेनिक धुएं का उत्सर्जन होता है, जिससे वायु प्रदूषण का खतरा पैदा होता है। इस कचरे को लैंडफिल में डालने से केवल कचरे का बोझ बढ़ता है।

85 मीटर चौड़ा Will You Merry Me? लिखकर गर्लफ्रेंड को किया प्रपोज

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ब्रिटेन के स्टीफन काहिल गर्लफ्रेंड हीदी मेसन को आम लवर्स की तरह प्रपोज नहीं करना चाहते थे। न ही उन्हें अपना हाल-ए-दिल बयां करने के लिए किसी पहाड़ या ऊंची इमारत पर चढ़ना था। मगर वह इस दिन को यादगार बनाना चाहते थे।

इसलिए उन्होंने अपने फेवरेट हॉलीडे स्पॉट सोमरसेट के एक बीच को चुना और एक सैंड आर्टिस्ट सिमोन बेक की मदद से बीच पर विल यू मैरी मी का 85 मीटर चौड़ा सैंड आर्ट तैयार करवाकर अपने दिल की बात हीदी से कह दी।

बीच पर स्टीफन हीदी की आंखें बंद कर एक ऐसी जगह ले गए जहां से उनका प्रपोजल वह सीधे देख सके। वहां पहुंचते ही उन्होंने हीदी को आंखें खोलने को कहा और जैसे ही हीदी ने आंखें खोली, सामने बीच पर विल यू मैरी मी का आर्टवर्क तैयार था। इससे पहले कि हीदी कुछ कह पाती स्टीफन हाथों में अंगूठी थामे घुटनों पर बैठे थे। स्टीफन को देखते ही उसने हां कह दी और उन्होंने उसे अंगूठी पहनाई।

गले में दर्द से परेशान थी महिला, जांच के लिए गई तो डॉक्टर ने कहा गले में ट्यूमर है, लेकिन जब ऑपरेशन होने लगा

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वियतनाम से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। जहां पर डॉक्टर एक महिला के गले से एक ऐसी चीज निकली। जिसे देख कर वहां खड़े लोग हैरान हो गए। यहां पर रहने वाली एक 63 साल की महिला के गले में पिछले कुछ महीनों से काफी तकलीफ थी। डॉक्टर ने इस महिला को कहां की उसके गले में ट्यूमर हो गया है। जिसे सही करने का एकमात्र तरीक़ा सर्जरी है। जब डॉक्टर ने इस महिला के गले की सर्जरी शुरू की गई, तो ऐसी चीज गले से निकली, जिसे देख पास खड़ी नर्स भी कांप उठी।

वीडियो में दिखी हैरान कर देने वाली चीज

इस वीडियो में आप देख सकते है कि डॉक्टर इस महिला का ऑपरेशन करते हुए एक लाइट के सहारे गले के अंदर झांक रहा था। तभी डॉक्टर ने महिला के गले में एक काली सी चीज देखी। उसने उस काली चीज को बाहर निकाला तो वह खड़े सभी लोगो के रौंगटे खड़े हो गए।

दरसअल, वो चीज एक 2 इंच की खून चूसने वाली लीच थी।

डॉक्टर के मुताबिक ये जोंक इस महिला के गले में लगभग 3 महीनों से रह रही थी। जिसकी वजह से महिला को गले में ट्यूमर हो गया।

ये महिला पहाड़ी इलाके में रहती थी। डॉक्टर ने बताया कि ये महिला नहाने के लिए किसी तालाब में गई होगी,तभी जोंक नाक या मुंह के सहारे इस महिला के शरीर में चली गई होगी। तब जोंक काफी छोटी रही होगी। लेकिन धीरे धीरे खून चूसकर ये जोक बड़ी हो गई। इसी से महिला की तकलीफ भी बढ़ गई।

नेपाल की सबसे ऊंची झील की खोज, हिमालय में पिघली हुई बर्फ से बनी

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 नेपाल के मनांग जिले में खोजी गई नई कजिन सारा झील दुनिया की सबसे ऊंची झील बनने वाली है। वर्तमान में सबसे ऊंची झील तिलिचो झील मनांग में स्थित है।

यह झील मनांग के चमे ग्रामीण नगरपालिका में सिंगारखरका में 5200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। चाम ग्रामीण नगर पालिका के अध्यक्ष लोकेंद्र ढाले के अनुसार, कुछ महीने पहले पर्वतारोहियों के एक समूह ने मनांग जिले में आसा काजीन सारा झील की खोज की थी। वर्तमान में, झील का नाम टिलिचो है टीम द्वारा उठाए गए तालाब के आकार के अनुसार, यह 5,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

हालांकि, इसकी आधिकारिक तौर पर जांच की जा रही है। यह 1,500 मीटर लंबा और 600 मीटर चौड़ा होने का अनुमान है। यदि यह आधिकारिक रूप से 5000 मीटर से अधिक ऊंचा है, तो इसे दुनिया की सबसे ऊंची झील माना जाएगा।

आपको बता दें कि तिलिचो झील हिमालयी क्षेत्र में सबसे ऊंची है।

जो 4919 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। झील मानंग से लगभग 18 घंटे की ड्राइव पर स्थित है स्थानीय लोग झील को सिंगर कहते हैं। यह हिमालय के पिघलने वाली बर्फ से बनता है।

यह 18 घंटे की चढ़ाई के बाद पहुंचा जा सकता है मानमा जिले के मुख्यालय चामना से। यह चमा से 24 किमी दूर है।

दूर है वहीं, नगर निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि नई झील, जो कभी दुनिया की सबसे ऊंची झील घोषित की जाती है, उस जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

हिमालयन टाइम्स रिपोर्ट के अनुसार, इस झील को स्थानीय लोग सिंगार कहते हैं। इसका निर्माण हिमालय की पिघली बर्फ से हुआ है। यहां चामे के मनांग जिला मुख्यालय से 18 घंटे की चढ़ाई के बाद पहुंचा जा सकता है।