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गर्लफ्रेंड को लड़के के वेश में बाइक पर घूमता था युवक, सामने आई होश उड़ा देने वाली कहानी

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 दिल्ली पुलिस ने झपटमारी करने वाली शातिर जोड़ी को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चार मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई है। पुलिस की मानें तो युवक अपनी गर्लफ्रेंड को लड़के के वेश में बाइक पर बिठाकर लूट करता था। लूट की घटना को अंजाम देने के बाद रास्ते में उसकी गर्लफ्रेंड फिर से अपना गैटअप बदल लेती थी। पुलिस की गिरफ्त में आये राजू का कहना है कि गर्लफ्रेंड के साथ लूट करने के कारण वह कभी पकड़ा नहीं गया।ड्रग्स के आदि थे दोनों

डीसीपी मोनिका भारद्वाज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि लड़के का वेश बना बॉय फ्रेंड के साथ झपटमारी करने वाली सागरपुर निवासी अंजली (22) को गिरफ्तार किया है। बॉय फ्रेंड पालम कॉलोनी निवासी राजू (26) भी पकड़ा गया है। उन्होंने बताया कि दोनों नशे के आदी हैं। राजू पर पहले से दस मामले दर्ज हैं। वहीं, राजू ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि लूट करने के दौरान ही उसकी मुलाकात एक पार्क में अंजली से हुई थी। दोनों की दोस्ती बढ़ी और खराब आदतें भी। दोनों लगातार पार्क में मिलते थे। राजू पहले से ही ड्रग्स का आदी था और इसकी लत अंजलि को भी लग गई। इसी के साथ ड्रग्स की डिमांड बढ़ी और पैसे की जरूरत भी।

गर्लफ्रेंड के साथ रोड पर ऐसे करता था लूट

एक दिन बाइक पर राजू ने अंजली के साथ एक मोबाइल छीन लिया। झपटमारी के इस मामले में राजू आराम से पुलिस के सामने होते हुए निकल गया था। पीछे लड़की बैठी थी, इसलिए पुलिस ने टोका-टाकी भी नहीं की थी। राजू ने पुलिस को बताया कि पहले उसकी गर्लफ्रेंड अंजली लड़के का वेश बनाती थी। फिर दोनों बाइक से शिकार की तलाश में निकल जाते थे। जैसे ही कोई शिकार मिलता था तो मोबाइल, सोने की चेन या जो भी मिलता था छीनकर भाग जाते थे। अंजली को पीछे देखकर हल्ला मचता था कि दो लड़के मोबाइल छीनकर भाग गए। लेकिन लूट करने के बाद थोड़ा आगे जाकर अंजली अपने असली वेश यानि लड़की के रूप में आ जाती थी।

CCTV की मदद से पकड़े गए

पुलिस के अनुसार हाल के दिनों में हुए लगातार स्नैचिंग की वारदात की जब छानबीन की गई तो वाहन चोरी निरोधक दस्ते के इंस्पेक्टर मनोज कुमार की टीम को 2 सीसीटीवी फुटेज मिले। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस दोनों तक पहुंचने में कामयाब रही। पुलिस टीम ने मायापुरी चौक के पास जाल बिछाकर दोनों को पकड़ लिया। बता दें कि दोनों चोरी की बाइक पर वहां से गुजर रहे थे। बरामद की गई बाइक पटेल नगर थाना क्षेत्र से चुराई गई थी। वहीं तलाशी के बाद दोनों के पास से 4 मोबाइल भी पुलिस ने बरामद किए। ये मोबाइल पंजाबी बाग, विकासपुरी और जनकपुरी थाना क्षेत्रों से छीने गए थे। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से आधा दर्जन स्नैचिंग, चोरी और वाहन चोरी के मामलों का पता लगाया है। पुलिस को उम्मीद है कि इनसे पूछताछ के बाद और भी मामलों के बारे में पता लगेगा।

‘हर घर को 3 साल में स्मार्ट मीटर’

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सरकार ने वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति में सुधार और बचत के उद्देश्य से देश भर में सभी ग्राहकों के यहां तीन साल में बिजली के स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने का लक्ष्य तय किया है। बिजली मंत्री आर के सिंह राज्यों से यथाशीघ्र योजना तैयार करके रिपोर्ट भेजने का आग्रह किया है।

बिजली मंत्रालय ने 41 लाख ऐसे स्मार्ट मीटर के लिए 830 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मंत्री ने इस महीने दो अगस्त को राज्यों और बिजली वितरण कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को पत्र लिखकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर के क्षेत्र में हुई प्रगति की जानकारी मांगी है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर से ग्राहक मोबाइल की तरह मीटर रिचार्ज कराकर अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का उपयोग कर सकेंगे।

दो साल पहले ही सबको घर का लक्ष्य पूरा होगा 
वहीं दूसरी ओर, आवास मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपना घर उपलब्ध कराने के सरकार के लक्ष्य को दो साल पहले यानी 2020 में ही हासिल कर लिया जायेगा। केंद्र सरकार ने इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिये 2022 तक का समय रखा है।

रियल एस्टेट संगठन नेशनल रीयल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नारेडको) के यहां आयोजित 15वें राष्ट्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन हरदीप पुरी ने कहा कि मोदी सरकार का 2022 तक प्रत्येक भारतीय को अपना घर उपलब्ध कराने का एक बड़ा मिशन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में शहरी कार्यक्रमों के लिये 1,50,000 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली थी।वर्तमान सरकार में यह आंकड़ा छह गुना बढ़ गया है। दिसंबर तक 100 में से 50 स्मार्ट शहरों काम पूरा हो जाएगा।

चिदंबरम को सीबीआई ने भेजा 2 घंटे में पेश होने का नोटिस, वकील ने पूछा- किस कानून के तहत?

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पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम (P. Chidambaram) की तलाश में सीबीआई की टीम मंगलवार शाम से तीन बार उनके घर जा चुंकी है. मंगलवार देर रात पूर्व वित्तमंत्री के घर पहुंचे सीबीआई अधिकारियों ने उनके घर के बाहर नोटिस चिपकाते हुए उन्हें दो घंटे के अंदर पेश होने को कहा था. हालांकि इसे लेकर चिदंबरम के वकील ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को यह बताने के लिए कहा कि किस कानून के तहत उन्होंने मेरे मुवक्किल को INX मीडिया मामले (INX Media Case) में दो घंटे के भीतर उनके सामने पेश होने के लिए कहा है.एजेंसी द्वारा चिदंबरम के घर पर जाने और नोटिस लगाने के बाद सीबीआई को लिखे पत्र में चिदंबरम के वकील अर्शदीप सिंह खुराना सीबीआई पर सवाल करते हुए कहा, ‘मैं पूछना चाहता हूं कि दो घंटे के भीतर हाजिर होने वाला आपका नोटिस कानून के किस प्रावधान के तहत है, जिसे मेरे मुवक्किल को जारी किया गया है.’

‘CBI अभी कोई ठोस कार्रवाई न करें’
सिंह ने आगे कहा, ‘इसके अलावा, मेरे मुवक्किल कानून में उपलब्ध अधिकारों का प्रयोग कर रहे हैं और 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, ताकि उसकी अग्रिम जमानत को खारिज करने के आदेश के संबंध में तत्काल राहत की मांग की जा सके.’ खुराना ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता को आज सुबह 10:30 बजे अदालत के समक्ष आदेश के खिलाफ तत्काल विशेष अवकाश याचिका का उल्लेख करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमति दी गई है. इसलिए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि तब तक मेरे मुवक्किल के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न करें और सुबह 10:30 बजे सुनवाई का इंतजार करें.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चिदंबरम को INX मीडिया मामले में गिरफ्तारी से किसी भी तरह की सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने कहा कि वो इस मामले में “किंगपिन” और “मुख्य साजिशकर्ता” मालूम पड़ते हैं और जांच प्रभावी होने के लिए हिरासत में लेकर पूछताछ करने की आवश्यकता है. अदालत ने कहा कि INX मीडिया घोटाला “मनी लॉन्ड्रिंग” का एक क्लासिक उदाहरण था. याचिकाकर्ता पर लगे आरोप गंभीर हैं. कोर्ट के सवालों के साफ-साफ जवाब नहीं मिलने को प्रमुख कारक मानते हुए अग्रिम जमानत देने से मना कर दिया गया. 

जल्द बदल जाएगा आपका ड्राइविंग लाइसेंस, 1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

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कोई भी गाड़ी चलाते समय ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है. ड्राइविंग लाइसेंस के साथ गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी (RC) रखना भी कानूनी तौर से जरूरी है. लेकिन अब ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का रूप-रंग बदलने जा रहा है. बता दें कि हर राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का फॉर्मेट अलग-अलग होता है. कई बार कंफ्यूजन हो जाता है कि लाइसेंस कौन सा और आरसी कौन सी है. इसके अलावा अलग-अलग राज्यों के प्रारूप अलग होने से भी उनमें नियम भी अलग-अलग तरीके से दर्ज होते हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.

ड्राइविंग लाइसेंस (DL) आने वाले समय में बदल जाएगा. केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों में बदलाव करने जा रही है. नया नियम इस साल 1 अक्टूबर से लागू हो जाएगा. अब डीएल और गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) दोनों एक जैसे होंगे. यानी अब हर राज्य में डीएल और आरसी का रंग समान होगा. इसको लेकर सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस नोटिफिकेशन के मुताबिक, डीएल और आरसी में जानकारियां एक जैसी और एक ही जगह पर होंगी.

क्या होगा बदलाव 
सहयोगी वेबसाइट जीबिजनेस में प्रकाशित खबर के अनुसार ड्राइविंग लाइसेंस और आरसी का डिजाइन पूरे देश में एक जैसा होगा. लाइसेंस और आरसी पर नियम भी सभी पूरे देश में एक जैसे होंगे और उनकी प्रिंटिंग भी एक जैसी ही होगी. अभी तक ये अलग-अलग होती हैं. ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रैफिक की जिम्मेदारी संभालने वालों को भी सुविधा होगी. नए बदलाव के बाद ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेशन को लेकर कोई कंफ्यूजन की स्थिति नहीं रह जाएगी.

क्या है दिक्कत 
डीएल और आरसी को लेकर फिलहाल हर राज्य अपने-अपने मुताबिक फॉर्मेट तैयार करते रहे हैं, लेकिन इसमें परेशानी यह है कि किसी राज्य में इन पर जानकारियां शुरू में हैं तो किसी राज्य में पीछे की तरफ छपी होती हैं. लेकिन सरकार के नए फैसले के बाद डीएल और आरसी पर जानकारियां एक जैसी जगह पर ही होंगी.

एक क्लिक में मिलेगा पूरा रिकॉर्ड 
इस संबंध में सरकार ने पिछले साल एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें लोगों से इस मामले में विचार मांगे गए थे. सरकार ने आम लोगों से मिले सुझावों के आधार पर यह फैसला किया है और नया नोटिफिकेशन जारी किया. नए नियम के बाद ड्राइविंग लाइसेंस या आरसी में माइक्रोचिप और क्यूआर कोड होंगे जिससे पिछला रिकॉर्ड छिपाया नहीं जा सकेगा. क्यूआर कोड से केंद्रीय डेटा बेस से ड्राइवर या वाहन के पहले के सारे रिकॉर्ड एक जगह पढ़ा जा सकेगा.

खत्म करती है कई गंभीर बीमारियां, काजू और अखरोट से कई गुना ताकतवर होती है यह चीज

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पिस्ता का नाम तो लगभग सभी ने सुना होगा और हो सकता है, कुछ लोगों ने इसका सेवन न किया हो। पिस्ता एक प्रकार का मेवा है। ड्राइ फ्रूट्स के रूप में इस्तेमाल होने वाला पिस्ता न केवल एक बेहतर स्नैक है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। एक ताजा अध्ययन के अनुसार इसका नियमित सेवन शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को नियंत्रित कर ब्लड में शुगर के लेवल को घटाता है। पिस्ता में संतृप्त वसा, पॉलीअनसेचुरेटेड वसा, मोनोअनसैचुरेटेड वसा, सोडियम, पोटेशियम, कार्बोहाइड्रेट, आहार फाइबर, शुगर, प्रोटीन, विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन, विटामिन डी, विटामिन बी, मैग्नीशियम, संतृप्त वसा और बहुत से पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह काजू और बादाम से भी ताकतवर माना जाता है।

 पिस्ता के फायदे 
शरीर में कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ रहा है तो आप नियमित रूप से 5 पिस्ता का सेवन करें। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में कोलेस्ट्रोल लेवल सामान्य हो जाता है। पिस्ता के नियमित सेवन से हृदय से जुड़ी बीमारियों में लाभ मिलता है। पिस्ता का सेवन कैंसर को रोंकता है और कैंसर सेल्स को भी खत्म करता है। इसका सेवन बालों को सुन्दर लम्बा और मजबूत बनाता है और मधुमेह की समस्या में भी लाभकारी होता है। इसके सेवन से हीमाग्लोबिन बढ़ता है और तंत्रिका तंत्र मजबूत होता है। पिस्ता दिमाग को तेज करता है और वजन को घटाता है। इसके सेवन से त्वचा संबंधी रोग ख़त्म हो जाते हैं। यह बढ़ती उम्र को रोंकता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है।

बाबूलाल गौरः उमा से मिला CM पद, फिर MP में खत्म कर दी सियासत

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मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का बुधवार को निधन हो गया. बाबूलाल गौर को उमा भारती की कृपा से कभी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली थी. मगर उन्हीं बाबूलाल गौर की वजह से उमा भारती की मध्य प्रदेश में सियासत की जमीन ही खिसक गई.

दरअसल 2003 के विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश की सत्ता में बीजेपी के आने पर उमा भारती मुख्यमंत्री बनी थीं. मगर साल भर बाद ही कर्नाटक में हुबली की एक अदालत ने दंगा भड़काने के 10 साल पुराने एक मामले में उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया था.

कर्नाटक से आईपीएस डी रूपा के नेतृत्व में वारंट को तामील कराने पुलिस अधिकारियों की टीम भी निकल पड़ी थी. गिरफ्तारी की लटकती तलवार देखकर बीजेपी नेतृत्व ने उमा भारती पर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने को कहा. जिसके बाद उमा भारती ने पद छोड़ दिया. मगर कुर्सी छोड़ने से पहले राज्य के गृहमंत्री बाबूलाल गौर का नाम उन्होंने मुख्यमंत्री पद के लिए बढ़ाया.

दरअसल उमा भारती का बाबूलाल पर इतना भरोसा था कि जब भी वे कहेंगी तो उनके लिए बाद में कुर्सी खाली कर देंगे. मगर एक बार कुर्सी मिलने के बाद बाबूलाल गौर कुर्सी से उतरने को तैयार नहीं हुए. जबकि कहा जाता है कि कुर्सी सौंपने से पहले उमा भारती ने बाबूलाल गौर को 21 देवी-देवताओं की कसम खिलाई थी. दोबारा सीएम की कुर्सी न मिलने पर उमा भारती बीजेपी से बागी हो गईं.

इस बीच बाबूलाल गौर के खिलाफ पार्टी नेतृत्व को तमाम तरह की शिकायतें भी मिलने लगीं. बीजेपी ने बीच का रास्ता निकालते हुए दोबारा उमा भारती को मौका देने की जगह शिवराज सिंह चौहान को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया. तब शिवराज सिंह चौहान पार्टी के महासचिव थे. आखिरकार 2005 में शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने.

नया वोटर कार्ड बनवाने या पुराने कार्ड में संशोधन कराने का सुनहरा मौका, बस लगेंगे ये दस्तावेज

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मतदाता पहचान पत्र में यदि कोई त्रुटि है तो उसे एक सितंबर से ठीक कराया जा सकता है। निर्वाचन आयोग प्रदेश में एक सितंबर से निर्वाचक सत्यापन कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूचियों को शत प्रतिशत शुद्ध करना है। इस अभियान के तहत विधानसभा मतदाता सूचियों और फोटो युक्त मतदाता पहचान पत्रों में यदि कोई गलती होगी, तो उसे ठीक कराने के साथ ही संशोधन हो सकेंगे। मतदाताओं की सुविधा के लिए पहली बार आयोग मोबाइल एप्लीकेशन का भी विकल्प दे रहा है।

पहली बार आयोग मतदाताओं के घरों और मतदेय स्थलों की जीपीएस मैपिंग करेगा। मंगलवार प्रदेश सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने कार्यक्रम जारी किया। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में उनसे सहयोग की अपील की।

सीईओ ने कहा कि वे लोग जल्द से जल्द बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) बनाएं। ये कार्यक्रम 30 सितंबर तक चलेगा। बैठक में भाजपा से पुनीत मित्तल, कांग्रेस से राजेश चमोली, बीएसपी से रमेश कुमार और सीपीएम से अनंत आकाश उपस्थित थे।

संशोधन के ये चार माध्यम निर्वाचक सत्यापन कार्यक्रम के तहत मतदाता चार माध्यमों में से किसी एक माध्यम का इस्तेमाल करके मतदाता सूची में अपना नाम, पता, जन्मतिथि में संशोधन करा सकते हैं। इनमें वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप है। जिसे आयोग जल्द लांच करने जा रहा है। राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल, जन सेवा केंद्र (सीएससी) और 1950 वोटर हेल्पलाइन। मतदाता जिस तरह के संशोधन चाहेगा, वेबसाइट पर उसे उसका फार्म उपलब्ध हो जाएगा, जिसे भरने के बाद बीएलओ के सत्यापन के बाद संशोधन हो जाएगा।

संशोधन के लिए ये चाहिए दस्तावेज 
आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, किसान पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकार द्वारा जारी आईडी।

परिवार के वोट एक साथ 
यदि एक ही परिवार के वोट अलग-अलग पतों या बूथों पर बनें हैं तो उनमें संशोधन कर उसे एक साथ कराया जा सकता है। आयोग ने अभियान के तहत यह सुविधा भी प्रदान की है। 

फर्जी हटेंगे, नए बनेंगे 
अभियान के तहत फर्जी वोटरों की भी पहचान की जाएगी और उन्हें मतदाता सूची से बाहर किया जाएगा। जो मतदाता एक जनवरी 2019 को 18 वर्ष या उससे अधिक के हैं, और उनके नाम सूची में दर्ज होने से छूट गए हैं तो वे भी आवेदन कर सकेंगे। ऐसे वोटर जो एक जनवरी 2020 में 18 वर्ष के हो जाएंगे, वे भी आवेदन कर सकते हैं। 18 वें साल के बाद उनका नाम मतदाता सूची में स्वत: ही दर्ज हो जाएगा।

ये है कार्यक्रम 1 से 30 सितंबर तक : बीएलओ घर जाएंगे सत्यापन को
16 से 15 अक्तूबर तक: पतों की जीआईएस लोकेशन मैपिंग, बीएलओ के जुटाए डाटा सत्यापन
15 अक्तूबर से 30 नवंबर तक : मतदाता सूची का प्रकाशन और दावों और आपत्तियां
15 दिसंबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण
एक जनवरी से 15 जनवरी के मध्य अंतिम प्रकाशन

मतदाता और मतदेय स्थल 
77,55,442 मतदाता हैं
11235 मतदेय स्थल हैं
8687 मतदेय स्थल गांवों में
2548 मतदेय स्थल शहरों में

तीन सप्ताह से बाढ़ में फंसी है मशहूर अभिनेत्री, फोन कर कहा- मदद करो, खाने को कुछ नहीं बचा है

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मशहूर मलयालम अभिनेत्री मंजू वारियर (Manju Warrier) और ‌फिल्म निर्देशक सनल कुमार शशिधरन (Sanal Kumar Sasidharan) हिमाचल प्रदेश की बाढ़ में फंस गए हैं. इसकी जानकारी लोगों को तब मिली जब अभिनेत्री ने बीती रात अपने भाई मधु वारियर को फोन किया. मधु के अनुसार उनकी बहन ने बताया उनके साथ फिल्म का क्रू फंसा हुआ है. कुछ दिन पहले मंजू अपनी एक फिल्म की शूटिंग के लिए यहां आई थी. जानकारी के अनुसार यह जगह हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले का छत्रु नाम गांव का एक गांव है.प्राकृतिक रूप से बेहद संपन्न इस गांव में कई बार दक्षिण भारतीय फिल्मों की शू‌टिंग के लिए कलाकार आते हैं. लेकिन इस बार मौसम का सही आकलन किए बगैर डायरेक्टर सनल कुमार शशिधरन अपनी पूरी टीम लेकर यहां आ गए. लेकिन तेज बारिश के बाद हिमाचल में बाढ़ आ गई. इसके बाद अभिनेत्री और फिल्म का क्रू वहीं फंस गए.

खाने का सामान भी हो चुका है खत्म अभिनेत्री के भाई मधु ने बताया, ”उसने कल रात मुझे सेटेलाइट फोन से कॉल किया था. उसने बताया कि वहां उसके साथ करीब 200 लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं. इनमें फिल्म के कास्ट एंड क्रू के भी 30 लोग शामिल हैं. उसने बताया कि वह जगह छत्रु है. वह मुझसे मदद मांग रही थी. उसने बताया कि वहां खाने-पीने की चीजें भी खत्म हो चली हैं. उसने कहा कि वहां बचा खाने का सामान शायद एक दिन और चल जाए.

अभिनेत्री के भाई के अनुसार, वह ज्यादा कुछ नहीं बता सकी. वो बस बार-बार मदद के लिए कह रही थी. यही कोई 15 सेकेंड की कॉल थी. जिसमें ज्यादातर समय वो मदद के लिए ही कहती रही.

अभिनेत्री के भाई मधु वारियर के मुताबिक, फिल्म के क्रू से करीब तीन सप्ताह से सभी तरह के संचार टूट चुके हैं. ये लोग करीब तीन सप्ताह पहले ही शूटिंग के लिए गए थे. लेकिन इनके जाते ही संपर्क होना बंद हो गया. क्योंकि वहां नेटवर्क और इंटरनेट पहले से ही बंद था.

हिमाचल प्रदेश के सीएम को दे दी गई है खबर
अभिनेत्री मंजू वारियर के भाई ने मामले की जानकारी राज्य मंत्री वी मुरलीधरन को दी. जानकारी के अनुसार मुरलीधरन ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को सूचना दे दी है.

ओडिशा: शख्स के पास से मिला उड़ने वाला सांप, टोकरी में रखकर दिखाता था तमाशा, देखें वीडियो

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भुवनेश्वर में आज एक व्यक्ति के कब्जे से एक उड़ने वाला सांप पकड़ा गया. वह सांप को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करके अपनी आजीविका कमाता था. भुवनेश्वर शहर के वन विभाग प्रभारी ने मीडिया को बताया कि यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध है, उन्होंने कहा कि सांप को जल्द ही जंगल में छोड़ दिया जाएगा. एएनआई ने सांप का एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक लकड़ी की टोकरी में बहुत सारे धारियों वाला सांप दिखाई दे रहा है. इस टोकरी में सांप को लोगों को दिखाने के लिए रखा गया था. स्थानीय लोगों ने रेलवे स्टेशन के पास एक व्यक्ति को लगभग 2 फीट लंबे सांप के साथ देखा और पुलिस को सूचित किया. प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने सांप को वन विभाग को सौंप दिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

वैज्ञानिक रूप से क्रिसोपेलिया ओरनाटा (Chrysopelia Ornata) को उड़ने वाले सांप के नाम से जाना जाता है, सांप की ये प्रजातियां दुर्लभ प्रजातियों में से एक हैं, जो वास्तव में उड़ नहीं सकते हैं, लेकिन पेड़ों पर एक टहनी से दूसरी टहनी पर बड़ी ही आसानी से जा सकते हैं इसलिए इसे उड़ने वाला सांप कहते हैं. ये थोड़े से जहरीले होते हैं, ये जहर उनके छोटे शिकारों के लिए जानलेवा होता है.

माना जाता है कि उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों में, उनका उपयोग साँपों के आकर्षक काम में किया जाता है।बता दें कि पशु क्रूरता एक गंभीर अपराध है और इसे देखने के बाद जल्द से जल्द अधिकारियों को सूचित किया जाना चाहिए.

एक साथ 3 सरकारी नौकरी कर रहा था ‘नटवरलाल’, 25 साल बाद खुला राज

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बिहार के किशनगंज में कार्यरत एक इंजीनियर का अनोखा कारनामा सामने आया है. किशनगंज भवन निर्माण विभाग में कार्यरत सहायक अभियन्ता सह एसडीओ सुरेश राम एक विभाग में नहीं बल्कि तीन अलग-अलग जिलों में अलग-अलग सरकारी विभाग में कार्यरत है और लगभग 20 से 25 सालों से सरकारी नौकरी रहा है.

मामले का खुलासा होने पर बिहार सरकार के उपसचिव चंद्रशेखर प्रसाद सिंह ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. जिसके बाद किशनगंज थाना में नटवरलाल एसडीओ के खिलाफ भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता मधुसूदन कुमार कर्ण ने प्राथमिकी दर्ज कराई है. इसके बाद से भवन निर्माण विभाग का सहायक अभियंता सह एसडीओ सुरेश राम फरार है. पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है.

दरअसल, वित्त विभाग में अभी बिहार में नया सीएफएमएस सिस्टम अडॉप्ट किया गया है जिसमें सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और अन्य कार्यो के लिए आधार कार्ड, जन्मतिथि और अन्य जानकारी डाली जाती है. वहां यह बात सामने आई क‍ि तीन विभाग में एक ही नाम, जन्मतिथि से एक ही व्यक्ति कार्यरत है.

उसके बाद आरोपी सुरेश राम को भवन निर्माण विभाग में 22 जुलाई को उपसचिव के पास बुलाया गया. 22 जुलाई को वह शैक्षणिक कागज लेकर नहीं गया और सिर्फ आधार कार्ड, पैन कार्ड ले कर गया. उपसचिव द्वारा बोला गया कि सिंचाई विभाग में सभी कागज लेकर आइए लेकिन आरोपी सुरेश राम नहीं गया और उसके बाद से वह मोबाइल स्विच ऑफ कर फरार है.

जांच में पता चला है कि भवन निर्माण विभाग पटना में इसने 1988 को आवेदन दिया था. इसके बाद जलसंसाधन विभाग पटना, बिहार में 1989 में नियुक्त हुआ और उसके बाद फिर दोबारा जलसंसाधन विभाग पटना में नियुक्त हुआ. इस तरह तीन विभागों में तीन बार नियुक्त हुआ. इतना ही नहीं आरोपी ने पदोन्नति भी ली और सैलरी भी उठा रहा है. इतने सालों तक इस घालमेल का पता नहीं लग सका और बड़े मजे से नटवरलाल सहायक अभियंता बना रहा.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अपने तरह के एकलौते और अनोखे मामले में प्रथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है. प्रथम दृष्टया मामला सही प्रतीत हो रहा, ज‍िसमें एक ही व्यक्ति एक साथ तीन विभागों में नौकरी कर रहा था.

सुरेश राम वर्तमान में तीन जगह नियुक्त हैं जिसमें

(1) भवन निर्माण विभाग (जिला किशनगंज) में कार्यरत है.

(2) जलसंसाधन विभाग पूर्वी तटबंध भीमनगर (जिला सुपौल) में एक ही नाम व एक ही जन्मतिथि के साथ कार्यरत है.

(3) जलसंसाधन विभाग में अवर प्रमंडल बेलहर (जिला बांका) में भी यह सहायक अभियन्ता के रूप कार्यरत है.