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जानिए ठरकी लड़को की कहानी, एक से ज्यादा गर्ल्फ्रेंड रखने से होती यह दिक्क़ते, समय रहते बन जाये बफादार ?

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आज हम आपको ज्यादा गर्ल्फ्रेंड रखने के नुक़्सानो के बारे में बताएंगे तो जानिए ?

आज इस आर्टिकल में हम आपको उन लड़कों के बारे में बताने जा रहे हैं जो एक से ज्यादा गर्लफ्रेंड रखते हैं इसके कारण लड़कों को बहुत ही ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

यदि आप एक से ज्यादा गर्लफ्रेंड होती तो आपका खर्चा भी उतना ही पड़ जाता है और फिर आप तो दो गर्लफ्रेंड का खर्चा थाना कोड नहीं कर पाते इसके कारण आप एक ही गर्लफ्रेंड रखे तो आपके लिए बेहतर होगा।यदि आप दो गर्लफ्रेंड रखोगे तो आप के समय की दिक्कत भी बहुत ही ज्यादा पड़ जाती है

आप किस समय किस गर्लफ्रेंड से बात करोगे इसके कारण से आपकी गर्लफ्रेंड और आपके बीच में झगड़ा भी हो सकता है आप किसके साथ मूवी देखने जा रहे हो इस बात को लेकर भी झगड़ा हो सकता है और ना ही आपकी अंडरस्टैंडिंग सही रहेगी यदि आप एक दूसरे को टाइम नहीं दे पाएंगे तो

एक से ज्यादा गर्लफ्रेंड होने के कारण लड़कों की पिटाई होना भी आम बात है यदि आपकी गर्लफ्रेंड ने आपको किसी के साथ देख लिया तो वह भी आप की धुलाई करने के लिए आपके पीछे आगे की और जो गर्लफ्रेंड आपके साथ है वह भी आपकी पिटाई ही करेगी।इसलिए आप एक से ज्यादा गर्लफ्रेंड ना रखें आपके लिए अच्छा यही होगा कि आप एक ही गर्लफ्रेंड रखें।

जरूर जानिए मौसमी फल नाशपाती खाने के 5 अनमोल फायदे

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मानसून का फल नाशपाती खाने से आपकी सेहत को मिलेंगे कई अनमोल फायदे। अगर अब तक नहीं करते हैं इसे खाना पसंद तो तुरंत जान लीजिए इसके बेहतरीन सेहत फायदे…..

1. नाशपाती खाने का सबसे अच्छा फायदा य है कि इसे रोजाना अपननी डाइट में शामिल करके आप अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बहुत आसानी से बढ़ा सकते हैं और प्रतिरक्षी तंत्र को मजबूत कर सकते हैं।

2. दूसरा फायदा यह है कि पाचन क्रिया को बेहतर बनाने के लिए यह बेहतरीन है। यह न केवल पाचक रसों को सक्रिय करता है बल्कि आंतों की क्रियाविधि को बेहतर बनाता है।

3. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो इससे बेहतर कोई फल नहीं है आपके लिए। विटामिन सी से भरपूर नाशपाती वजन कम करने में मददगार है। 4. शुगर के मरीजों, घेंघा रोग से पीड़ित होने पर, एनीमिया, गठिया आदि में नाशपाती का सेवन काफी लाभप्रद साबित होता है। इसमें आयोडीन भी भरपूर मात्रा में होता है और यह घाव को जल्दी भरने में सहायक है।

5. कैंसर से बचाव में सहायक होने के साथ-साथ हृदय के लिए यह लाभदायक है और आपकी त्वचा एवं आंखों को भी फायदा पहुंचाता है। त्वचा की समस्याओं को खत्म करने में यह लाभकारी रहेगा।

शेविंग करने के इन फायदों को जानने के बाद इसके बिना रह नहीं पाएंगे आप

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आजकल लोग गुड लुक (Good Look) और अच्छा दिखने के लिए तरह-तरह के स्टाइल (Style) अपना रहे हैं। जहां एक ओर महिलाएं खुद को खुबसूरत बनाने के लिए कई तरह के ब्युटी प्रोडक्टस (Beauty Products) और स्कीन ट्रीटमेंट (Skin Treatment) का इस्तेमाल करती हैं, वहीं पुरुष खुद को अच्छा दिखाने के लिए शेविंग (Shaving) करते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि, पुरुषों की शेविंग से उन्हें कई तरह के फायदे होते हैं जिसके बारे में वे बहुत कम ही जानते हैं। इससे उनकी चेहरे में तेज बढ़ता है और त्वचा जवां रहती है शेविंग से जुड़े और भी फायदे है जो त्वचा के सौंदर्य को निखारती है। चलिए जानते हैं इससे जुड़े कुछ फायदे…

डेड स्किन को हटाने में करता है मदद

शेविंग करने से ऊपरी सतह के बाल हट जाते हैं जिससे चेहरे पर मौजूद डेड स्कीन सेल्स भी खत्म हो जाते हैं। और यही त्वचा को जवां रखने में मदद करता है।

त्वचा को हेल्दी बनाने में मदद करता है

शेविंग करनेसे पुरुषों को एक फ्रेश फिलिंग का ऐहसास होता है। साथ ही इससे त्वचा हेल्दी बनीरहती है और चेहरे पर निखार आता है।

शेविंग से होता है पीएच लेवल नियंत्रित

शेविंग के दौरान पुरुष कई तरह के शेविंग प्रोडक्टस जैसे, जेल, क्रीम, बाम या प्री शेव ऑयल का इस्तेमाल करते हैं जो उनके पीएच लेवल को बनाए रखने में सहायता करता है।

रक्तदान करने से पहले आपको जान लेनी चाहिए यह बाते, वर्ना बाद में पछताओगे !

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रक्तदान एक महादान है आप रक्तदान करके किसी की जिंदगी बचा सकते हैं हर स्वस्थ इंसान को रक्त दान करना चाहिए।

लेकिन रक्तदान को लेकर कई लोगों ने भ्रम फैला रखे हैं कि रक्तदान करने से आप में हीमोग्लोबिन की कमी आ जाएगी या फिर आपने बहुत ही ज्यादा कमजोरी आ जाएगी ऐसी कई भ्रम है जो लोगों ने फैला रखी है लेकिन यह बिल्कुल गलत है रक्तदान करना बहुत ही अच्छा होता है।

आपके द्वारा किया गया रक्तदान किसी की जान बचा सकता है और आपका दान किया हुआ रक्त केवल 21 दिनों में फिर से आपके शरीर में बन जाता है, एक हेल्थी पुरुष 3 महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है और 471ML से ज्यादा किसी भी इंसान का रक्त एक बार में नहीं लिया जाता।

वही एक साधारण स्त्री 4 महीने में एक बार ब्लड डोनेट कर सकती है क्योंकि महिलाओं की हर महीने पीछे हट जाते हैं इसलिए उन्हें 4 महीने में एक बार ब्लड डोनेट करना चाहिए।

इसके अलावा आप को रक्तदान करने से पहले स्मोकिंग बंद कर देनी चाहिए आपको जिस दिन भी रक्तदान करना है उसके 5 घंटे पहले तक आप स्मोकिंग ना करें, यदि आप शराब भी पीते हैं तो आपको 48 घंटे पहले शराब बंद कर देनी चाहिए यदि आपने शराब पी हुई है तो आप बिल्कुल भी ब्लड डोनेट ना करें।

ब्लड डोनेट करने के बाद आपको मिलने वाली हेल्दी डाइट जरूर लेनी चाहिए इस में फल फ्रूट और बहुत ही हेल्दी डाइट जरूर लें इससे आपको कमजोरी बिल्कुल भी महसूस नहीं होगा ब्लड डोनेट करने के बाद आप लगातार तरल पदार्थ ही पीते रहेंगे तो आपको कमजोरी महसूस होगी आपको हेल्दी डाइट जरूर लेनी चाहिए।

इसके अलावा रक्तदान करने की 1 दिन बाद तक आपको हेल्दी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए मैं तो कहता हूं कि आपको बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करना चाहिए कम से कम 2 दिन तक यदि आप कोई मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं या फिर आपको कोई गुप्त रोग है तो आप बिल्कुल भी ब्लड डोनेट ना करें।

स्वाद ही नहीं जबरदस्त गुणों से भरपूर है ‘मशरूम’, बढ़ती उम्र से लेकर इन चीजों के लिए है फायदेमंद

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मशरूम के बारे में तो सभी ने सुना होगा और खाया भी होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं यह सब्जी केवल खाने में ही स्वादिष्ट नही होती है। बल्कि यह गुणों का भंडार भी है।यह सीलन और नमी वाली जगह पर उगाया जाता है, सेहत के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। आयुर्वेद में मशरूम का इस्तेमाल दवाई के रूप में भी किया जाता है। तो आइए जाने पोषक तत्वों से भरपूर मशरूम को खाने से किस तरह स्वास्थ्य को फायदा होता है।

बढ़ती उम्र को थामें मशरूम का सेवन करने से शरीर को भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट मिलता है। जो उम्र के बढ़ते हुए लक्षणों को कम करता है और त्वचा में कसाव लाता है जिससे आप जवां नजर आते हैं। 

रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास मशरूम का नियमित सेवन करने से बॉ़डी में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। जिसके कारण सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियां जल्दी नहीं होती हैं। 

हड्डियों को बनाए मजबूत मशरूम का नियमित रूप से सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती है। इसमें विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में होता है जो हमारे शरीर का बीस प्रतिशत विटामिन की जरूरत को पूरा करता है। 

दिल की बीमारियों से भी बचाता है मशरूम में बीटा ग्लूकेन होता है जो सीधे तौर पर कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और साथ ही दिल की सेहत को सही रखता है। इसके साथ ही ये टाइप टू डायबिटीज के खतरे से बचाता है।

कमजोर बालों से हैं परेशान तो घी का ऐसे करें इस्तेमाल, जानिए और भी बहुत कुछ

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हर कोई अपने भोजन में घी प्रयोग में लाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है और शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घी बालों की हर समस्या का इलाज भी हैं। जी हाँ, घी का इस्तेमाल कर बालों को सुन्दर और मजबूत बनाया जा सकता हैं। तो आइये जानते है किस तरह घी का इस्तेमाल कर बालों की समस्याओं को दूर किया जा सकता हैं।

दोमुंहे बाल- दोमुंहे बाल यानि स्पलिट एंड से छुटकारा पाने के लिए घी से मालिश करने के बाद तौलिया गर्म पानी में डुबोकर अच्छे से निचोड़ने के बाद सिर पर रखें। ऐसा महीने में कम से कम 4 बार जरुर करें। दो मुंहे बालों से छुटकारा पाने के लिए यह सबसे बेस्ट तरीका है।

लंबे बालों के लिए- यदि आप सिर्फ अपने बाल लंबे करना चाहती हैं तो इसके लिए महीने में 3 बार घी को हल्का गर्म करके बालों में जरुर मसाज करें। मसाज के बाद गर्म तौलिया सिर में रखना मत भूलें। कम से कम 15 मिनट के लिए बालों में तौलिया रखकर हो सके तो दिमाग और बॉडी दोनों को रेस्ट दें। 4 से 5 महीने में आपको बालों की ग्रोथ में फर्क दिखना शुरु हो जाएगा।

डैंड्रफ के लिए- बालों से डैंड्रफ की छुट्टी करने के लिए घी एक बहुत अच्छा उपाय है। बालों मैं डैंड्रफ की समस्या है तो घी को हल्का गर्म करके अपने बालों की जड़ों तक अच्छी तरह लगाएं। लगातार 1 महीने तक इस तरह बालों में घी का इस्तेमाल करने से डैंड्रफ की समस्या दूर हो जाती है। डैंड्रफ के अलावा यदि आपको सिर में दर्द रहता है तो उसके लिए भी सिर में घी के साथ की गई मालिश बहुत फायदे करती है।

टूटते-झड़ते बाल- बालों में पोषण की कमी के कारण अक्सर बाल रुखे होकर टूटने-झड़ने लगते हैं। बालों की इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए सिर नहाने से 1 घंटा पहले अपने बालों में घी हल्का गर्म करके लगाएं। ऐसा करने से बालों को भरपूर पोषण मिलेगा साथ ही बाल सॉफ्ट एंड शाइनी दिखेंगे।

जानिए कश्मीर की अनूठी पिंक टी यानी गुलाबी चाय के बारे में

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चायहिंदुस्तानही नहीं, दुनियाभर में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला पेय पदार्थ है.किसी को एकदम कड़क चाय पसंद होती है तो किसी को कम उबली हुई दूधवाली चाय.किसी को ग्रीन टी पसंद है तो किसी को ब्लैक टी.कोई ब्लैक टी में नींबू डालकर ऑरेंज कलर की चाय पीना पसंद करता है.यानी चाय की प्रकृति के अनुसार इसका रंग भीभिन्न-भिन्नहोता है.लेकिन आजशेफवफूड प्रजेंटेटर हरपाल सिंह सोखीसे जानिए कश्मीर की अनूठी पिंक टी यानी गुलाबी चाय के बारे में.

  1. पिंक टी को को ‘शीर चाय’ कहते हैं.लोकलबोली में इसे नून चाय भीबोलाजाता है.कश्मीर में नून का मतलब है नमक.यानी यह चाय नमकीन होती है.नमकीन होने केअतिरिक्तइसकी सबसे बड़ीअच्छाईहै इसका गुलाबी रंग.साथ ही इसका क्रीमी टेक्सचर भी इसे खास बनाता है.यह कश्मीर केमशहूरपेय पदार्थ ‘कश्मीरी कहवा’ से स्वादवबनाने केढंगदोनोंअर्थमेंबहुत ज्यादाअलग होती है.
  2. नून या गुलाबी चाय कश्मीर घाटी में पैदा होने वाली विशेष पत्तियों ‘फूल’ से बनाई जाती है.नून चाय बनाने के लिए चाय की इन ‘फूल’ पत्तियों को अच्छे से उबाला जाता है.जब चाय उबल जाती है तो उसमें सोडा-बाईकार्बोनेट मिला दिया जाता है.इसी वजह से इसका स्वाद नमकीन होता है.कुछ लोग सोडा-बाईकार्बोनेट केजगहपर नमक का भी यूज करते हैं.उबलने पर चाय का पानी डार्क लाल रंग में बदल जाता है.अब इसमें दूध मिलाया जाता है जो इसका रंग बदलकर गुलाबी कर देता है.इस चाय को बनाते समय इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि ‘फूल’ नामक पत्तियां निर्धारित मात्रा से ज्यादा न हो जाएं.वरनाइसका स्वाद तो तीखा होगा ही, रंग भी गुलाबी नहीं आएगा.
  3. नून चाय में पारंपरिक तौर पर शक्कर नहीं मिलाई जाती है, लेकिन अब युवा पीढ़ी इसमें शक्कर मिलाकर भी पीने लगी हैं.कुछ लोग इसमें “चक्र फूल’ जैसे गरम मसाले भी मिलाने लगे हैं.आम कश्मीरी इसी सादी गुलाबी चाय को पीते हैं.लेकिनसमापनकश्मीरी इसमें कुछ सजावटवकरते हैं.वे इस गुलाबी चाय में घर में बना क्रीम डालते हैंवउस पर पिश्तेवबादाम के टुकड़ों से गार्निशिंग करते हैं.घर में आएअतिथिकी हैसियत के अनुसार ही चाय में डलने वाले क्रीम की मात्रा तय होती है.अगरअतिथिजरूरीहै तो क्रीम ज्यादा डलता हैवकमजरूरीहै तो कम.
  4. कश्मीर में नून चाय या पिंक टी कैसे अस्तित्व में आई, इसका कोई ज्ञात इतिहास तो नहीं है.लेकिन माना जाता है कि यह तुर्किस्तान के यरकंद क्षेत्र से कश्मीर में आई.कश्मीर के पहले मुस्लिम शासक सद्दरुद्दीन शाह को तुर्किस्तान के बुलबुल शाह ने ही इस्लाम में शामिल करवाया था.तुर्किस्तान के यरकंद क्षेत्र में ‘एक्टान’ नामक चाय बनाई जाती थी जिसमें नमक, दूधवक्रीम काप्रयोगकिया जाता था.इसलिए माना जाता है कि नमकीनवक्रीम चाय बनाने की यह विधि तुर्किस्तान से ही कश्मीर आई होगी.

जानिए किस स्तिथि में पड़ती है जीवन सपोर्ट सिस्टम की जरूरत

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पिछले कुछ दिनों से पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली की हालत गंभीर बनी हुई है।उन्हेंजीवनसपोर्ट सिस्टम में रखा गया है।लेकिन इस सिस्टम पर क्यों रखा जाता है इसके बारे मे डॉक्टर्स ही अच्छे से जानते हैं।तो क्या आपको पता है कि येजीवनसपोर्ट सिस्टम क्या हैवकिन हालातों में मरीज को इसमें रखा जाता है।इस सिस्टम से बचने की संभावनाएं कितनी होती हैं।तो चलिए आपको बता देते हैं क्या कहते हैं विशेषज्ञ।

दरअसल,जीवनसपोर्ट सिस्टम विज्ञान की आधुनिकतम चिकित्सा प्रणालियों में से एक है जिसने इंसान केज़िंदगीको बचाने की संभावनाओं को नये आयाम दिए हैं।प्रेसीडेंट हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफइंडियाऔरदिलरोग विशेषज्ञ डॉ केके अग्रवाल ने आजतक सेवार्तामें बताया कि ये वो तकनीक है जिसनेसंसारभर में अब तक लाखों लोगों कोज़िंदगीदिया है।यानि जब उनके शरीर के विभिन्न अंगों नेकार्यकरना बंद कर दिया तब भी वोजीवनसपोर्ट सिस्टम की मदद से रिकवर करने मेंसफलरहे, लेकिन इससे वापस लौटना इतना भीसरलनहीं है।

वहीं डॉ अग्रवाल बताते हैं कि इस सिस्टम के जरिये इंसान को बचानासरलहोता है, लेकिन जिस तरह पूर्व वित्त मंत्री कैंसर जैसी एक अंडरलाइन बीमारी से घिरे हैं तो ऐसे मेंआसारकम हो जाती है।उनके अनुसार, ऐसे मामलों में रोगी को सामान्य अवस्था में लानाकठिनहोता है।साथ ही उन्होंने बताया कि किस स्थिति में इसकीआवश्यकतापड़ती है।

उन्होंने बताया कि शरीर के तीन हिस्से हृदय, मस्त‍िष्क या फेंफड़ों की स्थिति गंभीर होने पर इस सिस्टम कीआवश्यकतापड़ती है।कई बार निमोनिया, ड्रग ओवरडोज, ब्लड क्लॉट, सीओपीडी या सिस्टिक फाइब्रोसिस, फेफड़ों में इंजरी या अन्य बीमारियों के कारण फेफड़े निम्नतम साथ देते हैं।ऐसे में इस सिस्टम की मदद से फेफड़ों को ये सपोर्ट सिस्टम मदद करता है।वहीं कभी कर्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक होने पर भीदिलको सहायक बनाने के लिए येजीवनसपोर्ट सिस्टम देना पड़ता है।ब्रेन स्ट्रोक या सिर पर चोट लगने पर भी ये सिस्टम मददगार होता है।इससे कई बार लोगों की जान बचाई भी गई है।

गलती से भी सड़क पर पड़े नीबू-मिर्च पर ना रखें पैर, वरना पड़ सकते है मुश्किल में.

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आपने अक्सर देखा होगा कि घर के बड़े बुजुर्ग घर के मेन गेट पर नींबू मिर्च टांग देते है. जिससे घर में कोई नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश ना करें. इसके अलावा सड़क पर कई सारे नींबू मिर्च के ढेर लगे होते हैं, जिन पर पांव रखने की हिदायत नहीं दी जाती है. अगर गलती से आपने इस पर पांव रख दिया तो इसे अशुभ माना जाता है।

हालांकि आज की पीढ़ी इस बात पर बिल्‍कुल भरोसा नहीं करती है। लेकिन आप नहीं मानेंगे ऐसा करने की पीछे भी एक वजह है आइए जानते है इस बारे में आखिर क्‍यों घरों और दुकानों के बाहर नींबू मिर्च लटकाया जाता है।

जी हां, सिर्फ नींबू-मिर्च को लगाने से ही बुरी नजर से नहीं बचा सकता हैं बल्कि इसके निकालने के बाद भी खुश प्राप्त कर सकते हैं लेकिन इससे किसी दूसरे व्यक्ति को खतरा पहुंच सकता है। जब हमारी दुकान या फिर घर में लटका हुआ नींबू-मिर्च सूख जाता है तो हम जानबूझकर सड़क पर डाल देते हैं क्योंकि जानबूझकर नींबू-मिर्च को सड़क पर डालने के पीछे बड़ा राज छिपा है।

बताया जाता है सड़का पर पड़ा नींबू-मिर्च जितना ही लोगों के पैरों से कुचलेगा उतना ही उसमें भरी नेगेटिविटी दूर जायेगी जिससे उस व्यक्ति को खुश प्राप्त होगा लेकिन वो नेगेटिविटी जिस व्यक्ति के पैर से दबेगी उसे नुकसान पहुंचेगा इसलिए सड़क पर चलते वक्त नींबू-मिर्च से बचकर निकलना चाहिए। भले ही इससे हमे सुख प्राप्त होगा लेकिन किसी को दुख पहुंचाने से बड़ा सुख नहीं होता है।

नींबू-मिर्च का ये तंत्र-मंत्र मनोवैज्ञानिकों ने भी माना है उनका मानना है कि नींबू का खट्टा और मिर्च का तीखा स्वाद बुरी बांधा को भटने तक नहीं देता है। नींबू-मिर्च के असर से कोई भी व्यक्ति किसी आकर्षित घर या दुकान को निगाह भरके नहीं देख पाता है।

तुलसी की पत्तियां को खाने से नहीं होती है दिल की बीमारी

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आज के भाग दौड़ भरी जिंगगी में लोगों रके पास अपने स्वास्थ्य के लिए बहुत कम वक्त होता है. लोग बीमार पड़ने पर तुरंत अंग्रेजी दवाईयों का सहारा ले लेते हैं. पर कई ऐसे धरेलू नुस्खे भी हैं जो आप को राहत पहुंचा सकती हैं.

इन्हीं में शामिल है तुलसी का पत्ता जो अपनी औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है. तुलसी की पत्तियों में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. यदि प्रतिदिन तुलसी की पत्तियों को दूध में उबालकर पिया जाए तो बहुत से रोगों से खुद को बड़ी सरलता से बचाया जा सकता है.आईये जानते हैं वो पांच फायदे –

दमा के रोग में फायदेमंद – यदि आप सांस संबंधी समस्याओं से परेशान हैं तो दूध के साथ तुलसी की पत्तियों को उबालकर पीएं. ऐसा करना दमा रोगियों के लिए बेहद लाभकारी साबित बोता है.

माइग्रेन से मिलती है राहत- दूध में तुलसी के पत्ते उबालकर पीने से सिर दर्द या माइग्रेन जैसी दिक्कतों से राहत मिलती है. लगातार रूप से इस औषधि का सेवन इस समस्या को जड़ से अच्छा कर सकता है. अगर आप लगातार इस समस्या से परेशान रहते हैं तो आप चाय की स्थान प्रतिदिन दूध में तुलसी के पत्ते डालकर पीएं. ऐसा करने से आपको बहुत ज्यादालाभ होगा.

तनाव व अवसाद से मुक्ति- तुलसी के पत्तों में ढेरों औषधीय गुण जाते हैं, जिसमें हीलिंग गुण भी शामिल होते हैं. अगर आप तनाव व डिप्रेशन जैसी समस्या से घिरे रहते हैं तो दूध में तुलसी की पत्तियों को उबाल लें व उसे पीएं. इस औषधि को पीने से मानसिक तनाव व चिंता दूर होती है साथ ही अवसाद की समस्या से उबरने में सहायता मिलती है.