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सेहत के साथ-साथ दूध चेहरे के लिए भी है बहुत लाभकारी

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अगर दूध ना हो तो इंसान का जीवन नरक समान है, क्योंकि इंसान का सबसे पहला आहार दूध ही होता है। अगर दूध नहीं तो जीवन में कई बीमारियां हमारे शरीर को घेर लेती है। दूध का सेवन स्वस्थ्य शरीर के लिए उपयोगी है। भारतीयों को दूध और दूध से बनी चीजें हमेशा से ही भाति हैं। लेकिन दूध सिर्फ सेहत के लिए ही नहीं बल्कि सौंदर्य के लिए भी बेहद अच्छा होता है। आपको बता दें कि दूध से सौंदर्य को निखारने के कुछ कमाल के टिप्स है। जिस प्रकार दूध एक आदमी को बड़ा होने में मदद करता है उसी प्रकार से उसमें मौजूद प्रोटीन और विटामिन त्वचा के लिए भी बहुत उपयोगी माना गया है। दूध का प्रयोग करके चेहरे को निखारा जा सकता है और कई सारी त्वचा समस्याओं से भी छुटकारा पाया जा सकता है। चलिए जाने दूध के प्रयोग से चेहरे की सुंदरता में कैसे चार चांद लगाए जा सकते है।

दूध से निखरेगी त्वचा

अब आप सोच रहे होंगे कि दूध से कैसे त्वचा निखर सकती है? तो आईये आपको दूध से त्वचा निखारने के टिप्स बताते है। सबसे पहले आप कच्चे दूध को गुलाबजल में मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा पर निखार आता है। गुलाब के 2 फूलों को पीसकर आधा ग्लास कच्चे दूध में 30 मिनट तक भिगोएं, फिर इस लेप को आहिस्ता-आहिस्ता त्वचा पर मलें, सूखने पर ठंडे पानी से धुल दें, त्वचा गुलाबी और नर्म हो जाएगी। इसके अलावा, दूध में थोडा सा नमक मिलाकर चेहरे पर सुबह-शाम लगाने से मुहांसे दूर होते हैं। एक और तरीका है मुंहासे दूर करने के लिए। आधा चम्मच काला तिल और आधा चम्मच सरसों को बारीक पीसकर दूध में मिलाकर मुहांसे पर लगाने से मुहांसे समाप्त हो जाते हैं।

दूध से चमकेंगे हाथ और नाखून

दूध आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है, साथ ही नाखूनों को सुंदर बनाने के लिए कुछ देर तक दूध में भिगोकर रख दें। बर्तन साफ करने से हाथ खराब हो जाते है। हाथों में रूखापन आ जाता है। इन पर दूध में नींबू का रस मिलाकर लगाने से हाथ की त्वचा मुलायम हो जाती है। दूध की मलाई और हल्दी पावडर मिलाकर चेहरे पर मलें, दो हफ्ते बाद चेहरे पर निखार आ जाएगा।

होठों का कालापन होता है दूर

अगर आपके होठ काले हो गए है तो आप दूध को होठों पर लगाकर कालापन दूर कर सकते है। आपके होंठ फट गए हैं तो रात को सोने से पहले एक बूंद गुलाबजल और एक बूंद नींबू का रस दूध की मलाई में मिलाकर लगा लें, इससे राहत मिलती है। बादाम, बेसन, गाजर का रस दूध में मिलाकर उबटन की तरह लगाने से त्वचा में निखार आता है। दूध और इसमें मौजूद गुणकारी अवयवों का उपयोग लगभग हर एक सौंदर्य उत्पाद में किया जाता है। लेकिन घर पर दूध से सौंदय को निखारने के लिए इसके द्वारा बनाए जाने वाले लेप और विधियों की सहा जानकारी कर आप दमकती त्वचा और निखार प्राप्त कर सकती हैं।

हिना खान की 10 बेस्ट ट्रेडिशनल ड्रेसज,देखिए पिक्स

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हाल ही में हुए इंडिया परेड में शामिल हुई हिना खान सारी लाइमलाइट अपनी तरफ ले आई है। उनकी गर्लिश लुक तो सबको दीवाना कर ही चुकी है पर उनकी ट्रेडिशनल ड्रेसज की बात ही अलग है। उनके भारतीय अवतार को कोई और टक्कर नहीं दे सकता है। उनकी बेहतरीन साड़ी का कलेक्शन और लॉन्ग स्कर्ट्स की लम्बी लिस्ट सबकी मनपसंद है। बिगबॉस में भी उनके इस स्टाइलिश अंदाज की वजह से वह काफी चर्चा में रही थी।चलिए आपको उनकी कुछ बेहतरीन ट्रेडिशनल ड्रेसज की तस्वीरें दिखाते है।

यह तस्वीर उनके किसी फैशन शो की है जिसमें उन्होंने पीच ट्रेडिशनल गाउन पहना था। इसपर उनका जुड़ा बेहद खूबसूरत लग रहा था।

बता दें कि उन्हें साड़ी पहनना बहुत पसंद है और उनके पास साड़ी की बहुत अच्छी कलेक्शन है। वो हर फंक्शन पर ट्राई करती है कि किसी अलग तरह की साड़ी पहने।

लॉन्ग स्कर्ट्स में कोई भी टिप आपको हिना से ही लेनी चाहिए। उनके पास हर ट्रेंड के लिए एक नया अवतार है।

प्लाजो और सुइट्स में भी हिना कमाल कर देती है। उनका यह मस्टर्ड प्लाजो और पेस्टल ग्रीन प्लाजो सूट उनपर बहुत फब रहा था।

उनका यह पर्पल सूट और हेयरस्टाइल उनके लुक को पूरा कर रहा था। उनके एयरिंग्स उनपर बहुत सूट कर रहे थे।

आप सबकी कमोलिका इस अवतार बहुत सेक्सी और आकर्षक लग रही थी।

किडनी के लिए फायदेमंद होती है बीयर, जानें इसके 9 फायदे

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दोस्तों के साथ बैठकर बीयर का दौर किसी के लिए बैठने का अच्छा बहाना होता है तो किसी के लिए पार्टी लेने का मौका। इसके शौकीनों के लिए शायद बहाने भी कम पड़ें। लेकिन अगर आपको इसके सेहतमंद बहाने मिलें तो फिर उसके क्या कहने।

अमेरिका के कृषि विभाग ने एक शोध में पता लगाया है कि जो लोग नियमित रुप से बीयर पीते है, उनकी आयु लंबी होती है। इन शोधों में बीयर पीने के सेहतमंद फायदों के बारे में बताया गया है। बीयर हृदय रोग, स्ट्रोक, मधुमेह और अन्य बीमारियों के लिए अच्छा मेडीसिन है।

यहां जानिए 9 फायदे

  1. लो ब्लड प्रेशर: ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के एक समूह ने दावा किया है कि बीयर लो ब्लड प्रेशर होने पर लेने से दवा का काम करता है। ये मेडीसिन की तरह शरीर के हिस्सों में काम करता है।
  2. डायबिटीज से बचाव: बीयर से डायबिटीज को भी कम किया जा सकता है। शोध में पता चला है कि ये डायबिटीज को दो तरह से कम करता है। 38000 पुरुषों के ऊपर शोध किया गया जो नियमित रुप से 1 मग बीयर का सेवन करते थे, उनकी तुलना में जिन्होंने 2 मग सेवन किया। उनका हेल्थ ज्यादा अच्छा था।
  3. स्ट्रोक हेल्पर: हार्वर्ड स्कूल में किए शोध के अनुसार बीयर के सेवन से स्ट्रोक को कम किया जा सकता है। खून के थक्के को धमनियों में जाने से रोकता है। इस्कीमिक स्ट्रोक की तरह ही आम स्ट्रोक को रोका जाता है।
  4. ब्लड में विटामिन की वृद्धि : शोध के अनुसार इससे विटामिन का स्तर बढ़ जाता है। जो लोग इसका दैनिक सेवन करते है नहीं पीने वालों की तुलना में ब्लड में विटामिन बी -6 का हाई लेबल का होता है। बीयर हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ शरीर में ताकत भी लाता है।
  5. कैंसर के खतरा कम: इसके सेवन से कैंसर होने के चांसेज कम होते है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते है जो कैंसर बनने वाले सेल को कम करते है।
  6. ब्रेन मेमोरी: इसके सेवन से मैमोरी पॉवर बढता है। ये अल्जाइमर के खतरे को कम करता है। नियमित रुप से एक मग बीयर के सेवन से मानसिक आघात की क्षमता कम होती है।
  7. किडनी के लिए फायदेमंद: यह हमारे हड्डियों में कैल्शियम की लीचिंग कम कर देता है वॉटर लेबल को हाई करके शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। एक शोध के आधार पर दावा किया गया है कि संतुलित मात्रा में बीयर के सेवन से किडनी में स्टोन का रिस्क उन लोगों की अपेक्षा कम होता है जो दूसरी एल्कोहलिक ड्रिंक्स का सेवन करते हैं।
  8. हार्ट-अटैक: शोध में कहा गया है कि जो लोग इस ड्रिंक का सेवन करते है। उनमें हार्ट-अटैक का खतरा कम होता है।
  9. स्ट्रॉगर बॉन: बीयर में सिलिकॉन का स्तर अच्छी मात्रा में होता है जो हड्डियों को मजबूत रखता है। एक शोध में यह पाया गया कि जो लोग कभी-कभी इसका सेवन करते हैं उनकी नहीं करने वालों की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक मजबूत होती हैं।

दिलाएंगे ये घरेलु तरीके बारिश में होने वाले पिम्पल से छुटकारा

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मानसून के कारण आपको कई तरह के इन्फेक्शन हो सकते हैं और इनसे दूर रहने के लिए आपको कुछ टिप्स पहले से मालूम होने चाहिए। इसी के साथ अगर आपको पिम्पल, फोड़े फुंसी होजाते हैं तो घरेलु तरीको से दूर कर सकते हैं। आज हम ऐसे ही कुछ टिप्स बताने जा रहे हैं।

पिम्पल से छुटकारा दिलाएंगे ये घरेलु तरीके:

# फोड़े-फुंसियों को ठीक करने में लौंग बेहद असरदार होती है। इसके लिए फूल वाली लौंग को कुछ बूंद पानी के साथ ठोस सतह पर घिसकर लगाएं।

# लहसुन की कली को रोजाना सुबह खाना उपयोगी होता है। जबकि प्याज का रस फुंसी पर लगाने से आराम मिलता है।

# अगर आपके शरीर में कहीं भी सफेद, पीली या लाल रंग की फुंसी हो रही है, तो ऐसें में सेंधा नमक के पानी से नहाना बेहद फायदेमंद होगा। आप फुंसी को सेंधा नमक के पानी से दिन में 2-3 बार साफ करें।

# नीम एक नैचुरल एंटी बैक्टीरियल पौधा होता है। नीम के पानी से नहाना और नीम डालकर उबाले गए पानी से फुंसी को साफ करना भी अच्छा रहता हैं।

सीएम बघेल पूर्व प्रधानमंत्री ‘राजीव गांधी’ की जयंती पर आयोजित सद्भावना दौड़ में शामिल हुए, छात्रों को दिलाई सद्भावना और शांति की शपथ

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 पूर्व प्रधानमंत्रीराजीव गांधी के 75वें जन्मदिवस के मौके पर प्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सीएम भूपेश बघेल ने रायपुर मेंसद्भावना दौड़ को हरी झंडी दिखाई। उनके साथ प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम भी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी दौड़ लगाई। उन्होंनेकांग्रेस भवन सेनल घर चौक तक दौड़ लगाई और पूर्व प्रधानमंत्री कोश्रद्धांजलि दी। सद्भावना दौड़ में भारी संख्या में स्कूली छात्र शामिल हुए। सीएम ने बच्चों को सद्भावना और शांति की शपथ दिलाई।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मौके पर कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे मंगलवार कोधमतरी जिले के ग्राम दुगली और राजनांदगांव में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सीएम134 करोड़ रूपए के 121 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन करेंगे। वेदुगली में 3.06 एकड़ पर बने मां अंगारमोती गौठान का लोकार्पण करेंगे। बता दें कि 34 साल पहले 14 जुलाई 1985 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का दुगली आगमन हुआ था, तबसे इसे राजीव ग्राम के नाम से भी जाना जाता है।

पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने में मददगार है ये 7 आहार, बढ़ती है प्रजनन क्षमता

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ऐसा कहा जाता है कि आदमियों की प्रजनन क्षमता शुक्राणु की क्वालिटी पर डिपेंड करती है। आपको बता दें कि इस फर्म के 1 सैंपल में शुक्राणुओं की संख्या को ही स्पर्म काउंट कहा जाता है एक स्वस्थ व्यक्ति के 1 मिलीलीटर स्पर्म में 1.5 करोड़ से 20 करोड़ शुक्राणु होते हैं। पिछले कुछ समय में पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी में काफी गिरावट आई है। जिसका सबसे बड़ा कारण ख़राब खान पान है। तो आइए आपको बताते हैं किन चीज़ों का सेवन करके आप इन सब से निजात पा सकते है।

सौंफ को आयुर्वेद में पुरुषों के लिए काफी ज्यादा लाभकारी बताया गया है। आपको बता दें कि इसके अर्क का इस्तेमाल पुराने समय में स्पर्म की क्वालिटी और संख्या बढ़ाने के लिए किया जाता था अपने आहार में स्कूल जरूर शामिल करें। खाने के पश्चात एक चम्मच इसका सेवन करना आपके शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। इतना ही नहीं इस को खाने के पश्चात खाने से आपका खाना भी सही तरीके से पच जाता है और इसके अलावा स्पर्म भी बढ़ता है।

पुरुषों की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में गाजर का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है। हार्वर्ड युनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इस सर्वें में पाया है कि गाजर में पाने जाने वाले पोषक तत्व पुरुषों की प्रजन क्षमता में इजाफा करते है। सर्वे के मुताबिक, गाजर के अंदर केरोटीन पाया जाता हैं। जोकि शुक्राणुओं की संख्या को बढ़ाने के साथ साथ उनकी गुणवत्‍ता भी बढ़ता है।

अश्वगंधा को सेक्सुअल कमजोरी के लिए किसी वरदान से होता है। अगर आप चाहे तो इसका पाउडर बनाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अश्वगंधा के सेवन से न सिर्फ स्पर्म की संख्या बढ़ती है। बल्कि यह स्पर्म की क्वालिटी में भी इजाफा करता है।

आपको बता दें कि सैलमन मछली और अलसी के बीजों में भी पाए जाने वाला ओमेगा-3 प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मददगार साबित होते है। मछली के तेल में पाया जाने वाला ओमेगा 3 फैटी एसिड आपके लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए आदमियों को मल्टीविटामिंस की जरूरत होती है। फॉलिक एसिड विटामिन 12 और सेलेनियम जैसे पोषक तत्व प्रजनन क्षमता को बढ़ाने का काम करते हैं । इंदिरा मीन कैसे बना कई तरह के आहार के साथ मिलाकर कर सकते है। अगर आप चाहे तो आप इसको दूध दही अंडे व चिकन के साथ भी खा सकते हैं।

प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले आहार में एंटी ऑक्सीडेंट नामक गुण शामिल होता है। आपको बता दें anti-oxidant जैसे गुण आपकी प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देते हैं । इसलिए आपको ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए। जिसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण भरपूर मात्रा में हो। इसके लिए आप हरी सब्जियां टमाटर हरी मिर्च गाजर चुकंदर मशरूम संतरे आदि का सेवन कर सकते हैं।

विटामिन ई हड्डियों को मजबूत करने के लिए बेहद फायदेमंद होता है। विटामिन डी का सेवन करने से हड्डियां भी मजबूत होती है और साथ ही यह है विटामिन आदमियों के शुक्राणुओं की संख्या में भी इजाफा करता है। यह विटामिन सेक्स हार्मोन्स प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाते हैं। जिससे कि प्रेग्नेंसी के चांस बढ़ जाता है।

मंदी का असर: सात करोड़ ट्रकों पर टिकी परिवारों की रोजी-रोटी क्या संकट में है?

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देश में आर्थिक मंदी का असर अब ट्रकों पर भी दिखने लगा है। जो ट्रक पहले 30 दिन चलता था, अब वह औसतन 18 से 20 दिन ही चल पा रहा है। यह मंदी का ही असर है कि ट्रांसपोर्टर्स को माल लाने और ले जाने का ऑर्डर नहीं मिल रहा है। ऐसे में करीब 80 लाख ट्रक धीरे धीरे सड़क से दूर होते जा रहे हैं। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एआइटीडब्ल्यूए) तथा ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआइएमटीसी) के पदाधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिन ट्रकों के धंधे में लगे लोगों के लिए शुभ नहीं हैं। अभी तो महीनें में दो-तीन सप्ताह का काम मिल रहा है, लेकिन जो आर्थिक हालात बन रहे हैं, उन्हें देखकर कहा जा सकता है कि बहुत जल्द ट्रक व्यवसाय से जुड़े पांच करोड परिवारों की रोजी रोटी पर संकट आ सकता है। इनमें ट्रक मालिक, चालक, क्लीनर और ऑफिस कर्मचारी आदि शामिल हैं। यदि मेकेनिक, टायर शॉप, रोड साइड पर पंक्चर लगाने वाले और सर्विस सेंटर को मिला लें तो प्रभावित परिवारों की संख्या सात करोड़ के पार पहुंच जाएगी। एआइटीडब्ल्यूए के चेयरमैन प्रदीप सिंघल बताते हैं कि ट्रक व्यवसाय पर पड़ रही मार के कई कारण हैं। 

पहला, मार्केट में नई मांग नहीं आ पा रही है। लंबी दूरी के ट्रक ट्राले ऑर्डर के इंतजार में खड़े हैं। ये वे ट्रालें हैं जिनमें, भारी मशीनरी जैसे वाहन या मशीनें, आदि का लदान होता है। पार्किंग या ट्रक यूनियन वाली जगहों पर खड़े ट्रालों की लाइन अब लंबी होती जा रही है। सरकार की जीएसटी नीति के तहत 25 प्रतिशत अधिक लदान की छूट ने भी मंदी की मार को ज्यादा बढ़ा दिया है। जीएसटी के बाद छोटी गाड़ियों को तो बिल्कुल काम नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर पिछले साल जीएसटी की 28 प्रतिशत छूट के चलते लोगों ने खुद के हैवी ट्रक खरीद लिए थे। 

सिंघल के मुताबिक, बैंकों ने दिल खोल कर लोन दिया तो वहीं टाटा जैसी कंपनियों ने भारी छूट भी दे दी। इससे बाजार में ओवर केपेस्टी की समस्या पैदा हो गई। गाड़ियों की उतनी जरूरत नहीं थी, लेकिन छूट और लोन की सुविधा के चलते मार्केट में नई गाड़ियों की संख्या बढ़ गई। बड़े ट्रांसपोर्ट संगठनों ने अब ट्रकों की खरीद पर पूरी तरह रोक लगा दी है। एक तरफ डीजल पर दो रुपये प्रति लीटर का सेस लग गया तो दूसरी ओर इंश्योरेंस में बढ़ोतरी कर दी गई। इसके चलते ट्रक कारोबारी अपने धंधे का विस्तार करने की बजाए उसे समेटने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। 

ट्रकों का सालाना 12 लाख करोड़ रुपये का कारोबार अब तेजी से गिर रहा है

एआइटीडब्ल्यूए के अध्यक्ष महेंद्र आर्या कहते हैं, मंदी की वजह से अब ट्रांसपोर्ट का धंधा कमजोर होता जा रहा है। देशभर में हमारे साथ पांच सौ से अधिक एसोसिएशन जुड़ी हैं। सभी जगह से एक ही खबर आ रही है कि नए ट्रकों की खरीद बिल्कुल बंद हो गई है। बाजार में लदान के ऑर्डर आधे रह गए हैं। एआइटीडब्ल्यूए के चेयरमैन प्रदीप सिंघल का कहना है कि मंदी का दौर तो अभी शुरू हुआ है। जिन लोगों ने पिछले साल ट्रक खरीदा था, अब उनके सामने लोन की किश्त देने का संकट खड़ा हो गया है। सौ से ज्यादा शहरों में ट्रक व्यवसाय से जुड़े लोग बैंक अधिकारियों से लोन के भुगतान की समय सीमा आगे बढ़ाने का आग्रह कर रहे हैं। 

ये 80 लाख ट्रक हैं। इनमें करीब 12 लाख गाड़ियां ऐसी हैं जिनके पास नेशनल परमिट है। इन्हें बीस दिन का भी काम नहीं मिल पा रहा है। बतौर सिंघल, हम ये मानते हैं कि एक ट्रक सालाना 10-11 लाख रुपये की आमदनी देता है। कुल मिलाकर यह कारोबार 12 लाख करोड़ रुपये सालाना के आसपास पहुंच जाता है। अगर यह मंदी छह सात महीने तक चलती है तो 80 लाख में से अधिकांश ट्रक खिलौना बनकर रह जाएंगे। ऐसी हालत में कारोबार और इसे जुड़े लोगों की रोजी रोटी का क्या होगा, यह अंदाजा लगाया जा सकता है। 

टायर शॉप, पंक्चर लगाने वाले, सर्विस कार्य और क्लीनर, इन सब का क्या होगा

मंदी की वजह से ट्रांसपोर्ट में लगी गाड़ियों को जब माल ढुलाई का ऑर्डर नहीं मिल रहा है तो इस धंधे से जुड़े दूसरे लोगों का काम भी प्रभावित होने लगा है। इससे करीब दो करोड़ परिवारों के जीवन यापन पर संकट आ सकता है। इनमें टायर शॉप पर काम करने वाले, सड़क किनारे पंक्चर लगा रहे, ग्रीस डालने, मेकेनिकल जॉब, सर्विस और ट्रक पर बतौर क्लीनर चलने वाले लोग शामिल हैं। मंदी के चलते अब एक जगह से दूसरी जगह पर जाने वाले ट्रक ट्रालों की आवाजाही बहुत कम हो गई है। बड़े ट्राले तो कई दिनों से एक ही जगह पर खड़े हैं। 

ट्राले के ड्राइवर और क्लीनर भी खाली बैठे हैं। बहुत से ड्राइवर और क्लीनर अपने गांवों को लौट गए हैं। यही सड़क किनारे बैठे ट्रक के मेकेनिक या सर्विस करने वालों का हाल है। वे भी अपने ठिकाने पर ताला जड़कर गांव चले गए हैं। ड्राइवर मलकीत सिंह बताते हैं कि 15-20 दिन हो गए हैं, लेकिन ट्रक पर माल लदान का नंबर नहीं आ रहा है। ऐसे में अपनी जेब से कब तक खाते रहेंगे। ट्रक मालिक सीधे तौर पर नहीं कह रहे हैं, लेकिन उनका इशारा सब कुछ समझने के लिए काफी है।

सेहत का खजाना छिपा है मल्टीग्रेन आटे में, ऐसे करें घर पर तैयार कि शुद्धता की हो जाए गारंटी…

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मल्टीग्रेन आटा यानि कई प्रकार के अनाज को पीसकर तैयार किया गया आटा। गेहूं के अलावा इसमें कई अन्य प्रकार के अनाज को मिलाया जाता है जिससे इसकी पौष्टिकता कई गुना ज्यादा हो जाती है। बाजार में ये आटा मेहंगे दामों पर मिलता है इसलिए कई लोग इसे खरीद नहीं पाते हैं लेकिन अगर आप चाहे तो मल्टीग्रेन आटे को घर पर भी तैयार कर सकते हैं, वह भी अपनी सेहत की आवश्यकता के अनुसार, आइए जानते हैं कैसे –

1 अगर आप मोटापे से परेशान है, तो इस प्रकार से अपने लिए मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –

पांच किलो गेहूं में एक किलो चना, एक किलो जौ, 250 ग्राम अलसी और 50 ग्राम मेथीदाना मिलाकर पिसवाएं।

2. अगर आप दुबलापन से निजात चाहते है, तो इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –

पांच किलो गेहूं में एक किलो चना, एक किलो जौ, 500 ग्राम सोयाबीन, एक किलो चावल का आटा डाल कर पिसवाएं। इस आटे के इस्तेमाल से आपको वजन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

3. अगर गर्भवती हैं तो इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –

पांच किलो गेहूं में एक किलो सोयाबीन, 250 ग्राम तिल, डेढ़ किलो चना, 500 ग्राम जौ मिलाकर पिसवाएं। इससे गर्भावस्था के दौरान आपको भरपूर पौष्टिकता मिलेगी।

4. अगर आपको कब्ज की शिकायत रहती हो तो इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –

पांच किलो गेहूं में एक किलो चना, आधा किलो मक्का, एक किलो जौ और 250 ग्राम अलसी पिसवाएं। इससे कब्ज से मुक्ति पाने में आपको मदद मिलेगी।

5. जिन्हें डायबिटीज हैं वे इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –

पांच किलो गेहूं में डेढ़ किलो चना, 500 ग्राम जौ, 50 ग्राम मेथी, 50 ग्राम दालचीनी डालकर पिसवाएं।

6. घर में बढ़ते बच्चे हो, तो उनके लिए इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें –

पांच किलो गेहूं में 250 ग्राम सोयाबीन, एक किलो चना और 500 ग्राम जौ मिलाकर पिसवाएं। इससे बच्चों की अच्छी ग्रोथ होगी।

साथ ही इन बातों का ध्यान रखें –

-आटे को थोड़ा मोटा पिसवाएं।

-आटे का इस्तेमाल चोकर के साथ करें।

-आटे को एक साथ ज्यादा मात्रा में पिसवाकर न रखें।-एक बार में एख हफ्ते के लिए आटा पिसवाना काफी है।

त्वचा की बीमारियों से है परेशान तो भूल कर भी हाथ ना लगाएँ इस तरह के आहारों को

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 स्किन की बीमारियाँ आज के समय में व्लोगोन बको हो रही हयाई । इसका असली कारण यह है की जिस तरह का माहौल , साफ सफाई और प्रदूषण को लेकर परेशानियाँ हो रही है साथ्ब ही जिस तरह का हम केकल्स का उपयोग कर रहे हैं यह सब इसी का कारण बन रहे हैं

ऐसे में कई लोग ऐसे हैं जिनको इस बात की जानकारी नही है की उनको किस तरह का भोजन इस समय जब आपको यह बीमारियों का सिलसिला चल रहा है तब करना चाहिए आइये आज हम आपको बताते हैं की किन अहारोंब को भूल कर बी इस समय में हाथ भी नहीं लफगाना चाहिए ।

तीखी मिर्च , काली मिर्च और अन्य तरह के तीखे मसालों का बार बार सेवन आपकी तकलीफ बढ़ा
सकता है। अक्सर त्वचा की समस्याओं की जड़ लिवर में मानी जाती है। लिवर के सही तरीके से काम न कर पाने के कारण भी त्वचा रोग मरीज़ को परेशान करते हैं। ऐसे में अत्यधिक मिर्च मसालों के सेवन से समस्या बढ़ सकती है।

त्वचा संबंधी बीमारियों में बहुत अधिक तला हुआ भोजन वर्जित है। ऐसी सभी खाद्य सामग्री जिनमें तेल का अधिक उपयोग हो नहीं खाना चाहिए। इसके साथ ही नमक का उपयोग कम कर देना चाहिए। समोसा, कचोरी, पकौडे और अन्य चीज़ें जिनमें तेल का उपयोग अधिक हो आपकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं।

डेयरी को सूजन बढ़ाने या फूलने वाले खाद्यपदार्थों में माना जाता है। इस गुण के कारण डेयरी पदार्थों के सेवन से मुंहासों और एक्ज़िमा के बढ़ने का खतरा माना गया है। डेयरी के समस्या में इजाफे के पीछे एक और संभावित कारण यह है कि दुनिया में लगभग 75 प्रतिशत लोग दूध में उपस्थित लैक्टोस को पचा नहीं पाते।

Hero ने लॉन्च किए दो सस्ते इलेक्ट्रिक स्कूटर, फुल चार्ज पर दौड़ेंगे 100 KM

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ऑटो इंडस्ट्री धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की तरफ शिफ्ट हो रही है. इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में इजाफे के मकसद से पिछले दिनों सरकार ने जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का ऐलान किया है. कार कंपनियों की तरफ से पिछले दिनों कुछ इलेक्ट्रिक कार लॉन्च किए जाने के बाद अब हीरो इलेक्ट्रिक इंडिया ने भारतीय बाजार में दो नए इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किए हैं. इन स्कूटर को कंपनी ने ऑप्टिमा ईआर (Optima ER) और एनवाईएक्स ईआर (Nyx ER) नाम से लॉन्च किया है.

68,721 रुपये है एक्स शोरूम प्राइज 
कंपनी के अनुसार ऑप्टिमा ईआर की दिल्ली में एक्स शोरूम कीमत 68,721 रुपये और एनवाईएक्स ईआर की कीमत 69,754 रुपये है. नॉर्थ ईस्ट में ऑप्टिमा ईआर की कीमत 71,543 रुपये होगी और एनवाईएक्स ईआर की कीमत 72,566 रुपये होगी. इस मौके पर कंपनी बी2बी (बिजनेस टू बिजनेस) सेगमेंट में विस्तार की योजना बना रहा है.

लिथियम बैटरी पर चलते हैं स्कूटर 
लॉन्चिंग के दौरान कंपनी के सीईओ सोहिंदर गिल ने दोनों स्कूटर्स की खासियत बताते हुए कहा कि ये दोनों ही टू-व्हीलर्स लिथियम बैटरी पर चलते हैं. यह बैटरी चार घंटे में पूरी तरह से चार्ज हो जाती है और एक बार फुल चार्ज होने पर 100 किलोमीटर से ज्यादा सफर कराती है. कंपनी बैटरी पर तीन साल की वारंटी दे रही है.

तीन साल की बिना शर्त वारंटी 
कंपनी के सीईओ ने कहा हीरो एकमात्र ऐसी कंपनी है जो बैटरी पर तीन साल की बिना शर्त वारंटी दे रही है. आज इसकी कीमत 18 हजार रुपये हैं लेकिन कई साल से इसकी कीमत में गिरावट हो रही है. उन्होंने कहा कि हर किसी ने दो-तीन सालों में लीथियम बैटरी की कीमत आधी होने की भविष्यवाणी की थी और यह संभव हो गया है.

ऑप्टिमा ईआर को कंपनी ने ऑफिस जाने वाले और कॉलेज के छात्रों को ध्यान में रखकर लॉन्च किया है. वहीं एनवाईएक्स को छोटा कारोबार, ई-कॉमर्स डिलीवरी एग्जीक्यूटिव और ई-बाइक रेंटल वालों के लिए पेश किया है. नए ई-स्कूटर लॉन्च करने के अलावा हीरो इलेक्ट्रिक ने बेंगलुरू में अपना कॉर्पोरेट ऑफिस खोलने की भी घोषणा की. इसके जरिये कंपनी साउथ इंडिया में अपना व्यापार विस्तार पर जोर देगी.