उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ के देवगांव क्षेत्र में एक ही रात में अवांछनीय तत्वों ने डा0 भीमराव आम्बेडकर की दो मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस उपाधीक्षक अजय यादव ने यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देवगांव इलाके में सोमवार रात अवांछनीय तत्वों ने श्रीकांतपुर और मिर्जा आदमपुर गांव में स्थित डा0 आम्बेडकर की दो मूर्तियों को खण्डित कर दिया। उन्होंने बताया कि श्रीकांतपुर में मूर्ति तिराहे पर लगी थी जबकि मिर्जा आदमपुर गांव में खेत में मूर्ति लगी थी।
उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त मूर्तियों के स्थान पर नई मूर्तियां लगाई जा रही है। मूर्तियों को लगाने के बाद उनके चारो ओर जाली आदि लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि मूर्ति तोड़ने वालों को गिरफ्तार करने के लिए सर्विलांस की मदद ली जा रही है।
नीरव मोदी, माल्या, मेहुल चोकसी और नितिन संदेसरा समेत गुजरात के कई बिजनेसमैन बैंकों से फ्रॉड कर विदेश भाग चुके हैं। अब अहमदाबाद के भी एक बिल्डर द्वारा इन्वेस्टर्स से फ्रॉड कर ऑस्ट्रेलिया भाग जाने की खबर है। मनु हिरपरा नामक बिल्डर के खिलाफ राज्य में कई केस दर्ज हुए हैं। दो अलग-अलग स्कीमों के सहारे उसने कुछ किसानों के जरिए निवेशकों को चूना लगाया। वह खुद तो भाग गया, मगर निवेशकों की शिकायत पर उससे जुड़े लोग पुलिस की गिरफ्त में आ रहे हैं। अब तक 3 लोग पकड़े जा चुके हैं।
खरीदने वाले लोगों ने बिल्डर को पैसे दिया, लेकिन..
पुलिस के मुताबिक, मकान-दुकान खरीदने वाले निवेशकों ने मनु हिरपरा एवं उससे जुड़े लोगों पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। मनु ने अपनी एक स्कीम में बुकिंग करने वाले निवेशकों के फ्लैट और दुकान की जमीन को बिल्डर को बेच दिया। खरीदने वाले लोगों ने बिल्डर को पैसे दिया, लेकिन वह पैसे लेकर फरार हो गया।
इस स्कीम में कई लोगों ने बुकिंग करवाई थी
पड़ताल में सामने आया है कि अहमदाबाद में मनु हिरपरा ने 2014 में नारायण आर्केड स्कीम जारी की थी। लोगों ने दुकान और घर के लिए इस स्कीम में नकदी रोक दी। बिल्डर ने किसानों के साथ मिलकर निवेशकों के साथ धोखा किया और फिर करोड़ों लेकर ऑस्ट्रेलिया भाग गया। मनु हिरपरा ने श्रीनाथ कंस्ट्रक्शन के नाम से नारायण आर्केड नामक एक योजना का हवाला दिया था। इस स्कीम में कई लोगों ने बुकिंग करवाई थी। तीन मंजिलों तक पहुंचने के बाद, निवेशकों को पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है।
आठ अलग-अलग किसानों से जमीन का अधिग्रहण किया
निवेशकों का कहना है कि, मनु हिरपरा ने आठ अलग-अलग किसानों से जमीन का अधिग्रहण किया था और योजना शुरू की थी। मनु हिरपरा ने हमसे बुकिंग के पैसे ले लिए और जतिन पटेल नाम के एक बिल्डर को पूरी जगह बेच दी।
पुलिस ने बिपिन पटेल को गिरफ्तार किया
पता चला है कि, जतिन पटेल के साथ जो दस्तावेज साइन हुए, उनमें स्कीम के निर्माण की नहीं, लेकिन खाली प्लॉट की तस्वीर प्रदान की गई है। चांदखेडा पुलिस ने नारायण लोटस स्कीम के आरोपी बिपिन पटेल को गिरफ्तार किया है, मगर, उसे छुड़वाने के लिए राजनैतिक दवाब आड़े आ रहा है।
दुनिया में हर व्यक्ति अधिक से अधिक पैसा कमाने की कोशिश में जुटा हुआ हैं वह चाहता हैं कि उसके पास सबसे ज्यादा धन दौलता हो। वही कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी पैसा घर में नहीं टिक पाता हैं ऐसे में कई लोग किस्मत को कोसना शुरू कर देते हैं
जरूरी नहीं कि हर बार आपकी किस्मत खराब हो वास्तु शास्त्रों में पैसे की कमी को दूर करने के लिए बहुत से उपाय बताएं गए हैं जिनमें से आज हम आपको मोर पंख के बारे में कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं वही सुंदरता में चार चांद लगाने वाले मोर पंख आपकी किस्मत को भी चमकाने का काम करता हैं। तो आइए जानते हैं मोर पंख से जुड़े वास्तु टिप्स।
अगर आपके घर में हमेशा ही वाद विवाद होता हैं और यह कभी समाप्त नहीं हो पाता हैं तो आप घर के मंदिर में बांसुरी और मोर पंख एक साथ रखें। ऐसा करने से घर में फैली हुई नकारात्मक शक्ति काफी हद तक समाप्त हो जाती हैं वही खासतौर पर जन्माष्टमी वाले दिन पूजा के बाद पूरे घर में मोर पंख लहराने से भी घर का माहौल बहुत ही पवित्र और सुखमयी हो जाता हैं जिस घर में कलह कलेश नहीं होंगे वहां पर धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा ही बनी रहती हैं वही घर में हमेशा ही सकारात्मक शक्ति बनाए रखने के लिए रोजाना आरती या पूजा पाठ के बाद घर में मोर पंख लहरांए।
वही सबसे जरूरी बात मोर पंख घर में ऐसे किसी स्थान पर लगाएं जहां आपके घर पर आने वालों की नजर सबसे पहले पड़े। आज से ही नहीं बल्कि युगों से मोर पंख को घर में रखना बहुत ही शुभ माना जाता हैं वही घर के अलग अलग कोनों में मोर पंख लगाने से घर के तकरीबन सभी वास्तुदोष दूर हो जाते हैं। अगर आप अपने पास मोर पंख को हमेशा रखते हैं तो आपकी किस्मत आपका और तेजी से साथ देने लगती हैं।
जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के हटने के बाद से ही पाकिस्तान में बैचेनी का माहौल है। जहां पाकिस्तान में इमरान खान को विपक्ष इस मुद्दे पर संसद से सड़क तक घेर रहा है। वहीं इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने एक सनसनीखेज खुलासा कर इमरान खान की मुश्किलें बढ़ा दी है। उन्होंने जम्मू कश्मीर पर इमरान खान को लेकर बहुत बड़ा आरोप लगाया है। दरअसल एक साक्षात्कार में रेहम खान ने इमरान खान पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक गोपनीय समझौता किया है। उन्होंने दावा किया कि इमरान ने यह डील भारतीय प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए किया है। इस कारण वह इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रहे हैं।
इस बयान के बाद से ही पाकिस्तान में सियासी भूचाल आ गया है। इमरान खान पहले से ही अनुच्छेद 370 के हटने से विपक्ष के निशाने पर है। वहीं उनकी पूर्व पत्नी के इस बयान ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। संसद में लगातार उनके खिलाफ बयानबाजी और नारेबाजी की जा रही है। रेहम के इस बयान ने पाकिस्तानी सियासत में आग में घी डालने का काम किया है।
रेहम ने कहा कि मैं कहूंगी कि कश्मीर का सौदा हो गया है। हमें शुरू से ही सिखाया गया कि कश्मीर बनेगा पाकिस्तान। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में जो भी हुआ है, वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री द्वारा भारत के प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए की गई कोशिशों का नतीजा है।
इमरान खान की पूर्व पत्नी रेहम खान ने इससे पहले भी उन पर कई गंभीर आरोप लगाए है। पिछले साल हुए चुनावों के दौरान रेहम की एक किताब प्रकाशित हुई। किताब में इस बात का जिक्र किया गया था कि इमरान खान समलैंगिक हैं।
जिसके बाद इस बात की चर्चा दुनिया भर में हुई थी। इससे पहले रेहम ने इमरान को पाकिस्तानी सेना का कठपुतली भी बताया था। तलाक के बाद रेहम कई बार इमरान खान पर संगीन आरोप लगा चुकी है।
पाकिस्तानियों को ‘असहाय, पथभ्रष्ट और निराश’ कहने के बाद अब गायक अदनान सामी ने कहा कि वे पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हैं, जो जंग के लिए उकसाती है, लोकतंत्र और पाकिस्तानी लोगों की मानसिकता को नष्ट करती है।
सामी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, ‘केवल रिकार्ड के लिए, मैं पाकिस्तानी अवाम के खिलाफ नहीं हूं। मैं उन सभी से प्यार करता हूं और उनकी इज्जत करता हूं, जो मुझे प्यार करते हैं। इसलिए मैं पाकिस्तान के लोगों को भी प्यार करता हूं। मैं आतंकवाद और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हूं, जो दोनों पड़ोसियों के बीच जंग के लिए उकसाती है और उसने पाकिस्तान के लोगों की मानसिकता और लोकतंत्र को नष्ट कर दिया है।’
गायक से पहले पूछा गया था, ‘आपको पाकिस्तानियों की काफी आलोचना सुनने मिलती है। आप इन सबका सामना कैसे करते हैं?’
सामी ने उसके जवाब में कहा, ‘मेरे अजीज, चलता है, वे मूल रूप से असहाय, राह से भटके हुए और अपने स्वयं के जीवन को लेकर निराश हैं और उन्हें जब से पता चला है कि मैं आगे बढ़ चुका हूं, वे तब से मेरे ऊपर अपनी भड़ास बाहर निकाल रहे हैं। मैं उन्हें माफ करता हूं और प्रार्थना करता हूं कि भगवान उनके जीवन में सुधार करें। वे वास्तव में पीड़ित हैं।’
सामी ब्रिटेन में पैदा हुए थे। वह पहले पाकिस्तानी मूल के एक कनाडाई नागरिक थे। 2016 में उन्हें भारतीय नागरिकता प्रदान की गई थी।
वे ‘कभी तो नजर मिलाओ’ और ‘लिफ्ट करा दे’ जैसे अपने हिट गानों के लिए भारत में जाने जाते हैं। सामी कई सारे म्यूजिकल इंस्ट्रमेंट बजाने के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने हमेशा कहा है कि भारतीयों से उन्हें जो प्यार मिलता है, वही उनके लिए ‘सबकुछ’ है।
भारतीय अंतरिक्ष यान चंद्रयान-2 के चांद की कक्षा में प्रवेश करने के अंतिम 30 मिनट बहुत मुश्किल भरे थे। यह कहना है भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के चेयरमैन के. सिवान का। इस महत्वपूर्ण चरण के तुरंत बाद सिवान ने आईएएनएस को बताया, “अभियान के अंतिम 30 मिनट बहुत मुश्किल भरे थे। घड़ी की सुई के आगे बढ़ने के साथ-साथ तनाव और चिंता बढ़ती गई। चंद्रयान-2 के चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करते ही अपार खुशी और राहत मिली।”
उन्होंने कहा, “हम एक बार फिर चांद पर जा रहे हैं।” भारत का पहला चांद का मिशन चंद्रयान-1 साल 2008 में सम्पन्न किया गया था। इस मौके पर इसरो केंद्र पर लगभग 200 वैज्ञानिक तथा अन्य कर्मी इकट्ठे थे। यान के चांद की कक्षा में सफलतापूर्वक प्रवेश करने के बाद अधिकारियों ने उल्लेखनीय उपलब्धि पर एक-दूसरे को बधाइयां दीं। इसरो के एक अधिकारी के अनुसार, चंद्रयान-2 की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। सिवान ने कहा कि भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान पर भी काम चल रहा है। इसके लिए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन करने का काम जारी है।
जयपुर।इस दुनिया में हथियारों के बाद सबसे ज्यादा तबाही मचाने का काम ड्रग्स पर है।इसलिए तो कहते है कि किसी देश को बर्बाद होना है,तो उसकी युवा पीढ़ी को बर्बाद कर दो,जो ड्रग्स से ही संभव है। आज आपको ऐसे ही 10 ड्रग्स माफिया के बारे में बताते है जो कि कई देशों को बर्बाद कर चुके है।
01.झेनली ये गोन—यह ड्रग माफिया 1963 में चीन के सबसे बड़े शहर शंघाई में पैदा हुआ था।मौजूदा समय में इसको मैक्सिको की नागरिकता प्राप्त है और ड्रग्स के सबसे कड़े केद्र मैक्सिको से एशिया में नशे का कारोबार करता है।02—फ्रैक लुकास—ये ड्रग डीलर 1960 से 1970 के दशक में फ्रेंक संस्थागत अपराधियों का बॉस था और यह हीरोइन का सबसे बड़ा डीलर था।इसके उपर अमेरिकन गैंगस्टर नाम की फिल्म भी बनी थी।
03—क्लास ब्रूइंस्मा— हॉलैंड का सबसे बड़ा ड्रग डीलर था,जिसे एक पुलिस अधिकारी से माफिया बने मार्टिन हूगलैंड नामक गैंगस्टर ने मार दिया था।04—इस्माइल जमबडा गैर्सिया—यह मैक्सिको के मोस्ट वांटेड ड्रग डीलर में से एक है।इसे अमेरिका और मैक्सिको के टॉप 10 अपराधियो की श्रेणी में रखा गया है।
05—मैनुएल नोरिएगा—यह पहले सीआईए का सदस्य था और बाद में 1971 से ड्रग के धंधे में आ गया था।
06—गिलबर्टो रोड्रिगुएड और 07— जोस सैंटाक्रूज—ये दोनो ही अपने प्रतिद्वंदी मेडेलिन कार्टेल से लंबी लड़ाइयो में उलझे रहे।जब मेडेलिन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता मिली,तो ये दोनो बिजनेसमैन का ढ़ोग कर पीछे हट गए और दोनो कोकेन की स्मगलिंग में शामिल हो गए। 08—जोएकिन गुजमैन लोएरा—यह मैक्सिको का टॉप ड्रग डीलर तब बना जब उसका प्रतिद्वंदी ओसिएल कार्डेनस पकड़ा गया।यह दो देशों में सुरंग बनाकर ड्रग्स की तस्करी में माहिर माना जाता है।
09—ओसिएल कार्डेनस ग्युलेन—यह भी मैक्सिको का सबसे बड़ डॉन और ड्रग डीलर था।अमेरिकी सरकार ने इस पर 2 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था।
10—अमैडो करिलो फ्यूंटेस—मैक्सिको का सबसे अमीर ड्रग डीलर जिसके पास 22 प्राइवेट प्लेन थे और जिनका उपयोग वो कोलंबिया से लेकर मैक्सिको तक ड्रग्स सप्लाई में करता था।
महेंद्र सिंह धोनी का जन्म झारखण्ड के रांची में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम पान सिंह व माता श्रीमती देवकी देवी है उनके पैतृक गाँव , लावली उत्तराखंड के अल्मोरा जिले के अंतर्गत लम्गार्हा ब्लाक में है। उनके माता पिता उत्तराखंड से रांची चले आए जहां उनके पिताजी श्री पान सिंह मेकोन कंपनी के जूनियर मैनेजमेंट वर्ग में काम करने लगे। मेकॉन लिमिटेड यह कंपनी केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली एक सार्वजनिक क्षेत्र मे आनेवाली कंपनी है। रांची मे पान सिंह और उनके परिवार को रहने के लिए सरकारी निवासस्थान मिला था। धोनी की माता श्रीमती देवकी देवी एक साधारण गृहिणी थीं। धोनी की एक बहन है जिनका नाम है जयंती और एक भाई है जिनका नाम नरेन्द्र है। धोनी का बडा भाई नरेंद्रसिंह राजनीति में कार्यरत है और उनकी बहन जयंती गुप्ता एक शिक्षिका है।
जिसने भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दी है। धोनी एकमात्र ऐसे भारतीय कप्तान रहे है, जिन्होंने सभी ICC ट्रॉफीज पर जीत हासिल की है। धोनी की कप्तानी और विकेटकीपिंग की पूरी दुनिया फैन रही है। विश्वकप 2019 के बाद महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट को साइड पर रखते हुए देश की सेवाक करने का निर्णय लिया और इस दौरान उन्होंने 2 महीनों तक आर्मी जॉइन कर देश की सेवा में अपना योगदान दिया।
दोस्तो आर्मी जॉइन करने के पीछे धोनी का सबसे बड़ा मकसद ये था कि वो एक फौजी की ज़िंदगी जीना चाहते थे। सोशल मीडिया पर धोनी की ड्यूटी के दौरान काफी तस्वीरे भी वायरल हुई, जिनमे वो एक आम फौजी की तरह जीवन बतीत करते नज़र आए थे। धोनी की आर्मी में ड्यूटी 60 दिनों तक कि थी, जिसमे वो अपनी बीवी और बच्ची से दूर थे।
महेंद्र सिंह धोनी ने अभी तक क्रिकेट से सन्यास की घोषणा नही की है। धोनी के फैंस चाहते हैं कि धोनी क्रिकेट से रिटायर न हो ताकि उन्हें धोनी द्वारा खेले गए अजीबोगरीब शॉट्स देखने को मिले।
बच्चों में बढ़ते कुपोषण को दूर करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार अब अंडे के बाद महुआ के लड्डू बांटेगी. महुआ छत्तीसगढ़ के बस्तर और आसपास के आदिवासी इलाकों में पाया जाने वाला प्रमुख फल है. जिसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं.
आमतौर पर ये धारणा होती है कि महुआ का इस्तेमाल सिर्फ शराब बनाने के लिए किया जा सकता है लेकिन इसमें कई औषधीय गुण भी हैं. बस्तर और ग्रामीण इलाकों में महुआ का लड्डू काफी प्रचलित है, जो बच्चों, किशोरावस्था वाले बालक-बालिका और गर्भवती महिलाओं को पोषक तत्व के रूप में दिया जाता है.
महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने बताया कि सभी जिले के कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे डीएमएफ फंड का इस्तेमाल करके स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी में गर्भवती महिलाओं को महुआ के लड्डू बांटे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें. इसका निर्माण भी बस्तर के ग्रामीण इलाकों में महिला स्वसहायता समूहों के ज़रिए करवाया जाएगा.
आज मामूली विवाद के बाद ही पुलिस थाने (Police Station) में एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी जाती है. जमीन विवाद में कई पीढ़ियां कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटती रह जाती है. ऐसे में छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी (Dhamtari) जिले के मगरलोड क्षेत्र का मगौद (Mangaud) गांव एक अलग ही नजीर पेश कर रहा है. इस गांव को प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में एकता की मिसाल की तौर पर देखा जाता है.
धमतरी (Dhamtari) जिले के मगरलोड क्षेत्र का मंगौद गांव में आजादी से लेकर अब तक के किसी भी विवाद का पुलिस (Police) थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं हुआ है. गांव में एकता ऐसी है कि वह आज भी अपने विवादों की जांच यहां के लोग खुद की पुलिस (Police) की तरह कर लेते हैं और कोर्ट (Court) की तरह उसे सुलझा भी लेते हैं. इस गांव के लोग आपस में ही सारे विवादों का निपटारा कर लेते हैं.
गांव में समस्याओं का अंबार
धमतरी जिले का कासरवाही ग्राम पंचायत के आश्रित गांव मगौद की दूरी जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर है. इस गांव में 50 से ज्यादा घर और करीब दो सौ की आबादी है. बाहर से देखने में यह गांव बिल्कुल सामान्य है, लेकिन आज भी यहां ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. बदहाल स्कूल और गांव में जाने के लिए कच्ची सड़क यही इस गांव की तस्वीर है. वक्त जरूर बदला, लेकिन इस गांव की रवायत नहीं बदली. गांव के लोग सदियों से आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश देते आ रहे है. यही वजह है कि इस गांव से आज तक कोई भी मामला थाने तक नहीं पहुंचा हैं. अगर कोई विवाद होता भी है तो गांव के पटेल, पंच-सरपंच और गांव के बड़े बुजुर्ग आपस मे ही सुलझा लेते हैं.
धमतरी के एसपी केपी चंदेल का कहना है कि गांव के लोग काफी सजग हैं. कोई व्यक्ति यहां शराब पीकर हंगामा करता नहीं दिखेगा. मारपीट हो या जमीन विवाद थाना या कोर्ट-कचहरी कोई नहीं जाता. गांव की बात गांव में ही रहे इसके लिए गांववाले बैठते है और मिलजुलकर उसे सुलझा लेते हैं. इस दौरान दोषि व्यक्ति से जो जुर्माना लिया जाता है. उसे सार्वजनिक कार्यों या गरीब की मदद में खर्च किया जाता है.