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वायरल बुखार से बचने के लिए अपनाएं ये नुस्खे

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बारिश के मौसम में बैक्टीरियल इन्फेक्शन (Bacterial Infection) का खतरा बढ़ जाने से वायरल बुखार (Viral Fever) का रिस्क काफी रहता है. इसके साथ ही खांसी (Cough), जुकाम (Cold), शरीर में दर्द और ऐंठन जैसी कई तकलीफें भी होती हैं. इस बुखार में हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है जिस वजह से बैक्टीरिया और वायरस काफी तेजी से बॉडी पर अटैक कर सकते हैं. आइए जानते हैं इस बुखार के लक्षण और कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे जिन्हें अपनाकर आप इस बुखार से बच सकते हैं…

इस बुखार के लक्षण
वायरल होने से शरीर में कुछ खास लक्षण दिखते हैं, जैसे गले में दर्द, खांसी, सिर दर्द, थकान, जोड़ों में दर्द के साथ ही उल्टी और दस्त होना, आंखों का लाल होना और माथे का बहुत तेज गर्म होना आदि.

नेचुरोपैथी है बेहतर वायरल के दौरान सही खानपान से आप न सिर्फ अपना इम्यून सिस्टम मजबूत कर सकते हैं, बल्कि वायरल फीवर को भी दूर कर सकते हैं. अगर बुखार 102 या इससे कम हो तो घरेलू नुस्खे आजमाकर भी बुखार को कम किया जा सकता है. मरीज के शरीर पर सामान्य पानी की पट्टियां रखें. पट्टियां तब तक रखें, जब तक शरीर का तापमान कम न हो जाए. मरीज को हर छह घंटे में पैरासिटामोल की एक गोली दे सकते हैं. बुखार नहीं उतर रहा तो आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

तुलसी का काढ़ा
प्राकृतिक उपचार के लिए तुलसी के पत्ते सबसे प्रभावी औषधि है. एक चम्मच लौंग पाउडर को करीब 20 ताजा और साफ तुलसी के पत्तों के साथ एक लीटर पानी में डालकर उबाल लें. इस काढ़े का हर दो घंटे में सेवन करें. बैक्टीरियल विरोधी, कीटाणुनाशक, जैविक विरोधी और कवकनाशी गुण तुलसी को वायरल बुखार के लिए सबसे उत्तम बनाते हैं. 

धनिये की चाय
धनिये में मौजूद एंटीबायोटिक यौगिक वायरल संक्रमण से लड़ने की शक्ति देते हैं. धनिये के बीज शरीर को विटामिन देते हैं. पानी में एक बड़ा चम्मच धनिये के बीज डालकर उबाल लें. इसके बाद इसमें थोड़ा दूध और चीनी मिलाएं.

नीबू और शहद
नीबू का रस और शहद वायरल फीवर को कम करते हैं. शहद और नीबू के रस का सेवन भी कर सकते हैं.

छत्तीसगढ़ के CM बघेल ने बताया, सोनिया क्यों बनाई गईं अंतरिम अध्यक्ष, पढ़ें…

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) का कहना है कि आम लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नेहरू-गांधी परिवार पर भरोसा है, इसीलिए सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के सरकार के फैसले को लेकर पार्टी नेताओं के बीच मतभेद होना समझ में आता है, क्योंकि फैसले ने उन्हें हैरान कर दिया था। 

आईएएनएस के साथ खास बातचीत में बघेल ने कहा कि राहुल गांधी ने वादा किया था कि अगर लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार होती है तो वह पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे, और उन्होंने अपना वादा निभाया है। बघेल ने कहा, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर कायम रहे। इस सवाल पर कि क्या सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने से वंशवाद की संस्कृति के विचार को फिर से बढ़ावा नहीं मिला है? बघेल ने कहा, लोगों को नेहरू-गांधी परिवार पर भरोसा है। 

दूसरे लोग जो कह रहे हैं, उसका कोई मतलब नहीं है। सच्चाई यह है कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का गांधी परिवार पर अधिक भरोसा और निष्ठा है और इसीलिए 10 अगस्त को सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया। उनकी नियुक्ति का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा, राहुल गांधी चाहते थे कि गांधी परिवार के बाहर का कोई व्यक्ति पार्टी का नेतृत्व करे, लेकिन देश भर से आवाज राहुल गांधी के लिए थी। लेकिन जैसा कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष पद को ना कह दिया, यह पद फिर से सोनिया गांधी को दे दिया गया, जिसे उन्होंने पार्टी के कई नेताओं द्वारा अनुरोध करने के बाद स्वीकार किया।

गांधी परिवार द्वारा देश की आजादी और विकास में दिए गए योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, उनके द्वारा किए गए बलिदानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। गांधी परिवार ने कठिन परिस्थितियों में पार्टी का नेतृत्व किया है, चाहे वह स्वतंत्रता आंदोलन रहा हो या आजादी के बाद।

सोनिया गांधी के राजनीतिक कौशल को याद करते हुए बघेल ने कहा, उन्होंने राजनीति को ना कहा और उसके बाद (सीताराम) केसरीजी को पार्टी अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन वह कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के आग्रह पर राजनीति में शामिल हुईं। जब पार्टी ने नेतृत्व को लेकर कई मुद्दों का सामना किया, उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने केंद्र में दो बार और कई राज्यों में सरकारें बनाई। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने कहा, यह गांधी परिवार के साथ लोगों का अटूट रिश्ता है और यह भरोसा खत्म नहीं होगा।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को निरस्त करने के भाजपा सरकार के फैसले पर पार्टी में मतभेदों पर उन्होंने कहा, अनुच्छेद 370 और 35ए के मुद्दों पर, सरकार को विपक्ष और सभी हितधारकों को भरोसे में लेना चाहिए था, जो उन्होंने नहीं किया। उन्होंने कहा, उन्होंने अचानक प्रस्ताव लाकर (राज्यसभा में) सभी को चौंका दिया। जब ऐसी चीजें होती हैं, तो अलग-अलग आवाजें उठती हैं। 

बघेल ने कहा, लेकिन कांग्रेस कार्यकारिणी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में इसी मुद्दे पर उन्हीं नेताओं की आवाज एक थी। उन्होंने घाटी में प्रतिबंध व नेताओं की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा, अचानक निर्णय लेने के कारण मतभेद उभर कर सामने आए। इसके अलावा, जिन लोगों के लिए निर्णय लिया गया, वे लॉकडाउन के कारण इससे अनजान थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह सब किया गया, वह असंवैधानिक है।

चीन के इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाने और इसका अंतर्राष्ट्रीयकरण करने की कोशिश पर बघेल ने कहा, भारत सरकार को यह तय करना होगा कि वह उठाए गए कदम के लिए अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अपना बचाव करने की योजना कैसे बनाएगी। आरक्षण को बढ़ाकर 72 प्रतिशत करने के अपनी सरकार के निर्णय पर बघेल ने कहा, राज्य की अधिकतम आबादी ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की है। 

उन्हें मुख्यधारा में लाने और उनके विकास के लिए, हमने आरक्षण सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। बघेल सरकार ने एसटी के लिए आरक्षण में बदलाव नहीं करते हुए ओबीसी के लिए आरक्षण को 14 फीसदी से बढ़ाकर 27 फीसदी और एससी के लिए एक फीसदी कर दिया है। छत्तीसगढ़ में नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 58 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। आरक्षण की नई व्यवस्था लागू हो जाने के बाद छत्तीसगढ़ आरक्षण के मामले में तमिलनाडु से आगे निकल जाएगा, जहां 69 प्रतिशत आरक्षण है।

अब nail polish का शौक आपके सेहत के लिए हो सकता है ख़तरनाक

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रोजाना साबुन से नहाना और नेल पॉलिश लगाने का शौक आपके सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। एक नए शोध के मुताबिक, प्लास्टिक, साबुन और और नेल पॉलिश जैसे उत्पादों में मिलने वाला एक रसायन मोटापे के लिए घातक हो सकता है।

प्लास्टिक की लचक मूलत: रसायनों के एक विशेष प्रकार थैलेट के कारण होती है। रिसर्च करने वाले लोगों का कहना है कि इन रसायनों से सेहत को बहुत नुकसान हो सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया की शोधकर्ता ने कहा कि थैलेट के संपर्क में आने से कई प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। शोध के दौरान विशेष रसायन बेंजाइल ब्यूटाइल थैलेट (बीबीपी) से कोशिकाओं में वसा के संचय पर पडऩे वाले प्रभाव का भी अध्ययन किया गया। सहायक प्रोफेसर ने कहा, ‘मोटापा आज की तारीख में बहुत बड़ी समस्या है। इसके पीछे जेनेटिक कारण के अलावा कई अन्य कारण भी जिम्मेदार होते हैं।’ शोधकर्ताओं ने कहा कि बीबीपी और मोटापे के बीच का संबंध चूहे की कोशिकाओं में देखा गया है। अभी यह अभी सुनिश्चित नहीं है कि मनुष्यों पर यह दुष्प्रभाव किस हद तक होता है, लेकिन यह शोध इस दिशा में एक अच्छा संकेत अवश्य देता है।

75 फीसदी खराब हो चुका अमिताभ बच्चन का लीवर, टीबी और हेपेटाइटिस बी से भी पीड़ित

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मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन टीवी और हेपेडइटिस बी जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं। वहीं उनका लीवर का 75 फीसदी हिस्सा भी काम करना छोड़ चुका है। स्वास्थ्य जागरुकता से जुड़े एक टीवी कार्यक्रम में 76 साल के अभिनेता ने इस बात को बताया है।25 फीसदी लिवर के सहारे जी रहा हूं: बच्चन

एनडीटीवी के कार्यक्रम ‘स्वस्थ इंडिया’ में बोलते हुए अमिताभ ने कहा, बीमारियों से हमें घबराना नहीं चाहिए। मुझे यह कहते हुए कोई हिचक नहीं होती कि मैं टीबी और हेपेटाइटिस बी जैसी बीमारियों से पीड़ित हूं और भी कई परेशानियां हैं। मेरे लिवर का 75 फीसदी हिस्सा भी खराब हो चुका है। मैं तो 25 फीसदी लिवर के सहारे जी रहा हूं।

आठ साल तक अपनी टीबी का पता नहीं था 
मुझे आठ साल तक अपनी टीबी का पता नहीं था

अमिताभ बच्चन ने कहा, हर इंसान को अपने शरीर का रेगुलर चेकअप करवाते रहना चाहिए। गंभीर बीमारियों का भी अगर समय पर पता चल जाए तो काफी हद तक इन पर काबू पाया जा सकता है। अमिताभ ने कहा, मुझे करीब 8 सालों तक नहीं पता था कि मुझे टीबी है। मैं कह रहा हूं कि जो मेरे साथ हुआ, वो किसी के साथ भी हो सकता है। अगर आप जांच करवाने के लिए ही तैयार नहीं है तो आपको कुछ पता नहीं चलेगा और फिर उसका इलाज भी नहीं हो पाएगा।

लगातार शूटिंग में बिजी हैं अमिताभ

अमिताभ बच्चन 76 साल के हो गए हैं और सेहत के मामले में भी कई परेशानियों का सामना कर रहे हैं। हालांकि इस सबके बावजूद वो लगातार काम कर रहे हैं। इन दिनों टीवी शो कौन बनेगा करोड़पति की शूटिंग कर रहे हैं। कई फिल्में भी उनके पास हैं। ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘गुलाबो सिताबो’ की शूटिंग चल रही है। ‘सई रा नरसिम्हा रेड्डी’ नाम की फिल्म में भी बच्चन नजर आने वाले हैं।

दोस्तों के साथ घूमकर लौटीं सगी बहनें, रात को दोनों ने सुसाइड नोट में ऐसी बातें लिखकर दी जान

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मध्य प्रदेश के भोपाल जिले के बैरसिया थाना इलाके में दो सगी बहनों के सुसाइड केस में पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। पुलिस को दोनों के मोबाइल की कॉल डिटेल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

बैरसिया पुलिस थानाधिकारी श्रीनिवास पांडे ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। मौके पर मिले सुसाइड नोट, उनके मोबाइलों की कॉल डिटेल और विसरा रिपोर्ट के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। हालांकि उन्होंने सुसाइड नोट में यह कदम उठाने के लिए खुद को ही जिम्मेदार बताया है।एक रास्ते में दूसरी ने अस्पताल में तोड़ा दम

एसएचओ पांडे के अनुसार शीतल कॉलोनी बैरसिया निवासी ट्रक चालक किशोरी लाल बैरागी की बड़ी बेटी निधि (21) और अनुष्का (17) ने 30 जुलाई 2019 को अपने घर पर जहर खा लिया। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचते इससे पहले निधि ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जबकि अनुष्का की उपचार के दौरान मौत हो गई। निधि बीएससी द्वितीय वर्ष व अनुष्का प्रथम वर्ष की छात्रा थी। दोनों बहनें पढ़ाई के साथ रूनाहा गांव में एक स्कूल में पढ़ाने भी जाती थीं।

दोस्तों के साथ नरसिंहगढ़ घूमने गईं

31 जुलाई को सुबह करीब सवा ग्यारह बजे तक दोनों बहनें जब कमरे से नहीं निकली तो परिजन उनके कमरे में पहुंचे। जहां, निधि बिस्तर में तड़पते मिली। जबकि अनुष्का बाथरूम में उल्टी कर रही थी। परिजनों को अनुष्का ने बताया कि उसने जहर खा लिया है। इससे पहले 30 जुलाई को वे घर से पढ़ाने को कहकर घर निकली थीं और देर शाम घर लौटीं। परिजनों ने देर से घर आने की वजह पूछी इस पर उन्होंने बताया कि वे दोस्तों के साथ नरसिंहगढ़ घूमने चली गईं थीं। इस पर परिजनों और दोनों भाइयों ने दोनों को जमकर डांट-फटकार लगाई। इसके बाद खाना खाने के बाद दोनों बहनें पहली मंजिल में सोने चली गईं थी।

मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा

एसएचओ पांडे के अनुसार शुरुआती जांच में मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है। मृतकाओं के भाई विकास ने आशीष मेहरा और रोहित शिल्पकार के नाम के युवकों पर निधि और अनुष्का को परेशान का आरोप भी लगाया था। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अपने मोबाइल पर उसकी बहनों के कुछ फोटो खींच लिए थे। इसके आधार पर वे उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे।

यह लिखा मिला दोनों के सुसाइड नोट में

एसएचओ श्रीनिवास पांडे ने बताया कि छात्राओं के पास सुसाइड नोट मिला था, जिसमें उन्होंने मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया। साथ ही यह भी लिखा कि उनके परिजनों और दोस्तों को परेशान न किया जाए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिजनों के बयान के बाद संदेहियों की भूमिका को लेकर जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे कार्रवाई होगी।

अनुष्का शर्मा की ये बिकिनी बन गई मीम्‍स की वजह, फोटोज देख नहीं रुकेगी हंसी

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अनुष्का शर्मा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. वे अपनी लाइफ से जुड़ी अपडेट सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस को देती रहती हैं. हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर फोटो शेयर की , जिसमें वे ऑरेंज और व्हाइट कॉम्बिनेशन की बिकीनी पहन कर समुंद्र किनारे बैठी हुई नजर आ रही हैं.जहां एक तरफ लोगो ने उनके फोटो की तारीफ की वहीं दूसरी तरफ लोग अनुष्का का मजाक बना रहे हैं. लोगो ने अनुष्का की फोटो को मीम बना डाला, जिस कारण अनुष्का सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रही हैं.

सोशल मीडिया पर कुछ लोग अनुष्का की बिकिनी की तुलना VLC मीडिया के आइकन से कर रहे हैं, तो कुछ लोग मछली से.

इसे लोगों की क्रिएटिविटी कहें या फिर बिना बात के सेलिब्रिटीज को ट्रोल करने की आदत, लेकिन ये तस्वीरें देख कोई भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएगा.

जहां कुछ लोग अनुष्का की फोटो को शेयर कर तरह तरह के कॉमेंट करके उनका मजाक बना रहे हैं, वहीं उनके पति विराट कोहली को उनकी ये तस्वीर बहुत पसंद आयी है. विराट ने फोटो पर दिल और किस वाली इमोजी का कॉमेंट किया है.

अनुष्का को पिछली बार शाहरूख खान की फिल्म ‘ज़ीरो’ में देखा गया था.

यदि रोज करते हैं अगरबत्ती का इस्तेमाल, तो यह खबर आपके लिए है

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एक रिसर्च में यह बताया गया है कि धूपबत्‍ती या अगरबत्ती का धुआं सिगरेट के धुएं से भी अधिक खतरनाक है। इसमें पाए जाने वाले पॉलीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन अस्थमा, कैंसर, सरदर्द और खांसी जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते है। इससे सांस की गंभीर समस्याओं के साथ कई और गंभीर समस्याएं हो सकती है। आइए जानते है अगरबत्ती का धुआं किन बीमारियों का कारण बन सकता है।

1. अस्थमा की समस्या

इसमें मौजूद नाइट्रोजन और सल्फर डाईऑक्साइड गैस सेहत के लिए बहुत हानिकारक होती है। इससे सांस लेने में तकलीफ के साथ अस्थमा की गंभीर समस्या भी हो सकती है।

2. फेफड़े के रोग

अगरबत्ती के धुएं से निकलने वाली कार्बनमोनो ऑक्साइड शरीर में जाकर फेफड़ों को बहुत नुकसान पहुंचाती है। इसके वजह से फेफड़ों के रोग के साथ जुकाम और कफ की गंभीर समस्या भी हो जाती है।

3. हार्ट अटैक का खतरा

इसके धुएं में लगातार सांस लेने से दिल की कोशिकाएं पूर्ण्तः सिकुड़ने लगती है। लगातार ऐसा होने से हार्ट अटैक का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

4. आंखो के लिए हानिकारक

धुएं में मौजूद हानिकारक केमिलक आंखों में खुजली, जलन और स्किन एलर्जी का महत्वपूर्ण कारण बन सकते है। इसके धुएं के कारण आंखों की रोशनी खराब होने का डर भी रहता है।

5. श्वसन कैंसर का खतरा

अत्यधिक समय तक इसका धुआं शरीर में जाने से श्वसन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान के साथ-साथ अगरबत्ती का धुआं भी इस कैंसर के खतरे को बहुत बढ़ाता है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह बोले: भीड़ हिंसा और असहिष्णुता से समाज को खतरा

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भीड़ हिंसा, सांप्रदायिक धुव्रीकरण और देश में बढ़ते हिंसक अपराधों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ सालों से देश परेशान करने वाली विचारधारा का गवाह बन रहा है। बढ़ती असहिष्णुता, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, कुछ समूहों द्वारा फैलाई गई हिंसा के कारण बढ़ती हिंसक घटनाएं और भीड़ हिंसा की केवल हमारी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।’ राजीव गांधी की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बाहरी और आंतरिक दोनों तरह से उकसाना, सांप्रदायिक जुनून को बढ़ावा देना और हिंसा केवल भारत को विभाजित कर रहे हैं।

बैठक में जाते हुए बस्ती में रुकीं ममता बनर्जी, 400 लोगों के लिए दो टॉयलेट देख बुरी तरह भड़कीं

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीते सोमवार को हावड़ा की झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाली जनता से बात करने पहुंचीं। यहां वार्ड 29 में राउंड टैंक पुरानाबस्ती के हालात देखकर वे भड़क गईं। दरअसल यहां 400 लोगों के लिए सिर्फ दो टॉयलेट की सुविधा दी गई थी।

दरअसल ममता एक प्रशासनिक बैठक के लिए जाते हुए रास्ते में पड़े इन इलाकों को देखकर रुकीं। यहां के हालात देखकर उन्होंने शहरी विकास और नगर मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम की क्लास लगा दी। यहां उन्होंने हाकिम उर्फ बॉबी से कहा कि- बॉबी आपके विभाग से क्या कहा गया था…मैंने अपने रास्ते में एक बस्ती में जाकर देखा। 400 लोग और सिर्फ दो टॉयलेट और बाथरूम…क्यों? हम बस्तियों के विकास के लिए पैसा देते हैं। सभासद कौन है? क्या कर रहा है वह? ममता की इस बात पर लंबा सन्नाटा पसर गया। इतने में भीड़ में से कोई बोला- लोकल तृणमूल सभासद जून 2017 से हत्या के आरोप में जेल में है।

इसपर ममता बोलीं- तो सभासद जेल में है किसी केस में, लेकिन म्यूमिस्पलिटी तो यहां है। ये प्रशासन के भीतर है। आप वार्ड्स को क्यों नहीं देखते? मैं आपको आदेश देती हूं कि – 7 दिनों में आपको सभी स्लम में जाना है और उनकी परेशानी खत्म करनी है। और बाथरूम बनाने में दिक्कत क्या है- 6 या कम से कम 8। 400 लोगों के लिए 2 बाथरूम, तुम सोच सकते हो? कैसा हो अगर ऐसी स्थिति तुम्हारे घर पर हो। अगर कानून है तो हम क्यों उपलब्ध न कराएं? हमारी सिविक बॉडी प्रशासक के भीतर आती है। जल्दी से अपना काम करो। ममता इसके बाद दीघा भी पहुंचीं। बता दें कि हावड़ा म्यूनिस्पल कॉर्पोरेशन चुनाव न होने के चलके प्रशासक के अंदर काम कर रहा है।

विवादित मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाइक के उपदेश देने पर प्रतिबंध

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विवादित मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाइक के सार्वजनिक स्थानों पर उपदेश देने पर मलेशिया की सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस ने यह जानकारी सोमवार देर रात दी।

जाकिर पर मलेशिया में रह रहे हिन्दुओं और चीनियों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का आरोप है। प्रशासन दो दिनों से उससे पूछताछ कर रहा था। नाइक को पिछली सरकार की ओर से मलेशिया की स्थायी नागरिकता दी गई थी। वह पिछले तीन सालों से देश में रह रहा है।

मलेशिया पुलिस ने प्रतिबंध लगाने की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन्स दटुक के पुलिस प्रमुख अस्मावति अहमद ने मलय मेल को बताया कि हां ऐसे आदेश निकाले गए हैं। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।

उल्लेखनीय है कि नाइक ने कहा था कि मलेशिया में रहने वाला भारतीय समुदाय मलेशिया के प्रधानमंत्री डॉ महातिर मुहम्मद के स्थान पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अधिक समर्थक हैं।