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छत्तीसगढ़ : चार साल से कैद इन कछुओं को कोर्ट ने किया आजाद, अब मिलेगी ऐसी जिंदगी

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के राजनांदगांव जिला न्यायालय (Court) ने कानूनी दांव-पेंच में फंसे कछुओं को लेकर बड़ा आदेश दिया है. जिला न्यायालय से कछुओं (turtles) को आजाद करने का आदेश आ गया है. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम न्यायाधीश ने बसंतपुर थाना पुलिस (Police) को इन कछुओं को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की अनुमति दे दी है. इसके बाद बसंतपुर पुलिस द्वारा डीएफओ राजनांदगांव (DFO Rajnandgaon) को पत्र लिखा गया है. उम्मीद है कि एक दो दिन में ऐसे तीन कछुओं को आजादी मिल जाएगी.

राजनांदगांव (Rajnandgaon) के बसंतपुर पुलिस थाने (Police Station) की पानी की टंकी में साल 2015 से कैद तीन कछुओं को अब आजाद किया जाएगा. तीनों कछुओं को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की अनुमति प्राप्त हो चुकी है. इस सबंध में पूर्व में बसंतपुर पुलिस ने न्यायालय को पत्र लिखा था. इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने कछुओं को आजाद करने की अनुमति दे दी है. तीन वन्य जीव कछुए पुलिस (Police) और वन विभाग के कानूनी पेंच में फंस गए थे. करीब चार साल बाद वे आजाद होंगे.

आरोपी हो चुके हैं रिहा
बसंतपुर पुलिस ने सितंबर 2015 में महामाया चौक के पास दबिश देकर छह आरोपियों को कछुओं की तस्करी करते गिरफ्तार किया था. आरोपी कछुओं के माध्यम से जादू-टोना कर पैसे कमाने के चक्कर में थे. इस मामले में गिरफ्तार आरोपी तो रिहा गए, लेकिन कानूनी पेंच के चलते कछुओं को बसंतपुर थाने में ही रखा गया था. आरोपियों के पास से 4 कछुओं को बरामद किया गया था, जिसमें से एक की मौत हो चुकी है. जिला न्यायालय में अधिवक्ता एचबी गाजी ने बताया कि कोर्ट ने कछुओं को आजाद करने का आदेश दे दिया है. वन विभाग और पुलिस के बीच कानूनी दांव-पेंच के चक्कर में मामला अटका था. इधर बसंतपुर पुलिस थाना प्रभारी राजेश साहू ने बताया कि कोर्ट का आदेश मिल चुका है. अब आगे की कार्रवाई की जा रही है. 

रोचक : पहला नाम जानकर यकीन नहीं करोगे, दुनिया के 5 सर्वाधिक अमरूद उत्पादन करने वाले देश

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 वैसे देखा जाए तो दुनिया में बहुत सारे ऐसे देश है जहां पर कई प्रकार के फलों का उत्पादन किया जाता है आज हम आप लोगों को दुनिया के 5 ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे हैं जहां सबसे ज्यादा अमरूद का उत्पादन किया जाता है।

5. मैक्सिको

मैक्सिको दुनिया का पांचवा है ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा अमरूद का उत्पादन किया जाता है। मैक्सिको ने साल 2018 में लगभग 1632650 मीट्रिक टन अमरूद का उत्पादन किया था।

4. पाकिस्तान

पाकिस्तान दुनिया का चौथा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा अमरूद का उत्पादन किया जाता है। पाकिस्तान में साल 2018 में लगभग 1784300 मीट्रिक टन अमरूद का उत्पादन किया गया था।

3. थाईलैंड

थाईलैंड दुनिया का तीसरा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा अमरूद का उत्पादन किया जाता है। थाईलैंड में साल 2018 में लगभग 25 लाख 50 हजार के आसपास मीट्रिक टन अमरूद का उत्पादन किया गया था।

2. चीन

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चीन दुनिया का दूसरा ऐसा देश है जहां सबसे ज्यादा अमरूद का उत्पादन किया जाता है जिन दुनिया का तेजी से बढ़ता हुआ अर्थव्यवस्था वाला देश है साल 2018 में चीन में लगभग 4366300 मीट्रिक टन अमरूद का उत्पादन किया गया था।

1. भारत

भारत दुनिया का पहला ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा अमरूद का उत्पादन किया जाता है। भारत में अमरूद के अलावा कई प्रकार के फलों का उत्पादन किया जाता है। साल 2018 में भारत में लगभग एक करोड़ 76 लाख 50 हजार मीट्रिक टन अमरूद का उत्पादन किया गया।

कॉमेडियन भारती ने अपने पति को छोड़कर इस शख्स से रचाई दूसरी शादी…

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आजकल टीवी इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली कॉमेडियन भारती सिंह को लोग खूब पसंद करते हैं व वह अपने शो खतरा खतरा खतरा के लिए खूब सुर्ख़ियों में रहती हैं। ऐसे में अब हाल ही में भारती सिंह का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर सभी लोट-पोट हुए जा रहे हैं। जी हाँ, आप सभी को बता दें कि इस वीडियो को खुद भारती के पति हर्ष लिम्बाचियाने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि भारती सिंह ने उन्हें छोड़कर किसी व से विवाह कर ली है।

जी हाँ, वैसे उन्होंने ये सब मजाक में कहा है लेकिन यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फ़ैल रहा है। आप देख सकते हैं सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में भारती सिंह गोरिल्ला के साथ अपने पति का अशीर्वाद लेती नजर आ रही हैं औरभारती सिंह व गोरिल्ला का यह वीडियो देखकर कोई भी अपनी हंसी नहीं कंट्रोल कर सकता है। इस वीडियो को शेयर करते हुए भारती सिंह के पति हर्ष लिम्बाचिया ने लिखा, ‘मेरी बीवी ने बुल्गेरिया में शादी कर लिया है अब मैं इंडिया आके शादी करूंगा। ‘

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर करीब डेढ़ लाख से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है व इस वीडियो को लोग खूब पसंद भी कर रहे हैं। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि इससे पहले भी भारती सिंह ने अपना एक टिक-टॉक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया था, जिसने सोशल मीडिया पर लोगों को खूब हंसाया था। 

छत्तीसगढ़ : इस अधिकारी के कई ठिकानों पर EOW की दबिश, नान घोटाला मामले में कार्रवाई तेज

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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के नान (नागरीक आपूर्तीि निगम) घोटाला मामले में ईओडबल्यू (Economic Offences Wing) की टीम ने तत्कालीन नान प्रबंधक के ठिकानों पर दबिश दी है. बताया जा रहा है कि ईओडबल्यू (EOW) की टीम (Team) ने कांकेर(Kanker) के तत्कालीन प्रबंधक चिंतामणी चंद्राकर के दुर्ग, कांकेर और बेंगलुरु के मकान में दबिश देकर जांच कर रही है.जनवरी में हुए एसआईटी (SIT-Special Investigation Team) के गठन के बाद से ही ईओडबल्यू की टीम इस मामले में लगातार जांच कर रही है. कहा जा रहा है कि चिंतामणी चंद्राकर (Chintamani Chandrakar) पर आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate assets) और नान मामले में शामिल होने का आरोप लगा है. गौरतलब हो कि हाल ही में नान के नया रायपुर(Naya Raipur) स्थित दफ्तर में भी अधिकारियों की टीम ने दस्तावेज(Documents) जब्त की थी जिसके बाद इस मामले की कार्रवाई (Action) में तेजी आई है.

. 12 फरवरी 2015 को नान के दफ्तर में छापा पड़ने पर हुआ मामले का खुलासा.

. 27 मार्च 2015 को एसीबी ने छापा मार नान से जुड़े 12 लोगों को गिरफ्तार किया. . अप्रैल 2015 को खाद्य विभाग के प्रमुख सचिव आईएएस आलोक शुक्ला, और नान के तात्कालिक एमडी अनिल टुटेजा को बयान के लिए नोटिस जारी.

. जून 2015 में एसीबी ने 214 गवाहों के नाम के साथ 16 आरोपियों के खिलाफ 5 हजार पन्नों का चालान पेश किया.

. जून 2015 में केंद्र सरकार को आलोक शुक्ला और अनिट टुटेजा के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी गई. . नान का मामला जिला न्यायालय से हाईकोर्ट और हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा.

. जुलाई 2015 में राज्य सरकार ने धारा 109, 120 (बी), 420 और 409 के तहत IAS आलोक शुक्ला और अनिल टुटेजा पर अभियोन की स्वीकृति दी.

. अगस्त 2016 में केंद्रीय कार्मिक एंव प्रशिक्षण मंत्रालय (DOPT) ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 19 के तहत अभियोनज की स्वीकृती दी.

. एसीबी ने दोनों आईएएस अधिकारियों के खिलाफ 35 पन्नों का पूरक चालान पेश किया.

. 5 दिसंबर 2018 को दोनों आईएएस के कोर्ट में पेश नहीं होने से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया.

. नई सरकार में 1 जनवरी 2019 को हुए कैबिनेट की बैठक में नान घोटाले की जांच SIT से कराने का निर्णय लिया गया.

. 3 जनवरी को अनिल टूटेजा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रमी जमानत के लिए आवेदन पेश किया.

. 8 जनवरी को सरकार ने एसआीटी जांच का जिम्मा एसआरपी कल्लूरी को सौंपा.

. 11 जनवरी को कोर्ट ने नान मामले पर सुनवाई रोकने से इंकार कर ईओडब्ल्यू की याचिका खारिज कर दी.

. 30 जनवरी को ईडी ने नान के 16 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया.

. 1 फरवरी को ईओडबल्यू की टीम ने नान के पुराने दफ्तर में दबिश देकर 2012 से 2015 के दस्तावेज जब्त किए.

. 07 फरवरी को ईओडब्ल्यू ने मुकेश गुप्ता और रजनेश सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया.

. 09 फरवरी को दोनों आईपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.

. 23 मई को आईएफएस कौशलेन्द्र सिंह सहित 4 लोगों को पूछताछ के लिए ईओडबल्यू ने तलब किया.

. 6 और 8 अगस्त को ईओडबल्यू ने नान के नवा रायपुर स्थित दफ्तर में दबिश देकर दस्तावेज जब्त किए.

आरोप है कि छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में राइस मिलरों (Rice Millers) से लाखों क्विंटल घटिया चावल लिया गया और इसके बदले करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी की गई. इसी तरह नागरिक आपूर्ति निगम (Civil Supplies Corporation) के ट्रांसपोर्टेशन(Transportation) में भी भारी घोटाला किया गया. इस मामले में 27 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया गया था. जिनमें से 16 के ख़िलाफ़ 15 जून 2015 को अभियोग पत्र पेश किया गया था. जबकि मामले में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टूटेजा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अनुमति के लिये केन्द्र सरकार(Central Government) को चिट्ठी (Letter) लिखी गई.

छत्तीसगढ़ में यहां दर्ज हुआ तीन तलाक का पहला मामला, गर्भवति है पीड़ित महिला

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देश में तीन तलाक (triple Talaq) कानून लगू होने के बाद छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में पहला मामला सोमवार को दर्ज किया गया है. छत्तीसगढ़ के कोरिया (Korea) जिले के मनेन्द्रगढ़ पुलिस (Police) थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मामले के पीड़िता के आरोपी पति को हिरासत में ​ले लिया है. पूछताछ की जा रही है. कोरिया जिले के एसपी विवेक शुक्ला ने मामले की पुष्टि की है. जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही जा रही है. पुलिस (Police) से मिली जानकारी के मुताबिक मनेन्द्रगढ़ थाना क्षेत्र में रहने वाली परवीन ने अपने पति के खिलाफ शिकायत की है. शिकायतकर्ता महिला गर्भवति (Pregnant) है. पीड़िता को पहले से ही चार बच्चे हैं. मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी पति पीड़िता के साथ रोज झगड़ा करता था. इसके अलावा महिला के साथ मारपीट भी किया करता था. आज झगड़ा के बाद उसने महिला को तीन तलाक दे दिया. इसके बाद महिला मनेन्द्र नगर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई. मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी मनेन्द्रनगर थाना क्षेत्र का ही स्थाई निवासी है.

..तो महिलाओं ने बांटी थी मिठाई
बता दें कि देश में तीन तलाक कानून लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं हर्ष जताया था. राजधानी रायपुर में महिलाओं ने कानून लागू होने के बाद एक दूसरे को मिठाइयां खिलाईं थीं. साथ ही आस पड़ोस में मिठाइयां बांटी थीं. प्रदेश में तीन तलाक से जुड़ा पुलिस थाने तक पहुंचने वाला ये पहला मामला है. तीन तलाक से जुड़ी धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. आरोपी के परिजनों और आस पास के लोगों से भी मामले में पुलिस पूछताछ करेगी. 

जालंधर 10 वर्ष की उम्र में सिनेमा देखने गए और फिर कभी घर नहीं लौटे

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पंजाब में जन्मे और बॉलीवुड में सितारा बन चमकने वाले खय्याम अब हमारे बीच नहीं रहे। मशहूर संगीतकार खय्याम का 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से फेफड़ों में इंफेक्शन के चलते उन्हें आईसीयू में भर्ती करवाया गया था। खय्याम का पूरा नाम मोहम्मद जहूर खय्याम हाशमी था। वे मूल रूप से पंजाब के नवांशहर के राहों के रहने वाले थे।

दस वर्ष के उम्र में वे जालंधर सिनेमा देखने गए थे और फिर कभी घर नहीं लौटे। दशकों पहले वे मुंबई चले गए थे। पद्मभूषण से सम्मानित खय्याम ने बॉलीवुड करियर की शुरुआत 1953 में फिल्म फुटपाथ से की। साल 1961 में आई फिल्म शोला और शबनम में संगीत देकर खय्याम को पहचान मिलनी शुरू हुई। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में ‘कभी-कभी, हीर-रांझा और ‘उमराव जान’ जैसी कई हिट फिल्में दीं।

उन्होंने आखिरी खत, कभी-कभी, त्रिशूल, नूरी, बाजार, उमराव जान और यात्रा जैसी फिल्मों में संगीत दिया। उन्हें फिल्म कभी-कभी के लिए फिल्मफेयर और उमराव जान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।

छत्तीसगढ़ : ट्रैक्टर में ही शव रख गुजारी रात, मरच्यूरी में लाश रखने आरक्षक ने मांगे 3 हजार रुपये

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छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के धमतरी जिले में रिश्वतखोरी (Bribery) का एक घिनौना मामला सामने आया है. मरच्यूरी में शव रखने के एवज में आरक्षक (Constable) द्वारा 3 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है. रिश्वत देने में असक्षम मृतक के परिजनों को मजबूरन शव ट्रैक्टर में रखकर ही रात गुजारनी पड़ी. पुलिस (Police) ने आरोपी आरक्षक के खिलाफ जांच कर मामले में कार्रवाई की बात कही है.

धमतरी (Dhamtari) जिले के नगरी थाना के एक आरक्षक (Constable) पर गंभीर आरोप लगे हैं. आरोप लाश को मरच्यूरी में रखने के एवज में 3000 रुपये मांगने के हैं. दरअसल मेचका गांव के एक व्यक्ति ने अज्ञात कारणों से फांसी लगा कर आत्महत्या (Suicide) कर ली. उसकी लाश को परिजनों ने ट्रैक्टर के जरिये पोस्टमार्टम के लिए नगरी लाया, लेकिन तब तक रात हो चुकी थी. परिजन ऐसे में लाश को मरच्यूरी में रखना चाहते थे.

कार्रवाई का आश्वासन
मृतक के परिजनों के मुताबिक आरक्षक कान्तु राम ठाकुर ने मरच्यूरी में शव रखवाने के एवज में 3000 रुपयों की मांग की. परिजन रुपये देने में सक्षम नहीं थे. लिहाजा लाश को रात भर ट्रैक्टर ट्राली में ही रखना पड़ा. धमतरी एसपी बालाजी राव ने इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है. एसपी बालाजी राव ने कहा कि ​आरक्षक के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद जांच की जा रही है. जांच रिपार्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी. साथ ही मृतक की आत्महत्या मामले में भी मर्ग कायम कर जांच की बात कही जा रही है. 

हैरान रह जाएंगे आप इसका सच जानकर, आखिर कैसे बनता है साबूदाना

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आज के समय में उपवास रखने वाले कई लोग साबूदाना का सेवन करते है। साबूदाना का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद होता है। क्योकी इसमें स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम और विटामिन सी पाया जाता है। लेकिन अधिकांश लोग यह नही जानते कि साबूदाना कैसे बनता है या इसको बनाने में किस चीज का इस्तेमाल किया जाता है।

साबूदाना के फायदे-

साबूदाना में कार्बोहाइड्रेट्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जो हमें इंस्टेंट एनर्जी देकर हमारे शरीर की थकान को दूर करता है। साबूदाना में स्टार्च भरपूर मात्रा में होता है। जो कब्ज, गैस, पाचन क्रिया जैसी समस्याओं को दूर करता है। साबूदाना में विटामिन B6, फॉलिक एसिड और कैल्शियम होता है। जो हमारी त्चचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है।

भारत में कैसे आया साबूदाना-

भारत में साबूदाना टौपिओका स्टार्ट से बनाया जाता है। इस टैपिओका स्टार्च को बनाने के लिए कसावा नामक कंद का उपयोग होता है। जो दिखने में ज्यादातर शकरकंद जैसा होता है। कसावा का पौधा मूल रुप से ब्राजील और उसके आसपास के देशों में पाया जाता है। कसावा के पौधे की शुरूआत दक्षिण अमेरिका से हुई। कसावा का पौधा 19 वी सदी के बाद भारत में आया। भारत में तमिलनाडु के सेलम जिले में कसावा की खेती की सबसे ज्यादा होती है।

कैसे बनता है साबूदाना-

साबूदाना टौपिओका स्टार्च से बनाया जाता है। साबूदाना को बनाने के लिए टैपिओका के गूदे को निकालकर बड़े टैंकों में डालकर रख दिया जाता है। फिर उसमें लगातार पानी डाला जाता है। फिर इसे सुखाने के बाद इन पर ग्लूकोज और स्टार्च से बने पाउडर की पॉलिश की जाती है। जिसके बाद साबुदाना बनकर तैयार होता है। 1943 से 1944 के दौरान तमिलनाडु के सेलम में साबुदाना बनाने की शुरूआत हुई थी।

मेरे लीवर का 75% भाग डैमेज, 8 साल से टीबी से हूं पीड़ित: अमिताभ बच्चन

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आठ साल तक एक्टर अमिताभ बच्चन को पता नहीं था कि वे टीबी से पीड़ित हैं और उन्होंने कहा कि उन्हें खुद को टीबी सर्वाइवर कहने में कोई दिक्कत नहीं है। अमिताभ बच्चन ने यह बात एनडीटीवी के स्वच्छ भारत लॉन्च कार्यक्रम में कही। वह डॉक्टर हर्षवर्धन से रोगों के जल्द निदान की सुविधा के लिए नियमित जांच के बारे में जागरूकता फैलाने के बारे में बात कर रहे थे।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, बिग बी ने कहा, ‘मैं हमेशा अपने व्यक्तिगत उदाहरण को पेश करता रहता हूं। मुझे यह सार्वजनिक रूप से कहने में कोई आपत्ति नहीं है कि मैं एक टीबी और हेपेटाइटिस बी सर्वाइवर हूं, मुझे ब्लड इंफेक्शन है और मेरे लीवर का 75% भाग भी डैमेज हो गया है। लेकिन क्योंकि मुझे 20 साल के बाद भी इसका पता नहीं चल पाया था, तो मेरे लीवर का 75% भाग डैमेज हो गया। मैं अभी भी इसके 25% भाग पर ही सर्वाइव कर रहा हूं।’

पोलियो, हेपेटाइटिस बी, टीबी (तपेदिक) और मधुमेह जैसे अनेक स्वास्थ्य अभियानों से जुड़े 76 वर्षीय स्टार ने लोगों से टेस्ट और इलाज करने का आग्रह किया था।

बच्चन ने कहा, ‘फिर इसका एक इलाज है, टेस्ट। मुझे लगभग 8 वर्षों तक नहीं पता था कि मैं टीबी से पीड़ित था। मैं कहता हूं कि अगर यह मेरे साथ हो सकता है, तो किसी के साथ भी हो सकता है। इसलिए यदि आप टेस्ट कराने के लिए तैयार नहीं हैं तब आपको पता नहीं चलेगा और इसका कोई इलाज नहीं होगा।

इसके अलावा अमिताभ बच्चन सोनी टीवी के कार्यक्रम कौन बनेगा करोड़पति को हेस्ट कर रहे हैं।

वित्त मंत्री ने अखबार के कागज पर आयात शुल्क वापस लेने की मांग खारिज की, 10 फीसदी शुल्क देना ही होगा

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अखबार के कागज पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाये जाने को वापस लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शुल्क लगाया गया है और आयात करने वालों को शुल्क का भुगतान करना होगा। अखबार उद्योग ने इससे पहले वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपकर अखबार के आयातित कागज पर आयात शुल्क लगाने को लेकर बजट में की गयी घोषणा को वापस लेने की मांग की थी। उद्योग ने कहा था कि इससे उनके लाभ पर दबाव पड़ेगा।

अब तक अखबार के कागज पर किसी तरह का आयात शुल्क नहीं लगता था। सीतारमण ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सरकार का इरादा यह सुनिश्चित करना है कि अखबार के कागज का उत्पादन करने वाले भारतीय उत्पादकों को प्रोत्साहित किया जाए क्योंकि सस्ते आयात के कारण उन्हें नुकसान हो रहा है।