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बाढ़ के ‘प्रहार’ से आधे हिंदुस्तान में हाहाकार, दिल्ली में यमुना खतरे के निशान के पार

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बाढ़ के ‘प्रहार’ से आधे हिंदुस्तान में हाहाकार मचा हुआ है. नदी-नाले उफान पर हैं. पहाड़ों पर हुई बारिश का असर पंजाब समेत मैदानी इलाकों में भी नजर आ रहा है.दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्था में बाढ़ से राहत नहीं मिल पा रही है. मौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज बारिश का अनुमान लगाया है. एनडीआरएफ की कई टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं. देवभूमि हिमाचल में भी बारिश आफत बनकर कहर बरपा रही है. हमीरपुर में एक कॉलेज की बिल्डिंग धराशायी हो गई.

हिमाचल प्रदेश में जहां कल बारिश के चलते रेड अलर्ट लगाया गया था वहीं. आज कुछ राहत मिल सकती है. मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आज हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पिछले दिनों के मुकाबले कम बारिश होगी, जिसके चलते हिमाचल में फिलहाल ऑरेंज अलर्ट और उत्तराखंड में येलो अलर्ट लगाया गया है. अगले 2 दिनों तक लगभग सभी राज्यों में बारिश की स्थिती सामान्य रहने की संभावना है.

दिल्ली में हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा जा रहे पानी के चलते दिल्ली में यमुना का स्तर बढ़ता जा रहा है. यमुना का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है. यमुना का जल स्तर 205.94 मीटर है जो कि खतरे के निशान 205.33 से 0.61 मीटर ज्यादा है.

दिल्ली में आज हल्की बारिश के आसार, दिन भर आसमान में बने रहेंगे बादल. आज का न्यूनतम तापमान 25°c दर्ज किया गया जब्की अधिक्तम तापमान 35°c तक पहुचने के आसार हैं. राजधानी में बारिश सामान्य रही है.

जानिए : ऐसे करे कोहनियों की डैड स्किन को साफ

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कोहनियों पर जम डैड स्किन को साफ न किया जाए तो इनको बाद में साफ करना मुश्किल हो जाता है।

कई बार पार्टी या ऑफिस में स्लीवलैस कपड़े पहनने पर दूसरों के सामने शर्मिंदा भी होना पड़ता है। इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए आप ये टिप्स यूज कर सकते हैं।

आवश्यक सामग्री: एक टीस्पून ऑलिव ऑयल, दो टेबलस्पून शहद, आधा नींबू का रस, एक टीस्पून बेकिंग सोड़ा

ऐसे कीजिए यूज : आप सबसे पहले सारी सामग्री को एक बाउल में डाल कर मिक्स कर लीजिए। अब इसे घुटनों और कोहनियों पर लगाना चाहिए। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले लगाना चाहिए और रात भर लगा रहने दीजिए।
कोहनियों और घुटनों को कॉटन के कपड़े से साथ कवर कर लीजिए। सुबह इसे गुनगुने पानी के साथ साफ कर लीजिए। साफ करने के बाद इस पर नारियल का तेल लगा लीजिए। इस प्रक्रिया को माह में तीन 3 बार करना चाहिए

On foot चलना सेहत के लिए होता है बेहद फायदेमंद, जानिए

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1. रोजाना सुबह पैदल चलने से हमारे शरीर की कोशिकाएं हरकत करती हैं जिससे हमारा शरीर हमेशा स्वस्थ बना रहता है और शरीर की सारी नसे अच्छे से कार्य कर पाती हैं।

2. पैदल चलने से शरीर के विषैले तत्व पसीने के साथ बाहर निकल जाते हैं जिससे शरीर मे कोई रोग नही हो पाता।

3. पैदल चलने से शरीर मे ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है जिससे हमें ब्लड प्रेशर की शिकायत नही रहती।

4. हर दिन पैदल चलने से जोड़ों का दर्द कभी नही होता।
5. पैदल चलने पर भोजन आसानी से पच जाता हैं और पाचन तंत्र हमेशा ठीक बना रहता है।

6. पैदल चलने से थकान के वजह से काफी अच्छी नींद आती है और अनिद्रा की शिकायत नही रहती।

आंतों में किसी भी तरह की अशुद्ध‍ि को जमने से रोकता है कच्चा केला

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केला एक ऐसा जबरदस्त फल है जो सेहत के लिये बहुत ही अधिक फायदेमंद होता है। पक्के हुए केले को खाने से शरीर को पूरी भरपूर एनर्जी के साथ कई फयदें मिलते है लेकिन कच्चे केले का सेवन करने से भी बहुत भरपूर लाभ होता है।

यह इम्यून सिस्टम को बहुत अधिक मजबूत करता है। कच्चे केले में एंटी-ऑक्सीडेंट्स के साथ स्टार्च होता है। ऐसे में नियमित रूप से एक कच्चा केला खाना बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है।

कच्चे केले में फाइबर और हेल्दी स्टार्च मौजूद होते हैं, जोकि आंतों में किसी भी तरह की अशुद्ध‍ि को जमने नहीं देते। कब्ज की समस्या के लिये कच्चा केला खाना आपके लिए बहुत अधिक फायदेमंद रहेगा।

कच्चे केले में मौजूद फाइबर्स और दूसरे कई पोषक तत्व भूख को नियंत्रित करने का काम करते हैं।

अगर आपको मधुमेह की शिकायत है और ये अपने शुरुआती रूप में है तो अभी से कच्चा केला खाना शुरू कर दें. ये डायबिटीज कंट्रोल करने की अचूक औषधि है।

कच्चे केले के नियमित सेवन से पाचन क्रिया बेहतर होती है। इसके अलावा कच्चा केला कई तरह के कैंसर से बचाव में भी सहायक है। कच्चे केले में मौजूद कैल्शियम हड्ड‍ियों को मजबूत बनाने में सहायक है और साथ ही ये मूड स्व‍िंग की समस्या में भी फायदेमंद है।

बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद पाकिस्‍तान में घुसने को तैयार थी सेना!

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 26 फरवरी को हुई बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद इंडियन आर्मी पाकिस्‍तान की ओर से आने वाली किसी प्रतिक्रिया के लिए पूरी तरह से तैयार थी। सेना के सूत्रों की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है। सूत्रों की मानें तो एयरस्‍ट्राइक की प्‍लानिंग के समय ही इस बात की योजना भी बना ली गई थी कि अगर पाकिस्‍तान सेना ने किसी भी तरह का दुस्‍साहस दिखाने की कोशिश की तो फिर इंडियन आर्मी उसका जवाब देगी। सेना, पाक आर्मी से निबटने के लिए पूरी तरह से तैयार थी।जनरल रावत ने खुद दी जानकारी

यह बात खुद आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने उस समय बताई जब वह सोमवार को रिटायर हो रहे ऑफिसर्स के सम्‍मान में आयोजित एक कार्यक्रम में थे। जनरल रावत के मुताबिक उन्‍होंने केंद्र सरकार को यह बात बता दी थी कि सेना पाकिस्‍तान की सीमा में घुसकर उन्‍हें जवाब देने के लिए तैयार है। 26 फरवरी को इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के मिराज 2000 फाइटरर जेट्स पाकिस्‍तान के खैबर पख्‍तूनख्‍वा प्रांत के बालाकोट में दाखिल हुए थे। इने जेट्स ने जैश-ए-मोहम्‍मद के ठिकानों को निशाना बनाया था।

पा‍किस्‍तान एयरफोर्स के जेट पहुंचे कश्‍मीर

बालाकोट हवाई हमला, 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले का जवाब था। बालाकोट के अगले दिन पाकिस्‍तान एयरफोर्स के जेट्स जम्‍मू कश्‍मीर के राजौरी के सुंदरबनी में दाखिल हुए थे। इन जेट्स का मकसद भारतीय सैन्‍य ठिकानो को निशाना बनाना था। लेकिन आईएएफ के जेट्स ने उनकी योजना को पूरी तरह से विफल कर दिया। सेना के एक ऑफिसर की तरफ से बताया गया, ‘सरकार जब दूसरे विकल्‍पों को परख रही थी तो उसने आर्मी चीफ से सेना की तैयारियों के बारे में पूछा था। आर्मी चीफ ने सरकार को इस बात की जानकारी दी थी कि हम किसी भी तरह के दुस्‍साहस से निबटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।’

हर हालात के लिए तैयार सेना

इस ऑफिसर ने यह भी बताया कि सेना प्रमुख ने सरकार को इस बात की सूचना भी दी थी कि साल 2016 में उरी आतंकी हमले को देखते हुए सेना ने किसी भी आपातकाल के हालात से निबटने के लिए जरूरी गोला-बारूद बाद इकट्ठा करर लिया है। उरी आतंकी हमले के बाद सेना ने पीओके में सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया था। उरी हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे।

ये भी होते है गैस की प्रॉब्लम के कारण, जानिए

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हमें क्या खाना है और किस समय खाना है और कौन-कौन सी चीजें हमारे लिए अच्छी है। आज हम आपको बताएंगे कि खाली पेट किन चीज़ों के सेवन से हमारी सेहत ख़राब हो सकती है।

खाली पेट टमाटर का सेवन करने से एसीडिटी की प्रॉब्लम हो जाती है। पाचन प्रभावित होता है और आप पथरी का शिकार भी हो सकते हैं।

केले मे मैग्नीशियम तथा पोटैशियम की काफी मात्रा होती है I खाली पेट केले का सेवन करने से शरीर मे दर्द और गैस की प्रॉब्लम हो सकती है।

खाली पेट तरबूज के सेवन से पाचन तंत्र मे एसिड की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है। जिसके कारण पेट मे तेजी से गैस बनती है।

सोडे मे काफी मात्रा मे कार्बोनेट एसिड होता है, जिससे पाचन प्रभावित होता है। इससे उल्टी, गैस तथा माइग्रेन की प्रॉब्लम हो सकती हैं।

99% लोग नहीं जानते खिचड़ी खाने के ये जबरदस्त फायदे.

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1. दाल, चावल, सब्ज‍ियों और मसालों से तैयार की गई खिचड़ी काफी स्वादिष्ट और पोषण से भरपूर होती है, जो शरीर को ऊर्जा और पोषण देती है। इसके माध्यम से एक साथ सभी पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं।

2. पाचन क्षमता कमजोर होने पर भी यह आहार आसानी से पच जाता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त करता है, इसलिए बीमारी में मरीजों को इसे खिलाया जाता है, क्यों उस वक्त पाचन शक्ति कमजोर होती है। 3. महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान अक्सर कब्ज या अपच की स्थिति बनती है, ऐसे में खिचड़ी खाना फायदेमंद होता है और आरामदायक भी। इसे खाने के बाद पेट में अतिरिक्त भारीपन नहीं लगता और जल्दी पाचन भी हो जाता है।

4. जब खाना बनाने का समय और मूड न हो, ऐसे में खिचड़ी एक आसान तरीका है, जो जल्दी बन जाती है और स्वादिष्ट भी होती है। इसमें आप विभिन्न दाल, मूंगफली और अन्य सामग्री के साथ बनाकर नयापन भी ला सकते हैं।

चंद्रयान 2 आज करेगा चांद की कक्षा में प्रवेश, आज सबसे खास फेज

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लगभग 30 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा के बाद चंद्रयान 2 (Chandrayaan 2) अपने लक्ष्य के करीब पंहुच गया है, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) आज सुबह 8:30 से 9:30 के बीच चंद्र की कक्षा में अंतरिक्ष यान को पहुंचाने का अभियान को पूरा करेगा. ये अभियान इस सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में से एक है, क्योंकि अगर उपग्रह चंद्रमा (Moon) से उच्च गति वाले वेग से पहुंचता है, तो वहां की सतह इसे उछाल देगा, जिसकी वजह से ये उपग्रह गहरे अंतरिक्ष में चला जाएगा. लेकिन अगर यह धीमे स्पीड से आता है, तो चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण चंद्रयान 2 को खींच लेगा और ये उसके सतह पर गिर सकता है.

इसके वेग को सही रखना सबसे बड़ी चुनौती

इस अभियान की दृष्टिकोण से इसका वेग ठीक अनुपात में होना चाहिए और अभियान के दौरान इस ऑपरेशन के लिए वेग को चंद्रमा के बजाय इसकी ऊंचाई पर पर ही सही किया जाएगा. इस अभियान के दौरान जरा सी गलती भी इस पूरे मिशन को असफल कर सकती है. चंद्रमा के साथ कुछ सौ किलोमीटर की दूरी पर, उपग्रह फिर से उन्मुख होगा, इसके बाद इसके वेग को सही मात्रा में धीमा किया जाएगा, ताकि चंद्रमा अंतरिक्ष यान को अपने गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में इसे खींचे. इसके बाद चंद्रयान 2 चांद के नजदीक पहुंच जाए. लगभग दो हफ्ते के लिए चांद की कक्षा में तटवर्ती होने के बाद, इसका चांद पर लैंडिंग 7 सितंबर को निर्धारित है.

चंद्रयान 2 को चांद पर उतारने की प्रक्रिया बहुत जटिल है. इसकी वजह इसका 39,240 किलोमीटर प्रति घंटे का वेग है. ये स्पीड हवा के माध्यम से ध्वनि के स्पीड से करीब 30 गुना ज्यादा है है. इसरो के अध्यक्ष डॉ के सिवन ने बताया, “आप कल्पना कर सकते हैं कि एक छोटी सी गलती भी चंद्रयान 2 की चांद के साथ मुलाकात को नाकाम कर सकती है.” भारत के पहले चंद्रमा मिशन चंद्रयान 1 के प्रमुख और इसरो के उपग्रह केंद्र पूर्व निदेशक डॉ एम अन्नादुरई ने इस मिशन की जटिलता के बारे में कहा, “ये मिशन उस सज्जन की तरह है, जो हाथ में गुलाब लिए एक महिला को प्रपोज कर रहा है. जो 3,600 किलोमीटर प्रति घंटे की आश्चर्यजनक स्पीड से डांस कर रही है, और वो आपके सामने नहीं है, बल्कि आपसे 3.84 लाख किलोमीटर की दूरी पर है. ऐसे में अगर मुलाकात करनी है तो आपकी सटीकता का बहुत महत्वपूर्ण है.” 

ये हमारे देश का अभी तक का सबसे खास अंतरिक्ष अभियान है. 22 जुलाई को प्रक्षेपण यान जीएसएलवी मार्क।।।-एम 1 के जरिए प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 ने 14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा से निकलकर अपने चांद की ओर जाने वाले रास्ते पर आगे बढ़ना शुरू किया था. बेंगलुरु के नजदीक ब्याललू में मौजूद डीप स्पेस नेटवर्क के एंटीना की मदद से बेंगलुरु स्थित इसरो, टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क के मिशन ऑपरेशंस कांप्लेक्स से इस यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसरो ने 14 अगस्त को कहा था कि चंद्रयान-2 की सभी प्रणालियां सामान्य ढंग से कार्यकत हैं.

मिशन सफल होने से भारत बन जाएगा अंतरिक्ष महाशक्ति

यदि ये मिशन सफल रहा तो रूस, अमेरिका और चीन के बाद चंद्र सतह पर रोवर को उतारने वाला भारत चौथा देश बना जाएगा. चांद पर यान को उतारने का इजरायल का प्रयास इस साल की शुरुआत में नाकाम रहा था. अंतरिक्ष में शूटिंग करने के बाद, अंतरिक्ष यान की कक्षा 23 जुलाई से 6 अगस्त के बीच उत्तरोत्तर पांच बार बढ़ी थी. इसे बाद में 3.84 लाख किलोमीटर की दूरी पर चंद्रमा की ओर रखा गया. लैंडिंग के बाद, रोवर चंद्रमा की सतह पर एक चंद्र दिन के लिए प्रयोग करता है, जो पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर है. लैंडर का जीवन भी एक चंद्र दिन है, जबकि ऑर्बिटर एक वर्ष के लिए अपने मिशन को जारी रखेगा. चंद्रयान 2 मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के बारे में ज्ञान का विस्तार करना है, जिससे इसकी उत्पत्ति और विकास की बेहतर समझ हो सके.

साईरा नरसिम्हा रेड्डी से अमिताभ बच्चन का फर्स्ट लुक सामने आया

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अमिताभ बच्चन अपनी अपकमिंग हिस्टोरिकल वॉर ड्रामा फिल्म “साईरा नरसिम्हा रेड्डी” के साथ तेलुगु में अपना डेेब्यू करने वाले है। और अब मेकर्स ने फिल्म सेे अमिताभ बच्चन का फर्स्ट लुक पोस्टर शेयर किया हैं।

साईरा नरसिम्हा रेड्डी को सुरेंद्र रेड्डी डायरेक्ट कर रहे हैं। और इसे कोनिदेला प्रोडक्शन कंपनी के बैनर तले राम चरण प्रोड्यूस कर रहे है।

फिल्म कुर्नूल बेस्ड फ्रीडम फाइटर उय्यालावाडा नरसिम्हा रेड्डी के जीवन की कहानी है। फिल्म में चिरंजीवी भी मुख्य भूमिका में हैं। इसके साथ ही फिल्म में सुदीप, विजय सेतुपति, जगपति बाबू, नयनतारा, तमन्नाह और अनुष्का शेट्टी भी है। 

एक्सेल एंटरटेनमेंट के ऑफीशियल हैंडल ने अपने सोशल मीडिया पर अमिताभ बच्चन के फर्स्ट लुक पोस्टर को शेयर किया है।

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने भी अपने टवीटर अकाउंट पर बिग बी का लुक पोस्टर शेयर किया और टीजर रिलीज होने की अनाउसमेंंट भी की। लुक पोस्टर में, बिग बी के माथे पर तिलक लगा है और बड़ी बड़ी दाढ़ी, मूछें और सफेद बालों में एक महान योद्धा की तरह दिखाई दे रहे हैं। 

फिल्म का टीज़र 20 अगस्त को रिलीज होगा और फिल्म 2 अक्टूबर 2019 को बॉक्स ऑफिस पर दस्तक देगी।

पी चिदंबरम का सरकार पर तंज, कहा – कश्मीर में सब कुछ नई तरह से ‘सामान्य’ है

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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कश्मीर की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि पहले अंग्रेजी और फिर हिंदी में इसे लेकर उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा है कि जम्मू कश्मीर में सब कुछ सामान्य है स्कूल खुले हैं कोई विद्यार्थी नहीं है जम्मू कश्मीर में इंटरनेट एक बार फिर बंद कर दिया गया है और इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सब कुछ सामान्य हैं. उन्होंने लिखा कि महबूबा मुफ्ती की बेटी को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है उनसे पूछा क्यों कोई जवाब नहीं मिल रहा है यदि आपको आश्चर्य हो रहा है कि क्या चल रहा है तो कृपया समझेगी एक नई तरह की का सामान्य है.

आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से 370 के प्रावधानों को खत्म करे जाने के बाद इस राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया है और इसी को लेकर लगातार सरकार का विरोध कर आ जा रहा है और इसी को लेकर तंज कसते हुए पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के नेता पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधा है.