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रोजाना दो केले खाने के है जबरदस्त फायदे

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अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें केला खाना पसंद है, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। जी हां, केला स्वाद में जितना अच्छा लगता है उससे कहीं ज्यादा अच्छे उसके फायदे होते हैं। केले में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है और एक बार अगर आपने केला खा लिया तो आपको जल्दी भूख नहीं लगेगी। केले में एक खास तरीके का स्टार्च होता है जो आपकी भूख को काबू में रखता है। इसके साथ ही यह आपके शरीर के इंसुलिन लेवल को भी नियंत्रण में रखने में सहायक होता है। अनीमिया होने पर हमें कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अनीमिया में हमारे शरीर में रेड ब्लड सेल्स और हीमॉग्लोबिन का स्तर काफी कम हो जाता है। केले में आयरन की मात्रा काफी अच्छी होती है जो आपके शरीर में रेड ब्लड सेल बनाने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करता है। केले में विटमिन बी6 भी पाया जाता है। विटमिन बी6 शरीर में ग्लूकोज लेवल को नियंत्रण में रखता है जिससे अनीमिया के मरीजों को काफी मदद मिलती है। आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बनता जा रहा है।

अगर आप भी तनाव से जूझ रहे हैं तो केला आपकी सहायता के लिए हाजिर है। रिसर्च में यह बात साबित हो चुकी है कि केला आपके मूड को बेहतर बनाने में काफी हद तक कारगर होता है। केले में ट्रिप्टोफैन नाम का एक केमिकल होता है। ट्रिप्टोफैन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी केमिकल है क्योंकि यह सेरोटोनिन को रिसीव करने का काम करता है। सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमिटर होता है जो हमारे दिमाग को खुश रहने का सिगनल भेजता है। केले में कई प्रकार के विटमिन पाए जाते हैं, जिनमें विटमिन बी6 और विटमिन सी सबसे अहम हैं। विटमिन बी6 शरीर में इंसुलिन, हीमॉग्लोबिन और आवश्यक अमीनो एसिड्स पैदा करता है जिससे नए और हेल्दी सेल्स की मात्रा बढ़ती है। हमारे शरीर को रोजाना जितना विटमिन बी6 चाहिए होता है उसका 20 फीसदी हमें केले से मिल सकता है। वहीं बात अगर विटमिन सी की करें तो हमारे शरीर को जितना विटमिन सी चाहिए होता है उसका 15 फीसदी हमें बड़े आराम से केले के द्वारा मिल जाता है।

करी वाली डिशेज करती है दिमाग तेज

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एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कुछ फूड्स आपका मेंटल परफॉर्मेंस बढ़ा सकते हैं, मेमोरी तेज कर सकते हैं और कुछ केसेज में आपका आईक्यू भी तेज कर सकते हैं। करी (तरी वाली डिशेज) में मसाले पाए जाते हैं। रिसर्च में पता चला है कि ये दिमाग के लिए फायदेमंद होते हैं। जैसे हल्दी में ऐंटी-इनफ्लेमेटरी इफेक्ट होता है, जिससे डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) का खतरा कम होता है और आपकी ब्रेन सेल्स भी बढ़ती हैं।

स्टडीज से यह बात सामने आई है कि कैफीन से एकाग्रता के साथ शॉर्ट टर्म मेमोरी तेज होती है। दिमाग को सजग रखना चाहते हैं तो हर दिन दो कप से ज्यादा कॉफी न लें। नट्स फैटी एसिड्स का सबसे अच्छा सॉर्स होते हैं। इनका काम दिमाग के अंदर हर नर्व सेल की मेंब्रेन बनाना होता है। नट्स में विटमिन-ई भी होता है जो कि दिमाग के लिए बेहद फायदेमंद होता है। चनों में मैग्नीशियाम का लेबल बहुत हाई होता है। यह एक ऐसा मिनरल है जो कि आपकी नींद बढ़ाता है और इससे दिमाग तेज चलता है। इनको आप सलाद और सब्जी कई तरह से बनाकर खा सकते हैं।

कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उठाया बड़ा कदम

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कृषि विभाग ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। विभाग आत्मा योजना के तहत पशुपालन को भी बढ़ावा दे रहा है। कृषि विभाग किसानों को जो निशुल्क पौधे बांटता था, अब पौधे उन्हीं किसानों को दिए जाएंगे जिनके घर में गाय होगी। विभाग की मानें तो गांवों में भी अब कम लोग पशुपालन करते हैं। इस कारण भी प्राकृतिक खेती में कमी आई है। ऐसे में धीरे-धीरे विभाग बीज भी उन्हीं किसानों को देगा, जिनके घर में गाय होगी। शिमला के 11 ब्लॉकों में पौध वितरण शिविर जल्द लगाया जाएगा। कृषि विभाग उद्यान विभाग से पौधे लेकर किसानों को बांटेगा। 

कृषि विभाग की मानें तो देसी गाय का गोबर और गोंत्र हर प्रकार की खेती के लिए फायदेमंद होता है। गाय का गोंत्र मनुष्य के शरीर की सारी बीमारियों के लिए भी कारगर है। पशुपालन और आवारा पशुओं की समस्या से निपटने को भी विभाग यह कदम उठा रहा है। 

मशोबरा से शुरू की जाएगी योजना 
मशोबरा में कृषि विभाग पहला शिविर लगाएगा। मशोबरा ब्लॉक में जिन लोगों के घर में गाय होगी, उनकी जानकारी लेकर विभाग पौधे बांटने का कार्य शुरू करेगा। इसके अलावा विभाग उन्हें प्राकृतिक खेती के तरीके भी बताएगा। जो पौधे किसानों को दिए जाएंगे, उन्हें लगाने की जानकारी भी दी जाएगी। 

आत्मा परियोजना के निदेशक आरएस कंवर ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विभाग की ओर से दिशा-निर्देश मिले है कि जिस किसान के घर में देसी गाय होगी, उन किसानों को ही विभाग की ओर से निशुल्क पौधे वितरित किए जाएंगे।

कश्मीर, पाकिस्तान पर इंटरव्यू को लेकर ट्रोल हुईं सोनम, ट्रोलर्स को दिया ये जवाब

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 अभिनेत्री सोनम कपूर को हाल ही में दिए अपने एक इंटरव्यू को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार असहज कर देने वाले कमेंट का सामना करना पड़ रहा है। सोनम ने 15 अगस्त को बीबीसी को दिए इस इंटरव्यू में जम्मू कश्मीर के हालात और अपने बुजुर्गों के पाकिस्तान से होने को लेकर बात की थी। इसके बाद से उनको ट्रोल करने की कोशिशे हो रही हैं। इससे परेशान सोनम ने ट्वीट कर इसका जवाब दिया है।सोनम ने किया ट्वीट

सोमवार सुबह सोनम कपूर ने एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने बेवजह उन पर कमेंट ना करने को कहा है। सोनम ने ट्वीट में लिखा है, अब प्लीज आप सब शांत हो जाएं और अपनी जिंदगी जीएं। किसी की बात पर ट्वीट करने से उसे ट्रोल करने, उसे गलत तरह से पेश करने पर उस आदमी पर कोई फर्क नहीं पड़ता जिसने बयान दिया है। इससे आपको ही फर्क पड़ेगा आप खुद देखिए आप कौन हैं और अपना काम कीजिए।

सोनम ने जम्मू कश्मीर पर नहीं दी प्रतिक्रिया 
सोनम ने जम्मू कश्मीर पर नहीं दी थी प्रतिक्रिया

सोनम ने इंटरव्यू के दौरान जम्मू कश्मीर पर कोई जवाब नहीं दिया था। उन्होंने कहा था, जो कुछ भी हो रहा है मैं उससे अभी पूरी तरह से अवगत नहीं हूं क्योंकि मीडिया में कई तरह की बातें हो रही है। इसलिए मुझे लगता है कि जब मेरे पास पूरी जानकारी होगी,तभी मैं अपनी राय दे सकती हूं। कपूर ने कहा, इस समय की स्थिति को देखना मेरे लिए दिल दुखाने वाला है। मुझे लगता है इस समय मुझे शांत रहना चाहिए और इस समय को बीतते देने चाहिए।

मैं आधी सिंधी आधी पेशावरी: सोनम

सोनम कपूर ने इस दौरान कहा, पाकिस्तान में मेरे बहुत से दोस्त और चाहने वाले हैं। लोग मुझसे प्यार करते हैं। मैं आधी सिंधी और आधी पेशावरी हूं। सोनम ने कहा, एक आर्टिस्ट होने के तौर पर आप चाहते हैं कि आपका काम हर जगह दिखाया जाए। नीरजा फिल्म पाकिस्तान में नहीं दिखाई गई थी जबकि वो एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म थी। मेरे लिए ये दिल तोड़ने वाला था कि फिल्म पाकिस्तान में नहीं दिखाई गई। क्योंकि मेरे पाकिस्तान में बहुत बड़ी फैन फॉलोइंग हैं।

इस इंटरव्यू के बाद से सोनम को सोशल मीडिया पर कई लोग पाकिस्तान से प्रेम करने वाली तो कुछ लोग कश्मीर को लेकर पाकिस्तान जैसी जुबान बोलने वाली लिख रहे हैं। उनके लिए अभद्र भाषा का भी इस्तेमाल हुआ, जिस पर उन्होंने जवाब दिया है।

खाना दोबारा गर्म करके खाते हैं हैं तो अब हो जाएं सावधान..

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जब हम फ्रिज में रखे हुए खाने को दोबारा गर्म करते हैं तो उसके पोषक तत्वों में काफी परिवर्तन होते हैं और खाने की तासीर काफी बदल जाती है.

अक्सर ऐसा होता है जब खाने का अंदाज नहीं लगता और खाना ज्यादा बन जाता है. ऐसे में हम ज़्यादातर बचा हुआ खाना फ्रीज में स्टोर करके रख देते हैं ताकि खाना बर्बाद न हो और अगली बार इसका इस्तेमाल हो जाए. किफायत और खाने की बर्बादी को रोकने के लिए हमारा यह छोटा सा कदम हमारी सेहत को कितना नुकसान पहुंचाता है इस बात का अंदाजा भी हमें नहीं लगता है. दरअसल, जब हम फ्रिज में रखे हुए खाने को दोबारा गर्म करते हैं तो उसके पोषक तत्वों में काफी परिवर्तन होते हैं और खाने की तासीर काफी बदल जाती है. लेकिन हमें इस बात क अंदाजा नहीं होता है. आइए जानते हैं ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में जिन्हें दोबारा गर्म करने पर वो हो सकते हैं सेहत के लिए हानिकारक…

दिन में तीन कप से ज्यादा कॉफी पीना है खतरनाक: स्टडी

में प्रचुर मात्रा में आयरन और पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें दरअसल, नाइट्रेट की भी मात्रा होती है. यही वजह है कि इसे दोबारा करने पर यह सेहत के लिए हानिकारक हो जाता है. इसमें कार्सिनोजेनिक प्रॉपर्टी पैदा हो जाती है जिससे कि कैंसर जैसी बीमारी तक हो सकती है.

को दोबारा गर्म करने पर प्रोटीन के अवयव पूरी तरह से बदल जाते हैं. इससे हाजमे पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. लेकिन यदि फिर भी आप इसे गर्म करना चाहते हैं तो कम आंच या कम तापमान पर गर्म करें. सोने से पहले ज़रूर पिएं हल्दी दूध, होंगे ये फायदे

आलू ज़्यादातर लोगों की पसंदीदा सब्जी होती है इसीलिए ज़्यादातर लोग इसे फ्रीज में स्टोर कर दिन में कई बार खाना पसंद करते हैं. इसमें पोटेशियम, विटामिन बी6 और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इसे गर्म करने पर इसमें विषाणु पैदा हो जाते हैं.

करोड़ों कमाने वाली कंगना रनौत महज 600 रूपए की साड़ी पहन एयरपोर्ट आई नजर

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बॉलीवुड की अभिनेत्री कंगना रनौत पिछले काफी समय से अपनी फिल्म और विवादों को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई थी। अब वो एक खास वजह से चर्चा में आई हैं। हाल ही में कंगना रनौत को एयरपोर्ट स्पॉट किया गया था। इस दौरान कंगना रनौत साड़ी में नजर आई थी। उन्होंने इस मौके पर लाइट पिंक कलर की कॉटन की साड़ी पहनी हुई थी। जो उनपर चज रहा था।

लाखों की ड्रेस पहनने वाले सितारों के बीच अभिनेत्री कंगना रनौत ने महज 600 रूपए की साड़ी पहने हुए दिखाई दी। कंगना रनौत की बहन रंगोली चंदेल ने सोशल मीडिया पर ट्वीट ​पर यह खुलासा किया है। उनकी बहन ने खुद बताया कि कंगना रनौत ने सिर्फ 600 रुपये की साड़ी पहन कर एक इवेंट के लिए रवाना हुई हैं।

रंगोली ने ट्वीट किया कि, ‘कंगना, कोलकाता से खरीदी गई 600 रुपए की साड़ी पहन कर जयपुर में एक इवेंट के लिए रवाना होते हुए। वह यह जानकर काफी अचंभे में थी कि इतनी कम कीमत में इतनी अच्‍छी क्‍वालिटी का ऑर्गेनिक कॉटन मिल सकता है। वह इस बात से भी परेशान हुईं कि, यह कारीगर कितनी महनत करते हैं और कितना कम कमाते हैं।’ बता दें कि कंगना की बहन रंगोली उनकी पब्लिसिटी का काम भी देखती हैं। वो आए दिन कंगना को लेकर अक्सर ट्वीट करती रहती है।

रंगोली ने अपने अगले ट्वीट लिखा कि, ‘कृपया अपने कारीगरों का समर्थन करें कि इससे पहले इंटरनेशनल ब्रांड उनसे यह सब भी छीन लें।’

फैक्ट चेक: क्या डूब कर मरने वाले को नमक से बचाया जा सकता है?

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क्या नमक से मृत इंसान जिंदा हो सकता है? सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर की मानें तो अगर किसी इंसान की डूबने से मौत होती है तो उसे नमक के ढेर के नीचे दबाने से वो जिंदा हो सकता है. जितनी जल्दी ये उपाय किया जाए, उतना अच्छा.

दावा क्या है?

एक बच्चे की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें दावा किया गया है कि अगर एक डूबे हुए इंसान को 4 घंटे तक नमक के नीचे रखा जाए तो वो जिंदा हो जाता है. इस काम में देर न करें, नमक का हिसाब किताब बाद में भी किया जा सकता है.

फेसबुक पेज श्री मजीसा जसोल धाम ने 12 अगस्त को ये पोस्ट शेयर किया. इस पोस्ट में एक बच्चे को नमक ढेर में दबा दिया जा रहा है जिसमें उसका सिर्फ सिर बाहर दिखाई दे रहा है. इस पोस्ट के साथ बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है.

सच्चाई क्या है?

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम ने पाया कि ये दावा बिल्कुल गलत है. ये पहला मौका नहीं है जब इस तरह की अफवाह फैलाई गई हो, इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. हालांकि हम वायरल तस्वीर का असल स्त्रोत नहीं ढूंढ पाए. इस पोस्ट का आर्काइव यहां देखा जा सकता है.

फेसबुक पर खबर लिखे जाने तक 15 हजार से ज्यादा लोगों ने शेयर किया. हमने पाया कि कई दूसरे फेसबुक पेज पर भी इसे साझा किया, लेकिन दावे के साथ तस्वीरें अलग थीं.

दावे की जांच

दावे के साथ लिखा गया ‘अगर किसी की मौत डूबने से होती है और शरीर 3-4 घंटे के भीतर मिल जाता है, तो शरीर से कपड़े उतार कर उसे करीब 1.5 क्विटंल नमक से ढक दें, नमक धीरे धीरे पानी सोख लेगा, एक बार जब उसे होश आने लगें तो डॉक्टर के पास ले जाएं.

इस तरह से उन सभी का इलाज हो सकता है जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है. भगवान की दया से सब ठीक होगा, अगर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया है तो दाह संस्कार की जल्दी न करें.

क्या कहते हैं डॉक्टर?

एम्स, दिल्ली के फोरेंसिक विभाग के सहायक प्रोफेसर अभिषेक यादव कहते हैं कि एक बार हृदय और मस्तिष्क काम करना बंद कर दे तो किसी भी इंसान को मृत घोषित कर दिया जाता है. शरीर पर नमक डालने से दिल और दिमाग काम करना शुरू नहीं कर सकते, इसके पीछे सिर्फ अंधविश्वास है, नमक से इलाज का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. रिश्तेदार सिर्फ भावनाओं में बहकर इस तरह का काम करते हैं. नमक सदियों से किसी भी शरीर को बचाने में परिरक्षक का काम करता है, लेकिन ये किसी को जिंदा नहीं कर सकता.’

क्या होता है जब कोई डूब जाता है?

डूबने से बचाने में सहायक और फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी लैबरोटरी ऑफ कोस्टल रिसर्च के प्रोफेसर डॉ जॉन आर फ्लिटेमायर ने एक्वाटिक इंटरनेशनल मैगजीन में लिखे एक लेख में डूबने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से बताया.

प्रोफेसर कहते हैं कि एक बार जब डूबते वक्त इंसान बेहोश होता है तो पानी उसके फेफड़ों में पहुंच जाता है. इसके बाद ऑक्सीजन बनना बंद हो जाता है और शरीर के तमाम अंगों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचती. सांस लेना रुकने के बाद भी हृदय कुछ देर तेजी से धड़कता रहता है, एक बार सांस लेना बंद होते ही हृदय काम करना बंद कर देती है और इंसान की मृत्यु हो जाती है.’

डूबने का अंधविश्वास

राष्ट्रीय क्राइम ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक 2015 में करीब 30 हजार लोगों की मौत डूबने से हुई.

मध्य प्रदेश में भी पिछले साल इसी तरह की खबर आई थी जब अगस्त 2018 में शहडोल में एक बच्चे की डूबने से मौत हुई थी, बच्चे के पिता ने कहीं Whatsapp पर ये जानकारी पढ़ी और बच्चे को नमक से ढंक दिया. पंजाब केसरी अखबार ने ये खबर कवर की थी.

‘बाल’ इस दिन कभी भी नहीं कटवाने चाहिए , घर से चली जाती हैं लक्ष्मी और होती है अकाल मृत्यु…

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ये तो प्रकृति का नियम हैं कि बाल और नाख़ून बढ़ते रहते हैं। लेकिन इनको सही वक्त पर कटवा लिया जाए तो सुंदरता बनी रहती हैं. इसलिए हर व्यक्ति समय-समय पर नाखून और बाल कटवाता रहता है। लेकिन की आप इस बात को जानते हैं। की इन को कटवाने के दिन भी निर्धारित होते हैं। लेकिन अगर आप इनको किसी भी दिन कटवा देते हैं तो इसके कई सारे नुक्सान होते हैं। तो चलिए हम आपको बता दें बाल और नाख़ून किस दिन नहीं कटवाने चाहिए।

सोमवार के दिन गलती से भी बाल नहीं कटवाने चाहिये। क्योंकि सोमवार के दिन बाल कटवाने से मानसिक दुर्बलता आती है। इतना ही नहीं यह संतान की लिए भी दुखदाई होते हैं।

मंगलवार के दिन बाल कटवाने से उम्र कम हो जाती हैं।

बुधवार के दिन नाखून और बाल कटवाने के लिए अच्छा माना जाता हैं। ऐसा करने से घर में धन की वृद्धि होती हैं।

वृहस्पतिवार के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए। ऐसा करने से धन का नुक्सान होता हैं।

शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह से प्रभावित होता है। इस दिन नाख़ून और बाल कटवाना चाहिए। इस दिन बाल कटवाने से धन का लाभ होता हैं।

शनिवार के दिन बाल कटवाना अशुभ होता है। यह मृत्यु का कारण माना जाता है।

कही नही पढे होंगे अंकुरित दाल खाने के ऐसे शानदार फायदे…

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आज-कल की रफ्तार भरी जिंदगी में हम सब इतना व्यस्त हो जाते हैं कि खान-पीने तक का समय नही मिल पता, जिसकी वजह से हम कई बीमारियों के चपेट में आजाते है। आज के समय में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जो किसी न किसी बीमारी से घिरा न हो?

अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है तो इसका कारण है आपके शरीर को ठीक ढंग से विटामिन व प्रोटीन नहीं मिल पाना, इसकी कमी पूरा करने के लिए आप अंकुरित मूंग दाल खाये इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन और प्रोटीन पाया जाता है।

इस अंकुरित दाल में और भी कई गुण पाये जाते है। जैसे कि वेट कम करना व ब्लड-प्रेशर कंट्रोल करना। इसलिए इसे आप रोजाना अपने नास्ते में लें।

अंकुरित मूंग दाल के फायदे

अंकुरित मूंग दाल का सेवन करने से शरीर में सोडियम का असर कम होता है जिससे ब्लड प्रेशर और कॉलेस्ट्रोल कंट्रोल करने में मदद मिलता है।

अंकुरित मूंग खाने से आपका वजन कम होता है, और आपको मोटापा जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता।

इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स पाये जाते है,जिससे कैंसर को बढ़ने वाले फ्री रेडिकल्स खत्म करते है। साथ ही स्कीन कैंसर से भी बचाते है।

इसमें आयरन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। जिससे आपके बाल और स्कीन दोनों ही स्वास्थ रहते है। इसके सेवन से एनीमिया जैसे रोग से लड़ने की क्षमता भी बड़ती है।

इस में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। जो पेट की हर तरह की बीमारियों से बचाए रखता है।

पूरे शरीर की सफाई करनी हो तो करें इस चीज का सेवन, किडनी, लिवर और आंतें हो जाते है नए…

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सहजन एक बहु उपयोगी पेड़ है। इसे हिन्दी में सहजना, सुजना, सेंजन और मुनगा आदि नामों से भी जाना जाता है। इस पेड़ के विभिन्न भाग अनेकानेक पोषक तत्वों से भरपूर पाये गये हैं। इसलिये इसके विभिन्न भागों का विविध प्रकार से उपयोग किया जाता है। इसकी पत्तियों और फली की सब्जी बनती है। इसका उपयोग जल को स्वच्छ करने के लिये तथा हाथ की सफाई के लिये भी उपयोग किया जा सकता है। इसका जड़ी-बूटियों में भी उपयोग होता है। इसके बहुत से आयुर्वेदिक फायदे पाए गए हैं।

सहजन लिवर, आंत , किडनी, कैंसर और मोटापा सहित कई रोगों में लाभकारी होता है। सब्जी के रूप में इसे काफी ताकतवर माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले पोषक तत्व मानव शरीर के लिए बहुत ही उपयोगी होते हैं। सहजन की पत्तियों में विटामिन बी6 विटामिन C विटामिन E प्रोटीन आयरन मैग्निश्यम पोटैशियम जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं। इसके फल में विटामिन C और सहजन की पत्तियों में कैल्शियम एंटीऑक्सीडेंट्स बायो एक्टिव प्लांट कंपोनेंट होते हैं जो पूरे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

सहजन की पत्तियों का या इसके फल का सूप बना कर पीने से खून की सफाई होती है जिससे चेहरे में चमक आती है। सहजन की 100 ग्राम पत्तियों में दूध से 17 गुना कैल्शियम और गाजर से 10 गुना बीटा कैरोटीन होता है। पालक से 25 गुना आयरन होता है, सहजन में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाया जाता है, जो शरीर को कई तरह के संक्रमण से बचाने में मददगार है

इसके अलावा इसमें मौजूद विटामिन C शरीर को बूस्ट करने का काम करता है जिससे शरीर के सभी अंग नये जैसे हो जाते है। साथ ही ये किडनी और आँतों की सफाई करने में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके हफ्ते में 3 से 4 बार सेवन करने से खून की सफाई सहित कई अंगों की भी सफाई हो जाती है।