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Video : ‘स्टार’ डांसर सपना चौधरी को पहले एक ‘स्टेज शो’ के लिए मिलते थे 31 हजार रुपए, अब 3 घंटे के लिए चार्ज करती हैं ‘इतने’ पैसे!

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छोटे-छोटे स्टेज शोज से अपने करियर की शुरुआत करने वाली प्रसिद्ध हरियाणवी डांसर सपना चौधरी आज लक्जीरियस लाइफ जीती हैं. सपना चौधरी मीडिया में एक प्रसिद्ध नाम बन गया है. उनकी लोकप्रियता बिग बॉस 11के बाद से आसमान छू गई है. आज सपना कई लग्जरी गाड़ियों की मालकिन हैं. क्या आप जानते हैं कि सपना चौधरी को एक इवेंट के लिए कितना पैसा मिलता है? अगर आप इस अमाउंट को सुनेंगे, तो आपकी आँखें खुली की खुली रह जाएंगी.

कुछ घंटों का लेती है लाखों रुपए

सपना चौधरी एक इंटरव्यू में इस बात को लेकर खुलासा कर चुकी हैं. उन्होंने बताया था कि, वह एक स्टेज शो के लिए कम-से-कम 25 लाख रुपये लेती हैं. उनका डांस कार्यक्रम शाम को शुरू होता है और देर रात तक जारी रहता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर सपना दो या तीन घंटे के लिए किसी कार्यक्रम में भाग लेती है, तो वह कुछ ही घंटों के 3 से 4 लाख रुपये तक लेती है. आपको यह पढ़कर हैरानी होगी कि सपना चौधरी को शुरुआती दिनों में एक स्टेज शो के लिए सिर्फ 3100 रुपये मिलते थे. लेकिन आज, सपना कुछ ही घंटों में लाखों रुपए कमा लेती है.

छत्तीसगढ़ : दिव्यांग बहनों ने बांधीमुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धान की राखी

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 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल को आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित जन चौपाल भेट मुलाकात कार्यक्रम में समूह की बहनों ने धान से बनी रखी बांधी दी।
         मुख्यमंत्री को नवचेतना समूह की सीमा भरतिया और रोशनी समूह की किरण साहू ने बताया कि उनके समुह द्वारा रखी और ज्वेलरी का निर्माण किया जा रहा है। समूह के पास दुकान नही होने के कारण अभी समूह की बहने घूम-घूम कर बेचती है। उन्हें समूह के कारोबार के लिए दुकान की आवश्यकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने समूह को दुकान उपलब्ध कराने के लिए भरोसा दिलाया।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल : बुनकर सहकारी समितियों को कपड़ा तैयार करने जल्द की जाएगी धागे की आपूर्ति

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 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने चार माह से स्कूली गणवेश वस्त्रों की बुनाई के लिए बुनकर सहकारी समितियों को धागे की आपूर्ति नहीं होने की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बुनकर सहकारी समितियों को धागे की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री से चर्चा कर अगले वर्ष स्कूलों में गणवेश आपूर्ति का आदेश राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन सहकारी संघ को तत्काल जारी कराने के निर्देश सचिवालय के अधिकारियों को दिए हैं।
    जन-चौपाल में धमतरी जिले की विभिन्न सहकारी समितियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें अपनी यह समस्या बतायी। मुख्यमंत्री ने उनकी बातें सहानुभूतिपूर्वक सुनी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में हाथकरघा विभाग के अधिकारियों से मौके पर जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि हर वर्ष स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ को स्कूलों में गणवेश आपूर्ति का आदेश एडवांस में दे दिया जाता है। इस वर्ष यह आदेश जारी नहीं हुआ है इसलिए बुनकर सहकारी समितियों को धागे की आपूर्ति नहीं हो पायी है।
    मुख्यमंत्री ने बुनकर समितियों को जल्द धागा आपूर्ति कराने का आश्वासन दिया। ज्ञातव्य है कि प्रतिवर्ष शासकीय स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए लगभग 60 लाख गणवेशों की आपूर्ति की जाती है। इस कार्य में प्रदेश की 234 बुनकर सहकारी समितियों के लगभग 54 हजार बुनकरों को वस्त्र बुनाई का काम मिलता है और उन्हें मजदूरी के रूप में लगभग 75 करोड़ 16 लाख रूपए की मजदूरी का भुगतान किया जाता है। बुनकर सहकारी समितियां गणवेश के लिए हर वर्ष लगभग डेढ़ करोड़ मीटर  कपड़ा तैयार करती हैं। इस कपड़े से प्रदेश के 727 महिला स्व-सहायता समूहों की लगभग 10 हजार महिलाओं द्वारा गणवेश तैयार किए जाते हैं। महिलाओं को गणवेश की सिलाई के रूप में लगभग 26 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया जाता है। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, विधायक श्री कुलदीप जुनेजा और श्री विकास उपाध्याय तथा नगर निगम रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ : रक्षाबंधन पर्व पर राज्यपाल ने दी शुभकामनाएं

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राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा है कि रक्षाबंधन का पर्व जहां भाई-बहन के पवित्र स्नेह एवं प्रेम का प्रतीक है, वहीं बहन द्वारा भाई की मंगल कामना और भाई द्वारा बहन की रक्षा किये जाने के संकल्प से जुड़ा है। उन्होंने यह कामना की है कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख-शांति एवं खुशहाली लेकर आए।

व्यावसायिक शिक्षा में पढ़ाई के साथ रोजगार भी : डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम

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 स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम नवीन व्यावसायिक शिक्षा में पंजीकृत और कक्षा 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए रायपुर के व्ही.आई.पी. रोड स्थित फॉर्म हाऊस में आयोजित दो दिवसीय रोजगार मेला में शामिल हुए। रोजगार मेला में 401 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न कम्पनियों द्वारा रोजगार के लिए किया गया। डॉ. टेकाम ने रोजगार मेला स्थल पर ही चयनित 324 विद्यार्थियों को जॉब ऑफर पत्र प्रदान किया। शेष 77 चयनित विद्यार्थियों को जॉब ऑफर पत्र वितरित किया जाना है। 

    स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम ने रोजगार मेला में चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि जिनका चयन नहीं हुआ है वह निराश न हो, बल्कि अपने हुनर को और निखारकर शिखर तक पहुंचे। जीवन में सफलता, असफलता मिलती रहती है, सबसे बड़ी बात है प्रतियोगिता में भाग लेना। यहां आयोजित रोजगार मेला में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को अनुभव का लाभ मिलेगा। डॉ. टेकाम ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा पढ़ाई के साथ रोजगार भी देती है। 
    
    स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि आयोजित रोजगार मेला में नवीन व्यावसायिक शिक्षा के पांच टेªड ऑटोमोबाइल, रिटेल, आई.टी., एग्रीकल्चर और हेल्थकेयर के 121 विद्यालयों के 629 विद्यार्थी शामिल हुए। मेला में रोजगार देने के लिए इन टेªडों से संबंधित 44 कंपनियां रोजगार देने के लिए आई है। इनमें से 302 का चयन पहले दिन ही हो गया। शिक्षा सत्र 2018-19 में आयोजित रोजगार मेला में 129 विद्यार्थियों का चयन हुआ था। इस प्रकार रोजगार मेला में चयनित विद्यार्थियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 546 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। जिसका मूल उद्देश्य शिक्षा के साथ व्यक्तित्व विकास और कौशल उत्पन्न करना है। 

    रोजगार मेला में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी सेंटम द्वारा 37, आईएल एण्ड एफएस द्वारा 50, एमपावर द्वारा 10, आइसेक्ट द्वारा 26 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। हेल्थ केयर क्षेत्र की कंपनी विद्यांता द्वारा 30, स्कील ट्री द्वारा 57 विद्यार्थियों का चयन किया गया। ऑटोमोबाइल क्षेत्र की कंपनी में ग्राम तरंग द्वारा 68, रिटेल क्षेत्र की कंपनी एमपावर द्वारा 15 और एग्रीकल्चर क्षेत्र की कंपनी बी-एबल द्वारा 31 विद्यार्थियों का रोजगार के लिए चयन किया गया है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी सेंटम द्वारा 18, आईएल एण्ड एफएस द्वारा 40, आइसेक्ट द्वारा 10, ऑटोमोबाइल क्षेत्र की कंपनी में ग्राम तरंग द्वारा 9 विद्यार्थियों का भी चयन किया गया। 
    
    कार्यक्रम को प्रबंध संचालक राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन श्री पी. दयानंद, संयुक्त संचालक श्री के. कुमार ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि, वोकेशनल टेªनिंग प्रोवाइडर, संबंधित स्कूलों के प्राचार्य, व्यावसायिक प्रशिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे। 

बाथटब में इंजॉय कर रही थीं राखी और फोटो खींच रहे थे पति

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राखी सावंत की बाथरूम की तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं. ये तस्वीरें किसी ने लीक नहीं की बल्कि राखी ने खुद शेयर की हैं.कंट्रोवर्सी क्वीन राखी सावंत आए दिन कुछ ना कुछ ऐसा कर देती हैं कि सुर्खियों में छाई रहती हैं. फिलहाल उनकी बाथरूम की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर हलचल मचा रही हैं. राखी ने इन तस्वीरों के साथ जो कैप्शन लिखा उससे साफ हो रहा है कि वह किसके साथ थीं.

राखी ने कैप्शन में लिखा Having fun with my love, getting crazy इससे ऐसा लग रहा है कि राखी अपने पति रितेश की बात कर रही हैं. तो इसका मतलब ये कि रितेश भारत आए हुए हैं. क्योंकि कुछ दिन पहले ही राखी ने कहा था कि रितेश शादी के बाद विदेश चले गए.

अब रितेश लौटे हैं तो राखी काफी खुश नजर आ रही हैं. वह बाथटब में फोम के साथ अलग-अलग स्टाइल में पोज करती नजर आईं. सोशल मीडिया यूजर्स भी राखी की काफी तारीफ कर रहे हैं. तारीफ करने वालों में कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें अब भी राखी की शादी पर विश्वास नहीं हुआ है. आबिद नाम के यूजर ने लिखा, इसकी कोई शादी नहीं हुई. ये सबको बेवकूफ बना रही है. पंछी नाम की एक इंस्टाग्राम यूजर ने लिखा, कहां है तेरा लव? फोटो में तो दिखाई नहीं दे रहा. बाथटब लव है क्या?

बता दें कि राखी ने हाल ही में किसी NRI से शादी की. ये शादी काफी गुपचुप तरीके से हुई है. अभी तक किसी ने राखी के पति का चेहरा नहीं देखा है. 

भारत के नोट पर कहां से आई गांधी जी की फोटो, जानें क्या है इसके पीछे की कहानी?

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देश को आजादी दिलाने में गांधी जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनके इसी योगदान की वजह से उन्हें राष्ट्र पिता दर्ज़ा मिला हुआ है. लेकिन भारतीय नोट पर गांधी जी की फोटो कहां से आई क्या आप इसके बारे में जानते हैं. नहीं तो हम आपको बताते हैं. अगर नहीं तो आपको बता दें कि पिछले दो दशकों में भारतीय नोटों की शक्ल तो बदलती गई, लेकिन सभी में गांधी जी की फोटो हमेशा कॉमन रही है.आइए जानते हैं इसके बारे में…

कहां से आई गांधी की फोटो 
यह तस्वीर उस समय खींची गई, जब गांधी जी ने तत्कालीन बर्मा (म्यांमार) और भारत में ब्रिटिश सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत फ्रेडरिक पेथिक लॉरेंस के साथ कोलकाता स्थित वायसराय हाउस में मुलाकात की थी. इसी तस्वीर से गांधीजी का चेहरा पोट्रेट के रूप में भारतीय नोटों पर अंकित किया गया.

अब एक और दो रुपए के नोट चलन में नहीं हैं. हालांकि, एक रुपए के नोट की छपाई दोबारा शुरू हो चुकी है. इसे 1994 से बंद कर दिया गया है. इनकी जगह सिक्कों ने ले ली थी. वहीं, जब एक रुपए का नोट चलन में था, तब उस पर रिजर्व बैंक के गवर्नर की जगह फाइनेंस सेक्रेटरी (वित्त सचिव) के हस्ताक्षर अंकित हुआ करते थे.

करेंसी ऑफ ऑर्डिनेंस के नियमानुसार एक रुपए का नोट भारत सरकार द्वारा, जबकि दो रुपए से लेकर 1000 रुपए तक की करेंसी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी की जाती थी. मौजूदा में दो रुपए का उत्पादन बंद है, लेकिन पुराने नोट अभी भी चलन में हैं.

 नोटों पर कभी छपती थी किंग जॉर्ज की तस्वीर
भारतीय रुपया 1957 तक 16 आनों में रहा. इसके बाद मुद्रा की दशमलव प्रणाली अपनाई गई और एक रुपए का निर्माण 100 पैसों में किया गया. किंग जॉर्ज की फोटो वाला नोट 1949 तक चलन में था. इसके बाद अशोक स्तंभ वाला नोट आया था. महात्मा गांधी वाले कागजी नोटों की शुरुआत 1996 से शुरू हुई, जो अब तक चलन में है.

1996 में हुआ नोटों में परिवर्तन
आज हम भारतीय नोटों पर गांधी जी का चित्र देख रहे हैं, जबकि इससे पहले नोटों पर अशोक स्तंभ अंकित हुआ करता था. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा 1996 में नोटों में परिवर्तन करने का फैसला लिया गया. इसके अनुसार अशोक स्तंभ की जगह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का फोटो और अशोक स्तंभ की फोटो नोट के बायीं तरफ निचले हिस्से पर अंकित कर दी गई.

5 रुपए से लेकर 1 हजार तक के नोट में गांधी जी की फोटो दिखाई देती है. इससे पहले 1987 में जब पहली बार 500 का नोट चलन में आया तो उसमें गांधी जी का वॉटरमार्क यूज किया गया था. 1996 के बाद हरेक नोट में गांधीजी का चित्र अंकित हो गया.

RBI ने बताई ये खास बात 
केंद्र सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बताया कि सभी नोटों पर वाटर मार्क एरिया में महात्मा गांधी की फोटो मुद्रित करने की सिफारिश 15 जुलाई 1993 और नोट में दाहिनी तरफ महात्मा गांधी का चित्र मुद्रित करने का सिफारिश 13 जुलाई 1995 को आरबीआई ने केंद्र सरकार को की थी. आरबीआई ने जवाब में कहा कि यह निर्णय केंद्र सरकार ने कब लिया, कब लागू हुआ और किस तारीख से महात्मा गांधी की फोटो भारतीय नोटों पर छापने का कार्य शुरू हुआ. इसकी जानकारी उनके पास उपलब्ध नहीं है.

सफेद बालों से परेशान लोग नारियल तेल में मिलाएं यह बेहद खास चीज, फिर देखें कमाल

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बाल स्तनधारी प्राणियों के बाह्य चर्म का उद्वर्ध है। कीटों के शरीर पर जो तंतुमय उद्वर्ध होते हैं, उन्हें भी बाल कहते हैं। बाल कोमल से लेकर रुखड़ा, कड़ा (जैसे सूअर का) और नुकीला तक (जैसे साही का) होता है। प्रकृति ने ठंडे गर्म प्रभाव वाले क्षेत्रों में बसने बाले जीवों को बाल दिये हैं, जो जाडे की ॠतु में ठंड से रक्षा करते है और गर्मी में अधिक ताप से सिर की रक्षा करते हैं। जब शरीर से न सहने वाली गर्मी पडती है, तो शरीर से पसीना बहकर निकलता है, वह बालों के कारण गर्मी से जल्दी नहीं सूखता है, किसी कठोर वस्तु से अचानक हुए हमला से भी बाल बचाव करते है।
बाल कम उम्र में ही सफेद होने लग जाते हैं। बाल कम उम्र में सफेद होने से व्यक्ति की सुंदरता कम हो जाती है। और व्यक्ति बूढ़ा दिखाई देने लगता है। आज हम आपको सफेद बालों से छुटकारा पाने का एक आसान घरेलू उपाय बताएंगे। आइए जान लेते हैं। सफेद बालों से परेशान लोग नारियल तेल में मिलाएं यह बेहद खास चीज, फिर देखें कमाल।
पहला उपाय
नारियल तेल सफेद बालों की परेशानी को दूर करने में बहुत कारगर होता है। अगर आप सफेद होते बालों को रोकना चाहते हैं तो नारियल तेल लेकर उसमें करी पत्ते डालकर उबाल लें। और तब तक उबालते रहे जब तक करी पत्ते काले हो जाए। फिर इस मिश्रण को ठंडा करके छान लें। और तेल से बालों में अच्छी तरह मालिश करें। और 30 से 45 मिनट तक बालों में तेल लगा रहने दें। इसके बाद बालों को धो लें। इस उपाय को करने से आपके सफेद होते हुए बाल रुक जाएंगे। और बालों की जड़े मजबूत होंगी।
‌दूसरा उपाय
इस उपाय को करने के लिए नारियल तेल में नींबू का रस मिलाकर इसे अपने बालों और सिर में अच्छी तरह लगाकर मालिश करें। और आधे घंटे बाद सिर को धो लें।
तीसरा उपाय
नारियल तेल सफेद होते हुए बालों को रोकने में बहुत फायदेमंद होता है। नारियल तेल के अंदर सूखे हुए आंवले के टुकड़े डालकर उबाल लें। और तेल को ठंडा करके बालों की जड़ों में लगाकर मालिश करें। और 1 घंटे बाद बालों को धो लें। सप्ताह में दो बार यह उपाय करने से आपको जरूर फायदा होगा।

प्राकृतिक AC का काम करता है यह पौधा, घर में इस जगह लगाने से मिलेगी शांति और सुख

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जब आपके आसपास का वातावरण गर्मी से तप रहा होता है तो भी आप अपने घर में कुछ विशेष तरह के पेड़ पौधे लगाकर घर को ठंडा रख सकते हैं। यह बात सच है कि आजकल के घरों में अधिक पेड़ पौधों के लिए जगह नहीं होती परन्तु यदि आपको बागवानी का शौक है तो आप घर की बालकनी में या खिड़की के बॉक्स में विशेष तरह के पौधे लगा सकते हैं।

ये पौधे घर की हवा को ताज़ा रखते हैं, हवा को शुद्ध करते हैं और घर को ठंडा रखते हैं। ऐसे अनेक तरह के पौधे हैं जो हवा से विषारी पदार्थों को दूर करते हैं और गर्मी को भी सोखते हैं। ऐसे बहुत से पौधे हैं जो कई तरह से उपयोगी हैं और ऐसे पौधों को घर में रखना फायदेमंद है क्योंकि ये पौधे गर्मियों में आपके घर को ठंडा रखते हैं।

तो यहाँ हम ऐसे ही पौधों के बारे में बता रहे हैं जो गर्मी को दूर करते हैं और आसपास के वातावरण को ठंडा रखते हैं। आइये देखे।यह बहुत ही लाभदायक और रिफ्रेशिंग पौधा है जिसे घर में लगाया जा सकता है। यह न केवल घर के तापमान को कम रखता है बल्कि हवा से नुकसानदायक फॉर्मेंडिहाईड को भी दूर करता है।

इसके अलावा आप एलो वेरा से स्वास्थ्य को होने वाले लाभों के बारे में जानते ही हैं।यह एक अनोखा पौधा है। अन्य पौधों की तरह ही स्नेक प्लांट भी रात में ऑक्सीजन छोड़ता है और तापमान को कम रखता है।

केवल यही नहीं बल्कि यह पौधा विषारी पदार्थों जैसे नाइट्रोजन ऑक्साइड, ट्राईक्लोरोएथिलीन, बेंजीन, टोल्यूनि आदि को भी सोखता है और हवा को शुद्ध बनाता है।क्या आप ऐसे पौधे की तलाश में हैं जो पर्यावरण को भी फायदा पहुंचाए? खैर ये आपकी अपनी पसंद है।

यह पौधा प्राकृतिक रूप से नमी को बनाये रखता है जिससे आपका घर ठंडा और आरामदायक लगता है। यह हवा से नुकसानदायक पदार्थों को भी दूर करता है।इसे वीपिंग फिग के नाम से भी जाना जाता है।

यह कमरे की हवा को साफ़ करता है और गर्मी को सोख लेता है। इसकी देखभाल करना आसान होता है क्योंकि यह कम प्रकाश और कम पानी में भी रह सकता है। तापमान को कम रखने के साथ साथ यह हवा के प्रदूषण को भी कम करता है।

जब ऐसे पौधों की बात आती है जो कमरे को ठंडा और तरोताजा रखते हैं और हवासेअशुद्धियों को दूर करते हैं तो इसमें बेबी रबर प्लांट का नाम अवश्य आता है। इसे नियमित तौर पर पानी देने की ज़रूरत नहीं होती बल्कि इसे अच्छी मिट्टी और फिल्टर्ड लाइट की आवश्यकता होती है।नासा के अनुसार फर्न नमी को बनाये रखने के लिए सबसे उत्तम है।

कमरे की हवा को साफ़ करने और तरोताजा करने के साथ साथ यह गर्मी को भी कम करता है। अपनी बालकनी में फर्न का पौधा रखें। यह बहुत अच्छा दिखता है।आप इसे सिल्वर लाइन या डेविल्स एवी भी कहा जाता है।

इसकी सदाबहार पत्तियाँ आपके कमरे की शोभा बढ़ाती हैं और साथ ही साथ यह हवा से अशुद्धियों को हटाता है और गर्मियों में घर को ठंडा रखता है। इसे रखना आसान होता है और इसे अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होती।

15 अगस्त से पहले अमेरिका ने दिया भारत को बड़ा झटका

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अमेरिका जाने वालों के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा झटका दिया हैं, क्याेंकि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अवैध इमीग्रेशन को रोकने के लिए एक नया नियम बनाया हैं। इस नए नियम के अनुसार अगर आप गरीब हैं, या फिर सरकारी सुविधा लेकर अमेरिका में रह रहे हैं, ताे आपकाे वीजा और ग्रीन कार्ड नहीं मिलेगा।

सूत्राें के अनुसार, ये नया नियम डोनाल्‍ड ट्रंप के सहयोगी स्टीफन मिलर की सलाह पर बना गया हैं और 15 अक्टूबर से लागू होगा। अब प्रशासन वीजा देने से पहले पूरी तरह जांच करेगा कि अमेरिका आने वाला व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को खुद उठाने में सक्षम है या नहीं। इसके बाद ही उसे वीजा या ग्रीन कार्ड दिया जाएंगा।

जानकारी के लिए आपकाे बता दें, अमेरिकी और NRI’s लोगों को खाद्यान्न, आवास, चिकित्सा और लोक कल्याण की और कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। अमेरिका की नागरिक और आव्रजन सेवा के कार्यकारी निदेशक केन कुसीनेली के अनुसार आत्मनिर्भर होना अमेरिका की पुरानी परंपरा है। हम उसी को पुनर्जीवित करने का कार्य कर रहे हैं। कुछ समय के बाद इसका लाभ अमेरिका की कर देने वाली आबादी को मिलने लगेगा। उन्हें अपने धन के एवज में पूरी सरकारी सुविधाएं मिलेंगी।