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रोजाना की ये गलतियां कर सकती है किडनी फेल

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गुर्दे युग्मित अंग होते हैं, जो कई कार्य करते हैं। ये अनेक प्रकार के पशुओं में पाये जाते हैं, जिनमें कशेरुकी व कुछ अकशेरुकी जीव शामिल हैं। ये हमारी मूत्र-प्रणाली का एक आवश्यक भाग हैं और ये इलेक्ट्रोलाइट नियंत्रण, अम्ल-क्षार संतुलन, व रक्तचाप नियंत्रण आदि जैसे समस्थिति (homeostatic) कार्य भी करते है। ये शरीर में रक्त के प्राकृतिक शोधक के रूप में कार्य करते हैं और अपशिष्ट को हटाते हैं, जिसे मूत्राशय की ओर भेज दिया जाता है। मूत्र का उत्पादन करते समय, गुर्दे यूरिया और अमोनियम जैसे अपशिष्ट पदार्थ उत्सर्जित करते हैं; गुर्दे जल, ग्लूकोज़ और अमिनो अम्लों के पुनरवशोषण के लिये भी ज़िम्मेदार होते हैं। गुर्दे हार्मोन भी उत्पन्न करते हैं आज हम किडनी यानी गुर्दा, जो शरीर का एक अहम भाग है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है परंतु हमारी कुछ गलत आदतों के कारण किडनी पर नुकसान पहुंचता है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि किन चीजों के सेवन से हम अपने गुर्दे को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे किडनी फेल हो जाती है। तो आइए जानते हैं विस्तार से-
जैसा कि आप जानते ही हैं नमक का प्रयोग सेहत के लिए आवश्यक होता है परंतु अगर अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो इसे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और इसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है इसीलिए रोजाना 5 ग्राम से अधिक नमक का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
बता दें कि जो लोग अत्यधिक मात्रा में चीनी से बने पदार्थों का सेवन करते हैं उनमें यूरिन लेवल में प्रोटीन की मात्रा अधिक हो जाती है जोकि किडनी समस्या पैदा कर सकता है।
जो लोग सॉफ्ट ड्रिंक पीना पसंद करते हैं वह इसका प्रयोग कम ही करें तो अच्छा होगा क्योंकि ऐसे रासायनिक पदार्थ होते हैं जो किडनी के लिए हानिकारक हो सकते हैं साथ ही इससे पेट से संबंधित परेशानियां भी हो सकती है।

हनुमान चालीसा पढ़ने से पहले जान लें नियम, वरना नहीं मिलेगा फल

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हनुमान चालीसा तुलसीदास की अवधी में लिखी एक काव्यात्मक कृति है[1] जिसमें प्रभु राम के महान भक्त हनुमान के गुणों एवं कार्यों का चालीस चौपाइयों में वर्णन है। यह अत्यन्त लघु रचना है जिसमें पवनपुत्र श्री हनुमान जी की सुन्दर स्तुति की गई है। इसमें बजरंग बली‍ की भावपूर्ण वन्दना तो है ही, श्रीराम का व्यक्तित्व भी सरल शब्दों में उकेरा गया है।
कई बार हनुमान चालीसा पढ़ने पर भी उसके फल नहीं मिल पाते। जानते हैं क्यो? इसलिए कि आप इसे पढ़ने का सही तरीका या नियम नहीं जानते। तो आइए जानें कि हनुमान चालीसा पढ़ने के क्या नियम हैं।
नहा कर आप केवल टॉवेल पहन कर हनुमान चालीसा पढ़ते हों तो आप ऐसा करना बंद कर दें। नहा कर आप लाल कपड़े पहनें और खुद को सुखा लें, फिर आप पाठ करें।
जब भी आप चालिसा पाठ करें, पहले खुद को स्वच्छ करें। यानी सुबह के स्नान के बाद आ शाम को चालिसा न पढ़ें बल्कि शाम को फिर से नहाएं।
हनुमान चालीसा का पाठ करते समय आप हमेशा बैठकर ही पाठ करें। इसके लिए ऊनी या कुशा के आसन का प्रयोग करें।
हनुमान चालीसा का पाठ करते समय ध्यान सिर्फ ईश्वर भक्ति में ही लगा होना चाहिए। इधर-ऊधर की बातें सोचने से बचना चाहिए।
जिस स्थान पर हनुमान चालीसा का पाठ करें, वो जगह ही साफ-स्वच्छ होनी चाहिए। नहीं तो पूजा का पूरा फल नही मिल पाता।
उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमानजी की प्रतिमा के ठीक सामने बैठकर पाठ न करें।

पड़ोसी को समझ नहीं आई इसकी वजह, वाशिंग मशीन में कपड़े सुखाने के लिए महिला हर दिन उसमें डालती थी 3 बर्फ के टुकड़े

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हाल ही में एक महिला ने अपने पड़ोसी से जुड़ा एक वाकया सोशल मीडिया पर शेयर किया। स्टैला नाम की महिला ने सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी में बताया कि उसने एक दिन अपने पड़ोसी को वॉश एरिया में वॉशिंग मशीन में कपड़े सुखाते देखा। जब वो ड्रायर में कपड़े सुखा रही थी तो उसने कपड़ों के साथ बर्फ के टुकड़े भी डाले। लेकिन उस महिला को पड़ोसी महिला की ये बात कुछ समझ नहीं आई, तो उसने कुछ दिन बाद अपनी पड़ोसी से इसके पीछे की वजह पूछी, तो वह पड़ोसी महिला की बातें सुनकर हैरान हो गई।

आखिर क्या थी इसकी वजह

पड़ोसी महिला ने उसे स्टैला को बताया कि महिलाएं ढेर सारे कपड़े धोकर उन्हें सुखाकर फिर आयरन करके वार्डराेब में रख देती हैं।इस काम को करने में पूरा दिन निकल जाता है। लेकिन अगर ड्रायर में बर्फ के टुकड़े डालें तो कपड़ों को आयरन करने की समस्या सॉल्व हो जाती है।

पड़ोसी महिला के मुताबिक, जब कपड़ों को धोने के बाद ड्रायर सुखाते हैं तो उनमें सिलवटें रह जाती हैं। लेकिन बर्फ डालने से कपड़ों की सिलवटें नहीं रहती और कपड़ों को आयरन भी नहीं करना पड़ता।

कैसे काम करती है बर्फ

स्टैला को उसकी पड़ोसी ने बर्फ के काम करने की पूरी प्रक्रिया बताई। महिला ने बताया कि कि ड्रायर में कपड़ों को सुखाते वक्त उसमें बर्फ भी डालनी चाहिए। जब ड्रायर से गर्म हवा निकलती है तो बर्फ पिघलने लगती है और स्टीम पैदा होने लगती है। स्टीम की वजह से कपड़ों की सिकुड़न निकल जाती है और कपड़ों के सूखने के बाद कपड़ों को आयरन करने की जरूरत नहीं होती।

जानिए : मनुष्य का अच्छा समय आने से पहले मिलते हैं ये शुभ संकेत

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हर व्यक्ति के जीवन में अच्छे और बुरे वक्त आते रहते हैं वही कुछ लोग अपने बुरे वक्त से हमेशा ही परेशान रहते हैं सभी के जीवन में अच्छा बुरा वक्त आता ही हैं जब अच्छा वक्त आने वाला होता हैं तो भगवान उस वक्त को लेकर हम सभी को कुछ संकेत प्रदान करते हैं जिन्हें समय पर पहचान पाना थोड़ा मुश्किल होता हैं वरना कई बार अच्छे मौके हमारे हाथ से ही निकल जाते हैं वही आज हम आपको बताने जा रहे हैं अच्छा समय आने की क्या क्या निशानियां होती हैं तो आइए जानते हैं।

बता दें, कि गाय को हिंदू धर्म में मां का दर्जा दिया जाता हैं अगर आपको अपने घर के बाहर सफेद रंग की गाय ऊंचे स्वर में हुंकारती हुई दिखाई पड़ जाती हैं तो समझ लें आपको खुशियों भरे मौके मिलने ही वाले हैं गाय को रोटी, आटा या फिर चारा जरूर देना चाहिए।अगर गाय प्यासी हो तो पानी भी जरूर पिलाएं।

इससे भगवान की कृपा आप पर सदैव बनी रहेगी। वही सुबह उठते ही चेहरे पर एक अगल सी रौनक दिखाई दे तो समझ लें कि जीवन में आर्थिक लाभ होने वाला हैं अगर सुबह सुबह किसी व्यक्ति से आपको पैसे मिल जाएं तो ये भी आपको मिलने वाली सफलता की निशानी हो सकती हैं उन पैसों को लेने में जरा भी देरी न करें। वरना धन की देवी मां लक्ष्मी नाराज हो जायेंगी।

वही हिंदू धर्म में नारियल को ​बहुत ही विशेष माना जाता हैं अगर सुबह उठते ही आपको नारियल दिख जाए तो आप समझ ले कि खुशियों भरे लम्हें आपका इंतजार कर रहे हैं यात्रा के दौरान अपनी दाहिनी तरह अगर आपको बंदर, कुत्ता या फिर सांप दिख जाए तो इसे भी खुद के लिए शुभ संकेत ही माना जाता हैं।

हर शाकाहारी व्यक्ति को करना चाहिए इस्तेमाल, यह चीज है मांस से भी 10 गुना शक्तिशाली

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दुग्ध उत्पाद, फल, सब्जी, अनाज, बादाम आदि बीज सहित वनस्पति-आधारित भोजन को शाकाहार (शाक + आहार) कहते हैं। शाकाहारी व्यक्ति मांस नहीं खाता है, इसमें रेड मीट अर्थात पशुओं के मांस, शिकार मांस, मुर्गे-मुर्गियां, मछली, क्रस्टेशिया या कठिनी अर्थात केंकड़ा-झींगा आदि और घोंघा आदि सीपदार प्राणी शामिल हैं; और शाकाहारी चीज़ (पाश्चात्य पनीर), पनीर और जिलेटिन में पाए जाने वाले प्राणी-व्युत्पन्न जामन जैसे मारे गये पशुओं के उपोत्पाद से बने खाद्य से भी दूर रह सकते हैं। हालाँकि, इन्हें या अन्य अपरिचित पशु सामग्रियों का उपभोग अनजाने में कर सकते हैं।
दोस्तों हम जिस चीज की बात कर रहे हो वहां काला चला है जो आपको बाजार में आसानी से मिल जाएगी तो चलिए जानते हैं काले चने के क्या क्या फायदे होते हैं। शारीरिक कमजोरी से छुटकारा
नियमित रूप से काले चने का सेवन करने की सभी प्रकार की शारीरिक कमजोरी दूर हो जाती है इसका नियमित सेवन करने से टेस्टोस्टेरोन हार्मोन बढ़ती है अगर आप अपने आप को कमजोर महसूस करते हैं तो आपको काले चने का सेवन जरूर करना चाहिए।
कैंसर से बचाव
काले चने के अंदर के सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर से लड़ने और हमारी इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए सहायक होते हैं। इसका नियमित सेवन करने से ब्रेस्ट कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, कोलन कैंसर आदि से लड़ने में मदद मिलती है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि
काले चने में विटामिन मिनेरल और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसका नियमित सेवन करने से यह सभी पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं। जिससे शरीर को काफी फायदा होता है। इसका नियमित सेवन करने से यह हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
पाचन संबंधी समस्याएं दूर करता है
काले चने के अंदर फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने के लिए सहायक होता है अगर किसी प्रकार की समस्या है तो वह समाप्त हो जाती है काले चने का नियमित रूप से सेवन करने से कब्ज और गैस की समस्या से छुटकारा मिलता है।
हृदय के लिए फायदेमंद
काले चने का नियमित रूप से सेवन करने से हृदय को इसका लाभ होता है। काले चने में मैग्नीशियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है जो हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं इसके अलावा यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने में भी फायदेमंद होता है।

डायबटीज की समस्या में करे इनका सेवन, हो जायेगा छूमंतर

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अक्सर इस मौसम के बदलाव के साथ ही ज्यादातर लोग वायरल फीवर की चपेट में आ जाते है। इस मौसम में वायरल फीवर भी अधिक देखा जाता है। मार्केट में इसके लिए कई तरह की दवाईयां भी मौजूद है लेकिन इसके बावजूद हम आपको कुछ आसान घरेलू नुस्ख़े बताने जा रहे है जिससे कि आप अपने फीवर से कुछ समय में ही छुटकारा पा सकते हैं।

अपनाएं ये घरेलु उपाय:

# तुलसी: तुलसी के पत्ते का प्रयोग कर आप अपने बुखार से भी छुटकारा पा सकते है। आपको एक बर्तन में पानी डाल कर इसमें पीसी हुई लौंग और तुलसी के पत्तों को डालकर उबालना होगा और आप हर दो घंटों के अंतराल में इस पानी का सेवन करते रहें।

# अदरक: मौसमी बुखार में अदरक का काढ़ा बना कर सेवन किया जाता है इसके लिए आप अदरक के साथ थोड़ी हल्दी, चीनी और काली मिर्च मिलाकर कर इसका काढ़ा बना ले। इससे आपका बुखार जल्द हे ठीक हो जाएगा।

# शहद और लहसुन: लहसुन की कुछ कली को शहद में डाल कर छोड दे और कुछ समय बाद इसका सेवन करना चालू कर दें। इससे आपको जल्द ही आराम मिलेगा।

किन्‍नरों की एक ऐसी सच्‍चाई जिसे जानकर हैरान हो जाओगे आप

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पूरे विश्व में विभिन्‍न धर्मों और जातियों के लोग हैं। वह सभी अपने संस्‍कारों का पालन करने के साथ अपना जीवन अपनी मर्जी से जीते हैं। सभी लोगों के काम करने का तरीका और लाइफस्‍टाइल एकदम अलग होती है।

आज हम आपको किन्‍नरों की एक सच्‍चाई के बारे में बताने जा रहा हैं जिससे आप शायद अनजान हैं। इन किन्‍नरों के रहन सहन और अंतिम संस्‍कार का तरीका एकदम भिन्‍न है।

एक बात जो सभी के मन में अक्‍सर चलती रहती है कि आख्रि किन्‍नरों का अंतिम संस्‍कार हर आदमी क्‍यों नहीं देख सकता है। किन्‍नरों का अंतिम संस्‍कार सभी धर्मों के लोगों से अलग होता है। किन्‍नरों का अंतिम संस्‍कार रात के समय करते हैं जिससे इनके अंतिम संस्‍कार को कोई आदमी देख न सके।

इन लोगों का ये मानना है कि यदि कोई व्‍यक्ति इनके अंतिम संस्‍कार को देख लेता है तो मरा हुआ व्‍यक्ति दोबारा किन्‍नर का ही जन्‍म लेता है। किन्‍नर के अंतिम संस्‍कार के समय मौजूद सभी किन्‍नर मृत शरीर को जूतों और चप्‍पलों से पीटते हैं। ये लोग ऐसा इसलिए करते हैं कि मृत व्‍यक्ति के पापों का प्रायश्चित हो सके और वह इंसान कभी दोबारा किन्‍नर का जन्‍म न ले।

मात्र 16 साल की उम्र में इस लड़की ने कैसे कमाये लगभग 12 करोड़, इनके फ़िगर को देखकर.

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आज हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे मे बताने जा रहे हैं, जिनहोने बेहद कम उम्र मे काफी ज्यादा पॉपुलैरिटी बना ली है और लाखों रुपये भी कमा लिए हैं।

हम जिस अभिनेत्री की बात कर रहे हैं वह कोई और नहीं बल्कि टीवी की फ़ेमस एक्ट्रेस जन्नत जुबैर रहमानी हैं। यह सोशल मीडिया पर भी काफी ज्यादा फ़ेमस हैं और सोशल मीडिया पर इनके लाखों चाहने वाले हैं।

इनहोने टीवी के कई सीरियल जैसे आशिक़ी, फुलवा आदि मे इनहोने काम किया है और इनहोने अभी बॉलीवुड की फिल्म हिचकी मे भी काम किया है, जो पिछले साल यानि 2018 मे रिलीज हुई थी।

जन्नत का जन्म साल 2002 को मुंबई मे हुआ था और इस समय इनकी उम्र लगभग 16 साल है, लेकिन इनके फ़िगर को देखकर कोई यह नहीं कह सकता के इनकी उम्र मात्र 16 साल है। यह दिखने मे काफी ज्यादा हॉट और खूबसूरत हैं। इतनी कम उम्र मे इनहोने लगभग 12 करोड़ रुपये कमा लिए हैं जोकि इतनी कम उम्र मे काफी ज्यादा हैं।

कैंसर की पहली स्टेज में शरीर में दिखाई देते हैं ये 8 परिवर्तन, जरूर जानें

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कर्कट (चिकित्सकीय पद: दुर्दम नववृद्धि) रोगों का एक वर्ग है जिसमें कोशिकाओं का एक समूह अनियंत्रित वृद्धि (सामान्य सीमा से अधिक विभाजन), रोग आक्रमण (आस-पास के उतकों का विनाश और उन पर आक्रमण) और कभी कभी अपररूपांतरण अथवा मेटास्टैसिस (लसिका या रक्त के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में फ़ैल जाता है) प्रदर्शित करता है। कर्कट के ये तीन दुर्दम लक्षण इसे सौम्य गाँठ (ट्यूमर या अबुर्द) से विभेदित करते हैं, जो स्वयं सीमित हैं, आक्रामक नहीं हैं या अपररूपांतरण प्रर्दशित नहीं करते हैं। अधिकांश कर्कट एक गाँठ या अबुर्द (ट्यूमर) बनाते हैं, लेकिन कुछ, जैसे रक्त कर्कट (श्वेतरक्तता) गाँठ नहीं बनाता है। चिकित्सा की वह शाखा जो कर्कट के अध्ययन, निदान, उपचार और रोकथाम से सम्बंधित है, ऑन्कोलॉजी या अर्बुदविज्ञान कहलाती है।

 कैंसर के शुरुआती लक्षण
1. शरीर के किसी अंग पर चोट लगने की वजह से अगर खून लगातार बहता रहता है। और मलाशय के द्वार से भी खून निकलता है तो यह शरीर में कैंसर की बीमारी के संकेत हो सकते हैं।
2. अगर आपके शौच के समय, मल और आकार में बदलाव होने के संकेत दिखाई देते हैं तो आप कैंसर की बीमारी के शिकार हो सकते हैं।
3. अगर आपके शरीर का वजन एक महीने में ही चार-पांच किलो तक कम हो जाता है तो यह आपके शरीर में कैंसर की बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
4. अगर आपके शरीर पर छोटी-छोटी गांठ बनकर धीरे-धीरे बड़ी हो रही है तो तुरंत डॉक्टर को जरूर दिखाएं। यह शरीर में कैंसर की बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
5. अगर आपके किसी शारीरिक अंग पर बिना चोट के ही अचानक से सूजन आ जाती है तो इसे नजरअंदाज नहीं करें। यह कैंसर का संकेत भी हो सकता है।
6. अगर आपको लगातार बहुत दिनों से उल्टी हो रही है। और उल्टी के साथ खून भी आता है तो यह आपके पेट में कैंसर का लक्षण हो सकता है।
7. अगर आपकी आंखों की रोशनी में अचानक से बदलाव आ गया है। और आपके सिर में अचानक से तेज दर्द होने लगता है तो यह आपके दिमाग में कैंसर का संकेत हो सकता है।
8. अगर आपको बहुत दिनों से खांसी और बलगम की बीमारी है। और सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही है तो यह आपके फेफड़ों में कैंसर की बीमारी का संकेत हो सकता है।

व्‍हेल मछली की ‘उल्‍टी’ की कीमत जानकर रह जाएंगे दंग, इन कामों में होती है उपयोग

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महाराष्ट्र की क्राइम ब्रांच को एक काफी बड़ी कामयाबी प्राप्त हुई है जिसमें उन्होंने व्हेल मछली की उल्टीकी तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ लिया हैं।कहा जा रहा है कि इस उल्टी की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बहुत दाम है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसका दाम करीब 22 करोड़ रूपए तक होती है।

कोंकण तट पर व्हेल मछली की ‘उल्टी’ से बने ये पत्थर तलाशने में माह से वर्ष भर तक इंतजार करना पड़ता है।कहा गया है कि बीते थोड़े वर्षों से यहां पर व्हेल मछली को देखा जा रहा है तत्पश्चात में तस्‍कर सक्रिय हो गए।

कुछ ही दिन पूर्व तस्‍करों के हाथ व्हेल की उल्टी से बना 11 किलो का पत्थर लगा, तत्पश्चात वो लोग उसे बेचने हेतु मुंबई से सटे ठाणे में लाए। ठाणे क्राइम ब्रांच को जब ये सूचना प्राप्त हुई तो उन्‍होंने तस्करों को धर दबोचा एवं उनके पास से यह कीमती पत्थर जब्त कर लिया। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

खबरों के मुताबिक, व्हेल की आंतों में मोम जैसा तरल पदार्थमौजूद होता है, जो उल्टी के जरिए शरीर से बाहर आ जाता है। यह पदार्थ काफी सुगंधित होता है, जिसका उपयोग महंगा इत्र, स्प्रे, दवाओं, सुगंधित तेल, लुब्रिकेंट्स इत्यादि तैयार करने में होता है, इतना ही नहीं इसका इस्तेमाल सेक्स पावर में वृद्धि करने वाली दवाओं में भी किया जाता है।