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पानी के साथ इसे लेने से शुगर होता है दूर, तो दूध के साथ इसके सेवन से शरीर बनता है ताकतवर

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आज हम आपको एक बहुत ही खास फल के बारे में जानकारी देने वाले हैं, ये बुढ़ापे के लक्षण जैसे कमजोरी, त्वचा का ढीलापन और कई अन्य स्वास्थ्य परेशानियों को दूर करता है, हम जिस फल की बात कर रहे हैं, उस फल का नाम है गूलर, जो आसानी से आपको अपने घरों के आसपास मिल जायेगा, ये बहुत ही फायदेमंद फल है, इसकी जानकारी आगे दी गयी है।गूलर से होने वाले स्वास्थ्य लाभ

शुगर को करता है दूर

आजकल बहुत से लोग शुगर अर्थात डायबिटीज की समस्या से परेशान हैं, तो इस समस्या को दूर करने के लिए एक चम्मच गूलर के फल का चूर्ण एक कप पानी के साथ दोपहर और रात के भोजन के बाद नियमित रूप से लेना चाहिए, इससे ब्लड शुगर लेवल कम हो जाता है और डायबिटीज की समस्या में राहत मिलती है, इसके अल्वा कच्चे गूलर की सजी खाना भी फायदेमंद होता है।

शरीर को ताकतवर बनाने के लिए

पका हुआ गूलर सुखाकर पीसकर चूर्ण बना लें और इस चूर्ण में बराबर मात्रा में मिश्री पाउडर मिला लें, अब रात में सोने से पहले इस मिक्सचर की 2 चम्मच मात्रा को गुनगुने दूध के सेवन कर लें, कुछ दिनों तक नियमित रूप से ऐसा करने से शरीर मजबूत और ताकतवर बनता है, साथ त्वचा कांतिमय बनती है और त्वचा का ढीलापन और झुर्रियां दूर होती हैं।

दुर्गा समितियों को नोटिस से यू ही नहीं मची हलचल, बड़े हैं इसके राजनीतिक मायने

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पश्चिम बंगाल में 2021 में विधानसभा के चुनाव होने हैं लेकिन राजनीतिक दलों ने अभी से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी है. लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच जो आमना-सामना शुरू हुआ था, वह अभी तक जारी है. इस बार ये मसला शुरू हुआ है दुर्गा समितियों और पंडाल को लेकर. दरअसल, आयकर विभाग ने पंडालों से इनकम टैक्स रिटर्न भरने को कहा है लेकिन ममता बनर्जी ने इसका विरोध किया है. ये पूरा मामला क्या है और इसके राजनीतिक मायने क्या हैं, यहां समझिए…

दुर्गा पूजा समितियों को आयकर विभाग का नोटिस

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का महत्व ज्यादा है और यही कारण है कि दुर्गा समितियां भी बड़ा महत्व रखती हैं. इनका असर हजारों-लाखों लोगों पर पड़ता है, यही कारण है कि राजनीति की दृष्टि से भी ये मामला बड़ा हो जाता है. इस बीच आयकर विभाग ने कई समितियों को नोटिस जारी किया है और उनका ब्योरा मांगा है.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसका विरोध किया था और इसे धर्म से जुड़ा मसला करार दिया था. साथ ही साथ समितियों ने भी 13 अगस्त को इस फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन का ऐलान किया था.

क्या थी आयकर विभाग की मांग?

दरअसल, आयकर विभाग ने इन दुर्गा समितियों से इनकम टैक्स रिटर्न भरने को कहा है. साथ ही 30 हजार से ऊपर की जा रही किसी भी तरह की पेमेंट की जानकारी भी देने को कहा है. इसी पर समितियां भड़क गई हैं. इन दुर्गा समितियों के संगठन ‘फोरम फॉर दुर्गात्सव’ ने विरोध दर्ज कराया है.

क्या है राजनीतिक प्रभाव?

विधानसभा चुनाव से पहले मची इस तरह की हलचल से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गईं हैं. दरअसल, पूरे बंगाल में 28 हजार से अधिक दुर्गा पूजा की कमेटियां हैं, इनमें से सिर्फ 2200 राजधानी कोलकाता में हैं. इन कमेटियों में करीब 400 ने एक साथ मिलकर ‘फोरम फॉर दुर्गात्सव’ नाम का संगठन भी बनाया है.

कोलकाता में जो 2200 से अधिक दुर्गा समितियां हैं, उनमें करीब 25 समितियां ऐसी भी हैं जिनका बजट 50 लाख से अधिक का है. बाकी अन्य कमेटियों का भी बजट 15 लाख तक का है. इसी को देखते हुए आयकर विभाग ने नोटिस जारी किया है.

विधानसभा चुनाव पर है नजर

बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन तैयारियां अभी से ही शुरू हो गई हैं. बंगाल की राजनीति में इन दुर्गा समितियों का बड़ा किरदार है, ऐसे में राजनीतिक पार्टियों की नज़र इन पर ही है. लोकसभा चुनाव से पहले पिछले साल जो दुर्गा पूजा हुई थी, वहां बीजेपी ने करीब 3000 से अधिक कैंप लगाए थे और अपनी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाया था. साथ ही इस बार अक्टूबर में दुर्गा पूजा के दौरान भी बीजेपी कई बड़े कार्यक्रम करने की तैयारी में हैं.

इन समितियों में अभी तक टीएमसी का वर्चस्व दिखता रहा है, लेफ्ट की सरकार के खिलाफ ममता बनर्जी ने इन समितियों को साधकर अपने मिशन को आगे बढ़ाया था. जो लंबे समय से इनके ही साथ हैं, ऐसे में ममता को डर है कि बीजेपी उनकी पार्टी के इस वोट बैंक में सेंध लगाने में जुटी है.

भगवान राम के वंशज की दावेदारी में शामिल हुआ अग्रवाल समाज, कही ये बात

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अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. 9 अगस्त को कोर्ट ने रामलला के वकील से पूछा था- क्या भगवान राम( Lord Ram) का कोई वंशज अयोध्या या दुनिया में है? इस पर वकील ने कहा था- हमें जानकारी नहीं. लेकिन भगवान राम की वंशावली में अब अग्रवाल समाज (Agrawal community) भी दावेदार बनकर सामने आया है.

बहरहाल, अग्र केसरी महाकुटुंब ट्रस्‍ट के प्रधान राजेंद्र अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र लिखा है और जिसमें दावा किया गया है कि हमारे कुलपुरुष महाराजा अग्रसेन सूर्यवंशी क्षत्रिय भगवान राम के वंशज थे. महाराजा अग्रसेन भगवान राम के पुत्र कुश की 35वीं पीढ़ी में हुए हैं. इस दावे की बाबत इतिहास और पौराणिक ग्रन्थों में विस्तृत उल्लेख और साक्ष्य हैं. लिहाजा कोर्ट उनकी भी दावेदारी रिकॉर्ड पर दर्ज करे. हालांकि कई और घरानों ने इस दावेदारी की रेस में अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है.

मेवाड़ के पूर्व महाराज ने किया ये दावा मेवाड़ के पूर्व महाराज महेंद्र सिंह मेवाड़ ने कहा है कि हमारा राजघराना राम के पुत्र लव का वंशज है. मेवाड़ में उनकी 76 पीढ़ियों का इतिहास दर्ज है. मेवाड़ राजघराने के ही लक्ष्यराज की तरफ से बताया जा रहा है कि कर्नल जेम्स टार्ड की पुस्तक के मुताबिक लव के वंशज कालांतर में गुजरात होते हुए आहाड़ यानि मेवाड़ में आए और यहां सिसोदिया साम्राज्य की स्थापना की थी. उन्होंने कहा कि श्रीराम भी भगवान शिव के उपासक थे और मेवाड़ राजपरिवार भी एक लिंगनाथ (शिवजी) का उपासक है. राम के वंशज राघव राजपूत हैं. राघव समाज ने बाल्मीकि रामायण के पृष्ठ संख्या 1671 का उल्लेख किया है, जिसमें राम की वंशावली की जानकारी है.

राघव ने बताया कि राम के पुत्र लव से राघव राजपूतों का जन्म हुआ,जिनमें बगुर्जर, जयात और सिकरवारु का वंश चला. जबकि कुश से कुशवाह राजपूतों का वंश चला.

जयपुर के राजपरिवार की तरफ से कहा जा रहा है कि वे भगवान राम के बड़े बेटे कुश के नाम पर ख्यात कच्छवाहा/कुशवाहा वंश के वंशज हैं. यह बात इतिहास के पन्नों में दर्ज है. राजस्‍थान के राजसमंद से बीजेपी सांसद और पूर्व राजकुमारी दीया कुमारी इसके कई सबूत देने की भी दावा कर रही हैं. उनकी तरफ से कहा जा रहा है कि उनके पास एक पत्रावली है, जिसमें भगवान श्रीराम के वंश के सभी पूर्वजों का नाम क्रमवार दर्ज हैं. इसी में 289वें वंशज के रूप में सवाई जयसिंह और 307वें वंशज के रूप में महाराजा भवानी सिंह का नाम लिखा है. इसके अलावा पोथीखाने के नक्शे भी मौजूद हैं.

सोनिया गांधी के कमान संभालते ही कांग्रेसियों में आ गई जान, दफ्तरों में लौटी रौनक

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बूढ़े और किनारे बैठे कांग्रेस के नेता अपनी नई अंतरिम अध्यक्ष का स्वागत कर रहे हैं। पार्टी के पूर्व महासचिवों ने दस जनपथ तक अपना बधाई संदेश भिजवाया है और यूपीए चेयरपर्सन, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने का समय मांग रहे हैं। दस जनपथ के सूत्र बताते हैं कि टेलीफोन की घंटी लगातार व्यस्त जा रही है। देश के कोने-कोने से नेताओं के फोन आने शुरू हो गए हैं। एक वरिष्ठ नेता की मानें तो अब कांग्रेस के भीतर जान आ जाएगी। सोनिया गांधी सब संभाल लेंगी। सोनिया गांधी के आवास के साथ-साथ उनके कभी राजनीतिक सचिव और अब पार्टी के कोषाध्यक्ष रहे अहमद पटेल के कार्यालय, आवास की रौनक बढ़ गई है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की टीम भी खुश है। सबको लग रहा है कि हताशा, निराशा की अवस्था में पहुंची कांग्रेस पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को राजनीतिक जवाब देने की स्थिति में आ जाएगी। पार्टी के नेताओं के भीतर बढ़ रहे इस आत्मविश्वास का कारण सोनिया गांधी और उनकी टीम की राजनीतिक शैली है।

भाजपा नेता को भी सोनिया में दिखाई दे रही है उम्मीद प्रयागराज से संघ के नेता ज्ञानेश्वर शुक्ला को लग रहा है कि सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी को राहुल गांधी से ज्यादा अच्छी तरह से चलाएंगी। पश्चिम बंगाल में भाजपा और संघ के एजेंडे पर काम कर रहे एसएम शुक्ला का कहना है कि सोनिया गांधी का राजनीतिक व्यवहार भी परिपक्वता से भरा होता है। राहुल गांधी इस मामले में पिछड़ जाते हैं। सोनिया ही कांग्रेस को संभाल सकती हैं। 

दिल्ली के पूर्व भाजपा सांसद ऑफ द रिकार्ड कहते हैं कि सोनिया गांधी के कमान संभालने से कांग्रेस को लाभ होगा। वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी का भी मानना है कि सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने का लाभ कांग्रेस को मिलेगा। सभी का मानना है कि जिस दौर से कांग्रेस गुजर रही है, इसमें उसके पास सोनिया गांधी के अलावा कोई दूसरा चेहरा नहीं है।

पावर शिफ्टिंग के लिए अंतरिम अध्यक्ष बनी हैं सोनिया वहीं, आयकर विभाग के पूर्व कमिश्नर धनेश कपूर का मानना है कि नेहरू-गांधी परिवार के अलावा कांग्रेस पार्टी को संभालने वाला कोई दूसरा नजर नहीं आता। धनेश कपूर का अनुमान है कि सोनिया गांधी पॉवर शिफ्ट करने के लिए पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनी हैं। उनका कहना है कि जल्द ही भाजपा की तरह कांग्रेस पार्टी भी चुनाव प्रक्रिया से गुजरेगी। इसमें अध्यक्ष पद के प्रियंका गांधी वाड्रा आगे आ सकती हैं। 

धनेश कपूर इसकी वजह उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई और प्रियंका की राजनीतिक सूझबूझ को बताते हैं। धनेश की इस राय से बीएसईएस पॉवर कॉरपोरेशन के इंजीनियर डीके सिंह भी इत्तेफाक रखते हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के एक उपाध्यक्ष का कहना है कि वह सोनिया गांधी के पद संभालने से उत्साहित हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी के पास अध्यक्ष पद के लिए प्रियंका गांधी वाड्रा से अच्छा दूसरा नेता नहीं है।

Jio का बड़ा एलान : रिलीज होते ही घर बैठे देख पाएंगे नई फ़िल्में, फ्री मिलेगा सेटअप बॉक्स और टीवी

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आज ए डिजिटल इंडिया में रिलायंस कंपनी के मालिक मुकेश अंबानी का बहुत बड़ा हाथ हैं. उन्होंने जब देश में मुफ्त Jio सेवा शुरू की थी तो पूरी इंडस्ट्री में हलचल मच गई थी. उनकी वजह से ही आज इंडस्ट्री में बाकी टेलिकॉम कंपनियों को अपनी कॉल और इंटरनेट दरे कम दी हैं. अब ऐसे में आज सोमवार मुकेश अंबानी के रिलायंस Jio ने देश को एक और बड़ा तोहफा दिया हैं. दरअसल जियो ने अपनी अपनी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ‘जियो गीगा फाइबर’ के बारे में कई सारी दिलचस्प बातें बताई हैं. इस सर्विस का की शुरुआत 5 सितंबर 2019 से होने जा रही हैं.

क्या हैं ‘जियो गीगा फाइबर’ सेवा?

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सेवा के तहत आपके घर एक वायर लाइन इनस्टॉल की जाएगी. इसकी खासियत ये हैं कि इसका इस्तेमाल आप लैंडलाइन फोन कालिंग, टीवी देखने के लिए सेटअप बॉक्स में और इंटरनेट चलाने के लिए कंप्यूटर, मोबाइल इत्यादि में कर सकते हैं. यानी एक ही वायर से आपको कई सारी सुविधाएं मिल सकेगी. इतना ही नहीं इसमें मल्टी-पार्टी वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल, लाइव गेमिंग और स्मार्ट होम सॉल्यूशन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेगी.

Free मिलेगा 4k टीवी और 4k सेटटॉप बॉक्स

जियो हमेशा से लोगो ओ सरप्राइज़ देने के लिए जाना जाता हैं. ऐसे में इस नई सेवाओं को लेने पर आपको 4k टीवी और 4k सेटटॉप बॉक्स बिलकुल मुफ्त मिलेगा. हालाँकि ये फ्री गिफ्ट सिर्फ उन्हों ग्राहकों को दिया जाएगा जो जियो का ‘फॉर एवर प्लान’ लेंगे. इसके अतिरिक्त आप लोग हाई डेफिनेशन क्वालिटी में एंटरटेनमेंट जैसे टीवी और डिजिटल सर्विस का आनंद भी ले सकेंगे. ऐसा होने के लिए आप प्लान के मुताबिक 100 GBPS तक की तेज ब्रॉडबैंड स्पीड ले सकते हैं. इतना ही नहीं आप जिस दिन सिनेमाघर में फिल्म रिलीज होगी उसी दिन घर बैठे अपनी टीवी पर वो फिल्म देख सकेंगे. इसके लिए आपको ‘फर्स्ट डे फर्स्ट शो’ का प्लान लेना होगा.

क्या होगी कीमत

इसके प्लान्स की कीमतों की बात की जाए तो ये 700 रुपए से शुरू होगी जो कि 10 हजार रुपए महीने तक चली जाएगी. यदि आप इस बारे में और भी अधिक जानकारी चाहते हैं तो इसे आप 5 सितंबर से जियो की आधिकारिक वेबसाईट (jio.com) पर पढ़ सकते हैं. इस सुविधा का ग्राहकों को सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि वे लाइफटाइम यानी जीवनभर तक फ्री में जियो फाइबर फिक्स्ड लाइन से देशभर में कहीं भी फोन कॉल कर सकेंगे.

ये सुविधाएं हैं शामिल‘जियो गीगा फाइबर’ के माध्यम से आप किन किन सुविधाओं का लाभ उठा अपाएंगे इस पर एक बार फिर से नज़र डालते हैं. 1. मल्टी-पार्टी वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल 2. फ्री वॉइस कनेक्टिविटी 3. कम कॉल दर में इंटरनेशनल कॉलिंग 4. अल्ट्रा हाई-डेफिनेशन एंटरटेंमेंट 5. घर बैठे टीवी पर रिलीज वाले दिन ही नई फ़िल्में 6. लाइव गेमिंग 7. स्मार्ट होम सॉल्यूशन 8. मूवीज़, शो और स्पोर्टस. 9. 100 MBPS से 1 GBPS स्पीड तक वाला इंटरनेट इसके अलावा मुकेश अंबानी ने बताया कि देश में डिजिटल लहर को देखते हुए रिलायंस ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक गठबंधन भी किया हैं. इसके अंतर्गत वे भारत में नए क्लाउड डाटा केंद्र खोलेंगे. इसमें आप मोबाइल या लैपटॉप की जगह इंटरनेट पर अपना सभी डाटा जैसे फाइल्स, फोटो और विडियो स्टोर कर के रख सकते हैं.

‘कौन बनेगा करोड़पति’ के 11वें सीजन का हुआ आगाज, बिग बी ने लॉन्च पर कही ये अहम बातें

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कौन बनेगा करोड़पति का सीजन 11 के लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन एक भार फिर कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन के साथ 19 अगस्त को छोटे परदे पर लौट रहे हैं। आज इसी 11वें सीजन का लॉन्च हुआ, जहां शो निर्माताओं ने सभी पत्रकारों को भी आमंत्रित किया। शो के सेट पर ही यह खास प्रेस कॉन्फेरेंस आयोजित की गई।

कई अलग अलग पत्रकारों ने बिग बी से तरह तरह से सवाल किए। पहला सवाल हुआ की क्यों बिग बी इस शो को होस्ट करने के लिए हर बार उत्साहित रहते हैं, ऐसा क्या है जो उनको हर बार इस तरफ खींच लाता है। बिग बी ने बड़े सरल शब्दों में इसका जवाब देते हुए कहा ” मैं इस शो के जरिए देश के अलग अलग क्षेत्रों से आए कई नए नए लोगों से मिलता हूं, उन सभी की कहानियां मुझे अपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। इसीलिए मैं हर बार इसे होस्ट करने के लिए तैयार हो जाता हूं।”

फिर उनसे सवाल हुआ की क्या उनके परिवार में से कोई इस शो को देखता है और क्या इसे खेलने की उम्मीद करता है। तब अमिताभ बोलते हैं ” जी हां जया हर बार अपना घर का काम छोड़कर पहले मेरा यह शो देखती है। मैं उनको बहुत धन्यवाद देता हूं की वे ऐसा करती हैं। वहीं श्वेता और ऐश्वर्या कई बार इसके ऐप पर खेल चुकी हैं। लेकिन जंहा तक बात मेरे परिवार से किसी सदस्य के यहां पर आने की है, तो आपको बता दूं की शो के निर्माताओं ने यह नियम बनाया है की परिवार का कोई भी सदस्य यंहा नहीं आ सकता है। “

शो की शुरूआत साल 2000 में हुई थी, तब कोई भी बड़े परदे का कलाकार टीवी पर काम करने की नहीं सोचता था, तब अमिताभ इस शो का हिस्सा बने, इस बात को लेकर अमिताभ ने कहा ” ये मैने जान बूझ के नहीं किया, तब परिस्तिथियां ऐसी थीं। तब सभी मुझे मना कर रहे थे की इस तरफ मत जाओ। परिवार वालों ने भी खूब मना किया। पर तब मुझे लगा की ये कुछ नया है, इसीलिए फिर मैने शो के निर्माताओं से कहा मैं इस तरह के शो को लाइव देखना चाहता हूं। ताकी मुझे अनुमान हो जाए की किस प्रकार यह होता है। तब निर्माता मुझे लंदंन ले गए, वहां एक शो देखा और मैं उसे देख काफी उत्साहित हुआ। तब मैने निर्माताओं से कहा की अगर आप इसी तरह से अपने शो को बनाएंगे और इसका वातावरण भी इसी प्रकार का होगा तभी मैं इसे करूंगा। और आज देखिए इनकी कोशिश कितनी रंग लाई है। ” 

पत्रकारों ने फिर बिग बी से सवाल किया की जब भी कोई नाय कंटेस्टेंट आता है तब आपको देख सवालों को जवाब पता होने पर भी भूल जाता है। क्या ऐसा कोई वाकया आपके साथ हुआ है। तब मज़ाक करते हुए बिग बी बोले की मुझे सबसे ज्यादा डर उस हॉट सीट से लगता है, क्योंकि अगर मैं उसपर बैठा तो शायद ही किसी सवाल का जवाब दे पाऊं। एक बार मैने कोशिश भी की थी, पर सभी सवालों में सिर्फ दो सवाल सही निकले। इसीलिए मेरा खौफ वो हॉट सीट ही है। 

आखिर में शो की तारीफ करते हुए अमिताभ कहते हैं की इस बार शो में 11 अलग अलग सामान्य विषयों का मेल कर इसके सवालों को तैयार किया गया है। इसीलिए जिसको जो विषय सही लगे वे उसी विषय के सवालों के साथ आगे खेल सकता है। ये सब शो के निर्माताओं की ही पहल है, मैं इस शो के देश के सबसे बड़े क्विज शो का खिताब पाने का श्रेय इसके निर्माताओं को ही देता हूं। सिर्फ इनकी वजह से आज यह शो इतना सफल है, मेरे आने से कुछ खास नहीं हुआ है। 

मोबाइल फोन के साथ बैठक में नहीं आएंगे नेता : कांग्रेस की कमान दोबारा संभालने के बाद सोनिया गांधी का पहला फैसला

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कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बनते ही सोनिया गांधी ने पहला बड़ा और सख्त फैसला किया है। सोनिया गांधी ने पार्टी नेताओं से कार्यसमिति की बैठक में मोबाइल फोन लेकर नहीं लेकर आऩे को कहा है। 10 अगस्त की रात को कांग्रेस नेताओं ने सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष चुना था, अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने के बाद सोनिया गांधी ने सबसे पहला कदम पार्टी में अनुशासन सुधारने को लेकर लिया है और यही वजह है कि कार्यसमिति की बैठकों में मोबाइल फोन बंद कर दिए गए हैं।

सोनिया गांधी को आने वाले दिनों में कांग्रेस पार्टी के लिए कई अहम फैसले करने हैं, पार्टी में गुटबाजी को खत्म करना और सहयोगी दलों के साथ तालमेल बिठाना सोनिया गांधी के लिए मुश्किल चुनौती साबित हो सकता है।

आने वाले दिनों में दिल्ली, झारखंड, हरियाणा, महाराष्ट्र में चुनाव होने हैं। लोकसभा चुनावों में हार के बाद देशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में फिर से जोश भरकर उन्हें विधानसबा चुनावों में पूरी ताकत झोकने के लिए तैयार करना भी सोनिया गांधी के लिए बड़ी चुनौती हो सकता है। पार्टी के कई बड़े नेता और पदाधिकारी पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में शामिल हो गए हैं। कांग्रेस में संगठनात्कम तौर पर प्रदेश स्तर के कई पद खाली पड़े हैं, ऐसे में उन पदों पर नए चेहरों की नियुक्ती को लेकर भी सोनिया गांधी को ही फैसला करना है। दिल्ली और झारखंड में चुनाव हैं और इन दोनो ही जगहों पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी खाली पड़ी हुई है, ऐसे में सोनिया गांधी आने वाले दिनों में इन दोनो जगहों के लिए प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर मुहर लगा सकती हैं।

हरियाणा में भी जल्द चुनाव होने वाले हैं लेकिन वहां पर पार्टी में अंदरूनी कलह बढ़ती जा रही है, चुनावों से पहले हरियाणा में संगठन को इकट्ठा करना सोनिया गांधी के लिए बड़ी चुनौती होगा। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर लड़ना और सीटों का बटवारा करना भी सोनिया गांधी को ही देखना है।

सनी लियोनी की दीवानगी, प्रियंका-कटरीना को पछाड़ एक्ट्रेस ने बनाया ये रिकॉर्ड

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भारत में गूगल सर्च (Google Search) में इस साल अगस्त के पहले हफ्ते तक सबसे अधिक ढूंढे जाने वाली सेलेब्रिटीज की लिस्ट में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan), शाहरुख खान (Shahrukh Khan), प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) और कटरीना कैफ (Katrina Kaif) को पीछे छोड़ते हुए अभिनेत्री सनी लियोनी (Sunny Leone) टॉप पर मौजूद हैं. खबरों की मानें तो गूगल ट्रेंड्स एनालिटिक्स के अनुसार, सनी से जुड़ी ज्यादातर सर्च उनके वीडियो के संबंध में हैं. वहीं इसके अलावा उनकी बायोपिक सीरीज ‘करनजीत कौर : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सनी लियोनी’ को भी लोगों ने काफी ज्यादा सर्च किया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार सनी से जुड़े अधिकतर सर्च ट्रेंड्स बताते हैं कि उन्हें सबसे ज्यादा पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे मणिपुर और असम में खोजा गया. लिस्ट में टॉप पर होने पर सनी ने कहा कि मेरी टीम ने मुझे इस बात की जानकारी दी और मैं इसका क्रेडिट अपने फैंस को देना चाहूंगी, जो हमेशा मेरे लिए खड़े रहे हैं. यह एक खास फीलिंग है.



मीडिया में चर्चा होने पर सनी लियोनी के पति डेनियल वीबर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर ट्वीट किया है. उन्होंने एक न्यूज़ लिंक शेयर करते हुए लिख कि ‘नहीं नहीं!! भारत में वाटर शॉर्टेज और क्लाइमेट चेंज ज्यादा अहम मुद्दे हैं.’

दरअसल सोशल मीडिया पर इस लिस्ट के आने के बाद कहा जा रहा है कि लोग देश में बाढ़ से हुई त्रासदी और अन्य मुद्दों को भुला कर लोग सनी के वीडियोज सर्च कर रहे थे. जिसपर सनी के पति ने ऐसा ट्वीट किया है. बता दें कि पिछले साल भी भारत में सबसे ज्यादा खोजे जाने वाले हस्तियों की इस सूची में सनी पहले स्थान पर रही थीं.

डायरेक्टर ने बताया सेट पर कैसे बर्ताव करते हैं ‘शहंशाह’: फिर ‘करोड़पति’ बनाने आ रहे हैं अमिताभ

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एक बार फिर टीवी पर आपको मेगास्टार अमिताभ बच्चन की आवाज में सुनने को मिलेगा- देवियों और सज्जनों, आइए आप और हम मिलकर खेलते हैं कौन बनेगा करोड़पति। दरअसल 13 अगस्त को केबीसी के 11वें सीजन का आगाज मुंबई में किया जाएगा। शो के आगाज के पहले इसके डायरेक्टर ने केबीसी और अमिताभ बच्चन के बारे में कुछ खुलासे किए हैं।

कुछ दिन पहले ही कौन बनेगा करोड़पति 11 के सेट से अमिताभ बच्चन के कुछ फोटोज सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। ऐसे में शो के डायरेक्टर अरुण शेषकुमार ने शो के बारे में एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान बताया कि अमिताभ ने सिर्फ शो को होस्ट करते हैं बल्कि वो इसकी मेकिंग में भी पूरी तरह से जुड़े रहते हैं।

अरुण ने बताया कि अमिताभ हर चीज की पहले से ही प्रेक्टिस करते हैं, जबकि हमें पता होता है कि उन्हें ऐसा करने की जरूरत नहीं है। अरुण कहते हैं- ‘वह हमेशा अपना होमवर्क जरूर करते हैं। मुझे याद है कि एक बार उन्होंने मुझे कॉल किया था और कहा था कि मैं बस उठकर सेट पर नहीं चला आता। मैं पूरी रात सोचता हूं और फिल्म सिटी में आने तक सोचता रहता हूं। मैं सिर्फ केबीसी के बारे में विचार करता हूं कि इसमें कब और क्या करना चाहिए।’

बता दें कि अरुण केबीसी को पिछले 11 सालों से डायरेक्ट कर रहे हैं। ऐसे में अमिताभ के साथ काम करने के अनुभव पर अरुण कहते हैं- ‘अमिताभ बच्चन परफेक्शनिस्ट हैं और उनके लिए मैं अपना बेस्ट देना चाहता हूं। यही वजह है कि मुझे एक्साइटमेंट और नर्वसनेस की फीलिंग्स पसंद हैं, इसलिए जब भी मैं सेट पर आता हूं तो ऐसा लगता है जैसे में अपना पहला शो डायरेक्टर कर रहा हूं।’

इसके आगे अरुण कहते हैं- ‘हर साल अमिताभ जी जवान होते जा रहे हैं। उनका जोश बढ़ता जा रहा है। सेट पर वो बच्चों जैसे हो जाते हैं और कहते हैं- आज क्या नया करना है। वो हर काम को एक बच्चे की तरह खूब एन्जॉय करते हैं।’

वहीं टीवी शो के बारे में अरुण कहते हैं- ‘इतने लंबे समय से साथ में काम करते आने के बावजूद केबीसी शुरू होने से पहले मेरी नींद उड़ जाती है। मैं इस इंडस्ट्री में 19 सालों से हूं और कई शोज पर काम किए हैं, लेकिन आज भी जब मैं केबीसी के सेट पर आता हूं तो 15 मिनट के अंदर ही नर्वस होने लगता हूं। यह फीलिंग मेरे लिए शानदार है। मुझे पता है कि इतने एक्सपीरियंस के बाद मुझे नर्वस नहीं होना चाहिए, लेकिन यह भावनाएं मुझे बेहतर करने के लिए प्रेरित करती हैं’।

ये 5 आविष्कार अगर सफलतापूर्वक दुनिया में आ गए होते, तो दुनिया की तस्वीर ही अलग होती

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हमारे जीने के सारे संसाधन प्रकृति में मौजूद हैं। इन्ही संसाधनों की मदद लेते हुए कुछ महान वैज्ञानिकों ने मानव जीवन की भलाई और उन्नति के उद्देश्य से कुछ आविष्कार किये थे। इन अविष्कारों के आ जाने से मानव जीवन की कायापलट हो सकती थी। लेकिन अज्ञानता और भ्रांतियों की वजह से वे हमारे सामने आ ही नहीं सके। आज मैं ऐसे ही 5 अद्भुत अविष्कारों के बारे में आपको बताने जा रही हूँ।

1.Cloud buster 

विल्हेम रीच ने एक ऐसा यंत्र बनाया था, जिसकी मदद से संसार के किसी भी हिस्से का मौसम बदला जा सकता था। 1953 में इसका सफल परीक्षण भी किया गया था। इससे प्रकृति को बिना नुकसान पहुँचाये, उसी में मौजूद पार्टिकल्स की मदद से बारिश की जा सकती थी। इससे सूखे और अकाल जैसी विषम स्थिति से आसानी से निपटा जा सकता था। लेकिनU.S. Department of Health and Human Services (HHS) के Food and Drug Administration(FDA)ने उन पर फ्रॉड होने का आरोप लगते हुए उनके यंत्रों को नष्ट करवा दिया।

2.Free Energy Technology 

विक्टर शाउबर्गर ने 1940 में एक टरबाइन इंजन बनाया जोकि बहुत ही दुर्लभ और शक्तिशाली तकनीक थी। इस तकनीक की मदद से बिना ईंधन के जले हुए विमान को उड़ाया जा सकता था। लेकिन द्वितीय विश्व युद्ध के बाद उन्हें 9 महीने के लिए बंदी बना लिया गया और उन्हें सारे दस्तावेज़ और तस्वीरें जब्त कर ली गयीं। गहन पूछताछ के बाद ऐसे विमान बनाये भी गए, लेकिन वे उतने सफल नहीं हो सके।

3.Wardenclyffe Tower 

निकोला टेस्ला ने ऐसी तकनीक बनायीं थी जिससे बिना तारों की मदद वातावरण में मौजूद करंट से बिजली को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाया जा सकता था। इससे काफी ऊर्जा बच सकती थी, जेपी मॉर्गन जोकि इस प्रोजेक्ट के लिए टेस्ला को पूँजी दे रहे थे। उन्होंने ये देखते हुए कि ऐसा होने से उनके व्यापार को काफी नुकसान है, पूंजी लगाने से मना कर दिया। और यह प्रोजेक्ट बंद करना पड़ा।

4.Water Fuelled car 

इसे हाइड्रोजन फ्यूलड भी कहा जाता है। स्टेनली मेयेर ने एक ऐसे वाहन का आविष्कार किया था, जिसे पेट्रोल या डीज़ल के बिना सिर्फ पानी से चलाया जा सकता था। इस वाहन के 9 मॉडल्स उन्होंने बनाकर उनपर पेटेंट भी करवा लिया था। 21 मार्च 1998 को एक रेस्टोरेंट में डिनर के दौरान अचानक उनकी मृत्यु हो गयी और ये प्रोजेक्ट वही थम गया। ऐसा कहा जाता है, कि एक फ्यूल कंपनी ने उनके खाने में जहर मिलवाकर उन्हें मरवा दिया था।

5.Chrono Vision Technology 

1960 में फादर पेलेग्रिनो एर्नेटी ने भूतकाल की घटनाओं को देख लेने वाला यंत्र बनाया था। इसकी सहायता से वह ईसा मसीह की मृत्यु को देखकर भी आये थे। इस घटना की एक तस्वीर 2 मई 1972 को इटली की एक साप्ताहिक मैगज़ीन में प्रकाशित भी की गयी थी। 1994 में अपने अंतिम पलों में फादर ने वेटिकन सिटी में ये बात बताई थी, कि 1972 में वह मशीन आखिरी बार अस्तित्व में थी। उसके बाद उसे नष्ट कर दिया गया था।