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अपने बच्चो को खुद पाल रहे है बॉलीवुड के यह सुपरस्टार अपनी पत्नी को तलाक देने के बाद..

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आज इस आर्टिकल में हम आपको चार बॉलीवुड अभिनेताओं के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी पत्नी से तो तलाक ले लिया लेकिन उन तीन बच्चों को खुद ही पाल रहे हैं।

1 अर्जुन रामपाल अर्जुन रामपाल ने 1998 में मेहर जेसिया शादी की अर्जुन और मेहर के दो प्यारी सी बिटिया है लेकिन शादी के 20 साल बाद दोनों का तलाक हो गया और इन दोनों बेटियों को अर्जुन की कस्टडी में रखा गया।

2 अरबाज खान अरबाज खान ने मलाइका अरोड़ा से शादी की थी लेकिन कुछ दिनों पहले ही अरबाज खान और मलाइका अरोड़ा का तलाक हो गया लेकिन लेकिन इन दोनों की एक बेटा है जिसको अरबाज खान की कस्टडी में ही रखा गया।

3 फरहान अख्तर फरहान अख्तर ने साल 2000 में अधुना भवानी से शादी की इन दोनों के दो बेटियां हैं जिनका नाम शाक्य और अकीरा हैं इन दोनों का तलाक साल 2017 में हो चुका है और अपनी बेटियों को फरान अख्तर ही रखते हैं।

4 रितिक रोशन रितिक रोशन ने सुजैन खान से शादी की थी लेकिन इन दोनों की शादी साल 2000 में हुई थी लेकिन साल 2014 में दोनों का तलाक हो गया इन दोनों के दो लड़के हैं जिनको रितिक रोशन की कस्टडी में रखा गया है रितिक रोशन का पालन पोषण करते हैं।

पाकिस्तान के सेंधा नमक का संतो ने किया बहिष्कार

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कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए मैनपुरी का संत समाज आगे आया है. पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक संबंध तोड़ने की घोषणा की है. इसके विरोध में संत समाज ने पाकिस्तान से आने वाले लाहौरी नमक के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है.

मैनपुरी नगर के कबीर आश्रम में संत समाज ने बैठक कर लाहौरी नमक के बहिष्कार की घोषणा की. जनपद के लोगों से भी इस नमक का प्रयोग न करने की अपील की गई है. कहा गया है कि हिन्दुस्तान में ही काला नमक और सफेद नमक बहुतायत में है. इस नमक का प्रयोग भी किया जाए.

कबीर आश्रम में सोमवार को संत समाज की बैठक हुई. बैठक में आश्रम के संचालक संत अमर साहेब ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक संबंध तोड़ दिए हैं. मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर देशहित में फैसला लिया है. हमारे देश में नमक की कोई कमी नहीं है. संत समाज ने फैसला किया है कि देशहित में पाकिस्तान से आने वाले सेंधा नमक का इस्तेमाल आगे से नहीं करेगे. संतों के बीच इस फैसले की जानकारी दी दे दी गई है. जनपद के भक्तों को भी इस फैसले से अवगत कराया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान से आने वाले अन्य खाद्य पदार्थों का भी बहिष्कार कराया जाएगा.

पाकिस्तान से भारत में होती है सेंधा नमक की सप्लाई

पाकिस्तान से जुड़ी सिंधु नदी के सीमावर्ती इलाकों से भारत में आने वाले सेंधा नमक को बोलचाल की भाषा में लाहौरी नमक भी कहा जाता है. देश में यह नमक पाकिस्तान से जुड़े सिंध, ख़ैबर पख्तून इलाके से सप्लाई होता है. यह नमक जमीन में मिलता है. इस नमक की एक पहाड़ी श्रृंखला पाकिस्तान में है. इसी इलाके में प्रसिद्ध खेवड़ा नमक की खान है. इस नमक को लाहौरी नमक भी कहा जाता है क्योंकि यह अक्सर लाहौर से होता हुआ पूरे उत्तर भारत में सप्लाई होता है. देश में सेंधा या लाहौरी नमक का इस्तेमाल व्रत के मौके पर लोग करते हैं. आम दिनों में भी कुछ लोग इस नमक का प्रयोग सेहत के लिए करते हैं.

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4. नान नान खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और तीखा लगता है, लेकिन आपको जानकारी दें कि नान को नरम और लचीला बनाने के लिए उसमें अंडा मिलाया जाता है।

 3. चीज 

आपको मालूम होगा ही कि इसको किस चीज से बनाया जाता है लेकिन बता दे चीज बनाने के लिए दूध के साथ एक प्रकार का एंजाइम्स उपयोग किया जाता है, जिसे पशुओं के आंतों से प्राप्त किया जाता है। 

2. कुकिंग ऑइल

अब खाने के लिए दुकान में मिलने वाली जिस तेल का उपयोग करते हैं, असल में वे नॉनवेज है. टीवी में बताया जाता है कि कुकिंग ऑयल में ओमेगा-3 और विटामिन डी मौजूद होता है, जो आंखों और दिल के लिए फायदेमंद माना जाता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि ओमेगा 3 मछली और विटामिन डी भेड़ की हड्डी से प्राप्त किया जाता है और उसे तेल में मिलाया जाता है। 

1. मंचऑव सूप

जो लोग चाइनीस खाना ज्यादा पसंद करते हैं वे लोग मंचऑव सूप का ऑर्डर जरूर देते होंगे. जानकारी के लिए बता दें इस सूप को बनाने के लिए फिश सॉस का उपयोग किया जाता है।

सुबह-सुबह नहीं हो पाता है पेट साफ तो रोजाना करें बस ये 1 छोटा सा काम, तुरंत दिखेगा असर

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आप सभी ने ज्यादातर देखा होगा कि कुछ लोग सुबह सुबह अपना पेट ना साफ होने की समस्या तेवर परेशान रहते हैं हालांकि इस कड़ी में ज्यादातर भारतीय लोग शामिल है बता दें कि पेट ना साफ होने की वजह से सिर दर्द पेट की समस्याएं भी उत्पन्न होती है। इतना ही नहीं इस वजह से शरीर का विकास भी सही तरीके से नहीं हो पाता है ऐसे में पेट का साफ होना बेहद जरूरी होता है अगर आप ही समस्या से परेशान हैं तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में जिन को अपनाने के बाद आप इस समस्या से आसानी से निजात पा सकते हैं।

जानिए कब्ज के कारण और उपचार

कई सारे विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह पेट साफ ना होने के कारण हमारा खान-पान हमारी दिनचर्या दोनों ही प्रभावित होती है।गलत खान पान और जीवन शैली पूरे सिस्टम को खराब कर देती है। अगर हम अपना खानपान बेहतर सकते है और गलत समय पर भोजन करते है। तो हमें इस तरह की किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है। इसलिए नाश्ता सुबह के समय पर भरपेट करें और दिन का खाना भी सही समय पर खाये। रात को सोने से 3 घंटे पहले हल्का भोजन करें। ऐसा करने से आंतों की अच्छी तरह सफाई हो जाती है। इसके अलावा दिन में करीब आठ से 10 गिलास पानी जरूरी है।

कब्ज और सुबह पेट साफ करने के लिए कुछ जरूरी बातें

रोजाना सोने से पहले आप एक चम्मच आंवला पाउडर का सेवन करें। ऐसा करने से आपको अपनी समस्या से जल्द ही निजात मिलेगा।

अगर आप रोज रात को खाने के बाद सौंफ का सेवन करते है। तो यह आपके लिए बेहद फायदेमंद होगा क्योंकि ऐसा करने से पेट हमेशा साथ रहता है।

आपको बता दें कि छाछ में कई सारे औषधीय गुण भी पाए जाते है। खाना खाने के दौरान छाछ पीना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इससे आपका हाजमा भी ठीक रहता है।

लोगों को पेट ना साफ होने की समस्या ज्यादा परेशान करती है। उन्हें ज्यादा मात्रा में सलाद का सेवन करना चाहिए। आपको बता दें कि आप सलाद में मूली गाजर टमाटर चुकंदर आदि का सेवन कर सकते हैं की मात्रा पाई जाती है।

अगर आप कभी पेट सही तरीके से साफ नहीं हो पाता है। तो आप उस बात का जरूर ध्यान रखना होगा। आपको ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए। लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि खाना खाने के दौरान कभी भी पानी का सेवन ना करें। क्योंकि आयुर्वेद के मुताबिक, खाना खाने के दौरान काफी ज्यादा हानिकारक बताया गया हैं।

जानिए पाचन क्रिया को सही रखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण व्यायाम

व्रजासन

आपको बता दें कि यह आसन अमाशय पेट और गर्भाशय की मांसपेशियों को शक्ति प्रदान करता है। यह हर्निया के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होता है। नियमित तौर पर इस आसन को करने से जॉइंट पेन गठिया जैसे रोगों को दूर करने में मदद मिलती है। इसके अलावा वजन को कम करने में भी मदद करता है।

जानिए इस आसन को कैसे करें

खाना खाने के बाद चटाई पर बैठ जाए फिर दोनों घुटनों को मोड़ ले और पंजों के बल नीचे बैठ जाएं। ध्यान रखें कि दोनों पैरों के अंगूठे आपस में मिल रहे हो और एड़ियों में थोड़ी सी दूरी हो। शरीर के पूरे भाग का बल आप अपने पैरों पर डालें। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आसन करते समय आपकी कमर एकदम सीधी हो और आपको उस अवस्था में 10 मिनट तक बैठना है। इसके बाद आप लंबी लंबी सांस लें। आपको बता दें कि यह आसान करने के दौरान शरीर के मध्य भाग पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। इस दौरान पेट और आंतों पर हल्का दबाव पड़ता है। जिससे कब्ज भी दूर हो जाती है। और पाचन तंत्र मजबूत होता है।

आखिर इसी वक्त क्यों लिया गया कश्मीर पर बड़ा फ़ैसला?

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आर्टिकल 370 (Article 370) के प्रावधान खत्म कर जम्मू कश्मीर को दो अलग केंद्रशासित प्रदेशों में पुनर्गठित करने का फैसला केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार (Narendra Modi Government) ने इस वक़्त कर विपक्ष को ही नहीं, बल्कि पूरे देश को चौंका दिया. चुनाव हो चुके और भाजपा अपने सहयोगी दलों के साथ भारी बहुमत हासिल कर दोबारा सरकार बनाने में कामयाब हुई. निकट भविष्य में कोई महत्वपूर्ण चुनाव नहीं है और न ही कोई बड़ा राजनीतिक संकट (Political Crisis) सरकार के सामने है. दूसरी तरफ, कश्मीर में पिछले काफी समय से सरकार बर्खास्त है और राष्ट्रपति शासन लागू है. ऐसे में इस वक़्त इस तरह का ऐतिहासिक बड़ा फ़ैसला करने के पीछे क्या कारण रहे? आइए समझें.

राजनीति के जानकार और मीडिया (Media) केंद्र सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक के साथ ही मास्टर स्ट्रोक (Master Stroke) करार दे रहा है, तो आखिर इसकी वजह क्या है. देश के अंदरूनी हालात और दुनिया के ताज़ा राजनीतिक परिवेश पर अगर नज़र डाली जाए तो शायद स्थिति स्पष्ट हो सकती है. बिंदुवार जानिए कि कारण रूप में देश और दुनिया के हालात क्या इस सवाल का जवाब देते हैं कि ये फैसला इस वक़्त करने के पीछे क्या कहानी रही.

कमज़ोर विपक्ष और अनुकूल कश्मीर लगातार दूसरी बार भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने में कामयाब हुई भाजपा और एनडीए के पास यही सबसे अच्छा मौका था कि तमाम ज़रूरी और बड़े फैसले कर लिये जाएं. एक, राहुल गांधी के इस्तीफ़े के बाद कांग्रेस पार्टी अपने सबसे खराब दौर से गुज़र रही है और चुनाव में बुरी तरह धराशायी हुई. कांग्रेस के अलावा भी संसद में कोई विपक्षी दल मज़बूत स्थिति में नहीं है. तो संसद में किसी अधिनियम को पास कराने के लिए सरकार के सामने कोई चुनौती नहीं है.

दूसरी ओर, कश्मीर के हालात पहले की तुलना में ज़्यादा अनुकूल दिख रहे थे. पुलवामा हमले के बाद भारत की एयर स्ट्राइक के बाद से सीमा पार आतंकवाद तकरीबन काबू में होने के दावे किए गए. कश्मीर में सरकार बर्खास्त थी और राष्ट्रपति शासन था यानी एक तरह से केंद्र के पक्ष में माहौल था. ऐसे में बड़े फैसले लेने के लिए इस वक़्त मुफ़ीद हालात दिख ही रहे थे.

अब अगर दुनिया में बनीं स्थितियों पर नज़र डाली जाए तो अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ज़रिए भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर दबाव बनाने में कामयाबी हासिल की थी. इसके चलते, अमेरिका ने अफ़गानिस्तान में शांति बहाली और अमेरिकी फौजें हटाने के मक़सद से वार्ताएं शुरू करवाईं. अफ़गानिस्तान की वार्ता को अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ रिश्तों में इस समय प्राथमिकता पर रखा हुआ था.

दूसरी ओर, अफ़गान मामले में पाकिस्तान चाहता था कि वह विश्व मंच पर कश्मीर मुद्दे को उठाए और इसी कोशिश में ट्रंप ने मध्यस्थता करने की इच्छा ज़ाहिर की भी लेकिन भारत ने अपना रुख साफ कर दिया कि कश्मीर द्विपक्षीय मामला है और इस पर किसी का दखल नहीं बर्दाश्त होगा. वहीं, भारत ने अफ़गान वार्ता के मामले से खुद को अलग कर लिया. कुल मिलाकर अमेरिका ने अफ़गान वार्ता को प्राथमिकता पर रखते हुए पाकिस्तान को सिर्फ वहीं केंद्रित रहने को कहा.

पाकिस्तान का खराब हाल
आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान पर अमेरिका का दबाव भी रहा इसलिए पाकिस्तान से किसी किस्म की बड़ी या गंभीर प्रतिक्रिया की आशंका भी कम ही थी. डॉलर का मूल्य 160 पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच गया और महंगाई की दर 11 फीसदी तक बढ़ गई. वहीं, आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तानी सरकार पूरी तरह से घिर गई और पाक पीएम इमरान खान को पाक की ज़मीन पर पनप रहे आतंकियों के खिलाफ सख़्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा. ऐसे में, भारत के पास पूरा मौका था कि वह पाकिस्तान की खराब स्थिति का फायदा उठाकर उस पर और दबाव बनाने की रणनीति अपनाए.

मुंह पर कश्मीर मुद्दे को भारत और पाकिस्तान का आपसी मामला बताता रहा चीन हमेशा से पीठ पीछे पाकिस्तान का ही साथ देता रहा है और सीमाओं को लेकर भी भारत पर अन्याय करने की फिराक में रहा है. कभी लद्दाख तो कभी अरुणाचल में भारतीय सीमाओं या क्षेत्रों को अपने कब्ज़े में लेने का मंसूबा रखने वाले चीन के लिए भी एक संदेश देने का मौका था कि भारत अपने संविधान और संप्रभुता को केंद्र में रखकर आक्रामक फैसले लेने की स्थिति में है. पाकिस्तान पर चौतरफा दबाव बन जाने के बाद चीन भी उसका साथ देने की स्थिति में खुलकर नहीं आ सकता था, यह स्थिति भी भारत के पक्ष में थी.

इन तमाम कारणों का विश्लेषण करती इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत सरकार के लिए यही सबसे मुफ़ीद समय था कि वह कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे को खत्म कर उसका पुनर्गठन करे और देश के संपूर्ण एकीकरण की तरफ कदम बढ़ाए.

स्वतंत्रता दिवस 2019 : कहां थे उस दिन महात्मा गांधी, पढ़ें 15 अगस्त 1947 की 10 रोचक बातें

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 15 अगस्त का दिन पूरे भारत में स्वतंत्रता दिवस (independence day) के रूप में मनाया जाता है। सन् 1947 में इसी दिन भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। हिन्दु्स्ता को आजादी दिलाने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अहम भूमिका रही थी। लेकिन आपको इस बात की जानकारी नहीं होगी कि जब भारत को आजादी मिली थी तो महात्मा गांधी इस जश्न में नहीं थे। तब वे दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे। आजादी की सालगिरह के मौके पर यहां जानें इस दिन से जुड़े कुछ ऐसी ही दिलचस्प तथ्य –

1. 15 अगस्त 1947, को जब भारत को आजादी मिली थी तब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी इस जश्न में शामिल नहीं हो सके थे, क्योंकि तब वे दिल्ली से हजारों किलोमीटर दूर बंगाल के नोआखली में थे, जहां वे हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे।

2. 14 अगस्त की मध्यरात्रि को जवाहर लाल नेहरू ने अपना ऐतिहासिक भाषण ‘ट्रिस्ट विद डेस्टनी’ दिया था। इस भाषण को पूरी दुनिया ने सुना था लेकिन महात्मा गांधी ने इसे नहीं सुना क्योंकि उस दिन वे जल्दी सोने चले गए थे।

3. हर साल स्वतंत्रता दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से झंडा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त, 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था।

4. 15 अगस्त तक भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा रेखा का निर्धारण नहीं हुआ था। इसका फैसला 17 अगस्त को रेडक्लिफ लाइन की घोषणा से हुआ जोकि भारत और पाकिस्तान की सीमाअओं को निर्धारित करती थी।

5. भारत 15 अगस्त को आजाद जरूर हो गया लेकिन उस समय उसका अपना कोई राष्ट्र गान नहीं था। हालांकि रवींद्रनाथ टैगोर ‘जन-गण-मन’ 1911 में ही लिख चुके थे, लेकिन यह राष्ट्रगान 1950 में ही बन पाया।

6. 15 अगस्त की तारीख हो ही दक्षिण कोरिया, बहरीन और कांगो देश का भी स्वतंत्रता दिवस होता है। हांलाकि ये देश अलग-अलग वर्ष क्रमश: 1945, 1971 और 1960 को आजाद हुए थे।

7. यह लार्ड माउंटबेटन ही थे जिन्‍होंने निजी तौर पर भारत की स्‍वतंत्रता के लिए 15 अगस्‍त का दिन तय किया क्‍योंकि इस दिन को वह अपने कार्यकाल के लिए बेहद सौभाग्‍यशाली मानते थे।

8. 15 अगस्त को भारत के अलावा तीन अन्य देशों का भी स्वतंत्रता दिवस होता है। दक्षिण कोरिया जापान से 15 अगस्त, 1945 को आज़ाद हुआ। ब्रिटेन से बहरीन 15 अगस्त, 1971 को और फ्रांस से कांगो 15 अगस्त, 1960 को आजाद हुआ था।

9. 15 अगस्त, 1947 को लॉर्ड माउंटबेटन ने अपने दफ़्तर में काम किया। दोपहर में नेहरू ने उन्हें अपने मंत्रिमंडल की सूची सौंपी और बाद में इंडिया गेट के पास प्रिसेंज गार्डेन में एक सभा को संबोधित किया।

10. 15 अगस्त 1947 को, 1 रुपया 1 डॉलर के बराबर था और सोने का भाव 88 रुपए 62 पैसे प्रति 10 ग्राम था।

रिलायंस AGM में पति के हाथों में हाथ डालकर पहुंचीं श्लोका, देखें किस अंदाज में नजर आया अंबानी परिवार

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रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की 42वीं एनुअल जनरल मीटिंग चल रही हैं। इस अवसर पर मुकेश अंबानी के साथ उनका पूरा परिवार पहुंचा। इवेंट में नीता अंबानी से लेकर बहू श्लोका मेहता और बेटी ईशा अंबानी एक से बढ़कर एक लुक में नजर आए। सोशल मीडिया पर पूरे परिवार की तस्वीरें वायरल हो रही हैं।

सबसे पहले बात करेंगे नीता अंबानी के लुक की। नीता ने पिंक कलर का सूट पहना है, जिसमें वह हमेशा की तरह खूबसूरत नजर आ रही हैं। इसके साथ उन्होंने डायमंड नेकलेस और कानो में ईयरिंग्स कैरी किए हुए हैं। वहीं मुकेश अंबानी ब्लैक कलर के पैंट सूट में नजर आए। उन्होंने पिंक कलर की टाई लगा रखी है, जो नीता के आउटफिट के साथ कॉम्पलीमेंट कर रही है।

इवेंट में अंबानी परिवार की बहू श्लोका पति आकाश के हाथों में हाथ डाले नजर आईं। उन्होंने पेस्टल ब्लू कलर का प्लाजो सैट कैरी किया हुआ है। उनके कुर्ते पर पिंक, ग्रीन और येलो कलर की फ्लोरल एंब्रॉयडरी हो रखी है। इसके साथ उन्होंने पिंक दुपट्टा कैरी किया है। अपने इस लुक को उन्होंने मिनिमल मेकअप के साथ न्यूड लिपस्टिक लगाकर पूरा किया। श्लोका ने माथे पर छोटी सी बिंदी लगा रखी है, जो उनके लुक पर चार चांद लगा रही है।

ईशा अंबानी भी ट्रेडिशनल अवतार में पहुंची। उन्होंने फ्लोरल कुर्ते के साथ मैचिंग प्लाजो पहना है। ईशा ने बालों को ओपन किया हुआ है। इसके अलावा उन्होंने कानों में डायमंड स्टड के साथ न्यूड लिपस्टिक लगा रखी है। ओवरऑल ईशा का लुक सिंपल और क्लासी है।

इवेंट में मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की गर्लफ्रेंड राधिका मर्चेंट भी नजर आईं। राधिका ने ब्लू और व्हाइट कलर का फ्लोरल एंब्रॉयडरी सूट पहना है, जिसमें वह हमेशा की तरह क्यूट लग रही हैं। इसके अलावा मुकेश अंबानी की मां कोकिला भी पहुंची हैं। उन्होंने भी ईशा, श्लोका और राधिका की तरह फ्लोरल पहना है। बस उन्होंने सूट की जगह साड़ी पहनी है।

इस मंदिर में होता है मिर्च से अभिषेक, जानिए आखिर क्या है वजह…

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गुप्तकाल (चौथी से छठी शताब्दी) में मन्दिरों के निर्माण का उत्तरोत्तर विकास दृष्टिगोचर होता है। पहले लकड़ी के मन्दिर बनते थे या बनते होंगे लेकिन जल्दी ही भारत के अनेक स्थानों पर पत्थर और र्इंट से मन्दिर बनने लगे। 7वीं शताब्दि तक देश के आर्य संस्कृति वाले भागों में पत्थरों से मंदिरों का निर्माण होना पाया गया है। चौथी से छठी शताब्दी में गुप्तकाल में मन्दिरों का निर्माण बहुत द्रुत गति से हुआ। मूल रूप से हिन्दू मन्दिरों की शैली बौद्ध मन्दिरों से ली गयी होगी जैसा कि उस समय के पुराने मन्दिरो में मूर्तियों को मन्दिर के मध्य में रखा होना पाया गया है और जिनमें बौद्ध स्तूपों की भांति परिक्रमा मार्ग हुआ करता था।

वर्नामुत्तु मरियम्मन मंदिर तमिलनाडु के सबसे ब़डे जिले वेलुप्पुरम है। ये विश्व प्रसिद्ध ऑरोविले इंटरनेशनल टाउनशिप (सिटी ऑफ डॉन) के पास स्थति एक गांव इद्यांचवाडी में स्थित है। यहां हर साल ये अभिषेक किया जाता है। 8 दिनों तक चलने वाला त्योहार बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।


इस परंपरा के पीछे वजह यह है कि गांव वाले रोग से बचने के लिए इस परंपरा को सदियों से निभाते आ रहे हैं। खास बात ये है कि मंदिर की ट्रस्ट में शामिल तीन ब़डे लोगों पवित्र कंगन पहनकर पूरे दिन का व्रत रखते हैं। इसके बाद उनका मुंडन किया जाता है। मुंडन के बाद में देवताओं की तरह ही उन्हें भी पूजन स्थल पर बिठाया जाता और बाद में मंदिर के पुजारी उन तीनों को भगवान की तरह ही मान कर उनका 108 सामग्रियों से अभिषेक करते। इन 108 सामग्रियों में कई तरह के तेल, इत्र, विभूति, कुचले हुये फल, चंदन, कुमकुम, हल्दी आदि के अलावा मिर्च का (चिली) का लेप भी होता है। लाल र्मिच का लेप।


पहले तो तीनों को मिर्च का ये लेप खिलाया जाता और उसके बाद में ऊपर से लेकर नीचे तक इस लेप से उनका अभिषेक किया जाता। आखिर में उन्हें नीम के लेप से नहलाकर मंदिर के अंदर जाया जाता है। मंदिर के अंदर जाकर “धीमिति” का आयोजन होता है। जिसमें उन्हें जलते हुए कोयले पर चलाया जाता है । अभिषेक की ये परम्परा पिछले 85 वर्षों से होती आ रही है।

जेठालाल ने किया खुलासा, शो पर वापसी करेंगी दयाबेन…

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तारक मेहता का उल्टा चश्मा शो की जान और लंबे समय से गायब चल रहीं दिशा वकानी को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. दया बेन यानी कि दिशा वकानी से जुड़ी खबर शो में उनके जोड़ीदार जेठा लाल ने एक इंटरव्यू में दी. दिलीप जोशी की बात सुनने के बाद इस शो के फैन्स ने राहत की सांस ली है.

दिलीप जोशी मतलब जेठा लाल ने डीएनए को दिए इंटरव्यू में कहा, मुझे नहीं पता, लेकिन कुछ भी हो सकता है. दिशा अपने किरदार में वापसी कर सकती हैं. मैं उम्मीद कर रहा हूं कि वो लौटेंगी. इसके साथ ही जेठा भाई ने एक और बात कही.

दिलीप जोशी (जेठा भाई) ने कहा कि वह नई दिशा के साथ काम करने को भी तैयार हैं. मतलब साफ है कि दया बेन की वापसी होने वाली है. अब नया चेहरा होगा या वही जाना पहचाना ये तो वक्त आने पर ही पता चलेगा.

बता दें कि दया बेन मेटर्निटी लीव पर गई थीं. उसके बाद से उन्होंने शो पर वापसी नहीं की. लंबे समय तक उनके आने को लेकर खबरें आती रहीं. लेकिन वो नहीं लौटीं. कहा जाने लगा कि दिशा वकानी फीस बढ़ाने को कह रही हैं. वहीं प्रोड्यूसर्स ने इस मांग को मानने से इंकार कर दिया है.

ये शो पिछले 11 सालों से चला आ रहा है. दिशा वकानी इस शो के लीड किरदारों में से हैं. या यूं कहिए कि वही तो शो की हीरोइन हैं. जेठा लाल का ध्यान भले ही बबीता जी पर रहे. लेकिन ऑडियंस का ध्यान दया बेन पर ही रहता था.

नागपुर से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहे विमान में आई तकनीकी खराबी

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नागपुर से दिल्ली आ रहे इंडिगो के एक विमान में उड़ान भरने के तुरंत बाद तकनीकी खराबी आ गई, जिससे उड़ान को निरस्त करना पड़ा। इस विमान में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी भी सवार थे।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उड़ान भरने के दौरान पाइलेट को तकनीकी खराबी पा पता चला, जिसके बाद इस उड़ान को स्थगित करना पड़ा।

पायलट द्वारा घोषणा करने के बाद विमान 6ई-636 को टैक्सी-वे से वापस लौटना पड़ा। इस दौरान सभी यात्रियों को डीबोर्ड करने के लिए कहा गया।

यात्रियों ने एयरलाइन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार किया। विमान में तकनीकी खराबी के बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी।

करीब 143 यात्रियों को ले जा रहे विमान ए-320 में तकनीकी गड़बड़ी का पहले से कोई अनुमान नहीं था।

केंद्रीय मंत्री गडकरी मंगलवार सुबह नागपुर से दिल्ली जाने वाले थे।