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देह व्यापार का खुलासा मॉल के स्पा सेंटर में, 24 गिरफ्तार…

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गुरुग्राम के पालम विहार के एक मॉल के स्पा सेंटर में एक बार फिर देह व्यापार का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दबिश देकर रविवार रात मौके से 15 युवतियों समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ अनैतिक गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप में पालम विहार थाने में मुकदमा दर्ज किया है। सोमवार को सभी 24 को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 15 युवतियों और सात युवकों को जमानत मिल गई। वहीं स्पा सेंटर के संचालक और मैनेजर को जेल भेज दिया गया।

स्पा सेंटर में चल रहा था देह व्यापार : पालम विहार थाना पुलिस को अंसल प्लाजा मॉलके प्रथम तल पर बने एवोन स्पा में देह व्यापार होने की सूचना मिली थी। इस पर थाना पुलिस द्वारा टीम तैयार की गई और छापेमारी के लिए अंसल प्लाजा पहुंचे। वहां पर पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा गया। उसके बाद फोन कर टीम को सूचना दी गई। मौके पर जाकर देखा की युवतियां मसाज के नाम पर देह व्यापार में शामिल थीं। टीम ने छापेमारी करते हुए मौके से 15 युवतियां और नौ युवकों को गिरफ्तार किया। यह सभी लोग आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए थे।

पांच राज्यों की रहने वाली हैं युवतियां : पुलिस जांच में सामने आया कि स्पा में पकड़ी गई युवतियां पांच राज्यों के रहने वाली हैं। ज्यादातर युवतियां दूसरे राज्यों की रहने वाली हैं और यहां पर काम के लिए आई हुई हैं। ज्यादातर युवतियां तमिलनाडु, मिजोरम, राजस्थान, दिल्ली और गुरुग्राम की रहने वाली हैं।

एक साल में 24 मामले सामने आए : पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार एक साल में 24 से अधिक देह व्यापार के मामलों का खुलासा हो चुका है। इनमें दो मामले जुलाई 2018 में दर्ज हुए थे। पहला मामला चार जुलाई 2018 का है। इसमें पुलिस ने फेंटम और इग्नाइट क्लब में दबिश देकर देह व्यापार के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं 19 जुलाई को जेएमडी रिजेंट के ईऑन क्लब से चार लोग गिरफ्तार हुए थे।

सचिन तेंदुलकर का बड़ा बयान, कहा- विराट कोहली ने मेरे 100 शतकों का रिकॉर्ड तोड़ा तो मैं जाऊंगा…

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टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली(Virat Kohli) के बल्ले से एक बार फिर शतक निकलने शुरू हो गए हैं. विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में अपना 42वां वनडे शतक ठोका. वर्ल्ड कप के दौरान कोहली के बल्ले से एक भी शतक नहीं निकला था लेकिन त्रिनिडाड वनडे में उन्होंने 11 पारियों के बाद सेंचुरी जमाई. विराट कोहली के इस शतक के बाद उनके इंटरनेशनल करियर में कुल 67 शतक हो गए हैं और अब वो भारत के पूर्व खिलाड़ी और महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के 100 शतकों की ओर बढ़ रहे हैं. जिस अंदाज में भारतीय कप्तान शतक पर शतक ठोक रहे हैं उसे देख ऐसा लग रहा है कि वो जल्द ही सचिन का रिकॉर्ड तोड़ देंगे.

सचिन को शतकों के शतक का रिकॉर्ट टूने का इंतजार
वैसे सचिन को भी अपने 100 शतकों का रिकॉर्ड टूटने का इंतजार है. सचिन तेंदुलकर ने विराट के 42वें वनडे शतक के बाद कहा, ‘अगर विराट कोहली ने मेरे 100 शतकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया तो मैं उनके पास जाकर शैंपेन शेयर करूंगा.’

आपको बता दें त्रिनिडाड वनडे में 42वां वनडे शतक लगाते ही विराट कोहली ने सचिन तेंदुलकर के एक वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ दिया. विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 8वीं बार शतक लगाया. विराट कोहली श्रीलंका, वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8 या उससे ज्यादा शतक लगा चुके हैं. विराट पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने तीन देशों के खिलाफ 8 या उससे ज्यादा शतक लगाने का कारनामा किया है. सचिन ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ ये कारनामा किया था.

आपको बता दें विराट कोहली वनडे में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले कप्तान बन गए हैं. विराट ने बतौर कप्तान 6 शतक ठोक दिए हैं. इससे पहले रिकी पॉन्टिंग ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 शतक लगाए थे. वहीं वनडे में सबसे ज्‍यादा रन बनाने में कोहली अब 8वें नंबर पर आ गए हैं. उन्‍होंने गांगुली को पीछे छोड़ा जिनके 11363 रन थे. कोहली के नाम अब 238 मैचों में 59.71 के औसत से 11406 रन हैं. उनके नाम 42 शतक और 54 अर्धशतक हैं. वनडे में सबसे ज्‍यादा रन बनाने का रिकॉर्ड मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर के नाम हैं जिन्‍होंने 463 वनडे में 18426 रन बनाए थे.

उमर-महबूबा की रिहाई की अपील, जम्मू-कश्मीर में पाबंदी पर सुप्रीम कोर्ट में आज हो सकती है सुनवाई

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अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों और प्रतिकूल उपायों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी गई है। यह याचिका मंगलवार यानी आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई हैं। याचिका कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला ने दी है। पूनावाला का कहना है कि वह अनुच्छेद 370 को लेकर अपनी कोई राय नहीं दे रहे हैं, मगर हम यह चाहते हैं कि कश्मीर में फोन लाइन, इंटरनेट और न्यूज चैनल बंद करने जैसी पाबंदियां हटा ली लाएं। उन्होंने याचिका में कोर्ट से पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की रिहाई का आदेश देने की अपील की है। 

जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अजय रस्तोगी की पीठ पूनावाला की याचिका पर सुनवाई करेगी। इस याचिका के अलावा कश्मीर टाइम्स के कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है। याचिका में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे पत्रकारों पर से पाबंदी हटाने की मांग की है।

माना जा रहा है कि इस याचिका पर भी तत्काल सुनवाई हो सकती है। इन याचिकाओं के अलावा नेशनल कॉन्फ्रेंस भी केंद्र सरकार के अनुच्छेद 370 हटाए जाने के फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत पहुंची है। इसके अलावा इसी मामले में वकील मनोहर लाल शर्मा ने भी एक याचिका दे रखी है।

कश्मीर में अमन-चैन के साथ मनी ईद जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में सोमवार को धूमधाम से बकरीद मनाई गई। अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद केंद्रशासित प्रदेश बने जम्मू-कश्मीर में बकरीद के दौरान अमन-चैन और शांति बनी रही। किसी अनचाही घटना के बगैर बेहद संवदेनशील माने जाने वाले जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग, बारामूला, बडगाम, बांदीपोरा की प्रमुख मस्जिदों में शांतिपूर्ण ढंग से नमाज पढ़ी गई। नमाज के बाद कश्मीर घाटी में एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सूत्रों के मुताबिक, बांदीपोरा की दारुल उलूम रहीमिया मस्जिद में 5,000 और जामिया मस्जिद में 2,000 लोगों ने नमाज पढ़ी। बारामूला में करीब 10,000, कुपवाड़ा में 3,500, त्रेहगाम में 3,000, सोपोर में 1,500, कुलगाम के काजीगुंड में 5,500, कैमोह में 6,000, शोपियां में 3,000, पुलवामा में 1,800, अवंतीपोरा में 2,800, अनंतनाग के अच्छाबल में 3,000, गांदरबल में 7,000, चरारेशरीफ में 5,000 और मगाम में 8,000 लोग नमाज के लिए जुटे। जम्मू में भी करीब 5,000 लोग नमाज के लिए एकत्र हुए। नमाज के दौरान पाबंदियों में ढील भी दी गई थी। इससे पहले रविवार को भी ईद के मौके पर खरीदारी के लिए पाबंदियों में ढील दी गई थी।

हालांकि, प्रशासन ने आतंकी हमले जैसी किसी भी अनहोनी से बचने के लिए अलग-अलग इलाकों की स्थानीय मस्जिदों में ईद की नमाज के लिए इजाजत तो दे दी है लेकिन घाटी की बड़ी मस्जिदों में ज्यादा संख्या में लोगों के जमा होने की इजाजत नहीं दी थी। इस बीच, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की मददगार हेल्पलाइन ‘14411’ एक बार फिर कश्मीरियों के लिए शुरू कर दी गई है। इस बीच, घाटी में छिट-पुट प्रदर्शन भी हुए, जिस पर पुलिस ने आसानी से काबू कर लिया। हालांकि, इन प्रदर्शनों में कुछ लोगों के घायल होने की भी खबरें हैं।

लालचौक और पुलवामा जैसे संवेदनशील इलाकों में पहुंचे डोभाल कश्मीर दौरे पर आए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल लगातार कश्मीर के अलग-अलग हिस्से में नजर आ रहे हैं। सोमवार को भी वह सुरक्षा स्थिति का जायजा लेते दिखे। डोभाल कश्मीर के बेहद संवेदनशील इलाकों श्रीनगर, सौरा, पंपोर, लाल चौक, हजरतबल, बडगाम और पुलवामा, अंवतीपोरा में लोगों से मिले। 

अटारी समेत भारत-पाक सीमा पर नहीं बंटी मिठाइयां 

अटारी समेत अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सोमवार को पारंपरिक तौर पर बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजरों ने मिठाइयों का आदान-प्रदान नहीं किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जम्मू, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में सीमा पर बीएसएफ की मिठाइयां बांटने के न्यौते पर पाकिस्तानी पक्ष ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद पाकिस्तान ने भारत से एकतरफा कूटनीतिक समझौतों से किनारा कर दिया है, जिसके चलते दोनों देशों में तनाव है।

विपक्ष के विवादित बयान- अय्यर के विवादित बोल, मोदी-शाह ने कश्मीर को फलस्तीन बना दिया 

अपने बयानों से कांग्रेस की मिट्टी पलीत करने वाले पार्टी नेता मणिशंकर अय्यर ने फिर विवादित बयान दिया है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने पर प्रतिक्रिया देते हुए अय्यर ने एक लेख में कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने देश की उत्तरी सीमा पर एक फलस्तीन बना दिया है। ऐसा करने के लिए उन्होंने पहले घाटी में पाकिस्तानी हमले का झूठा प्रपंच रचा, ताकि 35 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती उस जगह पर की जा सके जहां पहले से ही लाखों जवान मौजूद हैं। 

मोदी-शाह ने ये पढ़ाई अपने गुरु बेंजामिन नेतान्याहू और यहूदियों से ली है। दोनों ने इनसे सीखा है कि कश्मीरियों की आजादी, गरिमा और आत्म सम्मान को कैसे रौंदना है? अय्यर ने लिखा है कि इसके बाद हजारों अमरनाथ यात्रियों और सैलानियों को घाटी से जबरन निकाला गया। 400 दुकानदारों को हिरासत में लिया गया।

इन्होंने स्कूल-कॉलेज, दुकानें, पेट्रोल पंप, गैस स्टेशन बंद करवा दिए और गहमागहमी से भरा रहने वाला श्रीनगर और घाटी के दूसरे शहर खाली हो गए। घाटी के माता-पिता देश के दूसरे इलाकों में रहने वाले अपने बच्चों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं, संचार के सभी साधन ठप कर दिए गए हैं।

370 इसलिए हटाया क्योंकि वह जम्मू-कश्मीर मुस्लिम बहुल: चिदंबरम पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर हिंदू-मुस्लिम कार्ड खेला है। उन्होंने भाजपा की निंदा करते हुए कहा, यदि जम्मू-कश्मीर हिंदू बहुल राज्य होता तो भगवा पार्टी इस राज्य का विशेष दर्जा ‘नहीं छीनती। उन्होंने ऐसा केवल इसलिए किया क्योंकि यह मुस्लिम बहुल है। चिदंबरम ने आरोप लगाया कि भाजपा का दावा है कि कश्मीर में हालात ठीक हैं। अगर भारतीय मीडिया घराने जम्मू-कश्मीर में अशांति की स्थिति को नहीं दर्शाते हैं तो क्या इसका मतलब वहां स्थिरता होता है?’ 

उन्होंने 7 क्षेत्रीय दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने राज्यसभा में भाजपा के कदम के खिलाफ ‘भय’ के कारण सहयोग नहीं किया। चिदंबरम ने कहा, ‘हमें पता है कि लोकसभा में हमारे पास बहुमत नहीं है लेकिन 7 पार्टियों (एआईएडीएमके, वाईएसआरसीपी, टीआरएस, बीजद, आप, तृणमूल कांग्रेस, जदयू ने सहयोग किया होता तो विपक्ष राज्यसभा में बहुमत में होता। यह निराशाजनक है।’ 

चिदंबरम ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के बीच कभी भी संघर्ष की स्थिति नहीं थी। पटेल कभी भी आरएसएस के पदाधिकारी नहीं रहे थे। भाजपा हमारे नेताओं को चुरा रही हे। कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन चोरी करता है, इतिहास यह नहीं भूलता कि कौन किससे जुड़ा हुआ है।

माकपा बोली, कश्मीर में घरों में कैद हैं लोग माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्वीट कर कहा, ‘ईद खुशी और जश्न का पर्व है। हम कश्मीर की जनता के साथ हैं जिन्हें उनके ही घरों में कैद किया गया है। हम अब भी नहीं जानते कि कश्मीर में हमारे कॉमरेड कहां और कैसे हैं।’ हमारा देश भाषाओं, धर्मों, संस्कृतियों और विचारों की विविधताओं वाला देश है और यही हमारी ताकत है। अलोकतांत्रिक तरीके से और बलपूर्वक जम्मू-कश्मीर के दर्जे में बदलाव का असर विशेष दर्जे वाले अन्य राज्यों में महसूस किया जाएगा। हमें भूलना नहीं चाहिए कि ऐसे अधिकतर राज्य भारत की सीमा पर स्थित हैं।’

370 को सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं चिदंबरम: भाजपा 

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने चिदंबरम के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, बीते 70 साल से कांग्रेस हर चीज में हिंदू-मुस्लिम नजरिया अपनाती रही है। अनुच्छेद 370 को हटाए जाने को वह सांप्रदायिक रंग दे रहे हैं। चिदंबरम का आरोप बेबुनियाद है। यह फैसला कश्मीर के विकास के लिए लिया गया है। राजनीतिक हितों के लिए राहुल गांधी, अधीर रंजन चौधरी, दिग्विजय सिंह समेत अन्य कांग्रेस नेता भी ऐसे मामलों में विवाद पैदा करना चाहते हैं। 

वहीं, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चिदंबरम के बयान पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस नेता ये कैसी बात कर रहे हैं? उनका बयान भड़काऊ और गैर जिम्मेदाराना है। उनसे ऐसे बयान की उम्मीद नहीं थी। हम उनके बयान की निंदा करते है। अनुच्छेद-370 हटाया जाना जम्मू-कश्मीर और देश हित में है। अनुच्छेद-370 की आड़ में वहां के मुसलमानों के साथ भी नाइंसाफी हो रही थी।

श्वेता तिवारी की बेटी बोली- सौतेले पिता करते हैं भद्दे कमेंट्स…

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फर्जी रिपोर्ट्स की सच्चाई सामने लाने के लिए श्वेता (Shweta Tiwari) की बेटी पलक तिवारी (Palak Tiwari) ने अब चुप्पी तोड़ी है. पलक ने इंस्टाग्राम के जरिए अपनी बात रखी.

टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी (Shweta Tiwari) अपने पति अभिनव कोहली (Abhinav Kohli) पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाकर सुर्खियों में छाई हुई हैं. ये मामला 12 अगस्त से चर्चा में है और इस बारे में अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. इन्हीं में से कुछ फर्जी रिपोर्ट्स की सच्चाई सामने लाने के लिए श्वेता की बेटी पलक तिवारी ने अब चुप्पी तोड़ी है. पलक ने इंस्टाग्राम के जरिए अपनी बात रखी.

पलक ने लिखा, ‘सबसे पहले मैं उन लोगों को धन्यवाद करना चाहूंगी, जिन्होंने चिंता जाहिर की और मदद के लिए हम तक पहुंचे. अब मैं अपनी तरफ से कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं. मीडिया के पास फैक्ट नहीं हैं और होंगे भी नहीं. मैं पलक तिवारी कई मौकों पर घरेलू हिंसा का शिकार हुई हूं. मेरी मां घरेलू हिंसा से पीड़ित नहीं है. शिकायत दर्ज कराने वाले दिन से पहले कभी उन्होंने मां पर हाथ नहीं उठाया था. बतौर रीडर ये भूल जाना काफी आसान होता है कि बंद दरवाजों के पीछे क्या छिपा है ये आप नहीं जानते. मेरी मां ने अपनी दोनों ही शादियों में कितना धैर्य दिखाया है. आपमें से कई लोगों ने खुशकिस्मती से ऐसे हालातों का सामना नहीं किया होगा. इसलिए आपको ऐसी परिस्थिति पर कमेंट करने का कोई हक नहीं है.’

पलक ने लिखा, ‘अभिनव कोहली ने कभी मुझे गलत तरीके से नहीं छुआ. उन्होंने मेरा शारीरिक शोषण नहीं किया. ऐसी खबरें फैलाने से पहले और इन पर यकीन करने से पहले ये जरूरी है कि आप सही फैक्ट जान लें. वह लगातार मुझ पर डिस्टर्बिंग कमेंट करते थे. ऐसे जो कि कोई और महिला सुने तो वह भी शर्मिंदा महसूस करे. आप इस तरह की बातें अपने पिता से सुनने की उम्मीद नहीं रखते. सोशल मीडिया के जरिए हमारी जिंदगी देखकर, अखबारों में खबरें देखकर आप हमारे स्ट्रगल के बारे में जान लेते हैं. लेकिन इतना नहीं जान पाते कि उस पर कमेंट करें.’ श्वेता तिवारी के पहले पति राजा चौधरी ने भी इस घटना पर रिएक्ट किया है. राजा ने कहा- ‘मैं ये सब जानकर बहुत परेशान हूं. एक पिता के लिए यह सब सुनना काफी परेशानी वाला है. मैं अपनी बेटी के टच में हूं और मेरी उससे बात हुई है.’

अध्यक्ष पद संभालते ही एक्शन मोड में सोनिया गांधी, राहुल के गद्दारों की तलाश शुरू

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पूरा देश ईद का जश्न मना रहा था, लेकिन अध्यक्ष पद संभालने के बाद सोनिया गांधी ने पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं को महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, झारखंड में सक्रिय होने की हिदायत दी. उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पार्टी जल्दी ही झारखंड में चुनाव की जिम्मेदारी नये नेतृत्व को सौंपेगी.

पार्टी सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी ने पार्टी में चल रही गुटबाजी को लेकर भी विचारमंथन किया. उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बात को लेकर थी कि राहुल गांधी ने अपना इस्तीफा देते समय जो पत्र सार्वजनिक किया और उसमें बिना किसी नेता का नाम लिये जिन नेताओं पर पार्टी के साथ गद्दारी करने का आरोप लगाया उन्हें चिन्हित करना है साथ ही राहुल टीम के युवा सदस्यों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि वे राहुल के अध्यक्ष ना रहने से उनकी भूमिका और हैसियत में कहीं कोई कमी नहीं होगी.

पार्टी नेताओं के साथ विचार विमर्श के दौरान अन्य समान विचारधारा वाले दलों के साथ बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जाए इसके लिए भी रणनीति बनाने का काम शुरु हो गया है. पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में पार्टी कैडर खड़ा करने की विशेष जिम्मेदारी देते हुए पार्टी अध्यक्ष ने उन राज्यों को चिन्हित किया है जहां पार्टी का ढांचा अत्यंत कमजोर बना हुआ है.

गौरतलब है कि राहुल के इस्तीफा देने के बाद सोनिया गांधी के समर्थक माने जाने वाले नेता इस बात पर अड़े थे कि सोनिया गांधी ही अध्यक्ष पद संभालें. वहीं कुछ दूसरे नेता गांधी परिवार से बाहर के किसी युवा नेता को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने कोशिश में जुटे थे.

कार्यसमिति की बैठक में जब इस मुद्दे पर शनिवार की रात चर्चा शुरु हुई तब भी पार्टी के युवा नेताओं ने इस आशय के संकेत दिये. लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता इस बात पर अड़े रहे कि सोनिया गांधी या प्रियंका गांधी में से किसी एक को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालनी होगी यदि ऐसा नहीं हुआ तो पार्टी टुकड़ों में बंट जाएगी.

वरिष्ठ नेताओं की इस बात से हैरान की पार्टी टूट के कगार पर खड़ी है सोनिया गांधी ने अनचाहे मन से नयी व्यवस्था होने तक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी ओढ़ने को अपनी सहमति दी. 

अध्यक्ष का पद संभालने के 48 घंटे के अंदर ही सोनिया गांधी ने बंद कमरों में बैठे पार्टी नेताओं को सड़क पर उतरने और मोदी सरकार से दो-दो हाथ करने की जिम्मेदारी सौंप दी. बावजूद इसके पार्टी के युवा नेता इस बात पर निगाह लगाये बैठे है कि सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद उनके विश्वास पात्र लोग अब किस भूमिका में होगें और राहुल समर्थकों को पार्टी में कितनी तरजीह मिलेगी.

दिल्ली एयरपोर्ट उड़ाने की धमकी देकर कहा- बचा सको तो बचा लो, गिरफ्तार

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दिल्ली एयरपोर्ट पर सोमवार को एक फोन कॉल ने दिल्ली पुलिस को सकते में डाल दिया. टर्मिनल-2 पर किसी ने शाम 8.49 बजे दिल्ली पुलिस को फोन कर कहा कि एयरपोर्ट को बचा सकते हो तो बचा लो. फोन कॉल मिलने के तुरंत बाद जांच शुरू हुई और कुछ ही देर में कॉलर की पहचान कर ली गई. पकड़े गए व्यक्ति ने फोन करने की बात से साफ तौर पर इनकार कर दिया. पुलिस जांच में जुटी है और एयरपोर्ट पर छानबीन की जा रही है.

देर रात घटना की पुष्टि करते हुए आईजीआई हवाईअड्डे के पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया, “रात करीब साढ़े आठ बजे हवाईअड्डे के टर्मिनल-2 पर बम रखे होने की सूचना दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को मिली थी. सूचना देने वाले ने बताया था कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-2 पर बम रख दिया गया है. अगर बम को फटने से रोक सकते हो तो रोककर दिखाओ.”

सूचना के बाद खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में बीटीएसी (बम थ्रेट असिस्मेंट कमेटी) मौके पर पहुंच गई. बीटीसी में मौजूद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), दिल्ली पुलिस, हवाईअड्डा प्राधिकरण, खुफिया विभाग और अग्निशमन दल के अधिकारियों ने हवाईअड्डे का चप्पा-चप्पा छान मारा. बीटीएसी को मगर कहीं कुछ संदिग्ध नहीं मिला. इसके बाद भी देर रात खबर लिखे जाने तक बीटीएसी टीम टी-3 और टी-2 (टर्मिनल) पर ही मौजूद थी.

बीए, बीकॉम, बीएससी सहित कई विषयों के सिलेबस बदले, सितंबर तक पुरानी किताबों से पढ़ेंगे स्टूडेंट्स..

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अटल विश्वविद्यालय ने नए सत्र में बीए, बीकॉम, बीएससी, एलएलबी सहित ज्यादातर विषयों के सिलेबस बदल दिए हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव बताया कि अभी बीकॉम में तीन साल के सिलेबस में बदलाव किया गया है बाकी सभी विषयों में फ़र्स्ट ईयर के विषय में बदले गए हैं। राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में नया सिलेबस लागू हुआ है, इसमें राज्य की सेंट्रल बोर्ड ऑफ स्टडीज के फैसले के बाद सिलेबस में बदलाव हुए हैं। 

साल दर साल बदला जाएगा पूरा पाठ्यक्रम

  1. सितंबर की शुरुआत तक नई पुस्तकें बाजार में उपलब्ध होंगी तब तक कॉलेजों में पुरानी किताबों से पढ़ाई हो रही है। बीए, एलएलबी, माइक्रोबायोलॉजी जैसे क्लासेस में अभी फर्स्ट ईयर से नया सिलेबस लागू किया गया है साल-दर-साल इनका पूरा पाठ्यक्रम बदला जाएगा। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बताया कि सिलेबस में बड़े स्तर में बदलाव नहीं किया गया है। स्टूडेंट्स और प्रोफेसरों को दिक्कतें नहीं होगी, किसी तरह की परेशानी आती है तो वह विश्वविद्यालय दूर करेगा। 
  2. इन विषयों के सिलेबस में बदलाव किया गया  बिलासपुर विश्वविद्यालय ने समाज शास्त्र, भूगोल, भू गर्भ शास्त्र, गणित, राजनीतिक विज्ञान, इतिहास, विधि, सूक्ष्म जीव विज्ञान, वनस्पति शास्त्र, प्राणी शास्त्र, गृह विज्ञान, कम्प्यूटर सांईस, वाणिज्य, अर्थशास्त्र, रसायन शास्त्र, हिन्दी और संस्कृत एवं बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषयों के सिलेबस बदले गए हैं।
  3. अभी हम पुराना सिलेबस ही पढ़ाएंगे  गर्ल्स कॉलेज की आर्ट्स की प्रोफेसर डॉ सुषमा तिवारी ने बताया कि अधिकांश विषयों के सिलेबस में बदलाव किया है। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय से आई है पर अभी नई पुस्तकें मार्केट में नहीं आई हैं। अभी पुराने सिलेबस में ही पढ़ाई कराई जा रही है। इसी तरह लॉ के तीन वर्ष से जुड़े के सिलेबस में बदलाव किया गया है। 
  4. बीकॉम में सिलेबस कम हुआ है  पीडी कॉमर्स कॉलेज के कॉमर्स एचओडी डॉ बीके पटेल ने बताया कि जीएसटी आने की वजह से बीकॉम के तीनों वर्षों के सिलेबस बदले हैं। नए सिलेबस में बिजनेस मैथ्स, फाइनेशियल एकाउंटिंग, इनकम टैक्स का 10-15 फीसदी तक सिलेबस कम हो गया है। इनडायरेक्ट टैक्स का सिलेबस पूरा नए स्वरूप में आया है। 
  5. कोई दिक्कत हो तो विश्वविद्यालय से संपर्क करे  विश्वविद्यालय ने अधिकांश सभी विषयों के सिलेबस में बदला है, इसे बोर्ड ऑफ स्टडी की बैठक निर्णय लेने के बाद सभी विश्वविद्यालय के सब्जेक्ट्स बदले गए है। सभी विषयों के पुस्तकों अगस्त के अंत तक बुक स्टॉल उपलब्ध हो जाए यह कोशिश कर रहे है। यदि प्रोफेसरों को पढ़ाई में किसी भी तरह की दिक्कत आएगी तो वे विश्वविद्यालय से संपर्क कर सकते है।

भूपेश बघेल : पुरानी भिलाई थाने में ने बाल मित्र कक्ष के शुभारंभ के अवसर पर कहा बच्चों के मनोविज्ञान में निखरेगी पुलिस की छवि..

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अक्सर अभिभावक बच्चों की शरारत रोकने उन्हें पुलिस का नाम लेकर डराते हैं जिससे बच्चों में पुलिस की नकारात्मक छवि बन जाती है। इस छवि को बदलने दुर्ग पुलिस ने  बाल मित्र कक्ष के रूप में एक अभिनव प्रयोग किया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए आज दुर्ग जिले के पुराने भिलाई थाने में बाल मित्र कक्ष का शुभारंभ किया।


 मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह बहुत अच्छा प्रयोग है। बच्चों को यह मैसेज मिलेगा कि पुलिस लोगों की सुरक्षा के लिए होती है। वो तो पेरेंट्स की तरह उनका ख्याल रखती है। उन्होंने कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि यहां बच्चों के लिए किताबें हैं। चाचा चौधरी की कॉमिक्स मैंने देखी, नागराज की कॉमिक्स देखी। इससे पढ़ने की आदत तैयार होती है। बच्चों की कल्पनाशीलता बढ़ती है। एक बार बच्चे किताबें पढ़ते हैं तो उनके लिए नई दुनिया खुल जाती है।

 
मुख्यमंत्री ने दुर्ग पुलिस की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमेशा अपना काम बेहतर करने के लिए नई युक्तियों की खोज आपके कार्य को सार्थकता प्रदान करती है। यह अच्छा प्रयोग उन्होंने किया है। सोच बदलने से, नजरिया बदलने से रास्ते खुल जाते हैं। यह बहुत अच्छी सोच है कि थाने में भी बाल मित्र कार्नर बनाये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि केवल बच्चे ही यह महसूस नहीं करेंगे अपितु थाने आने वाला हर नागरिक पुलिस के संवेदनशील चेहरे को महसूस कर सकेगा। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसिंग की सफलता के लिए नागरिकों से अधिकतम संवाद जरूरी है। जहां कहीं भी यह संवाद बेहतर होता है वहां इसके परिणाम अच्छे आते हैं। उन्होंने कहा कि थाने के भय मुक्त माहौल में बच्चे खुलकर अपनी बात भी रख सकेंगे। इन थानों में महिला आरक्षक भी होंगी  जो बच्चों का ध्यान रखेंगी। बाल मित्र कक्ष में खाना खजाना का कोना भी रखा गया है। यहां मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का आनंद भी लिया।


गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि यह दुर्ग पुलिस की अच्छी पहल है। बच्चों के मनोविज्ञान में पुलिस की सकारात्मक छवि इससे बनेगी। अपनी शिकायत थाने लेकर आने वाले लोग भी पुलिस की संवेदनशीलता को महसूस करेंगे। यह पुलिस की छवि को निखारने की दिशा में सार्थक कदम है। इस तरह के नवाचारों से पुलिसिंग मजबूत होगी। विधायक एवं भिलाई महापौर श्री देवेंद्र यादव ने भी इस नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि पुलिस की छवि निखारने की दिशा में यह कदम कारगर साबित होगा।कार्यक्रम में आईजी श्री हिमांशु गुप्ता ने बाल मित्र कक्ष के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अंकित आनंद एवं एसपी श्री प्रखर पांडेय भी उपस्थित रहे।


8 थानों में बने बाल मित्र कक्ष-
जिले के 8 थानों में बाल मित्र कक्ष बनाये गए हैं। इन थानों में भिलाई, पुरानी भिलाई, पाटन, जामुल, दुर्ग, मोहन नगर, पुलगांव, उतई शामिल हैं। इन्हें खूबसूरत तस्वीरों से सजाया गया है। सुंदर सुंदर खिलौने रखे गए हैं। सांप सीढ़ी, लूडो जैसे इनडोर गेम्स रखे गए हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए किताबें रखी गई हैं।


विजिटर बुक में भी दिया संदेश-
मुख्यमंत्री ने विजिटर बुक में लिखा कि बालमित्र कक्ष का उद्देश्य बच्चों के मन में पुलिस के प्रति भय दूर करना। गृह मंत्री ने लिखा, एक नया कदम, सराहनीय प्रयास।

मुख्यमंत्री शामिल हुए कांवड़ यात्रा में…

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल और गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू आज यहां कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। इसके पहले मुख्यमंत्री ने समता कालोनी स्थित भीमसेन भवन में भगवन शंकर की पूजा अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। श्री बघेल ने कांवड़ की पूजा कर श्रद्धालुओं के साथ कांवड़ उठाई और कांवड़ यात्रा में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री कुछ दूर यात्रा में कांवड़ उठा कर कांवरियों के साथ चले। कांवड़ यात्रा समता कालोनी से लाखे नगर होते हुए महादेव घाट तक जाएगी, जहां श्रद्धालु हटकेश्वर महादेव पर जल चढ़ा कर अभिषेक करेंगे।

विधायक सर्वश्री विकास उपाध्याय, श्री सत्यनारायण शर्मा और श्री कुलदीप जुनेजा, नगर निगम रायपुर के महापौर श्री प्रमोद दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल हुए।

कांवड़ यात्रा में शिव पार्वती की झांकी, नंदी के रथ के साथ ढोल नगाड़ों, धुमाल और डीजे की भक्ति धुन के साथ कांवरिये कांवड़ उठाकर चले। पानी के टैंकरों में ले जाया जा रहा जल विशेष आकर्षण का केंद्र बना। 

इलाज के लिए ये गरीब मां अपने दोनों बच्चों को बेचना चाहती है

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बिहार के नालंदा में गरीबी से परेशान एक महिला का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पैसे न होने के कारण महिला अपने इलाज के लिए अपने दोनों बच्चों को बेचना चाहती थी। वहीं महिला का पति उसे छोड़कर भाग गया है। महिला को अभी नालंदा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी तक महिला को किसी भी प्रकार की सरकारी मदद मुहैया कराने की रिपोर्ट सामने नहीं आई है।