तमिलनाडु में एक बुजुर्ग दंपति ने हथियारों के साथ आए दो लुटेरों को पीट-पीटकर भगा दिया। इन चोरों में से एक पहले घर के प्रवेश द्वार पर आया, जहां बुजुर्ग व्यक्ति कुर्सी पर बैठे थे। घटना 11 अगस्त की रात की है। चोर ने बुजुर्ग की गला दबाकर हत्या करने की कोशिश की, तभी उनकी पत्नी अंदर से आ गईं। बुजुर्ग दंपति ने खुद को बचाने के लिए जो भी हाथ में आया उससे चोरों पर वार किया। आखिर में चोर वहां से भाग गए। घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें पूरी घटना को देखा जा सकता है।
बलरामपुर में एक 8 वर्षीय बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पीड़ित बच्ची को गंभीर हालत में जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना हरैया थाना क्षेत्र की है। बता दें कि पुलिस ने त्वरित करवाई करते हुए घटना में शामिल दोनों आरोपी को 1 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया है।
खबरों के अनुसार, यहां एक गांव में रहने वाली 8 वर्षीय नाबालिक बच्ची गांव के पास स्थित नाले पर गाय चराने गई थी। पीड़िता के परिजनों की मानें तो गांव के दो नाबालिग लड़के भी गाय चरा रहे थे। दोनों ने बच्ची को अकेला देखकर दबोच लिया और पास के झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दे दिया। घटना को अंजाम देने दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और पीड़िता को धमकी दी कि अगर किसी से कुछ भी बताओगी तो तुम्हें जान से मार डालेंगे।
अयोध्या विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर तो पहले से ही बना है, बस अब उस मंदिर को भव्य रूप देने की जरूरत है.
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इंदौर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अब सरकार का अगला कदम पीओके को भारत में शामिल करना होगा.
उन्होनें कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान घबराया हुआ है. अब केंद्र सरकार जल्द ही गुलाम कश्मीर पर भी बड़ा कदम उठा सकती है. वह भारत का हिस्सा है और उसे भारत में मिलाना हमारा काम है.’
जावड़ेकर श्रावण मास के आखिरी सोमवार पर महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन में दर्शन करने पहुंचे थे. महाकालेश्वर दर्शन से पहले जावड़ेकर ने मीडिया से बात करते हुए यह बात कही है.
उन्होंने कहा कि ‘पीओके भारत का हिस्सा है, उसे भारत में शामिल करना भारत का अगला क़दम होगा. गुलाम कश्मीर के लिए सर्वसम्मति से संसद में भी प्रस्ताव पारित होते रहे हैं. 1994 में भी ऐसा ही एक प्रस्ताव पारित हुआ था, इसलिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा में गुलाम कश्मीर क्षेत्र की सीटें अभी खाली रहेंगी.’
ज़ाहिर है आर्टिकल 370 में संशोधन को लेकर पहले ही पाकिस्तान नाराज़ है ऐसे में केंद्रीय मंत्री का ताज़ा बयान वहां के हुक्मरानों के कान ज़रूर खड़े कर सकते हैं.
इस बातचीत के दौरान उन्होंने मीडिया के कई अन्य सवालों के भी जवाब दिए. पी चिदंबरम के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी पर बयान देने का कोई मतलब नहीं है. ज़ाहिर है सोमवार को चिदंबरम ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्र है, इसलिए अनुच्छेद 370 हटा दिया. यदि हिंदू बहुल होता तो नहीं हटाते.
वहीं अयोध्या विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर तो पहले से ही बना है, बस अब उस मंदिर को भव्य रूप देने की जरूरत है.
एक अन्य सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा में बहुत फर्क है. भाजपा की नई सरकार बने 75 दिन हो गए हैं. इस अवधि में सरकार ने 75 बड़े फैसले ले लिए, जबकि इतने ही दिनों में कांग्रेस अपनी पार्टी का अध्यक्ष तक नहीं चुन सकी. 75 दिन में सबसे बड़ा फैसला अनुच्छेद 370 हटाने का है, जो कांग्रेस सरकार 70 सालों में भी नहीं कर सकी.
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में कई नोट बाजार में आ चुके हैं। 2000, 500, 200, 100, 50 रुपए के नोटों के बाद अब जल्द आपके हाथ में होगा 20 रुपए का नया नोट। इस नोट में गवर्नर शक्तिकांत दास के हस्ताक्षर होंगे और नोट के पीछे देश की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए एलोरा की गुफाओं का चित्रण किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन नए नोटों की पहली खेप कानपुर स्थित रिजर्व बैंक के रिजलन ऑफिस में पहुंच चुकी है। जल्द ही 20 के इन नए नोटों की गड्डियां बैंकों में पहुंचाया जाएगा।
इस नोट पर गवर्नर शक्तिकांत दास के हस्ताक्षर हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने साफ कर दिया है कि 20 रुपये के पहले से चलन में मौजूद सभी नोट लीगल टेंडर बने रहेंगे, यानी 20 रुपये के नए नोट आने से पुराने नोट पहले की तरह चलते रहेंगे। आरबीआई द्वारा पेश किए गए 20 रुपये के इस नए नोट के आगे के हिस्से पर महात्मा गांधी का चित्रण बीच में है। इसी साइड नोट का मूल्य हिंदी और अंग्रेजी के अंकों में लिखा होगा और RBI, भारत, India और 20 माइक्रो लेटर्स के रूप में होंगे। सुरक्षा पट्टी पर भारत और RBI लिखा होगा नोट के अगले हिस्से पर गारंटी क्लॉज, गवर्नर के हस्ताक्षर, आरबीआई का प्रतीक चिन्ह महात्मा गांधी की तस्वीर के दाहिनी तरफ होगा और नोट के दाहिनी तरफ अशोक स्तंभ होगा।
नोट का नंबर बायें से दाहिनी तरफ बढ़ते आकार में छपा हुआ होगा। नोट के पिछले हिस्से पर बायीं तरफ वर्ष, स्वच्छ भारत का लोगो स्लोगन के साथ और भाषा की पट्टी होगी। नोट के पिछले हिस्से पर एलोरा के गुफाओं का चित्र भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा। नोट 63मिमी चौड़ा और 129 मिमी लंबा होगा।
जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद चीन, अमेरिका समेत विश्व बिरादरी में इस मुद्दे को उठाने के बावजूद पाकिस्तान को कोई समर्थन नहीं मिला. चीन ने उसको नसीहत दी तो अमेरिका ने भी पल्ला झाड़ लिया. संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने तो कश्मीर मुद्दे पर जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा. भारत की इस बड़ी कामयाबी को स्वीकार करते हुए आखिरकार पाकिस्तान ने हार मान ली है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने ये बात स्वीकार करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांचों स्थायी सदस्यों (P5) के समक्ष यदि वह कश्मीर मुद्दे को उठाता है तो उसको समर्थन मिलना मुश्किल है. कुरैशी ने यहां तक कहा कि मुस्लिम देशों से भी उनको समर्थन मिलता नहीं दिख रहा है.
एक प्रेस कांफ्रेंस में बोलते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा, ”सुरक्षा परिषद के लोग कोई गुलदस्ता लेकर नहीं खड़े हैं. P5 सदस्यों में से कोई भी बाधा उत्पन्न कर सकता है. इस मामले में कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए. किसी तरह के भ्रम में नहीं रहना चाहिए.” इसके साथ ही जोड़ा, ”पाकिस्तान और कश्मीर के लोगों को ये जान लेना चाहिए कि वहां (यूएनएससी में) आपका कोई इंतजार नहीं कर रहा और न ही आपके निमंत्रण का इंतजार कर रहा है.”
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने ये भी कहा, ”ढेर सारे देशों के भारत के साथ हित जुड़े हैं. मैंने पहले ही इस बारे में आपको संकेत दिए थे. ढेर सारे लोगों ने भारत में निवेश किया है.” इसके विस्तार में जाते हुए उन्होंने कहा, ”हमने मुस्लिम देशों से इस बारे में बात की लेकिन मुस्लिम देशों की रहनुमाई करने वालों ने वहां (भारत) निवेश कर रखा है. उनके वहां पर हित हैं.”
कुरैशी का बयान ऐसे वक्त आया है जब सऊदी अरब की सबसे बड़ी सरकारी कंपनी अरामको ने रिलायंस के तेल एवं केमिकल बिजनेस में 20 प्रतिशत निवेश का ऐलान किया है. राजस्व के लिहाज से अरामको दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. रिलायंस में निवेश के साथ ही यह भारत में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश है. इसी तरह पिछले एक हफ्ते में इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के दो सदस्यों यूएई और मालदीव ने कश्मीर के मुद्दे पर भारत का समर्थन करते हुए कहा कि ये उसका अंदरूनी मामला है. उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य रूस ने कश्मीर के मुद्दे पर पिछले दिनों खुलकर भारत का समर्थन किया है.
आज हिंदी में गोल्डन पीरियड की मशहूर अभिनेत्री वैजयंतीमाला का जन्मदिन हैं। उनका जन्म 13 अगस्त 1936 में हुआ था। इसमे कोई दो राय नहीं है कि वैजयंतीमाला अपने समय की मशहूर क्लासिकल डांस में कुशल और दमदार अभिनय के लिए जानी जाती थी। उन्होंने हिंदी सिनेमा में लगभग दो दशकों तक काम किया है। आज हम इस खास मौके पर उनकी कुछ दिलचस्प बाते बताने जा रहे हैं।
प्रारम्भिक जीवन सर्वगुण संपन्न वैजयंतीमाला का जन्म 13 अगस्त 1936 चेन्नई में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम एम.डी रमन और मां का नाम वसुंधरा देवी था। आपको बता दें कि वैजयंतीमाला की मां 40 के दशक की मशहूर अभिनेत्री हुआ करती थी।
करियर अगर हम उनके करियर की बात करें तो वैजयंतीमाला ने बहुत छोटी सी उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत साल 1949 में आई तमिल फिल्म वड़कई से की थी। उनकी इस फिल्म का मिली जुली प्रतिक्रिया मिली थी। उनकी कई तमिल फिल्में रिलीज हुई इसके बाद वैजयंतीमाला ने साल 1951 में हिंदी फिल्मों की तरफ रूख किया। उनकी पहली फिल्म बहार से कदम रखा था। इसके बाद उनकी कई हिंदी फिल्में रिलीज हुई जिसमे नई दिल्ली, नया दौर और आशा जैसी फिल्में शामिल हैं।
उनकी इन फिल्मों को दर्शकों की तरफ से काफी ज्यादा सराहा गया। इसके बाद साल 1964 में आई फिल्म संगम में निभाया राधा किरदार सबसे ज्यादा बोल्ड था। इस फिल्म का एक गाना ‘मैं क्या करूं राम मुझे बुढ्ढा मिल गया’ बहुत फेमस हुआ था। इस गाने को लोग आज भी पसंद करते हैं। इसके बाद फिल्म ‘ज्वेल थीफ’ में उन पर फिल्माया गया गाना ‘होठों पे ऐसी बात’ अब भी लोगों की जुबां पर है।
साल 1957 में उनके द्वारा निभाया गया फिल्म देवदास का चंद्रमुशी किरदार आज भी दर्शकों को याद हैं। इस फिल्म के लिए उसी साल फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वैजयंतीमाला को साल 1959 में फिल्म ‘मधुमती’, 1962 में ‘गंगा जमुना’ और 1965 में ‘संगम’ के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से नवाजा गया।
कई सालों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली वैजयंतीमाला मंझी हुई अदाकारा हैं। इसके अलावा वो अच्छी डांसर भी है, भरतनाट्यम की डांसर, कर्नाटक शैली की सिंगर और डांस टीचर भी रही हैं।
अफेयर वैजयंतीमाला का भी कई बड़े सुपरस्टार्स के साथ नाम जुड़ा। फिल्मी करियर के दौरान वो दिलीप कुमार और राज कपूर के करीब आईं। राज कपूर की पत्नी ने जब उनके रिश्ते पर प्रश्न उठाया तो वह इसी शर्त पर मानीं कि वैजयंती, राज कपूर के साथ काम नहीं करेंगी। फिल्म संगम के बाद से राज कपूर और वैजयंतीमाला ने एक साथ काम नहीं किया।
असफलता कई सालों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली वैजयंतीमाला को नाकामयाबी की मार भी झेलनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने देव आनंद के साथ 1967 में आई सफल फिल्म ‘ज्वेल थीफ ‘ से एक नई शुरुआत की। इस दौरान उनके जीवन में आए डॉ. चमनलाल बाली। एक बार वैजयंती को निमोनिया हो गया था, जिसका इलाज डॉ. बाली कर रहे थे। बाली भी उनके प्रशंसकों में से एक थे। इलाज के दौरान दोनों को प्यार हो गया और 10 मार्च साल 1968 को दोनो शादी के बंधन में बंध गए। आज उनका एक बेटा भी है।
अवॉर्ड वैजयंतीमाला को फिल्मों में उनके योगदान के लिए कई अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है। जिसमे फिल्मफेयर, पद्मश्री, स्टारडस्ट अवॉर्ड शामिल हैं।
बॉलीवुड की हॉट एक्ट्रेस सनी लियोन के बारे में जानने के लिए हर कोई बेकरार रहता है, लोग उनसे जुड़ी हर बात जानना चाहते हैं, इसकी पुष्टि एक बार फिर से तब हुई जब सनी लियोन गूगल सर्च के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया। आपको जानकर अचरज होगा कि भारत में गूगल सर्च में इस साल अगस्त के पहले हफ्ते तक सबसे अधिक ढूंढे जाने वाली हस्तियों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुपरस्टार सलमान खान और शाहरुख खान को पीछे छोड़ते हुए अभिनेत्री सनी लियोन ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।
गूगल सनी ने अपने चाहने वालों को कहा-Thank You
गूगल सर्च में टॉप पोजिशन आने पर प्रतिक्रिया देते हुए सनी लियोन ने कहा कि ‘मेरी टीम ने मुझे इस बारे में बताया है, यह मेरे फैंस की वजह से हो सका जो लगातार मेरे साथ बने हुए हैं। मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।’ आपको बता दें कि गूगल ट्रेंड्स एनालिटिक्स के अनुसार, सनी से जुड़ी ज्यादातर खोजें उनके वीडियो के संबंध में हैं, इसके अलावा उनकी बायोपिक श्रृंखला ‘करणजीत कौर : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ सनी लियोन’ को भी लोगों ने ढूंढा है।
मणिपुर और असम
इसके अलावा सनी से जुड़े अधिकतर सर्च ट्रेंड्स बताते है कि उन्हें सबसे ज्यादा पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे मणिपुर और असम में खोजा गया। मालूम हो कि पिछले साल भी सनी ने गूगल सर्च पर टॉप पर थीं।
बॉलीवुड सनी लियोन का असली नाम करनजीत कौर वोहरा
यहां आपको बताते चलें कि एडल्ट दुनिया की बेताज मल्लिका रह चुकी सनी लियोन का असली नाम करनजीत कौर वोहरा है। आपको शायद नहीं पता होगा कि सनी लियोन अमेरिका की भी नागरिक हैं। उन्हें जून 2006 में अमेरिका ने नागरिकता दी थी।
सनी की मां हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की रहने वाली थीं
सनी लियोन अमेरिका की महिला सॉसर लीग टीम से कैलीफोर्निया में कई बार खेल भी चुकी हैं। वो एक सिख परिवार से हैं। उनके पिता का जन्म तिब्बत में हुआ और वे बाद में दिल्ली में रहने लगे और उनकी मां हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की रहने वाली थीं। जब वो 13 साल की थीं तब उनका परिवार मिशिगन शिफ्ट हो गया, उसके बाद लेक फॉरेस्ट और फिर कैलीफोर्निया।
फिल्म ‘जिस्म 2’ से पहला ब्रेक ‘बिग बॉस सीजन 4’ से रखा भारत में कदम
सिख होने के बावजूद उनके माता-पिता ने उनका दाखिला कैथोलिक स्कूल में कराया। क्योंकि वो सोचते थे कि पब्लिक स्कूल में जाना सनी के लिये सुरक्षित नहीं है, खुदा की ओर से सनी लियोन को बेताज सुदंरता बक्शी गई है जिसका फायदा उन्होंने मॉडलिंग में उठाया जिसके जरिये उन्हें पोर्न की दुनिया में एंट्री मिली।
फिल्म ‘जिस्म 2’ से पहला ब्रेक
जहां पैसा और नाम कमाने के बाद सनी लियोन को भारत में आने का मौका मिला और उन्होंने साल 2010 में ‘बिग बॉस सीजन 4’ के जरिये भारतीय सरजमीं पर कदम रखा जिसने उनके बॉलीवुड में आने के रास्ते खोल दिए, लियोन को पूजा भट्ट ने अपनी फिल्म ‘जिस्म 2’ से पहला ब्रेक दिया था।
इंटरनेट के जरिए सनी की मुलाकात एकता कपूर से हुई एकता ने बना दिया Baby Doll
तमाम हॉट और इंटिमेट सींस होने के बावजूद फिल्म फ्लॉप हो गई और सनी को कुछ फायदा नहीं हुआ। ‘बिग बॉस 4’ और ‘जिस्म 2’ के बाद इंटरनेट के जरिए सनी की मुलाकात एकता कपूर से हुई जिसने उनके तरक्की के रास्ते खोल दिये।
‘शूट आउट वडाला’
एकता कपूर ने लियोन की इमेज लोगों के दिमाग में चेंज करने के लिए ‘शूट आउट वडाला’ में उन्हें आयटम गर्ल ‘लैला’ के रूप में पेश किया जिसने पर्दे पर कमाल कर दिया और फिल्म की तरह गाना भी सुपरहिट हो गया और इसके बाद मार्च 2014 में रिलीज हुई एकता की ‘रागिनी एमएमएस 2’ जिसने सनी लियोन को बॉलीवुड की ‘बेबीडॉल’ बना दिया।
सनी की हर बात जानना चाहते हैं लोग
नतीजा ये है कि आज सनी लियोन को साइन करने के लिए कतारें लगी हुई हैं और उनकी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बारे में जानने के लिए लोग बेकरार रहते हैं।
मोदी सरकार द्वारा कश्मीर से अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए हटाए जाने के साथ ही देश में राजनीति गरमाई हुई है। अब इस मामले को लेकर देश के पूर्व प्रधानमंत्री रहे मनमोहन सिंह ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है।
मनमोहन सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर भारत के विचार को जिंदा रखना है तो जम्मू कश्मीर के नागरिकों की आवाज सुनी जानी चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिंह ने कहा कि सरकार के इस फैसले को कई लोग पसंद नहीं कर रहे हैं। मनमोहन सिंह ने ये बात एस जयपाल रेड्डी की याद में बुलाई गई सभा में कही थी। इस दौरान पूर्व पीएम ने कहा कि इन दिनों देश इन दिनों एक गंभीर संकट से गुजर रहा है। मोदी सरकार द्वारा 5 अगस्त को राज्यसभा में अनुच्छेद 370 को लेकर संकल्प पत्र पेश करते ही देश की सियासत गरमा गई थी। संसद से लेकर सड़क तक माहौल गरमा गया था। सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक दलों की भी अलग अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं थी।
खुद कांग्रेस के भीतर से भी इस बिल के समर्थन में आवाज उठने लगी थी। एक तरफ जहां कांग्रेस इसका विरोध कर रही थी। वहीं पार्टी के राज्यसभा मे चीफ व्हिप ने ही इसके विरोध में पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया था।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी माने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सरकार के इस फैसले का समर्थन किया था। ऐसे में पार्टी में अब तक पूरी तरह से ये तस्वीर साफ नहीं हुई है कि आगे इसे लेकर क्या स्टैंड रखा जाना है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्रियों ने सावन के आखिरी सोमवार को मानसरोवर झील किनारे हवन और पूजा की. जिसे लेकर चीन बौखला गया. बता दें कि कैलाश पर्वत चीन के स्वामित्व वाले तिब्बत क्षेत्र में स्थित है. कैलाश मानसरोवर झील किनारे जब तीर्थयात्रियों ने सोमवार को पूजा की तो अली प्रीफेक्चर के डिप्टी कमिश्नर जी किंगमिन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि भारतीय तीर्थयात्री हमारे क्षेत्र में आते हैं. ऐसे में उन्हें हमारे नियम-कानूनों का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर हम भारत जाएंगे तो वहां के नियमों का ध्यान रखेंगे.
किंगमिन ने कहा, ”चीन कैलाश मानसरोवर आने वाले भारतीय यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखता है. भारत सरकार को भी अपनी तरफ के इलाके में यात्रियों की सुविधा के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना चाहिए. हमें उम्मीद है कि भारत सरकार अपने तरफ की सड़क सुधारेगी. यात्रियों को लिपुलेख से आने में 4-5 दिन लगते हैं. इसमें काफी समय और ऊर्जा लगती है.”
उन्होंने कहा कि, ”अली प्रीफेक्चर की सरकार यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का हर तरह से ध्यान रखती है. यात्रियों को तकलीफ न हो, इसलिए हमने रास्ता ठीक रखने में काफी पैसा खर्च किया है.”
कैलाश मानसरोवर यात्रा के बैच 13 के संपर्क अधिकारी सुरिंदर ग्रोवर ने बताया कि, उनका जत्था 30 जुलाई को दिल्ली से रवाना हुआ था. उन्होंने कैलाश की परिक्रमा पूरी की. इसके बाद मानसरोवर झील के किनारे यज्ञ किया. सावन के आखिरी सोमवार को उन्होंने पूजा की क्योंकि कार्तिक मास परितोष तिथि थी, इसलिए यज्ञ करना शुभ था.
बता दें कि हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार, कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है. बौद्ध मानते हैं कि बुद्ध इसी क्षेत्र में अपनी मां रानी महामाया के गर्भ में आए थे. वहीं जैन धर्म के अनुयायियों का मानना है कि उनके पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव को कैलाश के पास अष्टपद पर्वत पर मोक्ष मिला था.
सोशल मीडिया की पर दो साल तक मुहिम चलाने के बाद 15 साल पहले बिछड़े भाई-बहन का सोमवार को मिलन हो गया। मां-बाप का तलाक होने के बाद युवती अपनी मां और युवक अपने पिता के साथ दिल्ली चला गया था। मुलाकात के बाद युवती अपने भाई के साथ जाने की जिद पर अड़ी है। युवती का कहना है कि इस बार वह पहली बार अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेगी।
दिल्ली निवासी 20 वर्षीय एक युवक सोमवार सुबह नगर की गोविन्दपुरी कॉलोनी स्थित एक मकान पर पहुंचा। युवक वहां रहने वाली युवती को अपनी बहन बताकर साथ ले जाने लगा। युवती की मां ने इसका विरोध किया।
शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और हंगामा होना शुरू हो गया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस युवक और युवती को थाने ले गई। युवती ने पुलिस को बताया कि युवक उसका सगा भाई है। वह पिता के साथ दिल्ली में रहता है। युवती अपने भाई के साथ रहने पर अड़ी थी।
15 साल पहले हो गए थे अलग : बताया जा रहा है कि मोदीनगर निवासी एक व्यक्ति नगर की एक कॉलोनी में अपनी पत्नी के साथ रहता था। दोनों के एक पुत्र और पुत्री हैं। 15 साल पहले किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। विवाद के बाद पति-पत्नी अलग रहने लगे। पुत्र अपने पिता के साथ दिल्ली चला गया,जबकि युवती अपने मां के साथ मोदीनगर में ही रहने लगी। जिस वक्त अलग हुए थे युवक पांच साल का और युवती तीन साल की थी। तलाक के बाद मां ने दूसरी शादी कर ली थी।
दो साल तक सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई : युवक ने सोमवार को थाने में बताया कि दो साल पहले अचानक उसे बहन की याद आई। काफी प्रयास के बाद बचपन की तस्वीर मिल गई। उस तस्वीर को सोशल मीडिया पर डालकर अपनी बहन की तलाश करने में लोगों की मदद मांगी। तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पिछले दिनों एक युवती का फोन आया। उसने बताया कि मैं ही तुम्हारी बिछड़ी हुई बहन हूं। इसके बाद उसने बचपन की कई फोटो भी भेजी। फोटो देखकर पिता की आंखों में भी आंसू भर आए।
”युवती अपने भाई के साथ जाने की जिद पर अड़ी हुई है। युवक-युवती के पिता को दिल्ली से बुलाया गया है। युवती को उपजिलाधिकारी के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।” -केपी मिश्रा, सीओ, मोदीनगर
पहली बार बांधेगी भाई की कलाई पर राखी
थानेमें युवती अपने भाई के साथ दिल्ली जाने की जिद पर अड़ी थी। जबकि युवती की मां का रो रोकर बुरा हाल था। युवती का कहना है कि वह पहली बार अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेंगी। युवती का कहना है कि राखी बांधने के लिए वह 15 साल से इंतजार कर रही थी। आज उसका यह सपना पूरा हो गया। इससे वह काफी खुश है।