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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नीतियों से किसानों का बढ़ा भरोसा और आत्मसम्मान

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रायपुर: राज्य सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी, सरल और किसान-हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने गांव-गांव के किसानों के जीवन में स्थिरता और भरोसा स्थापित किया है। इसी व्यवस्था से लाभान्वित हुए हैं. इस वर्ष कुल 34.40 क्विंटल धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में धान खरीदी की प्रक्रिया इतनी व्यवस्थित और भरोसेमंद हो गई है कि हर वर्ष धान बेचने का इंतजार उत्सव की तरह होने लगा है।

प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा और 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य ने खेती को न सिर्फ सुरक्षित बल्कि लाभकारी बना दिया है। वे कहते हैं कि धान विक्रय से मिली आय से परिवार का सालभर का खर्च, खेत की लागत, बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जिम्मेदारियाँ सभी आसानी से पूरी हो जाती हैं। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि धान की राशि सीधे बैंक खाते में पहुँच जाती है, जिससे बीज, खाद, जुताई और अन्य कृषि कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आती। खेती समय पर और सुचारू रूप से पूरी हो जाती है। वे बताते हैं कि खेती अब केवल गुजारा चलाने का साधन नहीं रही, बल्कि आर्थिक उन्नति मजबूत आधार बन गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के बेहतर नीतियों ने किसानों का जीवन संवार दिया है। हम जैसे छोटे किसानों के लिए धान खरीदी ही सबसे बड़ा सहारा व उत्सव है।

ऑनलाइन टोकन प्रणाली से धान खरीदी हुई सुगम…

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रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान 15 नवंबर से प्रारंभ किया गया है। सुव्यवस्थित और पारदर्शी व्यवस्था ने प्रदेशभर के किसानों को नई आर्थिक मजबूती प्रदान की है। इसी क्रम में ग्राम जाजंग के किसान श्री परथ राम गबेल का अनुभव शासन की किसान हितैषी नीतियों का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

प्रशासन की खरीदी व्यवस्था की सराहना

श्री परथ राम गबेल ने धान उपार्जन केंद्र डोडकी में 165.60 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर विक्रय किया। धान विक्रय के बाद उन्होंने सरकार एवं जिला प्रशासन की खरीदी व्यवस्था की सराहना करते हुए गहरी संतुष्टि व्यक्त की।

समय, श्रम और अनावश्यक भीड़तीनों से मिला छुटकारा 

श्री गबेल ने बताया कि पहले टोकन प्राप्त करने में पूरे दिन लंबी लाइन में इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब मोबाइल के माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त हो जाता है। श्री गबेल ने भी इस डिजिटल सुविधा का लाभ उठाते हुए अपने घर से ही टोकन लिया और केंद्र पहुँचते ही तुरंत तौलाई करवाई। इससे समय, श्रम और अनावश्यक भीड़—तीनों से छुटकारा मिला है।

धान खरीदी व्यवस्था पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय

किसान ने विशेष रूप से माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा लागू की गई ऑनलाइन टोकन प्रणाली को किसान हित में अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय है। समय पर तौलाई, समय पर भुगतान और व्यवस्थित प्रबंधन ने किसानों में नए उत्साह और भरोसे का माहौल बनाया है।

सरकार की किसानकेंद्रित सोच है मजबूत

सक्ति जिले में धान खरीदी व्यवस्था की इस सुचारू कार्यप्रणाली ने सरकार की किसान-केंद्रित सोच को मजबूती दी है। बेहतर व्यवस्थाओं के कारण किसान आत्मविश्वास के साथ धान विक्रय कर रहे हैं और शासन की सुविधाओं का पूर्ण लाभ उठा रहे हैं।

धान खरीदी व्यवस्था से किसानों में खुशी का माहौल

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बस्तर के मूली धान खरीदी केंद्र में किसानों को मिल रही हर सुविधा

रायपुर: राज्य शासन की पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था का सकारात्मक असर अब गांव-गांव में साफ दिख रहा है। खरीदी केंद्रों में समयबद्ध तौल, टोकन प्रणाली की सुगमता और बेहतर सुविधाओं ने किसानों को राहत दी है। बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखण्ड के मूली धान खरीदी केंद्र में आज पहुंचे किसानों ने कहा कि इस साल की व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सरल, तेज और भरोसेमंद है।

साफसुथरी एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था से बच रहा समयकिसान लखीराम

कुम्हरावण्ड निवासी किसान लखीराम ने बताया कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की स्पष्ट व्यवस्था और टोकन प्रक्रिया के बेहतर संचालन ने उन्हें काफी सुविधा दी है। केंद्र में पर्याप्त स्टाफ की मौजूदगी से तौल में किसी तरह की देरी नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि आज 60 क्विंटल धान विक्रय के लिए टोकन कटवाया है और बिना किसी परेशानी के प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। जिससे हमारा समय बचा है।

हमाल, बारदाना और पेयजल सब उपलब्ध, कोई दिक्कत नहींदलपति कश्यप

कुम्हरावण्ड के ही किसान दलपति कश्यप ने कहा कि 27 नवम्बर का टोकन लेकर सुबह केंद्र पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस बार तौल के लिए हमाल और बारदाना उपलब्ध हैं, किसानों के लिए पेयजल और बैठने की व्यवस्था भी की गई है। इस बार खरीदी केंद्र में आने पर ऐसा लगता है कि किसानों की सुविधाओं का सचमुच ध्यान रखा गया है।

इस बार पैदावार भी अच्छी और व्यवस्था भी पर्याप्तमहिला कृषक मंगली कश्यप

कुम्हरावण्ड निवासी महिला कृषक श्रीमती मंगली कश्यप ने बताया कि उनके पास कुल 10 एकड़ कृषि भूमि है, जिनमें इस वर्ष अच्छी पैदावार हुई है। वे 116 क्विंटल धान बिक्री के लिए लायी थीं। खेत में नलकूप होने से अब रबी सीजन में ढाई एकड़ में मक्का की फसल लेने की तैयारी कर रहीं हैं।

बारदाना, परिवहन और ऑनलाइन सुविधा सब है बहुत व्यवस्थितकेंद्र प्रभारी

मूली धान खरीदी केंद्र के प्रभारी श्री एमआर भद्रे ने बताया कि इस वर्ष खरीदी सीजन के लिए पर्याप्त बारदाना, सुचारू परिवहन व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं पहले से सुनिश्चित कर दी गई हैं। किसानों को उनके धान की तौल और भुगतान से संबंधित हर जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध हो रही है, जिससे पारदर्शिता और भी बढ़ी है। इस बार बोरीगांव, बारदा, कुम्हरावण्ड, किंजोली, चापापदर, मूली, चिखल करमरी और करंजी के  कुल मिलाकर 865 किसानों में केंद्र में धान विक्रय के लिए पंजीयन कराया है।

छत्तीसगढ़ पवेलियन को 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2025 में मिला ‘स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल’

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रायपुर: छत्तीसगढ़ ने 44वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (IITF) 2025 में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़  के पवेलियन को उत्कृष्ट थीमैटिक प्रस्तुति और डिस्प्ले के लिए प्रतिष्ठित “स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल” प्रदान किया गया। यह पुरस्कार नई दिल्ली के भारत मंडपम में दिया गया, जहाँ आईआईटीएफ 14 से 27 नवंबर 2025 तक आयोजित हुआ।

छत्तीसगढ़ के 25 वर्ष पूरे होने पर मिला यह सम्मान

यह उपलब्धि ऐसे समय मिली है जब छत्तीसगढ़ वर्ष 2025 में अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की यात्रा को बेहद रोचक और अनुभवात्मक तरीके से प्रस्तुत किया गया—जिसमें सांस्कृतिक परंपराएँ, जनजातीय विरासत, आजीविका आधारित पहल, सुशासन, औद्योगिक विकास, पर्यटन और सतत विकास जैसे सभी पहलुओं को प्रदर्शित किया  गया।

छत्तीसगढ़ का पवेलियन क्यों रहा खास

* पवेलियन ने राज्य की 25 वर्ष की यात्रा, उसकी उपलब्धियों, आगामी लक्ष्य और “नवा छत्तीसगढ़” की अवधारणा को प्रभावशाली तरीके से प्रदर्शित किया। इसमें बस्तर में हो रहे परिवर्तन को भी प्रमुखता से रखा गया—जहाँ हाल के वर्षों में बेहतर सड़क संपर्क, पर्यटन विकास, जनजातीय आजीविका में वृद्धि और शांति आधारित विकास ने नए अवसर खोले हैं।

* पारंपरिक कारीगरी, जनजातीय कला, स्थानीय उत्पाद, व्यंजन और पर्यटन ने छत्तीसगढ़ की आत्मा को आधुनिक अंदाज़ और प्रामाणिकता के साथ पेश किया।

* पवेलियन में छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति 2024–30 को प्रमुखता के साथ दर्शाया गया, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन और उच्च स्तरीय निवेश आकर्षित करना है।

प्रदर्शनी में दो बड़े आगामी प्रोजेक्ट्स भारत का पहला AI डेटा सेंटर पार्क और छत्तीसगढ़ का पहला सेमीकंडक्टर प्लांट को भी  प्रदर्शित किया गया। ये दोनों परियोजनाएँ राज्य के युवाओं के लिए हजारों उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार अवसर तैयार करेंगी और छत्तीसगढ़ को तकनीकी रूप से उन्नत, निवेश-अनुकूल और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में वैश्विक मानचित्र पर प्रमुख स्थान देंगी।

मेले के दौरान पवेलियन में उल्लेखनीय संख्या में दर्शक पहुंचे। इंटरैक्टिव डिजिटल डिस्प्ले और जीआई-टैग्ड ढोकरा कला, आकर्षक कोसा सिल्क और अन्य पारंपरिक उत्पादों ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। संस्कृति, कारीगरी और कहानी कहने के प्रभावी मिश्रण ने इसे IITF 2025 के सबसे यादगार अनुभवों में शामिल किया।

“स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल” राज्य के बढ़ते आत्मविश्वास, नवाचार-आधारित विकास और मज़बूत आर्थिक भविष्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर, जिसे हर साल इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) आयोजित करती है, देश के सबसे बड़े और विविधतम आयोजनों में से एक है। इसमें राज्यों, केंद्रीय मंत्रालयों, पीएसयू, एमएसएमई, शिल्पकारों, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की भागीदारी रहती है, जिससे भारत मंडपम भारत की संस्कृति, व्यापार, नवाचार और उद्यमिता का जीवंत मंच बन जाता है।

स्पेशल एप्रिसिएशन मेडल
सम्मान ने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत किया है, बल्कि यह भी सिद्ध किया है कि राज्य अपनी सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास मॉडल—दोनों के साथ आगे बढ़ रहा है। पवेलियन की यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की प्रगति, उसके उद्योगों और उसके युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक प्रेरक कदम के रूप में देखी जा रही है। यह सम्मान राज्य को और बेहतर प्रदर्शन, नवाचार और जनहितकारी विकास के लिए प्रोत्साहित करता है तथा आने वाले समय में ऐसे और भी गौरवपूर्ण अध्याय लिखे जाने की उम्मीद जगाता है।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने युवा आयोग के वेबसाइट को किया लॉन्च

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रायपुर : उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज राज्य युवा आयोग के वेबसाइट को लॉन्च किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि इस वेबसाइट से युवाओं को युवा आयोग के कार्यों तथा रोजगार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। वेबसाइट पर युवा अपने बहुमूल्य सुझाव भी दे सकेंगे। राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर भी इस दौरान मौजूद थीं।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत…

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रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का स्वामी विवेकानंद विमानतल पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया आत्मीय स्वागत… केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के  रायपुर आगमन पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात…

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रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह उपस्थित थे।

प्रदेश में फिर पड़ेगी कड़ाके की ठंड, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट!

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रायपुर: छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से ठंड में कमी आई है। राजधानी रायपुर समेत कई अन्य जिलों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ने के बाद से एक बार फिर ठंड में कमी आ गई है। वहीं मौसम विभाग ने लोगों को हैरान करने वाली चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने की चेतावनी दी है।

इन जिलों में शीतलहर चलने की संभावना

वहीं मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने की संभावना जताई। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, रायगढ़ कोरिया, बलरामपुर-रामानुजगंज, और सूरजपुर जिले में शीतलहर चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के कारण छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड पड़ेगी।

सबसे ठंडा रहा अंबिकापुर

पिछले 24 घंटों में, अंबिकापुर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे दर्ज किया गया, जिससे यह छत्तीसगढ़ का सबसे ठंडा इलाका बन गया। राज्य की राजधानी रायपुर में आसमान साफ़ रहने की उम्मीद है। तापमान 16°C से 30°C के बीच रहने की संभावना है, सुबह और रात में हल्की ठंड और दोपहर में तेज़ धूप रहेगी। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में अभी मौसम का पैटर्न संतुलित है-न ज़्यादा ठंडा और न ज़्यादा गर्म। ऐसा इसलिए क्योंकि आने वाले दिनों में राज्य धीरे-धीरे ज़्यादा सर्द सर्दियों की ओर बढ़ रहा है।

बिहार के बाद अब बंगाल फतह की तैयारी! अमित शाह 

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बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बाद उत्साहित भाजपा अब मिशन बंगाल पर जुटने वाली है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के दिल्ली स्थित आवास पर हुई डिनर मीटिंग में भाजपा नेताओं का होम मिनिस्टर अमित शाह ने मार्गदर्शन किया। एक तरफ उन्होंने बिहार में मिली जीत से अहंकार में ना आने की सीख दी तो वहीं यह भी कहा कि अब बंगाल के लिए जुटना होगा। उन्होंने कहा कि अब आगे हम लोगों को बंगाल की लड़ाई के लिए तैयार रहना है। उनकी स्पष्ट नसीहत थी कि सभी लोग जहां कम, वहां हम वाले भाव से काम करें और कार्यकर्ता मोड में रहें।

IIM Raipur DGP IGP Meet 2025: देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच, नक्सलवाद के चुनौतियों पर होगी चर्चा…

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रायपुर: इस बार नई और नवाचारपूर्ण सोच को जोड़ने के उद्देश्य से राज्यों/यूटी के गृह विभाग प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ अग्रिम पंक्ति के अधिकारी भी शामिल होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29-30 नवंबर को रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM Raipur) में आयोजित होने वाले डीजीपी/आईजीपी ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस के 60वें संस्करण में शामिल होंगे। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 28 से 30 नवंबर तक चलेगा।

IIM Raipur DGP IGP Meet 2025: क्या है सम्मेलन का मुख्य विषय?

इस बार सम्मेलन का थीम ‘विकसित भारत: सुरक्षा आयाम’ रखा गया है। इसका उद्देश्य अब तक विभिन्न पुलिसिंग चुनौतियों से निपटने में हासिल प्रगति की समीक्षा करना और ‘सुरक्षित भारत’ के निर्माण हेतु भविष्य की दिशा तय करना है।

सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, काउंटर टेररिज्म, आपदा प्रबंधन, महिलाओं की सुरक्षा, तथा फोरेंसिक साइंस और एआई के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी। प्रधानमंत्री सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति के पुलिस पदक (President’s Police Medals) फॉर डिस्टिंग्विश्ड सर्विस भी प्रदान करेंगे।

देशभर के शीर्ष पुलिस अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच

यह सम्मेलन वरिष्ठ पुलिस नेतृत्व और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विविध मुद्दों पर खुलकर चर्चा करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने, पुलिस ढांचे और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही विभिन्न राज्यों की सर्वोत्तम प्रथाओं को भी साझा किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वार्षिक सम्मेलन में लगातार गहरी रुचि लेते रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में बिजनेस सेशंस, ब्रेकआउट इंटरैक्शंस, और थीमेटिक डाइनिंग टेबल डिस्कशन जैसे नवाचार शामिल किए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे प्रधानमंत्री से संवाद करने का अवसर मिलता है।

2014 के बाद सम्मेलन के स्वरूप में निरंतर सुधार

प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में 2014 के बाद से सम्मेलन के प्रारूप में लगातार सुधार और नवाचार किए गए हैं। इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की परंपरा भी आगे बढ़ी है। इससे पहले सम्मेलन गुवाहाटी, रण कच्छ, हैदराबाद, टेकनपुर, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, पुणे, लखनऊ, नई दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर में आयोजित हो चुका है। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मेलन रायपुर, छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।

इन वरिष्ठ अधिकारी होंगे उपस्थित

सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA), गृह राज्य मंत्री, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी, तथा केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे। इस बार नई और नवाचारपूर्ण सोच को जोड़ने के उद्देश्य से राज्यों/यूटी के गृह विभाग प्रमुख और डीआईजी तथा एसपी स्तर के कुछ अग्रिम पंक्ति के अधिकारी भी शामिल होंगे।