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अभी और सहनी पड़ेगी लू की तपिश

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मई के आखिरी दो दिन से पारा चढ़ा, बेशक जून के पहले आैर रविवार को दो डिग्री गिरा, लेकिन गर्म हवाएं  शहर के लोगों को दिनभर परेशान रख रही हैं।  मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 से 48 घंटे के दौरान एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के आसार बन रहे हैं। लेकिन इसका ज्यादा असर पहाड़ों पर होगा। मैदानों में आंशिक बादल छा सकते हैं, तापमान में एक या दो डिग्री की गिरावट आ सकती है।

जहां तक गर्म हवाओं का सवाल है तो अभी इनसे राहत के आसार कम ही हैं। उधर, तापमान बढ़ने से हवा में नमी की मात्रा कम होने से मौसम शुष्क हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार जिस अंदाज में तापमान में उछाल आया है, अब रातें भी गर्म होंगी। विभाग के अनुसार रात का तापमान 28 से 30 डिग्री तक जा सकता है। फिलहाल, 27 डिग्री चल रहा है।


आगे कैसे रहेगा मौसम: मौसम विभाग के अनुसार रविवार को आसमान साफ रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 41 और रात का तापमान 28 डिग्री रह सकता है। सोमवार को आसमान साफ रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 42 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रह सकता है।
मंगलवार को भी आसमान साफ रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 44 और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रह सकता है।

छत्तीसगढ़ : सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर

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 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज परिवहन विभाग के अधिकारियों को राज्य स्तरीय विभागीय बैठक में वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर हाट-बाजारों में और स्कूल-कॉलेजों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता के लिए अभियान चलाने निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण योजना के माध्यम से ड्राइविंग को प्रशिक्षण को बढ़ावा दिया जाए जिससे छत्तीसगढ़ की युवा न केवल कुशलतापूर्वक वाहन चला सके, बल्कि उन्हें परिवहन के व्यापक क्षेत्र में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सके। इससे नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बल्कि औद्योगिक और खदान क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रशिक्षित ड्रायवरों की मांग की पूर्ति भी हो सकेगी। 
बैठक में परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर, पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम. अवस्थी, अपर मुख्य सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री आर.पी. मंडल, अपर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, स्वास्थ्य विभाग की सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग  की विशेष सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी तथा परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकांे की सुरक्षा को ध्यान में रखना परिवहन विभाग की पहली प्राथमिकता है। यात्री घर से निकलकर अपने गंतव्य स्थान पर सुरक्षित पहुंचे यह हमारा उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षो में गाडि़यों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है और नये  वाहनों की स्पीड अधिक होने के कारण सड़क दुर्घटनाएं बढ़ी है। उन्होंने दुर्घटनाओं मंे कमी लाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों मंे बाजार-हाट में और स्कूल-कॉलेजों मंे ज्यादा से ज्यादा जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। इन अभियानों में ट्रैफिक नियमों के साथ-साथ हेलमेट, सीट बेल्ट आदि के उपयोग बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
 श्री बघेल ने कहा कि परिवहन विभाग के अधिकारी सड़क सुरक्षा के लिए निर्धारित मानकों का अनिवार्यतः पालन करवाएं। यह देखा गया है कि खदान क्षेत्र और औद्योगिक क्षेत्र में भारी वाहनों में अनिवार्य रूप से नंबर प्लेट, पार्किंग लाइट आदि नहीं होते हैं जिसके कारण दुर्घटनाएं होती है। उन्होंने कहा सभी प्रकार के ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चालकों के प्रशिक्षण के बाद ही जारी किए जाए।
मुख्यमंत्री ने खदान और औद्योगिक क्षेत्रों में ओव्हरलोडिंग रोकने प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने इस संबंध में सभी धर्मकांटाओं (वे-ब्रिज) को आपस में कम्प्यूटर के माध्यम से जोड़ने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि वे-ब्रिज को आपस में जोड़ने से परिवहन विभाग को ओव्हरलोडिंग की जानकारी ऑनलाइन मिल सकेगी। वहीं इसके माध्यम से ऑनलाइन चालान एवं अन्य मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। 
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा के लिए ज्यादा से ज्यादा सिटी बसों को नगरीय सीमा की परिधि में चलाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परमिट जारी करते समय ग्रामीण क्षेत्रों में बस चलाने के इच्छुक युवाओं को भी अवसर दिलाने के लिए प्रयास करें।  
मुख्यमंत्री ने अटलनगर में निर्माणाधीन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेनिंग एण्ड ड्रायविंग के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को इसे जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि यह इंस्टीट्यूट आगामी दिसंबर माह तक पूर्ण हो जाएगा। 

छत्तीसगढ़ : स्वास्थ्य मंत्री ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर राष्ट्रीय सम्मेलन का किया शुभारंभ

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स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आज सरगुजा जिले में गहिरा गुरू विश्वविद्यालय से संबद्ध अभियांत्रिकी महाविद्यालय, लखनपुर में ‘आधुनिक समाज और सामाजिक वातावरण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका ¼Role of Science and Technology in Modern Society and Social Environment½’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिकाल से विज्ञान और तकनीक मानव के लिए जिज्ञासा का विषय रहा है। आधुनिक समाज को नई दिशा देने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है। विज्ञान और तकनीक के माध्यम से ही मानव समाज विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है। 
सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए श्री सिंहदेव ने कहा कि आज सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक बहुत कम समय में सूचनाएं संप्रेषित की जा सकती है। तकनीक का सही उपयोग जरूरी है, अन्यथा इसके कई दुष्परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को मानव विकास के लिए बेहद जरूरी बताते हुए ऐसी तकनीकों को प्रोत्साहित करने की बात कहीं जिससे पर्यावरण का नुकसान कम से कम हो। 
सम्मेलन को गहिरा गुरू विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. रोहिणी प्रसाद, मणिपाल विश्वविद्यालय राजस्थान के कुलपति प्रो. सुभाष चन्द्र शर्मा, शासकीय इंजीनियरिंग कालेज बिलासपुर के प्रो. एम.एल. अग्रवाल, एल.सी.आई.टी. बिलासपुर की प्रो. अनिता अग्रवाल, इसरो अहमदाबाद के वैज्ञानिक श्री ऋषितोष कुमार सिन्हा, अमरनाथ मिश्रा स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया के पूर्व प्राचार्य प्रो. गणेश कुमार पाठक और अम्बिकापुर के महापौर डॉ. अजय तिर्की ने भी संबोधित किया। इस मौके पर गहिरा गुरू विश्वविद्यालय सरगुजा एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय लखनपुर के प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

आचार संहिता खत्म होते ही एक्शन मोड में सीएम भूपेश बघेल, समीक्षा बैठक में दिया ये अहम निर्देश

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छत्तीसगढ़ से आचार संहिता खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेलएक्शन मोड में आ गए हैं. सीएम बघेल ने वन विभाग और परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक ली. वन विभाग की समीक्षा बैठक नया रायपुर के अरण्य भवन में हुई. इस बैठक में वन मंत्री मोहम्मद अकबर सहित विभाग के तमाम आला अधिकारी शामिल हुए. परिवन विभाग की बैठक में नया रायपुर स्थित मंत्रालय में हुई. इस बैठक में भी विभाग के आला अधिकारी शामिल हुए. दोनों विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम बघेल ने अधिकारियों से कई मुद्दों पर चर्चा की. सीएम बघेल ने अब तक के कार्यों की समीक्षा की. साथ ही कई अहम निर्देश भी विभागों को दिए.

लघु वन उद्योग स्थपित करने के निर्देश


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन विभाग की बैठक में एक अहम फैसला दिया. सीएम बघेल ने लघु वन उद्योग को स्थापित करने निर्देश दिए हैं. 1 माह के भीतर उद्योगों की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं. साथ ही नदियों के किनारे फलदार वृक्षारोपण और उसकी सुरक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं. मालूम हो कि 44 फीसदी वन आच्छादित वाले राज्य छत्तीसगढ़ में लघुवनोपज के प्रोसेसिंग के लिए अब जल्द ही उद्योगों की स्थापना की जाएगी.

शनिवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस बात के निर्देश दिए कि लघुनवोपज के प्रोसेसिंग के लिए अधिक से अधिक उद्योग लगाए जाए जिससे ना केवल स्थानीय आदिवासियों को लाभ मिले बल्कि राज्य का नाम भी रौशन हो. उद्योगों के स्थापना के लिए सीएम ने एक माह के भीतर प्रस्ताव बनाकर देने की बात कही. मीडिया से बात करते हुए सीएम बघेल ने इस बात पर दुख जताया कि जिस छत्तीसगढ़ में 44 फीसदी वन हो, जहां लघुवनोपज की भरमार हो वहां प्रोसेसिंग के लिए आज तक एक भी उद्योग की स्थापना नहीं की जा सकी है. वहीं बैठक में नदियों के किराने फलदार वृक्षारोपण अभियान में सुरक्षा के साथ तेजी लाने के भी निर्देश सीएम बघेल ने दिए हैं.

सरकार की पैनी नजर ड्राइविंग लाइसेंस पर
जुगाड़ से बनने वाले ड्राइविंग लाइसेंसों से छत्तीसगढ़ सरकार परेशान हो गई है. परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम भूपेश बघेल ने जुगाड़ से बनने वाले ड्राइविंग पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दे दिए हैं. परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम बघेल ने कड़े शब्दों में अधिकारियों को ये निर्देश दिए. अब वाहन चालकों को प्रशिक्षण के बाद ही लाइसेंस जारी करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं. नया रायपुर स्थित आरण्य भवन में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ये फैसला लिया. इस बैठक में परिवहन मंत्री मोहम्मद अबकर सहित विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे.

भारतीय राजनयिकों की इफ्तार पार्टी में पाकिस्तानी अधिकारियों ने की बदसलूकी

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पाकिस्तान में एक बार फिर भारतीय राजनयिकों का उत्पीड़न हुआ है। पाकिस्तान में भारतीय राजनयिक की इफ्तार पार्टी में पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने बदसलूकी की। इस पार्टी में मेहमानों को धमकाने के साथ-साथ धक्का-मुक्की तक की गई। इस दौरान भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों और पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने पाकिस्तान की इस करतूत पर कड़ी आपत्ति जताई है।

शनिवार को इस्लामाबाद के सेरेना होटल में भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने इफ्तार पार्टी का आयोजन किया था। इसमें कई स्थानीय मेहमानों को बुलाया गया था। इफ्तार पार्टी में आमंत्रित मेहमानों को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने धमकाया, जो लोग होटल पहुंचे उन्हें कड़ी सुरक्षा से गुजरना पड़ा। इसके अलावा कई मेहमानों को अंदर भी नहीं आने दिया गया। इस दौरान भारतीय अधिकारियों और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच बहस भी हुई। पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने मेहमानों से खेद जताया है। बिसारिया ने एक वीडियो में कहा, ‘मैं उन लोगों का शुक्रिया करता हूं, जो यहां आए हैं। खासतौर पर उनका जो कराची और लाहौर से आए हैं। साथ ही माफी भी मांगना चाहूंगा क्योंकि कई लोगों को यहां अंदर आने में तकलीफ हुई और कई दोस्त यहां ही नहीं आ पाए। इफ्तार का सिलसिला कई सालों से यहां जारी है।

अब US वीज़ा के लिए देनी होगी 5 साल के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी

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अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करने वाले किसी भी शख्स को अब उसके 5 साल के सोशल मीडिया की जानकारी भी देनी होगी. मिली जानकारी के अनुसार, वीजा के लिए आवेदन करने वाले शख्स से उसके सोशल मीडिया अकाउंट का यूजरनेम लिया जाएगा. करीब एक साल पहले यह नियम लाए जाने की बात की गई थी, जो कि अब लागू किया जा चुका है. इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं.

पिछले साल जब यह कानून प्रस्तावित किया गया था, तब अधिकारियों ने अनुमान लगाया था कि यह प्रस्ताव सालाना 14.7 मिलियन लोगों को प्रभावित करेगा. कुछ कूटनीतिक और आधिकारिक वीजा आवेदकों को कड़े नए उपायों से छूट दी जाएगी. ‘बीबीसी’ की खबर के मुताबिक, काम करने या पढ़ाई करने के लिए अमेरिका जाने वाले लोगों को अपनी जानकारी सौंपनी होगी.

30 सितंबर 2018 तक एक साल के भीतर भारत में अमेरिकी दूतावास ने 8.72 लाख वीजा जारी किए थे. ‘न्यू यॉर्क टाइम्स’ का अनुमान है कि सालाना तौर पर 1.47 करोड़ लोगों से उनके सोशल मीडिया अकाउंट की जानकरी देने के लिए कहा जाएगा.

इन्हें भी देना होगा जानकारी

अमेरिकी विदेश विभाग ने इस नियम का समर्थन करते हुए कहा कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए वह स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं में सुधार करने के लिए रास्ता खोजने पर काम कर रहे हैं. वे लोग जो आतंकवादी समूहों द्वारा नियंत्रित दुनिया के कुछ हिस्सों में गए थे, उन आवेदकों को पहले अतिरिक्त जानकारी देने की जरूरत थी, लेकिन अब उन्हें भी इस डेटा को सौंपना होगा.

इन सोशल मीडिया अकाउंट्स की मांगी जानकारी

रेड्डी ऐंड न्यूमैन इमीग्रेशन लॉ फर्म की एमिली न्यूमैन का कहना है, ‘अमेरिकी दूतावास में वीजा फॉर्म डी-160 और डी-260 में आवेदकों से उनके पिछले पांच साल में इस्तेमाल किए जाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मांगी गई है. इस लिस्ट में जो सोशल मीडिया अकाउंट लिए गए हैं, उनमें फेसबुक, फ्लिकर, गूगलप्लस, ट्विटर, लिंक्ड इन, और यूट्यूब शामिल हैं.’

ट्रंप प्रशासन ने पहली बार मार्च 2018 में नियमों का प्रस्ताव किया था. उस समय, अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन – एक नागरिक अधिकार समूह – ने कहा कि “ऐसा कोई सबूत नहीं है कि इस तरह के सोशल मीडिया की निगरानी प्रभावी या निष्पक्ष है”, और कहा कि इससे लोग खुद को ऑनलाइन सेंसर करेंगे.

सोशल मीडिया को झूठे लगे अजय देवगन की बेटी न्यासा के ये आंसू, कही ऐसी बातें

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अजय देवगन की बेटी न्यासा इस वक्त ट्रोलर्स का सॉफ्ट टार्गेट हैं. पहले वह दादा वीरू देवगन के निधन के बाद सैलून जाने पर ट्रोल हुई थीं. अब जब प्रार्थन सभा में दादा को याद कर उनके आंसू छलके तो भी यह कुछ सोशल मीडिया यूजर्स को हजम नहीं हुआ. न्यासा की कुछ तस्वीरें इंस्टाग्राम पर काफी शेयर की जा रही हैं. इन तस्वीरों में न्यासा रोतीं नजर आ रही हैं और पापा अजय देवगन उन्हें संभाल रहे हैं. यही तस्वीरें फिलहाल सोशल मीडिया पर नया मसाला बनी हुई हैं. लोग न्यासा को उनके रोने पर ट्रोल कर रहे हैं.

राज नाम के एक यूजर ने लिखा, दादा के निधन के अगले दिन ऑफ शोल्डर टॉप पहनकर सैलून और स्पा घूम आई. देवराम ने लिखा, अब क्यों रो रही हो, ओह ड्रामा वाह…एक यूजर ने लिखा, न्यासा प्रार्थना सभा में अच्छी दिखने के लिए सैलून गई थीं. नेह नाम के एक यूजर ने उनके रोने को फर्जी बताया. उन्होंने लिखा, कैमरा के सामने फर्जी एक्सप्रेशन की कला में माहिर हो रही हैं न्यासा.

अजय देवगन के पिता वीरू देवगन ने सोमवार(27 मई) को मुंबई में अंतिम सांसें लीं. उनकी सेहत काफी समय से खराब चल रही थी. वह मुंबई के सांताक्रूज में सूर्या अस्पताल में भर्ती थे. मुंबई में 27 मई 2019 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा. वीरू मशहूर स्टंट और एक्शन कोरियोग्राफर और डायरेक्टर थे. उन्होंने 80 से ज्यादा फिल्मों में एक्शन कोरियोग्राफ करने का काम किया. इसके अलावा उन्होंने ‘हिंदुस्तान की कसम’ नाम से आई फिल्म को डायरेक्ट भी किया था.

केवल एक्शन और डायरेक्शन नहीं वीरू देवगन ने बतौर एक्टर भी फिल्म में काम किया था. वह क्रांति (1981), सौरभ (1979) और सिंहासन (1986) जैसी फिल्मों में बतौर एक्टर नजर आए. बतौर एक्शन डायरेक्टर उनकी बेहतरीन फिल्मों में ‘फूल और कांटे’, ‘हिम्मतवाला’, ‘प्रेम रोग’, ‘क्रांति’, ‘दो और दो पांच’ जैसी फिल्में शामिल हैं.

मुंबई से लंदन की दूरी कम कर देगा ये हायपरसोनिक विमान, 1 घंटे में तय होगा सफर

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मुंबई से लंदन तक जाने में कम से कम 8 से 11 घंटे लगते हैं. अगर कोई यह कहे कि आप मुंबई से लंदन एक घंटे में पहुंच सकते हैं, तो आप उसका मजाक उड़ा देंगे या फिर यह कह देंगे कि ऐसा सपने में हो सकता है, लेकिन एक कंपनी के दावा किया है कि ऐसा असलियत में हो सकता है.

 इंग्लैंड की एक कंपनी का दावा है कि वह ऐसा हायपरसोनिक जहाज बना रहे हैं, जिससे मुंबई से लंदन तक की दूरी सिर्फ 1 घंटे में तय की जा सकेगी.

इंग्लैंड की एक कंपनी का दावा है कि वह ऐसा हायपरसोनिक जहाज बना रहे हैं, जिससे मुंबई से लंदन तक की दूरी सिर्फ 1 घंटे में तय की जा सकेगी.

 रिएक्शन इंजन लिमिटेड का दावा है कि हायपरसोनिक विमान बना रहे हैं जिससे मुंबई से लंदन तक एक घंटे में पहुंचा जा सकता है. मुंबई से लंदन की यह फ्लाइट डायरेक्ट होगी.

रिएक्शन इंजन लिमिटेड का दावा है कि हायपरसोनिक विमान बना रहे हैं जिससे मुंबई से लंदन तक एक घंटे में पहुंचा जा सकता है. मुंबई से लंदन की यह फ्लाइट डायरेक्ट होगी.

 एक रिपोर्ट के अनुसार इस हायपसोनिक जहाज की स्पीड 38800 मील प्रति घंटे की होगी. कंपनी इस विमान के बारे में जानकारी दी है कि इसके कूलिंग सिस्टम का टेस्ट सक्सेफुल रहा है.

एक रिपोर्ट के अनुसार इस हायपसोनिक जहाज की स्पीड 38800 मील प्रति घंटे की होगी. कंपनी इस विमान के बारे में जानकारी दी है कि इसके कूलिंग सिस्टम का टेस्ट सक्सेफुल रहा है.

 हायपरसोनिक विमानों के संदर्भ में सबसे बड़ी समस्या होती है इंजन से पैदान होने वाली गर्मी. इससे पहले भी कई हायपरसोनिक विमान बनाने में लगे इंजीनियर और वैज्ञानिक सफलता हासिल नहीं कर पाए हैं.

हायपरसोनिक विमानों के संदर्भ में सबसे बड़ी समस्या होती है इंजन से पैदान होने वाली गर्मी. इससे पहले भी कई हायपरसोनिक विमान बनाने में लगे इंजीनियर और वैज्ञानिक सफलता हासिल नहीं कर पाए हैं.

ट्रेन टिकट खो जाने पर भी आपको नहीं रोक सकता हैं TTE, जानिए नियम के बारे में…

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ट्रेन से सफर करना बेहद किफायती और आरामदेह होता है, लेकिन मुश्किलें तब बढ़ जाती हैं जब आपको अनचाही परेशानी घेर लेती है. ऐसे में नियम नहीं जानने के कारण आप बड़ा नुकसान कर बैठते हैं. इसीलिए आज हम आपकी मुश्किलों को आसान करने के लिए ट्रेन टिकट से जुड़ी कई अहम जानकारियां दे रहे हैं. अगर आप गलती से टिकट घर पर भूल गए या फिर रिजर्वेशन टिकट खो जाए हो तो क्या करें या फिर आपकी ट्रेन छूट गई तो क्या आपके टिकट के पैसे डूब गए या फिर आपकी टिकट जिस स्टेशन तक की है और अचानक आपको सफर के दौरान उससे आगे जाना हो तो क्या करें? इन सब बातों को लेकर रेलवे में नियम बने हुए हैं.

आज हम आपको उन्हीं के बारे में बता रहे हैं…

(1) अगर ट्रेन टिकट खो जाए तो भी TTE नहीं करेगा परेशान- अगर आपने रेल यात्रा के लिए ई-टिकट लिया है और ट्रेन में बैठने के बाद आपको पता लगा कि टिकट खो गया है तो आप टिकट चेकर (टीटीई) को 50 रुपये पेनाल्टी देकर अपना टिकट हासिल कर सकते हैं.

(2) अगर यात्री के पास प्लेटफॉर्म टिकट है तो वह उससे ट्रेन में यात्रा कर सकता है. अगर इमरजेंसी में यात्री ट्रेन में सवार होता है तो उसे फौरन पहले टीटीई से संपर्क करके टिकट का अनुरोध करना चाहिए. उस स्थिति में यात्री से 250 रुपए पेनल्टी और यात्रा का किराया वसूला जाएगा.

प्लेटफॉर्म टिकट का फायदा इतना ही होगा कि यात्री से किराया वसूलते वक्त डिपार्चर स्टेशन उसे ही माना जाएगा जहां से प्लैटफॉर्म टिकट खरीदा गया होगा और किराया भी उसी कैटेगरी का वसूला जाएगा, जिसमें यात्री सफर कर रहा होगा

(3) ट्रेन छूटने के बाद भी आप रिफंड पाने के हकदार हैं– अगर आपकी ट्रेन मिस हो गई है तो आप टीडीआर भरकर अपने टिकट के बेस फेयर की 50 प्रतिशत राशि रिफंड के तौर पर पा सकते हैं, लेकिन आपको ये काम तय समय-सीमा के भीतर करना होगा.

(4)अगर आपकी ट्रेन छूट गई है तो टीटीईअगले दो स्टेशनों तक आपकी सीट किसी को अलॉट नहीं कर सकता. अगले दो स्टेशनों पर ट्रेन से पहले पहुंचकर आप अपना सफर पूरा कर सकते हैं. लेकिन दो स्टेशनों के बाद टीटीई आरएसी टिकट वाले यात्री को ये सीट अलॉट कर सकते हैं. रेल यात्रा में आपके बैठने की जगह से दो स्टेशनों के बाद टीटीई आरएसी टिकट वाले यात्री को यह सीट दे सकता है.

विभाग भी है नक्सलवाद बढ़ने की एक वजह : भूपेश

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वन विभाग पर शनिवार को सीएम भूपेश बघेल जमकर बरसे। उन्होंने वन मंत्री मोहम्मद अकबर के सामने ही यहां तक कह दिया कि नक्सलवाद बढ़ने की एक वजह वन विभाग भी है।

दरअसल, सीएम बघेल अरण्य भवन में वन विभाग के कामों को लेकर अफसरों से सवाल-जवाब कर रहे थे। लेकिन अफसर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इससे सीएम बघेल नाराज हो गए थे। सीएम ने अफसरों को छत्तीसगढ़ी सीखने के लिए भी कहा। उन्होंने कहा कि स्थानीय बोली से न केवल अवगत रहें, बल्कि उसे समझें और बोलचाल में भी उपयोग करें।