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सोनिया गांधी चुनी गईं कांग्रेस संसदीय दल की नेता, सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर दी बधाई

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सोनिया गांधी कांग्रेस संसदीय दल की नेता चुनी गई हैं. कांग्रेस ने संसद में सोनिया गांधी को अपना नेता चुना लिया है. जानकारी देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक ट्वीट भी किया है. सोनिया गांधी के संसदीय दल की नेता चुने जाने के बाद राहुल गांधी से लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी उन्हे शुभकामनाएं दी है.

राहुल गांधी ने किया ट्वीट

सीएम भूपेश बघेल ने भी एक ट्वीट के जरिए सोनिया गांधी को बधाई दी है. उन्होने अपने ट्वीट में लिखा कि हमें विश्वास है कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी संविधान की रक्षा और विचारधारा की लड़ाई प्रभावी ढंग से जारी रखेगी.

राहुल को मिली मां सोनिया से शाबासी, कहा- फ्रंटफुट के सैनिक हैं हमारे कार्यकर्ता

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लोकसभा चुनाव में करारी हार और इसके बाद राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश के बाद पैदा हुए राजनीतिक संकट की पृष्ठभूमि में पार्टी संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस को फिर से मजबूत करने के लिए ‘कई निर्णायक कदमों’ पर चर्चा चल रही है. सोनिया को यहां पार्टी संसदीय दल की बैठक में नेता चुना गया. इससे पहले भी वह संसदीय दल की नेता की भूमिका निभा रही थीं.

संसदीय दल की बैठक में उन्होंने कहा, ‘हमारे कार्यकर्ता हमारे अग्रिम मोर्चे के सैनिक हैं. उन्होंने पिछले पांच वर्षों में नि:स्वार्थ भाव से काम किया. उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जिस भारत के लिए हम लड़ रहे हैं, उससे जुड़ी भावना का विस्तार देश के कोने-कोने में हो.’

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की प्रमुख सोनिया ने कहा, ‘मैं इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का धन्यवाद करना चाहती हूं जिन्होंने पूरी मेहनत से प्रचार अभियान चलाया. कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उन्होंने पार्टी के लिए दिन-रात एक कर दिया.’

राहुल को दी शाबासी

चुनावी हार और राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश के बाद पैदा हुए हालात का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘संकट के इस समय में हमें यह स्वीकारना होगा कि कांग्रेस पार्टी के सामने कई चुनौतियां हैं. कांग्रेस कार्यसमिति की कुछ दिनों पहले बैठक हुई थी जिसमें आगे के कदमों और आगे बढ़ने के संदर्भ में चर्चा की गई. पार्टी को मजबूत करने के लिए कई निर्णायक कदमों पर चर्चा हो रही है.’

गौरतलब है कि 25 मई को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की थी, हालांकि सीडब्ल्यूसी ने उनकी पेशकश को खारिज किया और उन्हें संगठन में सभी स्तर पर आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया.

राज्यसभा का किया जिक्र

संसद के दोनों सदनों में संख्याबल का हवाला देते हुए सोनिया ने कहा, ‘हमें याद रखना चाहिए कि राज्यसभा में हमारी संख्या को चुनौती दी जाएगी और ऐसे में यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ समन्वय सुनिश्चित किया जाए. संसद में जो भी मुद्दे उठें, वे हमारे कार्यकर्ताओं और आम जनता के दिमाग में घर कर जाएं.’

सोनिया ने कहा, ‘प्रभावी विपक्ष के लिए संसद के सभी सदस्यों की अंगुली जनता की नब्ज पर होनी चाहिए, संसद में एजेंडा तय करना चाहिए और मुद्दों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतरता सुनिश्चित होनी चाहिए.’ सोनिया ने कहा, ‘हम सजग रहेंगे. हमें सरकार को उसके वादों को लेकर जवाबदेह ठहराना होगा. मनगढ़ंत डाटा के जरिए प्रगति को आंका जा रहा है. प्रगति का आंकलन सच्चाई के साथ होना चाहिए. हम सच्चाई और पारदर्शिता के लिए लड़ाई जारी रखेंगे. ‘

जान्हवी कपूर के पास हमेशा रहती है ये पिंक बोतल, कीमत जानकर चौंक जाएंगे

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बॉलीवुड स्टार्स की लाइफ स्टाइल के बारे में फैंस हमेशा जानना चाहते हैं. ऐसे में बात जब स्टाइल डीवा की हो तो कहना ही क्या.. आज हम आपको बताने जा रहे हैं जान्हवी कपूर के बारे में. जान्हवी ने बॉलीवुड में अभी तक सिर्फ एक ही फिल्म की है, वो फिल्मों से ज्यादा अपने स्टाइलिश अवतार के लिए सुर्खियों में रहती हैं. हाल ही में चर्चा में आ गई है जान्हवी की पिंक बोतल. जान्हवी के पास एक ही बोतल है जो हमेशा उनके साथ रहती है और तो और इस खास बोतल की कीमत जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

 जिम के बाहर हो, किसी फिल्म के सेट पर या किसी फिल्म का प्रमोशन, जान्हवी के हाथ में ये एक बोतल हमेशा आपको नजर आ जाएगी. इस बोतल को जान्हवी हमेशा हैंडी रखती हैं. और तो और जान्हवी ने तो इस बोतल का नाम भी रखा है.

जिम के बाहर हो, किसी फिल्म के सेट पर या किसी फिल्म का प्रमोशन, जान्हवी के हाथ में ये एक बोतल हमेशा आपको नजर आ जाएगी. इस बोतल को जान्हवी हमेशा हैंडी रखती हैं. और तो और जान्हवी ने तो इस बोतल का नाम भी रखा है.

 यूट्यूब पर एक वीडियो मौजूद है, जिसमे जान्हवी अपने बैग, कॉफी मग और बोतल को फ्लॉन्ट करती दिख रही हैं और इन तीनो को वो 'चुस्की फैमिली' बता रही हैं. इस बोलत को नजदीक से देखें तो इसमें कुछ ग्लिटरी टच भी आपको दिखाई देगा.

यूट्यूब पर एक वीडियो मौजूद है, जिसमे जान्हवी अपने बैग, कॉफी मग और बोतल को फ्लॉन्ट करती दिख रही हैं और इन तीनो को वो ‘चुस्की फैमिली’ बता रही हैं. इस बोलत को नजदीक से देखें तो इसमें कुछ ग्लिटरी टच भी आपको दिखाई देगा.

 अगर जान्हवी की बोतल की कीमत की बात करें तो ये 3,225 रुपये है. आम तौर पर पानी की बोतलें 200 से 300 तक मिल जाती हैं लेकिन जान्हवी की इस बोतल की कीमत वाकई चौंकाने वाली है.

अगर जान्हवी की बोतल की कीमत की बात करें तो ये 3,225 रुपये है. आम तौर पर पानी की बोतलें 200 से 300 तक मिल जाती हैं लेकिन जान्हवी की इस बोतल की कीमत वाकई चौंकाने वाली है.

 फिल्मों की बात करें तो 'धड़क' के बाद जान्हवी, गुंजन सक्सेना का बायोपिक की शूटिंग में बिजी हैं. इसके अलावा वो फिल्म 'तख्त', 'रणभूमि' और 'रूह अफ्जा' में भी नजर आने वाली हैं.

फिल्मों की बात करें तो ‘धड़क’ के बाद जान्हवी, गुंजन सक्सेना का बायोपिक की शूटिंग में बिजी हैं. इसके अलावा वो फिल्म ‘तख्त’, ‘रणभूमि’ और ‘रूह अफ्जा’ में भी नजर आने वाली हैं.

मर्लिन मुनरो: हॉलीवुड की सबसे बड़ी एक्ट्रेस, जिसकी मौत आज तक रहस्य बनी हुई है

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कहा जाता है कि मर्लिन मुनरो की जवानी में ही मौत हो गई, जिसके चलते वे दुनिया भर के लोगों के दिलोदिमाग पर उनकी जवानी की छवि ही छाई रही. वे ऐसी शख्सियत थीं, जिनपर दुनिया की हर भाषा में किताब लिखी जा चुकी है. ना जाने कितनी फिल्में और डाक्यूमेंट्री उन पर बन चुकी है.

 अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के साथ रोमांस और फिर रहस्यमय मौत ने इस एक्ट्रैस को हमेशा रहस्य की परतों में भी लपेटे रखा. लेखक संजय श्रीवास्तव ने मर्लिन मुनरो पर एक किताब लिखी है, जिसमें मर्लिन मुनरो के बारे में विस्तार से जानकारियां दी गई हैं. (फोटो क्रेडिट- गेटी इमेजेस)

अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी के साथ रोमांस और फिर रहस्यमय मौत ने इस एक्ट्रैस को हमेशा रहस्य की परतों में भी लपेटे रखा. लेखक संजय श्रीवास्तव ने मर्लिन मुनरो पर एक किताब लिखी है, जिसमें मर्लिन मुनरो के बारे में विस्तार से जानकारियां दी गई हैं.

 संजय लिखते हैं, मर्लिन जब पैदा हुईं तो उनकी मां बहुत खराब मनोस्थिति से गुजर रही थी. पिता कौन था. पता नहीं था. जब वो छोटी थी तो मां को मानसिक चिकित्सालय में बरसों रखा गया. उन दिनों वो एक रिश्तेदार से दूसरे रिश्तेदारों के यहां रहती थी. इसी उम्र में उसे लोगों के यहां छोटे मोटे काम भी करने होते थे. ऐसे में उसका जीवन कैसा रहा होगा, अनुमान लगाया जा सकता है. (फोटो क्रेडिट- गेटी इमेजेस)

संजय लिखते हैं, मर्लिन जब पैदा हुईं तो उनकी मां बहुत खराब मनोस्थिति से गुजर रही थी. पिता कौन था. पता नहीं था. जब वो छोटी थी तो मां को मानसिक चिकित्सालय में बरसों रखा गया. उन दिनों वो एक रिश्तेदार से दूसरे रिश्तेदारों के यहां रहती थी. इसी उम्र में उसे लोगों के यहां छोटे मोटे काम भी करने होते थे. ऐसे में उसका जीवन कैसा रहा होगा, अनुमान लगाया जा सकता है.

 बचपन से वो सुंदर थीं. ये सवाल उनके मन में घूमता रहता था- भगवान मेरे साथ ही ऐसा क्यों- ना तो बाप का पता और ना मां की ममता की छांव.. और ये कठोर जीवन.. जब वो किशोर हुई तो उसे कई घरों में काम करके गुजारा करना पड़ा. पग-पग पर ठोकरें लगती थीं. बुरी नजरें लगी होती थीं.(फोटो क्रेडिट- गेटी इमेजेस)

बचपन से वो सुंदर थीं. ये सवाल उनके मन में घूमता रहता था- भगवान मेरे साथ ही ऐसा क्यों- ना तो बाप का पता और ना मां की ममता की छांव.. और ये कठोर जीवन.. जब वो किशोर हुई तो उसे कई घरों में काम करके गुजारा करना पड़ा. पग-पग पर ठोकरें लगती थीं. बुरी नजरें लगी होती थीं.

 इसी दौरान उसकी खूबसूरती पर एक युवक रीझा. शादी हो गई. हालांकि इस शादी में कोई ज्यादा सुख नहीं था लेकिन भाग्य के दरवाजे खुलने लगे थे. वो सास के साथ एक फैक्ट्री में काम करने लगी. (फोटो क्रेडिट- गेटी इमेजेस)

इसी दौरान उसकी खूबसूरती पर एक युवक रीझा. शादी हो गई. हालांकि इस शादी में कोई ज्यादा सुख नहीं था लेकिन भाग्य के दरवाजे खुलने लगे थे. वो सास के साथ एक फैक्ट्री में काम करने लगी.

 संयोग से वहां एक फेमस फोटोग्राफर पहुंचा. उसने मर्लिन की तस्वीरें खींची. एक मैगजीन में इसे प्रकाशित कर दिया और फिर जिंदगी कुछ मुस्कुराई... मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे. मर्लिन हालात से समझौता तो करती थी लेकिन महत्वाकांक्षी भी थी और विलपॉवर तो गजब का. उन्होंने बचपन में एक सपना देखा था. एक दिन बड़ी हीरोइन बनेंगी. खूब नाम कमाएंगी. अब इस सपने को पूरा करने का समय था.(फोटो क्रेडिट- गेटी इमेजेस)

संयोग से वहां एक फेमस फोटोग्राफर पहुंचा. उसने मर्लिन की तस्वीरें खींची. एक मैगजीन में इसे प्रकाशित कर दिया और फिर जिंदगी कुछ मुस्कुराई… मॉडलिंग के ऑफर मिलने लगे. मर्लिन हालात से समझौता तो करती थी लेकिन महत्वाकांक्षी भी थी और विलपॉवर तो गजब का. उन्होंने बचपन में एक सपना देखा था. एक दिन बड़ी हीरोइन बनेंगी. खूब नाम कमाएंगी. अब इस सपने को पूरा करने का समय था.

 उन्होंने हॉलीवुड फिल्मों में चांस के लिए एजेंट्स को पकड़ा. वो ऐसे लोगों के पास ले गया, जिनकी दिलचस्पी शरीर में ज्यादा और चांस देने में कम थी. लेकिन उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ा, ठोकरें खाने की आदत तो उन्हें जिंदगी ने बचपन से ही दे दी थी. लगी रहीं. फिल्में मिलीं. समझौते भी करने पड़े. शुरू में अभिनय अनगढ़ था. उन्होंने इसे सुधारा. उनका विलपॉवर उन्हें ऊंचाइयों तक ले गया. (फोटो क्रेडिट- गेटी इमेजेस)

उन्होंने हॉलीवुड फिल्मों में चांस के लिए एजेंट्स को पकड़ा. वो ऐसे लोगों के पास ले गया, जिनकी दिलचस्पी शरीर में ज्यादा और चांस देने में कम थी. लेकिन उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ा, ठोकरें खाने की आदत तो उन्हें जिंदगी ने बचपन से ही दे दी थी. लगी रहीं. फिल्में मिलीं. समझौते भी करने पड़े. शुरू में अभिनय अनगढ़ था. उन्होंने इसे सुधारा. उनका विलपॉवर उन्हें ऊंचाइयों तक ले गया.

 उनकी सुंदरता ऐसी थी कि कोई भी रीझ जाए. ऐसे में जीवन में बहुत से पुरुष आए जो उस पर फिदा हुए, कुछ पर वो फिदा हुई. इसमें कुछ शोहरतमंद थे कुछ जबरदस्त पैसे वाले और कुछ पॉवरफुल लोग. एक समय वो भी आया जब मर्लिन पूरी दुनिया की दिवासुंदरी, स्वप्नसुंदरी बन गई. फिल्में सुपरहिट होने लगीं. पैसा बरसने लगा. अब उसके पास दौलत-शोहरत-बंगला सबकुछ था. (फोटो क्रेडिट- गेटी इमेजेस)

उनकी सुंदरता ऐसी थी कि कोई भी रीझ जाए. ऐसे में जीवन में बहुत से पुरुष आए जो उस पर फिदा हुए, कुछ पर वो फिदा हुई. इसमें कुछ शोहरतमंद थे कुछ जबरदस्त पैसे वाले और कुछ पॉवरफुल लोग. एक समय वो भी आया जब मर्लिन पूरी दुनिया की दिवासुंदरी, स्वप्नसुंदरी बन गई. फिल्में सुपरहिट होने लगीं. पैसा बरसने लगा. अब उसके पास दौलत-शोहरत-बंगला सबकुछ था.

 इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जान एफ कैनेडी का दिल उस पर आया. वो भी उनके करीब आई. हालांकि जीवन में एक दर्द, तीन नाकाम शादियों और मां नहीं बन पाने का था. (फोटो क्रेडिट- एपी)

इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जान एफ कैनेडी का दिल उस पर आया. वो भी उनके करीब आई. हालांकि जीवन में एक दर्द, तीन नाकाम शादियों और मां नहीं बन पाने का था.

 जीवन के घावों ने उसे ताउम्र अंदर से असुरक्षित रखा. नींद नहीं आती थी. इसके लिए पिल्स बढ़ती गईं. फिर एक दिन उसकी मौत की खबर आई. उम्र मुश्किल से 35-36. दुनिया सन्न रह गई. आज भी उनकी मौत रहस्य ही है. यह आरोप भी लगा कि उन्हें सीआईए ने मरवा दिया. जांच हुई. कुछ पता नहीं चला और यह रहस्य अब भी बरकरार है. (फोटो क्रेडिट- एपी)

जीवन के घावों ने उसे ताउम्र अंदर से असुरक्षित रखा. नींद नहीं आती थी. इसके लिए पिल्स बढ़ती गईं. फिर एक दिन उसकी मौत की खबर आई. उम्र मुश्किल से 35-36. दुनिया सन्न रह गई. आज भी उनकी मौत रहस्य ही है. यह आरोप भी लगा कि उन्हें सीआईए ने मरवा दिया. जांच हुई. कुछ पता नहीं चला और यह रहस्य अब भी बरकरार है.

पाक खुफिया एजेंसी ISI का फरमान- भारतीय हाई कमीशन के इफ्तार में कोई न जाए

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इस्लामाबाद में भारतीय हाई मिशन ने शनिवार यानी एक जून के इफ्तार पार्टी का आयोजन किया है. (फाइल फोटो)

 सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ने वहां अपने पत्रकारों और निमंत्रण पाने वाले अन्य लोगों को सलाह दी कि शनिवार शाम को भारतीय उच्चायोग में होने वाली इफ्तार पार्टी में शामिल न हों.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ने वहां अपने पत्रकारों और निमंत्रण पाने वाले अन्य लोगों को सलाह दी कि शनिवार शाम को भारतीय उच्चायोग में होने वाली इफ्तार पार्टी में शामिल न हों.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

 इस इफ्तार पार्टी के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी और प्रधानमंत्री इमरान खान न्योता भी भेजा गया है.(फाइल फोटो)

इस इफ्तार पार्टी के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी और प्रधानमंत्री इमरान खान न्योता भी भेजा गया है.(फाइल फोटो)

 इनके अलावा पाकिस्तान के विदेश सचिव सोहेल महमूद, सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी और नेशनल असेंबली के स्पीकर असद क़ैसर को भी इस इफ्तार पार्टी के लिए निमंत्रण दिया गया है.(फाइल फोटो)

इनके अलावा पाकिस्तान के विदेश सचिव सोहेल महमूद, सीनेट के अध्यक्ष सादिक संजरानी और नेशनल असेंबली के स्पीकर असद क़ैसर को भी इस इफ्तार पार्टी के लिए निमंत्रण दिया गया है.(फाइल फोटो)

 भारतीय उच्च आयोग हर साल पाकिस्तान के सभी गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित करता है, लेकिन आम तौर पर प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं. (फाइल फोटो)

भारतीय उच्च आयोग हर साल पाकिस्तान के सभी गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित करता है, लेकिन आम तौर पर प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होते हैं. (फाइल फोटो)

यूं बनाएं दही पापड़ी चाट, उंगलियां चाटते रह जाएंगे लोग

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शाम को ऑफिस से आने के बाद लोग अक्सर चाय के साथ कुछ नमकीन लेना पसंद करते हैं. अमूमन रोज शाम को नाश्ते में बाजार की नमकीन सर्व करने से बेहतर है कि आप अपने हाथों से कुछ लजीज चीज बनाकर घरवालों को खिलाएं. वैसे आप चाहें तो मेहमानों को भी अपने द्वारा नई डिश सर्व कर सकती हैं. आज हम आपको बनाना सिखाएंगे दही पापड़ी चाट. इसे खाकर लोग आपके मुरीद हो जाएंगे और आपकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकेंगे.

 पापड़ी के लिए सामग्री: मैदा- 1 कप, तेल- 3 छोटे चम्मच, जीरा- 1 छोटा चम्मच, स्वादानुसार नमक, तेल आवश्यकतानुसार, पानी अपने हिसाब से

पापड़ी के लिए सामग्री: मैदा- 1 कप, तेल- 3 छोटे चम्मच, जीरा- 1 छोटा चम्मच, स्वादानुसार नमक, तेल आवश्यकतानुसार, पानी अपने हिसाब से

 चाट के लिए सामग्री: ताजा दही- 1 कप, काला नमक- 1 छोटा चम्मच, चीनी- 1 छोटा चम्मच, मीठी चटनी- 2 बड़ा चम्मच, धनिये की चटनी- 1 बड़ा चम्मच, अनारदाना का पाउडर- 1 बड़ा चम्मच, नमक (अपने स्वादानुसार), भुना जीरा- 1 बड़ा चम्मच, चाट मसाला (अपने स्वादानुसार), लाल मिर्च पाउडर- 1 छोटी चम्मच, प्याज- 1 (बारीक कटी), ऊपर से सजाने के लिए पतले बारीक सेव

चाट के लिए सामग्री: ताजा दही- 1 कप, काला नमक- 1 छोटा चम्मच, चीनी- 1 छोटा चम्मच, मीठी चटनी- 2 बड़ा चम्मच, धनिये की चटनी- 1 बड़ा चम्मच, अनारदाना का पाउडर- 1 बड़ा चम्मच, नमक (अपने स्वादानुसार), भुना जीरा- 1 बड़ा चम्मच, चाट मसाला (अपने स्वादानुसार), लाल मिर्च पाउडर- 1 छोटी चम्मच, प्याज- 1 (बारीक कटी), ऊपर से सजाने के लिए पतले बारीक सेव

 रेसिपी- एक बड़े बर्तन में मैदा, नमक, जीरा और तेल डालकर अच्छे से मिला लीजिए. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा सा पानी मिलाते हुए आटा गूंथ लीजिए. अब इस गूंथे हुए आटे को एक गीले कपड़े से ढंक कर 15-20 मिनट तक के लिए अलग रख दीजिए.

रेसिपी- एक बड़े बर्तन में मैदा, नमक, जीरा और तेल डालकर अच्छे से मिला लीजिए. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा सा पानी मिलाते हुए आटा गूंथ लीजिए. अब इस गूंथे हुए आटे को एक गीले कपड़े से ढंक कर 15-20 मिनट तक के लिए अलग रख दीजिए.

 यह समय पूरा होने के बाद आटे की लोइयां काट कर इसकी छोटी-छोटी पूरियां बेल लें. अब कांटें की सहायता से इसमें छोटे-छोटे छेद कर लें. इसके बाद मद्धम आंच पर कड़ाही चढ़ाकर इसमें तेल गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद इसमें एक साथ 3 पूरियां डालें और पापड़ियों को तल लीजिए. अब इसे कढ़ाई से निकाल कर एक सूखी प्लेट में रख लें.

यह समय पूरा होने के बाद आटे की लोइयां काट कर इसकी छोटी-छोटी पूरियां बेल लें. अब कांटें की सहायता से इसमें छोटे-छोटे छेद कर लें. इसके बाद मद्धम आंच पर कड़ाही चढ़ाकर इसमें तेल गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद इसमें एक साथ 3 पूरियां डालें और पापड़ियों को तल लीजिए. अब इसे कढ़ाई से निकाल कर एक सूखी प्लेट में रख लें.

 चाट बनाने की विधि: दही में नमक और चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लीजिए. अब इसमें पापड़ी को 6 भागों में तोड़कर अच्छी तरह मिक्स कर लें. इसके बाद दही और पापड़ी को एक प्लेट में रखकर इसके ऊपर धनिये की हरी चटनी, मीठी चटनी, भुना जीरा पाउडर, अनारदाना, लाल मिर्च पाउडर और प्याज डालें. ऊपर से महीन सेव से गार्निश कर लोगों के सामने परोसें. लोग आपके हाथ के बनाए पकवान के जादू के कायल हो जाएंगे.

चाट बनाने की विधि: दही में नमक और चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लीजिए. अब इसमें पापड़ी को 6 भागों में तोड़कर अच्छी तरह मिक्स कर लें. इसके बाद दही और पापड़ी को एक प्लेट में रखकर इसके ऊपर धनिये की हरी चटनी, मीठी चटनी, भुना जीरा पाउडर, अनारदाना, लाल मिर्च पाउडर और प्याज डालें. ऊपर से महीन सेव से गार्निश कर लोगों के सामने परोसें. लोग आपके हाथ के बनाए पकवान के जादू के कायल हो जाएंगे.

क्या माया-अखिलेश की इस गलती के चलते अमेठी में हारे राहुल?

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उत्तर प्रदेश स्थित अमेठी लोकसभा सीट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की हार पर पार्टी को 2 सदस्यीय कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी है. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रतिनिधि केएल शर्मा और ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी के सचिव जुबैर खान के पैनल ने रिपोर्ट सौंपी है. दोनों ने अमेठी के पांचो विधानसभा के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की.

23 मई को संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में पारंपरिक सीट अमेठी से राहुल को स्मृति ईरानी से कड़ी हार मिली थी. कथित तौर पर पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जमीनी स्तर पर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की ओर से ‘सहयोग’ नहीं मिला.

उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने के लिए एक साथ गठबंधन में लड़े सपा और बसपा ने अमेठी से कोई प्रत्याशी नहीं उतारा था. स्थानीय नेताओं ने यह दावा भी किया कि बसपा का प्रत्याशी न होने की वजह से राहुल गांधी हार का सामना करना पड़ा. पैनल को यह भी जानकारी दी गई कि बसपा प्रत्याशी होने की दशा में जो वोट उन्हें मिलते वह उसकी गैरमौजूदगी में कांग्रेस को न मिलकर बीजेपी को मिले.

बसपा के वोट बीजेपी को गए!

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘पार्टी प्रमुख ने 2014 में 4, 08,651 वोट हासिल किए थे, जबकि उन्हें 2019 में 4, 13,994 वोट मिले थे. इस बीच, 2014 में अमेठी से बसपा उम्मीदवार को लगभग 57,000 वोट मिले थे. दिलचस्प बात यह है कि इस बार राहुल गांधी को अमेठी से लगभग 55,000 वोट के अंतर से हारे हैं.

स्थानीय कांग्रेस प्रमुख योगेंद्र मिश्रा ने कहा, ‘बसपा का वोट कांग्रेस के पास जाने के बजाय बसपा उम्मीदवार की अनुपस्थिति के कारण भाजपा को चला गया. साथ ही, सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति के बेटे और गौरीगंज से सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने खुले तौर पर भाजपा का समर्थन किया. सिंह ने नेतृत्व से निर्देश मिलने के बाद राहुल गांधी को समर्थन दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. ‘

अगले सप्ताह सौंपी जाएगी रिपोर्ट

पैनल अगले सप्ताह पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा. अमेठी लोकसभा सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से, राहुल गांधी तिलोई, गौरीगंज, जगदीशपुर और सलून के चार खंडों में हार गए. हालांकि, केएल शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘हमने तिलोई और गौरीगंज खंड के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अभी तक की प्रतिक्रिया ली है. सपा कार्यकर्ताओं द्वारा असहयोग का आरोप का कोई आधार नहीं है. अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले हम और अधिक कार्यकर्ताओं से बात करेंगे.

मध्य प्रदेश में लागू होगा पानी का अधिकार, जानिए आपको कितना मिलेगा पानी

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मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार प्रदेश में पानी का अधिकार लागू करने जा रही है. सीएम कमलनाथ ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं. योजना लागू होने के बाद सरकार अपनी ज़िम्मेदारी पर तय करेगी कि प्रदेश के हर नागरिक को पानी पहुंच सके. पानी की मात्रा भी तय कर दी गई है.

राहत भरी ख़बर

चारों तरफ से आ रही जलसंकट की ख़बरों के बीच कमलनाथ सरकार द्वारा पानी का अधिकार योजना को लागू करने के फैसले से जनता को राहत मिल सकती है. प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कमलनाथ ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं. इसके लिए पंचवर्षीय योजना तैयार की जाएगी. उसके बाद इसे लागू किया जाएगा.

प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी

इसके तहत प्रदेश के हर नागरिक को प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी का अधिकार दिया जाएगा. यानि हर व्यक्ति को कम से कम 55 लीटर पानी ज़रूर मिलेगा. केंद्र में अभी प्रति व्यक्ति 40 लीटर पानी देने का प्रावधान है. बता दें कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के चलते बारिश में कमी के कारण पेयजल की समस्‍या लगातार बढ़ रही है. इसके साथ ही भूजल का स्‍तर भी गिरता जा रहा है.

आधी से कम कीमत में SmartTV, 50% छूट पर AC, यहां तीन दिन बेहद सस्ते में करें खरीदारी

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Flipkart Flipstart Days सेल की शुरुआत आज यानी कि 1 जून से हो गई है. तीन दिन तक चलने वाली इस सेल में ग्राहक इलेक्ट्रॉनिक, गैजेट, फैशन और होम अप्लायंस जैसे प्रोडक्ट्स को आधी से कम कीमत में खरीद सकते हैं. इसके अलावा ​Axis बैंक के क्रेडिट या डेबिट कार्ड से खरीदारी करने पर 10 फीसदी का ​एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी दिया जा रहा है. साथ ही इस सेल में EMI पर और एक्सचेंज ऑफर में भी प्रॉडक्ट खरीदा जा सकता है.

इलेक्ट्रॉनिक्स पर 80% तक की छूट

फ्लिपकार्ट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, सेल में इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स पर 80% तक की छूट दी जा रही है. ग्राहक सेल में Sony, JBL के हेडफोन्स और स्पीकर्स पर 70% का डिस्काउंट पा सकते हैं. इतना ही नहीं HP, Acer जैसे लैपटॉप्स को 12,990 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है

100 रुपये से कम में लाएं पावर बैक

सेल में ग्राहक सिस्का के पावर बैंक, मोबाइल केस और फोन एसेससरीज़ को 99 रुपये की शुरुआती कीमत में घर ला सकते हैं. इस प्रोडक्ट कैटेगरी में यूज़र्स को no-cost EMI का ऑप्शन भी दिया जा रहा है.

Flipkart

फैशन प्रॉडक्ट्स पर 80% तक डिस्काउंट

फ्लिपस्टार्ट डेज़ में फैशन प्रॉडक्ट्स पर 40-80% तक की छूट दी जा रही है. यहां 1000 से ज्यादा फैशन ब्रांड मौजूद हैं. ब्यूटी, बेबी केयर आदि प्रॉडक्ट्स पर भी 80% तक के डिस्काउंट का फायदा उठाया जा सकता है.

TV पर 75% तक छूट
सेल में टीवी और होम अप्लायंसेज पर 75% तक की छूट दी जा रही है. यहां Vu Smart HD TV(32 इंच) को 12,499 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है. यहां AC, फ्रिज को 50% की छूट पर घर लाया जा सकता है. इसके अलावा सेल में होम एंड फर्नीचर कैटेगरी प्रॉडक्ट्स पर 30-75% तक का डिस्काउंट मिल रहा है.

आम आदमी को झटका, इतने रुपए बढ़ीं रसोई गैस की कीमतें

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जून महीने की शुरुआत में आम आदमी को झटका लगा है. रसोई गैस सिलेंडर के दामों में  फिर से बढ़ोतरी हुई है. बिना सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर 1 जून से 25 रुपये महंगा हो गया वहीं सब्सिडी वाला सिलेंडर भी एक रुपये 23 पैसा मंहगा हो गया है. सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) ने बताया कि दिल्ली में एक जून से सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 497.37 का मिलेगा, जिसकी कीमत मई माह के दौरान 496.14 रुपये थी. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय पर कच्चा तेल महंगा होने और रुपये में आई कमजोरी के चलते गैस की कीमतों में इजाफा हुआ है.

आपको बता दें कि इससे पहले 1 मई को भी एलपीजी के दामों में बढ़ोत्तरी हुई थी. सब्सिडी वाले रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में एक मई को 28 पैसे की बढ़ोतरी की गई. इसके बाद दिल्ली में सब्सिडी युक्त गैस सिलेंडर की कीमत 495.86 रुपये से बढ़कर 496.14 रुपये हो गई थी.

IOC की वेबसाइट के मुताबिक 1 जून से दिल्ली में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 497 रुपये हो गई है. वहीं, मुंबई में यह 495.09 रुपये है, कोलकाता में 500.52 रुपये और चेन्नई 485.25 रुपये है.

1 अप्रैल को भी रसोई गैस के दाम में इजाफा किया गया था. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर के दाम 5 रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ाए थे. वहीं, सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत में भी 25 पैसे की मामूली बढ़ोतरी हुई थी. दिल्ली में इंडेन के 14.2 किलो वाले बिना सब्सिडी सिलेंडर की कीमत 712.50रुपए है.