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छत्तीसगढ़ : पीएम नरेंद्र मोदी की जीत के बाद सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर दी बधाई

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लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक नया इतिहास रचा है. 48 सालों बाद किसी एक पार्टी की पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी हुई है. अब तक के रुझानों में बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए ने 348 सीट पर जीत हासिल की है. वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस ने 50 सीटों पर जीत दर्ज किया है. बात अगर छत्तीसगढ़ की करें तो सूबे की कुल 11 सीटों में से बीजेपी के खाते में 9 और कांग्रेस को दो सीट मिला है. बता दें कि कांग्रेस के खाते में बस्तर और कोरबा सीट आई है. वहीं बीजेपी ने रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, सरगुजा, रायगढ़. जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव, बिलासपुर, कांकेर सीट पर बीजेपी ने जीत हासिल की है.

बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गढ़ दुर्ग और कांग्रेस के दिग्गज नेता और मंत्री टीएस सिंहदेव के इलाके सरगुजा में भी बीजेपी प्रत्याशियों को बड़ी जीत हासिल की है. जानकारी के मुताबिक दुर्ग प्रत्याशी विजय बघेल को प्रदेश में सबसे बड़ी जीत मिली है. दुर्ग सीट से बीजेपी प्रत्याशी विजय बघेल को 3 लाख 88 हजार से अधिक वोट मिला है. रायपुर सीट पर भी बीजेपी ने कब्जा कर लिया. भाजपा सुनील सोनी को 3 लाख 40 हजार से अधिक वोटों से जीत मिली है. सरगुजा की बात करें तो इस सीट से बीजेपी प्रत्याशी रेणुका सिंह को लगभग 1 लाख 45 हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली है.

पीएम नरेंद्र मोदी की जीत के बाद उन्हे बधाई देने का सिलसिला जारी हो गया है. सीएम भूपेश बघेल और पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने उन्हे बधाई दी है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट के जरिए पीएम मोदी को बधाई देते लिखा कि जनादेश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आया है. मैं उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं.

वहीं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को बधाई देते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि छत्तीसगढ़ की जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास कर बीजेपी के पक्ष में मतदान किया है.

ओडिशा की पुरी सीट पर 11 हज़ार से ज़्यादा वोटों से हारे संबित पात्रा

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ संबित पात्रा को हार गए हैं. संबित पात्रा को बीजू जनता दल के प्रत्याशी पिनाकी मिश्र से 11,714 वोटों से हरा दिया है.

पिनाकी मिश्र को 47.4 प्रतिशत वोट मिले हैं वहीं संबित पात्रा को 46.37 प्रतिशत वोट मिले हैं. पुरी सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी सत्य प्रकाश नायक को सिर्फ 44,734 वोट मिले हैं.

पुरी लोकसभा सीट सामान्य के लिए आरक्षित है. यह एक ग्रामीण संसदीय क्षेत्र है, जहां साक्षरता दर 83.43% के करीब है. यहां के कुल मतदाताओं में 7,42,939 पुरुष और 6,61,592 महिलाएं मतदाता हैं. यहां अनुसूचित जाति की आबादी 15.57% के लगभग है और अनुसूचित जनजाति 1.48% के करीब है. 2014 चुनाव में इस सीट पर INC को हराकर (alliance: Others) के प्रत्याशी पिनाकी मिश्र विजयी रहे. वहीं 2009 लोकसभा चुनाव में BJD ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी.

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में बीजेपी ने जोरदार जीत हासिल की है. इन नतीजों में एनडीए ने 2014 का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है और 350 के करीब सीटों के साथ नेशनल डेमोक्रेटिक एलायंस (एनडीए) फिर से सरकार बना रहा है. कांग्रेस को एक बार फिर से करारी हार का सामना करना पड़ा है. दुनियाभर के कई नेताओं ने जीत के लिए पीएम मोदी को बधाई दी है.

एक क्लिक पर जानिए छत्तीसगढ़ की 11 सीटों पर किसको कहां से मिली जीत

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लोकसभा चुनाव 2019 में छत्तीसगढ़ की कुल 11 सीटों पर जीत हार की स्थिति साफ हो गई है. 11 में से 9 सीटें बीजेपी के पाले में है. दो सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गढ़ दुर्ग और कांग्रेस के दिग्गज नेता और मंत्री टीएस सिंहदेव के गढ़ सरगुजा में बीजेपी प्रत्याशियों को बड़ी जीत मिली है. दुर्ग प्रत्याशी विजय बघेल को प्रदेश में सबसे बड़ी जीत मिली है. विजय बघेल को 3 लाख 88 हजार से अधिक वोटों से जीत मिली है.

रायपुर सीट पर भी बीजेपी प्रत्याशी सुनील सोनी को 3 लाख 40 हजार से अधिक वोटों से जीत मिली है. सरगुजा की बात करें तो. इस संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के दिग्गज नेता और मंत्री टीएस सिंहदेव व प्रेमसाय सिंह का विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र है. इतना ही नहीं इस संसदीय क्षेत्र के कुल 8 विधानसभा सीटों पर बीजेपी को 2018 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था. इस सीट से बीजेपी प्रत्याशी रेणुका सिंह को अब तक 1 लाख 45 हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली है.

किस सीट पर किसे मिली जीत

सरगुजा से बीजेपी की रेणुका सिंह

दुर्ग से बीजेपी के विजय बघेल

रायपुर से बीजेपी के सुनील सोनी

बिलासपुर से बीजेपी अरुण साव

राजनांदगांव से बीजेपी के संतोष पांडेय

महासमुंद से बीजेपी के चुन्नीलाल साहू

बस्तर से कांग्रेस के दीपक बैज

जांजगीर-चांपा से बीजेपी के गुहाराम अजगले

रायगढ़ से बीजेपी की गोमती साय

कांकेर से बीजेपी के मोहन मंडावी

कोरबा से कांग्रेस की ज्योत्सना महंत

नरेंद्र मोदी 30 मई को लेंगे प्रधानमंत्री पद की शपथ

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लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) के नतीजे अब साफ हो गए हैं. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इतिहास रच दिया. प्रचंड जीत के बाद नरेंद्र मोदी ने आज शाम 5 बजे कैबिनेट की मीटिंग बुलाई है. माना जा रहा है कि मोदी आज ही प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, जिसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, नरेंद्र मोदी को दोबारा सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे. खबर के मुताबिक, नरेंद्र मोदी 30 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. इसके पहले मोदी वाराणसी और गुजरात का दौरा करेंगे. पीएम का 28 मई को वाराणसी जाने का कार्यक्रम है.

अब तक के रुझानों में बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए ने 348 सीटों पर ऐतिहासिक जीत हासिल की है. वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस 50 सीटों पर जीत दर्ज कर पाई. सहयोगियों को मिलाकर यूपीए के हिस्से में 92 सीटें गई हैं, जबकि अन्य दलों के खाते में 102 सीटें आईं. बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में मायावती-अखिलेश यादव के महागठबंधन को फेल कर दिया और 80 में से 60 सीटें जीत ली. जबकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी अमेठी सीट भी नहीं बचा पाए. सोनिया गांधी को रायबरेली में जीत मिली.

छत्तीसगढ़ : इस हाई प्रोफाइल सीट पर जीत का जश्न मनाने के बाद बीजेपी प्रत्याशी को मिली हार

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लोकसभा चुनाव 2019 में छत्तीसगढ़ की सबसे हाई प्रोफाइल सीटों में से एक कोरबा में कांग्रेस प्रत्याशी को जीत मिली है. इस सीट पर कांग्रेस की ओर से छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत प्रत्याशी थीं. कोरबा में कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत ने बीजेपी के ज्योतिनंद दुबे को 26 हजार से अधिक वोटों से हराया है.

कोरबा लोकसभा सीट पर दिलचस्‍प वाकया हुआ. यहां बीजेपी के प्रत्याशी ज्योतिनंद दुबे सुबह से लीड बनाए हुए थे. एक समय वोटों की लीड दस हजार से अधिक हो गई थी. समर्थकों को लगा कि ज्योतिनंद दुबे जीत रहे हैं. इसलिए काउंटिंग सेंटर पर जश्न का माहौल हो गया. समर्थक प्रत्याशी को फूल-मालाएं पहनाने लगे. ढोल-नगाड़े तक बजने लगे. मिठाइयां भी बांटी गईं.

ज्योतिनंद दुबे.

इस बीच कोरबा के पाली तानाखार और रामपुर के बूथों की ईवीएम खुली और मामला पलट गया. दोपहर बाद करीब तीन बजे से कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत को लीड मिलनी शुरू हो गई. कांग्रेस प्रत्याशी की लीड धीरे धीरे 25 हजार पार कर गई और नतीजे भी उनके पक्ष में आए. इससे बीजेपी के खेमे में मायूसी छा गई. कोरबा जिले के पाली तानाखार से 61 हजार, रामपुर से 29 हजार वोट से बीजेपी प्रत्याशी ज्योतिनंद दुबे पिछड़ गए. यहां तक कि वो अपने गृह क्षेत्र कटघोरा से भी करीब साढ़े चार हजार वोटों से पीछे रहे.

बता दें कि डॉ. चरणदास महंत यूपीए-2 में केन्द्रीय राज्यमंत्री रहे हैं.  वर्ष 2009 के चुनाव में उन्होंने कोरबा सीट से ही जीत हासिल की थी. चरणदास महंत मध्य प्रदेश सरकार में गृहमंत्री भी रह चुके हैं. ज्योत्सना महंत के पति डॉ. चरणदास महंत कांग्रेस के बड़े नेता हैं. इसके अलावा उनके पास राजनीतिक उपलब्धि गिनाने के लिए कुछ भी नहीं है. फिर भी छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में से जिन सीटों पर कांग्रेस सबसे ज्यादा मजबूत मानी जा रही थी, उसमें कोरबा का नाम सबसे आगे था.

लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, जानें नई कीमत

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लोकसभा चुनाव 2019 के रिजल्ट्स रविवार को आ चुके हैं इसके बाद आज शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल के रेट में फिर से तेजी आ गई है. आज पेट्रोल की कीमत में 14 पैसे और डीजल 16 पैसे महंगा हो गया है. आपको बता दें इससे पहले गुरुवार को पेट्रोल के रेट में 8 पैसे और डीजल के भाव में 9 पैसे की तेजी आई थी.

आज दिल्ली में पेट्रोल का दाम 71.39 रुपये के स्तर पर और डीजल 16 पैसे की बढ़त के साथ 66.45 के स्तर पर पहुंच गया. मुंबई में पेट्रोल का दाम 76.98 रुपए तो डीजल का दाम 69.60 रुपए हो गया है. कोलकाता में पेट्रोल 73.43 रुपए हुआ तो डीजल की कीमत 68.18 रुपए रही. चेन्नई में पेट्रोल 74.07 रुपए और डीजल 70.22 रुपए बिकेगा.

क्रूड ऑयल के भाव में भी तेजी आई
इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के भाव में भी तेजी आई है. शुक्रवार को डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.49 डॉलर के उछाल के साथ 58.40 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया. वहीं ब्रेंट क्रूड 0.50 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर 68.26 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर देखा गया. वायदा बाजार में भी कच्चे तेल के वायदा सौदों में हल्की तेजी आई है.

रोज़ाना सुबह 6 बजे से लागू होती हैं नई कीमतें
देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनी (HPCL, BPCL, IOC) रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतों की समीक्षा करती है. नई दरें सुबह 6 बजे से लागू होती है. आपको बता दें कि कीमतों को तय करने के लिए 15 दिन की औसत कीमत को आधार बनाया जाता है. इसके अलावा रुपये और डॉलर के विनिमय दर से भी तेल की कीमत प्रभावित होती है.

दिल्ली की सातों सीट पर फिर जीती बीजेपी, पर जानें क्यों खुश है कांग्रेस

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देश की राजधानी दिल्ली में इस बार भी लोकसभा चुनाव में सभी क्षेत्रों में कमल खिला और सभी सात सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी विजयी रहे. वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के इतिहास को दोहराने में बीजेपी सफल रही. बीजेपी के लिए सबसे खुशी की बात यह है वह कांग्रेस और प्रदेश में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) दोनों के वोट शेय़र को मिलाकर भी बीजेपी के वोट शेयर से नीचे रहे. बीजेपी का वोट शेयर 56 प्रतिशत रहा जबकि कांग्रेस का वोट शेयर 23 प्रतिशत और आप को 18 प्रतिशत ही वोट मिले. इस तरह दोनों प्रमुख दलों का वोट शेयर मिलाकर भी 41 प्रतिशत ही रहा. दूसरे शब्दों में कहें तो आप तीसरे स्थान पर रही. कांग्रेस के लिए यह अच्छी खबर है. वह वोट परसेंटेज में भी आप से आगे रही और सात में से उसके पांच प्रत्याशी दूसरे स्थान पर भी रहे. यहां यह उल्लेखनीय है कि एक साल बाद ही दिल्ली विधानसभा के चुनाव होने हैं और 70 में से 67 सीटों पर विजयी रही. आप के लिए तीसरे स्थान पर आना बीजेपी के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है.

लोकसभा चुनाव के परिणाम से प्रत्यक्ष तौर पर तो कांग्रेस को कोई लाभ नहीं हुआ लेकिन परोक्ष रूप से वह आप पर दबाव बनाने में सफल होती दिख रही है. खासकर इस लिए सात लोकसभा क्षेत्रों में से पांच पर कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही है. बीजेपी के सभी सात प्रत्याशी क्रमश: ईस्ट दिल्ली से गौतम गंभीर, नई दिल्ली से मीनाक्षी लेखी, चांदनी चौक से हर्षवर्धन, नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से मनोज तिवारी, साउथ दिल्ली से रमेश बिधूड़ी, वेस्ट दिल्ली से प्रवेश वर्मा और नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली से हंसराज हंस चुनाव जीत चुके हैं.

कांग्रेस पांच प्रत्य़ाशी क्रमश: चांदनी चौक से जेपी अग्रवाल, ईस्ट दिल्ली से अरविंदर सिंह लवली, नई दिल्ली से अजय माकन और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से शीला दीक्षित दूसरे स्थान पर रहे. आप के गुग्गन सिंह नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली और राघव चड्ढा साउथ दिल्ली में दूसरे स्थान पर हैं. इस तरह कांग्रेस दिल्ली में इस लोकसभा चुनाव में आप पर भारी रही. इन चुनाव परिणामों की मनोवैज्ञानिक बढ़त कांग्रेस को मिल गई.

लोकसभा चुनावों में हार के बाद राज बब्बर ने की इस्तीफे की पेशकश

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लोकसभा चुनावों में हार के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राज बब्बर ने इस्तीफे की पेशकश की है.  यूपी के फतेहपुर सीकरी (Fatehpur Sikri) से कांग्रेस के उम्मीदवार राज बब्बर (Raj Babbar) को हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी के उम्मीदवार राजकुमार चाहर (Raj Kumar Chahar) ने राज बब्बर पर तीन लाख से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की.

इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में मिली हार के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने यूपीए की चैयरपर्सन सोनिया गांधी के सामने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की. सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी के इस्तीफे की बात पर सोनिया गांधी और वरिष्ठ के नेताओं ने उन्हें समझाया कि ऐसी बात पार्टी फोरम में रखनी चाहिए.

सूत्रों के मुताबिक, एक हफ्ते में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाई जाएगी. जिसमें राहुल इस्तीफे की पेशकश करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में हार के कारणों पर चर्चा होगी.

बता दें, फतेहपुर सीकरी ने पिछले दो लोकसभा चुनावों में ग्लैमर और हाई प्रोफाइल उम्मीदवारों को नकार दिया था. 2009 में लोकसभा सीट बनने के बाद से ही फतेहपुर सीकरी चर्चा में रही है. 2009 में राज बब्बर यहां ग्लैमर लेकर आए थे.

वहीं 2014 में अमर सिंह, लेकिन दोनों को हार का समना करना पड़ा. इस बार बीजेपी ने जहां अपने मौजूदा सांसद बाबू लाल का टिकट काटकर राजकुमार चाहर को मैदान में उतारा था. वहीं, सपा-बसपा गठबंधन ने बाहुबली नेता गुड्डू पंडित पर दांव लगाया.

नतीजों से भड़के कैप्टन अमरिंदर, कहा- मैं या सिद्धू, चुन ले कांग्रेस

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लोकसभा चुनावों में करारी शिकस्त से कांग्रेस खेमे में खलबली मची है. कुछ नेता एक दूसरे पर हार का आरोप मढ़ रहे हैं. पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर ने नवजोत सिंह सिद्धू पर हार का ठिकरा फोड़ा. कैप्टन ने कहा कि सिद्धू ने पाकिस्तान जाकर पाक आर्मी चीफ कमर बाजवा को झप्पियां दी थीं. इसी वजह से कांग्रेस को हार मिली. सूत्रों के मुताबिक. कैप्टन अमरिंदर ने केंद्रीय नेतृत्व से कह दिया है कि नवजोत सिंह सिद्धू की वजह से पंजाब और अन्य राज्यों में पार्टी को काफी नुकसान हुआ है. अब पार्टी को उनमें या नवजोत सिंह सिद्धू में से किसी एक को चुनना होगा.

विजय बघेल: अब के सीएम भूपेश बघेल को दे चुके हैं मात, दुर्ग से दे रहे ‘सरकार’ को टक्कर

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छत्तीसगढ़ की सबसे हाई प्रोफाइल संसदीय क्षेत्र में से एक दुर्ग पर सबकी निगाहें टिकी हैं क्योंकि माना जा रहा है कि यहां से कांग्रेस प्रत्याशी से ज्यादा राज्य सरकार की साख दांव पर लगी है. यहां सूबे की सरकार को टक्कर देने के लिए लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी ने कुर्मी समाज से ताल्लुक रखने वाले विजय बघेल को मैदान में उतारा. विजय बघेल का सीधा मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिमा चन्द्राकर से ही माना जा रहा है.

दुर्ग लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी भले ही प्रतिमा चन्द्राकर हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित पूरी कांग्रेस के लिए ये सीट साख का विषय है. क्योंकि दुर्ग संसदीय क्षेत्र के विधानसभा सीट दुर्ग ग्रामीण से विधायक ताम्रध्वज साहू, साजा विधायक रविन्द्र चौबे और अहिवारा विधायक गुरु रूद्र कुमार प्रदेश सरकार में मंत्री हैं. इसके अलावा साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सूबे की 11 में से जो एकमात्र सीट कांग्रेस ने जीती थी, वो दुर्ग ही थी. ऐसे में इस सीट से जीत कांग्रेस के लिए साख का विषय बनी हुई है.

मुख्यमंत्री की शपथ लेने की प्रक्रिया करते भूपेश बघेल. फाइल फोटो.

बीजेपी प्रत्याशी विजय बघेल अब के सीएम भूपेश बघेल को चुनावी मैदान में मात दे चुके हैं. साल 2008 के विधानसभा चुनाव में विजय बघेल ने भूपेश बघेल को हराया था. इसके बाद साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भूपेश बघेल ने विजय बघेल को हराया. हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने विजय बघेल को मौका नहीं दिया. तब से ही अटकलें लगाई जा रहीं थी कि विजय को बीजेपी लोकसभा चुनावी मैदान में उतारेगी.

सरल व मिलनसार स्वभाव के विजय बघेल सामाजिक तौर पर भी काफी मजबूत माने जाते हैं. कुर्मी समाज के साथ ही अन्य वर्गों में भी इनकी पकड़ है. बीकॉम तक की पढ़ाई करने वाले विजय बघेल का नम्मूलाल बघेल और सत्यभामा बघेल के बेटे हैं. 15 अगस्त 1959 को जन्मे विजय बघेल कबड्डी के राज्य स्तरीय खिलाड़ी रह चुके हैं. इन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर की टीम का प्रतिनिधित्व भी किया है. एक बार इन्हे रजत और एक बार स्वर्ण पदक मिला.

राजनीतिक सफर
साल 1985 से 2004 तक भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारी रहे विजय बघेल ने साल 2000 में पहली बार नगर पालिका भिलाई-3 चरोदा के अध्यक्ष पद का निर्दलीय चुनाव लड़े और जीते. इसके बाद साल 2003 के विधनसभा चुनाव में पाटन सीट से एनसीपी की टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन हार गए. इसके बाद उन्होंने 2004 में बीजेपी की सदस्यता ली. रिश्ते में चाचा भूपेश बघेल के खिलाफ उन्होंने 2008 में बीजेपी की टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते. इस कार्यकाला में वे राज्य सरकार में संसदीय सचिव भी रहे. इसके बाद 2013 के विधानसभा चुनाव में हार मिली.