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इन तीन राज्यों में नहीं चला पीएम मोदी का जादू

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सन 2014 चुनाव की तरह 2019 में भी नरेंद्र मोदी की शानदार जीत हो रही है। पीएम मोदी का जादू देश के हर प्रदेश में चला है लेकिन तीन राज्य ऐसे हैं जहां नरेन्द्र मोदी का कोई भी प्रभाव नहीं पड़ा। ये तीनों राज्य दक्षिण भारत के हैं। आंध्र प्रदेश में भाजपा और मोदी का असर काम नहीं आया। सीएम चंद्रबाबू नायडू ने भाजपा और मोदी के खिलाफ जबरदस्त मुहिम छेड़ी थी। हालांकि नायडू को खुद इसका फायदा नहीं हुआ और बाजी जगनमोहन रेड्डी बाजी मार ले गए। उन्होंने लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें तो जीती हीं, विधानसभा चुनाव में भी प्रचंड बहुमत हासिल किया। नायडू दिल्ली में भागदौड़ करते रहे और उनकी कुर्सी जाती रही।

इसी तरह तमिलनाडु में भी मोदी का जादू नहीं चल सका। भाजपा ने यहां अन्नाद्रमुक के साथ मिलकर चुनाव लडऩे का फैसला किया था। लेकिन ये फैसला सही साबित नहीं हुआ। विपक्षी द्रमुक ने कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा-अन्नाद्रमुक को धूल चटा दी। भाजपा को इस समझौते का कोई फायदा नहीं मिला। ऐन वक्त पर राहुल गांधी का फैसला कांग्रेस के लिए सही साबित हुआ अन्यथा यूपीए का ग्राफ और नीचे चला जाता। केरल में भी भाजपा को कोई फायदा नहीं हुआ। कयास लग रहे थे कि इस बार मोदी मैजिक के सहारे केरल में भाजपा मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगी। केरल में भाजपा और संघ की मेहनत का फिलहाल कोई नतीजा नहीं निकला है।

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह बोले : छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ही नहीं भूपेश की हुई हार

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भाजपा के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.रमन सिंह ने उसे कांग्रेस की ही नही बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पराजय है। डॉ.सिंह ने राज्य की 11 सीट में से नौ पर भाजपा की शानदार बढ़त के लिए राज्य के मतदाताओं के प्रति आभार जताते हुए पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो इस चुनाव में मुख्य मुद्दा थे ही,साथ में ही राज्य सरकार के पांच महीने का कामकाज भी मुख्य मुद्दा था।उन्होने आरोप लगाया कि भूपेश सरकार का पांच माह का कार्यकाल आतंक,भय एवं बदले की राजनीति का रहा है।

उन्होने कहा कि पांच माह में ही जनता का राज्य में कांग्रेस की सरकार से मोह भंग हो गया और लोगो का उनके वादे से भ्रम एवं विश्वास टूट गया। छत्तीसगढ़ गठन के बाद से जनता राज्य में जिस दल को सत्ता सौपती थी उसे ही केन्द्र में भी समर्थन देती रही है। पहली बार उसने इसमें बदलाव करते हुए भाजपा को समर्थन दिया है।

जहां लड़ रही ‘सरकार’, वहां बीजेपी प्रत्याशी का अंतर 1 लाख पार : छत्तीसगढ़

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लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) के नतीजे गुरुवार को आने वाले हैं. छत्तीसगढ़ में कुल 11 सीटों पर सुबह 11 बजे तक के रुझान सामने आ गए हैं.  9 सीटों पर बीजेपी और 2 सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. सबसे मजबूत स्थिति बीजेपी की रायपुर और दुर्ग में देखी जा रही है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के गृह जिले दुर्ग जिले से भाजपा को काफी बढ़त हासिल हो रही है. बीजेपी प्रत्याशी विजय बघेल 102484 वोटों से आगे चल रहे हैं. वहीं पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह के गढ़ में भी बीजेपी की स्थिति काफी मजबूत दिख रही है. राजनांदगांव सीट से भाजपा के संतोष पाण्डेय  50,687 वोटों से आगे चल रहे हैं. मालूम हो कि महासमुंद और बस्तर सीट में कांग्रेस आगे, वहीं कांकेर, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर- चांपा, कोरबा, सरगुजा, रायगढ़, रायपुर, राजनांदगांव में बीजेपी आगे चल रही है.

मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर के बीजेपी कार्यालय में जश्न मनाया जा रहा है. कार्यकर्ता पटाखे फोड़कर अपनी खुशी जता रहे हैं. बता दें कि रायपुर सीट से बीजेपी के सुनील सोनी आगे चल रहे है. तकरीबन 50 हज़ार वोटों से सुनील सोनी ने बढ़ बना ली है. वहीं रायगढ़ और कोरिया सीट पर भी बीजेपी ने लीड बरकरा रखी है. मालूम हो कि खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और तीन मंत्रियों का निर्वाचन क्षेत्र दुर्ग संसदीय क्षेत्र में आता है. इस वजह से यहां सीधा मुकाबला सरकार और बीजेपी प्रत्याशी के बीच ही माना जा रहा है.

11 लोकसभा सीटों की स्थिति

  1. सरगुजा से भाजपा की रेणुका सिंह 84111 वोटों से आगे
    2. बिलासपुर से भाजपा के अरूण साव 47784 वोटों से आगे3. रायपुर से भाजपा के सुनील सोनी 87073 वोटों से आगे
    4. जांजगीर चांपा से भाजपा के गुहाराम अजगल्ले 33417 वोटों से आगे
    5. कोरबा से भाजपा के ज्योतिनंद दुबे 14795 वोटो से आगे
    6. दुर्ग से भाजपा के विजय बघेल वोटों 108267 से आगे
    7. रायगढ़ से भाजपा की गोमती साय 50161 वोटों से आगे
    8. राजनांदगांव से भाजपा के संतोष पांडेय 54336 वोटों से आगे
    9. कांकेर से भाजपा के मोहन मंडावी 12232 वोटों से आगे
    10. महासमुंद से कांग्रेस के धनेंद्र साहू 8832 वोटों से आगे
    11. बस्तर से कांग्रेस के दीपक बैज 30077 वोटों से आगे

छत्तीसगढ़ लोकसभा चुनाव: 14 राउंड में होगी काउंटिंग, 5 बजे तक सामने आ जाएंगे परिणाम

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27 मतगणना केंद्रों में 5 हजार 184 मतगणनाकर्मी और माइक्रोऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं. मतगणना केंद्रों में कैलकुलेटर, मोबाइल, लाइटर, पेन और कैमरा प्रतिबंधित रहेगा.

कम मतदान केन्द्रों वाले विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए 14-14 टेबल एवं अधिक मतदान केन्द्रों वाले क्षेत्रा की मतगणना के लिए 21-21 टेबल लगाए हैं. लोकसभावार 14 से 22 राउंड में गणना होगी. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लोकसभा चुनाव के लिए 41,197 निर्वाचन कार्मिकों को पोस्टल बैलेट जारी किए गये थे, जिसमें से आज तक 22,901 प्राप्त हो चुके हैं. जबकि 17,223 पंजीकृत सर्विस मतदाताओं को ऑनलाईन पोस्टल बैलेट भेजे गये थे. इसमें से आज तक 10,803 प्राप्त हो चुके हैं.

मतणना की शुरुआत बैलेट पेपर की गिनती के साथ शुरू होगी. इसके साथ ईवीएम में वोटों की गिनती राउंडवार शुरू कर दी जाएगी. ईवीएम से गिनती पूरी होने के बाद सबसे अंतिम में रैंडमली विधानसभावार 5-5 वीवीपीएट बॉक्स खोले जाएंगे, जिनका मिलान ईवीएम से आए परिणाम से किया जाएगा. इस व्यवस्था के चलते परिणाम की घोषणा होने में रात के 8 से 9 बज सकते हैं, लेकिन स्थिति शाम 5 बजे तक ही स्पष्ट हो जाने की उम्मीद है. आपत्ति या विवाद की स्थिति सामने आने पर देर हो सकती है.

ज्योतिनंद दुबे: विधानसभा अध्यक्ष की पत्नी को मात देने की तैयारी

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छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कही जाने वाली कोरबा में बीजेपी ने नये चेहरे को मौका दिया है. बीजेपी ने खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष ज्योतिनंद दुबे को कोरबा लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है. ज्योतिनंद दुबे का सीधा मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना महंत से है. कांग्रेस प्रत्याशी ज्योत्सना छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री चरणदास महंत की पत्नी हैं. कोरबा से विधानसभा अध्यक्ष की पत्नी को मात देने की तैयारी में ज्योतिनंद दुबे हैं.

कोरबा से बीजेपी के सीटिंग सांसद डॉ बंशीलाल महतो का टिकट काटकर दुबे को पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया. टिकट घोषणा के बाद कई कार्यकर्ता आश्चर्य भी हुए. सोशल मीडिया में कार्यकर्ताओं ने अपनी भड़ास भी निकाली. वर्तमान सांसद डॉ. महतो ने प्रत्याशी को लेकर कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है. एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे.

17 साल मजदूरी फिर विधानसभा चुनाव में हार के बाद खाद्य आयोग का अध्यक्ष ज्योतिनंद को बनाया गया. ज्योतिनंद दुबे कोरबा के दीपका क्षेत्र से ताल्लुक रखते हैं. 11वीं तक शिक्षा लेने के बाद 17 साल तक दुबे एसईसीएल के खदान में बतौर मजदूर रहे. इसके बाद काम छोडक़र भाजपा से जुड़े. भाजपा ने 2008 में कटघोरा विधानसभा से दुबे को टिकट दिया, लेकिन बोधराम कंवर ने लगभग साढ़े 6 हजार वोट से दुबे को पराजित कर दिया था.

इसके बाद दुबे को हस्तशिल्प कला बोर्ड का सदस्य बनाया गया. दुबे ने 2013 के विधानसभा चुनाव में भी कटघोरा से टिकट मांगी थी, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर ज्योतिनंद दुबे को रमन सरकार में खाद्य आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था. 2018 के विधानसभा चुनाव में भी दुबे कटघोरा से टिकट मांग रहे थे, लेकिन उनको टिकट नहीं मिल सकी थी. दुबे के भाई नगर पालिका दीपका में वर्तमान अध्यक्ष हैं.

छिंदवाड़ा लोकसभा रिजल्ट: मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ जीत की ओर बढ़े

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लोकसभा चुनाव 2019 में मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा सीट के नतीजे आ रहे हैं. राज्य काफी अरसे से भाजपा के गढ़ के तौर पर पहचाना जाता है लेकिन मप्र की ये सीट कांग्रेस का गढ़ रही है क्योंकि पिछले 35 सालों से कमलनाथ ही यहां से जीतते रहे हैं. इस बार उनके बेटे नकुलनाथ इस लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी हैं. छिंदवाड़ा से नतीजे आ रहे हैं और कांग्रेस प्रत्याशी नकुलनाथ बाज़ी मारते दिख रहे हैं. भाजपा प्रत्याशी नत्थन शाह के मुकाबले नाथ इस सीट पर जीत रहे हैं. छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर चौथे चरण की मतगणना भी पूरी हो चुकी है. चौथे राउंड तक मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ 4429 वोट से आगे हैं.

पिता की छाया से निकलने की जुगत

छिंदवाड़ा लोकसभा इलेक्शन रिजल्ट

पार्टीमतदान हुआवोट प्रतिशतप्रत्याशी का नाम
INC28769246.76%Nakul Kamal Nathआगे
BJP26531343.12%Nathansaha Kawreti
ABGP229733.73%Manmohan Shah Batti
NOTA108701.77%Nota
BSP61881.01%Gyaneshwar Gajbhiye
IND60070.98%Hemendra (Bunty) Gohar
IND37050.60%Subhash Shukla
GGP26920.44%Advocate Rajkumar Saryam
IND24410.40%Rameshwar Dhurve
IND16720.27%Dhaniram Yaduwanshi
IND16510.27%Dinesh Singh Uikey
RAMP12630.21%M. P. Vishwakarma (Munna Prasad)
IND10770.18%Jogilal Irpachi
IND9350.15%Uikey Ramdas
ANSP7810.13%Rajesh Tantrik

राजनीतिक करियर की शुरूआत में ही नकुलनाथ लोकप्रिय हैं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे नकुल अब पूरी तरह सक्रिय राजनीति में हैं. लोकसभा चुनाव 2019 में नकुल अपने पिता की पारंपरिक सीट छिंदवाड़ा से मैदान में हैं. छिंदवाड़ा लोकसभा सीट देश और मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित सीट मानी जाती है. यहां पर पिछले पैंतीस सालों से पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ जीत दर्ज करते आए हैं.

नकुलनाथ पिछले कई महीनों से छिंदवाड़ा और मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बने. जब कमलनाथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तभी यह तय था कि छिंदवाड़ा सीट से अगले प्रत्याशी नकुल ही होंगे. इसके बाद कांग्रेस ने बाकायदा नकुल के नाम की घोषणा की और उन्हें प्रत्याशी बनाया. माना गया कि इस सीट पर नकुलनाथ को जीत दर्ज करने में कोई कठिनाई नहीं होगी.

नकुल कमलनाथ के बड़े बेटे हैं. हालांकि उनके व्यक्तिगत जीवन की तस्वीरें बहुत कम सामने आती हैं लेकिन कमलनाथ के बाद उनका पूरा बिजनेस नकुल ही संभालते हैं. कमलनाथ के छिंदवाड़ा के सभी प्रोजेक्ट्स नकुल की ही देखरेख में रहे. नकुल विदेश में भी अपने पिता के साथ जाते रहते हैं.

पिता और पुत्र की जोड़ी
नकुलनाथ की पढ़ाई के बारे में कोई ठोस जानकारी कहीं नहीं है. इस बार जब छिंदवाड़ा से अपना नामांकन भर रहे थे तो भी उन्होंने अपनी शैक्षणिक योग्यता के बारे में जानकारी नहीं दी थी और वह कॉलम खाली छोड़ दिया था. छिंदवाड़ा के लोग नकुलनाथ को प्यार से नकुल कहते हैं. वो ज्यादातर चुप ही रहते हैं.अभी नकुल का राजनीतिक करियर शुरू ही हुआ है. फिर भी वो लोकप्रिय हैं. उनके काम करने का तरीका उनके पिता से ही मिलता जुलता है. उनके बोलने का स्टाइल भी पिता जैसा है. छिंदवाड़ा की सभी विधानसभाओं में वे लोगों की समस्या सुनते हैं और सुलझाने की पूरी कोशिश करते हैं. स्थानीय विधायक नकुल के ही संपर्क में ज्यादा रहते हैं.

लोकसभा चुनाव से पहले नकुल की सियासी लॉन्चिंग की पहली झलक भी सामने आई थी. जब मुख्यमंत्री कमलनाथ छिंदवाड़ा पहुंचे तो नकुल भी उनके साथ मौजूद थे और कमलनाथ की मौजूदगी में ही नकुल के समर्थन में जमकर नारे लगे. समर्थकों की ओर से जोर शोर से ‘हमारा सांसद कैसा हो नकुलनाथ जैसा हो’ के नारे लगाए गए.

राहुल गांधी का वायनाड से चुनाव लड़ना रहा बेहतर, UDF जीत के करीब!

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पूरे देश में वोटिंग जारी है. खबर लिख जाने तक जो रुझान हैं उसके हिसाब से केरल में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूडीएफ सबसे आगे है. केरल में 20 लोकसभा सीटें है. इनमें ले 19 सीटों पर यूडीएफ आगे चल रही है. इससे पता लगता है कि राहुल गांधी का वायनाड से चुनाव लड़ना फायेदमंद रहा. हालांकि, वह खुद अमेठी से स्मृति ईरानी से पीछे चल रहे हैं.

केरल के सारे लाइव अपडेट्स यहां पढ़ेंः

कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से आगे चल रहे हैं. हालांकि, शुरुआती रुझानों में वे बीजेपी उम्मीदवार राजशेखर कुम्मानम से पीछे चल रहे थे. 2014 के लोकसभा चुनाव में भी वे बीजेपी के ओ राजगोपाल से पीछे थे लेकिन बाद में जीत गए थे.

तिरुवनंतपुरम से बीजेपी उम्मीदवार कुम्मानम राजशेखरन ने दाईकाड में अय्यागुरू आश्रम में प्रार्थना की थी. प्रार्थना के बाद उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और लोगों के कल्याण के लिए लोगों को एनडीए के साथ आना चाहिए.

पथनमथिट्टा में त्रिकोणीय शृंखला हो गई थी. बता दें कि पथनमथिट्टा में ही सबरीमाला मंदिर से जुड़ा आंदोलन हुआ था. तो अगर बीजेपी यहां से जनता का समर्थन पाने में सफल रहती है तो के सुरेंद्रन इस सीट से बीजेपी के पहले लोकसभा सदस्य होंगे.

वहीं सीपीएम राज्य में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है. त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल हारने के बाद सीपीएम के लिए नेशनल पार्टी होने का तमगा बचाना भी मुश्किल हो गया है. केरल उनका आखिरी गढ़ है. पथनमथिट्टा में इस बार 71.39 फीसदी वोटिंग हुई है.

रिकॉर्ड हाई पर बाजार, सेंसेक्स 790 और निफ्टी 230 अंक मजबूत

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शुरूआती रूझानों में मोदी सरकार की वापसी के संकेत से गुरुवार को शेयर बाजार रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया. कारोबार में सेंसेक्स करीब 791.38 अंक मजबूत होकर 39,901.59 ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी भी 231 अंक मजबूत होकर 11,968.95 के स्तर पर पहुंच गया. फिलहाल बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 535 अंक की उछाल के साथ 39,456 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी करीब 149 जोरदार बढ़त के साथ 11,887 काफी करीब कारोबार कर रहा है.

सरकारी कंपनियों में तेजी

कारोबार के दौरान सरकारी कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई है. बीईएल में 4 फीसदी, बीईएमएल में 5.48 फीसदी, आरसीएफ में 2 फीसदी और एससीआई में 3 फीसदी का उछाल आया है.

स्मॉलकैप-मिडकैप में तेजी

दिग्गज शेयरों के साथ ही मिड और स्मॉलकैप शेयरों में भी जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है. बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 1.54 फीसदी की मजबूती के साथ 14590 के ऊपर नजर आ रहा है. वहीं, मिडकैप इंडेक्स 1.5 फीसदी की उछाल के साथ 14675 के करीब नजर आ रहा है. तेल और गैस शेयरों में भी मजबूती नजर आ रही है. बीएसई का ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है.

बाजार में चौतरफा खरीदारी
एनडीए की संभावित जीत के जोश में बाजार में आज चौतरफा खरीदारी का रुझान नजर आ रहा है. निफ्टी के ऑटो इंडेक्स में 1.38 फीसदी, एफएमसीजी इंडेक्स में 1.16 फीसदी, आईटी इंडेक्स में 0.85 फीसदी, मेटल इंडेक्स में 0.87 फीसदी, फार्मा इंडेक्स में 0.70 फीसदी और रियल्टी इंडेक्स में 1.39 फीसदी की मजबूती देखने को मिल रही है.

बैंकिंग शेयरों में जोश
बैंकिंग शेयरों में जबर्जस्त जोश दिख रहा है. निफ्टी का प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 2 फीसदी और पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.5 फीसदी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है. बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी के दम पर बैंक निफ्टी 2.07 फीसदी की बढ़त के साथ 31160 के स्तर पर नजर आ रहा है.

12 हजार के पार जा सकता है निफ्टी
12,000 के पार जा सकता है एनएसई का निफ्टी-बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 300 से ज्यादा सीटें मिलती हैं तो सेंसेक्स 40,000 अंक का बैरियर तोड़ सकता है, जबकि निफ्टी 12,000 के पार चला जाएगा. बता दें कि मतगणना से एक दिन पहले 22 मई को भी सेंसेक्स में 110 अंक की बढ़त दर्ज की गई थी. बाजार के जानकारों का कहना है कि या तो निवेशक बाजार से दूर रहें या बहुत ही सतर्कता के साथ निवेश करें.

मोदी के शासनकाल में 14,889 अंक उछला सेंसेक्स-सेंसेक्स 16 मई 2014 को नतीजे के दिन 24121 पर था और अब मतगणना के एक दिन पहले 22 मई को 39110 पर है. इस तरह पांच साल में सेंसेक्स ने 14889 अंकों का फासला तय किया है. एक साल में ही बाजार में करीब चार हजार अंकों की बढ़त हुई है.

छोटे निवेशकों को दूर रहने की सलाह दे रहे विशेषज्ञ
विशेषज्ञों के मुताबिक अब तक कई एग्जिट पोल और वास्तविक नतीजे अलग रहे हैं. ऐसे में इस बार छोटे निवेशक बाजार से दूर ही रहें तो बेहतर रहेगा. फिर भी अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं तो लंबी अविध का निवेश ही करें. नतीजों के साथ बाजार में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल सकता है. छोटे निवेशकों के लिए स्थिरता आने के कुछ दिन बाद ही निवेश करना बेहतर विकल्प रहेगा.

शेयर बाजार को सता रही है ये चिंताएं
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अर्थव्यवस्था कमजोर पड़ रही है, कंपनियों की कमाई में उछाल की उम्मीदें कम हैं. NBFC सेक्टर का संकट कम नहीं हो रहा है. इन तमाम वजहों का असर चुनावी बादल छंटने के बाद आने वाले महीनों में बाजार पर पड़ सकता है.

बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंता सुस्त होती अर्थव्यवस्था है. कंपनियों की कमाई में कमजोरी और ज्यादा वैल्यूएशन का असर भी सेंटीमेंट पर पड़ रहा है. ग्रामीण इलाकों में कमजोर मांग और NBFC की खस्ता हालत के चलते अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाला खपत (Consumption) का इकलौता दुर्ग भी लड़खड़ा रहा है.

ब्रोकर्स का बड़ा फैसला
लोकसभा चुनाव नतीजों के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव देखते हुए ब्रोकर्स ने मार्जिन सीमा 20-30 फीसदी तक बढ़ा दिया है. लोकसभा चुनाव नतीजों के मद्देनजर कल (गुरुवार) बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए मार्जिन सीमा बढ़ाई गई है. शुक्रवार तक मार्जिन में 20-30 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है. पोर्टफोलियो की सामने ट्रेडिंग की सीमा भी घटाई गई है. कॉल-पुट की बढ़ी हुई IV यानी Implied Volatility के चलते ये कदम उठाया गया है.

मध्यप्रदेश में देखें भाजपा और कांग्रेस कहां से आगे…

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भोपाल। लोकसभा चुनाव 2019 का परिणाम का रूझान आना शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में देखें भाजपा और कांग्रेस कहां से आगे…

बालाघाट – BJP 248
बैतूल – BJP 9406
भिंड – BJP 1781
भोपाल – BJP 11764
छिंदवाड़ा – CON 3533
दमोह – BJP 7940
देवास – BJP 29524
धार – CON 823
गुना – BJP 7637
ग्वालियर – BJP 7667
होशंगाबाद – BJP 37987
इंदौर – BJP 36863
जबलपुर – BJP 42100
खजुराहो – BJP 39862
खंडवा – BJP 27038
खरगोन – BJP 14467
मंडला – BJP 1137
मंदसौर – BJP 17777
मुरैना – BJP 1561
राजगढ़ – BJP 48114
रतलाम – BJP 11374
रीवा – BJP 4888
सागर – BJP 23635
सतना – BJP 11073
शहडोल – BJP 30988
सीधी – BJP 12510
टीकमगढ़ – BJP 32351
उज्जैन – BJP 43044
विदिशा – BJP 48364

रायबरेली से सोनिया, वाराणसी से मोदी, लखनऊ से राजनाथ आगे

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सत्रहवीं लोकसभा की 542 सीटों की मतगणना के अब तक प्राप्त 57 रुझानों में भारतीय जनता पार्टी अन्य राजनीतिक दलों के मुकाबले आगे चल रही है। भाजपा 36 सीटों पर जबकि कांग्रेस 11 पर आगे है। कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना गुरुवार सुबह आठ बजे शुरू हुई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) तीन सीटों, शिरोमणि अकाली दल, मिजो नेशनल फ्रंट, जनता दल (सेक्युलर) और नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी एक-एक सीट पर आगे है।

केरल कांग्रेस (एम), नेशनल पीपुल्स पार्टी और तेलगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) एक-एक सीट पर आगे है। मतगणना सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती के साथ शुरू हुई। वाराणसी से मिली रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगे हैं तो लखनऊ से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह आगे चल रहे हैं। रायबरेली से मिली रिपोर्ट के अनुसार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी आगे हैं।