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ईवीएम ‘हैकिंग’ करने वाले हरिप्रसाद जिनसे चुनाव आयोग नहीं मिलना चाहता

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वेमुरु हरिप्रसाद आंध्र प्रदेश सरकार में तकनीकी सलाहकार हैं. इसके अलावा वो नेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं.

साल 2010 में हरिप्रसाद तब सुर्खि़यों में आए जब उन पर कथित तौर पर ईवीएम से छेड़छाड़ करने और ईवीएम चुराने के आरोप लगे. अब वह तेलुगु देशम पार्टी से जुड़े हैं.

अब उनके नाम के साथ तेलुगु देशम पार्टी ने भारत के चुनाव आयोग को प्रस्तावित टीम का नाम सौंपा तो चुनाव आयोग ने उनकी उपस्थिति पर आपत्ति जताई, इसे लेकर वह एक बार फिर सुर्खि़यों में है.

हरिप्रसाद कहते हैं, ”किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण से छेड़छाड़ की जा सकती है. इसके लिए एक रसीद होनी चाहिए. तभी हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका दुरुपयोग नहीं हुआ है.”

हरिप्रसाद 2009 से ईवीएम के मुद्दों पर सक्रिय हैं. वह इलेक्शन वॉच के संयोजक वीवी.राव को तकनीकी सहायता भी प्रदान कर चुके हैं, राव ने ईवीएम पर सर्वोच्च न्यायालय का रुख़ किया.

भारत के चुनाव आयोग ने सितंबर, 2009 में अपने सामने उन्हें ईवीएम हैक करने के लिए आमंत्रित किया था. हालांकि चुनाव आयोग ने हरिप्रसाद की टीम को अपना काम पूरा करने से पहले रोक दिया. इसके बाद चुनाव आयोग ने कहा कि उनकी टीम ईवीएम हैक नहीं कर पायी.

हरिप्रसाद ने कहा कि आयोग ने उन्हें काम पूरा नहीं करने दिया. उन्होंने इस पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्डिंग जारी कराने की भी अपील की थी.

वी.वी राव कहते हैं, “हमारे काम में बाधा डालने के लिए, भारत का चुनाव आयोग खोखली दलील लेकर आया था कि ईवीएम खोलने से ईसीआईएल के पेटेंट का उल्लंघन होगा.”

साल 2010 में महाराष्ट्र से ईवीएम चुराने के आरोप में हरिप्रसाद को गिरफ्तार किया गया था. हरिप्रसाद 29 अप्रैल, 2010 को एक तेलुगू चैनल पर लाइव ये दिखा रहे थे कि कैसे एक ईवीएम को हैक किया जा सकता है.

जिस ईवीएम पर हरिप्रसाद ये डेमो दिखा रहे थे उसका इस्तेमाल महाराष्ट्र चुनाव में किया गया था.

12 मई, 2010 को महाराष्ट्र के राज्य चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र पुलिस से इसकी शिकायत की जिसके बाद उनके खिलाफ़ मामला दर्ज किया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

इस पूरी घटना को राव याद करते हुए कहते हैं, ”2009 में हमने ईवीएम से संबंधित 50 सवालों के साथ चुनाव आयोग से संपर्क किया था. उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर हमने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया. ईवीएम पर अपनी पहली याचिका के दौरान हरिप्रसाद ने हमें तकनीकी सहायता मुहैया करायी.”

”कुछ अन्य विदेशी विशेषज्ञों ने हरिप्रसाद के साथ काम किया है. हम एक तेलुगू चैनल पर ईवीएम को कैसे हैक किया जा सकता है इसका लाइव कर रहे थे. ये ईवीएम महाराष्ट्र के एक व्यक्ति ने हमें मुहैया कराई थी. इस मामले में बाद में हरिप्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया. उसके बाद उन्होंने तेलुगू देशम पार्टी के साथ अपनी नज़दीकी बढ़ाई.”

हालांकि, हरिप्रसाद को 2010 में इसी मुद्दे पर सैन फ्रांसिस्को की संस्था इलेक्ट्रॉनिक फ्रंटियर फाउंडेशन ने उन्हें पायनियर पुरस्कार से सम्मानित किया. मिशिगन विश्वविद्यालय के तीन प्रतिनिधियों, हरिप्रसाद सहित नेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के चार प्रतिनिधियों और नीदरलैंड के एक प्रतिनिधि को ये पुरस्कार दिया गया.

2010 में उन्होंने अमरीका में आयोजित कम्प्यूटिंग मशीनरी सम्मेलन के 17वें एसोसिएशन में “भारत के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के सुरक्षा विश्लेषण” पर एक पेपर प्रकाशित किया था.

हरिप्रसाद ने अपने लिंक्डइन अकाउंट पर ईवीएम के मुद्दे पर अपना बचाव किया.

उन्होंने लिखा, ”मैंने सुरक्षा के लिहाज़ से ईवीएम का पहला स्वतंत्र ऑडिट किया है. मुझे इसके लिए जेल भेजा गया, मेरे खिलाफ़ जांच की गई. मैंने ये सबकुछ अकेले सह लिया ताकि जो लोग इसमें मेरे साथ थे वे बच सकें.”

उन्होंने यह भी लिखा कि ईवीएम के मुद्दे पर एक साल तक चुनाव आयोग के सामने गुहार लगाने के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला है.

वर्तमान में हरिप्रसाद आंध्र प्रदेश सरकार की विभिन्न तकनीकी पहलों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.

वह आंध्र प्रदेश ई-गवर्निंग काउंसिल के सदस्य थे और आंध्र प्रदेश की रियल-टाइम गवर्नेंस कमेटी के तकनीकी सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं.

अब वह एपी फाइबर ग्रिड परियोजना के प्रभारी हैं और फाइबर ग्रिड के साथ आंध्र प्रदेश में कनेक्टिविटी के काम की देखरेख करते हैं.

विधानसभा में वाई.एस.जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया था कि आंध्र प्रदेश सरकार ने हरिप्रसाद को 333 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट दिलाया.

हालांकि चंद्र बाबू नायडू ने इन आरोपों का खंडन किया.

हाल ही में जब तेलुगु देशम पार्टी के ऊपर मतदाताओं के डेटा इस्तेमाल करने का आरोप लगा तो हरि प्रसाद ने टेलीविजन स्टूडियो में आयोजित बहस में सरकार का बचाव किया.

उनके भाई वेमुरु रविकुमार तेलुगु देशम पार्टी के एनआरआई मामलों के प्रभारी हैं.

नेट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ, वह सीथपल्ली गैस पावर प्राइवेट लिमिटेड, फ्यूचर स्पेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मैक्सिमाइज़र टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और टेक्नोलॉजी ट्रांसपेरेंसी फाउंडेशन के निदेशक मंडल का भी हिस्सा रह चुके हैं.

हाल ही में हरिप्रसाद ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए ट्वीट किया, ”चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक़ वीवीपैट की पर्ची पारदर्शी खिड़की पर 7 सेकंड के लिए नज़र आनी चाहिए. लेकिन वास्तव में ये पर्ची केवल 3 सेकंड के लिए दिखती है.”

इस ट्वीट के साथ उन्होंने एक वीडियो भी पोस्ट किया.

गुलाम नबी आजाद का बयान बोले- बीजेपी चाहे 200 साल राज कर ले, कश्मीर से नहीं हटा पाएंगे धारा 370

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लोकसभा चुनाव 2019 (Lok sabha elections 2019) के संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) में बीजेपी ने कश्मीर में धारा 370 हटाने की बात कही है. इसपर जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने पार्टी का पक्ष रखा है. धारा 370 के मुद्दे पर कांग्रेस खुलकर सामने आ गई है. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि कांग्रेस के रहते हुए कश्मीर में धारा 370 कोई नहीं हटा सकता. आज़ाद ने कहा कि बीजेपी 200 साल भी सरकार में रह ले, तब भी धारा 370 को नहीं हटा पाएगी.

370 पर कांग्रेस का हाथ, अलगाववादियों के साथ?
कश्मीर में धारा 370 के सवाल पर नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के पीछे रहकर बैटिंग कर रही कांग्रेस अब खुलकर सामने आ गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने अनंतनाग में कहा कि जबतक कांग्रेस है धारा 370 नहीं हटने देगी. चाहे बीजेपी 200 साल तक राज कर ले.

कश्मीर में लोकसभा प्रचार में फ़ारुक़ अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती धारा 370 हटाने पर देश के टूटने तक की धमकी दे चुके हैं. बीजेपी शुरू से कह रही है कि धारा 370 पर दोनों पार्टियां के पीछे असली सपोर्ट कांग्रेस का है. बीजेपी ने घोषणा पत्र में 370 और 35A हटाने की बात दोहराई है.

गुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि जब तक कांग्रेस का अस्तित्व है तब तक 370 नहीं हट सकता है.

RSS नेता ने धारा 370 हटाने की बात दोहराई
इस बीच RSS ने कश्मीर में धारा 370 और 35A हटाने की मांग दोहराई है. RSS प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि जब तक कश्मीर में अलग झंडा और अलग संविधान है, तब तक कश्मीर जन्नत नहीं हो सकता. इंद्रेश कुमार ने कहा कि जब कश्मीरियों के लिये पूरा हिंदुस्तान खुला हुआ है तो कश्मीर के दरवाज़े भी देश के सभी लोगों के लिये खुले होने चाहिए.

उन्होंने कहा कि कश्मीर में पहली जरूरत है आतंकवाद खत्म होना चाहिए. कश्मीर कश्मीरी और कश्मीरियत में केवल मुसलमान को माना जाता है, ये सही बात नहीं है. बिना कश्मीरी पंडितों और डोंगरा सिखों के यह पूरा नहीं हो सकता है. पाकिस्तान ये राग अलापना बंद करे. पाकिस्तान कश्मीर मामले में न पार्टी थी न है न बनेगा. अगर पाकिस्तान को लगता है की कश्मीर के बगैर वह अधूरा है तो ये भी मानना होगा की लाहौर के बिना पूरा पाकिस्तान अधूरा है.
इनके मन में जब तक 370 और 35A है. जब तक उनका अलग झंडा, अलग सविधान है तब तक कश्मीर में जन्नत नहीं होगी.

तीन राज्यों में आंधी-तूफान ने मचाया तांडव, अब तक 31 लोगों की मौत, आज भी खतरे का अलर्ट

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बेमौसम बरसात और आंधी ने देश के तीन राज्यों में जबरदस्त तबाही मचाई है, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के ज्यादातर शहरों में तेज आंधी और बारिश के साथ ओले गिरे हैं, जिससे जान-माल और फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है, प्राप्त जानकारी के मुताबिक राजस्थान में आंधी-तूफान की वजह से 6, मध्य प्रदेश में 16 और गुजरात में 9 लोग मौत के शिकार हो गए हैं, मौसम विभाग ने आज भी खतरे का अलर्ट जारी किया है।

तूफान से सबसे ज्यादा तबाही राजस्थान में हुई है
आंधी-तूफान ने ली 28 लोगों की जान

सबसे ज्यादा तबाही राजस्थान में हुई है, जहां के प्रतापगढ़ औऱ झालावाड़ में तेज आंधी और बारिश की वजह से कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए हैं और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं,जिसकी वजह से कई स्थानों पर यातायात में दिक्कत हो रही है और कई जगहों पर बिजली गुल है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक यहां 6 लोग मौत के शिकार हुए हैं जबकि 20 लोग घायल हुए हैं, झालावाड़ में 4 मौतें हुई हैं जबकि संभल में बिजली गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई है।

एमपी और गुजरात में भी लोगों को आंधी-तूफान की वजह से खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है
तूफान की वजह से फसलों को हुआ नुकसान

तो वहीं एमपी और गुजरात में भी लोगों को आंधी-तूफान की वजह से खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है, मंगलवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में 3, धार और खरगोन में 2, राजगढ़, रतलाम और सीहोर जिले एक-एक लोगों की मौत हुई है, बीते दो दिनों में बारिश की वजह से इस राज्य में 16 लोग मौत के शिकार हुए हैं।

किसानों की फसल बर्बाद

जबकि गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, बनासकांठा, पाटन, महेसाना, साबरकांठा, आणंद, खेड़ा में किसानों की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है।

मौसम विभाग
तूफान का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने आज भी मध्य प्रदेश, राजस्थान , गुजरात , महाराष्ट्र, ओडिशा और हिमाचल प्रदेश में तूफान का अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने को कहा है। हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।

मौसम विभाग मॉनसून का अगला अपडेट जून के पहले हफ्ते में देगा
मॉनसून सामान्य रहेगा

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वैसे मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस साल मॉनसून सामान्य के करीब रहेगा, इस साल सामान्य के 96 फीसदी बारिश होगी। अलनीनो का प्रभाव मॉनसून पर नहीं IMD (मौसम विभाग) ने अलनीनो को लेकर दुनिया भर की एजेंसियों की आशंकाओं को खारिज कर दिया है, उसने कहा है कि मॉनसून सीजन में देश में लंबी अवधि के औसत की 96 फीसदी बारिश संभव है। इसके पहले आशंका थी कि अलनीनो की वजह से मॉनसून पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग मॉनसून का अगला अपडेट जून के पहले हफ्ते में देगा।

PM मोदी को बोले कमलनाथ- आप देश के PM, गुजरात के नहीं

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कमलनाथ बोले, मोदी जी आप देश के पीएम हैं गुजरात के नहीं

गुजरात में आंधी-तूफान से कई लोगों की मौत के बाद पीएम मोदी ने मुआवजे की घोषणा की है. जिसके बाद मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ ने उन पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, ‘मोदी जी आप देश के पीएम हैं ना कि गुजरात के. एमपी में भी बेमौसम बारिश व तूफान के कारण आकाशीय बिजली गिरने से 10 से अधिक लोगों की मौत हुई है. लेकिन आपकी संवेदनाएं सिर्फ गुजरात तक सीमित? भले यहां आपकी पार्टी की सरकार नहीं है लेकिन लोग यहां भी बसते हैं.’

दुल्हन के पिता ने विवाहस्थल पर संदेश लिखकर तोड़ी शादी

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मुंबई से करीब 270 किमी दूर मालेगांव में लोग जब एक शादी में शिरकत करने पहुंचे तो विवाहस्थल पर न ही जश्न था, न सजावट थी और न ही कोई पांडाल।

एक चीज जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा, वह था एक ब्लैकबोर्ड जिसपर दुल्हन के पिता का संदेश लिखा था- दहेज की लगातार मांग और आलीशान बेड पर असहमति की वजह से शादी कैंसल कर दी गई है।

इस बोर्ड को वहां पहुंचे लोगों ने तो देखा और सराहा ही, सोशल मीडिया पर भी अब पिता की हिम्मत को सलाम किया जा रहा है।

यहां के लोग नाराज हैं हनुमान जी से, गांव में नहीं होती हनुमान पूजा

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हनुमान जी के लिए माना जात है कि हनुमान जी कलयुग में भी धरती पर रहने वाले देवता है। अगर कोई सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करता है तो हनुमान जी उसकी सारी विपत्तियों को हर लेते हैं। इनकी पूजा करने से भक्त को बल बुद्धि मिलती है,व मन के सभी भय का अंत होता है।

ऐसे में 19 अप्रैल के दिन पूरे देश में ब़ड़ी धूमधाम से हनुमान जयंती मनाई जाएगी। सभी लोग हनुमान जी की पूजा अर्चना में लगें होंगे, ऐसे में एक ऐसा स्थान भी है जहां पर हनुमान जी की पूजा नहीं कि जाती है। यहां के लोग हनुमान जी को पसंद नहीं करते हैं। आज हम उस स्थान के बारे में इस लेख में बता रहें हैं आखिर किस कारण से इस स्थान के लोग हनुमान जी की पूजा नहीं करते।

यह स्थान है उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित द्रोणागिरी गांव, इस गांव के बारे में कहा जाता है कि जब राम और रावण युद्ध चल रहा था उस दौरान लक्ष्मण को शक्ति लगने से वे मुर्छित हो गये थे तो उनके प्राणों का रक्षा करने के लिए हनुमान जी संजीवनी बूटी लेने के लिए हिमालय पर्वत आते हैं। यहां उनको संजीवनी बूटी को पहचानने में परेशानी होती है तो वे पूरे द्रोणागिरी पर्वत को ही उठाकर ले गए। ऐसा माना जाता है ये द्रोणागिरी पर्वत इसी द्रोणागिरी गांव में स्थित था।

यहां के लोगों का मानना है कि जब हनुमान जी ने द्रोणागिरी पर्वत उठाया था तो उस समय पर्वत में देवता तपस्या में लीन थे तब हनुमान जी ने उनकी तपस्या पूरी होने का भी इंतजार नहीं किया। इसके साथ ही पर्वत को उठाते समय पर्वत देव का एक हाथ भी टूट गया। इस कारण से यहां के लोग हनुमान जी से नाराज हैं और द्रोणागिरी गांव के लोग आज भी हनुमान जी की पूजा नहीं करते हैं। इसके साथ ही इस गांव में लाल झंडे का भी विरोध किया जाता है।

खबर LIVE: दुर्घटनाग्रस्त होकर अरब सागर में गिरा भारतीय नौसेना का चेतक हेलीकॉप्टर

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भारतीय नौसेना का हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी होने की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि क्रू मेंबर्स की सूझबूझ के चलते बड़ी तबाही टल गई। पिछले सप्ताह उड़ान भरने के बाद चेतक हेलीकॉप्टर अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। भारतीय नौसेना ने बताया कि हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए हैं।

नौसेना ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक, हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी का पता लगने के बाद उसमें सवार क्रू सदस्यों ने अपने व्यवहारिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए उसे पानी में गिरा दिया और सफलतापूर्वक उससे बाहर निकल आए।

मोदी ने छत्तीसगढ़ के साथ सौतेला व्यवहार किया : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज छत्तीसगढ़ में दूसरा दौरा है। पिछले दौरे में हमने उनसे कुछ सवाल पूछे थे जिसका जवाब आज तक नही आया। नरेंद्र मोदी जब से प्रधानमंत्री बने हैं तब से आज तक केवल छीनते रहे और रमन सिंह केवल चुप रहे। उन्होंने पीएम मोदी पर प्रदेश के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। छत्तीसगढ़ को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती की। रमन सिंह कि सरकार ने इसी कारण तीन साल बोनस नही दिया। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। मोदी सरकार ने कोयला खदान रद्द किए, 42 में से 14 आबंटित हुआ। पहले जैसी व्यवस्था होती तो हमें 2500 रॉयल्टी मिलती, जिसके चलते हमें बहुत नुकसान हुआ, अगर ये हमें मिलता तो हमारे राज्य की स्तिथि अलग होती। वहीं छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 125 ट्रेनों की संख्या कम कर दी इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि  सरकार ने छत्तीसगढ़ के साथ अन्याय किया। छत्तीसगढ़ को अनाज देना बंद हो गया। जिससे गरीबो को अनाज मिलना बंद हो गया। पिछले 15 सालो में गरीबो की संख्या बढ़ी है, मिट्टीतेल जितना मिलता था उसे भी कम कर दिया। जिससे गरीबों को दिक्कत हो रही है। केंद्र में बैठी सरकार वनाधिकार में बदलाव करना चाहती है, इस बदलाव का आदिवासियों के जीवन में विपरीत प्रभाव पड़ेगा। छत्तीसगढ़ में सिर्फ 17000 के लगभग आवास बने, मनरेगा का भुगतान अभी तक नही हो पाया है। इस देरी के चलते मजदूरों में इस योजना पर विश्वास कम हुआ है। प्रदेश के संस्थानों को केंद्र से मिलने वाला केन्द्रीय बजट कम या बंद कर दिया गया। नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनना छत्तीसगढ़ के लिए हानिकारक, अब केंद्र में कांग्रेस की सरकार आएगी और छत्तीसगढ़ का भला होगा।

पीएम नरेन्द्र मोदी के दौरे से सीएम भूपेश बघेल ने लगाए ये आरोप, मांगी रिपोर्ट कार्ड

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लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं. पीएम के दौरे से पहले सूबे के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा है. सीएम भूपेश बघेल ने आरोप लगाया है कि नरेन्द्र मोदी जब से पीएम बने हैं केवल छिनते ही रहे हैं, जिस कारण प्रदेश का काफी नुकसान हुआ है. रमन सिंह मोदी के डर से चुपचाप रहे कुछ बोले नहीं.

सीएम भूपेश ने प्रेसवार्ता लेकर पीएम मोदी पर आरोप लगाए. सीएम भूपेश ने कहा कि नरेन्द्र मोदी मई 2014 में पीएम बने और जून में धान पर बोनस पर रोक लगा दी. मोदी सरकार ने कोयला की रॉयल्टी में कटौती की. चावल की कटौती से दाल भात केंद्र बंद हो गए. पीएम अपने पिछले दौरे पर हमारे सवालों के जवाब तक नहीं दिया.

सीएम भूपेश बघेल ने पीएम नरेन्द्र मोदी से रिपोर्ट कार्ड मांगा है. सीएम भूपेश ने कहा- अपने 5 सालों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पीएम नरेन्द्र मोदी को पेश करनी चाहिए. भूपेश ने कहा कि कांग्रेस के सवालों का जवाब देने से पीएम मोदी क्यों बच रहे हैं. भूपेश ने कहा कि पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के साथ जो भेदभाव किए हैं, उसका जवाब दें.

छत्तीसगढ़ : मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, अगले 24 घंटों में हो सकती है तेज बारिश

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छत्तीसगढ़ में अगले 24 घंटों में कई जगह तेज आंधी तुफान और बारिश हो सकती है. साथ हीं ओले भी गिर सकते है. दक्षिण पश्चिमी राजस्थान के ऊपर एक चक्रिय चक्रवात बना है. इसके असर के चलते राज्य के कई हिस्सों में यह स्थिति बनेगी. वहीं इसका असर खासतौर पर उत्तरी छत्तीसगढ़ में दिखाई देगी. यही वजह है कि प्रधानमंत्री की सभा के दौरान भाटापारा और कोरबा में भी तेज आंधी की भी आशंका है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.