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चुनाव आयोग ने खारिज की विपक्ष की मांग, वीवीपैट मिलान में नहीं होगा कोई बदलाव

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 चुनाव आयोग ने विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा चुनाव की मतगणना में पहले वीवीपीएटी की पर्चियों के ईवीएम से मिलान की मांग को खारिज कर दिया है। ईवीएम-वीवीपीएटी के मुद्दे पर चुनाव आयोग ने अपनी बड़ी बैठकर कर इस संबंध में फैसला लिया। चुनाव आयोग ने कहा है कि वीवीपैट पर्चियों की गिनती में कोई बदलाव नहीं होगा। जिस हिसाब से गिनती होनी थी, उसी हिसाब से होगी। बता दें कि 22 विपक्षी दलों ने ईवीएम और वीवीपैट के मिलान के संबंध में मंगलवार को चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपा था। इसमें चुनाव आयोग से मांग की थी कि वीवीपैट की पचास फीसदी पर्चियों का मिलान हो। विपक्षी की इस मांग को चुनाव आयोग ने ठुकरा दिया है।

भाजपा नेता के बाद अब नेता प्रतिपक्ष पर छेड़छाड़ का आरोप, कौशिक ने किया खंडन

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रायपुर। जिस महिला की शिकायत पर भाजपा नेता और कारोबारी प्रकाश बजाज छेड़छाड़ के मामले में जेल गया है, अब उसी ने नेता-प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक पर भी छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। महिला ने मंगलवार को राजधानी के प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता लेकर कहा कि दो साल पहले होली के दिन कौशिक ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। इस मामले में कौशिक का कहना है कि वे महिला को जानते भी नहीं हैं।

पत्रकार वार्ता कर किरण मगर ने बताया कि 2017 में वह बिलासपुर में रहने वाली अपनी बड़ी बहन के घर होली मनाने गई थी। कौशिक ने उसकी बहन को होली मिलन कार्यक्रम का न्योता दिया था। बहन के साथ किरण भी कौशिक के घर चली गई थी। कौशिक के घर पर काफी भीड़भाड़ थी। किरण और उसकी बहन हॉल में बैठे थे। कुछ देर बाद गुलाल लेकर कौशिक आए। किरण का आरोप है कि उसके मना करने के बाद भी कौशिक ने गुलाल लगाया और आपत्तिजनक इशारे किए। किरण से पूछा गया कि उसने दो साल इस मामले को क्यों दबाए रखा, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया।

महिला मोर्चा अध्यक्ष ने कहा-बदले की राजनीति ने हद पार कर दी

भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष पूजा विधानी ने नेता-प्रतिपक्ष पर लगाए गए आरोप को बदले की राजनीति बताया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद निंदनीय, शर्मनाक, आधारहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित आरोप है। विधानी का कहना है कि महिला का राजनीतिक बदले के लिए इस्तेमाल हो रहा है। पहले तो सीडी कांड में दिशा मोड़ने के लिए भाजपा नेता बजाज के खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। अब नेता-प्रतिपक्ष पर झूठा आरोप लगाकर उनकी चरित्र हत्या की साजिश रची जा रही है। विधानी का कहना है कि यह भाजपा का चरित्र ही नहीं है कि कोई नेता किसी महिला के साथ अभद्र व्यवहार करे।

मुझे फंसाने की कोशिश : कौशिक

जिस महिला ने आरोप लगाया है, उसे मैं जानता नहीं। वह मनगढ़ंत आरोप लगा रही है। मुझे फंसाने की कोशिश है। यदि, 2017 में घटना घटी, तो महिला अब तक क्या कर रही थी? अचानक दो साल बाद कैसे याद आया कि उसके साथ छेड़छाड़ हुई है।

धरमलाल कौशिक नेता-प्रतिपक्ष

CM भूपेश बघेल 3 जून को लेंगे कलेक्टर्स और पुलिस अधीक्षकों की बैठक

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छत्तीसगढ़ में नई सरकार का गठन हुए करीब सात महीने हो गए हैं। हालांकि यहां सरकार बनने के बाद से ही लोकसभा चुनाव का माहौल बनने लग गया था। ऐसे में सरकार को अपनी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जानने का ज्यादा मौका नहीं मिला।

यही वजह है कि चुनाव खत्म होते ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सबसे पहले कलेक्टर्स कांफ्रेंस करने जा रहे हैं। 3 जून को प्रस्तावित इस बैठक में सभी 27 जिलों के कलेक्टर और एसपी के साथ पांचों संभाग के आयुक्त और रेंज आइजी के साथ आला अफसर शामिल होंगे। बैठक में कानून- व्यवस्था की स्थिति के साथ ही विभिन्न् योजनाओं के क्रियान्वयन की सीएम समीक्षा करेंगे। सरकार बनने के बाद यह भूपेश दूसरी बार जिले के आला अफसरों की बैठक लेने जा रहे हैं। 

फोकस में नगरीय निकाय चुनाव

राज्य में इस वर्ष के अंत में नगरीय निकाय चुनाव होने हैं। ऐसे में सरकार अभी से उसकी तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में योजनाओं की समीक्षा के जरिये सरकार निकाय चुनाव की अपनी तैयारियों की भी समीक्षा करेगी।

एजेंडें में शहरी पट्टा और मोर जमीन मोर मकान भी

कलेक्टर कांफ्रेंस के एजेंडे में शहरी गरीबों और भूमिहीनों का पट्टा वितरण के साथ ही मोर जमीन मोर मकान भी शामिल है। कलेक्टरों को शहरी क्षेत्रों में गरीबों के आवास निर्माण (ईडब्ल्यूएस) के लिए जमीन की उपलब्धता पर भी रिपोर्ट लेकर आने के लिए कहा गया है। गर्मी और बारिश के दौरान विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की तैयारियों पर भी रिपोर्ट तलब की गई है। 

तय होगा कलेक्टर और एसपी का भविष्य
वरिष्ठ अफसरों के अनुसार समीक्षा बैठक में कलेक्टर और एसपी के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर उनका भविष्य तय होगा। सूत्रों के अनुसार बैठक के बाद कुछ जिलों के कलेक्टर और एसपी बदले भी जा सकते हैं।

तीन घंटे में निपट गई थी पहली बैठक

इससे पहले मुख्यमंत्री ने 29 जनवरी को कलेक्टर और एसपी की बैठक ली थी। तब सरकार बने बमुश्किल एक महीना ही हुआ था। ऐसे में वह बैठक बेहद हल्के- फुल्के माहौल में केवल तीन घंटे में ही निपट गई थी। अफसरों के अनुसार इस बार ऐसा नहीं होगा। इस बार बैठक न केवल लंबी चल सकती है बल्कि कुछ अफसरों की खिंचाई भी हो सकती है।

प्रियंका का ऑडियो वायरल कर रही छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस, एक्जिट पोल से हिम्मत मत हारें

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एक्जिट पोल ने कांग्रेस की चिंता तो बढ़ा दी है, लेकिन पार्टी इसे कांग्रेसियों का हौसला तोड़ने के लिए अफवाह भी करार दे रही है। इसलिए, पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी का एक ऑडियो वायरल किया जा रहा है, जिसमें वे कार्यकर्ताओं को हौसला बनाए रखने के लिए कह रही हैं।

साथ में उन्होंने कार्यकर्ताओं को सचेत भी किया है कि वे स्ट्रांग रूम और काउंटिंग सेंटर में डटे रहें और चौकन्‍ने भी रहें। इससे ये बात साफ हो गई है कि कांग्रेस को अब भी स्ट्रांग रूम में बंद ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ और काउंटिंग के दौरान गड़बड़ी की आशंका है।

मीडिया समूहों के एक्जिट पोल में कांग्रेस को न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश मे कमजोर बताया जा रहा है। इसे लेकर कांग्रेस के आला नेताओं ही नही, कार्यकर्ता चिंतित हुए हैं। लेकिन, छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी एक्जिट पोल को पूरी तरह से खारिज कर रहे हैं। इसके बावजूद पार्टी हाईकमान और आला नेताओं को लग रहा है कि एक्जिट पोल के कारण पार्टी के कार्यकर्ता सुस्त न पड़ जाएं। उनका मनोबल न गिर जाए।

आला नेताओं को लग रहा है कि कार्यकर्ताओं की सुस्ती से भाजपा के लोगों को स्ट्रांग रूम में और काउंटिंग के दौरान गड़बड़ी करने का मौका मिल सकता है। इस कारण सोशल मीडिया में कार्यकर्ताओं के हौसले को बनाए रखने वाले मैसेज पोस्ट किए जा रहे हैं। पार्टी का आइटी सेल एक्जिट पोल को प्रायोजित बताने में लगा हुआ है। यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र में यूपीए की ही सरकार बन रही है।

ये है प्रियंका का ऑडियो

हमारे प्यारे कार्यकर्ता, भाइयों और बहनों, अफवाहों और एक्जिट पोल से हिम्मत मत हारिये। ये आपका हौसला तोड़ने के लिए फैलाई जा रही है। इस बीच आपकी सावधानी और भी महत्वपूर्ण बनती है। स्ट्रांग रूम और काउंटिंग सेंटर में डटे रहिए और चौकन्ने रहिए। हमें पूरी उम्मीद है कि हमारी मेहनत और आपकी मेहनत फल लाएगी।

छत्तीसगढ़ : पेयजल संबंधी समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम और टोल फ्री नम्बर स्थापित

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राज्य में ग्रीष्मकाल में संभावित पेजयल समस्या के निवारण के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों मंे स्थापित हैण्डपंपों और नलजल प्रदाय योजनाओं के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके क्रियान्वयन के लिए खण्ड एवं उपखण्ड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर पेयजल निगरानी की जा रही है, साथ ही पेयजल समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा टोल फ्री नम्बर 1800-233-0008 स्थापित किया गया है। इस टोल फ्री नम्बर पर पेयजल शिकायत संबंधी समस्या का निराकरण करने के लिए किया गया है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल प्रदाय हेतु स्थापित विभागीय हैण्डपंपों का संचालन एवं संधारण हेतु पर्याप्त चलित वाहन क्रियाशील है। ग्रीष्मकाल में पेयजल स़्त्रोत के जल स्तर गिरने से सिंगल फेस पॉवर पम्प के माध्यम से पेयजल व्यवस्था की जा रही है, जिसके लिए विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में राईजर पाईप उपलब्ध हैं।

छत्तीसगढ़ : बहुउपयोगी साबित होता मोखला का आदर्श गौठान गांव की बदलने लगी है तस्वीर

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 कृषि क्षेत्र के समग्र विकास एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई छŸाीसगढ़ सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना राज्य के गांवों की तकदीर एवं तस्वीर बदलने वाली योजना साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मोखला में निर्माणाधीन आदर्श गौठान बहुउपयोगी साबित होता दिखाई दे रहा है। 

    जिले की प्रमुख एवं राज्य की जीवनदायिनी शिवनाथ के किनारे लगभग साढ़े 12 एकड़ की भूमि पर बनाए जा रहे इस गौठान एवं चारागाह का प्राकृतिक एवं भौगोलिक स्वरूप भी अत्यंत अनुकूल होने के कारण मनोरम दिखाई देता है। ग्राम मोखला शिवनाथ नदी के किनारे स्थित होने एवं समुचित मात्रा में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के कारण इस गांव में बारहमासी खेती की जाती है। ग्राम मोखला में खेती किसानी के अलावा पशुपालन की परम्परा भी अत्यंत समृद्ध है। जिसके कारण फसलों को अपने गांव के अलावा अन्य अवारा पशुओं से रक्षा करना काफी चुनौतिपूर्ण कार्य होता था, लेकिन वर्तमान में ग्राम मोखला में आदर्श गौठान के निर्माण होने से पशुओं को इस गौठान में सुरक्षित रखने से गर्मी के मौसम में खेती-किसानी करने में काफी सहूलियत हो रही है। इस वर्ष ग्रीष्म काल में मोखला के किसानों के रबी फसलों को पशुओं के द्वारा किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाई गई है। वर्तमान में छŸाीसगढ स़रकार की इस विशेष प्राथमिकता वाले इस योजना के फलस्वरूप ग्राम मोखला में गौठान के निर्माण करने से समग्र ग्राम की तस्वीर बदलने लगी है। 

    इस योजना के फलस्वरूप ग्राम में एक आदर्श गौठान के निर्माण के साथ-साथ पशुओं के लिए समुचित मात्रा में चारा उपलब्ध होने से पशुओं का ग्राम में अनावश्यक विचरण दिखाई नहीं दे रहा है। इसके अलावा इस गौठान में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्व सहायता समूह की महिलाएं वर्मी कम्पोस्ट निर्माण करने की विधि सीखने के अलावा सीमेंट पोल, फैंसिग तार एवं डिजायनर चूड़ी बनाने जैसे स्वरोजगार मूलक कार्य भी समूह की महिलाओं द्वारा किया जायेगा। इस तरह यह योजना ग्रामीणों के लिए अनेक दृष्टि से काफी लाभप्रद होने से इस कार्य में ग्रामीणों के दिल से जुड़ने के कारण ग्राम मोखला की पूरी तस्वीर बदलने लगी है। 
    इसी तरह जिले के सभी विकासखंडों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कुल 117 गौठान बनाए जा रहे हैं। ग्राम मोखला के गौठान के तर्ज पर जिले के प्रत्येक विकासखंडों में एक-एक मॉडल गौठान का निर्माण भी किया जा रहा है। जिले के सभी गौठानों में मुलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही इन गौठानों में पशुओं का आना भी प्रारंभ हो गया है। 
    ग्राम मोखला के कुल 12 एकड़ जमीन में से 7.5 एकड़ जमीन में गौठान निर्माण एवं शेष जमीन को चारागाह के रूप में विकसित किया जा रहा है। गौठान निर्माण के प्रारंभिक दिनों में भी प्रतिदिन गांव के कुल 690 पशुओं में से अधिकांश पशु गौठान में आ रहे हैं। जिसके कारण इस स्थान का पूरा परिदृश्य ही बदल गया है। अब यह स्थान सुविधायुक्त गोकुलधाम के रूप में परिवर्तित हो गया है। इस गौठान में कोटना निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसी तरह सभी 7 पानी टंकी, 3 चबूतरा एवं पैरा हेतु 7 मचान का निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। इसके अलावा वर्मी शेड निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है। गौठान में पशुओं के पीने के पानी की व्यवस्था हेतु गौठान में 5 एचपी का सोलर पैनल लगाया गया है। जिसके माध्यम से समुचित मात्रा में पशुओं के लिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा चारागाह के लिए अलग से सोलर पैनल लगाया जायेगा। सभी निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है। 
    ग्राम मोखला के चारागाह में नेपीयर घांस, मक्का आदि फसल चक्र के अनुसार लगाया जायेगा। इस गौठान में पुशओं के ईलाज के लिए पशु चिकित्सा विभाग के द्वारा एक पशु चिकित्सक की तैनाती की गई, जो पूरे समय गौठान में उपस्थित रहकर पशुओं की देखभाल करेगें। इस गौठान से गौमूत्र एकत्र करने का कार्य भी किया जायेगा। ड्यूटी में तैनात पशु चिकित्सक ने बताया कि इस गौठान में माध्यम से एक ही स्थान पर रहकर गांव के सारे पशुओं समुचित इलाज एवं नस्ल सुधार आदि कार्य  को सफलता पूर्वक किया जा रहा है। गौठान में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा इस गौठान के पशुओं का ईएआर टैंगिंग, एसएस वैक्सीन, बीक्यू वैक्सीन उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा भविष्य में कृत्रिम गर्भदान एवं पशुओं के उचित रखरखाव हेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस गौठान के संचालन हेतु गौठान समिति का भी गठन किया गया है। इस गौठान समिति में कुल 20 सदस्य है। ग्राम पंचायत के सरपंच को गौठान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा ग्राम पंचायत के सचिव, पंच, कोटवार एवं चरवाहा, कृषि मित्र आदि को गौठान समिति का सदस्य बनाया गया है।

    इस गौठान समिति के अलावा महिला समूह द्वारा भी आदर्श गौठान के निर्माण हेतु बहुमूल्य सहयोग दिया जा रहा है। ग्राम के महिला स्वसहायता समूह के सदस्यों ने पशुओं को गौठान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ली है। ग्राम के महिला समूह के सदस्यों द्वारा ग्रामीणों की राज्य शासन की नरवा, घुरवा, बाड़ी योजना के संबंध में जानकारी देने के अलावा ग्रामीणों, पशु सखी, कृषि मित्र आदि को गौठान से जोड़ने हेतु नियमित बैठक आयोजित करने का कार्य भी किया जा रहा है। इसके अलावा उनके द्वारा वर्मी, नाडेप, घुरवा, जैविक खाद के संबंध में लोगों को जानकारी देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही सखी समूह की महिलाआंे द्वारा समय-समय पर बैठक लेकर आदर्श गौठान के संचालन हेतु ग्रामीणों को प्रेरित भी किया जा रहा है। इस गौठान में फलदार पौधों का रोपण भी किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस गौठान में अपनी सामुदायिक भागीदारी निभाते हुए 2 माह के लिए पैरा दान किया है। जिससे इस गौठान में पशुओं को दो माह तक समुचित मात्रा में पैरा मिल सकेगा। 
    ग्राम मोखला का यह गोठान पशुओं के संरक्षण एवं उचित देख-भाल के अलावा ग्रामीणों एवं समुह की महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम भी बनेगा। इस गोठान के माध्यम से गो मूत्र इक्कठा करने के अलावा कंपोस्ट खाद निर्माण, फ्लाईएश, पेवर ब्लॉक, तार जाली, सीमेंट पोल बनाने एवं डिजाईनर चुड़ी निर्माण जैसे अनेक उपयोगी एवं स्वरोजगार मूलक कार्य किए जाने की योजना है। यह कार्य वास्तव में ग्रामीणों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। ग्राम मोखला के प्रगतिशील कृषक श्री लखन लाल साहू ने इस गौठान के संबंध में अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीणों के सामने आवारा पशुओं से अपने फसलों की रक्षा करना भी काफी चुनौतिपूर्ण कार्य होता है। इस गोठान के निर्माण हो जाने से इस समस्या से निदान मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि इस गौठान में फलदार वृक्षों का रोपण कर इसे फलोद्यान के रूप में विकसित किया जा सकता है। ग्राम मोखला के ग्रामीण श्री देवनाथ निषाद ने कहा कि यह गोठान शिवनाथ नदी के किनारे स्थित होने के कारण यहां का दृश्य भी काफी मनोरम है। जिसके कारण इस स्थान को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित भी किया जा सकता है। इस तरह से ग्राम मोखला का यह गौठान एक आदर्श गोठान बनकर बहुउपयोगी सिद्ध होगा।

मौसम विभाग के मुताबिक छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में हो सकती है बारिश

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आने वाले कुछ दिनों तक छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज गर्म ही रहेगा. उत्तर क्षत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में जहां गर्म तेज हवाएं चलेगी,वही दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई स्थानों पर मंगलवार से लेकर तीन दिनों तक गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने राज्य के दो अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति को लेकर अनुमान जारी किया है. वर्तमान में छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों का तापमान 40 डिग्री से अधिक है. फिलहाल गर्मी से किसी तरह की राहत अभी नहीं मिल सकती.

नक्सली हिंसा में मारे गए दिवंगत विधायक भीमा मंडावी की पत्नी को मिलेंगे 5 लाख

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छत्तीसगढ़ केदंतेवाड़ा (Dantewada)में नक्सली हमले (Naxal Attack) में मारे गए बीजेपी (BJP) विधायक भीमा मंडावी (Bhima Mandavi) की पत्नी औयस्वि मंडावी को आर्थिक सहायता के रूप में 5 लाख रुपये मिलेंगे. नक्सली हिंसा से पीड़ित परिवारों की पुनर्वास कार्ययोजना के तहत मंडावी की पत्नी को यह आर्थिक सहायता दी जाएगी. कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए स्वीकृति दे दी है.

मिली जानकारी के मुताबिक, सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर के तहत भुगतान की जाएगी और यह सहायता राशि बैंक में 3 वर्ष की अवधि के लिए सावधि जमा के रूप में रहेगी. यह आर्थिक सहायता उसी समय दी जानी थी लेकिन आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के चलते इसकी मंजूरी नहीं दी गई थी.

बता दें, 9 अप्रैल को नक्सलियों ने भीमा मंडावी के काफिले पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी. अंतिम संस्कार के बाद लोकसभा चुनावों में व्यस्तता के कारण पार्टी के कई विधायक और कोई बड़ा नेता उनके परिजनों से मिल नहीं पाए थे.

गौरतलब है कि भीमा मंडावी की मौत के बाद दंतेवाड़ा विधानसभा सीट खाली हो गई है. दंतेवाड़ा सीट से भीमा मंडावी की पत्नी औयस्वि मंडावी ने चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि वह अपने पति के सपनों को पूरा करना चाहती हैं. अगर बीजेपी उन्हें टिकट देती हैं तो वह चुनाव लड़ेंगी.

विक्टर लिस्टिग: वह ठग जिसने कबाड़ी व्यापारियों को 2 बार बेच दिया एफिल टावर!

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फ्रांस की राजधानी पेरिस के शैम्प-दे-मार्स में स्थित एफिल टावर दुनिया के सात अजूबों में शुमार है. लोहे से बना ये टावर फ्रांस की संस्कृति का प्रतीक है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ठग अपनी जालसाजी से एफिल टावर को दो-दो बार बेच चुका है. विक्टर लस्टिग नाम के इस ठग ने ठगी के सारे रिकॉर्ड ही तोड़ डाले थे और पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था. उसी चाल इतनी शानदार थी कि बस एफिल टावर की रजिस्ट्री होना बाकी रह गया था.

अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने विक्टर लिस्टिग पर एक डिटेल रिपोर्ट प्रकाशित की है. रिपोर्ट के मुताबिक, जालसाज विक्टर लस्टिग की एफिल टावर बेचने का किस्सा काफी दिलचस्प है. विक्टर का जन्म 1890 में ऑस्ट्रिया-हंगरी के होस्टिन में हुआ था. अब हम इसे चेक गणराज्य के रूप में जानते हैं. वह बचपन से ही शातिर था. पढ़ने-लिखने में कुछ खास नहीं था, लेकिन नई भाषाएं सीखने में काफी दिलचस्पी रखता था. बड़े होने तक तो उसे पांच भाषाओं का ज्ञान हो गया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, विक्टर लोगों से बहुत जल्दी घुलमिल जाया करता था. बातों ही बातों में उनके बारे में जानकारी हासिल करता. फिर उन्हें बेवकूफ बनाने की साजिश रचता. शायद उसे लोगों को बेवकूफ बनाने में मज़ा आता था.

भेष बदलने में माहिर

विक्टर लस्टिग अपनी पहचान छिपाना बखूबी जानता था. उनसे जालसाजी के लिए कई भेष बदले. कहते हैं कि विक्टर लस्टिग भी उसका असली नाम नहीं है. हालांकि, आज एफिल टावर बेचने के लिए विक्टर नाम ही मशहूर है.

विक्टर लस्टिग

रखता था दर्जनों पासपोर्टविक्टर लस्टिग के पास करीब एक दर्जन जाली पासपोर्ट थे. वह अपनी पहचान कुछ इस तरह से छिपाता था कि लोगों के लिए वह बिल्कुल अंजान लगे. यही कारण है कि वह हर बदलते दिन के साथ एक बड़ा ठग बनने की राह पर बढ़ जाता था.

अखबार से आया एफिल टावर बेचने का आइडिया
1925 में विक्टर लस्टिग यूरोप आया. उस वक्त फ्रॉड के कई मामलों में कनाडा और अमेरिका की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. इस बीच वह पेरिस में ही बस गया. इस दौरान पहला विश्व युद्ध खत्म हुआ था और पेरिस में नवनिर्माण का काम चल रहा था. काम तेजी से चल रहा था. निर्माण की खबरें रोजाना अखबारों में ​छप रही थीं. ऐसी ही खबरों से भरा हुआ एक अखबार विक्टर के हाथ लगा. वह घर पर उस अखबार को पढ़ रहा था, जिसमें एफिल टावर की मरम्मत के बारे में खबर छपी थी. बस यहीं से विक्टर के दिमाग में एक शातिर आइडिया आया.

ऐसे बेच डाला एफिल टवर
विक्टर लस्टिग ने एफिल टावर बेचने के लिए डाक व टेलीग्राफ मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर का भेष लिया. प्रिंटिंग प्रेस से फर्जी दस्तावेज तैयार किए जिसमें एफिल टावर से जुड़ी जानकारियां डाली गई. इसके बाद चुनिंदा व्यापारियों तक यह खबर पहुंचाई कि एफिल टावर की मरम्मत करवाना सरकार के लिए मुश्किल है. इसलिए वह इसे बेच रही है. चूंकि यह गुप्त योजना है इसलिए इसका ज्यादा प्रचार नहीं हो रहा है.

6 व्यापारी विक्टर के झांसे में आ गए और उसने उनके साथ ‘होटल दि क्रॉनिकल’ में एक मीटिंग फिक्स की. मीटिंग में उसने कहा कि एफिल टॉवर से लोगों के जज्बात जुड़े हैं. इसलिए उसके हटाए जाने के बारे में ज्यादा प्रचार नहीं किया जा रहा है.

एफिल टावर का निर्माण 1887 में हुआ

झांसे में आ गया व्यापारी
विक्टर लस्टिग का चाल काम कर गया. कुछ दिनों बाद एक व्यापारी ने फोन किया और कहा कि वह एफिल टावर खरीदना चाहता है. इस कॉन्ट्रैक्ट को देने के लिए विक्टर ने व्यापारी से मोटी रिश्वत मांगी. व्यापारी को लगा कि सरकारी कर्मचारी अक्सर बड़े टेंडर्स के लिए घूस लेते हैं, तो विक्टर भी यही कर रहा है. इसलिए वह घूस देने को तैयार हो गया. उसने काफी सारा पैसा विक्टर तक पहुंचा दिया.

पैसा लेकर हुआ फरार
विक्टर पैसा लेकर रातों रात फरार हो गया. अगले दिन व्यापारी जब विक्टर के होटल में रजिस्ट्री के लिए पहुंचा, तो उसे खुद के ठगे जाने का अहसास हुआ. विक्टर ने इतनी चालाकी से इस काम को अंजाम दिया कि कोई विक्टर को पकड़ भी नहीं पाया.

6 महीने बाद फिर बेचा एफिल टावर
इस घटना के 6 महीने बाद विक्टर दोबारा पेरिस लौट आया. इस बार नए व्यापारियों से संपर्क साधा गया. फिर से कुछ व्यापारी विक्टर के झांसे में आ गए और एफिल टावर खरीदने में दिलचस्पी दिखाई. उन्होंने विक्टर को घूस की मोटी रकम भी अदा की. विक्टर पैसे लेकर फिर से फरार हो गया.

इस बार किस्मत ने नहीं दिया साथ
हालांकि, इस बार उसकी किस्मत पहले जैसे अच्छी नहीं थी. पहले वाले व्यापारी ने तो विक्टर के खिलाफ कोई भी रिपोर्ट नहीं की थी, मगर इस बार वाले व्यापारी ने विक्टर की करतूत सब के सामने रख दी. इस तरह विक्टर फंस गया. लेकिन, फिर भी पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा.

फ्रांस की संस्कृति का प्रतीक है एफिल टावर

1887 में बनी थी एफिल टावर
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 26 जनवरी, 1887 को पेरिस में एफिल टॉवर की नींव रखी गई थी. 1887 से 1889 के बीच इसका निर्माण हुआ था. इस टावर की ऊंचाई 324 मीटर है और जब यह बनकर तैयार हुआ था, उस वक्त यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत थी. बता दें कि इस टावर का डिजाइन अलेक्जेंडर-गुस्ताव एफिल ने किया था. खास बात यह है कि इन्हीं के नाम पर इसका नाम भी रखा गया था.

इस स्‍पेशल प्रोजेक्‍ट पर दिन-रात मेहनत कर रहा ISRO, बना रहा ये 6 खास सैटेलाइट, जानें क्‍यों

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श्रीहरिकोटा: भारत का रडार इमेजिंग अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट आरआईएसएटी-2बी बुधवार को सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में स्थापित हो गया. इसके साथ ही इसरो के एक अधिकारी ने यह भी खुलासा किया कि “सामरिक क्षेत्रों के लिए उपग्रहों की मांग बढ़ गई है. लिहाजा हमारी योजना लगभग छह उपग्रहों को बनाने की है.”

इसरो के चेयरमैन के. सिवान ने इस लॉन्‍च के बाद कहा, “मैं यह घोषणा करते हुए बहुत खुश हूं कि पीएसएलवी-सी46 ने आरआईएसएटी-2बी को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है.”

देश की अंतरिक्ष एजेंसी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने इस लॉन्‍च के कहा कि भारत का नया निगरानी उपग्रह अच्छी व स्पष्ट तस्वीरें भेजेगा जिनका उपयोग कृषि, वन विभाग और आपदा प्रबंधन में सहयोग में किया जा सकेगा. उपग्रह से ली गई तस्वीरों का उपयोग खुफिया निगरानी के लिए भी किया जाएगा, हालांकि इसरो इस मुद्दे पर शांत है.

उन्होंने कहा कि इस मिशन के साथ उड़ान भरने के साथ ही पीएसएलवी रॉकेट ने 50 टन वजन की सीमा को पार कर दिया है. सिवान के अनुसार, पीएसएलवी रॉकेट ने कक्षा में 350 उपग्रह स्थापित कर दिए हैं.

सिवान ने कहा, “रॉकेट में पिगी बैक पेलोड, स्वदेश में विकसित विक्रम कंप्यूटर चिप थे जो भविष्य के रॉकेट में उपयोग किए जाएंगे.” सिवान के अनुसार, प्रमुख मिशन चंद्रयान-2 या दूसरा चंद्र मिशन होगा जो इसी साल 9-16 जुलाई को हो सकता है.

इसरो के चेयरमैन के. सिवान

इसके बाद एक हाई रिजोल्यूशन काटरेग्राफी सैटेलाइट का लांच होगा और स्माल सैटेलाइट लांच व्हीकल (एसएसएलवी) नाम के इसरो के नए रॉकेट की भी उड़ान होगी. इस 44.4 मीटर लंबे और 190 टन वजनी पीएसएलवी रॉकेट ने बुधवार सुबह 5.30 बजे 615 किलोग्राम वजनी उपग्रह आरआईएसएटी-2बी को लेकर आकाश की तरफ उड़ान भर दी. उड़ान भरने के लगभग 15 मिनट बाद रॉकेट ने आरआईएसएटी-2बी को 555 किलोमीटर दूर कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया.

आरआईएसएटी-2बी के साथ बुधवार को प्रक्षेपित 44.4 मीटर लंबा पीएसएलवी स्ट्रैप-ऑन मोटरों के बिना वाला अकेला वेरिएंट है. भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी के पास पीएसएलवी के दो और चार स्ट्रैप-ऑन मोटर्स और बड़े पीएसएलवी-एक्सएल हैं.